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सनातन संस्कृति में मां को पूजे जाने की परंपरा : सीएम

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सनातन संस्कृति में मां को पूजे जाने की परंपरा : सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को श्री गुरूराम राय इंटर कॉलेज, मोथरोवाला, देहरादून में उत्तराखण्ड के लोकपर्व ’हरेला’ के उपलक्ष्य में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने पौधा रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज उत्तराखंड के साथ ही पूरे देश में हरेला पर्व मनाया जा रहा है। सनातन संस्कृति में प्रकृति को मां के रूप में पूजे जाने की परंपरा है। हम किसी न किसी रूप में प्रकृति का पूजन करते हैं, हरेला पर्व भी प्रकृति की सेवा का पर्व है। उन्होंने कहा कि हमारी धरोहर एवं प्रकृति का संरक्षण जरूरी है। हरेला पर्व, प्रकृति को संरक्षित करने का संकल्प लेने का पर्व है। पेड़-पौधे हमारे जीवन के अभिन्न अंग हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति के संरक्षण और पर्यावरण का संतुलन रखने के लिए जन सहभागिता से वृक्षारोपण करना होगा। वृक्षारोपण से प्राकृतिक आपदाओं से बचाव होता है। आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ वातावरण देने के लिए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करना आवश्यक है। प्रदेश के किसी भी हिस्से में आपदा से संपूर्ण राज्य प्रभावित होता है। वनों की कटाई, जल स्रोतों का दूषित होने जैसी समस्याएं हमारे सामने है, जिसका समाधान पौधारोपण ही है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संपूर्ण देशवासियों से “एक पेड़ मां के नाम“ लगाने का आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत में विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अनेक कार्य हो रहे हैं। राज्य में ऑल वेदर रोड, हाईवे, रेलवे, एक्सप्रेस-वे का कार्य गतिमान है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत ईज ऑफ़ लिविंग पर फोकस किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार हर शहर के समग्र विकास एवं जन सुविधाओं के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून शहर में सुगम यातायात, बाजार क्षेत्र का विकास किया जा रहा है। आने वाले समय में देहरादून दिल्ली एलिवेटेड रोड बनने के बाद देहरादून एवं आस-पास के शहरों में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ेगी। देहरादून में प्रिंस चौक से सहारनपुर चौक तक, मेंहुवाला मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण एवं आढ़त बाजार के शिफ्टिंग, इंद्रेश अस्पताल से कारगी चौक तक सड़क का चौड़ीकरण का कार्य गतिमान है। 72 करोड़ की लागत से मेंहुवाला क्लस्टर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति हेतु कार्य गतिमान है। क्षेत्र में 600 करोड़ की लागत से देहराखास, विद्याविहार, बिंदाल नदी से रिस्पना नदी के क्षेत्र के बीच व अन्य क्षेत्र में सीवर लाइन एवं ड्रेनेज का कार्य गतिमान है। रेस्टकैंप एवं भंडारीबाग फ्लाईओवर पर 37 करोड़ की लागत से कार्य हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून के मोथरोवाला क्षेत्र में नमामि गंगे योजना के तहत 15 एमएलडी की क्षमता से सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की प्रेरणा से सभी विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार तेजी से सही दिशा में आगे बढ़ रही है, और इसका प्रमाण है कि सतत विकास लक्ष्यों के सूचकांक में राज्य ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा हमने पौधारोपण के साथ उनका संरक्षण भी करना है। राज्य सरकार ईकोलॉजी और इकोनॉमी के समन्वय के साथ विकास के पथ पर आगे बढ़ रही है। प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में बसे शहरों की धारण क्षमता का आंकलन कर रहे हैं। इसी के आधार पर इन क्षेत्रों का विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा केदारनाथ यात्रा मार्ग में फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने का कार्य तेज़ी से हुआ है।

हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि आज हरेला पर्व पूरे राज्य में सामाजिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है। उत्तराखंड के लोक पर्व ने व्यापक स्वरूप ले लिया है, समाज ने इस पर्व को स्वीकार किया है। हमने अपने और आने वाली पीढ़ी के लिए वृक्षारोपण करना है। जंगलों की आग के लिए पेड़ो को दोष देना गलत है, पेड़ो की रक्षा हम सभी का कर्तव्य है।

विधायक विनोद चमोली ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में हर क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहे हैं। उन्होंने धर्मपुर विधानसभा की विभिन्न मांगो को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा मुख्यमंत्री ने कहा कि इन मांगो का परीक्षण कराकर उचित समाधान किया जायेगा।

कार्यक्रम में निवर्तमान मेयर सुनील उनियाल गामा, पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री भाजपा आदित्य कोठारी, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, मण्डल अध्यक्ष विनोद पुण्डीर, सौरभ थपलियाल एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

दिल्ली-हल्द्वानी मार्ग पर यातायात संचालन सुचारू

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Uttarakhand Dehardun News

Uttarakhand Dehardun News कांवड़ यात्रा के चलते दून से दिल्ली, हल्द्वानी मार्ग पर बाधित चल रहा यातायात शुक्रवार रात से पहले की तरह सुचारू कर दिया गया है। 23 जुलाई से रूट डायवर्ट चल रहा था।शुक्रवार देर शाम तक मार्गों पर कांवड़ की भीड़ कम हो गई थी, इसके बाद बसों का संचालन सुचारू किया गया। 

परिवहन निगम प्रबंधन की ओर से बताया गया कि रात की बसों को निर्धारित मार्ग से दिल्ली भेजा गया। शुक्रवार रात आठ बजे से रोडवेज बसें पुराने रूट से वाया रुड़की-मुजफ्फरनगर होते हुए दिल्ली को रवाना की गयीं। शुक्रवार देर शाम तक मार्गों पर कांवड़ की भीड़ कम हो गई थी, इसके बाद बसों का संचालन सुचारू किया गया।

सीएम धामी 24(7) अलर्ट अफसरों से मिला ताजा अपडेट

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देहरादून उत्तराखंड में सरकार हर मोर्चे पर सफल आपदा राहत बचाव कार्य में जुटी हुई है आपदा के बाद से उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पल पल की जानकारी लेकर अलर्ट अफसरों से फीड बैक ले रहे है सीएम धामी कहते है उनकी पहली प्राथमिकता हर यात्री को सुरक्षित लाने की है

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रदेश में आपदाग्रस्त क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्यों का निरन्तर अनुश्रवण किया जा रहा है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने सचिव गृह श्री शैलेश बगोली, पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार एवं आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय को बुलाकर सचिवालय में उनसे प्रदेश में आपदा की स्थिति तथा राहत एवं बचाव कार्यों की अद्यतन जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने केदारनाथ में फंसे यात्रियों की सकुशल वापसी की व्यवस्था के साथ केदारनाथ पैदल मार्ग से आवाजाही भी सुनिश्चित कराने को कहा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये हैं कि अतिवृष्टि के कारण सड़के बाधित होने की स्थिति में उनको सुचारू करने में कम से कम समय लिया जाए। उन्होंने पुल टूटने पर बैली ब्रिज बनाकर जल्द से जल्द आवागमन को सुचारू किए जाने के भी निर्देश दिए, कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि लोगों को पेयजल और विद्युत की सूचारू आपूर्ति हो।

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं रखने के भी निर्देश दिये हैं। यात्रा मार्ग में अतिवृष्टि के कारण यदि कहीं पर मार्ग बाधित होते हैं या आगे कोई खतरा प्रतीत होता है तो यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक लिया जाए। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों सहित सभी संबंधित अधिकारियों को आपदा के दृष्टिगत हर समय अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिये हैं।

मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में सीएम देगे नियुक्ति पत्र

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देहरादून, सूबे में प्राथमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रत्येक जनपद में आगामी 10 अगस्त को बेसिक शिक्षकों की काउंसिलिंग की जायेगी। जबकि 14 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथों नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का शुभारंभ किया जाएगा इसके उपरांत जनपदों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किये जायेंगे। इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक शिक्षा को अपने-अपने जनपदों में भर्ती प्रक्रिया के तहत कांउसलिंग की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिये गये हैं।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश के नौनिहालों को प्राथमिक स्तर पर गुणवत्तपरक शिक्षा उपलब्ध कराने के दृष्टिगत शीघ्र ही विभिन्न राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में बेसिक शिक्षकों की तैनाती कर दी जायेगी। उन्होंने बताया कि आगामी 10 अगस्त को समस्त जनपदों में एक साथ बेसिक शिक्षकों की भर्ती हेतु काउंसिलिंग की जायेगी।

इसके उपरांत 14 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथों नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का शुभारंभ कर आसपास के जनपदों के चयनित बेसिक शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे जायेंगे। इसके उपरांत अवशेष चयनित बेसिक शिक्षकों को जनपद स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय सांसद, विधायक, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों तथा विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में नियुक्ति पत्र वितरित किये जायेंगे।

डॉ. रावत ने बताया कि सभी जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक शिक्षा को अर्ह अभ्यर्थियों की काउंसलिंग सुनिश्चित कराने के निर्देश दे दिये गये हैं। उन्होने बताया कि समस्त जनपदों में काउंसलिंग में एकरूपता लाने को कहा गया है। साथ ही अर्ह अभ्यर्थियों को आवश्यक अभिलेखों के साथ काउंसलिंग में प्रतिभाग करने हेतु आगामी 07 अगस्त को जनपद स्तर पर सूचना अनिवार्य रूप से देने के निर्देश भी अधिकारियों को दे दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि काउंसलिंग के लिये निर्धारित स्थान, मेरिट सूची इत्यादि की जानकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट सहित विभिन्न संचार माध्यमों के जरिये अभ्यर्थियों को दिये जाने को कहा गया है।

डा. रावत ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत विभिन्न विद्यालय में प्रथम चरण में बेसिक शिक्षकों के 2906 रिक्त पदों पर नियुक्ति की जायेगी। जिसमें पौड़ी जनपद में 298, चमोली 446, रूद्रप्रयाग 182, टिहरी 315, उत्तरकाशी 211, देहरादून 41, हरिद्वार184, नैनीताल 190, अल्मोड़ा 142, बागेश्वर 187, चम्पावत 75, पिथौरागढ़ 326 तथा ऊधमसिंहनगर में 309 पद शामिल है। उन्होने बताया कि उक्त पदों पर बेसिक शिक्षक नियुक्ति होने से प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा की सूरत बदल जायेगी और दूरस्थ व दुर्गम क्षेत्र के विद्यालयों में पठन-पाठन सुचारू हो सकेगा।

गैरसैंण के भराड़ीसैण में विधानसभा सत्र 21अगस्त से आहूत

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देहरादून उत्तराखंड विधानसभा की पंचम विधानसभा का दूसरा सत्र गैरसैंण के भराड़ीसैण में आयोजित किया जाएगा सत्र की जानकारी देते हुए संसदीय कार्य मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने बताया विधानसभा सत्र गैरसैंण के भराड़ीसैण में आयोजित करने का फैसला लिया है। उन्होने कहा कि सरकार ने सत्र को लेकर सभी तैयारी पूर्ण कर ली है

विधानसभा सत्र को लेकर कैबिनेट मीटिंग में पिछले दिनों सत्र करवाए जाने का फैसला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर छोड़ा था सरकार को विधानसभा सत्र करवाए जाने का कार्यक्रम मिल गया है 21 अगस्त से लेकर फिलहाल चार दिनों तक 24 अगस्त तक सत्र का कार्यक्रम मिला है सरकार सदन में बिजनेस के हिसाब से इसको आहूत करेगी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रदेश भर में आभार कार्यक्रम

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रदेश भर में आभार कार्यक्रम

शहीद सैनिक परिवारों की आर्थिक मदद 50 लाख करने पर भाजपा, मुख्यमंत्री धामी का आभार कार्यक्रम प्रदेश भर में आयोजित करने जा रही है।Cm Dhami Thankyou Program प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद सैनिक परिवारों को दी जाने वाली आर्थिक मदद में 5 गुना बढ़ोत्तरी से वीर सैनानी राज्य में उत्साह का माहौल हैं । इसी तरह शहीद परिजन को सरकारी नौकरी देने की अवधि 5 वर्ष तक बढ़ाने के बाद, प्रत्येक व्यक्ति सरकार के इस ऐतिहासिक निर्णय का सम्मान करना चाहती है। इसी क्रम में प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट के निर्देश पर पार्टी सैनिक प्रकोष्ठ इस आभार कार्यक्रम को सभी जिलों में आयोजित करने जा रही है ।

सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक कर्नल रघुबीर सिंह भंडारी (सेवानिवृत्त) के हवाले से उन्होंने बताया कि कारगिल विजय दिवस 26 जुलाई 2024 के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने शहीद सैनिकों के परिवार को दी जाने वाली आर्थिक राहत राशि को ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख कर दिया है । साथ ही और शहीद सैनिक के परिवार के एक सदस्य को 5 साल के भीतर नौकरी देने की घोषणा की है। पार्टी की जिला सैनिक प्रकोष्ठ इकाई द्वारा जिला मुख्यालय में मुख्यमंत्री धामी और सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी उत्तराखंड के सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा । इस मौके पर एक पेड़ मां के नाम पर वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। जिला संयोजक एवं सहसंयोजक के नेतृत्व में होने वाले इन कार्यक्रमों में सभी जनप्रतिनिधि एवं पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे ।

सेवानिवृत कर्नल भंडारी ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि 3 अगस्त को टिहरी गढ़वाल और अल्मोड़ा,
4 अगस्त को देहरादून और नैनीताल, 5 अगस्त को पौड़ी गढ़वाल और पिथौरागढ़, 6 अगस्त को चमोली और चम्पावत, 7 अगस्त को उत्तरकाशी और बागेश्वर, 8 अगस्त को ऊधम सिंह नगर और हरिद्वार और 9 अगस्त को रुद्रप्रयाग में यह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

ग्रीन बोनस उत्तराखंड को मिले सांसद ने की केंद्र से डिमांड

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ग्रीन बोनस उत्तराखंड को मिले सांसद ने की केंद्र से डिमांड

उत्तर-पूर्व के राज्यो की तरह ही उत्तराखंड की भौगोलिक स्तिथि है उन्ही की तर्ज पर विषेश पैकेज, ग्रीन बोनस उत्तराखंड को दिया जाना चाहिए:डा. नरेश बंसल (राज्यसभा सांसद एवं भाजपा राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष)*

राज्य की आबादी संपूर्ण आठ करोड़ से अधिक मानते हुए इसके अनुपात मे आर्थिक साहयता और योजनाओ का लाभ दे व ग्रीन बोनस दे और औद्योगिक पैकेज को बहाल करे: डा. नरेश बंसल (राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष भाजपा एवं सासंद राज्यसभा)

भाजपा राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष व सासंद राज्य सभा डा. नरेश बंसल ने राज्यसभा मे शून्यकाल मे उत्तराखंड से संबंधित एक गंभीर व जनहित का विषय उठाया।

डा. नरेश बंसल ने सदन मे कहा कि उत्तराखंड एक हिमालयी राज्य है,उत्तराखंड आदरणीय अटल जी ने दिया व माननीय नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व मे डबल इंजन की सरकार मे मुख्य मंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी द्वारा उसे संवारने का काम निरंतर जारी है।उन्होने कहा कि चार धाम पुर्ननिर्माण हो,आल वेदर रोड,एयर कनेक्टिविटी,रोड-रेल कनेक्टिविटी हो बहुत सी योजनाओ का लाभ मोदी सरकार मे उत्तराखंड वासियो को मिल रहा है ।

डा. नरेश बंसल ने सदन मे कहा कि उत्तराखंड समेत हिमालयी राज्यो की भौगोलिक परिस्थिति देश के बाकी राज्यो से अलग है।यहां जहां एक और प्राकृतिक सौंदर्य व सम्पदा की बहुतायत है व पर्यावरण स्वच्छ है दूसरी तरफ की विषम समस्या भी है।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि हिमालयी राज्यो के सतत विकास के लिए स्वतंत्र नीति बनाने की मांग लम्बे समय से चल रही है।हिमालयी राज्यो की भौगोलिक परिस्थितियां देश के अन्य हिस्सो से अलग है विषम भौगोलिक हालात की वजह से यहां विकास काफी प्रभावित होता है,योजनाओ को पूरा होने मे समय लगता है कई परियोजनाए लम्बे समय से लटकी पड़ी है ।जो कार्य मैदानी जिलो मे सहजता से हो जाता है वह पर्वतीय राज्यो मे श्रम व आर्थिक लिहाज से काफी मुश्किल हो जाता है।पर्वतीय राज्यो की भौगोलिक और सामाजिक संरचना के अनुसार विकास की प्रथक नीति बननी अति आवश्यक है।
उत्तराखंड इस मुद्दे को शुरू से उठाता रहा है।

डा.नरेश बंसल ने सदन को बताया कि राज्य की सामान्यतः आबादी 1.20 करोड़ है लेकिन पर्यटन, विभिन्न धार्मिक यात्राओ, पर्व त्योहार पर आने वाले श्रद्धालुओ की संख्या को जोड़ा जाए तो यह आठ करोड़ से भी ज्यादा हो जाती है।राज्य के इतनी बड़ी आबादी के लिए बुनियादी सुविधाओ की व्यवस्था करनी होती है।

डा. नरेश बंसल ने सदन मे बताया कि दूसरी और पिछले एक दशक से ज्यादा से उत्तराखंड की देश को अपनी पर्यावरणीय सेवाओ के लिए केन्द्र सरकार से विषेश पैकेज व ग्रीन बोनस की मांग करता रहा है।उत्तराखंड का वनाच्छादित क्षेत्र, ग्लेशियर,सदानीरा नदियां उत्तराखंड से ज्यादा लाभ देश के अन्य भागो को देती है ।वैश्विक पर्यावरण पर भी इसका असर पड़ता है ।एक आकलन के अनुसार उत्तराखंड हर वर्ष अपनी जैव विविधता के जरिए देश को 95हजार 112 करोड़ रूपये की सेवाए देता है।जहां उत्तराखंड के पास इतनी प्राकृतिक संपदा है ,वही विकास की राह मे वह पिछड़ रहा है।इसकी भरपाई ग्रीन बोनस से ही बनती है।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि उत्तराखंड का विषेश पैकेज जो अटल जी ने दिया था वो तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने बंद कर दिया,उत्तराखंड मे तेजी से औद्योगिकीकरण हो सकता है अगर यह प्रोत्साहन मिले तो,उत्तर-पूर्व के राज्यो की तरह ही उत्तराखंड की भौगोलिक स्तिथि है उन्ही की तर्ज पर विषेश पैकेज उत्तराखंड को दिया जाना चाहिए।

डा. नरेश बंसल राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष भाजपा एवं सासंद राज्य सभा ने सदन के माध्यम से सरकार से निवेदन किया कि राज्य की आबादी संपूर्ण आठ करोड़ से अधिक मानते हुए इसके अनुपात मे आर्थिक साहयता और योजनाओ का लाभ दे व ग्रीन बोनस दे और औद्योगिक पैकेज को बहाल करे।

पर्वतीय शैली के आधार पर हो पंचायत भवनों का निर्माण

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पर्वतीय शैली के आधार पर हो पंचायत भवनों का निर्माण

प्रत्येक विकासखण्ड में 5-5 गांवों को बनाया जाए आदर्श ग्राम -मुख्यमंत्री

ग्राम चौपालों के आयोजन में उच्चाधिकारी भी हों शामिल।

पंचायत भवनों के निर्माण के 10 लाख की धनराशि को बढ़ाकर 20 लाख रूपये किये जाने के मुख्यमंत्री ने दिये निर्देश ।

गांवों के सुनियोजित विकास के लिए प्रत्येक विकासखण्ड में 5-5 गांवों को आदर्श ग्राम बनाने की दिशा में कार्य किये जाएं। देश के शीर्ष 100 आदर्श गांवों की श्रेणी में उत्तराखण्ड के 10 गांवों के नाम भी शामिल हों, इसके लिए गावों के समग्र विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किये जाएं। ग्राम चौपाल के आयोजन में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और जनपदों में जिलाधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया जाए तथा ग्राम पंचायतों के प्रबुद्धजनों के साथ बैठकर गांवों की विकास योजनाओं पर कार्य किया जाए। ग्राम सभाओं के स्थापना दिवस उत्सव के रूप में मनाये जाए, इनमें उन गांवों के प्रवासी लोगों को प्रतिभाग करने के लिए विशेष रूप से प्रतिभागी बनाया जाए। यह बात मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में पंचायतीराज विभाग की समीक्षा के दौरान कही।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि मानक तय कर पंचायत भवनों का निर्माण किया जाए। ग्राम पंचायतों में जो भी पंचायत भवन बनाये जा रहे हैं, वे पर्वतीय शैली में बनाये जाय, जिसमें उत्तराखण्ड की विरासत की झलक हो। पंचायत भवनों के लिए उचित स्थलों का चयन किया जाए, ताकि उनका ग्राम पंचायतों में पूर्णतः उपयोग हो सके। पंचायत भवनों के निर्माण के लिए राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत की जा रही 10 लाख की धनराशि को बढ़ाकर 20 लाख रूपये करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये। गांवों में सड़क निर्माण के समय नालियां भी बनाई जाय, ताकि जल निकासी की समस्या न हो। ग्राम पंचायतों में ओपन जिम और पार्कों की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सेना और अर्द्धसैन्य बलों के शहीदों के नाम पर उनके गांवों में द्वार, स्कूल और पंचायत भवनों के नाम रखे जाएं और गांवों में शिलापटों पर शहीदों के नाम अंकित करने की व्यवस्था बनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि गांवों के विकास के लिए 15वें वित्त आयोग से राज्य को प्राप्त धनराशि का योजनाबद्ध तरीके से उपयोग किया जाए। स्वच्छता, कूड़ा निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि गांवों के विकास के लिए जो भी योजनाएं बनाई जाए, धरातल पर पहले उसका आंकलन किया जाए। सभी ग्राम पंचायतों में कम्प्यूटर और हाई स्पीड इन्टरनेट कनेक्टिविटी की व्यवस्था की जाए।

कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज ने कहा कि गांवों के विकास के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को बढ़ावा दिया जाए। ग्राम पंचायतों में हो रहे कार्यों की वरिष्ठ अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग करें। उन्होंने सभी पंचायतों की परिसम्पतियों की जी.आई.एस मैपिंग करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मल्टी-लेवल पार्किंग के निर्माण से पूर्व यह सुनिश्चित किया जाए कि उनका उचित इस्तेमाल और देख-रेख हो। उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि से गांवों के विकास के लिए निर्धारित मानकों के हिसाब से तेजी से कार्य किये जाएं।

बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, सचिव पंचायतीराज चन्द्रेश यादव, अपर सचिव आलोक कुमार पाण्डेय, निदेशक पंचायतीराज निधि यादव, निदेशक सेतु डॉ. मनोज पंत उपस्थित थे।

दीपक रावत के निरीक्षण में डॉक्टर नदारद

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दीपक रावत के निरीक्षण में डॉक्टर नदारद

सोबन सिंह जीना बेस चिकित्सालय में पीपीपी मोड पर संचालित डायलिसिस केन्द्र में चिकित्सक के अनुपस्थित रहने पर आयुक्त दीपक रावत ने कडी नाराजगी व्यक्त की और प्रमुख अधीक्षक बेस को नियमित मानिटरिंग करने के निर्देश दिये।
आयुक्त दीपक रावत ने शुक्रवार को डायलिसिस केन्द्र के निरीक्षण के दौरान चिकित्सक के अनुपस्थित रहने पर एक माह का सीसीटीवी फुटेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिये ताकि यह पता चल सके कि चिकित्सक कब केन्द्र में आ रहे है।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने पाया कि डायलिसिस केन्द्र में 25 बैड पर मराजों की डायलिसिस की जाती है लेकिन बैड की स्थिति काफी खराब होने पर आयुक्त ने केन्द्र संचालक को एक सप्ताह के भीतर मरीजों के बैड ठीक कराने के निर्देश दिये साथ ही प्रमुख अधीक्षक बेस को मानिटरिंग कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिये। वर्तमान में डायलिसिस केन्द्र में प्रतिदिन लगभग 70 लोगों की डायलसिस की जाती है।

आयुक्त ने प्रमुख अधीक्षक बेस को निर्देश दिये कि डायलिसिस सेंटर की व्यवस्थाओं में कोई भी कमी है तो उसकी लिखित सूचना महानिदेशक स्वास्थ्य के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को देना सुनिश्चित करें ताकि डायलिसिस केन्द्र की व्यवस्थाओं में सुधार किया जा सके।

बेस चिकित्सालय निरीक्षण के दौरान मौके पर तीनों गेटों पर सुरक्षा कर्मी नदारत पाये गये और बुलाने के पश्चात काफी देर के बार उपस्थित हुये जो सुरक्षा मानकों के अनुसार ड्रेस में भी नही पाये गये। जिस पर आयुक्त ने कडी आपत्ति जताई और प्रमुख अधीक्षक को सुरक्षा कर्मियों की नियमित मानिटरिंग के साथ ही सुरक्षा कर्मी के ड्रैस कोड को भी चैक करने के निर्देश दिये। इसके पश्चात आयुक्त द्वारा अटल आयुष्मान कक्ष का निरीक्षण किया गया। आयुक्त ने आयुष्मान के कक्ष के निरीक्षण के दौरान कहा कि सभी लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाय। उन्होंने कहा जिन लोगों के अभिलेख में कोई त्रुटि है तो उनका निस्तारण आयुष्मान कार्ड बनाये जांए। प्रमुख अधीक्षक बेस के कार्यालय के निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने कहा कि मुख्यालय के साथ ही अन्य कार्यालयों मे सभी प्रकार के पत्राचार ई-मेल के माध्यम से किये जाएं।

निरीक्षण के दौरान बेस चिकित्सालय गेट के निकट आई लैंस ऑप्टिकल की दुकान द्वारा नाले व गेट पर अतिक्रमण कर टिन शैड बना दिया है जिस पर आयुक्त ने सायं 5 बजे तक टिन शैड हटाने के निर्देश दिये। इसके पश्चात श्री रावत ने केएमवीएन पार्किग के निकट सडक के निरीक्षण के दौरान लोगों द्वारा सडक पर वाहनों को पार्क किया था जिस पर उन्होंने चालान की कार्यवाही करने के निर्देश सीओ को दिये।

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त विशाल मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी, सचिव विकास प्राधिकरण बीएन शुक्ल, सहायक नगर आयुक्त तुषार सैनी आदि उपस्थित थे।

डीएम ने मांगे प्रस्ताव 15 दिनों का समय

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डीएम ने मांगे प्रस्ताव 15 दिनों का समय

जिलाधिकारी वंदना सिंह ने शुक्रवार को कैंप कार्यालय हल्द्वानी में वित्तीय वर्ष 2024-25 के अन्तर्गत दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त विभागीय परिसंपत्तियों की मरम्मत और पुननिर्माण कार्यों के संबंध में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक का आयोजन किया। बैठक में जिलाधिकारी ने बरसात के दौरान आपदा से नष्ट हुई सार्वजनिक परिसंपत्तियों के संबंध में विभागीय अधिकारियों से प्रस्ताव मांगें। कहा कि बरसात के सीजन में सड़कों, काज्वे, दीवार, कलमठ,पेय़जल लाइन आदि में ज्यादा नुकसान देखने को मिलता है।

उन्होंने सभी विभाग के अधिकारियों को बरसात में हुए नुकसान का मुआयना-सर्वे कर 15 दिन के भीतर प्रस्ताव देने की बात कही जिससे समय से बजट निर्गत किया जा सके। आपदा से प्रभावित क्षेत्रों की परिसंपत्तियों की मरम्मत के कार्य को प्राथमिकता से कराने की बात कही।

जिलाधिकारी ने कहा कि संबंधित विभाग 15 दिन के भीतर क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के प्रस्ताव अनिवार्य रूप से भेज दें। साथ ही मानकों को पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने उपजिलाधिकारियों को आपदा के तहत प्रस्ताव या अन्य कागजी कार्यवाही हेतु प्रत्येक सप्ताह में तिथि और समय निर्धारित करने के निर्देश दिए। जिससे विभागीय अधिकारियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

बैठक में अपर ज़िलाधिकारी पी आर चौहान, ईई लोनिवि नैनीताल रत्नेश सक्सेना, अशोक चौधरी, जल संस्थान रवि शंकर लोशाली सहित स्मस्त बीडीओ और विभागीय अधिकारी मौजूद थे।