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मैंगो मैन’ हाजी कलीमुल्लाह ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नाम पर रखी आम की नई किस्म

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मैंगो मैन’ हाजी कलीमुल्लाह ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नाम पर रखी आम की नई किस्म

मलीहाबाद, — विश्वप्रसिद्ध आम उत्पादक और पद्मश्री से सम्मानित हाजी कलीमुल्लाह खान, जिन्हें ‘मैंगो मैन’ के नाम से जाना जाता है, ने एक बार फिर अपनी अनूठी सोच और नवाचार से सबको चौंकाया है। उन्होंने आम की एक नई किस्म विकसित कर उसे ‘राजनाथ सिंह’ नाम समर्पित किया है। यह विशेष भेंट उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के उपलक्ष्य में देश के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह को समर्पित की।

हाजी कलीमुल्लाह खान ने बताया,

“मैंने इस आम का नाम राजनाथ सिंह जी के नाम पर इसलिए रखा क्योंकि वे न सिर्फ एक कुशल राजनेता हैं, बल्कि एक सादगीपूर्ण और सम्मानित व्यक्तित्व भी हैं। उनका स्वभाव लोगों को उनके करीब लाता है। मैंने पहले भी उनके नाम पर आम रखने का विचार किया था, लेकिन अब मुझे एक ऐसी किस्म मिली है जो उनकी कद-काठी से मेल खाती है।”

उन्होंने आगे कहा कि यह किस्म 7-8 वर्षों की मेहनत के बाद पहली बार फली है, और हर फल का वजन आधा किलो से अधिक है। आकार में ये आम लंबे हैं, ठीक वैसे ही जैसे राजनाथ सिंह जी की ऊंची शख्सियत।

हाजी कलीमुल्लाह का उद्देश्य है कि यह आम की किस्म राजनाथ सिंह जी के नाम को विश्व स्तर पर पहचान दिलाए। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में ये आम और अधिक बड़े और बेहतर स्वाद वाले होंगे।

गौरतलब है कि हाजी कलीमुल्लाह खान आम की अनोखी किस्मों के लिए जाने जाते हैं, और उन्होंने अब तक 300 से अधिक किस्मों को एक ही पेड़ पर विकसित करने का कारनामा कर दिखाया है।

10 वर्षों बाद आयोजित हुई रायफल क्लब समिति की बैठक, अनुदान राशि में वृद्धि का निर्णय

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देहरादून, 10 वर्षों बाद आयोजित हुई रायफल क्लब समिति की बैठक, अनुदान राशि में वृद्धि का निर्णय

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आज ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट देहरादून में रायफल क्लब समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक लगभग 10 वर्षों के अंतराल के बाद संपन्न हुई है। वर्ष 2015 के बाद यह पहला अवसर है जब समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में रायफल क्लब द्वारा संचालित कार्यों के लिए अनुदान राशि में वृद्धि का निर्णय लिया गया। जिलाधिकारी ने समिति के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करते हुए सोसायटी एक्ट के तहत क्लब का पंजीकरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रायफल फंड को अधिक सशक्त और पारदर्शी बनाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है, जिससे इस निधि का उपयोग निर्बल, असहाय और जनसामान्य के हितार्थ किया जा सके।

जिलाधिकारी श्री बंसल ने स्पष्ट किया कि शस्त्र लाइसेंस एक लग्ज़री ट्रांजैक्शन है, और इससे संबंधित समस्त प्रक्रियाओं – जैसे नया लाइसेंस, नवीनीकरण, सीमा विस्तार, श्रेणी परिवर्तन, क्रय-विक्रय आदि – के लिए उच्च निवल मूल्य निर्धारित किया गया है। इससे प्राप्त अनुदान रायफल क्लब को वित्तीय रूप से सक्षम बनाएगा

रायफल फंड से पहली बार सहायता वितरण

जिलाधिकारी की पहल पर रायफल फंड से पहली बार जरूरतमंदों को ₹8,01,950 की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। प्रमुख लाभार्थियों में शामिल हैं:

  • झुग्गी बस्ती प्रेमनगर की दिव्यांग महिला को बालवाड़ी मरम्मत हेतु ₹1,30,000
  • ग्राम फनार, तहसील त्यूनी की विधवा श्रीमती नीतू दुर्गादेवी को विद्युत बिल भुगतान हेतु ₹18,000
  • अनाथ अदिति के पिता द्वारा लिए गए ऋण हेतु ₹50,000
  • शमीमा (भगत सिंह कॉलोनी) को स्वरोजगार प्रारंभ करने हेतु ₹30,000
  • सरस्वती शिशु मंदिर, भोगपुर को बच्चों के परिवहन हेतु वाहन के लिए ₹5,73,950

अन्य निर्णय

बैठक में रायफल क्लब के तहत शस्त्र लाइसेंस से जुड़ी सभी सेवाओं हेतु अनुदान राशि ₹2,500 से ₹25,000 तक निर्धारित करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जयभारत सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, पुलिस अधीक्षक (नगर) प्रमोद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी सुश्री कुमकुम जोशी, तथा मुख्य कोषाधिकारी सुश्री नीतू भंडारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक, 11 अहम प्रस्तावों को मिली मंजूरी

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक, 11 अहम प्रस्तावों को मिली मंजूरी

देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें कुल 11 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन प्रस्तावों में राज्य की पहली योग नीति, गोल्डन कार्ड के माध्यम से कैशलेस इलाज की नई व्यवस्था, और औद्योगिक विकास सहित अनेक अहम निर्णय शामिल हैं।

प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:

1. राज्य की पहली योग नीति को मंजूरी

  • प्रदेश में पांच नए योग हब स्थापित किए जाएंगे।
  • पहाड़ी क्षेत्रों में 50% और मैदानी क्षेत्रों में 25% तक सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
  • योग को बढ़ावा देने हेतु योग शिक्षकों को ₹250 प्रतिदिन की प्रतिपूर्ति दी जाएगी।

2. स्वास्थ्य सेवाएं – गोल्डन कार्ड व्यवस्था में सुधार

  • अटल आयुष्मान योजना के तहत गोल्डन कार्डधारकों को कैशलेस इलाज के लिए नई व्यवस्था लागू होगी।
  • इसके लिए ₹75 करोड़ का ऋण लिया जाएगा, जिससे अस्पतालों को भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
  • नीति निर्माण हेतु हितधारकों से विमर्श किया जाएगा।

3. वित्तीय प्रावधान – अधिप्राप्ति नियमों में संशोधन

  • उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली 2017 में संशोधन।
  • स्थानीय लोगों को रोजगार देने के लिए 5 करोड़ की सीमा बढ़ाकर 10 करोड़ की गई।
  • ई और डी श्रेणी के पंजीकृत ठेकेदारों की सीमा बढ़ाई गई।
  • स्वयं सहायता समूहों को ₹5 लाख तक के कार्य दिए जा सकेंगे।
  • एमएसएमई को लोवेस्ट टेंडर से 10% तक अधिक दर होने पर प्राथमिकता।
  • टेंडर सिक्योरिटी की ऑनलाइन सुविधा, ईबीजी प्रणाली लागू होगी।
  • शिकायत निवारण हेतु IFMS पोर्टल पर ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम

4. नई औद्योगिक नीति – उत्तराखंड मेगा इंडस्ट्रियल पॉलिसी

  • नई नीति अगले पांच वर्षों के लिए प्रभावी होगी।
  • उद्योगों को चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया:
    • लार्ज इंडस्ट्री (₹50-200 करोड़): 50 स्थायी रोजगार पर 10% सब्सिडी।
    • अल्ट्रा लार्ज (₹200-500 करोड़): 150 स्थायी रोजगार पर 15% सब्सिडी।
    • मेगा (₹500-1000 करोड़): 300 स्थायी रोजगार आवश्यक।
    • अल्ट्रा मेगा (₹1000 करोड़ से अधिक): 509 स्थायी रोजगार आवश्यक।

5. सेवा क्षेत्र नीति 2024 को मंजूरी

  • जहां पहले से सेवा आधारित संस्थान हैं, वहां सब्सिडी नहीं दी जाएगी।
  • सेवा विहीन क्षेत्रों में नए संस्थानों को सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

6. मेडिकल कॉलेजों में तीमारदारों के लिए सुविधाएं

  • देहरादून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेजों में एम्स ऋषिकेश की तर्ज पर तीमारदारों के रहने-खाने की सस्ती सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए भूमि भी चिन्हित की जाएगी।

7. अन्य प्रमुख निर्णय

  • मिथाइल एल्कोहल को उत्तराखंड विष कब्जा एवं विक्रय नियमावली में शामिल किया गया।
  • राजकीय अधीनस्थ लेखा संवर्ग नियमावली में पूर्व व्यवस्था को बनाए रखने का निर्णय।
  • राज्य बाल सुरक्षा संगठन की रिपोर्ट विधानसभा में प्रस्तुत की जाएगी।
  • उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड के लिए 11 नए पदों का सृजन किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘अहिल्या स्मृति मैराथन – एक विरासत, एक संकल्प’ कार्यक्रम में की सहभागिता

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Chief Minister Pushkar Singh Dhami participated in the 'Ahilya Smriti Marathon - One Heritage, One Resolution' program

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘अहिल्या स्मृति मैराथन – एक विरासत, एक संकल्प’ कार्यक्रम में की सहभागिता

बुधवार को देहरादून स्थित पवेलियन ग्राउंड में आयोजित ‘अहिल्या स्मृति मैराथन – एक विरासत, एक संकल्प’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। उन्होंने मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और स्वयं भी युवाओं के साथ दौड़ में हिस्सा लेकर उनका उत्साह बढ़ाया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल समाज में जागरूकता और एकता का संदेश फैलता है, बल्कि यह एक स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण में भी सहायक सिद्ध होते हैं।इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, संगठन महामंत्री अजेय कुमार, देहरादून मेयर सौरभ थपलियाल, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, विधायक भरत चौधरी, दायित्वधारी अनिल डब्बू, श्याम अग्रवाल, हेम बजरंगी, भाजपा युवा मोर्चा महानगर अध्यक्ष देवेंद्र सिंह बिष्ट सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।

हरदा के इस्तीफे का ऐलान, कांग्रेस में दबाव बनाने की राजनीति : भट्ट

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हरदा के इस्तीफे का ऐलान, कांग्रेस में दबाव बनाने की राजनीति : भट्ट

पार्टी में आए सभी भाजपाई, हरदा के साथ तो कांग्रेसी तक नहीं बन पाते हैं: भट्ट

वोटर लिस्ट का निरीक्षण कर रहे हैं कार्यकर्ता, शीघ्र पर्यवेक्षक भेजेंगे: भट्ट

देहरादून 27 मई। भाजपा ने पूर्व सीएम हरीश रावत के चुनाव नहीं लड़ने के ऐलान को कांग्रेस पार्टी के अंदर उनकी दबाव की राजनीति करार दिया है। प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने कहा, उन्हें तो उम्र बढ़ने और विश्वसनीयता शून्य होने के चलते राजनीति से ही संन्यास ले लेना चाहिए। वहीं पार्टी में शामिल लोगों पर स्पष्ट किया कि हमारे साथ आकर सभी भाजपाई हो जाते है, जबकि हरदा के पास वे कांग्रेसी भी नही बन पाते हैं। वहीं पंचायत चुनाव को लेकर स्पष्ट किया कि पार्टी कार्यकर्ता वोटर लिस्ट का निरीक्षण कर रही है और शीघ्र पर्यवेक्षक भेजे जाएंगे।

पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने हरदा के इस्तीफे को कांग्रेस में अंदरूनी राजनैतिक दबाव बनाने की कोशिश बताया। कहा, दअरसल वे इस्तीफे की घोषणा से अपनी पार्टी में सहानुभूति हासिल करना चाहते हैं। ताकि उनकी पार्टी के लोग उनपर ऐलान वापिस लेने का दबाव बनाए।जबकि सच्चाई तो यह है कि उनकी राजनैतिक विश्वसनीयता और छवि आम जनता में बहुत पहले समाप्त हो गई है। यही वजह है कि लाख मर्तबा मुद्दों को लेकर पाला बदलने से लेकर माफी मांगकर मुकरने तक की उनकी आदत के लोग अभ्यस्त हो गए हैं। जनअदालत ने एक बार नहीं बार बार चुनावों में बुरी तरह नकारा है। वे शायद एकमात्र मुख्यमंत्री होंगे, जिन्हें पद पर रहते एक साथ दो दो सीटों पर चुनाव लड़े और हारे। ऐसे में उनका चुनाव लड़ने से इनकार करना हजम नहीं हो रहा है। वहीं आज तो जनता ही नहीं, स्वयं उनकी पार्टी भी उन्हें गंभीरता से नहीं लेती है। उनकी बढ़ती उम्र का हवाला देते हुए कहा, अब उन्हें राजनीति से भी संन्यास ले लेना चाहिए था।

उन्होंने भाजपा में शामिल नेताओं को लेकर हरदा के बयान पर पलटवार कर कहा, जो हमारे पास आ गया वह उसी दिन से भाजपाई हो जाता है, विचार उन्हें करना चाहिए कि अपने ऐसे लोगों को वे कांग्रेसी नहीं बनाए रख सके। वहीं कटाक्ष किया कि यदि और भी कांग्रेसी बुराई का साथ छोड़कर राज्य और राष्ट्र निर्माण में साथ आना चाहते हैं तो उनका स्वागत है। क्योंकि हमें अपनी पार्टी के विचारों और सिद्धांतों पर पूरा भरोसा है, जो पार्टी में आ गया उसे हम अपना लेते हैं और आने वाला व्यक्ति भी हमारी विचारधारा को आत्मसार कर लेता है।

पंचायत चुनाव को लेकर प्रदेशाध्यक्ष कहा, पार्टी चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। हाल में पंचायतों की वोटर लिस्ट जारी हुई है उसे पार्टी के कार्यकर्ता चेक कर रहे हैं। और जहां नाम जुड़वाने या हटाने की जरूरत है उसमें कार्यकर्ता सहयोग कर रहे हैं। जल्द ही पार्टी पर्यवेक्षकों की टीम ग्रामीण क्षेत्रों में जायेगी और चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाया जाएगा। पार्टी का प्रयास है कि प्रधान से लेकर जिला पंचायत तक संगठन के व्यक्ति को ही चुनाव लड़ाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया, हालांकि पंचायत चुनाव में पार्टी सिंबल नहीं दिया जाता, बावजूद इसके अपने समर्थित उम्मीदारों के दम पर सभी पंचायत अध्यक्ष एवं ब्लॉक प्रमुखों की सीटों पर हम जीत दर्ज करेंगे।

ओलावृष्टि से किसानों की फसलों का हुए नुकसान के संबंध में की समीक्षा

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कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रदेश में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों का हुए नुकसान के संबंध में की समीक्षा

देहरादून, 27 मई। मंगलवार को प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ प्रदेश में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों का हुए नुकसान के संबंध में बैठक की।
बैठक के दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विभागीय अधिकारियों से ओलावृष्टि से फसलों के नुकसान को लेकर विस्तृत जानकारी ली। विभागीय मंत्री गणेश जोशी ने नियमित मॉनिटरिंग करने तथा हर दिन की रिपोर्ट मंत्रालय को प्रेषित करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को भारत सरकार के मानक के अनुसार शीघ्र कागजी कार्यवाही कर किसानों को उनकी फसलों का मुआवजा देने के निर्देश दिए।

कृषि मंत्री गणेश जोशी बताया कि प्रदेश में अतिवृष्टि से वर्तमान में अभी तक 5236 हैक्टीयर कृषि भूमि में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि उपरोक्त क्षति के क्षेत्रफल मे से आपदा के मानको के अनुसार 33 प्रतिशत से अधिक क्षति का क्षेत्रफल 3358 हेक्टेयर है। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा 5236 हेक्टेयर से 1367है० सिंचित और 3358है० असिंचित है।कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रदेश के किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार संकट की घड़ी में किसान के साथ खड़ी है और जल्द से जल्द सरकार किसानों की फसल का मुआवजा मानकों का अनुसार दिया जाएगा।
इस अवसर पर निदेशक कृषि केसी पाठक, निदेशक बागवानी मिशन महेंद्र पाल, संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार आदि उपस्थित रहे।

रिश्वत प्रकरण में बागेश्वर के जिला सैनिक कल्याण अधिकारी के बर्खास्तगी आदेश जारी

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रिश्वत प्रकरण में बागेश्वर के जिला सैनिक कल्याण अधिकारी के बर्खास्तगी के आदेश जारी

देहरादून, 27 मई। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने बागेश्वर के जिला सैनिक कल्याण अधिकारी द्वारा रिश्वत लेने के प्रकरण का संज्ञान लेते हुए कड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने सैनिक कल्याण विभाग के सचिव को निर्देश जारी करते हुए सम्बंधित जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल सुबोध शुक्ला (सेवानिवृत्त) को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने के निर्देश दिए। सैनिक कल्याण मंत्री के निर्देशों के बाद जिसका बर्खास्तगी का आदेश भी जारी कर दिया गया है।


सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सैनिक कल्याण जैसे संवेदनशील विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वाेपरि है।उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस तरह की किसी भी शिकायत पर तत्काल सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोहराई न जाएं। सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि सरकार पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

भराड़ीसैंण में होगा योग दिवस का मुख्य आयोजन

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21 जून को भराड़ीसैंण में होगा योग दिवस का मुख्य आयोजन

सीएम के साथ 10 देशों के राजदूत सहित एक हजार प्रतिभागी होंगे शामिल

21 जून को आयोजित होने जा रहे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का राज्य स्तरीय कार्यक्रम इस बार, चमोली जनपद स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में आयोजित किया जाएगा। जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ 10 देशों के राजदूत शामिल होंगे।
निदेशक आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि प्रतिवर्ष के तरह इस बार भी 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर मनाया जाएगा। इसी क्रम में मुख्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम चमोली जनपद में स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में आयोजित किया जा रहा है।

इस आयोजन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ 10 देशों के राजदूत भी शामिल होंगे, उक्त सभी गणमान्य 20 जून के दोपहर तक भराड़ीसैंण पहुंच जाएंगे। कुल मिलाकर मुख्य आयोजन में एक हजार से अधिक लोग प्रतिभाग करेंगे। इसलिए कार्यक्रम की व्यापकता को देखते हुए, व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके साथ ही प्रदेश भर में भी इस दिन 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस भव्य स्तर पर मनाया जाएगा।

योग के रूप में भारत ने दुनिया को आरोग्य और स्वस्थ्य रहने का मंत्र दिया है। इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 21जून को अंतराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की पहल की है। इसी क्रम में 11वां योग दिवस का राज्य स्तरीय कार्यक्रम भराड़ीसैंण में आयोजित किया जा रहा है।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

मुश्किलों से जीतना सिखाता है खेल :रेखा आर्या

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मुश्किलों से जीतना सिखाता है खेल :रेखा आर्या

सेंट जोसेफ एकेडमी में प्री योगा ओलंपियाड विजेताओं को किया सम्मानित

देहरादून, 25 मई। प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या ने रविवार को सेंट जोसेफ एकेडमी में आयोजित सीआईएससीई नेशनल प्री योगा ओलंपियाड 2025 के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए।

इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि योग व अन्य सभी खेल युवाओं को जीवन के संघर्षों से लड़ना सिखाते हैं और मुश्किलों को हराकर कैसे सफलता पानी है, इसका रास्ता दिखाते हैं।

रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार ने नेशनल गेम्स में पहली बार योगासन को मुख्य प्रतियोगिता के रूप में शामिल कराया था और उम्मीद है कि जल्द ही यह एशियाड और ओलंपिक जैसी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भी शामिल किया जाएगा। खेल मंत्री ने कहा कि एक खेल के रूप में योग पूरी दुनिया में पहचान बना रहा है और हमारे प्रदेश में इसके खिलाड़ी बड़ी संख्या में तैयार हो रहे हैं।

कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों से खेल मंत्री ने कहा कि वे अपने बच्चों को खिलाड़ी बनने में सहयोग दे क्योंकि अब खेल भी एक चमकता हुआ कैरियर है।

खेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग के प्रकाश को पूरी दुनिया में फैलाने का काम किया है। उन्हीं के प्रयासों से यह संभव हो पाया है कि अब 21 जून को दुनिया के ज्यादातर देश अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार लगातार खेल संस्कृति विकसित करने में जुटी हुई है। उन्होंने प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित करते हुए उन्हें अगले महीने होने वाली नेशनल प्रतियोगिता में जीत की शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य ब्रदर जोसेफ एम जोसेफ, ब्रदर जेसी कैरल, अरिजीत बासु, अर्णव कुमार, मिशेल ए गार्डनर, अनुज कुमार सिंह, डा. अरविन्द कुमार कोटनाला आदि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में यूसीसी छाया रहा

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उत्तराखंड में यूसीसी में चार माह में डेढ लाख से अधिक आवेदन मिले : सीएम धामी

राज्य के लगभग 98 प्रतिशत गाँवो से आवेदन प्राप्त किए जा चुके हैं

यूसीसी लागू करने में मार्गदर्शन और सहयोग के लिए सीएम धामी ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को धन्यवाद दिया

मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड में लागू यूसीसी पर प्रस्तुतिकरण दिया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में लागू समान नागरिक संहिता पर प्रस्तुतिकरण देते हुए कहा कि यूसीसी लागू करने के लिए मजबूत सिस्टम का निर्माण किया गया है। प्रक्रिया को जनसामान्य के लिए अधिक सुलभ और सहज बनाने के लिए एक पोर्टल और समर्पित मोबाइल ऐप भी विकसित किया गया है। साथ ही ग्राम स्तर पर 14,000 से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर्स (CSC) को इससे जोड़ा गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि रजिस्ट्रेशन के समय आने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए ऑटो एस्केलेशन और ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम भी लागू किया गया है। व्यापक डिजिटल और भौतिक नेटवर्किंग के परिणामस्वरूप केवल चार माह की अवधि में समान नागरिक संहिता के अंतर्गत राज्यभर से लगभग डेढ़ लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इतना ही नहीं, राज्य के लगभग 98 प्रतिशत गाँवो से आवेदन प्राप्त किए जा चुके हैं, जो ये दर्शाता है कि यूसीसी को जनता का भरपूर समर्थन प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने यूसीसी के सफलतापूर्वक लागू करने में मार्गदर्शन और सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में 2022 के विधानसभा चुनाव में अपने दृष्टिपत्र के माध्यम से राज्य की जनता को ये वचन दिया था कि यदि जनादेश मिला, तो उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। चुनावों में विजय के पश्चात पहले दिन से ही उत्तराखंड में यूसीसी लागू करने के लिए अपना कार्य प्रारंभ कर दिया। यूसीसी के बिल का मसौदा तैयार करने के लिए 27 मई 2022 को जस्टिस रंजना देसाई जी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया। समिति द्वारा उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में व्यापक जन-परामर्श किया गया।
जिसके माध्यम से समिति को लगभग 2 लाख 32 हजार सुझाव प्राप्त हुए। समिति ने न केवल आम नागरिकों से परामर्श किया, बल्कि सभी राजनीतिक दलों और विभिन्न वैधानिक आयोगों के प्रमुखों से भी बातचीत की।

राज्य सरकार ने 7 फरवरी, 2024 को समान नागरिक संहिता विधेयक को राज्य विधानसभा में पारित कर मा. राष्ट्रपति महोदया को भेजा। मा. राष्ट्रपति ने 11 मार्च, 2024 को इस ऐतिहासिक विधेयक को अपनी स्वीकृति प्रदान की। आवश्यक नियमावली एवं प्रक्रियाओं को पूर्ण करते हुए, 27 जनवरी, 2025 को पूरे उत्तराखंड राज्य में समान नागरिक संहिता को विधिवत रूप से लागू कर दिया गया। इस प्रकार उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जिसने संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना को मूर्त रूप देते हुए समान नागरिक संहिता को व्यवहारिक धरातल पर लागू किया।

मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता जाति, धर्म, लिंग आदि में अन्तर के आधार पर कानूनी मामलों में होने वाले भेदभाव को खत्म करने का एक संविधानिक उपाय है।

इसके द्वारा सभी नागरिकों को समान अधिकार देने का प्रयास किया गया है। इसके लागू होने से प्रदेश में सच्चे अर्थों में महिला सशक्तिकरण सुनिश्चित हो सकेगा।इसके द्वारा अब हलाला, इद्दत, बहुविवाह, बाल विवाह, तीन तलाक आदि कुप्रथाओं पर पूर्णतः रोक लगाई जा सकेगी।

संविधान के अनुच्छेद 342 के अंतर्गत वर्णित हमारी अनुसूचित जनजातियों को इस संहिता से बाहर रखा है, जिससे कि उन जनजातियों का और उनके रीति रिवाजों का संरक्षण किया जा सके।

समान नागरिक संहिता किसी धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं बल्कि ये समाज की कुप्रथाओं को मिटाकर सभी नागरिकों में समानता से समरसता स्थापित करने का एक कानूनी प्रयास है। जिसकी परिकल्पना हमारे संविधान निर्माताओं ने भी की थी और राज्य के नीति निर्देशक तत्वों में इसे सम्मिलित किया था।

यूसीसी के माध्यम से किसी भी धर्म की मूल मान्यताओं और प्रथाओं को नहीं बदला गया है, केवल कुप्रथाओं को दूर किया गया है। यूसीसी के अंतर्गत सभी धर्मों के नागरिकों के लिए विवाह, तलाक और उत्तराधिकार से संबंधित मामलों में एक समान विधिक प्रक्रिया निर्धारित की गई है। अब पति-पत्नी को विवाह विच्छेद के लिए निर्धारित न्यायिक प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा तथा बहुविवाह की प्रथा पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है।

इन कानूनों के अंतर्गत सभी धर्म और समुदायों में बेटी को भी संपत्ति में समान अधिकार प्रदान किए गए हैं। इसके साथ ही, संपत्ति के अधिकार में बच्चों में किसी भी प्रकार का भेद नहीं किया गया है, अर्थात प्राकृतिक संबंधों के आधार पर, सहायक विधियों द्वारा या लिव इन संबंधों द्वारा जन्मे बच्चों का भी संपत्ति में बराबर अधिकार माना जाएगा। यूसीसी के अंतर्गत बच्चों की संपत्ति में माता-पिता को भी अधिकार प्रदान किया गया है, जिससे बुजुर्गों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन यापन का अधिकार प्राप्त हो।

वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए, युवा पीढ़ी विशेष रूप से युवक-युवतियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें संभावित सामाजिक जटिलताओं एवं अपराधों से बचाने के उद्देश्य से इसमें लिव-इन रिलेशनशिप के लिए पंजीकरण को अनिवार्य किया गया है। पंजीकरण कराने वाले युगल की सूचना रजिस्ट्रार उनके माता-पिता या अभिभावक को देगा, ये जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएंगी। यूसीसी के माध्यम से जन्म एवं मृत्यु के पंजीकरण की भांति विवाह और विवाह-विच्छेद दोनों का पंजीकरण भी किया जा सकेगा। समान नागरिक संहिता लागू करने के साथ ही इसके क्रियान्वयन हेतु एक प्रभावी एवं स्पष्ट नियमावली को भी लागू कर दिया है।