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नीति आयोग बैठक में सीएम पुष्कर रखेंगे उत्तराखंड का विजन

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को नीति आयोग की बैठक में शामिल हो रहे है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री शुक्रवार दिल्ली पहुंच गए थे। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और सचिव नियोजन आर.मीनाक्षी सुंदरम समेत कुछ और अधिकारी भी शनिवार को दिल्ली पहुंचे।

नीति आयोग की बैठक में सीएम पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड के खास मुद्दे रखकर राज्य के लिए बड़ी डिमांड कर सकते है नीति आयोग की मीटिंग पर सबकी निगाहें लगी है उत्तराखंड भविष्य की योजनाओं पर क्या पक्ष रखेगा ये भी देखना होगा माना जा रहा है अफसरों के साथ पिछले दिनों हुए होमवर्क के बाद सीएम भविष्य का विजन बैठक में रख सकते है साथ ही उत्तराखंड बड़ी डिमांड भी राज्य के लिए करेगा

हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने की तैयारियां अंतिम चरण में, श्रद्धालुओं पहला जत्था रवाना गवर्नर मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी

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हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने की तैयारियां अंतिम चरण में, श्रद्धालुओं पहला जत्था रवाना गवर्नर मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी Preparations for the opening of Hemkund Sahib’s doors are in the final stage, the first batch of pilgrims has been dispatched with the Governor and Chief Minister giving the green signal.

ऋषिकेश/चमोली — पवित्र तीर्थ हेमकुंड साहिब के कपाट 25 मई को श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु खोल दिए जाएंगे। इसके लिए तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। गुरुद्वारा प्रबंधन समिति और प्रशासन पूरी तरह से जुटा हुआ है। आस्था पथ से बर्फ हटाने का कार्य पूरा कर लिया गया है और अब तीनों गुरुद्वारों — हेमकुंड साहिब, गोविंदघाट और घांघरिया — को सात क्विंटल फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से भव्य रूप से सजाया जा रहा है।

गुरुद्वारा प्रबंधक सेवा सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी जरूरी कार्यों को समय पर पूरा किया जा रहा है। लोनिवि द्वारा घांघरिया से ऊपर पैदल मार्ग पर रेलिंग लगाने का कार्य भी जारी है, जिसे कपाट खुलने से पहले पूरा कर लिया जाएगा।

पहला जत्था रवाना, राज्यपाल ने दिखाई हरी झंडी

आज ऋषिकेश से सिख श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना हुआ। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि.) गुरमीत सिंह ने हरी झंडी दिखाकर जत्थे को रवाना किया। इस अवसर पर माहौल श्रद्धा और उत्साह से परिपूर्ण रहा।

इस शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूरी,,कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ऋषिकेश विधायक प्रेम चंद अग्रवाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

हेमकुंड साहिब की यात्रा सिख आस्था का प्रतीक मानी जाती है और हर वर्ष हजारों श्रद्धालु कठिन पहाड़ी मार्ग पार कर इस पावन स्थल के दर्शन करते हैं। इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं की व्यापक तैयारियां की हैं।

उत्तराखंड भाजपा को जल्द मिलेगा नया अध्यक्ष, 2027 की रणनीति का बनेगा सेनापति

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उत्तराखंड भाजपा को जल्द मिलेगा नया अध्यक्ष, 2027 की रणनीति का बनेगा सेनापति Uttarakhand BJP will soon get a new president, who will be the commander of the 2027 strategy.

देहरादून – उत्तराखंड भाजपा में नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। लंबे समय से इस पद को लेकर चल रहा इंतज़ार अब जून महीने में खत्म हो सकता है। पार्टी के भीतर यह नेतृत्व परिवर्तन आगामी 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति को दिशा देने वाला अहम कदम माना जा रहा है।

हाल ही में पहलगाम में आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों के चलते भाजपा की सांगठनिक गतिविधियां स्थगित थीं। पहले अनुमान लगाया जा रहा था कि 30 अप्रैल तक प्रदेश को नया अध्यक्ष मिल जाएगा, लेकिन परिस्थितियों के चलते यह प्रक्रिया टल गई। अब जबकि हालात सामान्य हो रहे हैं, पार्टी फिर से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय हो गई है।

प्रदेश चुनाव अधिकारी खजान दास ने संकेत दिए हैं कि 15 जून तक उत्तराखंड को नया भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मिल सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले सभी राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों का चयन किया जाना है और उत्तराखंड भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।

वहीं, प्रदेश के दौरे पर आए भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम ने भी इस दिशा में इशारा करते हुए कहा कि संगठन पूरी तरह से सक्रिय है और उचित समय पर पर्यवेक्षक की नियुक्ति कर चुनाव की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

फिलहाल प्रदेश भाजपा की कमान राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट के हाथों में है। चुनाव प्रक्रिया के शुरू होने से पहले उन्हें ही सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा था। हालांकि, बदले राजनीतिक समीकरणों और नए संभावित चेहरों के बीच अन्य नाम भी दावेदारी में सामने आ सकते हैं।

प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर जारी यह प्रक्रिया न केवल पार्टी के आंतरिक संतुलन को निर्धारित करेगी, बल्कि 2027 के चुनावी युद्ध में भाजपा का नेतृत्व कौन करेगा, इसका फैसला भी तय करेगी।

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहुंचे उत्तराखंड, रामनगर में तीन दिवसीय गोपनीय कार्यक्रम में लेंगे भाग

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पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहुंचे उत्तराखंड, रामनगर में तीन दिवसीय गोपनीय कार्यक्रम में लेंगे भाग Pandit Dhirendra Krishna Shastri reached Uttarakhand, will participate in a three-day confidential program in Ramnagar.

रुद्रपुर (उत्तराखंड) — बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उत्तराखंड के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे हैं। बुधवार शाम को वे हेलीकॉप्टर से पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अजय भट्ट ने उनका स्वागत किया।

पंडित शास्त्री आगामी तीन दिनों तक रामनगर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे। इस कार्यक्रम को पूरी तरह से गोपनीय और निजी बताया गया है। आयोजन से जुड़ी अधिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे इसे लेकर स्थानीय स्तर पर जिज्ञासा और उत्सुकता बनी हुई है।

पंतनगर एयरपोर्ट से वे सीधे रामनगर रवाना हुए, जहां उनका कार्यक्रम निर्धारित है। सूत्रों के अनुसार, यह आयोजन धार्मिक और निजी प्रकृति का है, और केवल चुनिंदा लोगों की उपस्थिति में सम्पन्न होगा।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का उत्तराखंड आगमन उन श्रद्धालुओं और अनुयायियों के लिए विशेष महत्व रखता है जो लंबे समय से उनके कार्यक्रमों का इंतज़ार कर रहे थे। हालांकि, गोपनीयता के चलते आम लोगों के लिए कार्यक्रम में भागीदारी संभव नहीं है।

एक राष्ट्र-एक चुनाव’ लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम: जेपीसी अध्यक्ष पी.पी. चौधरी

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एक राष्ट्र-एक चुनाव’ लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम: जेपीसी अध्यक्ष पी.पी. चौधरी ‘One Nation-One Election’ is an important step towards strengthening democracy: JPC Chairman PP Chaudhary

देहरादून — ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ की अवधारणा पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के अध्यक्ष और वरिष्ठ सांसद पी.पी. चौधरी ने इस व्यवस्था को भारतीय लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक बताया है। अपने उत्तराखंड दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, उनके पास स्पष्ट और ठोस तर्कों की कमी है।

जेपीसी फिलहाल देशभर में विभिन्न हितधारकों से सुझाव और राय ले रही है। पी.पी. चौधरी ने कहा कि अगर यह व्यवस्था लागू होती है, तो देश की जनता को एक साथ मतदान करने का अधिकार मिलेगा और राज्यों में बार-बार होने वाले चुनावों से मुक्ति मिल सकेगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।

उत्तराखंड के दो दिवसीय दौरे के दौरान समिति ने मसूरी रोड स्थित एक होटल में विभिन्न राजनीतिक दलों, एनटीपीसी, एनएचपीसी, टीएचडीसी और आरईसी जैसे सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इस मुद्दे पर चर्चा की और उनके विचार सुने।

मीडिया से बातचीत में चौधरी ने बताया कि 1967 तक देश में लगातार 15 वर्षों तक लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ हुए थे और उस समय कोई अराजकता नहीं फैली। वर्तमान में भी जिन राज्यों में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होते हैं, वहां से सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।

गढ़वाल सांसद और जेपीसी के सदस्य अनिल बलूनी ने कहा कि समिति देशभर में विभिन्न वर्गों से संवाद कर रही है। उत्तराखंड में भी राजनीतिक दलों, प्रशासन, स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों और नागरिकों से राय ली जा रही है। उन्होंने कहा, “देश में इस पहल को लेकर उत्साह है। एक राष्ट्र-एक चुनाव से कई फायदे होंगे और इससे संसाधनों की बचत के साथ-साथ चुनावी प्रक्रिया अधिक प्रभावशाली बनेगी।”

बलूनी ने यह भी जोड़ा कि केंद्र सरकार इस विषय पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन कर रही है। जब संसद में यह प्रस्ताव आया तो विपक्ष ने जेपीसी के गठन की मांग की, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया। अब समिति देशभर में संवाद स्थापित कर रही है और अन्य राज्यों का भी दौरा करेगी।

उत्तराखंड जैसे पर्वतीय और दुर्गम राज्य के लिए ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ की अवधारणा विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है, क्योंकि यहां बार-बार चुनाव कराना प्रशासन और संसाधनों दोनों पर अतिरिक्त बोझ डालता है। समिति को अब तक जहां-जहां से प्रतिक्रिया मिली है, वहां इसे लेकर सकारात्मक माहौल देखने को मिला है। लोग चाहते हैं कि इसे जल्द कानून बनाकर लागू किया जाए।

कांस फिल्म फेस्टिवल में अरुषि निशंक का प्रभावशाली डेब्यू: ग्लैमर के साथ दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

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कांस फिल्म फेस्टिवल में अरुषि निशंक का प्रभावशाली डेब्यू: ग्लैमर के साथ दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश Aarushi Nishank’s impressive debut at the Cannes Film Festival: Message of environmental protection with glamour

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ की बेटी, प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना, अभिनेत्री, निर्माता और सामाजिक कार्यकर्ता अरुषि निशंक ने इस वर्ष कांस फिल्म फेस्टिवल में अपने पहले रेड कार्पेट वॉक से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा।

इस डेब्यू की खास बात सिर्फ़ उनका ग्लैमरस अंदाज़ नहीं था, बल्कि वह सशक्त संदेश था जो उन्होंने अपनी ड्रेस के ज़रिए दुनिया को दिया। अरुषि ने फैब्रिक वेस्ट (कपड़ों के कचरे) से बनी सस्टेनेबल गाउन पहनकर न सिर्फ़ सर्कुलर फैशन को प्रमोट किया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक न्याय का संदेश भी दिया।

कांस के रेड कार्पेट पर जब उन्होंने कदम रखा, तो यह फैशन और सामाजिक सरोकार का अद्भुत संगम बन गया। उनकी यह पहल न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सशक्त कदम थी, बल्कि वैश्विक मंच पर भारतीय संस्कृति और विचारधारा की सकारात्मक छवि भी पेश की।

वित्त आयोग की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने उठाई वित्तीय आवंटन बढ़ाने की मांग

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वित्त आयोग की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने उठाई वित्तीय आवंटन बढ़ाने की मांग In the meeting of the Finance Commission, the public representatives raised the demand to increase financial allocation.

देहरादून, सोमवार – 16वें वित्त आयोग की टीम ने आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया की अध्यक्षता में राज्य के नगर निकायों, त्रिस्तरीय पंचायतों और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया। देहरादून के एक स्थानीय होटल में आयोजित इस बैठक में आयोग की सदस्य श्रीमती एनी जॉर्ज मैथ्यू, मनोज पांडा, सौम्या कांति घोष, सचिव ऋत्विक पांडे, संयुक्त सचिव के.के. मिश्रा और संयुक्त निदेशक सुश्री पी. अमरुथा वर्षिनी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


प्रथम सत्र: नगर निकायों की मांगें – स्वच्छता, पार्किंग, सीवरेज और हेरिटेज विकास पर ज़ोर

पहले सत्र में राज्य के आठ नगर निकाय प्रमुखों ने आयोग के समक्ष अपने सुझाव प्रस्तुत किए। प्रतिनिधियों ने तीर्थाटन और पर्यटन गतिविधियों की विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए स्वच्छता, सीवरेज, पार्किंग और स्थानीय अवसंरचना विकास के लिए अतिरिक्त वित्तीय आवंटन की मांग की।

  • मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल ने कहा कि देहरादून एक शैक्षणिक और पर्यटन केंद्र होने के नाते अतिरिक्त संसाधनों की मांग करता है।
  • रुद्रपुर के मेयर विकास शर्मा ने बताया कि सिडकुल क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 50,000 लोगों की फ्लोटिंग आबादी रहती है, जिससे प्रतिदिन लगभग ढाई लाख टन कचरा उत्पन्न होता है, जिसके निस्तारण हेतु सहायता आवश्यक है।
  • अल्मोड़ा के मेयर अजय वर्मा ने शहर को हेरिटेज सिटी के रूप में विकसित करने के लिए सहयोग की मांग की।
  • हरिद्वार की मेयर किरण जैसल ने तीर्थाटन के मद्देनज़र अतिरिक्त बजट की आवश्यकता जताई।
  • मसूरी पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने पार्किंग सुविधाओं के विकास और ग्रीन बोनस पर ज़ोर दिया।
  • पौड़ी पालिका अध्यक्ष हिमानी नेगी ने सीवर लाइन निर्माण की मांग रखी।
  • बागेश्वर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल ने पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक निर्माण लागत का हवाला देते हुए बजट में वृद्धि की मांग की।
  • अगस्त्यमुनि के अध्यक्ष राजेंद्र पंचायत गोस्वामी ने पार्किंग सुविधा पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

इस सत्र में सचिव नितेश झा एवं नगर आयुक्त देहरादून श्रीमती नमामि बंसल भी उपस्थित रहीं।


द्वितीय सत्र: पंचायत प्रतिनिधियों ने क्षेत्रफल आधारित बजट आवंटन की मांग की

त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों ने बजट आवंटन में क्षेत्रफल को प्रमुख आधार बनाए जाने की वकालत की।

  • देहरादून जिला पंचायत की प्रशासक मधु चौहान ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता बजट में वृद्धि का सुझाव दिया।
  • पिथौरागढ़ की प्रशासक दीपिका बोरा ने आपदा प्रबंधन के लिए पंचायतों को आकस्मिक बजट देने की आवश्यकता बताई।
  • जयहरीखाल ब्लॉक के प्रशासक दीपक भंडारी ने कहा कि कई ग्राम पंचायतों को केवल साढ़े तीन लाख रुपये सालाना ही मिलते हैं, जो अपर्याप्त है।

अन्य वक्ताओं में डॉ. दर्शन सिंह दानू (देवाल), महेन्द्र सिंह राणा (द्वारीखाल), पिंकी देवी (झाझरा) शामिल थे।
सचिव पंचायती राज चंद्रेश कुमार ने बताया कि राज्य की 89% ग्राम पंचायतों की जनसंख्या 500 से कम है, जिन्हें पांच लाख रुपये से कम का वार्षिक अनुदान मिल पाता है। इसलिए, वित्तीय आवंटन बढ़ाना अत्यावश्यक है
निदेशक पंचायती राज श्रीमती निधि यादव भी बैठक में मौजूद थीं।


तृतीय सत्र: राजनीतिक दलों ने ग्रीन बोनस और विशेष सहायता की रखी मांग

तीसरे सत्र में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने राज्य की विशिष्ट आवश्यकताओं को रेखांकित करते हुए ग्रीन बोनस, कार्बन क्रेडिट, और विशेष वित्तीय सहायता की मांग उठाई।

  • भाजपा विधायक विनोद चमोली ने कहा कि राज्य को पलायन रोकने के लिए टेलीमेडिसिन, महिला कुटीर उद्योग और सड़क संपर्क जैसी योजनाओं के लिए विशेष संसाधनों की आवश्यकता है। उन्होंने प्राकृतिक स्रोतों के संरक्षण हेतु जल जीवन मिशन के तहत अतिरिक्त बजट की भी मांग की।
  • कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि हिमालय की युवा अवस्था और राज्य की आपदाओं की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य को अतिरिक्त संसाधन दिए जाने चाहिए। उन्होंने राज्य के पर्यावरणीय योगदान के लिए प्रतिपूर्ति की मांग भी की।
  • सीपीआई (एम) के राज्य सचिव राजेन्द्र पुरोहित ने मनरेगा की दरें बढ़ाने और आंगनबाड़ी, भोजनमाताओं को सशक्त बनाने की बात रखी।
  • आप पार्टी के उपाध्यक्ष विशाल चौधरी ने राज्य के लिए विशेष सहायता की मांग की।
  • बसपा के राज्य सचिव मदनलाल भी बैठक में उपस्थित रहे।

इस सत्र में सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव डॉ. विजय जोगदंडे एवं हिमांशु खुराना भी उपस्थित रहे।

वित्त आयोग की बैठक में कांग्रेस ने उत्तराखंड के लिए विशेष राज्य का दर्जा और आर्थिक पैकेज की मांग की

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वित्त आयोग की बैठक में कांग्रेस ने उत्तराखंड के लिए विशेष राज्य का दर्जा और आर्थिक पैकेज की मांग की In the Finance Commission meeting, the Congress demanded special state status and an economic package for Uttarakhand.

छठे वित्त आयोग द्वारा आयोजित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में प्रदेश कांग्रेस ने राज्य की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने के लिए कई महत्त्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। कांग्रेस की ओर से प्रदेश उपाध्यक्ष (संगठन) सूर्यकांत धस्माना ने आयोग को एक विस्तृत सुझाव पत्र सौंपते हुए आग्रह किया कि उत्तराखंड को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाए और इसके अनुरूप आर्थिक पैकेज प्रदान किया जाए।

धस्माना ने सुझाव पत्र में उल्लेख किया कि उत्तराखंड राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर चुका है। राज्य के गठन के पहले वर्ष की तुलना में आज राज्य का बजट आकार लगभग 24 गुना बढ़ चुका है, बावजूद इसके राज्य में पलायन एक गंभीर समस्या बनी हुई है।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड का लगभग 67 प्रतिशत भूभाग वन क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जबकि शेष 33 प्रतिशत भूमि ही कृषि योग्य है, जिसमें भी अधिकांश हिस्सा असिंचित है। राज्य में राष्ट्रीय उद्यान, वन्य जीव अभयारण्य और आरक्षित वन क्षेत्र बड़ी संख्या में होने के कारण विकास कार्यों की संभावनाएं सीमित हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने पर्वतीय राज्यों के लिए अलग लागत संवेदनशीलता गुणांक (Cost Disability Index) निर्धारित करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

प्रदेश कांग्रेस ने यह भी सुझाव दिया कि पर्वतीय क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों, जिला पंचायतों, विकासखंडों, नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों को जनसंख्या के मानदंडों में विशेष छूट दी जानी चाहिए, क्योंकि इन क्षेत्रों में जनसंख्या घनत्व बहुत कम है।

राज्य में लगातार बढ़ते पलायन पर चिंता व्यक्त करते हुए कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि एक विशेष पलायन रोधी विकास योजना तैयार कर उसे शीघ्र लागू किया जाए।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने आयुष विभाग की समीक्षा बैठक ली

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मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने आयुष विभाग की समीक्षा बैठक ली Chief Secretary Anand Bardhan held a review meeting of the AYUSH department.

सोमवार को सचिवालय में मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने आयुष विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड, आयुर्वेद की दृष्टि से एक अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है। उन्होंने इस क्षेत्र में जनभागीदारी बढ़ाने, अनुसंधान को प्रोत्साहन देने तथा आयुष चिकित्सा पद्धति को जनसामान्य के बीच लोकप्रिय बनाने हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में प्रारंभिक चरण में 25 आयुष एवं वेलनेस केंद्रों को “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” के रूप में विकसित किया जाए, ताकि आयुर्वेद, होम्योपैथी, पंचकर्मा और योग जैसी चिकित्सा पद्धतियों की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने इन केंद्रों को पर्यटन से जोड़ने की संभावनाओं पर भी बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पहले से संचालित आयुर्वेदिक अस्पतालों को उन्नत बनाकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा सकता है।

श्री बर्द्धन ने इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त महत्त्वपूर्ण प्रस्तावों की पुनः समीक्षा कर उन्हें धरातल पर उतारने की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत निर्माणाधीन आयुष अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराने हेतु स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए। साथ ही, नए अस्पतालों के निर्माण कार्यों के साथ पद सृजन के प्रस्तावों को भी समवेत रूप से स्वीकृत कराने की बात कही।

मुख्य सचिव ने इन आयुष एवं वेलनेस केंद्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक समग्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए इस अवसर पर सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, अपर सचिव आनंद स्वरूप सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

पुष्कर सरकार” की सख्ती से नकल माफिया पर करारा प्रहार, नवोदय परीक्षा में 17 गिरफ्तार

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पुष्कर सरकार” की सख्ती से नकल माफिया पर करारा प्रहार, नवोदय परीक्षा में 17 गिरफ्तार “Pushkar Sarkar” makes a strong strike against the cheating mafia, 17 arrested in the Navodaya exam.

देहरादून: उत्तराखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी और नकलमुक्त बनाने के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संकल्प का एक और मजबूत उदाहरण सामने आया है। रविवार को आयोजित नवोदय विद्यालय की लैब अटेंडेंट परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल करते हुए 17 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया। इस बड़ी कार्रवाई से स्पष्ट हो गया है कि उत्तराखंड में नकल करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है।

देहरादून के दो परीक्षा केंद्रों — सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल (पटेलनगर) और दून इंटरनेशनल स्कूल (डालनवाला) में सीबीएसई बोर्ड द्वारा दो पालियों में यह परीक्षा आयोजित की गई थी। जांच के दौरान अभ्यर्थियों के पास से कुल 17 ब्लूटूथ डिवाइस बरामद की गईं, जिन्हें जूतों और कपड़ों में छिपाकर इस्तेमाल किया जा रहा था।

पहली गिरफ्तारी और उसके बाद की कार्रवाई

सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल में पहली पाली के दौरान एक अभ्यर्थी सौरभ यादव (निवासी आजमगढ़, उत्तर प्रदेश) को संदिग्ध गतिविधियों के चलते पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उसके जूते से ब्लूटूथ डिवाइस बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए परीक्षा केंद्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया।

शाम की पाली में भी चेकिंग के दौरान सोशल बलूनी स्कूल से 7 और, जबकि दून इंटरनेशनल स्कूल से 9 अभ्यर्थियों को ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़ा गया।

गिरफ्तार अभ्यर्थियों की सूची

सोशल बलूनी स्कूल से गिरफ्तार:

  • सौरभ यादव (आजमगढ़, उत्तर प्रदेश)
  • अमन (हिसार, हरियाणा)
  • रोबिन (बागपत, उत्तर प्रदेश)
  • अक्षय मान (सिनौली, बागपत, उत्तर प्रदेश)
  • नीरज मान (सिनौली, बागपत, उत्तर प्रदेश)
  • मोहित कुमार (बड़कला, जींद, हरियाणा)
  • अंकुश (हिसार, हरियाणा)
  • मनीष मलिक (मेरठ, उत्तर प्रदेश)

दून इंटरनेशनल स्कूल से गिरफ्तार:

  • इलू माला वेंकटेश
  • राकेश
  • विशाल भर
  • ज्योति
  • पवन
  • अखिल
  • साहिल
  • अंकुर ग्रेवाल
  • कपिल

सॉल्वर गैंग की जांच जारी

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अभ्यर्थियों से पूछताछ में पता चला है कि एक संगठित सॉल्वर गैंग इस पूरे रैकेट के पीछे है, जिसकी जड़ें उत्तराखंड से बाहर — खासकर उत्तर प्रदेश में फैली हैं। पुलिस ने इस गैंग की तलाश में विशेष टीमें गठित कर दी हैं और कुछ जिलों में दबिश भी दी जा रही है। बरामद ब्लूटूथ डिवाइसों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

मुख्यमंत्री धामी की नीति के सकारात्मक नतीजे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सख्त नकल विरोधी नीति का असर अब स्पष्ट रूप से दिख रहा है। नकल विरोधी कानून के तहत राज्य सरकार पहले ही कड़ी सजा और त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था लागू कर चुकी है। धामी सरकार की पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के चलते अब अभ्यर्थियों और माफिया के लिए राज्य में नकल करना बेहद मुश्किल हो गया है।

नकल की ‘नो एंट्री’ नीति को लेकर राज्य सरकार को जनसमर्थन भी मिल रहा है और युवाओं में ईमानदारी से परीक्षा देने के लिए विश्वास बढ़ा है।