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मुस्लिम अधिकारों का हनन कांग्रेस की सोच, केंद्र सरकार बदल रही नियम

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भाजपा ने वक्फ बोर्ड संशोधन बिल को जेपीसी में भेजने का स्वागत करते हुए, बिल को वक्त की जरूरत बताया है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा, अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए, बोर्ड में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले नियमों को समाप्त करना जरूरी है, लेकिन तुष्टिकरण की नीति के तहत विपक्ष इसका विरोध कर रहा है । चंद माफियाओं के समर्थन में करोड़ों मुस्लिमों के अधिकारों का हनन करने वाली कांग्रेस को अब अपनी सोच बदल की जरूरत है।

सदन में पेश इस अधिनियम को उन्होंने करोड़ों मजलूम और दबंगों से पीड़ित मुसलमानों की आवाज बुलन्द करने वाला बताया। जिसमे न किसी तरह संवैधानिक अधिकार का हनन किया जा रहा है और न ही उसके किसी अनुच्छेद का उल्लघंन किया जा रहा है । एनडीए सरकार इस अधिनियम के माध्यम से किसी का हक छीनने के लिए नहीं बल्कि जिनको हक नहीं मिला, उनके लिए है जैसे महिला, बच्चे आदि। फिलहाल सर्वसम्मिति से यह विधेयक जेपीसी को भेज दिया गया है।

वहीं उन्होंने विपक्ष के रुख पर आरोपों पर पलटवार करते हुए कि 2011 से अस्तित्व में आए इस कानून को आजाद भारत में 1954 में लाया गया। तब से लेकर अब तक इसमें अनेकों बार तुष्टिकरण के लिए संशोधन किया गया है, लेकिन कभी हल्ला नहीं हुआ । अब हम मुस्लिम समाज के अधिकांश तबके को न्याय और अधिकार दिलाने के लिए इसे लेकर आए हैं । संविधान का उल्लघंन तो 2013 में कांग्रेस सरकार ने किया, वक्फ बोर्ड के अधिकार को न्यायालयों पर तरजीह देकर।

उन्होंने तंज किया, कांग्रेस को तो खुश होना चाहिए कि जिस मकसद के लिए वक्फ बोर्ड बनाया गया उसे हम इससे पूरा करने जा रहे हैं। और जिन सुधारों को हम लेकर आएं वे सभी तो इनकी सरकारों ने गठित सच्चर आयोग एवं अन्य कमेटियों की रिपोर्ट को लागू करते हैं ।

साथ ही आरोप लगाया कि विगत दस वर्षों में लगातार व्यक्तिगत एवं संस्थागत विचार विमर्श के बाद इस संशोधन बिल को लाया गया है। आज सर्वव्यापक है कि चंद लोगों ने बोर्ड पर कब्जा किया हुआ है और करोड़ों आम मुसलमान उनके लिए एकत्र संपत्ति और दान का लाभ उन्हें कभी नहीं मिला । जिसके लिए बोर्ड की ऑडिट और अकाउंट के लिए सही तरीका अपनाना आवश्यक था । महिलाओं की भागेदारी और उच्च स्तरीय अधिकारियों का बोर्ड में होने पर विरोध कैसा ।

उन्होंने अफसोस जताया कि कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष चन्द लोगों की आवाज ही क्यों बुलन्द करता है। वे क्यों वक्फ बोर्ड को माफिया लोगों के कब्जे से मुक्त नहीं कराना चाहते हैं । इस बिल पर जेपीसी में पार्टियों के रुख से स्पष्ट हो जाएगा कि कौन उन्हें अधिकार नहीं देना चाहता है । लिहाजा सभी पार्टियों राजनीति से ऊपर उठकर इस बिल पर एकराय बनाने की जरूरत है।

गढ़वाल और कुमाऊँ की दो नदियों का पुनर्जीवीकरण करेगी सरकार- मुख्यमंत्री

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वनाग्नि की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में छोटी-छोटी तलैया बनाई जाए। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ ही लोगों की आजीविका को बढ़ाने के हों प्रयास। मुख्यमंत्री ने जलागम प्रबन्ध निदेशालय में जलागम की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को जलागम प्रबन्ध निदेशालय इन्द्रानगर में जलागम विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रारंभिक चरण में राज्य की दो नदियों को चिन्हित कर उनके पुनर्जीवीकरण की दिशा में कार्य किये जाएं। इसमें एक नदी गढ़वाल मण्डल से और एक नदी कुंमाऊ मण्डल से चुनी जाय। वनाग्नि की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में छोटी-छोटी तलैया बनाई जाए, इसमें जन सहयोग भी लिया जाए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ ही लोगों की आजीविका को बढ़ाने की दिशा में जलागम विभाग द्वारा विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि विभिन्न परियोजनाओं के निर्माण में इसका भी आंकलन किया जाए कि इससे जल स्रोतों पर कोई प्रभाव तो नहीं पड़ रहा है, योजनाओं के निर्माण से प्रभावित होने वाले जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में भी कार्य किये जाएं। जलागम द्वारा संचालित योजनाओं के अन्तर्गत वाइब्रेंट विलेज को भी प्राथमिकता में रखा जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि बाह्य सहायतित परियोजनाओं को निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाए। केन्द्र सरकार से सहायतित योजनाओं को शीर्ष प्राथमिकता में रखा जाए। 90 प्रतिशत केन्द्रांश और 10 प्रतिशत राज्यांश वाली योजनाओं में और तेजी लाने के निर्देश भी उन्होंने दिये। स्प्रिंग एण्ड रिवर रिजुविनेशन प्राधिकरण द्वारा प्राकृतिक जल स्रोतों एवं वर्षा आधारित नदियों के पुनरोद्धार के लिए लघु एवं दीर्घकालिक उपचार की योजनाएं बनाकर उनका मूल्यांकन व अनुश्रवण किये जाने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए वन विभाग के साथ मिलकर उठाये जाएं प्रभावी कदम।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जलागम विकास परियोजनाओं के नियोजन एवं क्रियान्वयन के लिए सतत जल संसाधन प्रबन्धन, सतत भूमि एवं पारिस्थतिकी प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन न्यूनीकरण और जैव विविधता संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कार्य किये जाएं। मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए वन विभाग के साथ मिलकर प्रभावी कदम उठाये जाएं। पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही कृषि योग्य बंजर भूमि में औद्यानिकी एवं कृषि-वानिकी गतिविधियों द्वारा कृषकों की आय में वृद्धि करने के लिए कार्य किये जाएं। जलागम की योजनाओं में महिला सशक्तीकरण के लिए महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाया जाए।

बैठक में जानकारी दी गई कि जलागम विभाग द्वारा उत्तराखण्ड में चयनित सूक्ष्म जलागम क्षेत्रों में पर्वतीय कृषि को लाभदायतक तथा ग्रीन हाऊस गैस न्यूनीकरण के लिए विश्व बैक द्वारा पोषित ‘उत्तराखण्ड जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना’ को स्वीकृति मिली है। 1148 करोड़ की धनराशि की यह योजना 2024 से 2030 तक संचालित होगी।

इस परियोजना के तहत स्प्रिंग शेड मैनजमेंट के माध्यम से जल निकासी एवं मृदा अपरदन में कमी लाने, कृषि क्षेत्र में ग्रीन हाऊस गैस को कम करने, बारानी व परती भूमि पर वृक्षारोपण के द्वारा कार्बन की मात्रा में सुधार कर कार्बन फैंसिंग से कृषकों की आय में वृद्धि करने बारानी एवं सिंचित फसलों की उत्पादकता में वृद्धि, उच्च मूल्य फसल उत्पादन के कृषि कलस्टरों की स्थापना एवं एग्री बिजनेस ग्रोथ सेंटर की स्थापना की जायेगी। बैठक में बताया गया कि राज्य के तीन जनपदों पौड़ी, अल्मोड़ा व पिथौरागढ़ में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-जलागम विकास घटक 2.0 के तहत कार्य हो रहे हैं।

बैठक में जलागम प्रबंधन मंत्री सतपाल महाराज, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद् विश्वास डाबर, जलागम परिषद के उपाध्यक्ष रमेश गढ़िया, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव नमामि बंसल, परियोजना निदेशक जलागम नीना ग्रेवाल एवं जलागम विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

ओवरसीज प्लेसमेन्ट प्रोग्राम हेतु कौशल विकास विभाग द्वारा Navis, Learnet, Genrise, Envertis चार एजेंसियां सूचीबद्ध

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ओवरसीज प्लेसमेन्ट प्रोग्राम हेतु कौशल विकास विभाग द्वारा Navis, Learnet, Genrise, Envertis चार एजेंसियां सूचीबद्ध

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड से 1500 युवाओं की विदेशों में प्लेसमेंट के लक्ष्य को दिसम्बर माह तक पूरा करने के निर्देश दिए

1500 के लक्ष्य को दिसम्बर माह तक पूरा करने के लिए Open Advertisement जारी करने तथा सम्बन्धित शैक्षणिक संस्थानों में एक दिन की वर्कशॉप आयोजित करने के निर्देश

अक्टूबर में आयोजित होंगे 10 मार्केटिंग इवेंट

युवाओं के प्रशिक्षण हेतु नए बैच शुरू करने के निर्देश

राज्य के विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं को अंग्रेजी भाषा की बाध्यता के कारण ओवरसीज प्लेसमेन्ट प्रोग्राम से वंचित न होना पड़े, इसके लिए सीएस ने आईटीआई में स्पोकन इंग्लिश के र्कोर्स संचालित करने के निर्देश दिए

उत्तराखण्ड से 1500 युवाओं की विदेशों में प्लेसमेंट के लक्ष्य को दिसम्बर माह तक अनिवार्यतः पूरा करने का निर्देश देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य के छात्र-छात्राओं को सरकार के इस कार्यक्रम के बारे में जागरूक करते हुए कौशल विकास विभाग द्वारा संचालित कोर्सेज में प्रतिभाग के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं।

अभी तक सरकार के ओवरसीज प्लेसमेन्ट प्रोग्राम के तहत 23 छात्रों को केयर गिवर के रूप में जापान में प्लेसमेंट के लिए भेजा जा चुका है। इसके साथ ही 30 नर्सिंग स्टाफ का बैच 10 अगस्त तक जापान हेतु प्रशिक्षण की तैयारी शुरू करेगा। श्रीमती रतूड़ी ने युवाओं के प्रशिक्षण हेतु नए बैच शुरू करने के निर्देश दिए हैं ताकि 1500 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रक्रियाओं में तेजी आ सके।

ओवरसीज प्लेसमेन्ट प्रोग्राम हेतु कौशल विकास विभाग द्वारा Navis, Learnet, Genrise, Envertis चार एजेंसियों को सूचीबद्ध किया गया है। 1500 युवाओं को दिसम्बर तक विदेशों में प्लेसमेंट करवाने के लक्ष्य को समय से पूरा करने तथा राज्य के प्रतिभाशाली व योग्य युवाओं को बेहतर अवसर प्राप्त हो इसके लिए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने Open Advertisement जारी करने तथा सम्बन्धित शैक्षणिक संस्थानों में एक दिन की वर्कशॉप आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। अभी तक सूचीबद्ध एजेंसियों तथा एनएसडीसी (नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ) द्वारा 56 छात्रों को प्रशिक्षण हेतु दाखिला दिया गया है।

राज्य के विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं को अंग्रेजी भाषा की बाध्यता के कारण ओवरसीज प्लेसमेन्ट प्रोग्राम से वंचित न होना पड़े, इसके लिए सीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने आईटीआई में स्पोकन इंग्लिश के र्कोर्स संचालित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने सचिवालय में सेतु ( SETU ) व कौशल विकास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान सभी विभागों को कौशल विकास को फोकस में रखते हुए कार्य करने की नसीहत दी है।

बैठक में जानकारी दी गई है कि राज्य के विभिन्न नर्सिंग व हॉस्पिटलिटी संस्थानों में कौशल विकास विभाग एवं सूचीबद्ध एजेंसियों द्वारा ओवरसीज प्लेसमेन्ट प्रोग्राम व छात्रों के Mobilization हेतु वर्कशॉप आयोजित की जा रही है। अक्टूबर में इसके लिए 10 मार्केटिंग इवेंट आयोजित किए जाएंगे। राज्य में वैश्विक स्तर के स्किल पार्क के विकास हेतु अडानी ग्रुप से बातचीत की जा रही है।

राज्य में मॉडल आईटीआई के विकास के लिए आईटीई एडुकेशन सर्विसेज सिंगापुर से आरम्भिक चर्चा हो चुकी है, इस सम्बन्ध में सितम्बर तक एमओयू होने की संभावना है। टाटा टेक्नॉलोजिस द्वारा राज्य में 13 आईटीआई के अपग्रेडेशन के प्रस्ताव को वित्त विभाग द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है तथा अब इसे नाबार्ड को भेज दिया गया है। जल्द ही इस सम्बन्ध में टाटा टेक्नॉलोजिस के साथ एमओयू होने की संभावना है।

काशीपुर में जीआईटीआई में सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस के विकास के सम्बन्ध में पहले पांच बैच के लिए 95 प्रतिशत प्लेसमेंट हो चुके हैं। हरिद्वार में जीआईटीआई में सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस के विकास के सम्बन्ध में पहले चार बैच के 100 प्रतिशत प्लेसमेंट हो चुके हैं। इन दोनों जीआईटीआई में जल्द ही भविष्य के बैच के लिए छात्रों का Mobilization किया जाएगा।

अभी तक राज्यभर में 300 से अधिक छात्रों की Mobilization हेतु काउंसलिंग हो चुकी है। 6 से ज्यादा सेमिनार छात्रों के Mobilization के लिए संचालित किए गए। जल्द ही जापान, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम व आयरलैण्ड में प्लेसमेंट के लिए 4 बैच प्रशिक्षित किए जा रहे हैं।

बैठक में वाइस चैयरमेन सेतु आयोग राजशेखर जोशी, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव सचिन कुर्वे सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

मनरेगा कार्मिको के नियमितीकरण को लेकर अधिकारियो को निर्देश

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मनरेगा कार्मिको के नियमितीकरण को लेकर अधिकारियो को निर्देश

ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने मनरेगा कार्मिको के नियमितीकरण को लेकर अधिकारियो को निर्देशित किया सुबे के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों के साथ प्रदेश के मनरेगा कार्मिको को अन्य राज्य की तर्ज पर समायोजन करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिये।

गौरतलब है कि विगत 16 वर्षों से मनरेगा कर्मचारी पंचायत, विकास खण्ड व जिला स्तर पर अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं। इस बाबत कार्मिको द्वारा विभागीय मंत्री को ज्ञापन देकर राजस्थान एवं अन्य राज्यो में मनरेगा कर्मचारियों को स्थाई नौकरी में समायोजित किये जाने के सम्बंध में नियमावली और शासनादेश का परीक्षण कर शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये।

इस दौरान आयुक्त ग्राम्य विकास संविन बंसल एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे ।

बांग्लादेश में फंसे हिन्दुओं की वापसी के लिए राजेश शुक्ला ने मुख्यमंत्री धामी को सौंपा भावुक पत्र

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बांग्लादेश में फंसे हिन्दुओं की वापसी के लिए राजेश शुक्ला ने मुख्यमंत्री धामी को सौंपा भावुक पत्र

पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने मुख्यमंत्री आवास पर प्रदेश के मुखिया पुष्कर सिंह धामी से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस अवसर पर शुक्ला ने बांग्लादेश में फंसे हिन्दुओं के साथ हो रहे अमानवीय अत्याचारों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को संबोधित एक भावुक पत्र सौंपा, जिसमें हिन्दू भाइयों और बहनों की दुर्दशा का वर्णन किया गया है और उन्हें भारत वापस लाने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की गई है। शुक्ला ने कहा, “हमारे हिन्दू भाई-बहन जिस दर्द और पीड़ा से गुजर रहे हैं, उसे शब्दों में बयां करना कठिन है। हमें हर संभव प्रयास करना चाहिए कि वे सुरक्षित रूप से अपने वतन लौट सकें।”

इसके साथ ही, शुक्ला ने केदारनाथ पैदल मार्ग में फंसे श्रद्धालुओं के सफल रेस्क्यू के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “यह सरकार की संवेदनशीलता और तत्परता का परिचायक है कि सभी श्रद्धालु सुरक्षित वापस आ सके। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी और उनकी टीम का यह कार्य सराहनीय है और इसके लिए हम सभी आभारी हैं।”

इस मुलाकात के दौरान शुक्ला और मुख्यमंत्री धामी ने क्षेत्र के विभिन्न जनहित के मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की। शुक्ला ने क्षेत्र की समस्याओं, विकास कार्यों और जनता की आवश्यकताओं को लेकर मुख्यमंत्री से सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने कहा, “हमारे क्षेत्र के लोग कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं। हमें उनकी समस्याओं का समाधान करने और उनके जीवन स्तर को सुधारने के लिए मिलकर काम करना होगा।”

मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व विधायक शुक्ला को आश्वासन दिया कि वे बांग्लादेश में फंसे हिन्दुओं के मामले को गंभीरता से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के समक्ष प्रस्तुत करेंगे और इस दिशा में शीघ्र ही ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी वादा किया कि क्षेत्र की जनहित की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

इस मुलाकात ने न केवल हिन्दू समुदाय के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाया, बल्कि जनहित के मुद्दों पर सरकार की गंभीरता और प्रतिबद्धता को भी उजागर किया

केदारनाथ आपदा की क्षतिपूर्ति हेतु विशेष आर्थिक पैकेज मांग

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भारत सरकार से केदारनाथ आपदा की क्षतिपूर्ति हेतु विशेष आर्थिक पैकेज मांग के लिए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने विभागों को तत्काल आंकलन प्रेषित करने के निर्देश दिए रिकॉर्ड समय में सफलतापूर्वक राहत एवं बचाव अभियान संचालित करने के लिए शासन-प्रशासन की प्रशंसा

हाल ही में केदारनाथ में आपदा से हुई क्षति के पुनर्निर्माण तथा भविष्य में आपदा से बचाव हेतु भारत सरकार से विशेष आर्थिक पैकेज मांग हेतु मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने प्रभावित विभागों को तत्काल आंकलन प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने नागरिक उड्डयन विभाग से भीमबली, केदारनाथ, सोनप्रयाग, चिम्बासा व लिंचौली क्षतिग्रस्त हैलीपेड्स का आंकलन, आपदा प्रबन्धन विभाग से भूस्खलन की निगरानी व पूर्व चेतावनी, लाइट डिटेक्शन एण्ड रेंजिंग सर्वेक्षण, असंतुलित ढलानों का भूतकनीकी अन्वेक्षण, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के लिए शमन उपाय, रिमोट सेंसिंग द्वारा बाढ़ निगरानी एवं भूस्खलन पूर्व चेतावनी हेतु आर्थिक पैकेज का आंकलन तत्काल तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

         

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने यूएलएमएमसी , लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, पुलिस, यूपीसीएल, आरडब्ल्यूडी, उरेडा, परिवहन व पशुपालन विभाग को आपदा न्यनीकरण हेतु प्रस्तावित कार्यों का आगणन भी प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने रिकॉर्ड समय में सफलतापूर्वक राहत एवं बचाव अभियान संचालित करने के लिए सभी सम्बन्धित अधिकारियों व कार्मिकों की प्रंशसा की है।

बैठक में पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार, प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु, सचिव पंकज पाण्डेय, सचिन कुर्वे, विनोद कुमार सुमन, डा0 आर राजेश कुमार सहित सभी विभागों के अधिकारी व वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी व  पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग मौजूद रहे।

सड़क पर बार वाले बेवड़े पुलिस ने कर दिए चालान

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देहरादून सड़क पर शराबी बेवड़े अब पुलिस रडार पर है देहरादून में शाम ढलते ही सड़क किनारे बार बनाकर शराबी बेवड़े अब शराब नहीं पी पाएंगे ऐसे शराबी पुलिस चालान के लिए अपना माइंड मैकप कर ले जो सड़क किनारे बार बनाकर बेवड़े बनते है

सडक किनारे शराब पीने तथा शराब का सेवन कर हुडदंग मचाने वालों के विरूद्ध दून पुलिस की कार्यवाही विगत 04 दिवस के अन्दर रायपुर पुलिस द्वारा 55 व्यक्तियों के विरूद्ध 81 पुलिस एक्ट के अन्तर्गत की गयी कार्यवाही।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा सभी अधीनस्थों को अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने तथा शराब पीकर हुडदंग करने वाले अभियुक्तों के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देश दिये गये है।

जिसके अनुपालन में रायपुर पुलिस द्वारा सहस्त्रधारा रोड, लाडपुर रोड, रिंग रोड तथा चूना भट्टा आदी क्षेत्रों में पुलिस द्वारा सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने तथा शराब पीकर हुडदंग मचाने वाले अभियुक्तों के विरूद्ध अभियान चलाते हुए विगत 04 दिवस के अन्दर 55 व्यक्तियों के विरूद्ध की गयी कार्यवाही ।

केएमवीएन गेस्ट हाउस में नहीं मिले अग्नि सुरक्षा के इंतजाम

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अल्मोड़ा। जून महीने में बिनसर अभ्यारण्य में वनाग्नि की घटना के बाद सरकार ने प्रदेशभर में जंगल क्षेत्र के आसपास स्थित सभी अतिथिगृहों में आग से सुरक्षा के प्रभावी प्रबंध करने के निर्देश दिए थे। अग्निशमन केंद्र अल्मोड़ा के अधिकारियों ने अल्मोड़ा के कटारमल स्थित केएमवीएन के अतिथिगृह का सोमवार को निरीक्षण किया तो यहां अग्निसुरक्षा का कोई भी प्रबंध नहीं पाया गया।

प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर मानक के अनुसार अग्नि सुरक्षा के प्रभावी प्रबंध करने को कहा गया है। हालांकि निरीक्षण के दौरान कोई पर्यटक यहां ठहरा हुआ नहीं था। अग्नि सुरक्षा अधिकारी महेश चंद्र ने बताया कि गेस्ट हाउस में तीन ब्लॉक हैं। तीनों ही ब्लॉक में अग्निसुरक्षा के लिए इंतजाम नहीं थे।

एक भी यूनिट में न तो अग्निशामक लगाया गया था और न पाइप आदि की व्यवस्था की गई थी। प्रबंधक धन सिंह रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। टीम में प्रकाश चंद्र पांडे, मुकेश सिंह आदि थे। इधर, प्रबंधक रावत ने बताया कि यह अतिथिगृह इसी साल फरवरी में खोला गया है। अब व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

गौरीकुंड से 305 लोगों का रेस्क्यू

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गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर अतिवृष्टि के बाद सातवें दिन भी रेस्क्यू जारी रहा। इस दौरान गौरीकुंड से 305 लोगों का रेस्क्यू कर सोनप्रयाग पहुंचाया गया। हालांकि खराब मौसम के कारण केदारनाथ से किसी को नीचे नहीं भेजा गया। एसडीआरएफ द्वारा लिंचोली सहित अन्य स्थानों पर श्वान दल की मदद से खोजबीन भी की गई। इधर, मंदाकिनी के तेज वेग के कारण सेना द्वारा बनाई गई तीन पुलिया बह गईं। इससे रेस्क्यू मुश्किल हो गया है।

बुधवार सुबह तेज बारिश के कारण पैदल मार्ग से लेकर सोनप्रयाग तक रेस्क्यू नहीं हो पाया। दोपहर से मौसम में सुधार के बाद गौरीकुंड से 305 लोगों को एसडीआरएफ के जवानों ने रेस्क्यू किया। इस दौरान सोनप्रयाग में पहाड़ी से गिरते बोल्डरों के बीच जवानों ने एक-एक व्यक्ति को सकुशल नदी के दूसरी तरफ सड़क तक पहुंचाया। रेस्क्यू किए गए लोगों में 17 महिलाएं और एक बच्चा भी शामिल है।

एसडीआरएफ के सहायक कमांडेंट आरएस धपोला ने बताया कि बारिश के बाद सोनप्रयाग में भूस्खलन जोन और भी खतरनाक हो गया है। यहां पहाड़ी से लगातार पत्थर व मलबा गिर रहा है। जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। बीते एक अगस्त से शुरू हुए अभियान में अभी तक 12,827 यात्रियों और स्थानीय लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है।

बांग्लादेश बन सकता है उग्रवादियों का केंद्र

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असम के सीएम ने कहा कि  भारत-बांग्लादेश सीमा की रक्षा की जानी चाहिए, क्योंकि वहां के लोग सीमा के जरिये अवैध रूप असम में घुसने की कोशिश कर सकते हैं।  मुझे भरोसा है कि बांग्लादेश की नई सरकार भी भारत के साथ अपने सहयोग को जारी रखेगी।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति ने पूर्वोत्तर राज्यों की चिंता बढ़ा दी है। बांग्लादेश अब फिर से उग्रवादियों का केंद्र बन सकता है और वे अवैध रूप से इन राज्यों में प्रवेश कर सकते हैं। मगर हमें उम्मीद है कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर राज्यों की चिंता को तवज्जो देगी। साथ ही बांग्लादेश की नई सरकार के साथ बातचीत करेगी। 

असम के सीएम ने कहा कि बांग्लादेश के मौजूदा घटनाक्रम ने चिंता बढ़ा दी है। अगर समस्या जारी रही तो हमें डर है कि असम इससे प्रभावित होगा। भारत-बांग्लादेश सीमा की रक्षा की जानी चाहिए, क्योंकि वहां के लोग सीमा के जरिये अवैध रूप असम में घुसने की कोशिश कर सकते हैं। उ