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एग्री स्टैक को लागू करने के लिए अभियान चलाकर किया जाएगा डिजिटल सर्वे ई-पड़ताल

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एग्री स्टैक को लागू करने के लिए अभियान चलाकर किया जाएगा डिजिटल सर्वे ई-पड़ताल

एग्री स्टैक प्रोजेक्ट को राज्य में व्यापक स्तर पर लागू करने के लिए शासन-प्रशासन की तैयारियां शुरू

कृषि विभाग, राजस्व विभाग तथा राजस्व बोर्ड तत्परता से पूरी करें अपनी तैयारियां तथा कार्मिकों की कमी की दशा में अन्य विभागों के कार्मिकों की सहायता ले-मुख्य सचिव

सेटेलाइट डाटा, रियल टाइम क्रॉप इन्फोर्मेशन, मशीन लर्निंग, जीपीएस, एआई व विजुअल एनालिटिक्स की मदद से किसान रजिस्ट्री का डाटा एकत्रित

एग्री स्टैक का उद्देश्य किसानों तक सरकारी लाभों व योजनाओं की बेहतर, तीव्र व आसान डिलीवरी सुनिश्चित करना हैं, प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरे राज्य में लागू करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता- श्रीमती राधा रतूड़ी, मुख्य सचिव

उत्तराखण्ड में किसानों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचाने की दिशा में सीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने राजस्व एवं कृषि विभाग को भारत सरकार के एग्री स्टैक प्रोजेक्ट ( Agri Stack – Digital Public Infrastructure ) को राज्य में व्यापक स्तर पर लागू करने के लिए सभी तैयारियां जल्द से जल्द पूरा करने की डेडलाइन दी है। उन्होंने एग्री स्टैक प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए गाइडलाइन्स बनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड में सभी किसानों की कृषक रजिस्ट्री को डिजिटल रूप से सत्यापित करने तथा राज्य के प्रत्येक किसान को एक यूनिक किसान आईडी प्रदान करने वाले महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट एग्री स्टैक को लागू करने के लिए अभियान चलाकर डिजिटल सर्वे ई-पड़ताल का कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। राज्य में एग्री स्टैक प्रोजेक्ट का शत् प्रतिशत कवरेज जल्द से जल्द पूरा करने के दृष्टिगत मुख्य सचिव ने एग्री स्टैक को लागू करने में स्थानीय समुदायों व किसानों को प्रशिक्षित करके उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में कृषि विभाग, राजस्व विभाग तथा राजस्व बोर्ड को अपनी तैयारियां तत्परता से पूरी करने तथा कार्मिकों की कमी की दशा में अन्य विभागों के कार्मिकों की सहायता लेने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि एग्री स्टैक में किसान की पहचान (आधार ), भूमि रिकॉर्ड, कवरेज, आय, बीमा, ऋण, फसलों का विवरण तथा राजस्व रिकॉर्ड जैसी सभी सूचनाओं का स्टोरेज होगा। इस सम्बन्ध में सेटेलाइट डाटा, रियल टाइम क्रॉप इन्फोर्मेशन, मशीन लर्निंग, जीपीएस, एआई व विजुअल एनालिटिक्स की मदद से डाटा एकत्रित किया जाएगा। एग्री स्टैक का उद्देश्य किसानों तक सरकारी लाभों व योजनाओं की बेहतर, तीव्र व आसान डिलीवरी सुनिश्चित करना है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि एग्री स्टैक सिस्टम के माध्यम से किसान, सरकारी एजेंसियां, एग्रीटेक कम्पनियां तथा वितीय संस्थान सहित कृषि क्षेत्र के विभिन्न हितधारक एक साथ आएंगे।

बैठक में प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु, सचिव एस एन पाण्डेय, चन्द्रेश कुमार सहित कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

ऋषिकेश में गंगा उफान पर अलर्ट जारी

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ऋषिकेश में गंगा उफान पर अलर्ट जारी

ऋषिकेश में गंगा फिर उफान पर आती नजर आ रही है। Rishikesh River Water Leval Danger Zon पर्वतीय क्षेत्र में लगातार हो रही वर्षा के कारण गंगा की सहायक नदियों में जलस्तर बढ़ गया। जिसके चलते ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा से .20 मीटर ऊपर आ गया है।

पुलिस की टीम त्रिवेणी घाट समेत आसपास गंगा के तटीय इलाकों में मौजूद लोगों को अलर्ट कर रही है। गुरुवार की सुबह 8:00 बजे ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर 339.70 मीटर दर्ज किया गया। जो कि चेतावनी रेखा (339.50) से दशमलव 20 मीटर अधिक है। हालांकि, अभी खतरे की रेखा (340.50) से नीचे है, लेकिन जल स्तर में लगातार आंशिक वृद्धि दर्ज की जा रही है।

वीरवार को मौसम की बारिश से लोगो का जनजीवन प्रभवित हुआ है पहाड़ो में यात्रा मार्गो पर फसें तीर्थ यात्रियो को सरकार सुरक्षित जगह पर पंहुचा रही है हवाई सेवा के माध्यम से लोगो को लाया जा रहा है केदारनाथ यात्रा मार्ग पर फसें लोगो को हेलीकाप्टर की मदद से लाया जा रहा है।

सरकारी तंत्र प्रभावित एरिया में लोगो की मदद कर रहा है पहाड़ो ने बारिश का ऐसा मंजर हर बार देखा है राज्य में कई जगह ऐसी भी जो हमेशा बारिश में रास्तो को बंद कर देती है जिसका खामियाजा लोकल रहने वाले लोगो को अधिक उठाना पड़ता है ऐसे में सरकार के लिए भी मदद पंहुचा पाना मुश्किल काम हो जाता है।

बारिश से हाई अलर्ट केदारघाटी यात्रा रोकी प्रभावित एरिया में पहुंचे मुख्यमंत्री

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देहरादून उत्तराखंड में बारिश ने ऐसी आफत मचाई है जिसका असर नदी किनारे रहने वालो को अधिक भुगतना पड़ा है राज्य में कई ज़िलों में बारिश से काफी नुकसान हुआ है उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बीती देर रात से लगातार प्रभवित एरिया में अफसरों से फीड बैक लेते रहे है वीरवार को धामी ने देहरादून के आपदा परिचालन केंद्र में पहुंच कर प्रदेश भर में आपदा की मौजूदा तस्वीर को देखा कई ज़िलों के जिला अधिकारी से आपदा को लेकर हुए नुकसान की जानकारी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ली है

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी घनसाली के लिए रवाना हो गए जहा आपदा प्रभावित लोगों से मुलाकात कर रहे है टिहरी ज़िले में आपदा से हुए नुकसान के साथ साथ वो प्रभावित एरिया में लोगो के बीच जाकर उनको भरोसा जताते देखे गए है ।

केदारनाथ पैदल मार्ग पर फसें श्रद्धालुओं को रेस्क्यू कर SDRF द्वारा आपातकाल हेलीपैड पर लाया जा रहा है और साथ ही रेस्क्यू किए गए लोगों से अन्य सहयात्रियों की जानकारी लेकर उन्हें भी शीघ्र सुरक्षित स्थान पर लाया जा रहा है। राहत कार्य को देखने के लिए उत्तराखंड में अफसरों की टीम मोके पर जुटी हुई है

सहकारिता की जन कल्याणकारी योजनायें बने गेम चेंजर

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सहकारिता की जन कल्याणकारी योजनायें बने गेम चेंजर

योजनाओं के क्रियान्वयन में हो विज्ञान एवं तकनीकि का उपयोग-मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में सहकारिता विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि लंबे समय से संचालित योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए इस दिशा में सुधारत्मक प्रयास की दिशा में कार्य किये जाएं। इन योजनाओं से लाभार्थियों को कितना फायदा हुआ और योजनाओं को और प्रभावी बनाने के लिए और क्या विशेष नवाचार किये जा सकते हैं, इस दिशा में नियोजन विभाग के सहयोग से कार्य किया जाए। राज्य सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं को गेम चेंजर बनाने की दिशा में कार्य किये जाने पर भी उन्होंने बल दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के तहत स्वयं सहायता समूहों को प्रदान किये जा रहे ऋण की धनराशि की सीमा में वृद्धि की आवश्यकता के दृष्टिगत प्रस्ताव लाया जाए। स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को बेहतर बाजार मिले, इसके लिए सप्लाई चेन को प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा सहकारिता विभाग संबधित विभागों से भी समन्वय स्थापित कर योजनाओं को आगे बढ़ाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बंजर भूमि चिन्हित कर विभिन्न क्लस्टरों के माध्यम से उसे खेती योग्य बनाने के प्रयास किये जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक और पारम्परिक पद्धतियों के माध्यम से कृषि उत्पादन में वृद्धि की जाए। मुख्यमंत्री ने क्लस्टरों में मिल्लेट्स, सब्जियां, दालें, फल, औषधीय और सुगंधित पौधों फसलों, चारा फसलों और कृषि पर्यटन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा हमारा उद्देश्य स्थानीय समुदाय को आजीविका के अवसर प्रदान कर, रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा देना है। सहकारिता से मिलेट्स उत्पादों को और अधिक बढ़ावा मिले, इसके भी पयास किये जाएं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विभिन्न जनपदों में चयनित क्लस्टरों की संख्या में वृद्धि के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के अंतर्गत मत्स्य पालन, मौन पालन, मशरूम उत्पादन के निर्धारित लक्ष्यों को बढ़ाया दिया जाए। विभिन्न परियोजनाओ में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की नवीन तकनीकियो का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए।

सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य सरकार द्वारा 85 करोड की ब्याज प्रतिपूर्ति का बजटीय प्राविधान किया गया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 1,90,000 सहकारी सदस्यों को 1300 करोड़ रूपये का ब्याज रहित ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। योजना के अन्तर्गत अभी तक कुल 960510 लाभार्थियों एवं 5339 स्वयं सहायता समूहों को कुल 5621.25 करोड रूपये़ का ऋण वितरित किया जा चुका है। राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना से 50 हजार से अधिक किसान प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। इसके तहत जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, निबंधक सहकारिता आलोक कुमार पाण्डेय एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

सनातन धर्म को बदनाम करने की कुचक्र रच रही है कांग्रेस

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सनातन धर्म को बदनाम करने की कुचक्र रच रही है कांग्रेस

केदारनाथ धाम को लेकर कांग्रेस पार्टी कर रही है छद्म सियासत

श्री केदारनाथ धाम यात्रा की आड़ में कांग्रेस पार्टी अपनी गुटबाजी को छुपाने की नाकाम कोशिश कर रही है। कांग्रेस पार्टी कई धड़ों में बटी हुई है । ऐसे में एक दूसरे से आगे निकलने की पार्टी नेताओं में होड़ लगी है।पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा अपने वर्चस्व के लिए सनातन धर्म को बदनाम करने के कुचक्र रच रहे हैं।
मगर प्रदेश की जनता उनके बहकावे में आने वाली नहीं है क्योंकि कांग्रेस पार्टी के सनातन विरोधी बयानों से प्रदेश की जनता भली भांत परिचित है। कांग्रेस पार्टी की यात्रा को जन समर्थन न मिलने की वजह से पार्टी के नेता पर बौखलाए हुए है और सनातन विरोधी बयान देते रहे हैं।

भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल का कहना है कि केदारनाथ धाम शिव का जागृत स्वरूप है जहां के लिए दुनिया भर के सनातन अनुयायियों की अटूट आस्था है उस पवन धाम के लिए दुर्भाग्य से कांग्रेस पार्टी राजनीतिक यात्रा निकाल रही है। उनका कहना है कि सभी को मालूम है कि केदारनाथ विधानसभा के लिए उपचुनाव होना है ऐसे में कांग्रेस पार्टी उपचुनाव के लिए मीडिया की सुर्खियां बटोरना चाहती है दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पार्टी में अलग-थलग पड़े हैं अपनी कुर्सी को बचाने के लिए केदारनाथ धाम के लिए भ्रामक बयान रहे है ।

उनका कहना है कि करण माहरा केदारनाथ धाम को अपने सियासी और निजी स्वार्थ के लिए बेवजह घसीट रहे हैं प्रदेश की जनता उन्हें कभी इसके लिए माफ नहीं करेगी।

भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि उत्तराखंड में कांग्रेस पार्टी जहां केदारनाथ धाम को लेकर गुमराह करने की राजनीति कर रही है वहीं देश में कांग्रेस पार्टी और उसके सहयोगी दल भी सनातन धर्म को लेकर बेबुनियादी बयान दे रहे हैं चाहे कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी हो या दूसरे राजनीतिक दल के नेता हो सनातन विरोधी लगातार बयान दे रहे हैं ।भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा का कहना है कि राहुल गांधी ने जिस तरह से शिव के चित्र को संसद में आपत्तिजनक लहराया था यह किसी से छुपा नहीं हैं।

भगवान शंकर करोड सनातन धर्म के अनुयायियों के आराध्य है ऐसे में कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता भगवान की प्रतिमा को जेब से निकलकर मीडिया में लहरा रहे हैं यह सनातन धर्म और हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंचने वाला को कुकृत्य है । इससे करोड़ कांवड़ियों की आस्था को ठेस पहुंची है। यही वजह है कि कांग्रेस पार्टी बेबुनियादी मुद्दों के जरिए सिर्फ सुर्खियां बटोरने का काम कर रही है ।

कांग्रेस पार्टी को अपनी बुद्धि की शुद्धि के लिए प्रायश्चित यात्रा करनी चाहिए क्योंकि केदारनाथ धाम के सोने को लेकर कांग्रेस पार्टी सवाल उठा रही है मगर श्री बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष प्रमाणिक तथ्य दे चुके हैं।

उनका कहना हैं कि प्रदेश अध्यक्ष पार्टी को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए केदारनाथ धाम में कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल जूता पहन कर गए थे । सनातन के अपमान का वह दृश्य कभी दुनियां भूल नहीं सकती है ।

हरीश रावत ने आपदा की धनराशि से 12 करोड रुपये से केदारनाथ धाम के लिए फिल्म बनवाने का काम कराया था। लाखों रुपए कांग्रेस पार्टी बर्बाद कर चुकी है । काम कुछ नहीं किया है। इतना ही नहीं कांग्रेस पार्टी का सनातन विरोधी इतिहास रहा है

ऐसे में कांग्रेस पार्टी की यात्रा को जनता का कोई समर्थन नहीं मिला है कांग्रेस पार्टी अपने वर्चस्व के लिए सनातन को बदनाम करने की कोशिश करती रही है।

पशुपालन एवं डेरी विकास की योजनायें बने जीएसडीपी में वृद्धि के आधार

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पशुपालन एवं डेरी विकास की योजनायें बने जीएसडीपी में वृद्धि के आधार

योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में नवाचार पर दिया जाए ध्यान-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में पशुपालन, डेरी विकास, मत्स्य पालन और गन्ना विकास विभाग की समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि पशुपालन और डेरी विकास के क्षेत्र में आगामी 03 वर्षों में सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में योगदान 03 प्रतिशत से बढ़ाकर 05 प्रतिशत करने की दिशा में कार्य किये जाएं। इसके लिए उन्होंने स्थानीय उत्पादों को तेजी से बढ़ावा दिये जाने पर भी बल दिया। उन्होंने पशुपालन और डेरी विकास के क्षेत्र में जीएसडीपी में वृद्धि के लिए आवश्यक संसाधनों का पूरा एक्शन प्लान तैयार कर प्रस्तुत करने के साथ प्रत्येक जनपद में एक-एक मॉडल पशु चिकित्सालय बनाए जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के साथ नवाचार की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य किया जाए, जिससे स्थानीय स्तर पर लोगों की आजीविका में वृद्धि हो और पलायन भी रूके। डेरी विकास तथा पशुपालन के क्षेत्र में राज्य की आर्थिकी में सुधार के लिये अन्य प्रदेशों से आयातित दूध व दुग्ध उत्पादों, पोलट्री उत्पादों की निर्भरता को कम किया जाए। गोट वैली, कुक्कुट वैली और ब्रायलर फार्म की स्थापना राज्य में पशुपालकों की आय को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुई है। इस योजनाओं को और तेजी से बढ़ावा दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य में डेरी विकास के लिए दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के साथ ही विभिन्न दुग्ध उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए। दुग्ध उत्पादन से लाभकारी आय के लिए इनपुट प्रोडक्सन एवं डिलीवरी सिस्टम को सुदृढ़ बनाया जाए। एफ.पी.ओ के माध्यम से किसानों को उन्नत किस्म के चारा बीज उपलब्ध कराने और हरा एवं सूखा चारा उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किये जाने के साथ राज्य में अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादक सेवा केन्द्र स्थापित किये जाने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।

राज्य में मछली की खपत के अनुरूप हो उत्पादन- मुख्यमंत्री

मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि पर्वतीय क्षेत्रों में ट्राउट फिश के उत्पादन को तेजी से बढ़ावा दिया जाए। इनकी बिक्री के लिए भी उचित प्रबंध किये जाएं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना का मत्स्य पालकों को अधिक से अधिक लाभ मिले। राज्य में मत्स्य पालन को और तेजी से बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा लक्ष्य तय किये जाएं, लक्ष्यों को फोकस करते हुए समयबद्धता के साथ आगे कार्य किये जाएं। राज्य में मछली की खपत के अनुरूप उत्पादन हो इस दिशा में भी तेजी से प्रयास किये जाएं। मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना से भी अधिक से अधिक मत्स्य पालकों को जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि तालाबों के निर्माण से उनमें मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जा सकता है, वहीं जल संरक्षण की दिशा में भी यह सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि कलस्टर बनाकर तालाबों का निर्माण किया जाए और उनके माध्यम से मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जाए।

गन्ना मिलों के आधुनिकीकरण, दक्षता और क्षमता में वृद्धि की दिषा में किये जाए कार्य-मुख्यमंत्री

गन्ना विकास विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि गन्ना मिलों को घाटे से उबारा जाए। गन्ना मिलों के आधुनिकीकरण, दक्षता और क्षमता में वृद्धि की दिशा में कार्य किये जाएं। राज्य में गन्ना बीज बदलाव, जीपीएस के माध्यम से गन्ना सर्वेक्षण का कार्य तथा प्रदेश में जैविक गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देने के लक्ष्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान समय पर हो।

कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि पशु स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण के लिए वृहद् स्तर पर पशुओं का टीकाकरण का अभियान चलाया जा रहा है। मोबाईल वैटिनरी यूनिट के माध्यम से पशुपालकों के द्वार पर पशुचिकित्सा संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन के तहत इस वर्ष डेरी विकास के अन्तर्गत 3385 दुधारू पशुओं के क्रय के लिए 611 परिवारों को दुग्ध व्यवसाय से जोड़ने तथा 4943 पशुपालकों को बकरी व कुक्कुट पालन का लक्ष्य रखा है। पर्वतीय क्षेत्रों में साइलेज, चारा फीड ब्लाक की सुगमता से उपलब्ध होने के कारण महिलाओं के बोझ को कम किया गया है।

पशुपालन से संबधित कार्यों में महिलाओं की भागीदारी 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 03 वर्षों में दुग्ध उपार्जन, संतुलित पशु आहार एवं साईलेज विक्रय में वृद्धि हुई है। गोट वैली से राज्य में डेढ़ साल में 3027 पशुपालकों को लाभ मिला है, जिसमें 37 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। राज्य में कुक्कुट की 2622 ईकाई स्थापित हैं इस वर्ष 01 हजार और ईकाई स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।

बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, सचिव डॉ. बी.वी.आर. सी. पुरूषोत्तम, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव विजय जोगदंडे, नियोजन विभाग से मनोज पंत और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

मात्र 12 घंटे से भी कम समय मे किया गया सनसनीखेज मर्डर का खुलासा।

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मात्र 12 घंटे से भी कम समय मे किया गया सनसनीखेज मर्डर का खुलासा

एसएसपी ऊधम सिंह नगर डॉ0 मंजुनाथ टीसी महोदय के निर्देशन में ऊधम सिंह नगर पुलिस द्वारा खटीमा क्षेत्र में हुऐ सनसनीखेज मर्डर का किया गया खुलासा।

अभियुक्त से घटना मे प्रयुक्त हथियार अवैध तंमचा 12 वोर बरामद।

एसएसपी ऊधम सिंह नगर महोदय द्वारा पुलिस टीम हेतु की गई 1000 रुपए के ईनाम की घोषणा।

दिनाँक 30-07-2024 को समय 6.13 बजे ग्राम प्रधान श्री जनक चन्द बिरिया मझौला द्वारा सूचना दी कि बिरिया मझौला मे गणेश चन्द की दुकान के सामने सडक पर एक व्यक्ति का शव पडा है जिसके सिर से खून निकल रहा है तथा छाती पर गोली के निशान है। जिसमे प्रभारी निरीक्षक मय फोर्स के घटना स्थल पर रवाना हुये तथा वादी जय चन्द पुत्र स्व0 प्रेम चन्द निवासी ग्राम बिरिया मझौला खटीमा के तहरीर पर तत्काल FIR NO-251/24 धारा 103(1) BNS बनाम अज्ञात पंजीकृत किया।

इस दुस्साहसिक घटना से आम जनमानस मे भय व अराजकता का माहैल पैदा हो गया। घटना के शीध्र अनावरण के लिये वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय व पुलिस अधीक्षक अपराध रुद्रपुर, पुलिस अधीक्षक महोदय रूद्रपुर के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी खटीमा में पर्यवेक्षण में अलग- अलग पुलिस टीमें तैयार की गयी, साथ ही SOG एवं सर्विलांस टीम तथा फोरेंसिक टीमों की मदद ली गयी। जिनके द्वारा भौतिक सुरागरसी पतारसी व मृतक के शव के पास पडी टोपी की शिनाख्त के आधार पर तत्वरित कार्यवाही करते हुये घटना के 08 घंटे से भी कम समय मे घटना कारित करने वाले अभियुक्त को गिरफ्तार करते हुये घटना मे प्रयुक्त हथियार अवैध तंमचा 12 बोर बरामद किया तथा अभियोग मे धारा 25(1ख) क आम्स अधिनियम की वृद्वि की गई।

घटना कारित करने के पीछे अभियुक्त द्वारा बताया कि मृतक और उसकी बचपन से दोस्ती थी। मृतक कुछ दिन पहले ही हिसार से लौटकर गांव वापस आया था। दि0-29.07.2024 की रात्रि दोनों ही लोगों द्वारा एक साथ बैठकर बिरिया मझोला में शराब पी उसके बाद मृतक द्वारा अभियुक्त को अपनी भाभी के साथ अवैध संबंध होने और उससे दूर रहने के लिए कहा तो इस बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया और हाथापाई हो गई और अभियुक्त ने अवैध तमंचा से मृतक की छाती पर गोली मार दी और मौके से पकडे जाने के डर से भाग गया।

गिरफ्तार अभियुक्त-
विरेन्द्र सिह परिहार उर्फ वीरु पुत्र स्व0 नैन सिह परिहार निवासी मझौला द्वितीय थाना खटीमा जिला ऊ0सि0नगर उम्र- 37 वर्ष

बरामद – अवैध तंमचा 12 बोर मय खोखा कारतूस

PWD ने कहा ट्रांसप्लांट के जरिये पेड़ो को दिया जा सकेगा नया जीवन

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PWD ने कहा ट्रांसप्लांट के जरिये पेड़ो को दिया जा सकेगा नया जीवन

बीते कई दिनों से हल्द्वानी में प्रशासन और पीडब्ल्यूडी के द्वारा 13 चौराहों में रोड चौड़ीकरण करने के दौरान बड़ी संख्या में चौड़ीकरण की जद में आ रहे बड़े और सालों पुराने पेड़ो को काटने के कारण पर्यावरण प्रेमी और स्थानीय जनता की जन भावनाओं के अनुरूप प्रशासन ने 40 चिन्हित बड़े और पुराने, पाखड़ और नीम के पेड़ों को रिलोकेट करने की प्रक्रिया शुरू की है।

हल्द्वानी की जनता के लिए खुशी की बात ये है कि प्रशासन और पीडब्ल्यूडी की ये कोशिश सफल हुई है, जिसमे हल्द्वानी से कुछ दूर हल्दूचौड़ में बन रही गौशाला की जमीन में बीते दिनों हल्द्वानी के काठगोदाम के नरीमन चौराहे के समीप तेज आंधी के चलते टूट कर निर्जीव हो चुका सालों पुराने जिस पेड़ को पीडब्ल्यूडी और प्रशासन के प्रयास से ट्रांसप्लांट किया गया था।

वो निर्जीव पेड़ फिर से पुनर्जीवित हो चुका है, जिसमे हरी पत्तियां भी निकलना भी शुरू हो गयी हैं, जिसको लेकर प्रशासन और पीडब्ल्यूडी की पेड़ो के पुनर्जीवित होने की उम्मीद और भी पक्की हुई है, वही सिटी मजिस्ट्रेट AP बाजपेई ने आने वाले समय पेड़ो ट्रांसप्लांट करने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी देते हुए कहा कि, चिन्हित किये गए 40 पेड़ो को जो रोड चौड़ीकरण की जद में आने के कारण हटाए जा रहे है उन्हे ट्रांसप्लांट के जरिये नया जीवन दिया जा सकेगा जो हम सब के लिए एक सुखद अनुभव है ।

वीरवार स्कूल रहेंगे बंद इस जिले ने घोषित किया अवकाश

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देहरादून उत्तराखंड में बारिश का अलर्ट जारी है ऐसे में बारिश के चलते कई ज़िलों में स्कूली बच्चे घरों में कैद हो रखे है राज्य में बारिश अलर्ट के चलते वीरवार को उधम सिंह नगर में स्कूल बंद रहेंगे आपदा विभाग की तरफ से मिले अपडेट को देखते हुए स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है जिला अधिकारी की तरफ से आदेश जारी हुआ है

उत्तराखंड में बारिश से पहाड़ी जिलों में कई जगह रास्ते भी बंद है नदियों किनारे रहने वालो को सतर्क रहने को कहा गया है बुधवार को भी चार ज़िलों में अवकाश रहा था राज्य में बुधवार को बारिश काफी हो रही है ऐसे में वीरवार को भी मौसम खराब रहने का अनुमान मिल रहा है बारिश के चलते लोगो को भारी परेशानी से दो चार होना पड़ रहा है

भट्ट ने की सदन में उत्तराखंड के लिए आपदा मुआवजा में वृद्धि एवं मानकों में सुधार की मांग

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भट्ट ने की सदन में उत्तराखंड के लिए आपदा मुआवजा में वृद्धि एवं मानकों में सुधार की मांग

राज्य के दूरस्त क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी में सुधार का मुद्दा राज्यसभा में उठाया

राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट ने सदन से उत्तराखंड एवं पर्वतीय के लिए आपदा मुआवजा राशि में वृद्धि करने की मांग की है । जिसमे उन्होंने विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए मानकों में संशोधन का अधिकार राज्यों को सौंपने का भी आग्रह किया । साथ ही राज्य के दूरस्त क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या का मुद्दा उठाया।

राज्यसभा में अपने संबोधन में उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों की विषम भौगोलिक एवं आपदा की परिस्थितियों की और सदन के माध्यम से सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया ।जिसमें उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तहत आपदा प्रवाहित क्षेत्र के लिए मुवाबजे की धनराशि में वृद्धि की जाए । वहीं मानकों में भी भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संशोधन करने का अधिकार राज्य सरकारों को प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तहत बाढ़ भूस्खलन और भूकंप में हुई हानि पर आवश्यक प्रतिपूर्ति तथा भवन क्षति एवं कृषि भूमि के भूस्खलन तथा बाढ़ में क्षति होने पर मिलने वाले मुवाबजे में वृद्धि को आवश्यक बताया । साथ ही कहा, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण राज्य एवं जनपदों में गठित है परंतु केंद्रीय राष्ट्रीय प्रबंधन प्राधिकरण के मानकों के दिशा निर्देश में ही मुआवजा की राशि देने का राज्यों को अधिकार है।

इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड का जिक्र करते हुए कहा, में जिस राज्य का प्रतिनिधित्व करता हूं,वहां पर दैवीय आपदा के बार-बार आने से लोगों को विस्थापित करना बड़ी चुनौती होता है । वही आपदा में क्षतिपूर्ति दर इतनी कम होती है कि प्रभावितों को न्यायोचित आर्थिक राशि नहीं मिल पाती है। वहीं पहाड़ों में मट्टी और पत्थर से बने पहाड़ी शैली के मकान होते हैं इन्हें पक्के मकान की श्रेणी में नहीं माना जाता है और ये परिवार मुआवजे से वंचित रह जाते हैं। वहीं कुछ मकान भूस्खलन क्षेत्र में पूरी तरह धराशाई नहीं होते परंतु उन मकानों पर रहना बहुत ही खतरे के दायरे में रहता है। लेकिन आपदा का मानक है कि जब तक मकान पूर्णतया धराशाई ना हो जाए उन्हें मुआवजा श्रेणी में नहीं लिया जाता है जिससे इन परिवारों को मिलने वाले मुवाबजे से वंचित रहना पड़ता है।

पहाड़ों में छोटे जोत के खेत होते हैं, तथा बाढ़ एवम भूस्खलन से यह खेत पूर्णतया क्षतिग्रस्त हो जाते हैं परंतु आपदा मानक के अनुसार इन खेतों को मिलने वाला मुआवजा इतना कम होता है उन्हें अपने खेतों को फिर से खेती योग्य करना संभव ही नहीं है, और अच्छे खासे खेत भी बंजर हो जाते है। इसे इस लोक महत्व का विषय बताते हुए उन्होंने सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तहत आपदा प्रवाहित क्षेत्र के लिए मुवाबजे की धनराशि में वृद्धि की जाए तथा मानकों में भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संशोधन करने का अधिकार राज्य सरकारों को प्रदान किया जाए।

साथ ही भट्ट ने उत्तराखंड से संबंधित मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या को भी सदन में उठाया । सरकार का ध्यान आकृष्ट करते हुए उन्होंने राज्य में भारतीय संचार निगम द्वारा दी जाने वाली मोबाइल एवं इंटरनेट सुविधाओं में अधिक सुधार करने की जरूरत बताया। पहाड़ी राज्य होने के कारण दूर दराज के गांव को आज के समाचार क्रांति से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य के 6000 अतिरिक्त गांव को संचार सुविधा से जोड़ने का निश्चय किया था, परंतु मेरी जानकारी के अनुसार अभी तक 2000 के आसपास गांव को ही इस सुविधा से जोड़ा जा सका है। बीएसएनएल द्वारा 1206 नए टावर लगाने के लक्ष्य को भी अभी तक पूर्ण नहीं किया गया है और दूर दराज के क्षेत्रों में जो टावर लगे हैं उनके द्वारा भी मोबाइल कनेक्टिविटी सुचारू रूप से नहीं चल पा रही है । आज जहां अन्य मोबाईल कंपनियां 5G नेटवर्किंग की सुविधा उपभोक्ताओं को दे रही है वहीं उत्तराखंड में भारतीय संचार निगम द्वारा 4G की सुविधा भी ठीक प्रकार से नहीं दी जा रही हैं। आज के संचार युग में शिक्षा,स्वास्थ्य एवं आवागमन भी दूरसंचार एवं इंटरनेट नेटवर्किंग पर सर्वाधिक निर्भर हो गया है। भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम संचालन के लिए बीएसएनएल कनेक्टिविटी पर निर्भर रहना पड़ता है, वहीं सीमा पर तैनात आइटीबीपी को भी आज इन्टरनेट एवम फोन की आवश्यकता रहती है। इस लोक महत्व का विषय बताते हुए उन्होंने सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए, राज्य के दूर-दराज गांव में बीएसएनएल मोबाइल सुविधा को दुरुस्त करने एवं उपभोक्ताओं को 4G कनेक्टिविटी का लाभ प्रदान करने की मांग की।