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गंगा अवतरण दिवस: भारतीय संस्कृति की संवाहिका मां गंगा का महापर्व

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गंगा अवतरण दिवस: भारतीय संस्कृति की संवाहिका मां गंगा का महापर्व

भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की आधारशिला मानी जाने वाली मां गंगा के अवतरण दिवस को ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को बड़े श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। इसे गंगा दशहरा के नाम से जाना जाता है।इस वर्ष गंगा दशहरा पर हस्त नक्षत्र, सिद्धि योग और व्यतिपात योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है — जो कई दशकों में एक बार ही आता है।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस पावन संयोग पर गंगा में स्नान, जप, तप और दान करने से कई गुना पुण्य फल की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि इस दिन गंगा जल में डुबकी लगाने से सभी पापों का क्षय होता है और आत्मा को विशेष शुद्धता का अनुभव होता है।गंगा दशहरा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और पवित्रता का उत्सव है — जहां मां गंगा के प्रति आभार व्यक्त किया जाता है, जिन्होंने न केवल जीवनदायिनी जल प्रदान किया, बल्कि भारतीय सभ्यता को भी समृद्ध और संस्कारित किया।

गंगा दशहरा 2025: दशकों बाद बना दुर्लभ संयोग, बढ़ा पर्व का महत्व

मान्यता के अनुसार, इस वर्ष 5 जून को मनाया जाने वाला गंगा दशहरा कई दृष्टियों से विशेष है। दशकों बाद इस बार गंगा अवतरण के दिन वही दिव्य योग बन रहे हैं, जिनके अंतर्गत मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। इस बार गंगा दशहरा पर हस्त नक्षत्र, सिद्धि योग, और व्यतिपात योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिससे इस पर्व की आध्यात्मिक और ज्योतिषीय महत्ता और भी अधिक बढ़ गई है।

इन विशेष योगों के कारण गंगा दशहरा पर स्नान, दान, जप, तप, व्रत और उपवास करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। यह पर्व केवल बाह्य शुद्धि का नहीं, बल्कि आंतरिक पवित्रता और आत्मिक कल्याण का भी प्रतीक है।

ज्योतिषाचार्य उदय शंकर भट्ट के अनुसार, “इस वर्ष बनने वाले विशिष्ट योगों की साक्षी में गंगा माता का पूजन करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।” उन्होंने कहा कि मां गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि कल्याणकारी देवी और भारतीय संस्कृति की जीवनदायिनी रीढ़ हैं।

गंगा दशहरा पर की गई श्रद्धा, आस्था और सेवा — जैसे गंगा में स्नान, दीपदान, पवित्र मंत्रों का जाप — मन, वचन और कर्म से पवित्रता की ओर ले जाती है। यह दिन जीवन में सद्भाव, शांति और साधना का सन्देश लेकर आता है।

हरिद्वार ज़मीन घोटाले में धामी सरकार की सख्त कार्रवाई: 2 IAS, 1 PCS सहित 12 अफसर निलंबित

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हरिद्वार ज़मीन घोटाले में धामी सरकार की सख्त कार्रवाई: 2 IAS, 1 PCS सहित 12 अफसर निलंबित

उत्तराखंड की राजनीति और प्रशासन में बड़ा बदलाव लाने वाली कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार ज़मीन घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। करीब 54 करोड़ रुपये के इस भूमि घोटाले में 2 IAS और 1 PCS अफसर सहित कुल 12 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच अब विजिलेंस विभाग को सौंप दी गई है, और दोषी पाए गए अफसरों पर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू हो चुकी है।

कौन-कौन अफसर हुए निलंबित?

  1. कर्मेन्द्र सिंह (जिलाधिकारी, हरिद्वार) — भूमि क्रय की अनुमति और प्रशासनिक मंज़ूरी में संदेहास्पद भूमिका।
  2. वरुण चौधरी (पूर्व नगर आयुक्त, हरिद्वार) — पारदर्शी प्रक्रिया के बिना भूमि प्रस्ताव पारित करने और वित्तीय अनियमितता में संलिप्तता।
  3. अजयवीर सिंह (एसडीएम) — भूमि निरीक्षण में लापरवाही और गलत रिपोर्ट शासन को भेजना।
  4. निकिता बिष्ट (वरिष्ठ वित्त अधिकारी, नगर निगम)
  5. विक्की (वरिष्ठ वैयक्तिक सहायक)
  6. राजेश कुमार (रजिस्ट्रार कानूनगो)
  7. कमलदास (मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, तहसील हरिद्वार)

पहले से निलंबित अफसरों की सूची:

  • रविंद्र कुमार दयाल (प्रभारी सहायक नगर आयुक्त)
  • आनंद सिंह मिश्रवाण (प्रभारी अधिशासी अभियंता)
  • लक्ष्मीकांत भट्ट (कर एवं राजस्व अधीक्षक)
  • दिनेश चंद्र कांडपाल (अवर अभियंता)

इसके अलावा संपत्ति लिपिक वेदवाल का सेवा विस्तार रद्द कर दिया गया है, और उनके विरुद्ध सिविल सर्विसेज रेगुलेशन के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।


क्या था ज़मीन घोटाला?

हरिद्वार नगर निगम ने शहर के बाहरी क्षेत्र में स्थित अविकसित और अनुपयुक्त कृषि भूमि, जिसे कूड़े के ढेर के पास बताया गया है, को 54 करोड़ रुपये में खरीदा। बताया जा रहा है कि इस जमीन की वास्तविक कीमत लगभग 15 करोड़ रुपये थी। इस खरीद में न केवल भूमि की आवश्यकता संदिग्ध थी, बल्कि बोली प्रक्रिया में भी पारदर्शिता का अभाव पाया गया। शासन के स्पष्ट निर्देशों को दरकिनार कर यह सौदा संपन्न हुआ।


मुख्यमंत्री धामी की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर

सीएम धामी की यह कार्रवाई केवल एक घोटाले के खिलाफ कदम नहीं है, बल्कि यह संदेश भी है कि अब उत्तराखंड में ‘पद नहीं, कर्तव्य और जवाबदेही’ महत्वपूर्ण हैं। चाहे अफसर कितना भी वरिष्ठ क्यों न हो, यदि वह जनहित और नियमों की अनदेखी करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।

धामी सरकार के इस कदम को उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के विरुद्ध निर्णायक प्रहार के रूप में देखा जा रहा है। यह पहली बार है जब किसी सत्तारूढ़ सरकार ने इतनी बड़ी संख्या में शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ इतनी सख्ती दिखाई है।


जनता को मिला स्पष्ट संदेश

मुख्यमंत्री के इस ऐतिहासिक फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि अब उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं। सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि व्यवस्था की शुद्धि और जवाबदेही को सर्वोपरि मान रही है।

मुख्यमंत्री संकल्प पर खरे उतारते डीऍम देहरादून ने अफसरों से किया जवाब तलब

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मुख्यमंत्री के ‘सुखदजन’ संकल्प से प्रेरित डीएम सविन बंसल का जनता दर्शन: 85 शिकायतों का हुआ समाधान, जनता में बढ़ा भरोसा

देहरादून, 2 जून 2025 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘सुखदजन’ संकल्प से प्रेरित होकर जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आज ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जनता दर्शन एवं जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 85 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें अधिकांश भूमि विवादों, वित्तीय धोखाधड़ी, शिक्षा, पुलिस, नगर निगम, सिंचाई, विद्युत और एमडीडीए से संबंधित थीं।

प्रमुख कार्यवाही और निर्देश

  • भूमि फर्जीवाड़ा मामला (पशुलोक):
    टिहरी बांध विस्थापित पुलमा देवी द्वारा 2007 में क्रय की गई भूमि को 2020 में फिर से बेचे जाने की शिकायत पर एसडीएम ऋषिकेश की अध्यक्षता में समिति गठित की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि रिपोर्ट SIT लैंड फ्रॉड को भेजी जाए।
  • फॉरेस्ट सर्वे अनुपालन में लापरवाही:
    एक माह पूर्व दिए गए वन सर्वेक्षण निर्देशों पर कार्रवाई न होने पर डीएफओ को फटकार लगाई गई। उन्होंने 3 दिन के भीतर पालन न करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
  • शिक्षा विभाग में लापरवाही:
    जर्जर स्कूल भवनों (मियावाला, भाऊवाला, सिमोग आदि) की शिकायतों पर सीईओ से 24 घंटे में रिपोर्ट तलब की गई। जिलाधिकारी ने बीईओ की जवाबदेही तय करते हुए पूछा, “इतना बजट देने के बावजूद स्कूल जर्जर क्यों हैं?”
  • एमडीडीए और भवन उल्लंघन:
    एमडीडीए XEN को जनता के समक्ष ही भवन उल्लंघन मामले में कार्रवाई की तिथि दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही, नोटिस देने के बावजूद कार्रवाई न करने पर संबंधित अधिकारियों से लिखित स्पष्टीकरण माँगा गया।
  • दिव्यांगजन के लिए राहत:
    दिव्यांग महिला बबीता को मौके पर ही रोजगारपरक प्रशिक्षण एवं स्वरोजगार योजना के अंतर्गत GM-DIC से स्वीकृति दिलाई गई।
  • नगर निगम सफाई:
    पशुपति एन्क्लेव, रायपुर की 70 वर्षीय अन्नपूर्णा गुसाईं के प्लॉट में सीवर बहाव की शिकायत पर आज शाम ही मौके पर सफाई कराई गई।
  • सीमांकन में वन विभाग की ढिलाई:
    ग्राम लांघा निवासी हुकुम सिंह की भूमि सीमांकन में देरी पर डीएम ने वन विभाग को फटकार लगाते हुए 3 दिन में कार्यवाही रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
  • अवैध निर्माण और व्यवहार संबंधी शिकायत:
    बद्रीपुर निवासी महिला की शिकायत पर कि पड़ोसी मजदूर गाली-गलौच करते हैं और अवैध रूप से खिड़की खोल रखी है, डीएम ने एमडीडीए को कार्रवाई की तिथि निर्धारित करने के निर्देश दिए।
  • वेतन और ईपीएफ भुगतान की शिकायत:
    सुमित सिंह द्वारा बीएसएनएल की अनुबंधित कंपनी में मार्च 2021 से मई 2022 तक वेतन और ईपीएफ न मिलने की शिकायत पर जीएम बीएसएनएल को कार्यवाही के निर्देश दिए गए।

डीएम का स्पष्ट संदेश: जनसमस्याओं में लापरवाही नहीं सहन की जाएगी

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लें और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनता का प्रशासन में विश्वास तभी बढ़ेगा जब समाधान, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।

उपस्थित अधिकारीगण:

कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) के.के. मिश्रा, एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम कुमकुम जोशी, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद ढौंडियाल, GM-DIC अंजली रावत, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

पत्रकारों के स्वास्थ्य के लिए मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर जल्द लगेगा विशेष मेडिकल कैम्प

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पत्रकारों के स्वास्थ्य के लिए मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर जल्द लगेगा विशेष मेडिकल कैम्प

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के पत्रकारों के स्वास्थ्य को लेकर संवेदनशीलता दिखाते हुए अधिकारियों को विशेष मेडिकल कैम्प शीघ्र आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, जो हर परिस्थिति में जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देते हैं, इसलिए उनके स्वास्थ्य की देखभाल राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार और सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी को समन्वय बनाकर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

इस कैम्प में विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी के साथ सभी आवश्यक स्वास्थ्य जांचें उपलब्ध होंगी, ताकि पत्रकारों को समुचित चिकित्सकीय परामर्श और उपचार मिल सके।

स्वास्थ्य सचिव ने इस संबंध में निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं। बताया गया है कि यह कैम्प जल्द ही सूचना विभाग परिसर में आयोजित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में भी इस तरह के स्वास्थ्य शिविर समय-समय पर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि पत्रकारों को निरंतर स्वास्थ्य लाभ मिल सके।

विकास धूलिया का निधन उत्तराखंड की पत्रकारिता ने खोया जिंदादिल इंसान

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विकास धूलिया का निधन उत्तराखंड की पत्रकारिता ने खोया जिंदादिल इंसान

देहरादून उत्तराखंड की पत्रकारिता में ईमानदार छवि सरल स्वभाव अपनी खास पहचान से खबरों को धार देने वाला जिंदादिल इंसान दुनिया को अलविदा कह गया उत्तरांचल प्रेस क्लब अध्यक्ष रहे विकास धूलिया दैनिक जागरण में सीनियर पत्रकार रहे उनके निधन का समाचार सोमवार मॉर्निंग मिला तो हर कोई आकस्मिक निधन की खबर से स्तब्ध रहा मीडिया जगत में उनकी लेखनी का कोई सानी नहीं था जागरण में सत्ता के गलियारे कॉलम काफी असरदार रहता था हर वो बात इसमें नज़र आती थी लेकिन अब विकास की खामोशी के साथ जागरण में आने वाला उनका लेखन भी खामोश हुआ है

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ पत्रकार, दैनिक जागरण के राज्य ब्यूरो प्रमुख और उत्तरांचल प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष विकास धूलिया के आकस्मिक निधन पर दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है।
महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने भी वरिष्ठ पत्रकार विकास धूलिया के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है। शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत बीजेपी अध्यक्ष महेंद्र भट्ट सहित कई नेताओं सहित मीडिया जगत ने उनके निधन पर दुःख जताया है

हरिद्वार में संत समाज ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बताया दूरदर्शी नेता, समान नागरिक संहिता के लिए किया अभिनंदन

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हरिद्वार में पद्मभूषण साध्वी ऋतंभरा ने की मुख्यमंत्री धामी की सराहना, कहा – बाहरी उपद्रवियों पर अंकुश लगाने वाले पहले सीएम

हरिद्वार: प्रसिद्ध साध्वी एवं पद्मभूषण से सम्मानित साध्वी ऋतंभरा ने हरिद्वार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि,
“धामी देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने राज्य के माहौल को बिगाड़ने वाले बाहरी तत्वों पर प्रभावी रूप से अंकुश लगाया है।”

साध्वी ऋतंभरा ने मुख्यमंत्री के निर्णयों को धर्म, संस्कृति और सामाजिक शांति की रक्षा के लिए आवश्यक बताया और उन्हें एक निडर व दूरदर्शी नेता की संज्ञा दी।

हरिद्वार में आयोजित एक धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘वात्सल्य गंगा आश्रय’ का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर वे श्रीमद्भागवत श्रीकृष्ण कथा में भी सम्मिलित हुए और भक्तों को संबोधित करते हुए धार्मिक मूल्यों और सेवा कार्यों के महत्व को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री ने आश्रय स्थल को समाज के लिए एक सकारात्मक पहल बताया और इसके माध्यम से ज़रूरतमंदों की सेवा को धार्मिक कार्यों के साथ जोड़ने की सराहना की।

हरिद्वार में संत समाज ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बताया दूरदर्शी नेता, समान नागरिक संहिता के लिए किया अभिनंदन

हरिद्वार (उत्तराखंड): संत समाज ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक दूरदर्शी और सशक्त राजनैतिक नेतृत्व वाला नेता बताते हुए उनके कार्यों की सराहना की। विशेष रूप से समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) लागू किए जाने के ऐतिहासिक निर्णय के लिए संतों ने उनका अभिनंदन किया।

इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी धामी सरकार के फैसलों को सराहते हुए कहा,
“उत्तराखंड हमारे लिए प्रेरणा है। मुख्यमंत्री धामी एक सच्चे धर्म रक्षक हैं और उन्होंने अपनी सरकार के माध्यम से अनुकरणीय निर्णय लिए हैं।”

कार्यक्रम में मौजूद संतों और गणमान्य व्यक्तियों ने उत्तराखंड सरकार की नीतियों को धार्मिक मूल्यों, समानता और सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

मिस वर्ल्ड 2025 बनीं थाईलैंड की ओपल सुचाता चुआंगस्री

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मिस वर्ल्ड 2025 बनीं थाईलैंड की ओपल सुचाता चुआंगस्री

भारत के हैदराबाद में आयोजित 72वीं मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता का भव्य समापन शनिवार को हुआ। इस प्रतिष्ठित आयोजन में थाईलैंड की सुचाता चुआंगस्री, जिन्हें ओपल के नाम से भी जाना जाता है, ने मिस वर्ल्ड 2025 का ताज अपने नाम किया।

इस साल की प्रतियोगिता में 108 देशों की सुंदरियों ने भाग लिया था। 21 वर्षीय ओपल ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और सामाजिक सोच से सभी को पीछे छोड़ते हुए यह खिताब जीत लिया।


कौन हैं ओपल सुचाता?

ओपल का जन्म 20 मार्च 2003 को थाईलैंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल फुकेत में हुआ था। उनके परिवार का संबंध होटल व्यवसाय से है, जिससे उन्होंने बचपन से ही मेहमाननवाजी और लोगों से संवाद करने की कला सीखी।

वर्तमान में ओपल थामसैट यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशंस की पढ़ाई कर रही हैं। उन्हें थाई, अंग्रेज़ी और चीनी भाषाओं में अच्छी पकड़ है।


‘Opal for Her’ – एक सामाजिक पहल

ओपल ने महिलाओं में स्तन स्वास्थ्य (ब्रेस्ट हेल्थ) को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए ‘Opal for Her’ नाम की मुहिम चलाई है। इसकी शुरुआत उन्होंने तब की, जब वे सिर्फ 16 साल की थीं और उन्हें खुद स्तन सिस्ट का ऑपरेशन कराना पड़ा था।
अब वह इस मुहिम के ज़रिए महिलाओं को समय रहते जांच कराने और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करती हैं।


मिस वर्ल्ड 2025 के टॉप विजेता

  • 🏆 विजेता: ओपल सुचाता चुआंगस्री (थाईलैंड)
  • 🥈 दूसरा स्थान: मिस इथियोपिया
  • 🥉 तीसरा स्थान: मिस पोलैंड
  • 🏅 चौथा स्थान: मिस मार्टिनिक

Nainital Travel Guide Destinations नैनीताल में घूमने की प्रमुख जगहें पहुंचने का तरीका और होटल जानकारी

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नैनीताल में घूमने की प्रमुख जगहें पहुंचने का तरीका और होटल जानकारी
नैनीताल उत्तराखंड का एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है, जो अपनी झीलों, पहाड़ियों और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यहाँ कुछ प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं:

नैनी झील – नैनीताल की पहचान, जहाँ बोटिंग का आनंद लिया जा सकता है।

नैना देवी मंदिर – झील के किनारे स्थित यह मंदिर धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है।

स्नो व्यू पॉइंट – यहाँ से हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियों का अद्भुत दृश्य दिखाई देता है।

टिफिन टॉप – एक लोकप्रिय ट्रेकिंग स्पॉट, जहाँ से पूरा शहर बहुत सुंदर दिखता है।

चिड़ियाघर (हाई एल्टीट्यूड ज़ू) – ऊँचाई पर स्थित यह ज़ू खास वन्यजीवों को देखने का मौका देता है।

थंडी सड़क (The Mall Road) – खरीदारी, कैफे और स्थानीय व्यंजन के लिए परफ़ेक्ट जगह।

नैनीताल कैसे पहुँचे?

  1. सड़क मार्ग से:
    नैनीताल दिल्ली, हल्द्वानी और काठगोदाम से अच्छी तरह जुड़ा है। दिल्ली से लगभग 300 किमी की दूरी है, जिसे कार या बस द्वारा 6–7 घंटे में तय किया जा सकता है।
  2. रेल मार्ग से:
    निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम है, जो नैनीताल से लगभग 34 किमी दूर है। काठगोदाम से टैक्सी या बस से नैनीताल पहुँचा जा सकता है।
  3. हवाई मार्ग से:
    सबसे नज़दीकी हवाई अड्डा पंतनगर एयरपोर्ट है, जो लगभग 70 किमी दूर है। वहाँ से टैक्सी या बस सेवा उपलब्ध है।

नैनीताल के प्रमुख होटल
नैनीताल में हर बजट के अनुसार होटल मिल जाते हैं। कुछ खास और लोकप्रिय होटल:

The Naini Retreat – एक ऐतिहासिक लक्ज़री होटल जो कभी महाराजा का निवास था।

Shervani Hilltop – शांत वातावरण और बेहतरीन सुविधाओं के लिए प्रसिद्ध।

The Manu Maharani – परिवार और कपल्स के लिए परफेक्ट।

Hotel Himalaya – झील के किनारे स्थित, बोटिंग व्यू के लिए मशहूर।

Seasons Hotel and Resort – शानदार सर्विस और सुविधाएं उपलब्ध हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने ‘गुलदस्ता’ स्मारिका का किया विमोचन

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मुख्यमंत्री धामी ने ‘गुलदस्ता’ स्मारिका का किया विमोचन

देहरादून।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा प्रकाशित स्मारिका ‘गुलदस्ता’ का विमोचन शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में किया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने उत्तरांचल प्रेस क्लब के सभी सदस्यों और प्रदेश के पत्रकारों को हिंदी पत्रकारिता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता को चतुर्थ स्तंभ के रूप में विशेष सम्मान प्राप्त है। पत्रकार सत्ता और जनता के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में कार्य करते हैं, जो जनमानस की आवाज को शासन तक और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का एक मजबूत स्तंभ है और राज्य के समग्र विकास में इसकी भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य सरकार पत्रकारों और उनके परिवारजनों के कल्याण के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है।

इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार भूपेंद्र सिंह कंडारी, सुरेंद्र सिंह डसीला, संदीप बडोला, मनीष डंगवाल, रमन जायसवाल, किशोर रावत सहित कई अन्य पत्रकार भी उपस्थित रहे।

Mansuri Travel Guide Destination मसूरी में घूमने की जगहें, पहुँचने का तरीका और होटल जानकारी

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Mansuri Travel Guide Destination मसूरी में घूमने की जगहें, पहुँचने का तरीका और होटल जानकारी

मसूरी में घूमने की जगहें, पहुँचने का तरीका और होटल जानकारी

मसूरी में घूमने की प्रमुख जगहें:

मसूरी, जिसे “पर्वतों की रानी” कहा जाता है, उत्तराखंड का एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन है। यहाँ कई सुंदर और लोकप्रिय पर्यटक स्थल हैं, जैसे:

  1. गन हिल (Gun Hill) – मसूरी का दूसरा सबसे ऊँचा स्थान जहाँ से हिमालय की खूबसूरत चोटियों का नज़ारा मिलता है।
  2. केम्प्टी फॉल्स (Kempty Falls) – एक सुंदर जलप्रपात, जहाँ पर्यटक नहाने और पिकनिक के लिए जाते हैं।
  3. लाल टिब्बा (Lal Tibba) – मसूरी का सबसे ऊँचा पॉइंट, जो एक शानदार व्यूपॉइंट है।
  4. मॉल रोड (Mall Road) – शॉपिंग, खाने-पीने और टहलने के लिए सबसे पसंदीदा जगह।
  5. क्लाउड्स एंड (Cloud’s End) – प्रकृति प्रेमियों के लिए बेहद शांत और हरा-भरा स्थान।
  6. कैमल्स बैक रोड (Camel’s Back Road) – घोड़े की पीठ के आकार की चट्टानों से बना रास्ता, वॉकिंग और सनसेट व्यू के लिए प्रसिद्ध।

मसूरी कैसे पहुँचें:

  1. हवाई मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा जॉली ग्रांट एयरपोर्ट (देहरादून) है, जो मसूरी से लगभग 60 किमी दूर है।
  2. रेल मार्ग: देहरादून रेलवे स्टेशन सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन है, जो मसूरी से लगभग 35 किमी दूर है।
  3. सड़क मार्ग: मसूरी देश के प्रमुख शहरों से अच्छी तरह सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। देहरादून से टैक्सी, बस या अपनी गाड़ी से आसानी से पहुँचा जा सकता है।

मसूरी में होटल और ठहरने की सुविधा:

मसूरी में हर बजट के अनुसार होटल उपलब्ध हैं—बजट होटल से लेकर लक्ज़री रिज़ॉर्ट तक:

  • बजट होटल: ₹800 – ₹2000 प्रति रात
  • मिड-रेंज होटल: ₹2000 – ₹5000 प्रति रात
  • लक्ज़री होटल और रिज़ॉर्ट: ₹5000 से ऊपर

कुछ प्रसिद्ध होटल:

  • JW Marriott Walnut Grove Resort & Spa
  • The Claridges Nabha Residence
  • Hotel Vishnu Palace
  • Bunkotel (बजट ट्रैवलर्स के लिए)