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मुख्यमंत्री धामी की नाराजगी इंजीनियरिंग कॉलेज समीक्षा बैठक में देखने को मिली

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राज्य के इंजीनियरिंग संस्थानों को राष्ट्रीय स्तर पर विकसित किये जाने के लिए इन्फ्रास्टक्चर, योग्य फैकल्टी, आधुनिक लैब और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए उद्योग जगत की मांग के अनुसार उन्हें विभिन्न ट्रेड में दक्ष बनाया जाए। राज्य के इंजीनियरिंग  संस्थानों को राष्ट्रीय स्तर पर विकसित किये जाने के सबंध में मंगलवार को सचिवालय में आयोजित बैठक के दौरान ये निर्देश मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी इंजीनियरिंग कॉलेज में मूलभूत सुविधाओं, हॉस्टल और बाउंड्री वॉल की व्यवस्था के साथ ही बेहतर सड़क कनेक्टिविटी भी सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान सख्त निर्देश दिये कि सभी इंजीनियरिंग कॉलेज में तय मानकों के अनुसार फैकल्टी की तैनाती की जाए। इंजीनियरिंग कॉलेजों में भर्ती प्रक्रिया के लिए बनाई गई व्यवस्था के अनुसार भर्तियां न होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। इंजीनियरिंग संस्थानों में छात्र पंजीकरण की कमी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि छात्र पंजीकरण बढ़ाने के साथ ही सभी ट्रेड में अच्छे पाठ्यक्रम के साथ ही नवीनतम तकनीक पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को कैम्पस से ही प्लेसमेंट के लिए भी अच्छी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए।

नन्ही परी सीमांत इंजीनियरिंग संस्थान का संचालन के लिए पिथौरागढ़ के मड़धूरा में बने भवन में कक्षाओं के संचालन न होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जांच की जाए कि इंजीनियरिंग संस्थान के लिए जगह का चयन किसके द्वारा किया गया था, यह जगह उपयुक्त थी या नहीं। अगर उपयुक्त नहीं थी तो इस स्थान पर इंजीनियरिंग संस्थान क्यों बनाया गया। भवन पर लगभग 15 करोड़ खर्च होने के बाद भी इसमें कक्षाओं का संचालन क्यों नहीं हो रहा है। गौरतलब है कि अभी इंजीनियरिंग कॉलेज का संचालन जीआईसी की बिल्डिंग पर संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने जी.बी.पंत इंजीनियंरिंग कॉलेज घुड़दौड़ी मे नियुक्तियों, प्रमोशन और अन्य मामलों में गड़बड़ी की शिकायतों पर नये सिरे से एसआईटी गठित कर सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिये हैं।

बैठक में तकनीकी शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव डॉ. रंजीत सिन्हा, कुलपति माधो सिंह भण्डारी तकनीकी विश्वविद्यालय प्रो. ओंकार सिंह, अपर सचिव श्रीमती स्वाति भदोरिया एवं इंजीनियरिंग संस्थानों के निदेशक उपस्थित थे।

PM मोदी सऊदी अरब से दिल्ली लौटे

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दक्षिण कश्मीर के प्रमुख पर्यटक स्थल पहलगाम में मंगलवार को आतंकवादियों ने कायराना हरकत की है। आतंकियों ने अंधाधुंध गोली बारी की और 26 लोगों की जान ले ली। पीएम मोदी ने हमले की निंदा करते हुए दुख जताया है

दक्षिण कश्मीर के प्रमुख पर्यटक स्थल पहलगाम में मंगलवार को आतंकवादियों ने कायराना हरकत की है। आतंकियों ने अंधाधुंध गोली बारी की और 26 लोगों की जान ले ली। पीएम मोदी ने हमले की निंदा करते हुए दुख जताया है जम्मू में हुए आतंकी हमले के बाद वहाँ पर केंद्र सरकार खास नज़र बनाकर बनी हुई है मोदी सऊदी अरब से दिल्ली लोट आए है हाई लेवल मीटिंग में कई फैसले सरकार ले सकती है

खुफिया ब्यूरो के अधिकारी की भी गई जान
हमले में हैदराबाद में तैनात खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी मनीष रंजन की भी मौत हो गई। मनीष बिहार निवासी थे। वह छुट्टी मनाने के लिए परिवार के साथ पहलगाम गए थे। आईबी के सूत्रों से मिली प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, उन्हें उनकी पत्नी  और बच्चे के सामने गोली मारी गई। मनीष रंजन पिछले दो वर्षों से आईबी के हैदराबाद कार्यालय के मंत्री अनुभाग में कार्यरत थे।

जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम हिल स्टेशन पर मंगलवार को हुए आतंकी हमले में मारे गए 16 लोगों के नाम सार्वजनिक किए गए हैं। इसमें हरियाणा के 26 वर्षीय विनय नरवाल का भी नाम है। विनय नरवाल नौसेना में अधिकारी थे। वो कोच्चि में तैनात लेफ्टिनेंट के पद थे तैनात। एक रक्षा अधिकारी ने बताया कि 16 अप्रैल को उनकी शादी हुई थी। नरवाल पत्नी संग पहलगाम घूमने गए थे। विनय करनाल के रहने वाले थे। उनका एक मई को जन्मदिन भी था। 

तबादला एक्सप्रेस में हिले कई आईएएस सूचना निदेशक भी बदले

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तबादला एक्सप्रेस में हिले कई आईएएस सूचना निदेशक भी बदले
मंगलवार का दिन कई अफसरों के ताबदलो के बाद नया सवेरा लेकर आया है बड़े पैमाने पर किये गए तबादला लिस्ट में आईएएस अफसरों को बदला गया है यूपी में सोमवार रात बड़े पैमाने पर आईएएस अफसरों के तबादले किए गए हैं। करीब 33 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। आईएएस विशाल सिंह नए सूचना निदेशक बना दिए गए हैं। वाराणसी के मंडलायुक्त को नई जिम्मेदारी दी गई है। वाराणसी, बरेली, अंबेडकर नगर, आजमगढ़, गाजीपुर, झांसी, महोंबा समेत कई जिलों के जिलाधिकारी बदले गए हैं।

बड़े स्तर पर IAS अधिकारियों के तबादले:

  • कुल 33 आईएएस अफसरों का तबादला किया गया है।
  • वाराणसी, बरेली, आजमगढ़, झांसी, महोबा, गाजीपुर, अंबेडकरनगर, संत कबीरनगर, कुशीनगर और भदोही जैसे जिलों के जिलाधिकारी बदले गए हैं।

मुख्य बदलावों की सूची:

  • विशाल सिंह – डीएम भदोही से बने नए सूचना निदेशक
  • शिशिर – सूचना निदेशक पद से हटाकर उन्हें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग में विशेष सचिव और खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के सीईओ की जिम्मेदारी दी गई।
  • एस. राजलिंगम – डीएम वाराणसी से मंडलायुक्त वाराणसी बनाए गए।
  • सत्येंद्र कुमार – मुख्यमंत्री कार्यालय से हटाकर बने नए जिलाधिकारी वाराणसी
  • अविनाश कुमार – डीएम झांसी से बने डीएम गाजीपुर
  • गजल भारद्वाज – सचिव पद से बनीं डीएम महोबा
  • पुलकित खरे – विशेष सचिव नियोजन से बने मिशन निदेशक कौशल विकास मिशन

परिवहन और अन्य विभाग:

  • एल. वेंकटेश्वरलू से परिवहन विभाग और रोडवेज अध्यक्ष का प्रभार हटा।
  • अमित गुप्ता को अतिरिक्त रूप से प्रमुख सचिव परिवहन और रोडवेज अध्यक्ष का कार्यभार मिला।

यह तबादला सूची दर्शाती है कि सरकार ने प्रशासनिक अनुभव और दक्षता के आधार पर अधिकारियों की नई तैनाती की है, जिससे जमीनी स्तर पर शासन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

23 अप्रैल को पीठसैंण में मनाया जायेगा क्रांति दिवस

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शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत कार्यक्रम में होंगे मुख्य अतिथि

श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के तीन दिवसीय दौरे पर डॉ. रावत

पेशावर कांड के नायक और स्वतंत्रता सेनानी वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की जन्मभूमि पीठसैंण में आगामी 23 अप्रैल को क्रांति दिवस धूमधाम से मनाया जायेगा। वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली जन विकास समिति के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। इससे पहले डा. रावत अपने विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह स्कूल चलो अभियान के तहत विभिन्न विद्यालयों में आयोजित प्रवेशोत्सव में प्रतिभाग करेंगे, साथ ही वह क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण भी करेंगे।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि वह आगामी 23 अप्रैल तक अपने विधानसभा क्षेत्र के भ्रमण पर रहेंगे। अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान वह पेशावर कांड के नायक वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली की जन्मभूमि पीठसैंण जायेंगे। जहां वह पेशावर कांड की याद में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने कहा कि पीठसैंण में प्रत्येक 23 अप्रैल को क्रांति दिवस मनाया जाता है, इस दिन वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली के अदम्य साहस, मानवता के प्रति उनका दृष्टिकोण और स्वाधीनता आंदोलन में उनके योगदान को याद किया जाता है। उन्होंने बताया कि वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली जन विकास समिति के तत्वाधान यह कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा।

इससे पहले क्षेत्र भ्रमण के पहले दिन आज डॉ. रावत ने विद्यालयी शिक्षा विभाग के स्कूल चलो अभियान के तहत राजकीय इण्टर कॉलेज रानीपोखरी में प्रवेशोत्सव का विधिवत शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होंने नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं का स्वागत कर उन्हें नई पाठ्य पुस्तकें भी वितरित की। इसके उपरांत उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज सबदरखाल, राजकीय प्राथमिक विद्यालय नौगांव, राजकीय इंटर कॉलेज हिंवालीधार में आयोजित प्रवेशोत्सव में प्रतिभाग किया। इसक अलावा उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज हिंवालीधार में साइंट प्रयोगशालाओं, कुठकण्डाई व बडेथ में बहुउद्देशीय पंचायत भवन का लोकार्पण किया साथ ही च्योली-चुणखेत पेयजल योजना सहित विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास भी किया।

क्षेत्र भ्रमण के दूसरे दिन मंगलवार को डा. रावत थलीसैंण में टीबी उन्मूलन जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखा कर रवाना करेंगे। इसके साथ ही वह प्राथमिक विद्यालय थलीसैंण, रौली, बग्वाड़ी, मरोड़ा तथा सुदरगांव में आयोजित प्रवेशोत्सव में प्रतिभाग कर नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्द्धन करेंगे। इसके साथ ही वह उप जिला चिकित्सालय थलीसैण के आवासीय भवन के निर्माण कार्यों का शीलान्यस करेंगे। इसके अलावा वह मरोड़ा व कुणेथ में बहुउद्देशीय पंचायत भवन, आंगनबाडी केन्द्र, प्राथमिक विद्यालय सुदरगांव के नवीन भवन तथा ऐंठी गांव में कालिंका मंदिर में यात्री शेड प्रतीक्षालय का लोकार्पण करेंगे। इसके अलावा वह विभिन्न स्थानों पर जनसर्म्पक कर आम लोगों की समस्याओं से भी अवगत होंगे। बुधवार को डा. रावत पीठसैंण में क्रांति दिवस पर आयोजित मेले में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग करेंगे।

वी.पी. सिंह बिष्ट
जनसम्पर्क अधिकारी/मीडिया प्रभारी
माननीय शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री।

राजकीय विद्यालयों में 68 हजार छात्र-छात्राओं ने लिया दाखिला

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सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेशभर के राजकीय विद्यालयों में 01 अप्रैल से लेकर 21 अप्रैल 2025 तक शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिये 68627 छात्र-छात्राओं का नामांकन किया गया, जोकि विद्यालयी शिक्षा विभाग के लिये बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि छात्र-छात्राओं का नामांकन कक्षा-01, कक्षा-06 और कक्षा-09 में हुआ है।

जिसमें अल्मोड़ा जनपद में 5736, पिथौरागढ़ 4946, बागेश्वर 2708, ऊधमसिंह नगर 2931, नैनीताल 5373, चम्पावत 3273, चमोली 4871, उत्तरकाशी 3949, रूद्रप्रयाग 3725, पौड़ी 5954, देहरादून 11281, हरिद्वार 6817 तथा टिहरी गढ़वाल में 7063 छात्र-छात्राओं का राजकीय विद्यालयों में नामांकन किया गया है।

डा. रावत ने बताया कि सरकारी विद्यालयों में छात्र नामांकन को बढ़ाने के लिये आज से प्रवेशोत्सव मनाया जा रहा है, इस कार्यक्रम के साथ स्थानीय स्तर पर राजकीय विद्यालयों में नवप्रवेशित बच्चों को दाखिला दिया जा रहा है साथ ही उन्हें निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें भी उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि राजकीय विद्यालयों में अधिक से अधिक छात्र नामांकन के लिये अधिकारियों एवं शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

फिल्म निर्माण की बेस्ट डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा उत्तराखंड- तिवारी

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प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस से मिलिये कार्यक्रम में फिल्म विकास परिषद के सीईओ व डीजी सूचना ने दी जानकारी

फिल्म निर्माण की सहूलियतों और अलग-अलग स्तर पर मिलने वाली सब्सिडी का मिल रहा लाभ

फिल्म नीति 2024 के प्रावधानों के चलते बड़ी संख्या में फिल्म निर्माता उत्तराखंड का रुख कर रहे हैं। इससे जहां उन्हें कई तरह की सहूलियतें मिल रही है, वहीं अलग-अलग स्तरों पर सब्सिडी का लाभ भी मिल रहा है। आंचलिक फिल्मों के निर्माण और स्थानीय कलाकारों को शामिल करने पर अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। यही कारण है कि उत्तराखंड आज फिल्म निर्माण के बेस्ट डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है।

सोमवार को प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस से मिलिये कार्यक्रम में फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) व सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हिन्दी और आठवीं अनुसूची की भाषाओं में बनने वाली फिल्मों के प्रोडक्शन पर राज्य में खर्च की गई धनराशि का अधिकतम 30 फीसदी या तीन करोड़ तक की सब्सिडी देने का प्रावधान है। गढ़वाली, कुमाऊंनी व जौनसारी फिल्मों में मिलने वाली सब्सिडी को 25 लाख से बढ़ाकर दो करोड़ तक किया गया है।

प्रदेश में शूट होने वाली बाल फिल्मों को 10 फीसदी तक अतिरिक्त अनुदान की व्यवस्था है। विदेशी और 50 करोड़ से अधिक बजट की फिल्मों पर राज्य में व्यय राशि का अधिकतम 30 फीसदी या तीन करोड़ तक की सब्सिडी दी जा रही है। इसके साथ ही राज्य शूट होने वाली वेब सीरीज, टीवी धारावाहिक को भी सब्सिडी का लाभ मिलेगा। डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिल्म, ट्रैवलॉग, ब्लॉग व म्यूजिक वीडियो में भी सब्सिडी दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में नई व कम प्रसिद्ध लोकेशन पर शूटिंग करने पर पांच फीसदी तक अतिरिक्त अनुदान देने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा स्थानीय कलाकारों व तकनीशियनों को शामिल करने पर फिल्म को 10 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने बताया कि फिल्म नीति में देश के प्रतिष्ठित फिल्म संस्थानों से पढ़ाई करने वाले छात्रों को भी छात्रवृत्ति दी जा रही है। साथ ही फिल्म सिटी के निर्माण की भी योजना है।

प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता हेमंत पांडेय ने बताया कि राज्य सरकार के प्रयासों से कई फिल्मों का निर्माण उत्तराखंड में हो रहा है। इससे यहां के स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को भी फायदा मिलेगा। स्थानीय फिल्मों को बढ़ावा मिलेगा। प्रेस क्लब अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह कंडारी ने दोनों अतिथियों का आभार व्यक्त किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए। कार्यक्रम का संचालन सुरेंद्र सिंह डसीला ने किया। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष अनिल चन्दोला, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अभिषेक मिश्रा, कार्यकारिणी सदस्य शूरवीर भंडारी, दीपक बड़थ्वाल, मनवर रावत, संदीप बड़ोला, मो. असद समेत अन्य पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।

विदेशो मे संवैधानिक संस्थाओं की छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे है राहुल: भट्ट

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भाजपा ने राहुल गांधी के अमेरिका में चुनाव आयोग पर दिए बयान को संवैधानिक संस्थाओं की छवि खराब करने की कोशिश बताया है।
प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने आरोप लगाया कि वे विदेश जाकर देश का अपमान करने के अपराध में सीरियल अपराधी हैं। जो लूट में बेल पर बाहर अपने साथी त्रिपोदा के साथ, इन दिनों देश को बदनाम करने की यात्रा पर हैं।

उन्होंने अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में दिए उनके बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है। अब देश में आम धारणा बन गई है कि वे जब भी बोलेंगे, खासकर विदेश में तो हमेशा राष्ट्र विरोधी और देश की छवि खराब करने वाली बात ही कहेंगे। उन्होंने इस मर्तबा भी वही किया और देश की उस चुनाव प्रणाली और निर्वाचन का आयोग की मंशा को कटघरे में खड़ा किया, जिसके चलते ही उन्हें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बनने का अवसर मिला है। लगातार जनता द्वारा चुनाव दर चुनाव सबक सिखाने के बावजूद भी, राहुल देश के अपमान की अपनी पुरानी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं।

उन्होंने कटाक्ष किया कि देश की संवैधानिक संस्थाओं और लोकतंत्र की छवि खराब करने वाले ये वो शख्स है जो भ्रष्टाचार और लूट में आरोपी है तथा बेल पर है। इसी तरह कांग्रेस पार्टी भी पूरे देश में अशांति का माहौल बनाने की साजिश में जुटी है।

उन्होंने कहा कि जिनको लगता है कि वे विदेश जाकर इस महान लोकतंत्र की छवि को नष्ट कर सकते हैं, तो वे पूरी तरह गलत हैं। क्योंकि देश दुनिया भी देख रही है कि वे जहां भी वे हारते हैं, उसका ठीकरा वे चुनाव आयोग और ईवीएम पर फोड़ देते हैं। उन्होंने प्रश्न किया कि जब वे झारखंड में जीते थे, तब क्या देश में अलग चुनाव आयोग था? जहां भी जीतते हैं, वहां ईवीएम ठीक हो जाता है और जहां भी वे हारते हैं, वहां कहते हैं कि चुनाव आयोग और ईवीएम गलत है।

उन्होंने हैरानी जताई कि संवैधानिक संस्थाओं पर इस निंदनीय हमले के समय उनके साथ कोई और नहीं बल्कि हेराल्ड मामले में उनका सह आरोपी सैम पित्रोदा था, जो स्वयं नेशनल हेराल्ड मामले में जमानत पर बाहर हैं। अब एक बार पुनः दोनों एक साथ हमेशा की तरह भारत को बदनाम करने की यात्रा पर निकले हुए हैं।

उन्होंने विश्वास दिलाया कि भाजपा किसी भी कीमत पर लोकतंत्र को कमजोर करने वाले ऐसे प्रयासों को सफल नहीं होने देंगी।

चारधाम यात्रा के बेहतर प्रबंधन, वनाग्नि को रोकने और पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए- मुख्यमंत्री

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आगामी मानसून सीजन के दृष्टिगत भी सभी सुरक्षात्मक उपाय किये जाएं।

आधार कार्ड, वोटर आईडी, बिजली-पानी कनेक्शन जैसी सुविधाएं अनधिकृत रूप से प्रदान करने वाले कार्मिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि जन शिकायतों का शीघ्रता से समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, जिससे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। आगामी चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, होटल व्यवसायियों तथा अन्य हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने सभी विभागीय सचिवों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा के दौरान विभागों और जिला प्रशासन के स्तर पर सभी व्यवस्थाएं बेहतर बनाई जाए। चारधाम यात्रा आस्था का प्रमुख केन्द्र होने के साथ ही स्थानीय लोगों की आजीविका से भी जुड़ी है। चारधाम यात्रा से जुड़े सभी हितधारकों से निरन्तर समन्वय बनाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिये हैं। चारधाम यात्रा को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए जन सहयोग भी लिया जाए। यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और यात्री सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा को लेकर ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानी न हो।

मुख्यमंत्री ने बैठक में वनाग्नि प्रबंधन के लिए वन विभाग के साथ सभी जिलाधिकारियों को पूर्ण तैयारी करने के निर्देश दिये है। वनाग्नि की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाए। वनाग्नि नियंत्रण के लिए त्वरित कार्यवाही के लिए स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के नम्बर भी अपडेट रखे जाएं, ताकि वनाग्नि की घटना होने पर शीघ्रता से नियंत्रण किया जा सके। वनाग्नि की संभावना वाले क्षेत्रों में टीमें तैनात की जाए और उनकी निरंतर मॉनिटरिंग भी की जाए। मोबाइल गश्त टीमें भी तैनात की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि गर्मियों में लोगों को पेयजल की दिक्कत न हो। पेयजल की समस्याएं आने पर उनका त्वरित समाधान किया जाएं। पेयजल टैंकर की भी पर्याप्त उपलब्घता सुनिश्चित की जाए। सभी जिलाधिकारियों को पेयजल की समस्याओं के समाधान के लिए अपने स्तर से बैठक करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं। उन्होंने आगामी मानसून सीजन के दृष्टिगत भी सभी सुरक्षात्मक उपाय करने के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों से बाढ़ सुरक्षा से संबंधित कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। जल भराव की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में सभी उपचारात्मक कार्य किये जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलाधिकारियों द्वारा जन सुनवाई नियमित की जाए। तहसील दिवस, बीडीसी की बैठकों और बहुद्देशीय शिविरों के माध्यम से लोगों को योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि लोगों को अनावश्यक रूप से दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़े। ई-सेवाओं के माध्यम से लोगों को अधिकाधिक लाभान्वित किया जाए। अनावश्यक रूप से कार्यों में लेटलतीफी करने वाले कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि विद्युत बिलों को लेकर प्राप्त हो रही शिकायतों का तुरंत निस्तारण किया जाए। स्मार्ट मीटर लगाने की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि राज्य में बाहरी लोगों और संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जाए। अवैध अतिक्रमण पर नियमित कार्रवाई की जाए। आधार कार्ड, वोटर आईडी, बिजली-पानी कनेक्शन जैसी सुविधाएं अनधिकृत रूप से अपात्र लोगों को प्रदान करने वाले कार्मिकों को तत्काल निलंबित कर टर्मिनेशन की कार्यवाही भी प्रारंभ की जाए। यह राज्य की सुरक्षा से जुड़ा विषय है, जिसमें कोई समझौता नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने दोनों मण्डल आयुक्तों को निर्देश दिए कि वे स्वयं फील्ड में जाकर इन निर्देशों की प्रगति का भौतिक सत्यापन करें और आगामी समीक्षा बैठक से पूर्व सभी कार्यों की प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय और सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

सीएम धामी ने की “मुख्य सेवक संवाद” कार्यक्रम की शुरुआत

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हर माह विभिन्न योजना के लाभार्थियों से करेंगे संवाद

देहरादून में “गांव से ग्लोबल तकः होम स्टे संवाद” कार्यक्रम का हुआ आयोजन

प्रदेश भर से आए होम स्टे संचालकों से किया मुख्यमंत्री धामी ने संवाद

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को “मुख्यसेवक संवाद” नाम से एक नई पहल की शुरुआत की है। इस ऐतिहासिक पहल का उद्देश्य सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से सीधे संवाद कर न सिर्फ उनके अनुभवों को समझना, बल्कि योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति को भी जानना है। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में यह तय किया गया है कि अब प्रत्येक माह मुख्य सेवक सदन में इस तरह का जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जो नीतियों को लोगों की जरूरतों से सीधे जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।

इसी क्रम में सोमवार को आयोजित हुआ ‘गांव से ग्लोबल तक: होम स्टे संवाद’ कार्यक्रम—एक ऐसा आयोजन, जिसमें प्रदेश के दूरदराज़ गांवों से आए होम स्टे संचालकों ने भाग लिया और अपने अनुभव, चुनौतियां और सुझाव सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। यह संवाद एक सजीव मंच बन गया, जहां सरकार और समाज के बीच की दूरी मिटती दिखी, और हर विचार एक नई नीति की प्रेरणा बनता नजर आया।

मुख्यमंत्री धामी ने पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ होम स्टे संचालकों की बातों को सुना और यह आश्वासन भी दिया कि उनके सुझाव केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आने वाली नीतियों की संरचना का आधार बनेंगे। यह संवाद केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं था, बल्कि उत्तराखंड में जन-सहभागिता आधारित शासन का एक प्रभावशाली उदाहरण था। इस कार्यक्रम ने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तराखंड अब पारंपरिक पर्यटन स्थलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां का हर गांव अपनी सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य के साथ एक संभावनाशील पर्यटन केंद्र बनता जा रहा है।

कार्यक्रम में मौजूद होम स्टे संचालकों ने सरकार की इस दूरदर्शी योजना की खुलकर सराहना की। उनका कहना था कि होम स्टे योजना ने विशेष रूप से पर्वतीय और सीमांत क्षेत्रों में न केवल रोजगार के अवसर पैदा किए हैं, बल्कि स्थानीय समुदायों को सम्मानजनक जीवन जीने की राह भी दिखाई है। यह योजना अब उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में सामाजिक और आर्थिक बदलाव की धुरी बन चुकी है। मुख्यमंत्री की दृढ़ नीति, सक्रियता और ग्रामीण विकास के प्रति समर्पण को संचालकों ने इस परिवर्तन का असली कारण बताया।

आज उत्तराखंड का होम स्टे मॉडल केवल देश में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बना रहा है। स्थानीय लोगों के घरों में चलने वाले ये होम स्टे अब वैश्विक पर्यटकों के लिए अनुभव आधारित पर्यटन का नया केंद्र बन चुके हैं। यह परिवर्तन किसी कल्पना का परिणाम नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर ईमानदारी, प्रतिबद्धता और सकारात्मक नेतृत्व से उपजा एक क्रांतिकारी बदलाव है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शिता और जनसरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने यह सिद्ध कर दिया है कि अगर नेतृत्व ईमानदार और संवेदनशील हो, तो कोई भी प्रदेश अपनी सीमाओं को लांघकर वैश्विक मानचित्र पर नई ऊंचाइयां छू सकता है। उत्तराखंड आज न केवल पर्यटन का नया चेहरा बन रहा है, बल्कि ग्राम विकास, महिला सशक्तिकरण, युवा रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र में भी एक आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है—और इस परिवर्तन की कहानी की शुरुआत हुई है मुख्य सेवक संवाद जैसे दूरदर्शी कदमों से।

26 अप्रैल को उत्तराखंड दौरे पर रहेंगे केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह

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देहरादून में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सहकारिता विभाग की लेंगे बैठक

कैबिनेट मंत्री डा. रावत ने तैयारियों को लेकर की विभागीय समीक्षा

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आगामी 26 अप्रैल को उत्तराखंड के दौरे पर रहेंगे। वह देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करेंगे, इसके साथ ही वह सहकारिता विभाग की भी समीक्षा बैठक लेंगे। केन्द्रीय मंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर सूबे के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिये।

सूबे के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज विधानसभा स्थित सभाकक्ष में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने विभागीय अधिकारियों को केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के उत्तराखंड दौरे को लेकर सभी तैयारियां पुख्ता रखने के निर्देश दिये। डा. रावत ने बताया कि केन्द्रीय गृह मंत्री आगामी 26 अप्रैल को उत्तराखंड दौरे पर रहेंगे। अपने दौरे के दौरान वह देहरादून स्थित एफआरआई प्रेक्षागृह में भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड के कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे। इसके उपरांत केन्द्रीय मंत्री उत्तराखंड सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक लेंगे। जिसमें विभाग द्वारा राज्य में संचालित विभिन्न सहकारी योजनाओं, सहकारी बैंकों एंव समितियों की प्रगति सहित विभाग द्वारा किये गये नवाचारी कार्यक्रमों का प्रस्तुतिकरण दिया जायेगा।

डॉ. रावत ने बताया कि बैठक में खासकर पैक्स समितियों के कम्प्यूटरीकरण, आधुनिक अन्नभण्डारण, जनऔषधि केन्द्र, अर्गेनिक बोर्ड, सहकार से समृद्धि योजना के सफल संचालन के बारे में रिपोर्ट प्रस्तुत की जायेगी। इसके अलावा विभाग में किये गये नवाचारी कार्यों सहकारी बोर्डों एवं समितियों में महिलाओं को 33 फीसदी प्रतिनिधित्व, सहकारी बैंकों की महिला शाखाओं की स्थापना, माधो सिंह भण्डारी सामुहिक खेती योजना, घसयारी कल्याण योजना, प्रगतिशील किसनों का विभिन्न राज्यों में अध्ययन भ्रमण, एफपीओ के गठन, पंडित दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना सहित पैक्स कैडर सेवा नियमावली बनाये जाने सहित तमाम योजनाओं की जानकारी प्रस्तुतिकरण के माध्यम से केन्द्रीय सहकारिता मंत्री के समक्ष रखी जायेगी।

बैठक में अपर सचिव एवं निबंधक सहकारिता सोनिका, उप महाप्रबंधक नाबार्ड आलोक गुप्ता, अपर निबंधक सहकारिता ईरा उप्रेती, महाप्रबंधक राज्य सहकारी बैंक आकांक्षा कण्डारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।