Friday, March 6, 2026
spot_imgspot_imgspot_img
Home Blog Page 173

India Water Tower Uttarakhand Says Cm Pushkar Singh Dhami देश का वाटर टावर है उत्तराखंड धामी

0
India Water Tower Uttarakhand Says Cm Pushkar Singh Dhami

देहरादून में नीति आयोग द्वारा आयोजित कार्यशाला में प्रदेश के जल संरक्षण प्रयासों पर विचार-विमर्श करना उत्तराखंड के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। ‘देश के वाटर टॉवर’ के रूप में पहचाने जाने वाले उत्तराखंड में जल संसाधनों का संरक्षण और पुनरुद्धार करना न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के लिए एक अनिवार्य कार्य बन चुका है।

स्प्रिंगशेड एंड रिवर रिजुवेनेशन एजेंसी (SARA) का गठन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे जल स्रोतों का संरक्षण और पुनरुद्धार किया जा रहा है। 5500 जमीनी जल स्रोतों और 2292 सहायक नदियों का चिन्हांकन करके उनका संरक्षण कार्य करना प्रदेश में जल प्रबंधन की दिशा में एक ठोस पहल है। इससे न केवल जल स्तर को बनाए रखा जा सकेगा, बल्कि स्थानीय जलवायु परिस्थितियों को भी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए इस कार्यशाला में जो विचार और समाधान सामने आएंगे, वे न केवल हिमालयी क्षेत्र में जल संरक्षण को बढ़ावा देंगे, बल्कि पूरे क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन को भी बनाए रखने में मदद करेंगे। सरकार का यह प्रयास इकोलॉजी और इकोनॉमी के बीच संतुलन बनाने की दिशा में सही कदम साबित हो सकता है, और प्रदेश के समग्र विकास में भी अहम योगदान देगा।

उत्तराखंड के लिए यह कार्यशाला एक सुनहरा अवसर है, जिसमें जलवायु अनुकूलन रणनीतियों पर मंथन किया जाएगा, जिससे आने वाले समय में जल संरक्षण के प्रयासों को नई दिशा और गति मिलेगी।

PM Modi Uttarkashi Visit: प्रधानमंत्री करेंगे विश्व के दूसरे सबसे ऊंचे ट्रेक जनकताल का शिलान्यास

0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड के मुखबा और हर्षिल घाटी में प्रस्तावित दौरा राज्य के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। खासकर शीतकालीन यात्रा के माध्यम से उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, और साथ ही इस क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।

जनकताल और मुलिंगना पास जैसे ट्रेकों का शिलान्यास इस क्षेत्र में साहसिक पर्यटन को नया आयाम देने का काम करेगा। इन ट्रेकों की शुरुआत से न केवल पर्यटकों का आकर्षण बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय लोगों को भी रोजगार और आर्थिक अवसर मिलेंगे। इन दोनों ट्रेकों के बनने से 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद बंद हुई घाटियों में फिर से जीवन आएगा, और पर्यटकों को इन क्षेत्रों का अनूठा प्राकृतिक सौंदर्य देखने को मिलेगा।

साथ ही, नेलांग और जादूंग घाटियों को लद्दाख की तर्ज पर विकसित करने की योजना से यह क्षेत्र और भी आकर्षक बनेगा। इसके अतिरिक्त, होम स्टे जैसी योजनाएं स्थानीय लोगों के लिए स्थिर रोजगार के अवसर भी उत्पन्न करेंगी।

प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा उत्तराखंड के पर्यटन को एक नई दिशा देने के साथ-साथ प्रदेश के विकास में भी अहम योगदान देने वाला होगा।

2027 की रणभूमि में सियासत की वैतरणी बनेगे दायित्वधारी

0

देहरादून उत्तराखंड में दायित्वधारी बनने को सरकार का इंतज़ार कर रहे कई बीजेपी नेता अपने अपने राजनैतिकआकाओं से पुष्कर सरकार से पद दिए जाने का दवाब बना रहे है कुछ ऐसे भी जो संघठन से अब सरकार में पद लेकर 2027 की नांव पर सियासत की वैतरणी पार करना चाह रहे है फैसला उत्तराखंड के मुखिया पुष्कर सिंह धामी को करना है

पूर्व की सरकारों में बिना विजन के कई ऐसे नेता बनाये गए जिनका राजनैतिक विजन जीरो था लेकिन पुष्कर सरकार धरातल पर जनता के बीच पहचान रखने वाले नेताओ को सरकार में दायित्वधारी बनाएगी निकाय चुनावो में हार का समाना करने वाले नेता सरकार में पद पर नज़र नहीं आ सकते है ऐसी चर्चा राजनैतिक बीजेपी गलियारों में एक वर्ग कर रहा है

संघटन में काम कर रहे एक नेता ने जानकारी देते हुए बताया कुछ नेता सरकार में पद दिए जाने को लेकर लम्बे समय से इंतज़ार कर रहे है उनका सपना पुष्कर सरकार में पूरा होगा ऐसी उम्मीद बीजेपी नेता कर रहे है आपको बता दे धामी सरकार ने अभी तक दायित्व नहीं बाटे है जिसको लेकर कई बार बीजेपी संघठन से लेकर दिल्ली दरबार में चर्चा होती रही है फैसला उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लेना है

चार धाम यात्रा के लिहाज से बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का कार्यकाल पूरा हो चूका है इस पद पर अजयेन्द्र अजय रहे अब नया पद किसको मिलेगा इसकी चर्चा है लेकिन केदारनाथ उपचुनाव में गढ़वाल मंडल में काफी विरोध नज़र आया था ऐसे में इस पद पर नया नाम आ सकता है वैसे अज्येंद्र अजय भी अपनी वापिसी की कोशिश में लगे है

राज्य में बाल संरक्षण आयोग का पद भी कार्यकाल पूरा होने से खाली पड़ा है इस पद को भरा जाना है उत्तराखंड में अल्प संख्यक आयोग, वन विकास निगम, महिला आयोग जैसे पदों पर जल्द ताजपोशी होने जा रही है राज्य सरकार ने इस पदों पर आने वाले बीजेपी नेताओं से महिला वर्ग को लाने का मन बना लिया है कभी भी राज्य में इन पदों पर ताजपोशी हो सकती है 2027 से पहले उत्तराखंड में मंत्रियो के खाली पड़े पदों पर ताजपोशी को लेकर भी चर्चा है लेकिन बीजेपी का एक वर्ग सिमित मंत्री मंडल वाले फार्मूला पर उत्तराखंड सरकार को काम करने देने की पैरवी कर रहा है

इन पदों पर जल्द होगी ताजपोशी
बाल संरक्षण आयोग, अल्प संख्यक आयोग, वन विकास निगम, महिला आयोग, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति समेत कई अन्य सरकारी संस्थाओं समेत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सदस्यों के पद खाली हैं।
प्रदेश में सरकारी दायित्व बांटे जाने का लंबे समय से इंतजार हो रहा है। बाल संरक्षण आयोग, अल्प संख्यक आयोग, वन विकास निगम, महिला आयोग, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति समेत कई अन्य सरकारी संस्थाओं समेत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सदस्यों के पद खाली हैं।

दिल्ली का मुख्यमंत्री तय विधायक करेंगे प्रस्ताव ये नेता हुए बहार

0
दिल्ली का मुख्यमंत्री तय विधायक करेंगे प्रस्ताव ये नेता हुए बहार

दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत के बाद मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के चयन को लेकर अब आखिरी चरण की तैयारी चल रही है। बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने इस मामले में पूरी तरह से होमवर्क कर लिया है और अब केवल अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है। पार्टी के पर्यवेक्षक दिल्ली में विधायकों के साथ बैठक करेंगे, जहां एक लाइन के प्रस्ताव के आधार पर नए विधानमंडल दल का नेता चुना जाएगा। शपथ ग्रहण समारोह 19 या 20 फरवरी को आयोजित हो सकता है।

दिल्ली विधानसभा में बीजेपी ने 48 सीटें जीतकर बहुमत से अधिक सीटें हासिल की हैं, जिससे पार्टी को दिल्ली में विकास को गति देने का अच्छा मौका मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो हाल ही में विदेश यात्रा से लौटे हैं, और गृहमंत्री अमित शाह ने इस मामले पर विचार विमर्श किया है और मुख्यमंत्री के चयन को लेकर अंतिम निर्णय लिया है।

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में एक मुख्यमंत्री और छह मंत्री होंगे। अब तक जिन नामों को मीडिया में चर्चा मिल चुकी थी, वे इस रेस से बाहर हो चुके हैं, और अब पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के द्वारा चुने गए एक नए चेहरे के लिए प्रस्ताव किया जाएगा।

स्मार्ट मीटर पुष्कर सरकार घर से करेगी श्री गणेश

0
स्मार्ट मीटर पुष्कर सरकार घर से करेगी श्री गणेश

उत्तराखंड में बिजली चोरी एक बड़ा मुद्दा बन चुका है, खासकर उधम सिंह नगर में जहां कई रसूखदार लोग चोरी से बिजली का इस्तेमाल करते हैं, विशेषकर एसी चलाने के लिए। इसके कारण सरकार को हर साल करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। विभाग ने इन मामलों में कार्रवाई की कोशिश की है, लेकिन पूरी बकाया राशि सरकार को नहीं मिल पा रही। ऊर्जा विभाग को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराना भी चुनौतीपूर्ण बन गया है, खासकर गर्मियों में जब एसी की अधिक खपत होती है।

इसी संदर्भ में, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक अहम कदम उठाया है। उन्होंने राज्य में स्मार्ट मीटर लगाने की योजना शुरू कर दी है और इसका शुरुआत खुद मंत्री, विधायक और अधिकारियों के घरों से हो रही है। अब तक 24,000 उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। विपक्ष इसका विरोध कर रहा है, लेकिन सरकार इस कदम को लागू करने में पूरी तरह से संजीदा है। मुख्यमंत्री धामी के इस फैसले से बिजली चोरी पर नियंत्रण पाना और राजस्व की स्थिति को सुधारना सरकार के लिए प्राथमिकता बन गया है।

स्मार्ट मीटर का उद्देश्य उपभोक्ताओं के बिलों की सही माप और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है, जिससे बिजली चोरी पर रोक लगाई जा सके और विभाग की राजस्व की स्थिति बेहतर हो।

38वें नेशनल गेम्स के प्रदेश के सभी पदक /मेडल विजेता होंगे महाभोज में शामिल

0

जल्द डाइनिंग टेबल पर होगी चैंपियंस मीट

खेल मंत्री रेखा आर्या के निर्देश पर खेल विभाग करेगा विशेष आयोजन

प्रदेश के सात जिलों और 12 शहरों में अलग-अलग इवेंट्स में चैंपियन बने उत्तराखंड के 103 सितारे जल्द ही एक महा भोज में एकजुट होंगे। खेल मंत्री रेखा आर्या के निर्देश पर खेल विभाग यह आयोजन करने जा रहा है। इसके अलावा अधिकारियों को पदक विजेताओं को मिलने वाली नगद धनराशि व अन्य सरकारी घोषणाओं को भी जल्द से जल्द अमली जामा पहनाने के निर्देश दिए गए हैं।

राष्ट्रीय खेलों का आयोजन विकेंद्रित रूप में कुल 12 स्थान पर किया गया था। इन खेलों में औपचारिक रूप से कोई खेल गांव नहीं बनाया गया था यही वजह है कि अलग-अलग इवेंट में चैंपियन बने युवा अभी आपस में भी एक दूजे से परिचित नहीं हुए हैं। खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि जल्द ही सभी पदक विजेताओं के सम्मान में एक विशेष भोज खेल विभाग द्वारा आयोजित किया जाएगा।

इस दौरान विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया जाएगा। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सरकार ने पदक विजेताओं के लिए जो भी घोषणाएं की थी उनके क्रियान्वयन में बिल्कुल देरी नहीं की जाएगी। खेल मंत्री ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों को खिलाड़ियों को मिलने वाली नगद इनाम राशि और गोल्ड मेडल विजेताओं को आउट ऑफ़ टर्न सरकारी नौकरी देने की जो घोषणा की थी, उन पर अमल करने की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी कर ली जाए।

सफल आयोजन पर किया टपकेश्वर महादेव और मां गंगा का पूजन

0

खेल मंत्री रेखा आर्य ने मांगी थी खेलों से पहले मनौती, दिया था पहला निमंत्रण

38 में राष्ट्रीय खेलों की सफल और भव्य आयोजन के बाद खेल मंत्री रेखा आर्या ने शनिवार को टपकेश्वर महादेव और हर की पौड़ी पहुंचकर पूजा अर्चना की। उन्होंने खिलाड़ियों की सफलता के लिए खेल शुरू होने से पहले दोनों धार्मिक स्थलों पर पूजा करके मनौती मांगी थी।

शनिवार सुबह सबसे पहले खेल मंत्री रेखा आर्या टपकेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। वहां उन्होंने जलाभिषेक और आरती की। पूजा के बाद खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उन्होंने आयोजन से पहले टपकेश्वर महादेव को पहला निमंत्रण पत्र अर्पित करते हुए भोले का आशीर्वाद मांगा था। खेल मंत्री ने कहा कि उन्होंने ईश्वर से जितना मांगा था उससे कहीं बढ़कर आशीर्वाद मिला और हमारे खिलाड़ी इन खेलों में इतिहास बनाने में कामयाब रहे।

शाम के समय खेल मंत्री रेखा आर्या हरिद्वार हर की पौड़ी पहुंची और गंगा आरती में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि मां गंगा ने राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन की चुनौती रूपी भवसागर से देवभूमि की नैया को पार लगाया है। उन्होंने कहा मां गंगा के आशीर्वाद से ही सब कुछ निर्विघ्न और सफल रूप से संपन्न हो सका।

ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण परिक्षेत्र के स्थाई विकास पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पैनी नजर

0

डीएम चमोली से गैरसैंण विकास कार्यो की समय समय पर कर रहे समीक्षा।
जनभावनाओं के अनुरूप गैरसैंण का ढांचागत विकास पर सीएम का जोर।

विकास कार्यो को गति प्रदान करने हेतु गैरसैंण में रिक्त उप जिलाधिकारी के पद पर की नवीन तैनाती,
ग्रीष्मकालीन राजधानी परिक्षेत्र का स्थाई विकास करना मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की प्राथमिकता में शामिल है। विगत नवंबर माह में मुख्यमंत्री ने गैरसैंण का दौरा करते हुए जिलाधिकारी चमोली सहित जनपद के तमाम विभागीय अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक करते हुए राजधानी परिक्षेत्र के ढांचागत विकास पर जोर दिया था और जनभावनाओं के अनुरूप गैरसैंण का स्थाई विकास कर पहाड़ों से हो रहे पलायन को रोकने और बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने सारकोट गांव को गोद लेकर एक आदर्श ग्राम बनाने की घोषणा भी की थी। जिसके बाद राजधानी परिक्षेत्र में तेजी से विकास कार्य होने लगे है। ग्रीष्मकालीन राजधानी के विकास को लेकर मुख्यमंत्री गंभीर है और चमोली के जिलाधिकारी के साथ विकास कार्यो की नियमित समीक्षा भी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने सभी विभागों की योजनाओं को एकीकृत करते हुए राजधानी परिक्षेत्र में विकास कार्यो को रफ्तार देने में जुटे है। मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट के विकास के लिए योजनाबद्ध तरीक़े से काम चल रहा है। कृषि और उद्यान विभाग के माध्यम से गांव में पालिहाउस लगाकर यूरोपियन वेजिटेबल उत्पादन को बढावा दिया जा रहा है। गांव में मशरूम हार्वेस्टिंग के लिए मशरूम टनल लगाना की भी योजना है। गांव में मशाला चक्की लगाने के साथ डेयरी पर काम शुरू किया गया है। स्वास्थ्य जांच के लिए गांव में नियमित शिविर लगाए जा रहे है। सारकोट गांव में उरेडा के माध्यम से 10 सोलर लाइट लगाकर गांव को रोशन किया गया है। गांव में ही रोजगार मिलने से ग्रामीणों में उत्साह है।

मुख्यमंत्री के निर्देशों पर मशरूम उत्पादन के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर गैरसैंण ब्लाक के आदिबद्री, खेती, मालसी और थापली गांव का चयन करते हुए यहां पर किसानों को शतप्रतिशत अनुदान देकर मशरूम टनल बनाई गई और किसानों मशरुम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया। जिससे किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ हो रही है। मशरूम उत्पादन में अच्छा मुनाफा पाकर राजधानी क्षेत्र के अन्य गांवों से भी किसान लगातार मशरूम हार्वेस्टिंग की डिमांड कर रहे है। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर पूरे राजधानी क्षेत्र को मशरूम वैली के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने राजधानी देहरादून में संचालित विद्यालयों की तर्ज पर ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में विद्यालयों को आदर्श विद्यालय बनाने हेतु दिए गए निर्देशों के अनुपालन में पहले चरण में राजकीय इंटर कॉलेज भराडीसैंण को मॉडर्न विद्यालय बनाने का काम तेजी से चल रहा है। राजधानी के राइका भराडीसैंण को मार्डन स्कूल बनाने के लिए सभी संसाधन जुटाए जा रहे है। कार्यदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग इस काम को अंजाम देने में जुटा है। आने वाले कुछ समय में आदर्श शिक्षा के लिए यह विद्यालय पूरी तरह से हाइटेक नजर आएगा।

गैरसैंण नगर क्षेत्र में जाम की समस्या को दूर करने के लिए यहां पर मल्टी स्टोरी पार्किंग निर्माण हेतु कार्यदायी संस्था यूपीआरएनएन के माध्यम से आगणन तैयार कर शासन को भेजा जा चुका है।

मुख्यमंत्री के निर्देशों पर सिंचाई विभाग के माध्यम से गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में मां भराड़ी देवी का भव्य मंदिर बनाया जाएगा। सिंचाई विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसके लिए स्थानीय जनता एवं हितधारक तीर्थ पुरोहितों के सुझाव भी लिए जा रहे है।

मुख्यमंत्री के निर्देशों पर गैरसैंण के स्थाई विकास के लिए रिक्त एसडीएम पद पर भी अधिकारी की तैनाती कर दी गई है। गैरसैंण को जल्द ही उप जिलाधिकारी मिलने से यहां विकास कार्यो और तेजी आएगी।

ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के सर्वांगीण विकास को लेकर सीएम धामी संकल्पबद्ध है और जिलाधिकारी चमोली से लगातार फालोअप ले रहे है।

स्मार्ट मीटर से खत्म होंगी बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतें

0
Electric power box meter for home use

प्रमुख सचिव ऊर्जा डॉ आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा है कि, स्मार्ट मीटर लगने से बिजली उपभोक्ताओं की रीडिंग या बिलिंग संबंधित शिकायतों में अप्रत्याशित तरीके से कमी आएगी। साथ ही वर्तमान में स्मार्ट मीटर बिना शुल्क के बदले जाएंगे।

शनिवार को मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि स्मार्ट मीटर अत्याधुनिक बिजली मीटर है जिसका कन्ट्रोल उपभोक्ता के हाथ में रहता है। इससे आपको पल पल बिजली उपयोग की जानकारी, सभी जरूरी सूचनाएं, बिजली उपयोग की तुलना, भुगतान के कई विकल्प मिल जाते हैं। उन्होंने बताया कि यह एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जो भारत सरकार के सहयोग से भी सभी राज्यों में चलाया जा रहा है। प्रमुख सचिव ऊर्जा ने कहा कि अभी यूपीसीएल के उपभोक्ता शिकायत निवारण केंद्र के साथ ही सीएम हेल्पलाइन और विभागीय शिविरों में सबसे अधिक शिकायतों बिलिंग और रीडिंग को लेकर आती हैं।

अब स्मार्ट मीटर लगने के बाद मीटर रीडिंग में मानवीय हस्तक्षेप समाप्त हो जाएगा, इससे बिलिंग सम्बन्धी शिकायतों में अप्रत्याशित कमी आएगी। उपभोक्ता को खपत का विवरण मोबाइल एप पर उपलब्ध, होगा जिससे वो अपनी बिजली खपत को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकेंगे। साथ ही विद्युत फाल्ट व सप्लाई बाधित होने की सूचना भी तुरंत विभाग तक पहुंच जाएगी। उन्होंने बताया कि रूफ टॉप सोलर लगाने पर यही मीटर नेट मीटर की तरह कार्य करेगा।

मीटर बदलने पर कोई शुल्क नही

प्रमुख सचिव ऊर्जा ने बताया कि पुराने मीटर को स्मार्ट मीटर से बदलने पर कोई इंस्टॉलेशन शुल्क नहीं लिया जायेगा। वर्तमान में भारत सरकार के निर्देश पर पोस्ट पेड मीटर ही लगाए जा रहे हैं। फिर भी कोई उपभोक्ता स्वैच्छा से प्री पेड मीटर की सेवाएं लेना चाहता हैं तो उन्हें घरेलू कनेक्शन पर वर्तमान में लागू विद्युत दरों पर 4 प्रतिशत तथा अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को 3 प्रतिशत की छूट मिलेगी। उन्होंने बताया की मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभाग मंत्रिगणों, विधायकों और अधिकारियों के आवासों पर स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान शुरु करेगा। घर बैठे मीटर को मोबाइल ऍप या ऑनलाइन रिचार्ज करने पर बिजली बिल पर लगने वाले ब्याज या लेट फीस से छुटकारा। प्रमुख सचिव ऊर्जा ने कहा कि छुट्टियों के दिनों में या रात में बैलेंस खत्म होने के बाद भी बिना रूकावट बिजली की उपलब्धता बनी रहेगी। उन्होने बताया कि योजना के तहत जून 2026 तक 15.88 लाख उपभोक्ताओं सहित 59212 ट्रासंफार्मर और 2602 फीडर के मीटर बदले जाने हैं।

शानदार खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल खेल प्रतिभा निखारने में हो – मुख्यमंत्री

0

मुख्यमंत्री ने 39वें राष्ट्रीय खेलों के लिए अभी से तैयारी शुरू करने को कहा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने, 38वें राष्ट्रीय खेलों में राज्य के खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर बधाई देते हुए कहा है कि, अब हमें 39वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारी में जुटना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में, राष्ट्रीय खेलों के लिए तैयार किए गए खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के भी दीर्घ कालिक इस्तेमाल की योजना बनाई जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि, 38वें राष्ट्रीय खेल उत्तराखंड को आयोजन के साथ ही खेल प्रदर्शन को लेकर शानदार यादें देकर गया है। उत्तराखंड की मेजबानी को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है, उत्तराखंड ने इस आयोजन के जरिए लंबी लकीर खींचने का काम किया है। इसी तरह उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने भी अपने शानदार प्रदर्शन से, इस आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हमें मेघालय में प्रस्तावित 39वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारी में जुटना होगा, इसके लिए खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों से लेकर विभाग को तक प्रयास करने होंगे। सरकार इस काम में पूरा सहयोग देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के जरिए उत्तराखंड के विभिन्न शहरों में शानदार खेल इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध हो गया है। इसका इस्तेमाल खेल प्रतिभाओं को निखारने में किया जाएगा। सरकार खेल सुविधाओं के दीर्घकालिक इस्तेमाल के लिए योजना बनाएगी।