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GST उत्सव के तहत सीएम धामी ने किया बाजार भ्रमण

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून स्थित सहस्त्रधारा क्रॉसिंग बाजार का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने दुकानदारों एवं स्थानीय लोगों से मुलाकात कर स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में राज्य की भूमिका पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं को अपनाना न केवल हमारी परंपराओं और स्थानीय उद्योगों को मजबूत करता है बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध कराता है।

मुख्यमंत्री ने दुकानदारों से साफ-सफाई, ग्राहक सुविधा और बाजार व्यवस्थापन पर भी विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा हेतु प्रयासरत है तथा व्यापारिक गतिविधियों के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और विधायक उमेश शर्मा काऊ भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बोर्ड परीक्षा के मेधावियों को किया पुरस्कृत

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बीते चार साल में रिकॉर्ड 25 हजार युवाओं को पारदर्शिता के साथ मिली सरकारी नौकरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को नानूरखेड़ा स्थित एससीईआरटी ऑडिटोरियम में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह में बोर्ड परीक्षाओं में शीर्ष 10 स्थान प्राप्त करने वाले हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के 75 मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया। इस मौके पर बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम देने वाले विद्यालयों के तीन-तीन प्रधानाचार्यों के साथ ही श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शीर्ष 50-50 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उनका मानना था कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि उसमें राष्ट्रप्रेम, नैतिक मूल्य, सामाजिक समरसता और व्यावहारिकता का समावेश भी अनिवार्य रूप से होना चाहिए। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू कर शिक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, व्यवहारिक और गुणवत्ता-युक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। इसी क्रम में राज्य सरकार भी शिक्षा में नवाचार, डिजिटल लर्निंग और भारतीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा व्यवस्था को सशक्त करने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने जहां एक ओर अपने शिक्षण संस्थानों में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं।

वहीं, ‘हमारी विरासत’ पुस्तक के माध्यम से कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को भारत की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं तथा देश और प्रदेश की महान विभूतियों से परिचित कराने का कार्य भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जहां एक ओर, 226 विद्यालयों को पीएम श्री विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है, वहीं सभी 13 जनपदों के 1300 विद्यालयों में वर्चुअल कक्षाएं भी संचालित की जा रही हैं। साथ ही, दूरस्थ क्षेत्रों तक बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध कराने हेतु 5-पीएम ई-विद्या चैनल भी संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य के सभी राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा एक से 12 तक के सभी विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा उत्तराखंड के सरकारी और अशासकीय स्कूलों के छठवीं से 12वीं कक्षा तक के मेधावी छात्र-छात्राओं को, मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से प्रत्येक माह छात्रवृत्ति भी प्रदान की जा रही है। इतना ही नहीं, राज्य के बच्चों के व्यक्तित्व विकास के उद्देश्य से प्रत्येक विकासखंड के 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्रों को भारत भ्रमण पर भी भेजा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा, संघ लोक सेवा आयोग, एनडीए, सीडीएस आदि की लिखित परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की तैयारी के लिए 50 हजार रुपए की वित्तीय सहायता भी प्रदान की जा रही है।

एक शिकायत के आधार पर अराजकता का प्रयास

इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। पिछले चार वर्षों में राज्य के 25 हजार से अधिक युवाओं का चयन सरकारी नौकरी में हुआ है, अब सामान्य परिवारों के कई युवा एक से अधिक परीक्षा में सफल हो रहे हैं। जबकि राज्य बनने के शुरुआती 21 साल में कुल 16 हजार नियुक्तियां ही हुई थी। सख्त नकल विरोधी कानून के लागू होने के बाद से अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाने का काम किया जा चुका है। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि कुछ लोगों को पारदर्शिता के साथ युवाओं का सरकारी नौकरियों में जाना रास नहीं आ रहा है। इसलिए वे युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेलने के लिए संगठित रूप से पेपर लीक का षड्यंत्र रच रहे हैं। हाल ही में राज्य में पेपर लीक कराने का असफल प्रयास किया गया, सिर्फ एक जगह की शिकायत के आधार पर अराजकता फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के मामलों के लिए पहले से ही सख्त कानून बना है, जिसके इस प्रकरण में सख्ती से कार्यवाही की जाएगी।

एक – एक नकल माफिया को करेंगे गिरफ्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल में सामने आई परीक्षा गड़बड़ी की जांच के लिए एक एसआईटी गठन का निर्णय लिया है। एसआईटी जांच के आधार पर इस मामले में निर्णायक कार्रवाई की जाएगी। सरकार राज्य में एक-एक नकल माफिया को चुन-चुन कर गिरफ्तार कर, सजा दिलवाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने शपथ लेने के बाद ही संकल्प लिया था कि रिक्त पदों को प्राथमिकता पर भरा जाएगा। इसके बाद रिकॉर्ड भर्तियां हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीआई जांच के जरिए भर्ती प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ भर्ती करना है। सरकार भर्ती में देरी के कारण किसी भी युवा के साथ अन्याय नहीं होने देगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य में नया अल्पसंख्यक शिक्षा कानून लागू किया है। इस कानून के अंतर्गत एक जुलाई 2026 के बाद से उत्तराखंड में केवल वही मदरसे संचालित हो पाएंगे, जिनमें हमारे सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। साथ ही, मदरसे में पढ़ाने वाले धार्मिक गुरु जो बिना किसी शैक्षिक योग्यता के केवल धार्मिक आधार पर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे थे, उन पर भी लगाम लगेगी।

इस मौके पर शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि इस साल बोर्ड परीक्षा में प्रथम श्रेणी से पास होने वाले छात्र- छात्राओं की संख्या 18 प्रतिशत बढ़ी है। अब अंक सुधार परीक्षा भी हो रही है, इससे छात्र- छात्राओं पर परीक्षा को लेकर रहने वाला दवाब कम हुआ है।

कार्यकम में शिक्षा सचिव रविनाथ रामन, महानिदेशक शिक्षा दीप्ति सिंह सहित अन्य शिक्षा अधिकारी उपस्थित थे।

केंद्र का उत्तराखंड को स्वास्थ्य सुरक्षा का बड़ा तोहफा, राज्य में बनेगा हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर

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  • हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की स्थापना से राज्य की स्वास्थ्य आपदा प्रबंधन क्षमता होगी मजबूत-  पुष्कर सिंह धामी
  • स्वास्थ्य आपदाओं के दौरान समयबद्ध प्रतिक्रिया और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेगा सेंटर- डॉ. आर. राजेश कुमार

प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) के तहत उत्तराखंड को स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्र सरकार से बड़ा तोहफा मिला है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राज्य में हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (HEOC) की स्थापना को मंजूरी प्रदान की है। यह सेंटर स्वास्थ्य आपदाओं के समय राज्य की तैयारी और प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत बनाने के उद्देश्य से स्थापित किया जा रहा है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि HEOC के संचालन के लिए कुल नौ संविदा पदों को स्वीकृति दी गई है, जिनमें वरिष्ठ सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाहकार, सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाहकार, डेटा विश्लेषक, हब इंजीनियर और डेटा एंट्री ऑपरेटर के पद शामिल हैं।

धनराशि और संचालन

मंत्रालय के अनुसार HEOC के लिए धनराशि PM-ABHIM परियोजना अवधि 2021–26 तक उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवधि के बाद आगे की निरंतरता योजना की स्वीकृति पर निर्भर करेगी। राज्य सरकार से अनुरोध किया गया है कि वह इन पदों पर संविदा आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र शुरू करे और HEOC को जल्द से जल्द क्रियाशील बनाए। निधि हस्तांतरण के लिए HEOC के नाम से एक अलग बैंक खाता भी खोला जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को स्वास्थ्य सुरक्षा का बड़ा तोहफा दिया है। “हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की स्थापना से राज्य की स्वास्थ्य आपदा प्रबंधन क्षमता और मजबूत होगी। उन्होंने कहा इसके माध्यम से आपात स्थितियों में समय पर और समन्वित कार्रवाई संभव हो सकेगी। मैं प्रधानमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त करता हूँ,”।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने उत्तराखंड के लिए हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की स्थापना को मंजूरी दी है। हम जल्द ही संविदा पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करेंगे और HEOC को क्रियाशील बनाएंगे। यह सेंटर स्वास्थ्य आपदाओं के दौरान समयबद्ध प्रतिक्रिया और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेगा, जिससे जनता को सीधे लाभ मिलेगा।

राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण कदम

देशभर में HEOCs की स्थापना भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना और आपदा प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्वास्थ्य आपात स्थितियों के समय समयबद्ध कार्रवाई और बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 28.76 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के तहत जनपद उत्तरकाशी के विधानसभा क्षेत्र पुरोला के अंतर्गत विकास खण्ड मोरी के ग्राम पंचायत ओडाठा के बामसू गांव में महासू देवता के पास सौन्दर्यीकरण एवं सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किये जाने हेतु 99 लाख तथा विकासखण्ड मोरी के महासू देवता मंदिर ठडियार के सौन्दर्यीकरण एवं सार्वजनिक शौचालय निर्माण कार्य हेतु 01 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र धारचूला के अंतर्गत ग्राम सभा मदकोट में शिव मंदिर सौन्दर्यीकरण किये जाने हेतु 27 लाख के साथ ही जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र बद्रीनाथ के अंतर्गत सती शिरोमणी माता अनसूया मंदिर का सौन्दर्यीकरण किये जाने हेतु 1.50 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मानसून सत्र 2025 में अत्यधिक वर्षा/अतिवृष्टि के कारण विभिन्न क्षेत्रों में आयी प्राकृतिक आपदा के कारण हुई हानि से राज्य आपदा मोचन निधि के अन्तर्गत जनपद पिथौरागढ़ हेतु मरम्मत एवं पुनर्निर्माण मद में 15 करोड़ तथा जनपद चमोली हेतु राहत एवं बचाव मद में 05 करोड़ व मरम्मत एवं पुनर्निर्माण मद में 05 करोड़, इस प्रकार जनपद चमोली को कुल 10 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

हाईकोर्ट के रिटायर जज करेंगे एसआईटी जांच की निगरानी

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अधीनस्थ सेवा चयन आयोग परीक्षा प्रकरण की जांच एसआईटी करेगी – मुख्य सचिव

बीते रविवार को सम्पन्न उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा में सामने आई शिकायतों की जांच एसआईटी करेगी। यह जांच हाईकोर्ट के रिटायर जज के पर्यवेक्षण में सम्पन्न की जाएगी।

मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने बुधवार को मीडिया कर्मियों से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार के लिए परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुचिता के साथ ही अभ्यर्थियों का हित सर्वोपरी है। इसी क्रम में गत रविवार को सम्पन्न परीक्षा में सामने आई शिकायतों की जांच एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में गठित एसआईटी द्वारा कराई जाएगी। उक्त एसआईटी का कार्यक्षेत्र पूरा प्रदेश होगा। मुख्य सचिव ने कहा कि जांच निष्पक्ष ढंग से हो इसके लिए यह भी एसआईटी जांच की निगरानी हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज के द्वारा की जाएगी।

सेवानिवृत्त जज और एसआईटी सभी जिलों में जाएंगे, इस दौरान कोई भी व्यक्ति उन तक परीक्षा से संबंधित तथ्य और सूचना दे सकता है। उन्होंने बताया कि जांच एक माह में सम्पन्न की जाएगी, तब तक के लिए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से परीक्षा के संबंध में आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि एसआईटी जांच में दोषी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो इसके लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही विवादों के केंद्र में स्थित हरिद्वार के परीक्षा केंद्र पर जिस भी व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए छात्रों का हित सबसे ऊपर है। साथ ही यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि छात्रों और आमजन का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बना रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड सी.एस.आर. डायलॉग कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड सी.एस.आर. डायलॉग कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट के प्राथमिक विद्यालय में डिजिटल क्लासरूम का वर्चुअल शुभारंभ भी किया। कार्यक्रम में एक्सिस बैंक समूह के साथ राज्य के 24 विद्यालयों के डिजिटलाइजेशन के लिए तथा टोयटा के साथ पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामुदायिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में सी.एस.आर. संचालित करने के लिए एमओयू किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश के प्रतिष्ठित कॉर्पोरेट हाउस अपने “सोशल रिस्पांसिबिलिटी इनिशिएटिव“ के अंतर्गत उत्तराखण्ड में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में योगदान दे रहे हैं। राज्य में आई.आई.एफ.सी.एल, मैनकाइंड, अवाना फाउंडेशन, टोयटा, नेस्ले, टीएचडीसी, आईआरसीटीसी, एचडीएफसी, ब्रिटानिया जैसी अनेक संस्थाएं विभिन्न सामाजिक गतिविधियां संचालित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा राज्य में निवेश को बढ़ावा देने हेतु वर्ष 2023 में ’ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ का आयोजन किया गया था, जिसके अंतर्गत 3.56 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। अभी तक लगभग 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति और एमएसएमई नीति सहित 30 से अधिक नीतियां लागू कर राज्य में उद्योगों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। राज्य में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना के साथ ही स्टार्टअप्स को फंड उपलब्ध कराने हेतु 200 करोड़ रुपए के वेंचर फंड की व्यवस्था भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना। क्वालिटी एजुकेशन के लिए सभी सरकारी विद्यालयों में एन.सी.ई.आर.टी. की पाठ्यपुस्तकें अनिवार्य की गई हैं। राज्य में पहली बार 12वीं के व्यावसायिक छात्रों के लिए रोजगार मेलों का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से 146 विद्यार्थियों का प्रतिष्ठित कंपनियों में चयन हुआ। उत्तराखण्ड देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां बुनियादी शिक्षा के लिए ‘राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा’ तैयार की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े 4 वर्षों में राज्य के 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त करने में सफलता मिली है। इस कानून के लागू होने के बाद से अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों को यह रास नहीं आ रहा है कि आज हमारे युवा सरकारी नौकरियों में अवसर पा रहे हैं, इसलिए वे युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेलने के लिए संगठित रूप से पेपर लीक कराने के षड्यंत्र रच रहे हैं। हाल ही में राज्य में पेपर लीक कराने का असफल प्रयास किया गया और उसके नाम पर अराजकता फैलाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में नकल माफियाओं को जड़ से समाप्त किए बिना चैन से नहीं बैठेगी।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर, टोयटा के कंट्री हेड विक्रम गुलाटी, सचिव उद्योग विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव मनमोहन मैनाली तथा विभिन्न कंपनियों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधिगण मौजूद थे।

नकल जिहाद के षड्यंत्र को किया जायेगा नेस्तानाबूत

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सीएम धामी युवा वर्ग के हितैषी, न्याय जरूर होगा: दुष्यंत

विपक्षी लव जिहाद, लैंड जिहाद, थूक जिहाद ,यूसीसी जैसे कानूनों का धामी को श्रेय न मिले इसलिए प्रपंच रच रहा है विपक्ष

देहरादून: भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि विकास मे बाधक नकल जिहाद को नेस्तानाबूत करने के लिए धामी सरकार प्रतिबद्ध है। भट्ट ने कहा कि साजिश मे लगे किसी को भी बख्सा नही जायेगा। युवाओं को भड़काने के लिए नकल जिहाद का स्वरूप दिया जा रहा है, जिस पर पार्टी संगठन और सरकार सतर्क है।

बीजेपी प्रदेश संगठनात्मक कार्यशाला दौरान पत्रकारों के सवालों के जवाब मे भट्ट ने कहा कि परीक्षा प्रारंभ होने के आधे घंटे के पश्चात जो वातावरण तैयार किया गया वह गहरी साजिश है। उन्होंने कहा कि यह परीक्षा केंद्र संचालित करने वाले इंस्टीट्यूट की छवि को भी धूमिल करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि इस साजिश की पुलिस जांच कर रही है और दूध का दूध तथा पानी का पानी साबित हो जायेगा। प्रदेश मे नकल जिहाद चलाकर युवाओं को भड़काने और अराजकता का वातावरण तैयार करने की कोशिशों को सफल नही होने दिया जायेगा।

भट्ट ने कहा कि राज्य मे धामी सरकार द्वारा 25 हजार लोगों को रोजगार दिया जाना हो या पारदर्शी परीक्षा का आयोजन कर नकल विरोधी कानून सब जनता जानती है। विपक्षी लव जिहाद, लैंड जिहाद, थूक जिहाद अथवा यूसीसी जैसे कानूनों का शुरुआत से ही विरोध कर रहा है और सीएम धामी को इसका श्रेय न मिले इसे लेकर प्रपंच करता रहता है। उन्होंने कहा कि भाजपा हर जिहाद को सरंक्षण और पोषित करने वालों को कानूनी दायरे मे लायेगी।

पार्टी के प्रदेश प्रभारी राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और युवा सीएम पुष्कर सिंह धामी युवाओं के हितैषी हैं और उनके हित मे कई कई निर्णय लिये हैं। उन्होंने युवाओं के नकल विरोधी अभियान पर कहा कि इस मुद्दे पर सरकार नियमानुसार कार्यवाही कर रही है।

पुष्कर सरकार कैबिनेट ने लिए कई बड़े फैसले

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उत्तराखंड कैबिनेट बैठक: ‘महक क्रांति नीति’ को मंजूरी समेत 6 अहम प्रस्तावों पर मुहर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधार से जुड़े 6 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन निर्णयों में किसानों के लिए बड़ी सौगात लेकर आई ‘महक क्रांति नीति’, कारागार विभाग का पुनर्गठन, शिक्षा, आवास, और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में सुधार जैसे अहम फैसले शामिल हैं।


1. महक क्रांति नीति को मंजूरी – किसानों के लिए खुशखबरी

राज्य में अरोमैटिक (सुगंधित) खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘महक क्रांति नीति’ को स्वीकृति दे दी गई है।

  • पहले चरण में 91,000 किसानों को जोड़कर 22,750 हेक्टेयर भूमि पर सुगंधित पौधों की खेती कराई जाएगी।
  • सब्सिडी योजना:
    • 1 हेक्टेयर तक की खेती पर 80% सब्सिडी
    • 1 हेक्टेयर से अधिक पर 50% सब्सिडी

सरकार का मानना है कि इस नीति से किसानों की आमदनी में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।


2. कारागार विभाग का पुनर्गठन

उत्तराखंड कारागार विभाग के पुनर्गठन को कैबिनेट की मंजूरी मिली।

  • कई नए पदों का सृजन किया जाएगा
  • 27 पद स्थायी, जबकि अन्य आउटसोर्सिंग से भरे जाएंगे
    इससे जेल व्यवस्था अधिक सुदृढ़ और आधुनिक बन सकेगी।

3. ईडब्ल्यूएस आवास निर्माण के लिए अतिरिक्त ₹27 करोड़

रुद्रपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे 1872 ईडब्ल्यूएस भवनों के निर्माण के लिए अतिरिक्त ₹27 करोड़ की धनराशि मंजूर की गई है।
इससे निर्माण कार्य में तेजी आएगी और आवासहीन गरीबों को लाभ मिलेगा।


4. शिक्षा विभाग में 8 नए पद – दूरदराज के छात्रों को लाभ

दूरदर्शन के माध्यम से प्रसारण के लिए शिक्षा विभाग में 8 नए पदों को स्वीकृति मिली है।

  • यह SCERT के तहत संचालित टीवी चैनल के ज़रिए दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करेगा।

5. विशेष शिक्षा में आउटसोर्सिंग से अवसर

राजकीय प्रारंभिक शिक्षा सेवा नियमावली के तहत

  • सितंबर 2017 से मार्च 2019 के बीच डिस्टेंस डीएलएड पास युवाओं को आउटसोर्सिंग के माध्यम से विशेष शिक्षा में अवसर मिलेगा।
  • साथ ही, टीईटी अनिवार्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की जाएगी।

6. सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में सुधार

दिव्यांगजनों से विवाह करने पर मिलने वाली अनुदान राशि को ₹25,000 से बढ़ाकर ₹50,000 कर दिया गया है।
इस कदम का उद्देश्य समाज में समावेशिता और सकारात्मक सामाजिक सोच को बढ़ावा देना है।


इन सभी निर्णयों को उत्तराखंड सरकार की विकासपरक, समावेशी और लोककल्याणकारी नीति का हिस्सा माना जा रहा है।

‘जीएसटी बचत उत्सव’ पर प्रधानमंत्री मोदी का देशवासियों को संदेश: अब हर घर में होगी और बचत

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘जीएसटी बचत उत्सव’ के अवसर पर देशवासियों को एक खुला पत्र लिखते हुए कहा है कि इस त्योहार के मौसम में देश को एक और बड़ा तोहफा मिला है। 22 सितंबर से लागू हुए नए जीएसटी सुधारों के साथ ही पूरे देश में ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की शुरुआत हो गई है।

हर वर्ग को मिलेगा लाभ

प्रधानमंत्री ने बताया कि इन सुधारों का सीधा लाभ किसानों, महिलाओं, युवाओं, गरीबों, मध्यम वर्ग, व्यापारियों, लघु और कुटीर उद्योगों को मिलेगा। जीएसटी की नई व्यवस्था को “अगली पीढ़ी के सुधार” बताते हुए उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक अहम कदम कहा।


अब दो ही मुख्य टैक्स स्लैब – रोजमर्रा की चीजें होंगी सस्ती

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नई प्रणाली में अब मुख्य रूप से केवल दो टैक्स दरें होंगी।

  • खाने-पीने की चीजें, दवाइयाँ, साबुन, टूथपेस्ट जैसी जरूरी वस्तुएं या तो शून्य टैक्स या 5% टैक्स पर मिलेंगी।
  • घर और परिवार से जुड़ी अधिकांश वस्तुएं और सेवाएं 5% टैक्स में आ गई हैं।
  • इंश्योरेंस प्लान्स भी अब जीएसटी-मुक्त होंगे, जिससे वे अधिक किफायती बनेंगे।

उन्होंने यह भी बताया कि कई दुकानदारों ने “पहले और अब” नामक बोर्ड लगाकर ग्राहकों को दिखाया है कि सामान अब कितना सस्ता हो गया है।


व्यापारियों और लघु उद्योगों को मिली राहत

प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद अनेक वस्तुओं पर टैक्स खत्म किया गया था, जिससे व्यापारियों को बड़ी राहत मिली।
अब ये नेक्स्ट जनरेशन सुधार टैक्स सिस्टम को और सरल बना रहे हैं। इससे छोटे दुकानदारों और उद्यमियों को काम करना और आसान होगा।


मध्यम वर्ग को बड़ी राहत

मोदी ने बताया कि बीते 11 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं और देश में एक मजबूत मध्यम वर्ग उभरा है।

  • 12 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की आयकर छूट पहले ही दी जा चुकी है।
  • अब जीएसटी में सुधारों से भी मध्यम वर्ग को हर साल लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये की बचत होगी।

आत्मनिर्भर भारत की ओर एक और कदम

प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पाने के लिए आत्मनिर्भरता आवश्यक है।
उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे स्वदेशी उत्पादों को अपनाएं, जिससे स्थानीय उद्योगों को बल, रोजगार में वृद्धि, और कारीगरों को सम्मान मिलेगा।

“जब आप देश में बने उत्पाद खरीदते हैं, तो आप न केवल बचत करते हैं, बल्कि देश के कई परिवारों की आजीविका में भी योगदान देते हैं,” उन्होंने लिखा।


प्रधानमंत्री की अपील

प्रधानमंत्री ने दुकानदारों और व्यापारियों से भी आग्रह किया कि वे स्वदेशी वस्तुओं की बिक्री को बढ़ावा दें। “आइए गर्व से कहें – यह स्वदेशी है।”

अंत में उन्होंने सभी देशवासियों को नवरात्रि और ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की शुभकामनाएँ देते हुए कामना की कि

“आपके घर की बचत बढ़े, सपने पूरे हों और त्योहारों की खुशियाँ दोगुनी हों।”

स्वस्थ नारी सशक्त परिवार के तहत रक्तदान शिविर

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स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत सविवालय में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग तथा सचिवालय संघ के तत्वाधान में एक विशेष स्वास्थ्य एवं रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्घाटन मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन द्वारा किया गया। शिविर में कुल 450 लोंगो के द्वारा पंजीकरण कर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया गया तथा 93 लोगों के द्वारा रक्तदान भी किया गया।

मुख्य सचिव ने कहा कि सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत सचिवालय में आयोजित स्वास्थ्य एवं रक्तदान शिविर स्वास्थ्य विभाग एवं सचिवालय संघ का एक महत्त्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी सचिवालय कर्मियों और उनके परिजनों को इस स्वास्थ्य शिविर का लाभ लेने का अनुरोध किया। उन्होंने स्वास्थ्य शिविर के आयोजन के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं सचिवालय संघ की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से आम लोगो को काफी लाभ मिलता है। मुख्य सचिव ने शिविर में रक्तदान करने वाले व्यक्तियों की प्रंशसा करते हुए कहा कि इस तरह के प्रयासों को हमेशा प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

इस शिविर में स्वास्थ्य विभाग एवं दून मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सकों, पैरा मेडिकल स्टाफ, टैक्नीशियन के द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गई। शिविर में विभिन्न प्रकार के चिकित्सयीय परीक्षण और दवा वितरण की निःशुल्क व्यवस्था भी की गई।

शिविर में फीजिशियन, सर्जन, ईएनटी, हड्डी रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, नेत्र रोग, त्वचा रोग, मनोचिकित्सा, बाल रोग तथा फिजियोथेरेपी से संबधित विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस मौके पर रक्त एवं मधुमेह से संबंधित 396 जांचे की गई तथा 175 ईसीजी परीक्षण भी किये गये।

इस मौके पर सचिव स्वास्थ्य डॉ आर राजेश कुमार, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ सुनीता टम्टा, निदेशक डॉ शिखा जंगपांगी, दून मेडिकल कालेज की प्राचार्य डॉ गीता जैन, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ अजय आर्य, नोडल अधिकारी डॉ विमलेश जोशी, डॉ अमित शुक्ला, डॉ रवीन्द्र राणा, डॉ केसी पंत, डॉ अनिल आर्य, सहित सचिवालय संघ के अध्यक्ष सुनील लखेडा, महासचिव राकेश जोशी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थें।