Saturday, March 7, 2026
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उधम सिंह नगर में 16 और हरिद्वार में 2 मदरसे सील, उत्तराखण्ड में अब तक 110 मदरसों पर लगा ताला

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बिना अनुमति संचालित किए जा रहे थे मदरसे

उत्तराखंड में अवैध मदरसों के खिलाफ धामी सरकार का एक्शन लगातार जारी है। बृहस्पतिवार को उधम सिंह नगर जनपद में 16 और हरिद्वार में दो अवैध मदरसों को सील कर दिया गया। जिससे धर्म की आड़ में अवैध धंधे चलाने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। अब तक पूरे उत्तराखंड में 110 मदरसों को सील किया जा चुका है।

पिछले एक माह से उत्तराखंड प्रशासन द्वारा अवैध मदरसों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है। यह मदरसे बिना सरकार की अनुमति के संचालित किया जा रहे थे। जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया हुआ है। सीएम धामी ने इन मदरसों पर कार्रवाई के लिए प्रशासन को फ्री हैंड दिया हुआ है, जिसका व्यापक असर भी देखने को मिल रहा है। पूरे प्रदेश में अवैध मदरसों के खिलाफ व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने इस बात की भी जांच शुरू कर दी है कि इतने बड़े पैमाने पर संचालित हो रहे इन अवैध मदरसों के पीछे किसका हाथ है और यहां पर छात्रों को किस प्रकार की तालीम दी जा रही थी।

बृहस्पतिवार को रुद्रपुर में 4, किच्छा में 8, बाजपुर तीन, जसपुर एक और हरिद्वार में दो मदरसों को सील किया गया जबकि इससे पहले देहरादून, पौड़ी में भी बड़े स्तर पर अवैध मदरसों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 92 मदरसों को सील किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का संदेश साफ है कि प्रदेश के मूल स्वरूप के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जो भी धर्म की आड़ में अवैध गतिविधियों में संलिप्त होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कृषि में आधुनिक तकनीक के साथ परंपरागत खेती को बढ़ावा, मुख्यमंत्री के निर्देश

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कृषि और उद्यान के क्षेत्र में आर्थिकी बढ़ाने के लिए नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जाए।

किसानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए वैल्यूचैन सिस्टम को मजबूत बनाया जाए।

सचिवालय में कृषि, उद्यान और सहकारिता विभाग की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने दिये निर्देश।

राज्य में कृषकों की आय बढ़ाने के लिए ज्ञान-विज्ञान के साथ परंपरागत खेती को बढ़ावा दिया जाए। जिन क्षेत्रों में किसान अच्छा कार्य कर रहे हैं, उन्हें उसी क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। विभागों द्वारा जो भी कार्य किये जा रहे हैं, उनका परिणाम धरातल पर दिखे। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए विभागों द्वारा जिन योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, उनकी भौतिक स्थिति, वित्तीय प्रगति, आउटकम और आउटपुट के आधार पर कार्य किये जाएं, ताकि बजट का भी सही तरीके से उपयोग हो और लोगों की आजीविका भी बढ़े। ये निर्देश मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को सचिवालय में कृषि, उद्यान और सहकारिता विभाग की गेम चेंजर योजनाओं की समीक्षा के दौरान दिये।

कृषि और उद्यान विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि कृषि और उद्यान के क्षेत्र में आर्थिकी बढ़ाने के लिए नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जाए। क्लस्टर आधारित खेती को बढ़ावा दिया जाए। मिलेट को राज्य में और बढ़ावा दिया जाए। पॉलीहाउस के निर्माण में तेजी लाई जाए। एरोमा, एप्पल मिशन, कीवी मिशन के साथ ही उत्तराखण्ड के पारंपरिक उत्पादों और फलों के उत्पादन को बढ़ाने की दिशा में कार्य किये जाएं। नाशपती, प्लम, माल्टा, नारंगी, आड़ू के उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए। जिन फसलों को जानवर नुकसान नहीं पहुंचाते हैं, उनको बढ़ावा दिया जाए और औषधीय पादपों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए कृषकों को जागरूक किया जाए।

सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये सहकारिता के क्षेत्र में लोगों को उचित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए। किसानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए वैल्यूचैन सिस्टम को मजबूत बनाया जाए। राज्य में किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) को बढ़ाने के साथ ही किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में प्रयास किये जाएं। आगामी 05 साल में प्रदेश की सभी ग्राम सभाओं को पैक्स से जोड़ा जाए। सहकारी समितियों को में व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ाने के साथ ही विपणन के लिए सुदृढ़ व्यवस्थाएं की जाएं।

बैठक में जानकारी दी गई कि किसानों की सुविधा के लिए ई-रूपी की व्यवस्था की जा रही है। यह सुविधा अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में शुरू की जायेगी। इससे किसानों को त्वरित, सुरक्षित और पारदर्शी भुगतान की सुविधा मिलेगी, जिससे कृषि क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन आयेगा। सगंध फसलों डेमस्क रोज, तिमरू, दालचीनी, लेमनग्रास और मिंट को राज्य में तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। उच्च मूल्य वाली सगंध फसलों के क्षेत्रफल और उत्पादकता को बढ़ावा दिया जा रहा है। आईटीबीपी और सेना ताजे पदार्थों की बिक्री की व्यवस्था की गई है, इससे किसानों को निश्चित बाजार मिलेगा और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा भी मिलेगा।

बैठक में कृषि मंत्री गणेश जोशी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, एस.एन पाण्डेय, विनय शंकर पाण्डेय, रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव सोनिका, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीपीपीजीजी मनोज पंत और संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

धनश्री चहल हुए अलग, कोर्ट ने सुनाया फैसला

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गुरुवार को बांद्रा फैमिली कोर्ट ने इस मामले पर फैसला सुनाया और शादी को बिना किसी कूलिंग पीरियड के खत्म करने की मंजूरी दे दी। दोनों की शादी दिसंबर 2020 में हुई थी।

कुछ महीनों से दोनों अलग रह रहे थे और इस साल उन्होंने आपसी सहमति से तलाक के लिए अर्जी दी थी। इसके साथ ही, उन्होंने छह महीने की अनिवार्य कूलिंग पीरियड को माफ करने की भी अपील की थी। हालांकि, पारिवारिक अदालत ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था, लेकिन बाद में हाई कोर्ट ने यह फैसला पलट दिया, जिससे तलाक की प्रक्रिया जल्द पूरी होने का रास्ता साफ हो गया। बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को इस मामले में आदेश दिया था कि चहल और धनश्री को कूलिंग पीरियड से छूट मिलनी चाहिए और पारिवारिक अदालत को 20 मार्च तक फैसला लेने का निर्देश दिया।

इस मामले में चहल के वकील नितिन कुमार गुप्ता ने कहा, “कोर्ट ने तलाक की डिक्री मंजूर कर ली है और दोनों पक्षों की संयुक्त याचिका को स्वीकार कर लिया है। अब दोनों पक्ष पति-पत्नी नहीं रहे।”

कुछ महीनों से दोनों के अलग रहने की खबरें आ रही थीं, हालांकि, तलाक के कारण अब तक सार्वजनिक नहीं हो पाए हैं। हाल ही में, चहल और महवश की एक फोटो वायरल हुई थी, जिसमें वे दुबई में एक मैच देख रहे थे, जिससे तलाक की अटकलों को और बल मिला। इसके बावजूद, दोनों ने सोशल मीडिया पर कई बार अपनी भावनाओं का इजहार किया। चहल और धनश्री ने भगवान का धन्यवाद करते हुए क्रिप्टिक पोस्ट भी किए थे। चहल ने लिखा, “भगवान ने मेरी अनगिनत बार रक्षा की है, धन्यवाद भगवान! हमेशा मेरे साथ खड़े रहने के लिए।” वहीं, धनश्री ने भी लिखा, “आप चिंता कर सकते हैं या इसे भगवान पर छोड़ सकते हैं, विश्वास रखें कि परमेश्वर आपकी भलाई के लिए काम करता है।”

चहल और धनश्री का तलाक अब आधिकारिक रूप से हो चुका है, लेकिन इस संबंध में अभी भी कई सवाल अनसुलझे हैं।

धामी सरकार के तीन वर्ष की उपलब्धियों पर आलेख, धामी के 3 साल बेमिसाल, हर वायदे पर खरी उतरी सरकार

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समान नागरिक आचार सहिंता का ऐतिहासिक निर्णय

लैंड जिहाद से हुई कब्जे की 144. 5 हजार एकड़ से अधिक भूमि मुक्त

महिलाओं को क्षैतिज आरक्षण, आर्थिकी बढ़ाने के कई निर्णय

सांस्कृतिक सरंक्षण व जमीन बचाने को मजबूत भू कानून

रोजगार के लिए सजग धामी सरकार ने पारदर्शी तरीक़े से 20 हजार से अधिक युवाओं को दी सरकारी नौकरियां

उतराखंड की बागडोर संभाल रहे युवा मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी राज्य मे पहले और देश के उन प्रमुख मुख्यमंत्रियों की कतार मे खड़े है जिनके फैसलों और वायदों पर शत प्रतिशत खरा उतरने वालों के रूप मे सर्वाधिक चर्चा होती है। जनता की नब्ज टटोलकर निर्णय लेने वाले धामी के कार्यकाल मे दर्जनों ऐसे निर्णय सामने आये, जिनका बेमन से विपक्ष ने विरोध जताया, लेकिन जनता ने न केवल उसे सराहा, बल्कि समय समय पर उप चुनाव, निकायों मे इन पर सहमति की मुहर तक लगायी। आज तेजी से आगे बढ़ रहे उत्तराखण्ड मे सीएम धामी और विकास एक दूसरे के पूरक बन गए हैं।

अपने वायदे के अनुसार सीएम धामी के दृढ़ इच्छा शक्ति से राज्य में समान नागरिक संहिता लागू हो चुकी है। मातृ शक्ति को अधिकार संपन्न बनाने और सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने की दिशा मे उनकी पहल का देश भर मे स्वागत किया गया। खुद पीएम मोदी ने उनकी इस पहल की मुक्त कंठ से प्रसंसा की, बल्कि नजीर भी बताया। राज्य मे वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत अब पात्र पति व पत्नी दोनों को लाभ मिल सकेगा। सड़क, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी तथा आम जन तक राहत पहुंचाने वाले फैसले अमल मे लाये गए। वृद्धावस्था, निराश्रित विधवा भरण पोषण अनुदान तथा दिव्यांग पेंशन योजना के अंतर्गत प्रदत्त दर 1200 रूपये प्रतिमाह में 200 रूपये की वृद्धि की गई है। अब इनमें प्रतिमाह 1400 रूपये पेंशन प्राप्त हो रही है ।

चारधाम सर्किट में आने वाले सभी मंदिरों और गुरूद्वारों में भौतिक ढांचे और परिवहन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। कुमायूं के प्राचीन मंदिरों को भव्य बनाने के लिये मानसखण्ड मंदिर माला मिशन की शुरूआत होगी। मिशन मायापुरी के अंतर्गत हरिद्वार को योग की अंतरराष्ट्रीय राजधानी और विश्व में आध्यात्मिक पर्यटन के लिये सबसे बड़े स्थलों के रूप में बदलने के लिये उच्च गुणवत्ता वाले बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में रोपवे नेटवर्क निर्माण के लिये पर्वत माला परियोजना प्रारम्भ की गई है ।

नगरीय क्षेत्रों में ट्रेफिक समस्या को दूर करने के लिये पार्किंग सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। सर्फेस पार्किंग के साथ ही मल्टीस्टोरी पार्किंग, केविटी पार्किंग व टनल पार्किंग भी विकसित किये जाने की योजना प्रारंभ हुई है।

उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में 4 जी/5 जी मोबाईल नेटवर्क एवं हाई स्पीड ब्राडबैंड व फाइबर इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध करायी जानी प्रस्तावित है।

पीएम किसान सम्मान निधि योजना की तर्ज पर एक सीएम किसान प्रोत्साहन निधि की शुरूआत होगी।

हिम प्रहरी योजना के अंतर्गत राज्य के भूतपूर्व सैनिकों एवं युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के निकटवर्ती जिलों में बसने के लिये सभी आवश्यक सहायता प्रदान की गई हैं ।

जीरो टॉलरेंस के तहत भ्रष्टाचार पर रोक लगाने हेतु भ्रष्टाचार मुक्त एप-1064 का शुभारम्भ किया गया है । पर्यावरण मित्रों का एक दिन का मानदेय बढ़ाकर 500 रूपये कर दिया है। प्रदेश के सभी अंत्योदय कार्ड धारकों को प्रति वर्ष तीन गैस सिलेंडर मुफ्त दिया जा रहे हैं । इससे संबंधित लाभार्थियों की संख्या 1 लाख 84 हजार 1 सौ 42 होंगे तथा इस पर कुल 55 करोड़ रू. का व्यय भार होगा। गेंहू खरीद से संबंधित हर वर्ष की तरह कृषकों को प्रति क्विंटल 20 रू. बोनस देने का निर्णय दिया गया है। गन्ना मूल्य भुगतान के लिये गन्ना विभाग को धन की आवश्यकता होगी तो उसकी प्रतिपूर्ति सरकार करेगी। यदि इस शुल्क को देने के लिये धन की आवश्यकता होगी तो सरकार वित्तीय सहायता देने की योजना बनाई गई है ।

धामी सरकार ने वीर सैनिकों सम्मान को बढ़ावा देने का भी कार्य किया इसके उत्तराखण्ड राज्य के वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एकमुश्त अनुदान में वृद्धि की गई। परमवीर चक्र 30 लाख से 50 लाख, अशोक चक्र 30 लाख से 50 लाख, महावीर चक्र 20 से 35 लाख, कीर्ति चक्र 20 लाख से 35 लाख, वीर चक्र और शौर्य चक्र 15 से 25 लाख और सेना गैलेन्ट्री मेडल 07 लाख से 15 लाख, मैन्सइनडिस्पेच 03 लाख से 10 लाख की गयी।

कोविड 19 की अवधि में चिकित्सा विभाग के अंतर्गत आउटसोर्स के माध्यम से स्वीकृत पद से अधिक तैनात कार्मिकों के संबंध में निर्णय लेने हेतु मंत्रीमण्डलीय उपसमिति का गठन किया गया।

सरकारी खर्चे को कम करने की दिशा में कदम उठाते हुए सीएम ने राजधानी में होटल या अन्य निजी स्थानों पर आयोजित होने वाले सरकारी कार्यक्रमों को मुख्य सेवक सदन में आयोजित किए जाने हेतु मुख्य सचिव को निर्देशित किया, साथ ही सभी जनपदों में भी यही कार्यप्रणाली लागू करने के लिए कहा है।

एमएसएमई 2015 की नीति के तहत सब्सिडी प्राप्त करने हेतु पहले से पूर्व पंजीकृत होना जरूरी था, किन्तु जानकारी के अभाव में इससे सम्बन्धित लगभग 100 लाभार्थी सब्सिडी वंचित रह गये थे। इन लाभार्थियों को भी छूट देते हुए सब्सिडी देने की मंजूरी दी गयी है। एमएसएमई के अन्तर्गत प्लॉट ऑफ सैड के बिक्री को सर्कल रेट से लिंक करने की मंजूरी दी गयी है। केदारनाथ पुनर्निर्माण मास्टर प्लान बनाने वाली फर्म को सोनप्रयाग में भी मास्टर प्लान बनाने को मंजूरी दी गयी है।

ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रो में मोबाईल टॉवर से सम्बन्धित टॉवर से सम्बन्धित फीस निर्धारण से सम्बन्धित समस्या का निराकरण किया गया है। अब भारत सरकार द्वारा निर्धारित गाईडलाईन के कारण फीस निर्धारण विलम्ब होने से मोबाईल सेवा बाधित नही होगी।

उत्तराखण्ड की आय को 05 वर्ष में दोगुना करने के लिए विभिन्न विभागों से रिपोर्ट लिया जाएगा एवं उत्तराखण्ड की आय को दोगुना करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर का कन्संलटेन्सी ऐजेंसी नियुक्त की जाएगी।

यूकेएसएससी की लगभग 7 हजार पदों पर गतिमान भर्ती प्रक्रिया को यूकेपीएससी के माध्यम से संपन्न किया जाएगा। रोजगार के लिए सजग धामी सरकार मे 20 हजार से अधिक युवा सरकारी नौकरियां पा चुके हैं। महिलाओं को सरकारी नौकरियों के क्षैतिज आरक्षण का कानून बनाया गया है। वहीं खेलों को बढ़ावा दे रही धामी सरकार ने खेल पुरस्कार राशि बढायी है।

प्रदेश के सांस्कृतिक सरंक्षण के लिए सरकार प्रदेश में धर्मान्तरण सम्बंधित कानून लायी है। युवाओं के हक पर डाका डालने वाले नकल माफिया को सलाखों के पीछे धकेलकर सरकारी देश का सबसे सख्त “नकल विरोधी कानून” लायी। दंगारोधी कानून तथा लैंड जिहाद पर कार्रवाई कर 144. 5 हजार एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया गया।

सरकार प्रदेश के धार्मिक स्थलों को दिव्य और भव्य स्वरूप देने के लिए केंद्र के सहयोग से कई योजनाओं पर कार्य कर रही है। यमुनोत्री केदारनाथ और हेमकुंड मे रोपवे के साथ ही आदि कैलाश और ओम पर्वत शिखर के लिए हेलीकॉप्टर सेवा तथा चारधाम के नाम के प्रयोग के विरुद्ध सख्त कानून भी लायी है।

प्रदेश मे मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना की शुरुआत की गयी है जिसमे 123. DBT से 241 छात्रों के खाते में ₹33 लाख 52 हजार रुपये भेजे गए। पीएचडी करने वाले 100 मेधावी विद्यार्थियों को प्रतिमाह ₹5000 की छात्रवृत्ति प्रदान की जायेगी।

प्रदेश की जमीन की रक्षा के लिए सख्त भू कानून धामी सरकार ने अपने वायदे के मुताबिक विस से पास करा लिया। अब तक गैर प्रयोजन उपयोग मे लायी गयी भूमि को सरकार मे निहित करने का प्रावधान इस कानून मे किया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों मे अब कृषि भूमि को कोई बाहरी व्यक्ति नही खरीद पायेगा।

हाईकोर्ट में पेश हों यूपी-उत्तराखंड के अधिकारी

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नैनीताल हाईकोर्ट ने कालागढ़ डेम के पास वन और सिंचाई विभाग की भूमि पर रह रहे 213 परिवारों, जिसमें सेवानिवृत्त कर्मचारी भी शामिल हैं, को हटाने के मामले में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को अगली सुनवाई पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने का आदेश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 21 मार्च को होगी। इस पर सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ द्वारा की गई।

मामला जनहित याचिका से जुड़ा है, जिसमें पहले के आदेश के तहत डीएम आशीष चौहान ने अदालत में रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में बताया गया कि इस क्षेत्र में तीन प्रकार के लोग निवास कर रहे हैं। इनमें कुछ कर्मचारी सक्रिय रूप से कार्यरत हैं, जबकि बाकी सेवानिवृत्त कर्मचारी, उनके परिवार, मजदूर, दुकानदार, ठेकेदार और माल सप्लायर हैं। इन लोगों को विस्थापित करने के लिए उनकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, इस भूमि का कुछ हिस्सा उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन है, इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार से अनुमति प्राप्त करना भी आवश्यक है।

इसके बाद, हाईकोर्ट ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों को 21 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है।

कालागढ़ जन कल्याण उत्थान समिति ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करते हुए बताया था कि तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार ने 1960 में कालागढ़ डेम के निर्माण के लिए वन विभाग की कई हजार हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण करके सिंचाई विभाग को सौंप दी थी। डेम निर्माण के बाद कई हेक्टेयर भूमि वन विभाग को वापस कर दी गई, लेकिन बाकी बची हुई भूमि पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अन्य लोगों का कब्जा है। अब राज्य सरकार 213 लोगों को विस्थापित करने की प्रक्रिया में है।

श्रीझंडे जी आरोहण शुरू

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देहरादून का फेमस श्री झंडे जी मेला आगाज शुरू हो गया है हर साल झंडे जी मेला राम नवमी तक चलता है देश दुनिया के साथ देहरादून में आस्था का संगम देखने को मिलता है बुधवार को श्री दरबार साहिब में सुबह सात बजे से श्री झंडे जी के आरोहण की प्रकिया शुरू हो गई। यहां पहले श्री झंडे जी को उतारा गया। इसके बाद दोपहर में दो से चार बजे तक श्रीमहंत की अगुवाई में आरोहण होगा। इसके लिए दून में संगत भक्ति में डूबी हुई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून के ऐतिहासिक श्री झंडे जी मेले की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। श्री झंडे जी के आरोहण के साथ ही रामनवमी तक चलने वाला मेला शुरू हो जाएगा। श्रीझंडे जी आरोहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यहां आस्था का सैलाब उमड़ा है। जयकारों से दरबार साहिब गूंज उठा। श्रीमहन्त देवेंद्र दास महाराज की अगुवाई में श्रीझंडे जी उतारे गए। राजधानी में आस्था और सद्भावना के प्रतीक श्री झंडे जी का आज (बुधवार) आरोहण दोपहर बाद होगा

देहरादून में सहारनपुर चौक से लेकर झंडे जी तक ट्रैफिक में परेशानी से बचने के लिए पुलिस का ट्रैफिक प्लान देखकर घर से निकले मेला की सुरक्षा को लेकर पुलिस बल मोके पर मौजूद है भारी सख्या में मेला परिसर में लोगो की आस्था का सैलाब देखने को मिल रहा है

प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ की तीन घंटे लंबी बातचीत

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ तीन घंटे लंबी बातचीत की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने भारत के इतिहास और कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। पाकिस्तान से रिश्तों पर पूछे गए सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत ने पाकिस्तान से शांति की हर पहल की है, लेकिन बदले में उसे हमेशा दुश्मनी और धोखा ही मिला है।”

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत की हर शांति की कोशिश को पाकिस्तान ने हमेशा धोखे और विश्वासघात से जवाब दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान के नेता समझदारी दिखाएंगे और भारत के साथ संबंध सुधारने की दिशा में कदम उठाएंगे। ये सभी बातें प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी पॉडकास्ट होस्ट लेक्स फ्रिडमैन से एक साक्षात्कार में कही।

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि 2014 में जब उन्होंने शपथ ग्रहण की थी, तब उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को समारोह में आमंत्रित किया था। उनका उद्देश्य दोनों देशों के रिश्तों में एक नई शुरुआत करना था, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ धोखा और दुश्मनी ही मिली।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान कहा कि पाकिस्तान के आम लोग भी शांति चाहते हैं, क्योंकि वे भी आतंकवाद, हिंसा और अस्थिरता से परेशान हैं। उन्होंने कहा, “निर्दोष बच्चों की हत्या हो रही है, अनगिनत जिंदगियां बर्बाद हो रही हैं। कोई भी सामान्य नागरिक ऐसा माहौल नहीं चाहता।”

2014 में दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के सभी नेताओं को बुलाने का निर्णय भारत की कूटनीतिक मजबूती को दर्शाता है। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमारे तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताया था। इससे दुनिया को भारत की शांति और सौहार्द की प्रतिबद्धता का स्पष्ट संदेश मिला।” हालांकि, पाकिस्तान से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली।

कैबिनेट मंत्री प्रेम ने दिया इस्तीफा नए मंत्रियों पर सबकी नजर

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देहरादून उत्तराखंड कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने सीएम हाउस पहुंच कर अपना इस्तीफा उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को दिया। राज्य में पिछले कई दिनों से विधानसभा में दिए उनके बयान के बाद विरोध हो रहा था। विरोध के चलते उत्तराखंड की भाजपा सरकार बेहद सहज नजर आ रही थी। राज्य नहीं राज्य के बाहर भी कैबिनेट मंत्री का विरोध बीजेपी के लिए सर दर्द बना हुआ था। 

प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफा के पास उत्तराखंड में विरोध का स्वर थम जाएगा लेकिन भाजपा में नए शहरों का पदार्पण कब होगा इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं। माना जा रहा है कि उत्तराखंड की नई कैबिनेट में परिवर्तन हो सकता है, तीन नए मंत्री बनाए जाएंगे या फिर कैबिनेट में मंत्री विभागों में परिवर्तन होगा इसको लेकर सबकी नजर सरकार पर है।

उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार में तीन मंत्रियों के पद खाली पड़े हैं, ऐसे में कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफा के बाद चार मंत्री पद खाली हो गए हैं। माना जा रहा है उत्तराखंड में 2027 के राजनीतिक समीकरण को देखते हुए नए मंत्रियों को कैबिनेट में लाया जा सकता है। इसकी सहमति केंद्रीय नेतृत्व से उत्तराखंड को मिल चुकी है और कभी भी नए मंत्रियों का चयन हो सकता है। नए मंत्रियों में किसका नंबर लगेगा इसको लेकर कुमाऊं के दो दिग्गज नेताओं का नाम प्रमुखता से चल रहा है जबकि गढ़वाल के दो लोगों का नाम प्रमुखता से इसमें लिया जा रहा है।

कुमायु में होली की धूम, जमकर बरसा गुलाल

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उत्तराखंड में शनिवार को होली का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है, हालांकि मौसम के अचानक करवट बदलने से पहाड़ी इलाकों में ठंड का अहसास हुआ। इस दौरान औली, बदरीनाथ और यमुनोत्री जैसी ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई, जबकि मैदानी इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रहा। इस मौसम के बदलाव ने लोगों को फिर से ठंड का अनुभव कराया, खासकर पहाड़ी इलाकों में कड़ाके की ठंड ने होली के उत्साह को थोड़ा फीका किया।

मौसम विभाग ने पहले ही उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई थी, जबकि देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल जिलों में तेज हवाओं के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का येलो अलर्ट भी जारी किया था। इसके साथ ही विभाग ने यह भी कहा कि 17 मार्च तक मौसम खराब रहने की संभावना है।

यमुनोत्री धाम और उसके आसपास क्षेत्र में मध्य रात्रि से बर्फबारी हो रही है, जबकि निचले इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इस बर्फबारी और बारिश के चलते ठंड लौट आई है, लेकिन इसके बावजूद यमुनोत्री हाईवे पर आवाजाही सुचारू रूप से जारी है।

कुमायु मंडल के पांच जिलों में होली का उत्सव भव्य रूप से मनाया जा रहा है, लेकिन मौसम की इस करवट ने पर्व की रौनक को थोड़ी हद तक प्रभावित किया है।

बुरा न मानो होली है : प्रेम नहीं देंगे इस्तीफा नाराज मुख्यमंत्री खटीमा रवाना अजय सिंह हटेंगे मंजूनाथ बनेगे एसएसपी दून

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बुरा न मानो होली है : प्रेम नहीं देंगे इस्तीफा नाराज मुख्यमंत्री खटीमा रवाना अजय सिंह हटेंगे मंजूनाथ बनेगे एसएसपी दून
उत्तराखंड पहाड़ी प्रदेश है शाम होते है हर दिन होली के नाम से फेमस किये तकिया कलाम सूर्य अस्त पहाड़ मस्त जैसे स्लोगन पर विराम लगता देखा जा रहा है होली की शाम से लेकर होली दो दिनों की होने के चलते पहाड़ी प्रदेश में शराब गटक कर पीने वाले बेवड़े सरकार को राजस्व का फायदा दे रहे है शराब महकमें ने अवैध शराब की बिक्री पूरी तरह बंद करवा कर सरकार को राजस्व में अच्छी उछाल की तरफ ले जाने की योजना पर काम करते हुए कुछ कारोबारी से अच्छी रकम ली है जिसका कुछ फायदा दरबारी से लेकर एक खास अफसर को हुआ है होली में शराब की सुगंध दूर तक नहीं फैले उसके लिए राजा को होली के दिन खटीमा ले जाया गया है होली के होलियारों को मिली जानकारी के अनुसार सचिव महोदय ने इस काम को अंजाम देने के लिए खास से आश्रीवाद लेकर मवासी घाम लगा दिया है

पहाड़ पर अब बाहरी प्रदेश के लोगो की जमीनों की खरीद बढ़ती देख उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खरीदी गई जमीनों पर अपनी नजरें टेड़ी की है देहरादून से लेकर विकासनगर सहित रिसोर्ट में पत्ती वाले नेताओं अफसरों सहित महिलाओं के नाम से जमीनों में दर्ज लिस्ट को देखना शुरू कर दिया है ऐसा पता चला है होली पर जमीनों की धूम वाली फ़िल्मी सीरीज राजनैतिक संकट पैदा कर सकती है दुबई वाले होटल पर कुछ नज़र लगी है राज्य के लोग बाहरी लोगो के घरो में नौकरी करते देखे जायेगे

होली का तोहफा उत्तराखंड को मिल गया है। प्लानिंग स्क्रिप्ट रइटर वाला कॉरिडोर प्रेम चंद अग्रवाल को कैबिनेट मंत्री से जनता के भारी दबाव की रचना कर मंत्री पद से इस्तीफा देने का दवाब बना रहा है। लेकिन मंत्री महोदय अब कुछ बड़ा करेंगे उनको खास ने जानकारी देते हुए पूरा खेला उनके खिलाफ कहा से चला बता दिया है मामला बड़े दरबार से जाने के बाद बड़ा नुकसान होना तय है होली के होलियारों को मिली जानकारी के अनुसार प्रेम चंद अग्रवाल ने कहा कि जनभावनाओं का ख्याल करते हुए वह इस्तीफा नहीं दे रहे हैं। उन्होंने इस्तीफा नहीं देने की बात के बाद होली प्रोग्राम में गढ़वाली गानों पर जमकर ठुमके भी लगाए।

सैनिक खून की कसम वाले मंत्री गणेश जोशी आय से अधिक संपत्ति मामले में अपने खिलाफ हुई मोदी दरबार तक पहुंची जमीनों फ़ैक्टरी लिस्ट से परेशान है वो उसको खोज रहे है जिसने जानकारी देकर उनको परेशान किया है अब मंत्री जी खेती पर अधिक ध्यान देने की योजना बना रहे है जिसके लिए उनके पार्टनर कुमायु में जमीनों की खरीद कर चुके है प्राकृतिक और जैविक खेती पर गणेश जोशी अब खेती करेंगे उसकी फसल की बिक्री बाजार में होगी जिसका दाम इंडिया के बहार से तय होगा

मंत्री गणेश जोशी अपनी फिटनेस पर खास ध्यान दे रहे है वो प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया नारे को आगे बढ़ाएंगे ताकि मोटापा खत्म किया जाएं क्योकि उनकी विधानसभा मंसूरी काफी ऊंचाई पर है जिसके चलते कई जगह पर जाने में मोटापा आड़े आ रहा है लेकिन होलियारों को मिली जानकारी के अनुसार कैबिनेट मंत्री ने तय किया है कि फिट उत्तराखंड अभियान को धार देंगे अपनी बेटी नेहा की राजनैतिक 2027 में विधायक दौड़ में इन दिनों वो जुटे हुए है।

होलियारों को मिली जानकारी के अनुसार आईपीएस अफसर मंजूनाथ टी सी को देहरादून का एसएसपी बनाया जा रहा है अजय सिंह एसएसपी को हटाए जाने के लिए खास अफसर लॉबिंग कर रहे है रोमियो मिजाज एक डिस्क पर इन दिनों शाम की महफ़िल में कई आईपीएस की पार्टी में ठुमके राजा के दरबार में पहुंचे है आजकल वो मुख्यमंत्री दरबार में खास तरह से नज़र आ रहे है उनकी महकमे के खास नए साहब पर नज़र है साहब की महफिले कहाँ सजती है आजकल वो अपना ज्ञान बड़े दरबारी को बाँट रहे है दूसरे ज़िले के आईपीएस की महफिले इन दिनों रेसलिंग रिंग पर दूसरे आईपीएस अफसरों को पसंद नहीं आ रही है

बुरा न मानो होली है। होली की हार्दिक शुभकामनाएं।