Wednesday, March 25, 2026
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फूल देई-छम्मा देई के गीतों से गूंजा मुख्यमंत्री आवास

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फूल देई-छम्मा देई के गीतों से गूंजा मुख्यमंत्री आवास

मुख्यमंत्री आवास में धूमधाम से मनाया गया फूलदेई पर्व, सीएम धामी ने बच्चों का किया स्वागत

Pushkar Singh Dhami ने शनिवार को Uttarakhand की समृद्ध लोकपरंपरा के प्रतीक Phool Dei पर्व को मुख्यमंत्री आवास में सपरिवार हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को फूलदेई पर्व की शुभकामनाएं भी दीं।

पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया लोकपर्व

मुख्यमंत्री आवास में फूलदेई पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों और उत्साह के साथ मनाया गया। पारंपरिक परिधान पहनकर पहुंचे बच्चों ने घर की देहरी पर फूल और चावल अर्पित किए तथा सभी के सुख-समृद्धि की कामना की।बच्चों ने पारंपरिक लोकगीत “फूल देई-छम्मा देई, जतुके दियाला-उतुके सई” गाकर पर्व की खुशियों को और बढ़ाया।

Phool Dei Festival Uttarakhand मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बच्चों का स्वागत करते हुए उन्हें उपहार भेंट किए और उनके साथ इस लोकपर्व की खुशियां साझा कीं।

प्रकृति और लोकसंस्कृति से जुड़ने का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि फूलदेई पर्व उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है। यह पर्व बसंत ऋतु के आगमन के साथ प्रकृति की सुंदरता और जीवन में नई ऊर्जा का संदेश देता है।उन्होंने कहा कि यह त्योहार हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा देता है।

लोकपर्व हमारी सांस्कृतिक धरोहर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और लोकपर्व हमारी अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर हैं, जिन्हें संरक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि इन त्योहारों को धूमधाम से मनाने से हमारी परंपराएं आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचती हैं और हमारी संस्कृति जीवंत बनी रहती है।इस अवसर पर Geeta Pushkar Dhami भी मौजूद रहीं।

धारी देवी मंदिर परिसर में मोबाइल फोन पर रहेगी रोक

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धारी देवी मंदिर परिसर में मोबाइल फोन पर रहेगी रोक

धारी देवी मंदिर परिसर में मोबाइल फोन पर रहेगी रोक

Dhari Devi Temple के मंदिर परिसर में अब मोबाइल फोन ले जाने पर रोक रहेगी। मंदिर प्रशासन ने मंदिर की पवित्रता, श्रद्धा और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है।

मंदिर प्रबंधन के अनुसार मंदिर क्षेत्र में मोबाइल फोन का उपयोग पूरी तरह वर्जित रहेगा। श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में प्रवेश करने से पहले अपने मोबाइल फोन निर्धारित स्थान पर जमा कराने होंगे।

पवित्र वातावरण बनाए रखने के लिए फैसला

मंदिर प्रशासन का कहना है कि कई बार मोबाइल फोन के उपयोग, फोटो-वीडियो बनाने और रिंगटोन की वजह से मंदिर का आध्यात्मिक वातावरण प्रभावित होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि श्रद्धालु शांत और भक्तिमय माहौल में पूजा-अर्चना कर सकें।

श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील

मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मंदिर के नियमों का पालन करें और मोबाइल फोन का उपयोग मंदिर परिसर के बाहर ही करें। यह कदम मंदिर की गरिमा बनाए रखने और व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है।

धामी सरकार के प्रयास रंग लाए, फसल बचाने के लिए केंद्र की मदद शुरू

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धामी सरकार के प्रयास रंग लाए, फसल बचाने के लिए केंद्र की मदद शुरू

जंगली जानवरों से फसल बचाने को उत्तराखंड को केंद्र से 25 करोड़, घेर-बाड़ योजना को फिर मिली मदद

Uttarakhand में किसानों की फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए चल रही घेर-बाड़ योजना Uttarakhand Gher Baad Yojana को केंद्र सरकार से बड़ी राहत मिली है। Pushkar Singh Dhami के प्रयासों के बाद Shivraj Singh Chouhan के नेतृत्व वाले केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने इस योजना के लिए 25 करोड़ रुपये की सहायता मंजूर कर दी है।

मुख्यमंत्री के प्रयासों से फिर शुरू हुई केंद्रीय मदद

राज्य में जंगली जानवरों से किसानों की फसल को लगातार नुकसान पहुंच रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने घेर-बाड़ योजना शुरू की थी।

पहले इस योजना को National Agricultural Development Scheme के तहत केंद्र सरकार से आर्थिक सहयोग मिलता था, लेकिन बाद में यह सहायता बंद हो गई थी।

इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य सरकार ने जिला योजना के माध्यम से इस योजना को जारी रखा। साथ ही केंद्र से फिर से मदद प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास किए गए।

विधानसभा में दी गई जानकारी

Ganesh Joshi ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने अब घेर-बाड़ योजना के लिए 25 करोड़ रुपये की स्वीकृति दे दी है।

उन्होंने बताया कि हाल ही में Gauchar में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इस विषय को केंद्रीय कृषि मंत्री के सामने रखा गया था, जिसके बाद यह सहायता मंजूर हुई।

तीन वर्षों में 2841 हेक्टेयर जमीन की घेर-बाड़

राज्य सरकार ने सदन में जानकारी दी कि पिछले तीन वर्षों में जिला योजना के माध्यम से 2841 हेक्टेयर जमीन की घेर-बाड़ कराई गई है।

इससे 44,429 किसानों को सीधा लाभ मिला है।

बजट में भी किया गया प्रावधान

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल पर इस बार के बजट में भी घेर-बाड़ योजना के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि किसानों की फसल को जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।

Fiscal Health Index में चमका उत्तराखंड, हिमालयी राज्यों में दूसरा स्थान

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उत्तराखंड के वित्तीय प्रबंधन को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। नीति आयोग की फिस्कल हेल्थ इंडेक्स 2026 रिपोर्ट में हिमालयी राज्यों की श्रेणी में उत्तराखंड को दूसरा स्थान मिला है।

Fiscal Health Index में चमका उत्तराखंड, हिमालयी राज्यों में दूसरा स्थान उत्तराखण्ड के वित्तीय प्रबंधन को राष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना : सीएम पुष्कर सिंह धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में कहा कि उत्तराखण्ड को हाल के वर्षों में वित्तीय प्रबंधन, राजकोषीय अनुशासन तथा सुशासन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी राज्य के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है। राज्य सरकार द्वारा पारदर्शी वित्तीय नीतियों, संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा दीर्घकालिक आर्थिक दृष्टि के साथ किए गए कार्यों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

भराङीसैण (गैरसैण) में विधानसभा सत्र में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में नीति आयोग द्वारा प्रकाशित फिस्कल हेल्थ इंडेक्स 2026 (रिपोर्ट 2023-24) में उत्तराखण्ड के वित्तीय प्रबंधन की सराहना की गई है। इस रिपोर्ट में उत्तराखण्ड को उत्तर-पूर्वी एवं हिमालयी राज्यों की श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि राज्य की राजस्व वृद्धि, व्यय की गुणवत्ता में सुधार, घाटा प्रबंधन तथा ऋण प्रबंधन में अपनाई गई सुदृढ़ नीतियों का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय अनुशासन के क्षेत्र में उत्तराखण्ड ने निरंतर बेहतर प्रदर्शन किया है। अरुण जेटली फाइनेंशियल मैनेजमेंट रिपोर्ट में भी उत्तराखण्ड को विशेष दर्जा प्राप्त हिमालयी राज्यों में अरुणाचल प्रदेश के बाद दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है, जो राज्य की मजबूत वित्तीय व्यवस्था और उत्तरदायी शासन प्रणाली को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि Comptroller and Auditor General of India (महालेखाकार) से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखण्ड सरकार ने Fiscal Responsibility and Budget Management Act (FRBM) में निर्धारित मानकों का पूर्णतः पालन किया है। राज्य ने राजस्व अधिशेष (Revenue Surplus) की स्थिति को बनाए रखा है तथा राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) भी सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) की निर्धारित सीमा के भीतर रखा गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखण्ड को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाते हुए विकास की गति को तेज करना है। इसके लिए सरकार वित्तीय अनुशासन के साथ-साथ बुनियादी ढांचे, सामाजिक क्षेत्र तथा रोजगार सृजन से जुड़े क्षेत्रों में संतुलित निवेश कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन के सिद्धांतों पर कार्य करते हुए उत्तराखण्ड को आर्थिक रूप से सुदृढ़, आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

सीएम धामी के निर्देश पर इकबालपुर चौकी के सभी पुलिसकर्मी निलंबित

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इकबालपुर चौकी के सभी पुलिसकर्मी निलंबित, सीएम धामी के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई

Pushkar Singh Dhami के निर्देश पर Haridwar जनपद की Iqbalpur पुलिस चौकी में तैनात पूरे स्टाफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई अवैध खनन से जुड़े एक ऑडियो सामने आने के बाद की गई है।

अवैध खनन मामले में संदिग्ध भूमिका

प्राप्त जानकारी के अनुसार इकबालपुर क्षेत्र में अवैध खनन से जुड़े मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर यह सख्त कदम उठाया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चौकी प्रभारी सहित पूरे स्टाफ को निलंबित कर दिया और मामले की विस्तृत जांच एसपी देहात को सौंप दी गई है।

छह पुलिसकर्मी किए गए निलंबित

निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में शामिल हैं:

  • उपनिरीक्षक नवीन सिंह चौहान (चौकी प्रभारी, इकबालपुर)

  • हेड कांस्टेबल वीरेन्द्र शर्मा

  • हेड कांस्टेबल हरेन्द्र

  • कांस्टेबल विपिन कुमार

  • कांस्टेबल देवेश सिंह

  • कांस्टेबल प्रदीप

सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि राज्य में अवैध खनन, भ्रष्टाचार और किसी भी प्रकार की अनियमितता को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर है, यदि वही अपने कर्तव्यों में लापरवाही या अनुचित गतिविधियों में संलिप्त पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

निष्पक्ष जांच के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित की जाए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

कुलदीप यादव की शादी से चर्चा में मसूरी, बन रही सेलिब्रिटी वेडिंग डेस्टिनेशन

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कुलदीप यादव की शादी से चर्चा में मसूरी, बन रही सेलिब्रिटी वेडिंग डेस्टिनेशन

मसूरी बन रही सेलिब्रिटी डेस्टिनेशन वेडिंग हब, कुलदीप यादव की शादी से फिर चर्चा में ‘क्वीन ऑफ हिल्स’

Mussoorie को लंबे समय से “क्वीन ऑफ हिल्स” के रूप में जाना जाता है, लेकिन अब यह केवल पर्यटन स्थल नहीं रह गया है। अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और लग्जरी होटल्स की वजह से मसूरी तेजी से सेलिब्रिटी डेस्टिनेशन वेडिंग के नए केंद्र के रूप में उभर रही है।

देहरादून से करीब 45 मिनट की दूरी पर स्थित इस हिल स्टेशन में Kuldeep Yadav की शादी को लेकर इन दिनों खास चर्चा है। 13–14 मार्च को यह हाई-प्रोफाइल समारोह Welcomhotel The Savoy में आयोजित होने जा रहा है, जिसने एक बार फिर मसूरी को राष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है।

प्राकृतिक सुंदरता बना रही खास वेडिंग डेस्टिनेशन

पर्वत शिखरों, दून घाटी के मनोरम दृश्यों और शांत वातावरण के कारण मसूरी शादी के लिए बेहद रोमांटिक माहौल प्रदान करती है।पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि बीते कुछ वर्षों में यहां निजी हाई-प्रोफाइल समारोह और डेस्टिनेशन वेडिंग का चलन तेजी से बढ़ा है।

आसान पहुंच और लग्जरी रिसॉर्ट्स का आकर्षण

मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष Sanjay Agarwal के अनुसार दिल्ली-एनसीआर से आसान पहुंच, प्राकृतिक सौंदर्य और लग्जरी रिसॉर्ट्स की मौजूदगी इसे बड़े आयोजनों के लिए बेहद आकर्षक बनाती है।

शहरों की भीड़भाड़ से दूर शांत वातावरण और खूबसूरत नज़ारे यहां होने वाली शादियों को यादगार अनुभव बना देते हैं।

क्रिकेट सितारों की भी पसंद

मसूरी में सेलिब्रिटी शादियों की चर्चा तब और बढ़ी जब विकेटकीपर बल्लेबाज Rishabh Pant की बहन की शादी यहां भव्य तरीके से आयोजित हुई थी।

इस समारोह में क्रिकेट जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुई थीं, जिनमें:

  • Mahendra Singh Dhoni

  • Suresh Raina

  • Gautam Gambhir

जैसे नाम प्रमुख थे। अब कुलदीप यादव की शादी के साथ मसूरी फिर से क्रिकेट जगत की नजरों में आ गई है।

मशहूर हस्तियों की पसंदीदा जगह

मसूरी लंबे समय से देश-विदेश की मशहूर हस्तियों के लिए पसंदीदा पर्यटन स्थल रही है। महान बल्लेबाज Sachin Tendulkar भी कई बार परिवार के साथ यहां छुट्टियां बिताने आ चुके हैं।

शांत वातावरण, हरियाली और औपनिवेशिक दौर की विरासत मसूरी को खास बनाती है। यही वजह है कि आने वाले समय में यहां सेलिब्रिटी डेस्टिनेशन वेडिंग और निजी आयोजनों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

तीन से ज्यादा बच्चों वाले परिवारों पर रोक की मांग, विधानसभा में उठा मुद्दा

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विधानसभा में जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग, विधायक शिव अरोरा ने उठाया मुद्दा

Gairsain में चल रहे विधानसभा सत्र के दौरान Shiv Arora ने राज्य में जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि Uttarakhand में जैसे Uniform Civil Code लागू किया गया, उसी तरह जनसंख्या नियंत्रण के लिए भी कानून लाने पर सरकार को विचार करना चाहिए।

तीन से अधिक बच्चों वाले परिवारों पर रोक लगाने का सुझाव

विधानसभा में अध्यक्ष के समक्ष अपनी बात रखते हुए विधायक शिव अरोरा ने कहा कि यदि राज्य सरकार जनसंख्या नियंत्रण कानून लाती है तो तीन से अधिक बच्चों वाले परिवारों को सरकारी सुविधाओं से वंचित किया जाना चाहिए

उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे परिवारों को मिलने वाली सुविधाएं जैसे: सरकारी राशन आयुष्मान कार्ड से मुफ्त इलाज गैस सिलेंडर सरकारी योजनाओं का लाभ जैसी सुविधाएं बंद कर दी जानी चाहिए।

उत्तराखंड विधानसभा में जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग, विधायक शिव अरोरा का बड़ा बयान

तीन से ज्यादा बच्चों वाले परिवारों पर रोक की मांग, विधानसभा में उठा मुद्दा

यूसीसी के बाद अब जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग, गैरसैंण में गूंजा मुद्दा

सरकारी सुविधाओं पर रोक का सुझाव, भाजपा विधायक ने उठाया जनसंख्या कानून का मुद्दा

उत्तराखंड में जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने की मांग तेज

डेमोग्राफी बदलाव का मुद्दा भी उठाया

विधायक शिव अरोरा ने सदन में कहा कि राज्य में डेमोग्राफिक बदलाव को लेकर चिंता जताई जा रही है और इसे रोकने के लिए जनसंख्या नियंत्रण कानून जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल मैदानी जिलों तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्वतीय क्षेत्रों में भी जनसंख्या संरचना में बदलाव देखने को मिल रहा है।

यूसीसी की तरह कानून लाने की मांग

मीडिया से बातचीत में विधायक शिव अरोरा ने कहा कि जैसे उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जहां समान नागरिक संहिता लागू हुई, उसी तरह राज्य सरकार को जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने की दिशा में भी कदम उठाना चाहिए।उन्होंने कहा कि राज्य के संसाधनों और बजट पर बढ़ती आबादी का प्रभाव पड़ रहा है, इसलिए इस विषय पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।

विधानसभा बजट सत्र के बीच DGP का जवानों से सीधा संवाद

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विधानसभा बजट सत्र के बीच DGP का जवानों से सीधा संवाद

बजट सत्र में तैनात पुलिस बल का बढ़ाया मनोबल, DGP दीपम सेठ ने जवानों से किया संवाद

Deepam Seth ने विधानसभा बजट सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने के लिए जवानों और अधिकारियों से सीधा संवाद किया। यह संवाद Bharadisain Assembly Complex में आयोजित विधानसभा बजट सत्र के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों के साथ किया गया।

विभिन्न बलों के जवानों से की बातचीत

डीजीपी ने ड्यूटी पर तैनात जिला पुलिस, पीएसी, एसडीआरएफ, फायर सर्विस, अभिसूचना और आईआरबी के अधिकारियों व कर्मचारियों से बातचीत की।

इन सभी बलों के जवान विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने के लिए तैनात हैं।

कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी निभा रहे जवान

डीजीपी दीपम सेठ ने विषम भौगोलिक परिस्थितियों में ड्यूटी कर रहे जवानों से उनकी चुनौतियों और ड्यूटी से जुड़ी कठिनाइयों के बारे में विस्तार से जानकारी ली।

उन्होंने सुरक्षा व्यवस्थाओं, रहने-खाने की सुविधाओं और ड्यूटी से संबंधित व्यवस्थाओं को लेकर भी फीडबैक लिया।

कर्तव्यनिष्ठा की सराहना

इस दौरान डीजीपी ने जवानों की कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की सराहना की और कहा कि पुलिस बल की मेहनत और सतर्कता से ही विधानसभा सत्र शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संचालित हो पाता है।

उन्होंने जवानों का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपनी ड्यूटी निभाने के लिए प्रेरित किया।

गैस एजेंसियों पर बड़ी निगरानी, अवैध रिफिलिंग पर होगी जेल

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एलपीजी गैस अवैध संग्रहण, कालाबाजारी पर अब सीधे जेल; आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 व बीएनएस के प्राविधानों के अन्तर्गत होगी कार्यवाही, डीएम ने दिए निर्देश

एजेसियों पर गैस वितरण का अवैध संग्रहण, व्ययपर्वतन बिचौंलियों की संलिप्तता, अवैध रिफिलिंग पाए जाने पर  गैस एजेंसियों होगी सील

एलपीजी गैस वितरण समस्या निस्तारण  डीएम ने स्थापित किया कन्ट्रोलरूम 1077, 0135-2626066,2726066 वाट्सएप्प नम्बर 7534826066 पर करें सम्पर्क;

एडीएम के निर्देशन में डीएसओ, सहित रोज सुबह 1 घंटा बैठेगें तेल कम्पनियों के प्रतिनिधि गैस सम्बन्धी शिकायतों व प्रिन्ट सोशल मीडिया इनपुटस का करेंगे निस्तारण

1 दफा बुकिंग के पश्चात 25 दिन रहेगा लॉकइन समय; 25 दिन उपरांत ही करा सकेंगे दूसरी बुकिंग;

डीएम की जनमानस से अपील अफवाहों में आकर पैनिक न करें, गैस से सम्बन्धित शिकायत कन्ट्रोलरूम में कराएं दर्ज

गैस ऐजेसियों को बल्क मैसेज, फ्लेक्सी के माध्यम से जागरूक करने के निर्देश

उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सीओ व पूर्ति निरीक्षक संग गैस एजेंसियों पर छापेमारी करने के निर्देश

72 की 72 गैस एजेंसियों के गोडाउन की लोकेशन प्रशासन के रडार पर

उत्तराखंड में मेधावी छात्रों के लिए ‘वरदान’ बनी छात्रवृत्ति योजना, 21 हजार बच्चों को मिला लाभ

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मेधावी छात्रों के लिए ‘वरदान’ बनी छात्रवृत्ति योजनाएं, 21 हजार से अधिक बच्चों को मिला लाभ

Uttarakhand में मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार की छात्रवृत्ति योजनाएं बड़ी राहत साबित हो रही हैं। सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत अब तक 21,743 से अधिक छात्रों को छात्रवृत्ति दी जा चुकी है। इन योजनाओं के माध्यम से सरकार ने कुल 17 करोड़ 67 लाख 77 हजार 300 रुपये की राशि वितरित की है।

राज्य सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन देना है, ताकि शिक्षा के क्षेत्र में उनकी प्रतिभा को उचित मंच मिल सके।

मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना से सबसे अधिक लाभ

प्रदेश में चल रही Mukhyamantri Medhavi Chhatra Protsahan Scholarship Scheme के तहत सबसे अधिक छात्रों को लाभ मिला है।

इस योजना के अंतर्गत अब तक 17,852 मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है।

विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शिक्षा मंत्री Dhan Singh Rawat ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत कक्षा 6 से 12 तक के मेधावी छात्रों को 600 से 1200 रुपये तक की छात्रवृत्ति दी जा रही है।

अन्य छात्रवृत्ति योजनाओं से भी मिल रहा लाभ

राज्य सरकार द्वारा मेधावी छात्रों के लिए कई अन्य योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

  • Shridev Suman State Merit Scholarship Scheme – अब तक 3,289 छात्रों को लाभ

  • Dr Shivanand Nautiyal Memorial Scholarship Scheme527 छात्रों को छात्रवृत्ति

  • National Indian Military College Scholarship – मेधावी विद्यार्थियों को सहायता

इसके अलावा राज्य सरकार प्रदेश से बाहर सैनिक स्कूलों में पढ़ रहे मेधावी छात्रों को भी छात्रवृत्ति प्रदान कर रही है।

मेधावी छात्रों के लिए सरकार का विशेष फोकस

सरकार का मानना है कि शिक्षा ही राज्य के भविष्य को मजबूत बनाने का आधार है। इसलिए प्रतिभाशाली छात्रों को आर्थिक सहायता देकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। राज्य सरकार की इन योजनाओं से हजारों विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने में मदद मिल रही है और शिक्षा के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों को नई दिशा मिल रही है।