उत्तराखंड की बर्फबारी से पहाड़ों का दृश्य सचमुच अद्भुत था। खासकर हर्षिल, यमुनाघाटी, औली और धनोल्टी की सुंदर वादियां बर्फ से ढकी हुई थीं, जो जैसे चांदी की चमक रही थीं। बर्फबारी ने ऊंचाई वाली चोटियों को भी बर्फ से पूरी तरह ढक दिया, जिससे पर्यटन क्षेत्र में भी एक नया उत्साह देखने को मिला। औली में एक फीट और बदरीनाथ में दो फीट ताजे हिमपात ने क्षेत्र की खूबसूरती को और बढ़ा दिया।
गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी बर्फबारी हुई, जिससे क्षेत्र में ठंड काफी बढ़ गई और लोग सर्दी से बचने के लिए घरों में ही रहे। हालांकि, बर्फबारी के कारण यातायात पर असर पड़ा, जैसे कि औली सड़क पर वाहनों की आवाजाही रुकी रही, लेकिन पर्यटकों ने इसका पूरा आनंद लिया। इसके साथ ही, पर्यटन व्यवसायियों के चेहरों पर भी खुशी छाई हुई है क्योंकि बर्फबारी से पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
बर्फबारी का मौसम जबरदस्त अनुभव देने वाला होता है, लेकिन यह स्थानीय जीवन के लिए चुनौतियां भी ला सकता है, जैसे सड़क खोलने के काम और तापमान में गिरावट। फिर भी, उत्तराखंड की बर्फीली वादियां पर्यटकों के लिए एक स्वर्ग से कम नहीं हैं।
सीएम धामी की ‘संकल्प’ अंतिम छोर तक व्यक्ति को मिले योजना की लाभ को सार्थक कर रहा है जिला प्रशासन देहरादून।
प्रत्येक जरूरतमंद को सरकार की योजना से लाभान्वित करना जिला प्रशासन का नैतिक दायित्वः डीएम
आधुनिक तकनीक से सुविधायुक्त बनता, राज्य का पहला आधुनिक इन्टेंसिव केयर शेल्टर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के युवा विकसित उत्तराखंड केे संकल्प को सवारने में जिलाधिकारी सविन बंसल हर क्षेत्र पर तेजी से कार्य कर, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को माइक्रोप्लान के तहत धरातल पर उतार कर, अंतिम छोर तक के व्यक्ति को लाभान्वित कर रहे हैं। इसी कड़ी में साधुराम इंटर कॉलेज में भिक्षावृत्ति से मुक्त किए गए बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए मॉडल इन्टेसिव केयर शैल्टर को विकसित करने हेतु युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है, जिसमें बच्चों के शैक्षणिक एवं कौशल विकास को विकसित करने हेतु स्वंयसेवी, विशेषज्ञों द्वारा बच्चों के सर्वागीण विकास में योगदान दिया जा रहा है।
इन्टेसिंव केयर शैल्टर में जहां बच्चों के लिए पठन-पाठन हेतु कक्षा कक्ष को विकसित किया गया, वहीं एक कदम आगे उक्त परिसर में कम्प्यूटर उपकरण स्थापित किया गया साथ ही एक अन्य कक्ष में संगीत उपकरण को संजोया गया है। उक्त आधुनिक इन्टेंसिव केयर शैल्टर का उद्देश्य इन बच्चों को शैक्षिक विकास हेतु रूचि उत्पन्न करने हेतु आदर्श वातावरण तैयार कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने कार्य को बढावा दिया जा रहा है।
साधुराम इन्टर कालेज में बनाए गए राज्य के पहले आधुनिक इन्टेसिंव केयर शैल्टर में बच्चों की शिक्षा के साथ ही कम्प्यूटर ज्ञान एवं संगीत के माध्यम से बच्चों को मुख्यधारा से जाड़ने के लिए कम्प्यूअर रूम, म्यूजिक रूम तैयार कर लिया गया है। अब भिक्षावृत्ति से रेस्क्यू किए गए बच्चे तकनीकि ज्ञान के साथ संगीत शिक्षा भी प्राप्त करेंगे।
आधुनिक इन्टेंसिव केयर शेल्टर में प्रतिदिन 25-30 बच्चे कक्षाओं में पढाई कर हैं, अपने भावी भविष्य को संवारने का कार्य कर रहे हैं। शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों में रेस्क्यू किये बच्चों सहित संस्थानों एवं घरों से भी बच्चे आ रहे हैं। इस मुहिम से जहां बच्चों में शिक्षा के प्रतिरूचि बढ रही है वहीं संगीत, चित्रकला, कम्प्यूटर ज्ञान, खेल के माध्मय से बच्चों को मुख्यधारा में जोड़ा जा रहा है। आधुनिक केयर शेल्टर में निजी स्कूल/संस्थान की भांति सुविधाएं विकसित की गई हैं।
सीएम पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को पंतनगर पहुंचे। सीएम धामी का पंतनगर हवाई अड्डे पर भाजपा कार्यकर्ताओं समेत जिले के अधिकारियों ने जोरदार स्वागत किया। सीएम धामी 17वें कृषि विज्ञान सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए है।
कृषि विज्ञान सम्मेलन ने सीएम ने स्टालों को देखा और विवि के पशु विज्ञान महाविद्यालय की ओर से तैयार मडुआ की बर्फी और लस्सी का आनंद लिया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पंतनगर विवि का गौरवशाली इतिहास रहा है। कृषि प्रदर्शनी के स्टालों से किसानों को उपज उत्पादन को लेकर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन मिलता है। पीएम मोदी की अगुवाई में देश के किसानों को समृद्ध बनाने का प्रयास किया जा रहा है। आम बजट में किसानों के लिए प्रावधान किए गए है। भारत सरकार की थीम गरीब, युवा, अन्नदाता को आत्मसात करते हुए प्रदेश के बजट में प्रावधान किए गए हैं।
प्रदेश में किसानों को तीन लाख तक बिना ब्याज ऋण दिए जा रहे हैं। बेतालघाट सहित अन्य जगहों पर चाय बागान को जैविक चाय बागान के रूप परिवर्तित किया जा रहा है। 6 अरोमा वैली विकसित की जा रही है। कहा कि ये सम्मेलन पूरे देश में कृषि में वैज्ञानिक दृष्टिकोण समृद्ध करने में सहायक सिद्ध होगा।बेमौसमी खेती पर पाबंदी लगाई गई है।
इस प्रकार से नवाचार से लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।कहा कि देश से सीमांत के गांव को पहले गांव की संज्ञा देते हुए विकास कार्यों की योजनाओं को बनाया जा रहा है। 27 जनवरी को यूसीसी लागू करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य बना है।
लिव इन रिलेशनशिप में रहने वालों की जानकारी परिजनों और प्रशासन को होगी। लिव इन रिलेशनशिप हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं है। लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों पर भरोसा करते है और सुरक्षा के लिहाज से लागू किया गया है।
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने उत्तराखंड बजट 2025 को प्रदेश के समग्र विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश के गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण के साथ-साथ आर्थिक समृद्धि और सामाजिक न्याय का सशक्त दस्तावेज है।
डॉ. निशंक ने कहा कि उत्तराखंड के सतत विकास के लिए यह बजट कृषि, उद्योग, ऊर्जा, अवसंरचना, पर्यटन और आयुष जैसे क्षेत्रों को मजबूत आधार देगा। यह ‘डबल इंजन’ सरकार के संकल्प और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व का प्रमाण है, जो देवभूमि को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, “हमारी संस्कृति, धरोहर और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और संवर्धन करते हुए, हमें राज्य को पर्यटन, उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में अग्रणी बनाना है। यह बजट न केवल आर्थिक प्रगति को गति देगा, बल्कि समाज के वंचित वर्गों को नए अवसर, संसाधन और नीतिगत सहयोग प्रदान करेगा।”
डॉ. निशंक ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी, वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल और उनकी पूरी टीम को इस दूरदर्शी बजट के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस बजट से उत्तराखंड के हर नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा और ‘विकसित उत्तराखंड’ का सपना साकार होगा।
इस बजट से उत्तराखंड के चौमुखी विकास को लगेगा पंख:डा.नरेश बंसल
भाजपा राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष व सासंद राज्यसभा डा.नरेश बंसल ने प्रथम बार एक लाख करोड़ से अधिक के आय व्ययक बजट पर हर्ष व्यक्त किया है व इसे आत्मनिर्भर उत्तराखंड के देश के अग्रणी राज्य बनने का रोडमैप बताया।
डा. नरेश बंसल ने कहा कि आदरणीय प्रधानसेवक नरेंद्र भाई मोदी के मार्गदर्शन व यशस्वी युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व मे उत्तराखंड मे नित नए विकास के काम हो रहे है।भाजपा जो जनता से वादा करती है उसे पूरा करती है व विकास करती है।
डा. नरेश बंसल ने कहा कि उत्तराखंड का यह बजट राज्य के चौमुखी विकास का बजट है,GYAN – गरीब, युवा,किसान और महिलाओ को समर्पित इस बजट मे कृषि,उद्योग,उर्जा,पर्यटन,आयुष,अवसंरचना व संयोजकता पर फोकस किया गया है। यह राज्य को देश के अग्रणी राज्यो मे शामिल करने मे मिल का पत्थर साबित होगा।
राज्य के विकास के लिए इसमे बहुत से प्रावधान किए गए है जैसे सड़क व पुलो के लिए जिसमे 37 नए पुल,लगभग 4000 किमी सड़क जिसमे नवीन सड़के,उनका रखरखाव व सुरक्षा इंतजाम के लिए बजट दिया गया है।जल जीवन मिशन व नगरीय जल व्यवस्था को बेहतर बनाने को लगभग 2000करोड का बजट है।
जमरानी,सोंग व लखवाड प्रयोजनार्थ लगभग 1000करोड का बजट आवंटन है।स्टार्टअप्स,ग्रामीण रोजगार,जलवायु परिवर्तन की रोकथाम,महिलाओ के लिए नन्दा गौरी,मातृत्व वंदन,वात्सल्य योजना आदी के लिए लगभग 500 करोड़ का बजट दिया गया है।अवस्थापना निर्माण के अंतर्गत पूंजीगत परिव्यय में ₹14763.13 करोड़,जलवायु परिवर्तन शमन हेतु-₹60 करोड़,खेल महाकुम्भ के आयोजन हेतुः ₹15.00 करोड़,मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना हेतु: ₹10.00 करोड़,मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना हेतुः ₹60.00 करोड़,मेगा प्रोजेक्ट के लिए-600करोड का बजटीय प्रावधान है।
डा. नरेश बंसल ने कहा कि कुल मिलाकर हर वर्ग, हर सेक्टर पर फोकस कर उसमे बजट दिया गया है जिससे जनता को मूलभूत सुविधाए मिले साथ ही राज्य मे उद्योग बढ़ेगा,ढांचागत सुधार होगा, नवाचार को बढ़ावा मिलेगा व बड़े स्तर पर रोजगार सृजन होगा व राज्य की आर्थिकी को नव उर्जा मिलेगी एवं प्रती व्यक्ती आय भी बढ़ेगी। यह सरकार की हर क्षेत्र,हर वर्ग के विकास के प्रती विकास की सोच को दर्शाता है जो भाजपा-एनडीए सरकार का मूलमंत्र है।
डा. नरेश बंसल ने एक सधे हुए विकासशील,समावेशी,सबका साथ सबका विकास सबका प्रयास व सबका विकास वाले जनहित के बजट 2025-26 के लिए वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, मुख्यमंत्री माननीय पुष्कर सिंह धामी व समस्त कैबिनेट को बधाई दी है व प्रदेश की जनता को शुभकामनाए देते हुए कहा कि निश्चित रूप से इस बजट से राज्य का चौमुखी विकास होगा जिससे प्रदेश की जनता को सर्वाधिक लाभ मिलेगा।
उत्तराखंड में पहली बार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का आय व्ययक प्रस्तुत किया गया है। अवस्थापना निर्माण के अंतर्गत पूंजीगत परिव्यय में ₹14763.13 करोड़ का प्रवधान किया गया है, ये अब तक सर्वाधिक है। उत्तराखंड में स्टार्टअप वेंचर फंड के लिए बजट का प्रावधान किया गया है।
बजट में महिला, युवा, व्यापारी, नौकरीपेशा, एससी एसटी हर किसी का ध्यान रखा गया है। कुल मिलाकर यह संतुलित और समग्र दृष्टिकोण वाला बजट है। वित्त मंत्री ने जिस तरह नमो थीम पर पूरा बजट तैयार किया वह सराहनीय है। इस बजट से प्रदेश में गतिमान विकास योजनाओं को गति मिलेगी और साथ ही नये विकास कार्य भी होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश लगातार विकास की ओर अग्रसर है और यह बजट इसमें सहायक साबित होगा।
खेल मंत्री ने की विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी से विधानसभा परिसर में मुलाकात की। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को विधानसभा के डिजिटलाइज होने की उपलब्धि पर शुभकामनाएं दी। विधानसभा अध्यक्ष ने खेल मंत्री को 38वें राष्ट्रीय खेल के सफल और भव्य आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि इससे उत्तराखंड का नाम पूरी दुनिया में रोशन हुआ है।
प्रदेश के कृषि एवं ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने उत्तराखंड सरकार के बजट को गरीबों, युवाओं, किसानों (अन्नदाताओं) और नारीशक्ति के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश के सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा और राज्य को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा। उन्होंने बताया कि इस बार के बजट में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 13 फीसदी की वृद्धि की गई है, जिससे प्रदेश के विकास कार्यों को और अधिक मजबूती मिलेगी। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि कृषि क्षेत्र के विकास तथा अन्नतदाताओं के उत्थान हेतु बजट में किसान पेंशन योजनान्तर्गत समग्र रूप से लगभग रू0 42.18 करोड़। हाउस ऑफ हिमालयाज के अन्तर्गत रू0 15.00 करोड़। मिशन एप्पल योजना अन्तर्गत रू0 35.00 करोड़।
साईलेज आदि हेतु समग्र रूप से रू0 40.00 करोड। दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन योजना हेतु समग्र रूप से रू0 30.00 करोड़। मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजनान्तर्गत रू0 25.00 करोड़। मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना हेतु समग्र रूप से रू0 12.43 करोड़। मिलेट मिशन योजना के प्रोत्साहन हेतु रू0 4.00 करोड़। स्थानीय फसलों को प्रोत्साहन कार्यक्रम हेतु लगभग रू0 5.75 करोड़। नेशनल मिशन फॉर नेचुरल फार्मिंग योजना हेतु समग्र रूप से लगभग रू० 3.22 करोड़ की व्यवस्था की गई है। जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और वित्त मंत्री का आभार भी जताया।
मंत्री जोशी ने कहा कि सरकार ने नवाचार, आत्मनिर्भरता और प्रदेश की महान विरासत को केंद्र में रखते हुए अपना वार्षिक बजट प्रस्तुत किया है।
इस बजट को “NAMO” (नवाचार, आत्मनिर्भरता, महान विरासत, ओजस्विता) के सिद्धांतों पर आधारित बताया गया है, जो राज्य के समग्र विकास को नई गति देगा। मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सरकार ने कृषि और ग्राम्य विकास पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि युवाओं और नारीशक्ति के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। मंत्री ने कहा कि सरकार ने इस बजट में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। साथ ही, महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और समाज के हर वर्ग को लाभ पहुंचाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में बजट पेश होने के उपरान्त मीडिया से औपचारिक वार्ता करते हुए उत्तराखण्ड के रजत जयंती वर्ष में ऐतिहासिक बजट पेश करने के लिए वित्त मंत्री और पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बजट राज्य सरकार की प्राथमिकताओं और संकल्पों को प्रस्तुत करता है। जो सरकार की भविष्य की योजनाओं को प्रस्तुत करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के रजत जयंती वर्ष में बजट के आकार ने 01 लाख करोड़ को पार किया है। पिछले बजट की तुलना में इस वर्ष के बजट में 13 प्रतिशत वृद्धि हुई है। उत्तराखण्ड राज्य के प्रथम बजट से इस बार का बजट 24 गुना अधिक है। बजट ईकोलॉजी, इकोनोमी, इन्नोवेशन, इन्क्लूसिव और सस्टेनेबल डेवेलपमेंट के साथ-साथ टेक्नोलॉजी और एकाउन्टेबिलिटी को ध्यान में रख कर बनाया गया है। रीवर फ्रंट डेवेलपमेंट योजना, प्रवासी उत्तराखण्ड परिषद का गठन, स्मार्ट सिटी के अंतर्गत इलेक्ट्रिक बसों का संचालन, खेल विश्वविद्यालय की स्थापना, होमगार्ड कल्याण कोष का गठन, पुलिस कर्मियों के उत्साहवर्धन के लिए रिवाल्विंग फंड की स्थापना जैसी अनेक नए पहलुओं को इसमें सम्मिलित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट (नमो) अर्थात नवाचार, आत्मनिर्भर उत्तराखंड, महान विरासत व ओजस्वी मानव संसाधन की थीम पर आधारित है। उन्होंने कहा कि बजट में राज्य के समावेशी एवं समग्र विकास के लिए (ज्ञान) अर्थात गरीब कल्याण, युवा, अन्नदाता एवं नारी कल्याण को केंद्र में रखा गया है। राज्य सरकार ने इस बजट में वित्तीय प्रबंधन पर भी विशेष जोर दिया है। उन्होंने कहा हम अपने संसाधनों से राज्य की आय बढ़ाने का प्रयास करेंगे। बजट में शिक्षा, ग्रामीण विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, चिकित्सा, उद्योग आदि क्षेत्रों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र के अनुरूप बजट है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने बाबा केदार के धाम से कहा था कि इस सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा, इसी को ध्येय लेकर बजट में इस संकल्प की प्राप्ति के लिए प्रयास किए गए हैं, जो आने वाले समय में राज्य के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह बजट आदर्श उत्तराखंड बनाने तथा उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के संकल्प को पूरा करेगा।
छात्र नेता से पार्षद और पार्षद से विधायक बनने के बाद दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री बनने वाली रेखा गुप्ता के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं, जो उन्हें अपनी कार्यशैली से पार करनी होंगी। इन चुनौतियों का सामना उन्हें भीतर और बाहर, दोनों ही जगह करना होगा। उनकी सबसे पहली चुनौती उन उम्मीदों को पूरा करना है, जो दिल्ली की जनता और भाजपा ने उनसे रखी हैं।
रेखा गुप्ता को उन तमाम वादों को पूरा करना होगा, जो चुनाव के दौरान भाजपा द्वारा जारी तीन किश्तों वाले चुनाव घोषणा पत्र में किए गए थे। इनमें यमुना की सफाई, स्वच्छ पेयजल, प्रदूषण मुक्त हवा, दिल्ली को 50 हजार नई नौकरियों का सृजन, महिलाओं को प्रति माह 2500 रुपये, मुफ्त बस यात्रा, नालों-गलियों की सफाई, सड़कों की मरम्मत, ट्रैफिक जाम से निजात और आम आदमी पार्टी द्वारा लागू की गई मुफ्त बिजली-पानी जैसी योजनाओं को जारी रखना शामिल हैं। इन वादों को लागू करना रेखा गुप्ता के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी होगी, क्योंकि भाजपा ने अपने घोषणा पत्र को “संकल्प पत्र” के रूप में पेश किया था, और यह जनता की उम्मीदों का भी हिस्सा है।
चार साल बाद महिला मुख्यमंत्री के रूप में रेखा गुप्ता को शीला दीक्षित, सुषमा स्वराज और आतिशी के कामकाज से तुलना का सामना करना होगा। विशेषकर शीला दीक्षित, जिन्होंने 15 साल तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहते हुए राजधानी की सूरत बदल दी, उनकी कार्यशैली से रेखा की सरकार का कामकाज तुलना में आएगा। इसके अलावा, रेखा को उपराज्यपाल और केंद्र सरकार के साथ तालमेल बनाकर यह साबित करना होगा कि वह कठपुतली मुख्यमंत्री नहीं हैं। इसके लिए उन्हें शीला और सुषमा के उदाहरणों से मार्गदर्शन लेना होगा।
विपक्ष, खासकर आम आदमी पार्टी (आप), के आक्रामक विरोध से निपटना भी रेखा गुप्ता के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। 22 विधायकों और 43 फीसदी वोट प्रतिशत वाली आप विधानसभा के भीतर और बाहर लगातार सरकार का विरोध करेगी। हालांकि, कांग्रेस, जो महज छह फीसदी वोट के साथ शून्य विधायक है, कमजोर स्थिति में है, फिर भी वह हमले करती रहेगी। इसके अलावा, पार्टी के भीतर कुछ ऐसे नेता भी हो सकते हैं जिनकी नजर सीएम की कुर्सी पर हो, और उनके भीतरघात से भी रेखा को सतर्क रहना होगा।
हालांकि, भाजपा के मौजूदा नेतृत्व में भीतरघात पहले के मुकाबले उतना असरदार नहीं रहा है, फिर भी कुछ भाजपा नेता मुख्यमंत्री को विफल होते देखना चाहेंगे, और रेखा को ऐसे नेताओं पर भी नजर रखनी होगी। अंत में, एक और बड़ी चुनौती नौकरशाही पर सार्थक नियंत्रण और उसे जनोन्मुखी बनाना होगी। इसके साथ ही दिल्ली के सभी वर्गों, समूहों और क्षेत्रों में संतुलित विकास सुनिश्चित करना होगा। दिल्ली, जो देश की राजधानी है और केंद्र सरकार के सीधे नियंत्रण में है, में रेखा गुप्ता के हर कदम पर मीडिया की निगाह रहेगी, इसलिए उन्हें सावधानी से कदम उठाने होंगे।
देहरादून उत्तराखंड विधानसभा मे बजट सत्र में पेश किए जाने से पहले वित्त मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से मिले जिसके बाद उन्होंने सदन में बजट पेश किया। उन्होंने कहा ये बजट उत्तराखंड को आगे ले जाने वाला है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से राज्य को एक नई दिशा दे रहा है।
उन्होंने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के शब्दों को दोहराया, कहा कि राज्य सरलीकरण, समाधान व निस्तारीकरण के मार्ग पर अग्रसरित हैं। बजट हमारे प्रदेश की आर्थिक दिशा और नीतियों का प्रमाण है।
धामी सरकार आज अपना आम बजट पेश करेगी। दोपहर 12.30 बजे वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया उन्होंने कहा उत्तराखंड में पेश किया बजट आम जनता को राहत देने वाला बजट है।