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अंकिता भंडारी हत्याकांड तीनों आरोपी को मिली उम्र कैद सरकार के कड़क फैसले ने दिखाया दम

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बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे कोर्ट) ने आज फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने तीनों आरोपियों पुलकित आर्य, उसके कर्मचारी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को हत्या के मामले में दोषी करार दिया है। इन पर 302, 201, 354, धाराओं में दोष सिद्ध हुआ है। वहीं, कोर्ट ने तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 50-50 हजार रुपये का अर्थ दंड और अंकिता के परिजनों को चार लाख रुपये देने का फैसला भी कोर्ट ने सुनाया। 

उत्तराखंड में चर्चित अंकिता भंडारी केस में पुष्कर सिंह धामी सरकार के कड़क फैसले से आरोपी जेल में भेजे गए थे कोर्ट में मजबूत पैरवी से उत्तराखंड में धामी सरकार पर जनता का भरोसा अधिक हुआ है आरोपी कोई भी हो लेकिन धामी सरकार ने किसी को नहीं बक्शा है अंकिता मामले में तीनों आरोपी उम्र कैद की सजा सुनाए जाने के बाद हर तरफ अब चर्चा में पुष्कर सिंह धामी सरकार के पक्ष में माहौल देखा जा रहा है

उत्तराखंड में कड़क धामी सरकार पहले से ही अपने फैसले लेकर जनता का भरोसा जीत पाने में कामयाब रही अब अंकिता भंडारी मामले में सजा सुनाए जाने के बाद अंकिता भंडारी के परिजनों ने कानून का न्याय मिलने पर भरोसा कायम किया है उन्होंने कहा आरोपी सजा पाकर आज उनको न्याय मिला है

अंकिता भंडारी मामले पर तीनों आरोपी पर बड़ा फैसला

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कोटद्वार अंकिता भंडारी हत्याकांड में बड़ी खबर पर सबकी नजर रही कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में आज शुक्रवार को सुनवाई हुई. इस फैसले पर पूरे देश की निगाह टिकी हुई थी. इस मामले के तीन मुख्य आरोपी हैं – पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता, तीनों को अदालत ने दोषी माना है. पुलकित आर्य वंतारा रिज़ॉर्ट का मालिक था, जहां से 18 सितंबर 2022 को अंकिता रहस्यमयी तरीके से लापता हुई थीं. बाद में उसका शव एक नहर से बरामद हुआ था. इस घटना से पूरे प्रदेश में आक्रोश फैल गया था.

पुलकित आर्य पर IPC की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य मिटाना), 354A (छेड़छाड़) और अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय हुए हैं. वहीं, अन्य दोनों आरोपियों पर भी हत्या और अनैतिक कार्यों में सहयोग के आरोप लगे हैं.मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी, जिसने 500 से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट दाखिल की. इसमें कुल 97 गवाह नामित किए गए थे, जिनमें से अभियोजन पक्ष ने 47 गवाहों को पेश किया था.

उत्तराखंड में चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कोर्ट परिसर पूरी तरह पुलिस घेरे में रहा तीनों आरोपी कोर्ट में लाए गए फैसले पर सबकी नजर रही मीडिया से लेकर हर जगह आखिरकार फैसला आया तीनों आरोपी पर दोष सिद्ध को लेकर गवाह से लेकर साक्ष्य प्रस्तुत हुए थे

उत्तराखंड में “विकसित कृषि संकल्प अभियान” का शुभारंभ

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उत्तराखंड में “विकसित कृषि संकल्प अभियान” का शुभारंभ, किसानों को मिलेगा वैज्ञानिक और तकनीकी मार्गदर्शन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुनियाल गांव से की शुरुआत, 12 जून तक चलाया जाएगा विशेष अभियान

देहरादून, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को गुनियाल गांव से “विकसित कृषि संकल्प अभियान” का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह अभियान प्रदेश के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, योजनाओं और नवाचारों से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 29 मई से 12 जून तक चलने वाले इस अभियान के तहत कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों की टीमें 95 विकासखंडों, 670 न्याय पंचायतों और 11,440 गांवों में पहुंचेंगी। पूरे प्रदेश में तीन टीम प्रति जिला के मान से प्रतिदिन तीन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें हर कार्यक्रम में 600 से अधिक किसानों से संवाद किया जाएगा।

मुख्य उद्देश्य और लाभ

मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान का उद्देश्य किसानों को मृदा परीक्षण, उन्नत फसलों का चयन, कृषि यंत्रों, पशुपालन, बागवानी, और सरकारी योजनाओं की जानकारी देना है। साथ ही, किसानों के पारंपरिक ज्ञान और सुझावों को एकत्र कर उन्हें वैज्ञानिक शोधों में उपयोग किया जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कहा,

“यह अभियान हमारे किसानों को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है, जिसमें अन्नदाताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।”

राज्य सरकार की कृषि योजनाएं

मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की किसान-हितैषी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि:

  • किसानों को 3 लाख तक ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है।
  • फार्म मशीनरी बैंक योजना में 80% तक सब्सिडी
  • गन्ना मूल्य में ₹20 प्रति क्विंटल की वृद्धि।
  • सिंचाई नहरों से मुफ्त जल आपूर्ति
  • पॉलीहाउस निर्माण हेतु ₹200 करोड़ का बजट प्रावधान
  • 1000 करोड़ की लागत से वर्षा आधारित खेती को बढ़ावा
  • 1200 करोड़ की लागत से नई सेब, कीवी, मिलेट और ड्रैगन फ्रूट नीति लागू।
  • जैविक चाय बागानों और 6 एरोमा वैली का विकास।

स्थानीय घोषणाएं

गुनियाल गांव में सामुदायिक भवन के जीर्णोद्धार, सौंग नदी संरक्षण हेतु चैक डैम, आरसीसी दीवार और कट-ऑफ वॉल निर्माण की घोषणा भी की गई।

कृषि मंत्री गणेश जोशी का वक्तव्य

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अभियान को “विकसित भारत 2047” के विज़न से जोड़ते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने विपणन वर्ष 2025-26 के लिए खरीफ फसलों के एमएसपी में 50 से 60% वृद्धि को मंजूरी दी है। इससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

उपस्थित गणमान्य

इस अवसर पर भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, कृषि सचिव एस.एन. पाण्डेय, महानिदेशक कृषि रणवीर सिंह चौहान, पंतनगर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान, भरसार विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रमेन्द्र कौशल, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने को परिवहन विभाग ने किया भव्य आयोजन

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गुड सेमिरिटन समेत तीन नागरिकों को किया गया सम्मानित, ‘4E मॉडल’ को बताया गया कारगर उपाय

देहरादून, राज्य में सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा दून लाइब्रेरी, परेड ग्राउंड में एक जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने की, जबकि विशिष्ट अतिथियों के रूप में विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, मानवाधिकार आयोग सदस्य राम सिंह मीणा, एवं परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सम्मान से प्रोत्साहन: नेक राहगीरों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए तीन नागरिकों को सम्मानित किया गया:

  • गुड सेमिरिटन (नेक राहवीर) सम्मान: सुश्री विजयश्री जोशी को सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता कर उसे अस्पताल पहुंचाने हेतु प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिन्ह एवं ₹5000 नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।
  • सड़क सुरक्षा जागरूक नागरिक सम्मान: आशु कुशवाहा को यातायात नियमों की जनजागरूकता फैलाने हेतु सम्मानित किया गया।
  • सड़क सुरक्षा मित्र सम्मान: उमेश्वर सिंह रावत को स्वेच्छा से सड़क सुरक्षा क्षेत्र में योगदान हेतु सम्मान प्रदान किया गया।

सांसद ने किया सड़क सुरक्षा को राष्ट्रीय चिंता का विषय घोषित

अपने संबोधन में सांसद श्री नरेश बंसल ने कहा, “एक शहर से दूसरे शहर की दूरी भले घटी हो, लेकिन सड़क हादसे बढ़ते जा रहे हैं। यह पूरे देश के लिए चिंता का विषय है।” उन्होंने ट्रैफिक नियमों के पालन की अनिवार्यता पर बल देते हुए सुझाव दिया कि स्कूल-कॉलेज, ब्लॉकों और सार्वजनिक स्थलों पर यातायात संकेतों और साइनबोर्डों के माध्यम से जनजागरूकता फैलाई जाए।

सुरक्षा के चार स्तंभ: ‘4E’ मॉडल

कार्यक्रम में आरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. अनिता चमोला ने सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने हेतु ‘4E’ मॉडल—इंजीनियरिंग, एजुकेशन, इनफोर्समेंट, और इमरजेंसी केयर—के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि अच्छी सड़कें, बेहतर शिक्षा, नियमों का कड़ाई से पालन और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता से दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।

रैली के माध्यम से दिया सड़क सुरक्षा का संदेश

कार्यक्रम के बाद घंटाघर से परेड ग्राउंड तक सड़क सुरक्षा पर केंद्रित एक जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इसमें ई-वाहन, ई-ऑटो, ड्राइविंग स्कूल वाहन, प्रदूषण चेकिंग लैब्स आदि शामिल रहे।

उपस्थित विशिष्टजन

कार्यक्रम में सहायक परिवहन आयुक्त शैलेश तिवारी, आरटीओ डॉ. संदीप सैनी, सीओ ट्रैफिक जगदीश चंद्र पंत, एआरटीओ चक्रपाणी मिश्रा, पंकज श्रीवास्तव, परिवहन कर अधिकारी अनिल नेगी सहित कई विभागीय अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता व नागरिक उपस्थित रहे।

राजस्व प्राप्ति से ही संभव है राज्य का सतत विकास: डीएम सविन बंसल

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राजस्व प्राप्ति से ही संभव है राज्य का सतत विकास: डीएम सविन बंसल

देहरादून, देहरादून जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय राजस्व संवर्धन एवं अनुश्रवण समिति की मासिक बैठक का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। बैठक में विभिन्न रेखीय विभागों को वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु निर्धारित राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति, कर चोरी की रोकथाम, और राजस्व वृद्धि के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

राजस्व ही राज्य के सुशासन की आधारशिला

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राजस्व प्राप्ति राज्य सरकार की विकास योजनाओं, सेवा वितरण और बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए अतिमहत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा, “राजस्व की उपलब्धता ही शासन को मजबूत बनाती है।” अतः प्रत्येक रेखीय विभाग को चाहिए कि वह कर और गैर कर राजस्व के लक्ष्यों को समय से प्राप्त करे।

प्रवर्तन और समन्वय—दोनों जरूरी

बैठक में डीएम ने कहा कि जिला प्रशासन का दायित्व केवल प्रवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरविभागीय समन्वय, प्रोत्साहन और नीति क्रियान्वयन भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने विभागों को क्षेत्रीय निरीक्षण बढ़ाने और कर अपवंचन पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

विभागवार निर्देश

  • खनन, बाट-माप और परिवहन विभाग को प्रवर्तन की कार्यवाही में तेजी लाने को कहा गया।
  • विद्युत एवं जल संस्थान को उपभोक्ता कनेक्शन की सघन समीक्षा करते हुए बिजली व पानी चोरी पर रोक लगाने के निर्देश।
  • आबकारी, वन, सिंचाई विभाग सहित अन्य राजस्व-संबंधित विभागों को समयबद्ध लक्ष्य प्राप्ति के लिए कार्ययोजना बनाने को कहा गया।

राजस्व रिपोर्टिंग और विश्लेषण

अपर जिलाधिकारी के. के. मिश्रा ने वर्ष 2024-25 में विभागीय आय और निर्धारित लक्ष्यों की तुलना प्रस्तुत की तथा आगामी वर्ष 2025-26 के लिए विभागवार राजस्व लक्ष्य साझा किए।

उपस्थित अधिकारी

बैठक में सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता संजय राज, एसडीएफओ उदय गौर, अभिषेक मैठाणी, एडीसीओ रश्मि भट्ट, खनन अधिकारी नवीन सिंह, श्रम अधिकारी दीपक कुमार, और विभिन्न रेखीय विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मसूरी में आधारभूत संरचना सुधार को लेकर अधिकारियों के साथ की बैठक

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मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मसूरी में आधारभूत संरचना सुधार को लेकर अधिकारियों के साथ की बैठक

देहरादून, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में मसूरी में आधारभूत संरचना एवं नागरिक सुविधाओं में सुधार को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में रोड कनेक्टिविटी, यातायात संकुलन, पर्यटन गंतव्यों के विकास, और स्थानीय नागरिक सुविधाओं को लेकर व्यापक चर्चा की गई।

यातायात और सड़क व्यवस्था पर फोकस

मुख्य सचिव ने मसूरी में यातायात जाम की गंभीर समस्या पर चिंता जताते हुए वैकल्पिक मार्गों के सुधार, जैसे झड़ीपानी रोड, कैमल्स बैक रोड, लंढौर, खट्टापानी रोड के चौड़ीकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी विकास विभाग को इस पूरी प्रक्रिया का नोडल विभाग बनाया गया है।

साथ ही, उन्होंने निर्देश दिए कि मसूरी ट्रैफिक प्लान को सख्ती से लागू किया जाए और पूर्व में संचालित गोल्फ कार्ट सेवा को फिर से शुरू किया जाए, जिससे मॉल रोड पर ट्रैफिक का दबाव कम हो सके।

नए पर्यटन स्थलों की पहचान और विकास

मुख्य सचिव ने झड़ीपानी फॉल, शिखर फॉल, मॉसी फॉल जैसे स्थलों को विकसित करने के निर्देश दिए, साथ ही मसूरी क्षेत्र में नए ट्रेकिंग रूट्स और पर्यटन स्थलों की तलाश कर पर्यटन मैप तैयार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि मसूरी में पर्यटन का दबाव कम करने और नए गंतव्यों को बढ़ावा देने के लिए यह आवश्यक है।

पार्किंग और इको-फ्रेंडली उपायों पर बल

उन्होंने नए पार्किंग स्थलों की पहचान, किंग क्रेग पार्किंग के शीघ्र संचालन, तथा निर्माण कार्यों में पर्यावरणीय सौंदर्य को बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही ईको टोल टैक्स को FASTag के माध्यम से वसूलने और सड़कों पर सोलर स्ट्रीट लाइट्स लगाने की बात कही, ताकि बिजली जाने की स्थिति में भी रोशनी बनी रहे।

र Ropeway योजना पर प्रारंभिक सर्वेक्षण

मुख्य सचिव ने मसूरी की इंटरनल कनेक्टिविटी बढ़ाने हेतु रोपवे की संभावनाओं पर अध्ययन कराने के निर्देश दिए हैं।


उपस्थित अधिकारी:
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव नितेश कुमार झा, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी सविन बंसल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

हरिद्वार नगर निगम भूमि घोटाले पर जांच रिपोर्ट पेश, तीन वरिष्ठ अधिकारी दोषी करार

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देहरादून/हरिद्वार, हरिद्वार नगर निगम की भूमि खरीद में हुए कथित करोड़ों के घोटाले को लेकर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रणवीर सिंह चौहान द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। रिपोर्ट में हरिद्वार के जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह, तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी और एसडीएम अजयवीर सिंह को प्रथम दृष्टया दोषी ठहराया गया है।

रिपोर्ट शहरी विकास सचिव नितेश झा को सौंपी गई है और अब निर्णय की गेंद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के पाले में है।

क्या है मामला:

नगर निगम हरिद्वार ने सराय गांव में वर्ष 2024 के अंत में एक 33 बीघा कृषि भूमि को कमर्शियल उपयोग के लिए लगभग 54 करोड़ रुपये में खरीदा था। जांच में सामने आया कि भूमि का लैंड यूज नियमों को ताक पर रखकर केवल 20 दिनों में बदल दिया गया, जिससे उसकी कीमत अचानक कई गुना बढ़ गई। सर्किल रेट के अनुसार यह भूमि 15 करोड़ से भी कम में खरीदी जा सकती थी।

जांच में सामने आई प्रमुख बातें:

  • भूमि खरीद में पूर्व अनुमति, ट्रांसपेरेंसी और नीलामी प्रक्रिया का उल्लंघन
  • लैंड यूज परिवर्तन में एसडीएम कार्यालय की असामान्य तेजी
  • भूमि को गोदाम निर्माण के नाम पर खरीदा गया, लेकिन उपयोग को लेकर स्पष्ट योजना नहीं थी
  • सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत, बिना ठोस परियोजना के भूमि क्रय
  • फाइलों के “असामान्य वेग” से दौड़ने पर “बाहरी दबाव” की आशंका

अब तक की कार्रवाई:

1 मई को चार नगर निगम अधिकारियों को निलंबित किया गया था।
अब जांच रिपोर्ट के आधार पर तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों पर भी कार्मिक विभाग स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना बन रही है।

किसानों के खाते फ्रीज:

जिन किसानों से भूमि खरीदी गई, उनके खातों को फ्रीज करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

पारदर्शिता पर गंभीर सवाल:

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि भूमि खरीद के पीछे कोई स्पष्ट योजना या परियोजना नहीं थी, और न ही शासन से स्वीकृति ली गई थी। धारा 143 के अंतर्गत दी गई सशर्त अनुमति का भी दुरुपयोग हुआ।


निष्कर्ष:

हरिद्वार भूमि खरीद घोटाले में प्रशासनिक लापरवाही, वित्तीय अनियमितता और संभावित भ्रष्टाचार की पुष्टि के बाद अब नजरें मुख्यमंत्री धामी सरकार की कार्रवाई पर टिकी हैं। क्या दोषियों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा — यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज संग त्रिवेंद्र रावत का नया मिशन

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हरिद्वार में वैवाहिक संस्था को मजबूत बनाने हेतु चिंतन बैठक सम्पन्न, प्री-वेडिंग काउंसलिंग पर बल

हरिद्वार, हरिद्वार में एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य समाज में तेजी से बढ़ रही तलाक की प्रवृत्ति पर गंभीर विमर्श करना और उसके संभावित समाधान तलाशना था। यह बैठक परम पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज के पावन सान्निध्य में सम्पन्न हुई।

बैठक में वक्ताओं ने इस बात पर गहरा विचार व्यक्त किया कि आज विवाह केवल एक सामाजिक अनुबंध नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक यात्रा है, जिसे समझदारी, सहनशीलता और मूल्य आधारित दृष्टिकोण से निभाया जाना चाहिए। इसी क्रम में ‘प्री-वेडिंग काउंसलिंग’ को आज की आवश्यकता बताया गया, जिससे वैवाहिक जीवन को बेहतर बनाया जा सके।

चार वर्गों पर होगा विशेष फोकस

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्री-वेडिंग काउंसलिंग के तहत विशेष रूप से निम्नलिखित चार वर्गों को मार्गदर्शन दिया जाएगा:

  1. विवाह योग्य युवक एवं युवतियाँ
  2. कॉलेज में प्रवेश लेने वाले युवा वर्ग
  3. माता-पिता, विशेषकर अभिभावक वर्ग
  4. तलाक का अनुभव कर चुके व्यक्ति

लिव-इन रिलेशनशिप पर चिंता

स्वामी अवधेशानंद जी ने कहा कि आजकल लिव-इन रिलेशनशिप की बढ़ती प्रवृत्ति समाज के लिए अत्यंत चिंताजनक संकेत है। यह पारिवारिक मूल्यों और स्थायी रिश्तों की अवधारणा को कमजोर कर रहा है। ऐसे में युवाओं को सांस्कृतिक एवं नैतिक दिशा देने हेतु संस्थागत प्रयासों की आवश्यकता है।

देवभूमि विकास संस्थान की पहल

इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, देवभूमि विकास संस्थान ने घोषणा की है कि वह शीघ्र ही ‘प्री-वेडिंग काउंसलिंग सत्रों की एक श्रृंखला’ आरंभ करेगा। इन सत्रों का उद्देश्य वैवाहिक जीवन को सशक्त करना, युवा पीढ़ी को वैवाहिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना और सामाजिक संतुलन बनाए रखना होगा।


निष्कर्ष:

हरिद्वार से उठी यह पहल न केवल उत्तराखंड, बल्कि पूरे देश के लिए एक नई वैचारिक दिशा प्रस्तुत करती है – जिसमें विवाह को फिर से सम्मान और संतुलन के साथ जीने का प्रयास किया जाएगा।

मुख्य सेवक संवाद: मुख्यमंत्री ने सौर स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों से की सीधी बातचीत हर जनपद में स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्रों को ‘सौर सखी’ नाम से पहचाना जाएगा

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मुख्य सेवक संवाद”: मुख्यमंत्री ने सौर स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों से की सीधी बातचीत

उत्तराखंड को ‘वोकल फॉर लोकल’ का लाभ, हर जनपद में सौर संयंत्र होंगे ‘सौर सखी’ के नाम से

देहरादून, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज ‘मुख्य सेवक संवाद’ कार्यक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान का लाभ अब उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों तक स्पष्ट रूप से पहुंच रहा है, और इसी कड़ी में राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि हर जनपद में स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्रों को ‘सौर सखी’ नाम से पहचाना जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल महिलाओं को सशक्त बनाने, स्थानीय पहचान को बढ़ावा देने और सौर ऊर्जा के प्रसार को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से की जा रही है।

“हमारा लक्ष्य है कि सौर ऊर्जा परियोजनाएं केवल तकनीकी नवाचार तक सीमित न रहें, बल्कि सामाजिक सहभागिता और स्थानीय महिलाओं की भागीदारी से जुड़े। ‘सौर सखी’ नाम उन्हें नई पहचान और सम्मान देगा।”
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

प्रमुख उद्देश्य:

  • स्थानीय महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना
  • सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता
  • ‘वोकल फॉर लोकल’ के माध्यम से रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता को गति देना

सरकार की यह पहल ग्रामीण विकास, हरित ऊर्जा, और महिला सशक्तिकरण के संगम का एक सशक्त उदाहरण मानी जा रही है।

देहरादून, राजधानी देहरादून में आज “मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना” के लाभार्थियों के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम “मुख्य सेवक संवाद” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लाभार्थियों से सीधे संवाद किया, उनकी सफलता की कहानियाँ सुनीं और राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावों की जमीनी हकीकत का जायज़ा लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि,

“उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सौर ऊर्जा आधारित स्वरोजगार एक महत्वपूर्ण पहल है। सरकार का प्रयास है कि युवा केवल नौकरी के पीछे न भागें, बल्कि खुद रोजगार देने वाले बनें।”

लाभार्थियों की जुबानी सफलता की कहानियाँ

कार्यक्रम के दौरान कई लाभार्थियों ने मंच से अपने अनुभव साझा किए। किसी ने अपने गांव में सोलर पंप लगाकर कृषि उत्पादन बढ़ाया, तो किसी ने सोलर प्लांट से बिजली उत्पादन कर आय के नए स्रोत खोले। मुख्यमंत्री ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि ये उदाहरण प्रदेश के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे।

सरकार का समर्थन जारी

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार सौर ऊर्जा, स्टार्टअप और स्वरोजगार योजनाओं के लिए न केवल आर्थिक सहयोग दे रही है, बल्कि मार्गदर्शन और प्रशिक्षण की सुविधाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लाभार्थियों से लगातार संवाद बनाए रखें और किसी भी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक अड़चन को शीघ्र दूर करें।

कार्यक्रम में ऊर्जा विभाग, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा निगम, जिला प्रशासन के अधिकारी, और बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे।


मुख्य बिंदु:

  • स्थान: देहरादून
  • उद्देश्य: मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों से सीधा संवाद
  • प्रमुख अतिथि: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
  • फोकस: आत्मनिर्भर उत्तराखंड के लिए नवाचार, सौर ऊर्जा और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना

लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का शार्प शूटर नवीन कसाना मुठभेड़ में ढेर, एक बदमाश फरार

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लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का शार्प शूटर नवीन कसाना मुठभेड़ में ढेर, एक बदमाश फरार

हापुड़, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और उत्तर प्रदेश एसटीएफ की नोएडा यूनिट की संयुक्त कार्रवाई में कुख्यात अपराधी नवीन कसाना को बुधवार देर रात हापुड़ जिले के प्रीत विहार क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया गया। नवीन, लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सक्रिय सदस्य और दिल्ली-एनसीआर में कई संगीन वारदातों में वांछित था।

पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ उस वक्त हुई जब पुलिस टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर उसे पकड़ने की कोशिश की। पुलिस ने जब सरेंडर का आदेश दिया, तो आरोपी ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

नवीन कसाना: एक लंबा आपराधिक इतिहास

नवीन कसाना लोनी, गाजियाबाद का निवासी था और पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उस पर हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती, लूट, अपहरण और मकोका जैसे 20 से अधिक संगीन अपराध दर्ज थे। वह दिल्ली के शाहदरा जिले में एक बर्तन व्यापारी की हत्या का भी आरोपी था। इसके अलावा वह गैंगस्टर हाशिम बाबा के साथ भी जुड़ा रहा है, जो वर्तमान में मंडोली जेल में बंद है।

यूपी और हरियाणा में भी था वांछित

कसाना उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी कई मामलों में वांटेड था। वर्ष 2009 में गाजियाबाद के साहिबाबाद में एक हत्या का आरोपी बना, वहीं 2011 में गुड़गांव के सदर थाना क्षेत्र में हत्या और हत्या के प्रयास का मामला भी दर्ज हुआ।

दिल्ली में उस पर मकोका के तहत 2015 में सदर बाजार इलाके में मुकदमा दर्ज हुआ था। दो मामलों में उसे सजा हो चुकी थी, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद वह फिर से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय हो गया था।

मुठभेड़ का घटनाक्रम

घटना बुधवार रात करीब 11 बजे हापुड़ कोतवाली क्षेत्र के प्रीत विहार में हुई। नवीन बाइक पर सवार था और पुलिस को देख भागने लगा। उसे रुकने का इशारा किया गया, लेकिन उसने गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। मौके से एक बाइक और एक ऑटोमैटिक पिस्टल बरामद हुई है।

एक अन्य बदमाश फरार, दो पुलिसकर्मी घायल

मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी – अंकुर और बिजेंद्र घायल हुए हैं। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना में एक अन्य बदमाश फरार हो गया है, जिसकी तलाश में टीमें लगाई गई हैं।

“मृतक बदमाश की पहचान नवीन कुमार, निवासी लोनी गाजियाबाद के रूप में हुई है।”
— ज्ञानंजय सिंह, एसपी, हापुड़

“मुठभेड़ के दौरान दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। एक अन्य आरोपी की तलाश की जा रही है।”
— आर.के. मिश्रा, एडिशनल एसपी, नोएडा एसटीएफ