Wednesday, March 4, 2026
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हिमालय दिवस जनजागरूकता आवश्यक एक दिन नहीं हर दिन अभियान चले :सीएम

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हिमालय दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय के सरोकारों से जुड़े विषयों के लिए महानिदेशक यूकॉस्ट दुर्गेश पंत के संयोजन में एक कमेटी बनाई जायेगी।

इस अवसर पर उन्होंने यूकॉस्ट द्वारा आयोजित की जाने वाली राज्य स्तरीय पांचवें देहरादून, अन्तरराष्ट्रीय साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी फैस्टिवल के पोस्टर का विमोचन किया। यह महोत्सव 06 जनपदों देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ स्थित इंजिनियरिंग कॉलेजों में किया जायेगा।  

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान सभी को हिमालय दिवस की शुभकामनाएं दी और हिमालय के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य कर रहे लोगों का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य में हर वर्ष 02 सितम्बर को बुग्याल संरक्षण दिवस मनाया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन तेजी से हो रहा है। देहरादून में भी इस वर्ष तापमान में काफी वृद्धि हुई। अगर तापमान इसी गति से बढ़ता रहा तो आने वाले समय के लिए चिंताजनक है। हमें हिमालय, जल और जंगल के संरक्षण की दिशा में मिलकर प्रयास करने हैं, सोचना होगा कि अपनी आने वाली पीढ़ी को विरासत में क्या देकर जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हमने तमाम आपदाएं देश-दुनिया मे देखी हैं। इस बार भी हमारे प्रदेश में कई जगह आपदा आई। पिछले साल हमने आपदाओं पर वर्ल्ड कांग्रेस का आयोजन भी किया। 29 नवंबर 2023 को यह आयोजन हुआ था और उसी दिन सिलक्यारा टनल में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था।

उन्होंने कहा कि जब 17 दिन तक रेस्क्यू चल रहा था तो बहुत बार लगता था कि आज ब्रेक थ्रू होगा लेकिन कुछ न कुछ अड़चन आती रही। दुनिया भर की तकनीक उस समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सहयोग से हमें मिली और आखिरकार हम सभी को सकुशल बाहर निकालने में सफल रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय दिवस का यह आयोजन केवल एक सप्ताह का कार्य नहीं होना चाहिए बल्कि प्रत्येक दिन हमें प्रकृति को बचाने का कार्य करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय के महत्व को हमें नई तरह से समझने की जरूरत है। जल स्रोतों और नदियों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में सरकार द्वारा निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। इसके लिए स्प्रिंग एण्ड रिवर रिज्यूवनेशन अथॉरिटी का गठन किया गया है। हिमालय के संरक्षण के लिए अनेक कार्य किये जा सकते हैं। हिमालय हमारी अमूल्य धरोहर है, जिसे बचाने की आवश्यकता है।

उत्तराखंड पहला राज्य है जहाँ जी.ई.पी की शुरूआत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में इकोलॉजी व इकॉनमी में संतुलन बनाकर विकास के कार्य किये जा रहे हैं। सरकार पौधरोपण, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है, लेकिन इन सब में जनसहभागिता की जरूरत है, तभी हम इन प्रयासों में सफल हो पाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग की बैठक में भी उन्होंने हिमालय के लिए अलग से योजना बनाये जाने की बात उठायी है। उत्तराखंड की जनसंख्या सवा करोड़ है और व्यवस्था हर साल लगभग 10 करोड़ लोगों के लिए करनी पड़ती है। उत्तराखण्ड के लिए योजना बनाते समय राज्य में आने वाली फ्लोटिंग पोपुलेशन को ध्यान में रखकर योजना बनाने के लिए नीति आयोग की बैठक में अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने कहा हमने सस्टेनेबल टूरिज्म की बात की है, जिसे लेकर योजनाएं बनाई जा रही हैं।

हेस्को के संस्थापक और पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरी गंभीरता से हिमालय एवं इसके संरक्षण के लिए कई नई पहल की हैं। नीति आयोग की बैठक में भी मुख्यमंत्री ने संपूर्ण हिमालय की समस्या को गंभीरता से उठाया। हिमालय से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक क्षेत्र में भी ले जाना होगा।

देश के कई बड़े संस्थान हिमालय के संरक्षण एवं इस क्षेत्र में अध्ययन का कार्य कर रहे हैं। इन सभी संस्थाओं को एक मंच पर लाकर हिमालय विकास पत्र पर कार्य होना चाहिए। हिमालय की भूमिका संपूर्ण देश के लिए महत्त्वपूर्ण है।  हिमालय के संरक्षण के लिए विकास वैज्ञानिकों के अनुसंधान के अनुरूप होना चाहिए।

विधायक किशोर उपाध्याय ने कहा कि मध्य हिमालय के लिए विकास का मॉडल बनना जरूरी है। आज जिस तेजी से ग्लेशियर पिघल रहे हैं, यह चिंता का विषय है। हिमालय के संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पूर्व में हमने हिमालयन यूनिटी नाम से एक संस्था बनाई। तब यह तय हुआ कि 9 सितंबर को हिमालय दिवस मनायेंगे।

महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो दुर्गेश पंत ने कहा कि 02 सितम्बर से 09 सितम्बर तक हिमालय सप्ताह के रूप प्रदेशभर में अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें राष्ट्रीय संस्थानों और प्रदेश के अनेक संस्थानों में कार्यक्रमों के आयोजन कर हिमालय के संरक्षण और संवर्द्धन संबंधी अनेक विषयों पर विचार विमर्श किया गया।

इस अवसर पर विधायक श्रीमती सविता कपूर, विधायक उमेश शर्मा काऊ, पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, प्रमुख वन संरक्षक डा. धनंजय मोहन, इसरो देहरादून के निदेशक आर.पी. सिंह, आई.आई.पी के निदेशक हरेन्द्र बिष्ट एवं विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Himalaya Diwas Himalaya Day :हिमालय दिवस कपोल काल्पनिक विचारधारा नहीं हिमालय जैसे अटल निर्णय जरुरी

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हिमालय दिवस Himalaya Diwas Himalaya Day देश-दुनिया की जुबान पर कुछ वर्षों से ही चढ़ा है। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर बीते पांच-छह वर्षों से हिमालय के सरोकार पर चर्चा और बचाने का संकल्प मजबूत किये जाने का राग अलापा जाता है। उत्तराखंड का हिमालय के प्रति सजग रहना भविष्य के लिए उतना ही उपयोगी हो सकता है जितना राज्य के लिए जरुरी है ऐसे अवसर हमारे लिए भविष्य का ब्लू प्रिंट चुनौती से पार कैसे पाए उनको लेकर विचार मंथन आवश्यक है।

हर साल हिमालय दिवस नो सितम्बर को मनाया जाता है बड़े बड़े होटलो में आयोजित होते कई सामाजिक संस्था से लेकर हिमालय प्रेमी एक दिवस में भविष्य की उम्मीद पर खरा उतर जाने का मसौदा तैयार करते है फिर साल भर उसके बारे में सोचा जाता है लेकिन क्या हम अपनी सामाजिक जिम्मेदारी सही से निभा रहे है इसके लिए आज के बदलते परिवेश में बहुत कुछ सोचने की जरुरत है।

हिमालय दिवस पर कई ऐसी संस्था से लेकर लोगो की विचारधारा महज अपने मतलब पुरे किये जाने की दिशा में आगे बड़ी है जिसका परिणाम आने वाले भविष्य के लिए बड़ा खतरा हो सकता है सामाजिक संस्था से लेकर हिमालय के प्रति अपनी कपोल काल्पनिक विचारधारा को सिर्फ अपने लिए धन उपर्जन उपयोग करने वाले एक दिन ऐसे आयोजन करते है लेकिन उनको भविष्य के लिए क्या क्या करना था उसकी पूर्ति नहीं करते।

उत्तराखंड हिमालय राज्य होने के नाते अपनी भविष्य की योजनाओं से लेकर सरकारी धन को ठिकाने लगाने तक का अवसर नहीं बने इसको लेकर प्रयास सबको मिलकर करना होगा तभी ऐसे आयोजन सफल हो पायगे जिसको पूरा करने का सपना ऐसे दिवस पर सजोया जाता है चलिए आज इस दिवस पर कुछ नया संकल्प लेकर हिमालय जैसे अटल निर्णय लेते है ताकि भविष्य की नयी पीढी सुरक्षित रहे।

केदारनाथ यात्रा ने पकड़ी रफ्तार

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श्री केदारनाथ धाम यात्रा ने पकड़ी रफ्तार

मानसून सीजन के बाद दोबारा शुरू हुई केदारनाथ यात्रा केदार घाटी में बारिश कम होने बाद श्री kedarnath Yatra 2024 uttarakhand char Dham Yatra Baba Kedarnath mansum yatra धाम यात्रा पटरी पर लौटने लगी है।

यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। केदार बाबा के दर्शन कर अभिभूत हो रहे श्रद्धालु यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर संतुष्ट नजर आ रहे हैं और अपने सुखद अनुभव साझा कर रहे हैं।

गुहाटी से बाबा केदारनाथ धाम के दर्शनों को पहुंचे श्रद्धालुओं ने बताया कि पैदल रास्ता अब दुरुस्त हो गया है एवं लगातार यात्रा चल रही है।

पैदल मार्ग पर पानी, बिजली, खाना, शौचालय सहित अन्य सभी प्राथमिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। दर्शन भी बहुत अच्छे हो रहे हैं। राजकोट गुजरात से पहुंचे प्रफुल्ल ने बताया कि पैदल यात्रा मार्ग यात्रा के लिए सुरक्षित एवं सुचारू है। यात्रा मार्ग पर सभी सुविधाएं भी हैं एवं प्रशासन और पुलिस द्वारा पूरी मदद भी की जा रही है।

उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला ने बताया कि बीती 31 जुलाई को अतिवृष्टि के कारण कुछ दिनों तक जरूर पैदल यात्रा प्रभावित रही। लेकिन पिछले दो हफ्तों से पैदल यात्रा लगातार बढ़ रही है।

देश दुनिया से श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन को पहुंच रहे हैं। यात्रा को सुखद एवं सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच वाश आउट हुई सड़क भी तीन से चार दिन के भीतर छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए खुल जाएगा।

उधर, इंस्पेक्टर सोनप्रयाग देवेन्द्र असवाल ने बताया कि पिछले 10 दिनों में औसतन तीन हजार श्रद्धालु पैदल यात्रा मार्ग से केदारनाथ के लिए जा रहे हैं। बारिश कम होने के साथ ही लगातार यात्रियों की संख्या बढ़ती जा रही है।

आईपीएस अफसर की विदाई SDRF से एसएसपी उधम सिंह नगर संभालेंगे

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SDRF सेनानायक मणिकांत मिश्रा का हुआ स्थानांतरण , वाहिनी में उपस्थित अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा दी गयी भावभीनी विदाई।

मणिकांत मिश्रा, जिन्होंने उत्तराखंड राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) में सेनानायक के रूप में अपनी सेवाएं दीं, का स्थानांतरण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) उधमसिंहनगर के पद पर किया गया है। इस अवसर पर एसडीआरएफ वाहिनी जौलीग्रांट में एक सुक्ष्म विदाई समारोह का आयोजन किया गया।

विदाई समारोह में उन्होंने कहा कि SDRF उत्तराखंड पुलिस ने न केवल राज्य के भीतर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान दिया। उन्होंने कहा कि SDRF उत्तराखंड पुलिस की टीम तकनीकी और सामरिक दृष्टि से मजबूत है जिसने कई प्रमुख आपदा राहत अभियानों को सफलतापूर्वक संचालित किया है।

समारोह में SDRF के उपसेनानायक विजेंद्र दत्त डोभाल ने कहा कि सेनानायक महोदय के कार्यकाल के दौरान SDRF ने कई बड़ी चुनौतियों का सामना करते हुए सफलतापूर्वक आपदा राहत एवम रेस्क्यू कार्य किए, जिनमें पहाड़ी क्षेत्रों में हिमस्लखन,भूस्खलन एवम अन्य प्राकृतिक आपदाओं के साथ ही जलभराव, बाढ आदि के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया शामिल है।

इस मौके पर मणिकांत मिश्रा (आई0पी0एस) ने SDRF के सभी अधिकारियों और कर्मियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह टीमवर्क का परिणाम है कि SDRF ने इतनी रेस्क्यू अभियानों में सफलताएं हासिल की हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एसडीआरएफ भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट कार्य करता रहेगा और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्पर रहेगा।

इस मौके पर उपसेनानायक मिथलेश कुमार, उपसेनानायक विजेंद्र दत्त डोभाल, सहायक सेनानायक श्याम दत्त नौटियाल क्वार्टर मास्टर राजीव रावत एवम अन्य अधिकारी कर्मचारी रहे l

श्री बदरीनाथ धाम में भगवान वराह जयंती

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श्री बदरीनाथ धाम । श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) द्वारा बीते कल गुरुवार देर रात्रि को श्री बदरीनाथ धाम में वराह जयंती Varah jayanti श्रद्धापूर्वक मनायी गयी।

इस अवसर पर श्री बदरीनाथ धाम पावन अलकनंदा नदी के तट पर तप्त कुंड के निकट स्थित पंच शिलाओं में से प्रसिद्ध वराह शिला की पूजा-अर्चना की गयी।भगवान विष्णु हरि नारायण के दस अवतारों में वराह तीसरा अवतार भगवान वराह का है।

मान्यता है कि भगवान ने वराह का रूप धारण कर समुद्र में छुपे हिरण्याक्ष नामक दानव का वध किया था तथा भू लोक को हिरण्याक्ष के भय से मुक्त कर दिया।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि प्रत्येक वर्ष भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को वराह जयंती के अवसर पर श्री बदरीनाथ धाम में वराह शिला पूजन होता है।

रावल अमरनाथ प्रसाद नंबूदरी ने वराह शिला की पूजा -अर्चना तथा अभिषेक किया, जगत कल्याण की प्रार्थना की। इस अवसर पर धर्माधिकारी आचार्य राधाकृष्ण थपलियाल, वेद पाठी आचार्य रविंद्र भट्ट, प्रशासनिक अधिकारी विवेक थपलियाल,आचार्य अमित बंदोलिया रघुवीर पुंडीर, नारायण नंबूदरी, राजेश नंबूदरी दर्शन कोटवाल आदि मौजूद रहे।

15 आईपीएस बदले कई जिलों के एसएसपी पर आईपीएस ताजपोशी

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देहरादून उत्तराखंड में 15 आईपीएस अफसरों के तबादले किए गए है कई जिलों के पुलिस कप्तान हटाकर उनकी जगह आईपीएस अफसरों को पोस्टिंग मिली है उधम सिंह नगर के आईपीएस अफसर जिला कप्तान सहित बागेश्वर, टिहरी,चमोली सहित कई अफसरों के विभाग भी बदले गए है

पुलिस विभाग में कई जिलों में पुलिस कप्तान बदले जाने की कसरत कई दिनों से चल रही थी उधम सिंह नगर जिला से लेकर टिहरी बागेश्वर चमोली जिले में पुलिस वर्किंग का अच्छा रिस्पोंस नही देखा जा रहा था सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस महकमे को लेकर बीते दिनों समीक्षा की थी जिसके बाद तय हो गया था कुछ जिलों के पुलिस कप्तान से बदले जाएंगे

उधम सिंह नगर जिले के नए एसएसपी मणिकांत मिश्र को ताजपोशी मिली है वो केदारनाथ में एसडीआरएफ में बेहतर काम कर चुके है उनको बड़ा जिला मिलने की काफी समय से उम्मीद लगाई जा रही थी टिहरी जिले से नवनीत भुल्लर को हटाकर उनको एसएसपी एसटीएफ बनाया गया है जबकि कुछ जिलों में तेज आईपीएस भेजकर कानून का इकबाल बुलंद किए जाने को आईपीएस अफसरों को भेजा गया है

बंगाली समाज को लेकर बीजेपी विधायक ने प्रकट किया खेद

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देहरादून उत्तराखंड में बंगाली समाज को लेकर बीजेपी विधायक मुन्ना सिंह चौहान के बयान को गलत तरह से पेश किया गया है बीजेपी विधायक की तरफ से जारी किए गए मीडिया बयान में कहा गया उनके द्वारा बंगाली समाज की नमो शुद्ध जाति को लेकर कोई भी गलत बयान कभी नही दिया

मीडिया में उनके बयान को लेकर बंगाली समाज की भावनाएं अगर आहत हुई है तो उसके लिए वो बंगाली समाज से खेद प्रकट करते है बीजेपी विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा बीजेपी सभी वर्ग के विकास से लेकर उनको हर संभव सहायता और समान विकास की पक्षधर रही है

आपको बता दे पिछले दिनों कई मीडिया खबरों में बीजेपी विधायक के बयान को गलत तरह से प्रस्तुत करते हुए बंगाली समाज की भावनाएं आहत की गई थी जबकि भावनाएं आहत होने को लेकर उनके द्वारा कोई भी ऐसी बात किए जाने का मकसद नहीं था कुछ दिनों से लागतार बंगाली समाज को लेकर उनकी जाति के विषय को बेवजह मुद्दा बनाकर प्रस्तुत किया जा रहा है जो गलत है

बीजेपी विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने मीडिया को जारी किए गए बयान को लेकर अपनी राजनैतिक सोच को सकारात्मक रूप में सामने रखा गया है जबकि इस मामले पर कुछ लोगो द्वारा राजनैतिक मुद्दा बनाकर उनके खिलाफ गलत माहौल बनाया जा रहा है

सड़को पर जाम झलकते शराबियों का सुरूर उतारती पुलिस

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देहरादून शाम ढलते ही मयखाने बन जाने वाली स्ट्रीट अब पुलिस निशाने पर बनी हुई है जाम झलकते लोगो पर पुलिस लगातार करवाही को अंजाम देकर शराब का नशा उतार रही है देहरादून पुलिस की एक सप्ताह से लगातार ऐसी स्ट्रीट को जाम झलकते लोगो पर करवाही कर रही है जो सड़को पर शराब का सेवन करते है

सार्वजनिक स्थान पर जाम टकराने वालो का दून पुलिस ने उतारा सुरूर शहर से देहात तक शराबियों के विरुद्ध जारी है दून पुलिस का अभियान

विगत 02 दिनों में सार्वजनिक स्थानों पर शराब ठेकों के बाहर व सड़क किनारे वाहनों में शराब पीने वाले 453 व्यक्तियों को पुलिस लायी थाने

थाने पर सभी के विरुद्ध पुलिस एक्ट के तहत कार्यवाही करते हुए 1,30,250/- रु० के किये चालान, दी सख्त हिदायत

जनपद के नगर व देहात क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों में शराब पीने वालों के विरुद्ध पुलिस द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई

सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने और पिलाने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने हेतु एसएसपी देहरादून द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में विगत 02 दिनों में दून पुलिस द्वारा जनपद के नगर व देहात क्षेत्र में व्यापक स्तर पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

अभियान के दौरान पुलिस द्वारा सभी थाना क्षेत्रों में शराब ठेकों के बाहर, अन्य सार्वजनिक स्थानों, सड़क किनारे वाहनों में शराब पीने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 453 व्यक्तियों को संबंधित थानों पर लाकर उनका पुलिस एक्ट में चालान करते हुए 1,30,250 रुपये संयोजन शुल्क वसूला गया, साथ ही सार्वजनिक स्थान पर शराब न पीने की सख्त हिदायद दी।

दीपक रावत बने सीएम सचिव आईएएस पीसीएस तबादले

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देहरादून उत्तराखंड आईएएस पीसीएस अफसरों की तबादला सूची से एक बार फिर बड़े पैमाने पर राज्य की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने कई जिलों के डीएम से लेकर अफसरों को चलता किया गया है कुछ अफसरों के पर कतरे गए है तो कुछ को जिलों से लेकर सीएम ने अपनी गुड बुक में शामिल किया गया है

कुमायूं आयुक्त दीपक रावत का तबादला करते हुए उनको अब उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी ने नए सचिव के रूप में लाया गया है सचिव सीएम को हटा दिया गया है

देहरादून जिले की डीएम सोनिका, पिथौरगढ डीएम रीना जोशी,बागेश्वर डीएम,चमोली डीएम, हरिद्वार डीएम सहित कई जिलों में पीसीएस अफसरों को बदला गया है पिछले कई दिनों से अफसरों की तबादला सूची को लेकर कयास लगाए जा रहे थे

उत्तराखंड में ओवर रेटिंग शराब नहीं बेच पाएंगे कारोबारी

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सीएम धामी के निर्देश पर शराब के ठेकों पर ताबड़तोड़ छापेमारी

पूरे प्रदेश में 100 से अधिक ठेकों पर प्रशासन और आबकारी विभाग की रेड

स्टाक रजिस्ट्रर मेंटेन और ओरवरेटिंग की शिकायत सही पाए जाने पर दुकानें होंगी सीज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रशासन और आबकारी विभाग की टीम मंगलवार को पूरे प्रदेश में 100 से ज्यादा अधिक शराब की दुकानों पर छापेमारी अभियान चला रही है। औचक चले इस अभियान से ठेका संचालकों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

लंबे समय से सीएम धामी को प्रदेश में शराब की दुकानों पर ओवररेटिंग और प्रदेश के कई क्षेत्रों में शराब की तस्करी की शिकायतें मिल रही थी, जिस पर सीएम धामी ने प्रशासन और आबकारी विभाग को अभियान चलाते हुए इस पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए थे।

जिस पर टीम ने मंगलवार को पिथोरागढ़, अल्मोड़ा, नैनीताल, बागेश्वर, ऊधम सिंह नगर, चंपावत, हरिद्वार, देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पौड़ी गढ़वाल जनपद में छापेमारी अभियान चला रही है।

सीएम धामी के सख्त निर्देश हैं कि यदि दुकानों पर ओवर रेटिंग की शिकायत सही मिलती है और स्टॉक और बिक्री रजिस्ट्रर मेंटेन नहीं मिलता तो दुकानों को सीज किया जाए। प्रदेश में ओवररेटिंग और शराब की तस्करी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। टीम को समय-समय पर अभियान चलाने और तस्करी करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।