Wednesday, March 4, 2026
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नक्सलियों से मुठभेड़ में दर्जनों ढेर भारी मात्रा में मिला हथियार जखीरा

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नक्सलियों से मुठभेड़ में दर्जनों ढेर भारी मात्रा में मिला हथियार जखीरा कुछ ऐसा ही सेना के जवानों की नक्सल एरिया में हुई जवाबी फायरिंग में हुई करवाही पर बड़ा अपडेट आ रहा है सालो से इस एरिया पर नक्सली अपना काम अंजाम दे रहे थे नारायणपुर-दंतेवाड़ा जिले में हुई करवाही में मौके पर भारी संख्या में कांबिंग अभियान चल रहा है

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद सुरक्षाबल के जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। जवाबी कार्रवाई में 30 से ज्यादा नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ में सभी जवानों के सुरक्षित होने की जानकारी मिली है। वहीं, बताया जा रहा है कि नक्सलियों के पास से एलएमजी राइफल, एके 47 राइफल, एसएलआर राइफल, इंसास राइफल, .303 राइफल बरामद की गई है।


जवानों के हौसले और अदम्य साहस को नमन- सीएम
मुठभेड़ को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नारायणपुर-दंतेवाड़ा जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षाबल के जवानों की नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। जवानों को मिली यह बड़ी कामयाबी सराहनीय है। उनके हौसले और अदम्य साहस को नमन करता हूं। नक्सलवाद के खात्मे के लिए शुरू हुई हमारी लड़ाई अब अपने अंजाम तक पहुंचकर ही दम लेगी, इसके लिए हमारी डबल इंजन सरकार दृढ़ संकल्पित है। प्रदेश से नक्सलवाद का खात्मा ही हमारा लक्ष्य है।


उधर, सीएम विष्णुदेव साय ने शुक्रवार की रात मुख्यमंत्री निवास में हाई लेवल मीटिंग बुलाई। इसमें नारायणपुर-दंतेवाड़ा जिले के थुलथुली जंगल में चल रही मुठभेड़ को लेकर चर्चा की गई। पुलिस महकमे के आला अधिकारियों से नक्सल एनकाउंटर पर मंथन किया गया। 

नदी में बहा व्यक्ति एसडीआरएफ ने किया रेस्क्यू

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जनपद उत्तरकाशी- उजैली में तेगला पुल के पास नदी में बहा व्यक्ति एसडीआरएफ ने किया रेस्क्यू 4 अक्टूबर 2024 को डीसीआर उत्तरकाशी द्वारा एसडीआरएफ टीम को सूचना दी गई कि तेगला पुल के पास एक व्यक्ति के नदी मे बहने की सूचना है जिसमें रेस्क्यू के लिए एसडीआरएफ टीम की आवश्यकता है।

उक्त सूचना पर SDRF टीम पोस्ट उजैली से मुख्य आरक्षी वीरेंद्र पंवार के नेतृत्व में मय रेस्क्यू उपकरणों के तत्काल घटनास्थल हेतु रवाना हुई।

एसडीआरएफ टीम द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर तत्काल नदी किनारे सर्चिंग की गई तो उक्त व्यक्ति नदी किनारे अचेत अवस्था में पड़ा मिला जिसको टीम द्वारा स्ट्रेचर के माध्यम से सुरक्षित मुख्य मार्ग तक लाकर एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भिजवाया गया।

आपको बता दे राज्य में एसडीआरएफ बेहतर काम कर रहा है केदारनाथ चार धाम यात्रा में एसडीआरएफ की भूमिका आपदा के समय कुशल रूप से प्रभावितों को सुरक्षित यात्रा मार्गो से निकाले जाने में अहम रही थी प्रदेश में एसडीआरएफ हर जिले में तुरंत मौके पर घटना का पता चल जाने पर अपनी काबिलियत दिखाता नजर आ रहा है 

पुष्कर सिंह धामी सरकार तीन साल बेमिसाल गांव तक पहुंची सरकार

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धामी सरकार के तीन साल में बनाई 1481 किमी लंबी ग्रामीण सड़क

इस अवधि में 519 नई सड़कों और 195 सेतुओं का निर्माण किया गया

देहरादून। पुष्कर सिंह धामी सरकार के तीन साल बेमिसाल के दौरान पीएमजीएसवाई में उत्तराखण्ड में कुल 1481 किमी लंबाई युक्त 519 सड़कों का निर्माण किया गया, जिस कारण 250 सौ से अधिक आबादी वाले 35 नए गांवों तक सड़क पहुंच पाई।

धामी सरकार के तीन साल के कार्यकाल में जहां योजना के तहत कुल 1481 किमी लम्बाई युक्त 519 नई सड़कों और 195 सेतुओं का निर्माण किया गया, वहीं पहले से निर्मित 159 किमी लंबी 61 ग्रामीण सड़कों का भी अपग्रेडेशन किया गया। इन सड़कों और पुलों के निर्माण पर कुल 2310 करोड़ रुपए व्यय किए गए।

धामी सरकार के दौरान 250 से अधिक जनसंख्या की 35 बसावटों को सड़क से जोड़कर ग्रामीणों की आवाजाही सुगम की गई है। योजना के तहत प्रथम और दूसरे चरण के कार्य अब पूरे होने की स्थिति में पहुंच गए हैं, अब पीएमजीएसवाई तृतीय चरण के तहत पूर्व में निर्मित सड़कों के अपग्रेडेशन के लिए 1824 करोड़ रुपए की स्वीकृति भारत सरकार से मिल गई है, इसके तहत कुल 2288 किमी लंबी सड़कों का अपग्रेडेशन किया जाना है।

इसके अलावा वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सड़क से वंचित आठ बसावटों को सड़क सम्पर्क से जोड़े जाने के लिए 119 करोड़ की स्वीकृति भारत सरकार से प्राप्त की गई है। इसके बाद प्रदेश में 150 से कम जनसंख्या की कुल 1796 बसावटें ही ऐसी रह गई हैं, जहां सड़क नहीं पहुंच पाई है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना दिसम्बर, 2000 में केंद्र की तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेई सरकार ने प्रारम्भ की थी। योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों को सम्पर्क मार्गों से जोड़ना है। यह योजना 90 प्रतिशत केंद्र पोषित है, शेष दस प्रतिशत अंशदान राज्य सरकार का होता है। योजना के प्रारंभ होने से अब तक उत्तराखण्ड में कुल 2329 सड़कों और 312 पुलों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। योजना पर अब तक कुल 10183 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं, जिसके फल स्वरूप 250 से अधिक जनसंख्या वाली 1846 बसावटों को सड़क से जोड़ा जा चुका है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से गांवों को सड़कों से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। सड़कें प्रगति का आधार होती हैं, इसलिए हमारी सरकार का संकल्प है कि प्रत्येक गांव तक सडक पहुंचे। साथ ही सड़क मार्ग से वंचित शेष गांवों तक भी सड़क पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पुष्कर सिंह धामी,

मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पंतनगर में किया किसान मेला उद्योग प्रदर्शनी का शुभारंभ

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पं.गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर पहुँचकर 116वां अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और हरेला उद्यान का वर्चुअल शुभारम्भ भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों से आये प्रगतिशील कृषकों को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 116वां किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी की बधाई देते हुए कहा कि भारत में हरित क्रांति के अग्रदूत के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में आकर उन्हें हर्ष का अनुभव हो रहा है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के किसान मेले प्रदेश के किसान भाईयों की उन्नति में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि इस प्रकार के कृषि मेलों के माध्यम से वैज्ञानिक, किसान एवं उद्यमी एक ही स्थान पर कृषि सम्बन्धी नवीनतम तकनीकों तथा विभिन्न जानकारियों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। किसानों को उन्नत बीज, पौध, कृषि यंत्र और जैविक खाद सहित कृषि से जुड़ी सभी आवश्यक वस्तुएं एक ही स्थान पर मिल जाती हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस मेले में उपलब्ध कराई जा रही तकनीकी जानकारियों से हमारे किसान अवश्य लाभान्वित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह मेला वास्तव में कृषि का एक ऐसा कुंभ है, जो किसानों को आधुनिक तकनीकी का बोध कराकर उन्हें समृद्ध बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के किसानों को कुशल, समृद्ध और आधुनिक सुख-सुविधा युक्त बनाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। आज एक ओर उपज बढ़ाने के लिए तकनीकी के प्रयोग और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर मोदी सरकार द्वारा किसानों को सभी प्रमुख फसलों पर बढ़ी हुई एम.एस.पी देकर किसानों की आय में बढ़ोत्तरी सुनिश्चित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के प्रति मोदी जी की प्रतिबद्धता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस बार जब उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली तो सबसे पहले उन्होंने किसान भाईयों को किसान सम्मान निधि आवंटित करने वाली फाइल पर हस्ताक्षर किए। किसान सम्मान निधि की योजना के जरिए आज उत्तराखंड के भी लगभग 8 लाख से अधिक किसानों को आर्थिक संबल मिल रहा है, इतना ही नहीं, मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पिछले दिनों किसान भाईयों का जीवन स्तर बेहतर करने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से करीब 14 हज़ार करोड़ रुपये की लागत वाली कुल सात नई योजनाओं को भी मंजूरी दी है। जिन योजनाओं से किसानों को बड़े पैमाने पर लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से राज्य सरकार भी प्रदेश के किसानों के उत्थान एवं समृद्धि हेतु संकल्पित होकर निरंतर कार्य कर रही है। वर्तमान में प्रदेश में किसानों को तीन लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के दिया जा रहा है तथा किसानों को कृषि उपकरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य “फार्म मशीनरी बैंक“ योजना के जरिये कृषि उपकरण खरीदेने के लिए 80 फीसदी तक की सब्सिडी दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि गेहूं खरीद पर कृषकों को प्रति किं्वटल 20 रू. का बोनस दिया जा रहा है, गन्ने के रेट में भी 20 रूपए प्रति किं्वटल की बढ़ोत्तरी की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिए नहर से सिंचाई को बिल्कुल मुफ्त कर दिया गया है। चाय बागान धौलादेवी, मुन्स्यारी और बेतालघाट को जैविक चाय बागान के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है। सगंध खेती को बढ़ावा देने के लिए 6 एरोमा वैली विकसित करने पर कार्य किये जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार के बजट में 200 करोड़ रूपए का प्रावधान विशेष रूप से पॉलीहाउस निर्माण के लिए किया है, जिससे किसानों की आय बढ़ने के साथ ही रोजगार के साधन भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये की लागत से “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट“ भी स्वीकृत किया गया है।

फलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए भी सरकार विभिन्न स्तर पर काम कर रही है, जिसके अंतर्गत सेब और कीवी का उत्पादन व्यापक स्तर पर बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य में एप्पल और कीवी मिशन की शुरुआत की गई है। एप्पल मिशन के अंतर्गत सेब के बागान लगाने वाले किसानों को 80 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। कीवी के बगीचे स्थापित करने में भी सरकार हर संभव मदद कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पं.गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय “उन्नत कृषि-समृद्ध किसान“ के संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि यहां पर विकसित की गई फसलों, सब्जियों एवं फलों की विभिन्न प्रजातियां और अनेक उन्नत कृषि तकनीकें ना सिर्फ उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के किसानों को फायदा पहुंचा रही हैं। आज आयोजित हो रहा यह किसान मेला निश्चित रूप से किसान भाईयों के उत्थान में अहम योगदान देगा।

पं.गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने सभी अतिथियों व किसानों का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश विकास की ओर अग्रसर है तथा प्रदेश की जीडीपी भी तेजी से बढ़ी है। उन्होंने पंतनगर विश्वविद्यालय की प्रगति की जानकारी देते हुए कहा कि पूरे देश में दलहन की 28 बीज स्वीकृत हुए हैं जिसमें से 10 बीज पंतनगर विश्वविद्यालय के खाते में आये हैं।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ग्लोबल बनने जा रहा है विगत दो वर्षों में विश्वविद्यालय द्वारा 7 एमओयू अंतरराष्ट्रीय स्तर के हुए हैं तथा विश्वविद्यालय द्वारा 300 कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये गए हैं तथा ड्रोन व एआई तकनीक (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पर भी विश्वविद्यालय द्वारा कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बद्री गाय का क्लोन भी विश्वविद्यालय द्वारा तैयार किया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक शिव अरोड़ा, तिलक राज बेहड़, राज्य मंत्री अनिल कपूर डब्बू, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल जिंदल, गुंजन सुखीजा, जिला महामंत्री भाजपा अमित नारंग, प्रदेश मंत्री विकास शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष विवेक सक्सेना, उप महानिदेशक यूएस गौतम, मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी उदय राज सिंह, एसएसपी मणिकांत मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार, संयुक्त मजिस्ट्रेट आशिमा गोयल, एसपी सिटी मनोज कत्याल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण व किसान आदि उपस्थित थे।

एसडीआरएफ और इंडियन रेस्क्यू अकैडमी (आइटस ग्रुप महाराष्ट्र ) बीच एम.ओ.यू- आपदा प्रबंधन की नई शुरुआत

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एसडीआरएफ और इंडियन रेस्क्यू अकैडमी (आइटस ग्रुप महाराष्ट्र ) बीच एम.ओ.यू- आपदा प्रबंधन की नई शुरुआत

आज दिनाँक 04 अक्टूबर 2024 को एस0डी0आर0एफ और इंडियन रेस्क्यू अकैडमी (आइटस ग्रुप महाराष्ट्र ) पुणे के बीच आपदा प्रबन्धन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संचालन हेतु एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ। इस समझौते के अनुसार एसडीआरएफ के जवानों को आधुनिक एवं तकनीकी कौशल का प्रशिक्षण मिलेगा जिससे राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमताओं में सुधार होगा और SDRF रेस्क्यू दल अधिक प्रभावी तरीके से काम कर सकेंगे

पुलिस महानिरीक्षक, एसडीआरएफ श्रीमती रिधिम अग्रवाल ने बताया कि एम0ओ0यू के अनुसार संबंधित ट्रेंनिग एजेंसी एसडीआरएफ के जवानों के लिए विशेष प्रशिक्षण आयोजित करेगी। इसमें मेडिकल फर्स्ट रेस्पॉन्डर से लेकर फ्लड रेस्क्यू,ध्वस्त हो चुकी इमारतों में खोज और बचाव (सर्च एंड रेस्क्यू) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा, रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु (CBRN) के खतरों से बचाव के लिए भी जवानों को आधारभूत प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, CBRN उपकरणों की मरम्मत एवम् रखरखाव के लिए विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

SDRF जवानों को मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा

पुलिस महानिरीक्षक, रिधिम अग्रवाल ने बताया कि यह प्रशिक्षण “ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स” (TOT) मॉडल पर आधारित होगा, जिसमें पहले चरण में एसडीआरएफ के जवानों को प्रशिक्षक के रूप में तैयार किया जाएगा। बाद में इन प्रशिक्षकों को मास्टर ट्रेनर का प्रशिक्षण दिया जाएगा जो आगे अपनी टीमों को प्रशिक्षित करेंगे। इसके अलावा एजेंसी द्वारा 03 दिवसीय मनोवैज्ञानिक देखभाल और परामर्श कोर्स भी आयोजित किए जायेंगे, जिसमें आपदा के दौरान रेस्क्यू दल के साथ ही आपदा पीड़ितों की मानसिक और भावनात्मक देखभाल हेतु जवानों को तैयार किया जाएगा।

ट्रेंनिग के माध्यम से राजस्व सृजन का मॉडल

यह साझेदारी न केवल आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण में सुधार करेगी, बल्कि यह एक राजस्व सृजन मॉडल भी है। एसडीआरएफ के साथ ही अन्य राज्यों के प्रतिभागियों के लिए भी प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इससे राज्य में आपदा प्रबंधन को और मजबूती मिलेगी और एसडीआरएफ की प्रशिक्षण क्षमता बढ़ेगी जिससे भविष्य में भी इस मॉडल से लाभ उठाया जा सकेगा।

इससे से पूर्व समझौते पर एसडीआरएफ की ओर से कमांडेंट श्री अर्पण यदुवंशी और इंडियन रेस्क्यू अकैडमी(आइटस ग्रुप महाराष्ट्र ) की ओर से निदेशक श्री अंकित वाघ ने हस्ताक्षर किए। यह समझौता राज्य में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखेगा और आपदा के समय लोगों को त्वरित और प्रभावी मदद मिलेगी।

भाजपा ने सक्रिय सदस्यता अभियान के लिए प्रदेश स्तरीय समिति का किया गठन

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देहरादून 4 अक्तूबर। भाजपा ने सक्रिय सदस्यता अभियान के लिए प्रदेश स्तरीय समिति का गठन किया है ।

भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने जानकारी दी कि प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट के निर्देश पर प्रदेश स्तरीय सक्रिय सदस्यता समीक्षा समिति का गठन किया है । समिति में संयोजक की जिम्मेदारी सरकार में दायित्वधारी श्री सुरेश भट्ट को सौंपी गई है ।

उनके अतिरिक्त सदस्य के रूप में प्रदेश उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्रीमती कल्पना सैनी, प्रदेश मंत्री आदित्य चौहान, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कुंदन परिहार अभियान को प्रदेश स्तर पर आगे बढ़ाएंगे। सक्रिय सदस्यता का यह अभियान 16 से 31 अक्तूबर तक चलाया जाएगा ।

जिसमे प्रत्येक सक्रिय सदस्य को न्यूनतम 100 प्राथमिक सदस्य बनाने के साथ 100 रुपए की फीस नमो एप के माध्यम से जमा करानी होगी। सदस्य की सभी जरूरी जानकारी एक तय प्रपत्र में मंडल स्तर पर एकत्र किए जाएंगे । तदुपरान्त जिले स्तर बनाई जाने वाली सक्रिय सदस्यता समीक्षा समिति द्वारा सभी नामों पर विचार के बाद सत्यापन किया जाएगा।

इन सभी नामों को सत्यापन के बाद सदस्यता फार्म को प्रदेश कार्यालय में जमा किया जाएगा । 1 नवंबर से 10 नवंबर तक प्राथमिक एवं सदस्यता रजिस्टर प्रदेश समिति के पास जमा कराया जाएगा । पार्टी इस अभियान में प्रत्येक बूथ पर न्यूनतम 2 सक्रिय सदस्य बनाने जा रही है ।

डीएम देहरादून पिंक बूथ से महिला सुरक्षा की अनूठी पहल

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देहरादून महिला अपराध पर सुरक्षित संदेश देने की पहल के रूप में पलटन बाजार में पिंक पुलिस बूथ का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करवाने वाले देहरादून के डीएम सबीन बंसल इन दिनों गुड वर्क करते देखे जा रहे है 

देहरादून का पलटन बाजार महिला वर्ग के लिए बेहद संवेदनशील जगह के रूप में ऐसा बाजार है रोजाना यहां हजारों की संख्या में महिलाएं शोपिंग से लेकर जरूरत का सामान खरीदारी के लिए आती है

पिछले कुछ समय में पलटन बाजार सुरक्षित महिला वर्ग को संदेश देने में कामयाब नही रहा था इसके पीछे महिला अपराध की कुछ ऐसी बातें थी जो सुरक्षित महिला वर्ग का संदेश देने में कामयाब नही हो रही थी

डीएम देहरादून एक्टिव मोड पर वर्क आउट करते नजर आए तो सरकारी अफसरों की टीम को भी ग्राउंड पर काम किए जाने को उतरना ही पड़ा देहरादून में सरकारी अस्पतालों की दशा से लेकर सड़कों पर ट्रैफिक दवाब को लेकर डीएम देहरादून पब्लिक को डिलीवरी देते नजर आए है

देहरादून में महिला सुरक्षा का सुरक्षित संदेश देने के लिए डीएम देहरादून की पिंक बूथ पर पहल को महिला वर्ग के बीच काफी अच्छा रिस्पोंस देखा जा रहा है

साइबर अटैक से हिली गई सीएम हेल्पलाइन सहित सरकारी सिस्टम वेबसाइट

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देहरादून उत्तराखंड में साइबर अटैक के चलते सरकारी सिस्टम पूरी तरह बंद रहा वीरवार को हुए साइबर अटैक से उत्तराखंड का सरकारी वेबसाइट से लेकर सीएम हेल्पलाइन सहित पूरा नेटवर्क प्रभावित रहा लोगो को भारी परेशानी देखने को मिली1

सीएम हेल्पलाइन से लेकर जमीनों की रजिस्ट्री का काम भी बंद रहा। देर रात तक सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) में विशेषज्ञों की टीम साइबर हमले से बाहर निकलने का प्रयास कर रही थीं। साइबर हमले की खबर जैसे ही सचिव आईटी नितेश झा, आईटीडीए निदेशक नितिका खंडेलवाल को मिली तो वह पूरी टीम के साथ आईटीडीए पहुंच गए।

नितेश झा, सचिव आईटी ने बताया की यूके स्वान को चला दिया गया है। बाकी को भी विशेषज्ञों की टीम ठीक करने में जुटी है। साइबर हमले के कारणों की भी पड़ताल की जाएगी।

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दीपक रावत निरीक्षण में खुल गई पोल

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गुरूवार को आयुक्त/सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत Deepak Rawat IAS ने सड़क चौडीकरण के साथ ही उद्यान एवं कृषि विभाग द्वारा शहर के सौन्दर्यीकरण के लिए लगाये जा रहे बेलदार पौधों का निरीक्षण किया।

आयुक्त ने सरस मार्केट सड़क चौडीकरण के दौरान अधिशासी अभियंता विद्युत को पोल शिफ्टिंग शीघ्र कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा पोल शिफ्टिंग शीघ्र हो जाने से लोनिवि सडक चौडीकरण के निर्माण का कार्य करेगा।

आयुक्त ने सरस मार्केट, नैनीताल बैंक, मिनी स्टेडियम नगर निगम कार्यालय, जल संस्थान, पेयजल निगम कार्यालय आदि में लगाये जा रहे बेलदार पौधे का निरीक्षण किया और कहा कि बेलदार पौधो से हल्द्वानी का सौन्दर्यीकरण होगा व शहर हरा भरा रहेगा।

उन्होने नैनीताल रोड के आम जनता से अपील की है कि जिन निजी लोगो ने अपनी रोड की तरफ चाहरदीवारी मे बेलदार फूल लगवाने है वे नगर निगम कार्यालय को सूचित करे बेलदार फूल निशुल्क लगाये जायेंगे।

दीपक रावत आयुक्त के नैनीताल रोड पर मुख्य अभियंता कुमाऊं पेयजल निगम के कार्यालय के निरीक्षण के दौरान कार्यालय से 04 कर्मचारी अनुपस्थित पाये गये। जिस पर आयुक्त ने अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन रोकने के साथ ही मुख्य अभियंता पेयजल निगम एस.के विश्वास को सभी कार्मिकां का स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश भी दिये।

कार्यालय में बायोमैट्रिक मशीन खराब होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और शीघ्र बायोमैट्रिक मशीन ठीक करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा जिन कार्यालयों मे बायोमैट्रिक मशीन खराब है पूरी जिम्मेदारी उक्त कार्यालयाध्यक्षों की होगी। इसलिए सभी कार्यालयाध्यक्ष अपने-अपने कार्यालयों की बायोमैट्रिक मशीन ठीक करा लें।

आयुक्त दीपक रावत ने निरीक्षण के दौरान नैनीताल मुख्य मार्ग पर रेहडी वालो द्वारा सड़क अतिक्रमण पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नगर निगम, पुलिस, तहसील एवं राजस्व विभाग के अधिकारी/कर्मचारी नियमित चैकिंग करेंगे तथा जिन रेहडी वालो का नगर निगम में रजिस्ट्रेशन/सत्यापन नही है उनके विरूद्व कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा शहर में कई प्रकार की अप्रिय घटनाये घटित हो रही है इसके लिए सभी का सत्यापन होना आवश्यक है इसके लिए पुलिस विभाग नियमित चैंकिग के साथ ही बाहरी लोगो का सत्यापन करना सुनिश्चित करें।

वेलेजली लॉज कालोनी में निरीक्षण के दौरान लोगो द्वारा आयुक्त को बताया गया कि सीवर लाईन खराब है तथा लोगो के खाली प्लाटो पर घास जम चुकी तथा असामाजिक तत्व आते हैं। आयुक्त ने नगर निगम के अधिकारियों को सीवर लाईन ठीक करने एवं पुलिस महकमे को प्लाट स्वामियों को सूचित कर प्लाटो की सफाई व्यवस्था को दुरूस्त कराने के निर्देश दिये।

निरीक्षण के दौरान नैनीताल पेयजल निगम के निकट नगर निगम के शौचालय बन्द होने पर आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिस एनजीओ द्वारा शौचालय संचालित किया जा रहा है उक्त एनजीओ का टेंडर निरस्त करने के निर्देश दिये। उन्होंने निगम के अधिकारियों को धरातल पर नियमित मानिटरिंग एव चैकिंग करने के निर्देश दिये।

स्थलीय निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर आयुक्त विशाल मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी, उपजिलाधिकारी पारितोष वर्मा, सचिव प्राधिकरण विजय नाथ शुक्ल, अधिशासी अभियंता लोनिवि अशोक चौधरी, उद्यान प्रभारी अजुर्न सिंह परवाल आदि विभागो के अधिकारी उपस्थित थे।

Dhami Government started two Medical Colleges in 3 years

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Dhami government started two medical colleges in 3 years

After Almora, now Haridwar Medical College also started

200 MBBS seats increased in first year at both places

Dehradun: During the three-year tenure of Uttarakhand’s Chief Minister Pushkar Singh Dhami, 2 new medical colleges have been started in Uttarakhand. Almora Medical College has started in 2022 during the tenure of Dhami government, and now Haridwar Medical College is also going to start from this session. With the addition of a total of 200 new seats in both places, the number of medical seats in MBBS first year in Uttarakhand has increased to 625.

Before the Pushkar Singh Dhami government took charge, only Srinagar, Dehradun and Haldwani Medical Colleges were operating in the state. However, by then work had also started on Almora Medical College and Haridwar Medical College. Immediately after taking charge, with the resolve to improve health services in the state as well as increase the number of MBBS seats, Chief Minister Pushkar Singh Dhami gave instructions to start these 2 medical colleges on priority. After which the construction work of both the medical colleges was completed on a war footing. Out of which, medical studies have started here from 2022 itself after the construction of Almora Medical College was completed first. Now in this sequence, with the completion of the construction work of Haridwar Medical College, the way for admission to 100 MBBS seats here has also been cleared from this academic session.
Opportunity for meritorious students
The central government has approved 100 seats for Haridwar Medical College for the current academic session 2024-25. Counseling is now being started for this. With this, more children of the state will get a chance to do MBBS, for this they have to pay government fees only.

Government Medical Colleges and Seats in Uttarakhand
Dehradun – 150
Haldwani -125
Srinagar – 150
Almora – 100

Haridwar -100

Total 625

“While our government is expanding quality health services through the establishment of new medical colleges, it will also give meritorious students an opportunity to study medicine in their own state at affordable rates. Counseling for the first batch for Haridwar Medical College will start soon. Efforts are being made to get the necessary recognition by completing the construction of Pithoragarh and Rudrapur Medical Colleges soon.”

Pushkar Singh Dhami Chief Minister, Uttarakhand