Thursday, March 5, 2026
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चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां: सुरक्षित, सुगम और तकनीक-सक्षम यात्रा की व्यापक कार्ययोजना

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चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां

चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां: सुरक्षित, सुगम और तकनीक-सक्षम यात्रा की व्यापक कार्ययोजना

उत्तराखंड सरकार ने Char Dham Yatra 2026 को सुरक्षित, व्यवस्थित और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी विभागों को समयबद्ध और परिणाम-उन्मुख कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए गए।

चारधाम यात्रा 2026: सुरक्षा, स्वास्थ्य और विद्युत आपूर्ति पर विशेष फोकस

यात्रा मार्ग—Kedarnath और Badrinath—पर सभी चिकित्सालयों को पूर्ण रूप से क्रियाशील करने के निर्देश दिए गए। ऊर्जा विभाग को निर्बाध और संतुलित वोल्टेज की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि पीक सीजन में किसी प्रकार की बाधा न आए।

आपदा प्रबंधन और पुलिस विभाग को ट्रैफिक जाम, भीड़ या आकस्मिक स्थिति की जानकारी यात्रियों तक व्हाट्सएप अलर्ट के माध्यम से तत्काल पहुंचाने की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।

आपदा प्रबंधन और प्री-पोजिशनिंग: त्वरित प्रतिक्रिया के लिए तैयारी

  • यात्रा मार्ग पर मशीनों, उपकरणों और टूल्स की अग्रिम तैनाती (Pre-positioning)

  • परिसंपत्तियों (Assets) की मैपिंग

  • आपात स्थिति में यात्रा रोकने की दशा में स्थान और अवधि निर्धारण

  • पशुधन पंजीकरण व उपचार के लिए स्थानीय निकायों के साथ समन्वय

इन उपायों का उद्देश्य चारधाम यात्रा 2026 के दौरान किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।

टेक्नोलॉजी-ड्रिवन चारधाम यात्रा: QR कोड, साइनेज और SOP

यात्रियों की सुविधा के लिए प्रमुख स्थलों पर QR कोड लगाए जाएंगे, जिनसे स्थान और आसपास की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। स्पष्ट एवं बहुभाषी साइनेज लगाने और यात्रा संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी करने पर भी बल दिया गया है।

जिलाधिकारी Chamoli, Rudraprayag और Uttarkashi को स्थानीय स्तर पर विभागों और स्टेकहोल्डर्स के साथ समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) के लिए सुदृढ़ प्लान

पिछले वर्षों के अनुभवों की समीक्षा कर क्राउड मैनेजमेंट की व्यवहारिक और मजबूत योजना तैयार की जा रही है, ताकि चारधाम यात्रा 2026 के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम अनुभव मिल सके।

 चारधाम यात्रा 2026

1. चारधाम यात्रा 2026 की तैयारी में क्या खास है?

सुरक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक आधारित मॉनिटरिंग, व्हाट्सएप अलर्ट और QR-आधारित सूचना प्रणाली को प्राथमिकता दी जा रही है।

2. किन मार्गों पर विशेष फोकस है?

केदारनाथ और बद्रीनाथ यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य और विद्युत व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है।

3. क्या भीड़ प्रबंधन की नई योजना बनेगी?

हाँ, पिछले अनुभवों के आधार पर मजबूत और व्यावहारिक क्राउड मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जा रहा है।

घनसाली में 41.21 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद Tehri Garhwal के Ghansali में 41.21 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

इनमें 13.43 करोड़ की 3 योजनाओं का लोकार्पण और 27.78 करोड़ की 5 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में उच्चीकृत किए जाने का शिलान्यास भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने अस्पताल हेतु भूमि दान करने वाले कृष्णा गैरोला एवं उनके परिवार को सम्मानित किया।

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिलखी पीएचसी का सीएचसी में उच्चीकरण क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात है।
उन्होंने बताया कि:

  • आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार मिल रहा है।

  • डीबीटी के माध्यम से योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रहा है।

  • नंदा गौरा योजना के तहत बेटियों को 51 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।

उन्होंने आश्वासन दिया कि घनसाली क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा।

 सड़क, पुल और भवन निर्माण कार्य

 लोकार्पित योजनाएं

  • पीएमजीएसवाई के अंतर्गत धमातोली–घनसाली–अखोड़ी मोटर मार्ग अपग्रेडेशन

  • नागेश्वर सौड–गोना मोटर मार्ग अपग्रेडेशन

  • राजकीय इंटर कॉलेज कोट विशन में भवन पुनर्निर्माण

 शिलान्यासित योजनाएं

  • यू-प्रिपेयर योजना के अंतर्गत 50 मीटर स्टील गर्डर मोटर सेतु निर्माण

  • तहसील बालगंगा के आवासीय एवं अनावासीय भवन

  • गंगी में स्वास्थ्य उपकेंद्र निर्माण

  • पिलखी पीएचसी का सीएचसी में उच्चीकरण

 विकास कार्यों में तेजी का संकल्प

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जिन योजनाओं का शिलान्यास हो चुका है, उनका कार्य रुकना नहीं चाहिए और शीघ्र लोकार्पण सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने पहाड़ों में सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात दोहराई।

स्वर्गीय इंद्रमणी बडोनी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए क्षेत्र की प्रमुख मांगों पर प्राथमिकता से कार्य करने का आश्वासन दिया।

 होली की अग्रिम शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय जनता को होली की अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि सौंपे गए ज्ञापन में शामिल योजनाओं को भी मुख्यमंत्री घोषणाओं में सम्मिलित किया जाएगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल, एसएसपी आयुष अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की समीक्षा बैठक

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सचिवालय सभागार में मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

डोर-टू-डोर कलेक्शन और सोर्स सेग्रीगेशन पर जोर

मुख्य सचिव ने डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कूड़े के सोर्स सेग्रीगेशन को प्रभावी बनाने और प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

जहां कूड़ा प्रोसेसिंग प्लांट की आवश्यकता है, वहां शीघ्र भूमि चयन कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।

ऑनलाइन ट्रैकिंग और जवाबदेही प्रणाली

मुख्य सचिव ने कूड़ा निस्तारण में लगे वाहनों, चालकों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के लिए ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए।

साथ ही ड्यूटी और वेतन आधारित ऑटो सिस्टम लागू करने पर भी विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा।

आधुनिक तकनीक और मशीनरी का उपयोग

शहरी विकास विभाग को निर्देशित किया गया कि जिन निकायों में मशीनों और उपकरणों की आवश्यकता है, वहां किसी भी प्रकार की कमी न रहने दी जाए।

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में आधुनिक तकनीकों को अपनाकर प्रभावी उपयोग हेतु ठोस कार्ययोजना बनाने पर बल दिया गया। देहरादून में GPS आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग

बैठक में शहरी विकास सचिव नितेश झा ने जानकारी दी कि Dehradun में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की GPS आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग का ट्रायल चल रहा है।

इस प्रणाली से:

  • अधिकारी वाहनों की निगरानी कर सकेंगे

  • नागरिक कूड़ा वाहन की लोकेशन और आगमन समय देख सकेंगे

  • ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकेंगे

जल्द ही इस GPS आधारित वेबसाइट का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा।

नैनीताल–मसूरी व्यवस्थाओं पर उच्चस्तरीय समीक्षा

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नैनीताल–मसूरी व्यवस्थाओं पर उच्चस्तरीय समीक्षा आनंद बर्धन की अध्यक्षता में Nainital एवं Mussoorie से संबंधित समस्याओं के समाधान और व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

यातायात, सुरक्षा और सौंदर्यकरण पर मंथन

बैठक में समुचित यातायात प्रबंधन, आवश्यक स्थलों पर लाइटिंग, मुख्य मार्गों के रंग-रोगन, साफ-सफाई, सौंदर्यकरण और पर्यटकों की सुरक्षा पर व्यापक चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने दोनों मंडलों के आयुक्तों, आईजी तथा Dehradun और नैनीताल के जिलाधिकारियों से अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।

त्वरित प्रस्ताव और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन

निर्देश दिए गए कि सुरक्षा, सड़क सुधार, पार्किंग, मोबाइल नेटवर्क, कूड़ा निस्तारण और लाइटिंग से जुड़े प्रस्ताव आवश्यकतानुसार तत्काल प्रस्तुत किए जाएं।
चल रहे कार्यों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।

 पीक सीजन के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं

पर्यटन सीजन को देखते हुए:

  • वैकल्पिक पार्किंग व्यवस्था

  • रूट डायवर्जन

  • अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम

स्थानीय स्तर पर लागू करने के निर्देश दिए गए। होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों सहित सभी हितधारकों से बेहतर समन्वय पर भी बल दिया गया।

 नेटवर्क ब्लाइंड स्पॉट और पार्किंग पर फोकस

नैनीताल मार्गों पर मोबाइल नेटवर्क के ब्लाइंड स्पॉट चिन्हित करने और लाइटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
मसूरी में किंग्रेट स्थित पार्किंग के बेहतर उपयोग के लिए पर्यटन विभाग के साथ कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए।

 स्वच्छता और अनुशासन

  • अव्यवस्थित तारों का जाल हटाने

  • भद्दे विज्ञापनों को हटाने

  • नालियों की सफाई

  • रेलिंग, रंगाई-पुताई और सौंदर्यकरण कार्य

समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

 ओवरचार्जिंग और दुर्व्यवहार पर सख्ती

पर्यटकों से ओवरचार्जिंग या दुर्व्यवहार की शिकायतों पर सख्त निगरानी रखने को कहा गया।
महिला व पुरुष पुलिसकर्मियों को सादे वस्त्रों में तैनात कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

ब्रज मंडल में होली का रंग, अबीर-गुलाल से सराबोर बरसाना

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ब्रज मंडल में होली का रंग, अबीर-गुलाल से सराबोर बरसाना

Barsana में होली का रंग पूरे ब्रज मंडल को अपने उल्लास में समेटे हुए है। अबीर और गुलाल की उड़ती बौछारों के बीच लठमार होली का अनोखा अंदाज हर किसी को आकर्षित कर रहा है।

 मथुरा से बरसाना तक रंगों की बहार

Mathura से लेकर बरसाना तक हर गली और चौक गुलाल से रंगा नजर आ रहा है। देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक इस अद्भुत उत्सव को देखने भारत पहुंचते हैं।

 नंदगांव के हुरियारों का स्वागत

Nandgaon से आए हुरियारों का पिली पोखर पर पारंपरिक स्वागत किया गया। यहां से हुरियारे भगवान श्री कृष्ण की ध्वजा लेकर श्रीजी मंदिर पहुंचे।

 लाखों श्रद्धालु, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

लाखों श्रद्धालु ब्रज मंडल में इस रंगोत्सव का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

 लठमार होली का अनोखा आनंद

बरसाना की लठमार होली में अबीर-गुलाल, ढोल-नगाड़ों और राधे-राधे के जयघोष के बीच श्रद्धालु पूरी तरह रंग में रंगे नजर आ रहे हैं। आस्था, परंपरा और उत्साह का यह संगम ब्रज की पहचान बना हुआ है।

आपदा प्रबंधन कार्यों की समीक्षा SDRF–SDMF प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा

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राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में SDRF–SDMF प्रस्तावों की समीक्षा

Dehradun में मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में State Disaster Response Fund (SDRF) एवं State Disaster Mitigation Fund (SDMF) मद के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों और आपदा प्रबंधन कार्यों की वित्तीय व भौतिक प्रगति की समीक्षा की गई।

 बजट उपयोग में डुप्लीकेसी न हो

मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विभागों को सीधे उपलब्ध कराए गए बजट और जिलाधिकारियों के माध्यम से आवंटित बजट के व्यय में किसी भी प्रकार की डुप्लीकेशन न हो।

उन्होंने विभागाध्यक्षों और जिलाधिकारियों से समन्वित एवं सुसंगत क्रियान्वयन का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने को कहा।

सिविल संरचनाओं के साथ ग्रीनरी पर जोर

बैठक में निर्देशित किया गया कि सुरक्षात्मक एवं मिटिगेशन कार्यों में सिविल स्ट्रक्चर के साथ प्लांटेशन और ग्रीनरी सपोर्टिंग कार्यों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि दीर्घकालिक प्राकृतिक सुरक्षा तंत्र विकसित हो सके।

सुरक्षात्मक कार्यों की टिकाऊ अवधि सुनिश्चित करें

सिंचाई, पेयजल, लोक निर्माण और वन विभाग सहित संबंधित एजेंसियों से कार्यों की टिकाऊ अवधि की जानकारी ली गई।

सिंचाई विभाग ने बताया कि प्रोटेक्शन कार्यों की टिकाऊ अवधि लगभग 25 वर्ष तक रहती है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी कार्य न्यूनतम निर्धारित अवधि तक टिकाऊ रहें और पारदर्शिता व गुणवत्ता मानकों के अनुरूप संपादित किए जाएं।

अग्रिम प्रस्तावों का भी अवलोकन

बैठक में चालू वर्ष में किए गए कार्यों की समीक्षा के साथ आगामी सुरक्षात्मक प्रस्तावों का भी परीक्षण किया गया।

बैठक में सचिव विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री आवास में गूंजी कुमाऊँनी होली चंपावत से आए होल्यार

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मुख्यमंत्री आवास में गूंजी कुमाऊँनी होली चंपावत से आए होल्यार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में जनपद Champawat के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों से आए होल्यारों के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट कर पारंपरिक अंदाज में होली की शुभकामनाएं दीं।

खड़ी और बैठकी होली की सुमधुर प्रस्तुति

होल्यारों ने कुमाऊँ अंचल की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का अनुपम प्रदर्शन करते हुए खड़ी एवं बैठकी होली के पारंपरिक लोकगीतों का गायन किया। राग-रागिनियों की शास्त्रीयता और भक्ति भाव से ओत-प्रोत प्रस्तुति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

मुख्यमंत्री ने सभी होल्यारों का आत्मीय स्वागत करते हुए सम्मानित किया और कहा कि उत्तराखंड की होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि लोकसंस्कृति, शास्त्रीय संगीत परंपरा और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है।

 लोकसंस्कृति संरक्षण को सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत सहित समूचे कुमाऊँ क्षेत्र की खड़ी और बैठकी होली अपनी विशिष्ट शैली के कारण देशभर में विशेष पहचान रखती है। यह हमारी सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर है, जिसे संजोकर रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लोककला, लोकसंगीत और पारंपरिक उत्सवों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है। विभिन्न सांस्कृतिक मंचों और आयोजनों के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जा रहा है।

 भाईचारे और एकता का संदेश

इस अवसर पर होल्यारों ने प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना करते हुए मंगल गीत प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने भी समस्त प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमें प्रेम, सद्भाव और एकता के रंग में रंगने का संदेश देता है।

हरिद्वार में प्रदेश टोली बैठक, चुनावी रणनीति पर मंथन

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सात मार्च को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह Haridwar पहुंचेंगे, जहां वे जन संवाद कार्यक्रम में भाग लेने के साथ प्रदेश सरकार के विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे।धामी सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित इस बड़े कार्यक्रम को आगामी विधानसभा चुनाव की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

 प्रदेश टोली की बैठक में टटोलेंगे चुनावी नब्ज

शाह के दौरे के दौरान भाजपा प्रदेश टोली की महत्वपूर्ण बैठक भी प्रस्तावित है। बैठक में कोर कमेटी सदस्यों के अलावा:

पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत प्रदेश महामंत्री कैबिनेट मंत्री वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर संगठन और सरकार की मजबूती–कमजोरी पर चर्चा होगी और जीत की हैट्रिक की रणनीति तैयार की जाएगी।

स्थायित्व और रणनीति पर संदेश

सूत्रों के अनुसार केंद्रीय नेतृत्व प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं पर विराम लगाने और राजनीतिक स्थायित्व का स्पष्ट संदेश देने की तैयारी में है। संभावित एंटी-इनकंबेंसी को प्रो-इनकंबेंसी में बदलने की रणनीति पर भी मंथन होगा।

23 मार्च को पीएम मोदी का प्रस्तावित दौरा

सात मार्च के कार्यक्रम के बाद 23 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उत्तराखंड दौरा प्रस्तावित है। संगठन ने इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। इसके साथ ही भाजपा के चुनावी अभियान को औपचारिक रूप से गति मिलने की संभावना है।

चंपावत में खड़ी होली महोत्सव का भव्य शुभारम्भ

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Champawat में कलश संगीत कला समिति द्वारा आयोजित खड़ी होली महोत्सव का वर्चुअल माध्यम से शुभारम्भ करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की लोकसंस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का संकल्प दोहराया।

 खड़ी–बैठकी होली: सामाजिक समरसता की पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुमाऊँ अंचल की खड़ी होली और बैठकी होली केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि लोकआस्था, पारंपरिक लोकसंगीत और सामाजिक एकता की सशक्त अभिव्यक्ति हैं।

उन्होंने कहा कि पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही यह परंपरा हमारी सांस्कृतिक चेतना को जीवंत बनाए रखती है और समाज को अपनी जड़ों से जोड़ती है।

लोककला संरक्षण को सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोककला, लोकभाषा और लोकसंस्कृति के संरक्षण हेतु निरंतर प्रयासरत है। प्रदेशभर में सांस्कृतिक आयोजनों और महोत्सवों को प्रोत्साहन देकर स्थानीय कलाकारों को मंच उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उन्हें नई पहचान और अवसर मिल रहे हैं।

सामाजिक सौहार्द को मिलेगा बल

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को नई ऊर्जा देंगे और सामाजिक समरसता को मजबूत करेंगे।

उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रयास क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और कलाकार उपस्थित रहे।

2.5 लाख महिलाएं बनेंगी ‘लखपति दीदी

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2.5 लाख महिलाएं बनेंगी ‘लखपति दीदी 677.75 करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना मंजूर मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में ग्रामीण वेग वृद्धि परियोजना (Uttarakhand REAP) की उच्चाधिकार एवं मार्गदर्शन समिति की बैठक आयोजित हुई।

बैठक में वर्ष 2025-26 की प्रगति रिपोर्ट तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रस्तावित कार्ययोजना एवं बजट का प्रस्तुतीकरण किया गया। समिति ने वर्ष 2026-27 के लिए 677.75 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट को मंजूरी प्रदान की। कार्ययोजना के प्रमुख बिंदु

स्वरोजगार (Gramotthan)एवं आजीविका संवर्धन(WomenEmpowerment) आय सृजन गतिविधियों को प्रोत्साहन स्थानीय संसाधन विकास कृषि एवं सहायक गतिविधियों को बढ़ावा(RuralDevelopment) लघु उद्यमों को वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति

 2.5 लाख ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य

मुख्य सचिव ने वर्ष 2026-27 में 2.5 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया।

निर्देश दिए गए कि REAP से लाभान्वित महिलाओं को अन्य विभागीय एवं केंद्र/राज्य योजनाओं से जोड़ा जाए और योजनाओं का प्रभावी कन्वर्जेंस सुनिश्चित किया जाए।

महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिए समेकित कार्ययोजना तैयार करने और गहन होमवर्क करने पर विशेष जोर दिया गया।

महिला किसान वर्ष 2026 पर विशेष रणनीति

वर्ष 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के रूप में देखते हुए ‘लखपति दीदी’ योजना के अंतर्गत महिलाओं को विशेष वित्तीय, तकनीकी, पूंजीगत एवं संस्थागत सहयोग देने के निर्देश दिए गए।

समान प्रकृति वाले स्वयं सहायता समूहों की पहचान कर उन्हें बेहतर आजीविका अवसर उपलब्ध कराने की रणनीति बनाने पर भी जोर दिया गया।

अनउपयोगी ग्रोथ सेंटर होंगे सक्रिय

मुख्य सचिव ने ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे ग्रोथ सेंटरों की पहचान करने के निर्देश दिए, जिनका समुचित उपयोग नहीं हो रहा है।

इन ग्रोथ सेंटरों को हाउस ऑफ हिमालय के माध्यम से सक्रिय करने की ठोस योजना बनाने को कहा गया, ताकि ग्रामीण उद्यमों को गति मिले और पलायन पर प्रभावी रोक लग सके।

 ग्रामोत्थान परियोजना का उद्देश्य

ग्रामीण उद्यम त्वरण परियोजना (ग्रामोत्थान) राज्य के सभी जनपदों में संचालित की जा रही है, जिसके तहत कृषि, गैर-कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण आधारित लघु उद्यमों को वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

इस वित्तीय वर्ष महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए आजीविका सुदृढ़ीकरण पर विशेष फोकस किया जा रहा है।