Home Blog Page 238

केदारनाथ धाम में तीर्थयात्रियों की सहायता हेतु मंदिर समिति भी आयी आगे

0
केदारनाथ धाम में तीर्थयात्रियों की सहायता हेतु मंदिर समिति भी आयी आगे

श्री केदारनाथ धाम में तीर्थयात्रियों की सहायता हेतु प्रशासन के साथ श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति भी आगे आयी

  • मंदिर समिति ने तीर्थयात्रियों को फल वितरित किये,जिला -प्रशासन, गढ़वाल मंडल विकास निगम ने उपलब्ध कराया भोजन एवं पीने का पानी श्री केदारनाथ धाम: 2 अगस्त। श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति ने केदारनाथ क्षेत्र के जंगलचट्टी (लिनचोली) में बुधवार 31 जुलाई बादल फटने के बाद श्री केदारनाथ धाम में तीर्थयात्रियों की सहायता हेतु कदम उठाये है।
    श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र अजय के अनुसार तीर्थयात्रियों को मंदिर में दर्शन के पश्चात उचित सहायता मार्गदर्शन दिया गया है कि बरसात के दौरान सुरक्षित स्थानों में रूके।
    उन्होंने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि मार्ग की स्थिति ठीक होने
    एवं मौसम विभाग की भविष्यवाणी को देखते हुए यात्रा करें।

श्री केदारनाथ धाम से श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी/ श्री केदारनाथ विकास प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्याधिकारी योगेन्द्र सिंह ने बताया है कि श्री केदारनाथ मंदिर में बीते बुधवार देर शाम 31जुलाई दर्शन हेतु 2965 तीर्थयात्री पहुंचे थे उनमें से कुछ वापस गुप्तकाशी सकुशल पहुंच गये थे कुछ तीर्थयात्रियों को लिनचौली से रैस्क्यू कर प्रशासन द्वारा हैलीकॉप्टर से गुप्तकाशी पहुंचाया गया। आज भी एमआई-17 ने उड़ान भरी तथा 15 तीर्थयात्रियों को गौचर तक पहुंचाया गया वहीं केदारनाथ में मौसम बदल रहा है इसलिए हैली सेवाएं समय से नहीं चल रही हैं। बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने अवगत कराया कि मंदिर समिति मुख्य कार्याधिकारी योगेन्द्र सिंह अपने स्तर पर केदारनाथ धाम में मौजूद तीर्थयात्रियों की समस्याओं को सुन रहे हैं तथा यात्रियों को हो रही परेशानियों का निराकरण भी कर रहे हैं।

अभी भी श्री केदारनाथ धाम में 400 से अधिक तीर्थयात्री मौजूद हैं।उन्होंने बताया कि मंदिर समिति द्वारा तीर्थयात्रियों का यथा संभव ध्यान रखा जा रहा है आज मंदिर समिति की ओर से तीर्थयात्रियों को केदारनाथ हैलीपेड पर फल‌ वितरित किये।जबकि प्रशासन ने तीर्थयात्रियों के लिए पीने का पानी, बिस्कुट, नमकीन उपलब्ध कराया। गढ़वाल मंडल विकास निगम ने तीर्थयात्रियों को निशुल्क भोजन उपलब्ध कराया है।

जिलाधिकारी सौरभ गहरवार, पुलिस अधीक्षक विशाखा अशोक भदाणे सहित जिला प्रशासन पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के निर्देशन में रेस्क्यू कार्यों का संचालन हो रहा है।

मंदिर समिति की ओर से आज वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, प्रदीप सेमवाल, कुलदीप धर्म्वाण, ललित त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।

राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी में विज्ञान संकाय को मिली स्वीकृति

0
राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी में विज्ञान संकाय को मिली स्वीकृति

सरकार ने छह असिस्टेंट प्रोफेसर सहित 14 पदों को दी मंजूरी

उच्च शिक्षा मंत्री डा. रावत बोले, छात्रों को नहीं जाना होगा घर से दूर

उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित गुरू गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी में विज्ञान संकाय की मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार ने महाविद्यालय में विज्ञान वर्ग की कक्षाओं के संचालन के लिये छह असिस्टेंट प्रोफेसर सहित कुल 14 पदों के सृजन की भी स्वीकृति प्रदान कर दी है। शासन स्तर से शीघ्र ही इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया जायेगा। बिथ्याणी में विज्ञान संकाय खुलने से अब बीएससी करने वाले छात्र-छात्राओं को निजी कॉलेज या फिर अन्य शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रदेश में युवाओं को गुणवत्तापरक उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने हेतु सकारात्मक कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित गुरू गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी में स्नातक स्तर पर विज्ञान संकाय की स्वीकृति प्रदान कर दी है। साथ ही महाविद्यालय में विज्ञान वर्ग की कक्षाओं के सुचारू संचालन हेतु छह असिस्टेंट प्रोफेसर तथा आठ अन्य पदों के सृजन की भी मंजूरी प्रदान कर दी है। जिसमें गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जन्तु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान तथा कम्प्यूटर विज्ञान के एक-एक पद शामिल है, जबकि प्रयोगशाला सहायक एवं प्रयोगशाला परिचर के चार-चार पद शामिल है। जिसमें प्रयोगशाला सहायक एवं प्रयोगशाला परिचर के पदों को नियम मानदेय के आधार पर आउटसोर्स के माध्यम से भरा जायेगा। जिसका शासनादेश शीघ्र ही शासन स्तर से जारी कर दिया जायेगा।

शासनादेश जारी होने के उपरांत महाविद्यालय में वर्तमान शैक्षणिक सत्र से बीएससी पीसीएम तथा बीएससी जेडबीसी में स्नातक प्रथम वर्ष की कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया जायेगा। डॉ. रावत ने बताया कि बिथ्याणी महाविद्यालय में विज्ञान संकाय खोलने की मांग लम्बे समय से क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय जनता करती आ रही थी, जिसे पूरा कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में विज्ञान संकाय खुलने से दूरस्थ क्षेत्र में छात्र-छात्राओं को विज्ञान वर्ग के विषयों की बेहतर उच्च शिक्षा प्राप्त होगी, साथ ही स्थानीय युवाओं को बीएससी करने के लिये घर से दूर निजी कॉलेजों तथा ऋषिकेश या देहरादून जाने की आवश्यकता नहीं पडेगी। डॉ रावत ने बताया कि बिथ्याणी महाविद्यालय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाथ जी के गुरु व नाथ सम्प्रदाय के शीर्ष योगी गुरु गोरखनाथ के नाम से संचालित है, जिसका संचालन पूर्व में प्रबंधन तंत्र द्वारा किया जा रहा था, बाद में महाविद्यालय का राजकीयकरण कर इसे राज्य सरकार के अधीन कर दिया गया है।

केदारनाथ लिंचोली एवं भीमबली से एयर लिफ्ट हुए तीर्थ यात्री

0

देहरादून केदारघाटी में अत्यधिक बारिश के कारण जगह -जगह अवरूद्ध हुए केदारनाथ यात्रा मार्ग में फंसे तीर्थयात्रियों को जिलाधिकारी सौरभ गहरवार के निर्देशन में रेस्क्यू टीमों एवं जिला प्रशासन द्वारा पूरी मुस्तैदी के साथ दूसरे दिन शुक्रवार को रेस्क्यू कार्य कर शुरू कर दिया गया है। बीती देर रात तक रेस्क्यू अभियान जारी रहा।

शुक्रवार दोपहर साढ़े 12 बजे तक लिंचोली एवं भीमबली से एयर लिफ्ट कर लगभग 480 यात्रियों को रेस्क्यू कर लिया गया है। वहीं गौरीकुंड- सोनप्रयाग के बीच लगभग 1500 यात्रियों को सफल रेस्क्यू किया जा चुका है। इसके साथ ही एनडीआरएफ एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा घायल तीर्थ यात्रियों का उपचार किया जा रहा है।

अपर मुख्य अधिकारी केदारनाथ विकास प्राधिकरण योगेंद्र सिंह ने अवगत कराया कि केदारनाथ धाम में मौजूद तीर्थ यात्रियों को सुबह मुख्य हेलीपैड पर पहुंचा दिया गया है। यहीं से एमआई 17 से 15 तीर्थ यात्रियों को गौचर हैलीपैड रेस्क्यू किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि मौसम खराब होने के कारण एमआई एवं चिनूक विमान अभी उड़ान नहीं भर पा रहे हैं।

केदारनाथ में मौजूद करीब 450 तीर्थ यात्रियों को जिला प्रशासन की ओर से लगातार राहत सामाग्री, फूड पैकेट्स एवं भोजन उपलब्ध करवाया गया। वहीं बीकेटीसी द्वारा तीर्थ यात्रियों को फल वितरित किए गए। बताया कि मौसम ठीक होते ही केदारनाथ में मौजूद यात्रियों को रेस्क्यू किया जाएगा।
उधर जिलाधिकारी सौरभ गहरवार, पुलिस अधीक्षक विशाखा अशोक भदाणे, मुख्य विकास अधिकारी जीएस खाती सहित अन्य संबंधित अधिकारी सोनप्रयाग- गौरीकुंड मार्ग सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं।

इस दौरान जिलाधिकारी ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ एवं अन्य सुरक्षा बलों की हौसला अफजाई करते हुए सभी तीर्थ यात्रियों का कुशलता के साथ सुरक्षित रेस्क्यू करने के निर्देश दिए। साथ ही आपदा के चलते क्षेत्र में हुई क्षति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

केदारनाथ प्रतिष्ठा रक्षा यात्रा पर लगा ब्रेक

0
सीएम धामी ने दिए डीएम को निर्देश, आपदा प्रभावित क्षेत्रो के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर करें शिफ्ट

देहरादून उत्तराखंड की आपदा ने कांग्रेस की केदारनाथ प्रतिष्ठा रक्षा यात्रा पर ब्रेक लगा दिया है Kedarnath Sanklap Yatra postponed सियासत का रंग ले चुकी यात्रा पर कांग्रेस के राहुल गाँधी निर्देश के बाद यात्रा को फ़िलहाल पोस्टपोन किया गया है पूर्व सीएम हरीश रावत ने सोनप्रयाग में आपदा से हुए नुकसान को देखते हुए यात्रा में आगे जाने का कार्यक्रम पहले ही स्थगित कर दिया। हरीश रावत ने कहा, केदारनाथ क्षेत्र में भयंकर आपदा आई है। बड़ी संख्या में यात्री फंसे हैं। उनका बचाव कार्य चल रहा है। उन्होंने सरकार आग्रह किया कि राज्य की संपूर्ण शक्ति लगाकर बचाव कार्य करें।

उत्तराखंड में हरिद्वार से शुरू हुई केदारनाथ प्रतिष्ठा रक्षा यात्रा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन मेहरा के नेतृत्व में शुरू हुई थी यात्रा को लेकर सियासत का रंग ऐसे चढ़ा जैसे जैसे यात्रा केदारनाथ की तरफ बढ़ती गई सियासत का रंग भी चढ़ता चला गया यात्रा कांग्रेस यात्रा होड़ लेने की ऐसी तस्वीर बनी जैसे मानो कुर्सी की लड़ाई को लेकर जंग चल रही हो। मुद्दा केदारनाथ मंदिर से जुड़ा हुआ था जिसको केदारनाथ उपचुनाव तक जिन्दा रखने की असली चुनौती कांग्रेस की थी

केदारनाथ यात्रा को लेकर आपदा के आने से चार धाम यात्रा सरकार ने फिलहाल रोक दी है ऐसे में दिल्ली दरबार से आने वाले एक निर्देश के बाद उत्तराखंड कांग्रेस ने अपनी यात्रा को रोक दी है यात्रा सीतापुर तक पहुंच गई थी और शुक्रवार को सीतापुर से आगे रवाना होनी थी। आपदा से सामान्य स्थिति होने के बाद कांग्रेस फिर से सीतापुर से आगे की यात्रा शुरू करेगी।

नीट-यूजी 2024 पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला

0
नीट-यूजी 2024

नीट-यूजी 2024 मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नीट-यूजी 2024 के पेपर में कोई व्यवस्थागत उल्लंघन नहीं हुआ है। लीक सिर्फ पटना और हजारीबाग तक सीमित था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि केंद्र द्वारा गठित समिति परीक्षा प्रणाली की साइबर सुरक्षा में संभावित कमजोरियों की पहचान करने, जांच बढ़ाने की प्रक्रिया, परीक्षा केंद्रों की सीसीटीवी निगरानी के लिए तकनीकी प्रगति के लिए एसओपी तैयार करने पर भी विचार करेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने 23 जुलाई को विवादों से घिरे NEET-UG 2024 को रद्द करने और दोबारा परीक्षा कराने की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया था। तब कोर्ट ने कहा था कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई डेटा नहीं है, जो प्रश्नपत्र के व्यवस्थित रूप से लीक होने और अन्य गड़बड़ियों का संकेत दे। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने केंद्र और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और वरिष्ठ अधिवक्ता नरेंद्र हुड्डा, संजय हेगड़े और मैथ्यूज नेदुमप्रा सहित वकीलों की दलीलें करीब चार दिनों तक सुनीं थीं।

अफसरों को सीएम धामी की डैडलाइन

0

सड़क निर्माण सम्बन्धी कार्यों की टेंडर प्रक्रिया प्रारम्भ कर मानसून के बाद हर हाल में 30 सितम्बर से निर्माण कार्यों में लायी जाए तेजी,निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का रखा जाय विशेष ध्यान,आपदा के दौरान अवरूद्ध हो रही सड़कों की की जाए अविलम्ब मरम्मत,सड़क मरम्मत के लिये अधिकृत जे.सी.बी. पर जी.पी.एस. व्यवस्था को बनाया जाये प्रभावी

पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कों के किनारे क्रस बेरियर के साथ पेड लगाने पर दिया जाए ध्यान,सड़क निर्माण से जुडे ठेकेदारों तथा जे.सी.बी ठेकेदारों के लम्बित देयकों का अविलम्ब किया जाए भुगतान,सड़कों पर डिवाइडर, रिफलेक्टर, साइनेज व लाइटिंग की व्यवस्था के भी मुख्यमंत्री ने दिये निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को सचिवालय में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा की। उन्होंने 30 अक्टूबर तक प्रदेश की सड़कों को गड्ढ़ा मुक्त किये जाने के निर्देश देते हुए सड़क निर्माण सम्बन्धी कार्यों की टेंडर प्रक्रिया प्रारम्भ कर मानसून के बाद हर हाल में 30 सितम्बर से निर्माण कार्यों में तेजी लाये जाने को कहा।

मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने तथा आपदा के दौरान अवरूद्ध हो रही सड़कों की अविलम्ब मरम्मत के भी निर्देश दिए हैं। सड़क मरम्मत के लिये अधिकृत जे.सी.बी. पर जी.पी.एस. व्यवस्था को प्रभावी बनाये जाने, पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कों के किनारे क्रस बेरियर के साथ पेड लगाने, तथा सड़कों पर डिवाइडर, रिफलेक्टर, साइनेज व लाइटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण से जुडे ठेकेदारों तथा जे.सी.बी ठेकेदारों के लम्बित देयकों का अविलम्ब भुगतान के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बेहतर रोड कनेक्टिविटी के लिये सड़कों के निर्माण में तेजी लायी जानी होगी। इसके लिये टेण्डर एवं डी.पी.आर. तैयार करने में तकनीकि दक्षता का प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों आदि के निर्माण में धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग के तहत निर्मित होने वाली सड़कों पर भी समयबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये है। ट्रॉली पर आवाजाही की निर्भरता कम करने के लिये इन स्थानों पर मोटर व पैदल पुलों के निर्माण में तेजी लाये जाने पर भी मुख्यमंत्री ने बल दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली देहरादून एलिवेटेड रोड के तैयार होने के बाद देहरादून शहर पर बढने वाले यातायात के दबाव की चुनौती का सामना करने के लिये रिंग रोड सहित शहर की प्रस्तावित अन्य सड़कों एवं एलिवेटेड रोड आदि की योजना पर तेजी से कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यटन एवं तीर्थाटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। राज्य में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में हर साल तेजी से वृद्धि हो रही है। इसके लिए रोड कनेक्टिविटी का मजबूत होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि सड़कों के विस्तार के लिए हमें तेजी से आगे बढ़ना होगा।

उन्होंने पी.एम.जी.एस.वाई. की सड़कों की मरम्मत में आ रही कठिनाइयों के निराकरण के लिये इसकी स्पष्ट गाइड लाईन तैयार किये जाने को कहा। उन्होंने कहा कि सुगम और सुरक्षित यातायात के साथ आमजन के जीवन को सहज, सुगम और समृद्ध बनाने में सड़कों का बडा योगदान रहता है। निर्माण कार्यों से इकोलॉजी के दुष्प्रभावों को कम करने के लिये सड़क निर्माण में प्लास्टिक वेस्ट के उपयोग पर ध्यान दिये जाने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।

सचिव लोक निर्माण डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से रिस्पना एवं बिंदाल नदी पर एलिवेटेड रोड निर्माण, ऋषिकेश बाईपास, देहरादून मसूरी संयोजकता, देहरादून व हल्द्वानी शहर के लिए रिंग रोड आदि से संबंधित प्रस्तावों की जानकारी दी। उन्होंने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राज्य में सड़कों के निर्माण आदि की भी जानकारी दी।

बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, उपाध्यक्ष एम.डी.डी.ए. बंशीधर तिवारी, अपर सचिव विजय कुमार जोगदण्डे, मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग डी. के. यादव, अधीक्षण अभियंता एन.एच.ए.आई. विशाल गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

नदी में नहाने गए पानी में बहे

0
नदी में नहाने गए पानी में बहे

आज दिनांक: 01-08-24 को कंट्रोल रूम के माध्यम से थाना राजपुर पर सूचना प्राप्त हुई कि सहस्त्रधारा में नहाने के दौरान नदी के तेज बहाव की चपेट में आकर 02 युवक नदी में बह गये हैं। उक्त सूचना पर थाना राजपुर से पुलिस बल तथा एस०डी०आर०एफ० की टीम मौके पर पहुँची तथा नदी में बहे युवकों की तलाश हेतु सर्च अभियान चलाया गया। घटना स्थल से 300 से 400 मीटर आगे पुलिस टीम द्वारा नदी में बहे दोनो युवकों के शव बरामद किये गये, जिनकी शिनाख्त 1- इंद्रपाल पुत्र राम सुख निवासी सुल्तानपुरी, दिल्ली उम्र 35 वर्ष 2-भूपिंदर राणा पुत्र लालसिंह राणा निवासी अमन विहार, सुल्तानपुरी, दिल्ली, उम्र 36 वर्ष के रूप मे हुई।

घटना के सम्बन्ध में जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि उक्त दोनो युवक अपने अन्य मित्रों के साथ दिल्ली से देहरादून घूमने के लिये आये थे तथा आज सहस्त्रधारा में नहाने के दौरान उनके से एक युवक नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गया, जिसे बचाने के लिये उसके दो अन्य साथियों ने नदी में छलांग लगा दी, परन्तु नदी का बहाव तेज होने के कारण उनमें से 02 युवक नदी के तेज बहाव में बह गये तथा 01 युवक को मौके पर मौजूद लोगों द्वारा नदी से बाहर निकाल लिया गया। पुलिस द्वारा दोनो मृतकों का पंचायतनामा भर पोस्टमार्टम हेतु शवों को मोर्चरी भिजवाया गया है। शेष कार्यवाही प्रचलित है।

विवरण मृतक:
1- इंद्रपाल पुत्र राम सुख निवासी- सुल्तानपुरी, दिल्ली, उम्र 35 वर्ष
2-भूपिंदर राणा पुत्र लालसिंह राणा निवासी अमन विहार, सुल्तानपुरी, दिल्ली, उम्र 36 वर्ष।

विवरण घायल:-

मनोज पुत्र हरिशचंद्र निवासी सुल्तानपुरी, दिल्ली

यमुनोत्री क्षेत्र की विभिन्न मांगों को लेकर सीएम से मिले चौहान

0
यमुनोत्री क्षेत्र की विभिन्न मांगों को लेकर सीएम से मिले चौहान

यमुनोत्री क्षेत्र की विभिन्न मांगों को लेकर भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट की और उन्हे यमुनोत्री क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराते हुए ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन मे ग्राम पंचायत नगान गाँव देन के रवाडा से दुगडा शमशान घाट तक (जो लगभग 40 गाँवों का शमशान घाट है ) तक सड़क निर्माण का कार्य , कथनौर से नकोडा, कपोला मोटर मार्ग का निर्माण, मशाल गांव से फरी मणपा कोटी को जोड़ने के लिए मोटर पुल निर्माण ग्राम पंचायत चपटाड़ी एव बचाण गांव से सरनोल को जोड़ते हुए रखण्ड खड मोटर पुल सहित सड़क मार्ग, देव चाडिक खरादी झूला पुल नामक तोक मे यमुना नदी के तट पर सुरक्षा ब्लॉक आरसीसी निर्माण कार्य तथा ग्राम पंचायत स्यालना से गडोली तक सड़क निर्माण कार्य प्रमुख मांगे हैं।

चौहान ने बताया कि सीएम ने सभी मांगो को जल्द ही पूरी करने का अश्वासन दिया है।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पर आया बड़ा फैसला

0
सनातन धर्म को बदनाम करने की कुचक्र रच रही है कांग्रेस

शाही ईदगाह मस्जिद मथुरा शहर में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर परिसर से सटी हुई है। पूरा विवाद 13.37 एकड़ जमीन को लेकर है। इस जमीन में से 10.9 एकड़ जमीन श्रीकृष्ण जन्मस्थान और 2.5 एकड़ जमीन शाही ईदगाह मस्जिद के पास है।

न्यायमूर्ति मयंक कुमार जैन की एकल न्यायाधीश ने 6 जून को शाही ईदगाह मस्जिद समिति की याचिका पर सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। याचिका में हिंदू पक्षों द्वारा दायर 18 मुकदमों की स्वीकार्यता पर सवाल उठाया गया था। गुरुवार को अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया और मुस्लिम पक्ष की दलील को खारिज कर दिया। गुरुवार को अदालत ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि हिंदू पक्षों के वादों पर सीमा अधिनियम या पूजा स्थल अधिनियम आदि के तहत रोक नहीं है। 

इसके साथ ही न्यायालय ने प्रबंध ट्रस्ट शाही मस्जिद ईदगाह (मथुरा) समिति द्वारा दी गई प्राथमिक दलील को खारिज कर दिया। समिति की दलील थी कि उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित मुकदमे उपासना स्थल अधिनियम 1991, परिसीमा अधिनियम 1963 और विशिष्ट अनुतोष अधिनियम 1963 के तहत वर्जित हैं।

Kedarnath: धामी ने केदारघाटी में प्रभावित क्षेत्रों का किया स्थलीय निरीक्षण

0
Kedarnath: धामी ने केदारघाटी में प्रभावित क्षेत्रों का किया स्थलीय निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारघाटी में बुधवार रात्रि को हुई अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग को निर्देश दिये कि क्षतिग्रस्त सड़कों और पैदल मार्गों के सुधारीकरण का कार्य तेजी से किया जाय। संवेदनशील स्थानों से लोगों को जल्द सुरक्षित स्थानों पर लाया जाए।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम पूछी। उन्होंने जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग को यात्रा मार्ग में फंसे श्रद्धालुओं को यथाशीघ्र सुरक्षित स्थानों में लाये जाने के साथ ही भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये। प्रभावित क्षेत्र में अतिवृष्टि से हुए नुकसान का पूरा आंकलन करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को अनुमन्य सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराई जाए। आपदा प्रभावित क्षेत्र में जन जीवन सामान्य बनाने के लिए सड़क कनेक्टिविटी, विद्युत और पेयजल की आपूर्ति सुचारू करने के निर्देश दिये हैं।

जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग डॉ. सौरभ गहरवार ने जानकारी दी कि केदारनाथ यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं के फंसे होने की सूचना मिलते ही उन्हें सुरक्षित स्थानों पर लाया जा रहा है, साथ ही उनके लिए भोजन और चिकित्सा सुविधा की व्यवस्थाएं की गई है। आज दोपहर एक बजे तक लगभग 300 यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर लाया गया है। उन्होंने कहा कि भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों से लोगों को सुरक्षित स्थानों में ले जाया जा रहा है। अतिवृष्टि से बहे पुल व क्षतिग्रस्त मार्गों को बनाने की कार्यवाही भी गतिमान है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, अध्यक्ष जिला पंचायत अमरदेई शाह, विधायक रुद्रप्रयाग भरत चौधरी, पुलिस अधीक्षक विशाखा अशोक, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।