Home Blog Page 152

हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की शाम में पंडित उल्हास कशालकर की सुरमयी प्रस्तुति ने मोहा मन

0

हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की शाम में पंडित उल्हास कशालकर की सुरमयी प्रस्तुति ने मोहा मन

देहरादून, विरासत साधना के अंतर्गत आज का दिन नृत्य, संगीत और संस्कृति के रंगों से सराबोर रहा। विभिन्न शिक्षण संस्थानों के बच्चों ने नृत्य राग प्रतियोगिता में भाग लेकर दर्शकों को अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से चकित कर दिया। खास बात यह रही कि अधिकतर प्रस्तुतियां बालिकाओं की थीं, जिन्होंने नृत्य के माध्यम से अपनी कला का अद्भुत प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत हुई सानिका बर्थवाल की प्रस्तुति से, जिन्होंने “बरसन लागी बदरिया रूम झूम के…” पर नृत्य कर सभी का मन मोह लिया। इसके बाद सेंट जोज़ेफ एकेडमी की प्रणिका झिल्डियाल, हैरिटेज स्कूल की समीक्षा नेगी, डुमरी एडुविला इंस्टीट्यूट की प्रकिता जखमोला, वेनहेल स्कूल की एशवेन नेगी व गौरी चमनवाल, सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल की आकृति मैठाणी, सेंट कबीर स्कूल की साहनवी बिजल्वाण व देवयाना कोठियाल, जीआईसी नथुवावाला के ध्रुव वर्मा, और न्यू ब्लूसूम स्कूल की तेजल त्यागी ने अपने-अपने अद्वितीय अंदाज़ में प्रस्तुति दी, जिन्हें देखकर दर्शक दांतों तले उंगलियां दबाने को मजबूर हो गए।

सेंट पेट्रिक स्कूल की एरिका रोज पिंटू की प्रस्तुति “सब सरकार तुम्हई से है…” ने माहौल को भावविभोर कर दिया। वहीं अस्मिता खेत्रपाल, शेम्या अग्रवाल, आराध्या बहुगुणा, स्वर्ण शिखा खंडूड़ी, अक्षिता राव, और ओजस्वी कुनवाल की प्रस्तुतियां भी बेहद सराही गईं। सभी प्रतिभागियों को प्रतियोगिता के उपरांत प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।


उज़्बेक लोकसंगीत की गूंज से गूंजा विरासत का मंच

आज की सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत हुई उज़्बेकिस्तान के मशहूर म्यूज़िकल ग्रुप की प्रस्तुति से, जिसने अपने पारंपरिक गीत-संगीत से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। ग्रुप की अगुवाई कर रहीं थीं मुख्य कोरियोग्राफर फोतिमाबोनू उमरोवा, उनके साथ रहीं नर्तकियां लोला चोलिबोयेवा और रुशाना ओक्टामोवा, और गायन में शामिल हुए फ़ैक्सरिद्दीन ज़ोलनाज़रोव, इब्रोहिम उर्चिनोव और शाक्सज़ोद योल्दाशेव

इन कलाकारों ने अपने गीतों के माध्यम से न केवल उज़्बेक संस्कृति की झलक पेश की, बल्कि भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच सांस्कृतिक सौहार्द का सुंदर संदेश भी दिया। उनके प्रस्तुत गीत “कट्टा अशुला” ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। यह पारंपरिक उज़्बेक शैली बिना वाद्य यंत्रों के प्रस्तुत की जाती है, जिसमें केवल स्वर और लय का उपयोग होता है।

तोकशिरबेक ख़ाविदोव, फ़ख़रिद्दीन नज़रोव और शहज़ाद युलदाशोव ने अपने एकल गायन से दर्शकों के दिल जीत लिए। “लड़की हसीन हो, लड़का जवान हो…” जैसे गीतों पर श्रोता भी सुरों के संग बह चले।


सरोद की सुरों से बंधी विरासत की शाम – प्रतीक श्रीवास्तव की प्रस्तुति ने लूटी वाहवाही

प्रसिद्ध सरोद वादक प्रतीक श्रीवास्तव ने जैसे ही अपने वाद्य की झंकार छेड़ी, सांस्कृतिक संध्या का वातावरण एकदम सुरमयी हो गया। उनके साथ तबला वादक शुभ महाराज की जुगलबंदी ने प्रस्तुति को और भी उत्कृष्ट बना दिया। उन्होंने राग श्याम कल्याण से आरंभ कर राग मेघ के साथ समापन किया, जो एक सशक्त संगीतमय यात्रा की तरह रहा।

प्रतीक का संगीत सफर मात्र 6 वर्ष की उम्र में आरंभ हुआ था, जब उनके दादा पंडित रवि चक्रवर्ती, मैहर घराने के प्रख्यात सरोद वादक, ने उन्हें सरोद की दीक्षा दी। इसके बाद उनके चाचा डॉ. राजीब चक्रवर्ती ने उन्हें प्रशिक्षण दिया। वर्तमान में वह पंडित अजय चक्रवर्ती और पंडित तेजेंद्र नारायण मजूमदार से उन्नत शिक्षा ले रहे हैं।

प्रतीक श्रीवास्तव ने देश-विदेश में अनेक संगीत समारोहों में प्रस्तुति दी है और अपनी स्पष्ट तानों तथा लयकारी से संगीत जगत में विशेष पहचान बनाई है।


पंडित उल्हास कशालकर की गायकी ने रचा संगीत का जादू

सांस्कृतिक संध्या का सबसे बहुप्रतीक्षित क्षण तब आया जब मंच पर उपस्थित हुए हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के स्तंभ, पद्मश्री पंडित उल्हास कशालकर। रिमझिम बारिश और मौसम की चुनौती के बावजूद उनकी गायकी ने माहौल को सधा कर रखा।

उन्होंने अपने गायन की शुरुआत राग संपूर्ण मालकौंस से की और दो पारंपरिक बंदिशें प्रस्तुत कीं —

  • बड़ा ख़याल: “बराज रही…”
  • छोटा ख़याल: “कित ढूंढन जाऊं…”

दोनों ही बंदिशें विलंबित तीन ताल में थीं और उनकी प्रस्तुति में गायकी का गहराई से अनुभव किया गया।

पंडितजी के साथ मंच पर संगत कर रहे थे:

  • प्रो. ओजेश प्रताप सिंह – स्वर संगत एवं तानपुरा
  • डॉ. विनय मिश्रा – हारमोनियम
  • कौस्तुव स्वैन – तबला
  • अंशुमान भट्टाचार्य – तानपुरा

ग्वालियर, जयपुर और आगरा घरानों के अद्भुत समन्वय के लिए पहचाने जाने वाले पंडित उल्हास कशालकर को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, तानसेन पुरस्कार और पंडित ओंकारनाथ ठाकुर पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। आज भी वे ITC संगीत अनुसंधान अकादमी में गुरु के रूप में कार्यरत हैं और युवा पीढ़ी को शास्त्रीय संगीत की बारीकियां सिखा रहे हैं।


निष्कर्षतः, विरासत महोत्सव की यह शाम कला, संगीत और संस्कृति का ऐसा संगम रही, जिसने देहरादून के सांस्कृतिक परिदृश्य को एक नई ऊंचाई दी।

युवा वर्ग के दिलो में धामी ने बढ़ाया अपना कद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का युवाओं के नाम भावनात्मक संदेश

0

नेता वही जो सही समय पर नब्ज पकड़ ले फिर फैसला लेने का जूनून भी अगर युवा वर्ग के लिए जरुरी है तो कदम आगे बढ़ाये जाने में कोई हिचक नहीं होनी चहिये कुछ ऐसा ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आंदोलन कर रहे युवा छात्रों के बीच पहुंच कर एक सन्देश देने का काम किया जिससे धामी का कद युवा वर्ग के बीच एक नयी मिसाल बना है पहली बार राज्य का मुख्यमंत्री आंदोलन के बीच पंहुचा फिर वही किया जो युवा चाहते थे धामी के इस कदम ने सियासत कर रहे विपक्ष सहित उस राजनीति को भी खतम कर दिया जिसकी भूमिका बनायीं जा रही थी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का युवाओं के नाम भावनात्मक संदेश

“उत्तराखंड सिर्फ एक राज्य नहीं, हमारे शहीदों और आंदोलनकारियों का सपना है – एक ऐसा सपना, जो हर बेटे-बेटी के उज्जवल भविष्य के लिए देखा गया था।”

आज जब प्रदेश के कुछ युवा सड़कों पर हैं, तो एक ‘मुख्य सेवक’ होने के नाते मेरा यह नैतिक दायित्व है कि हर आवाज़ को सुनूं, हर पीड़ा को समझूं और हर दिल तक पहुंचूं। आंदोलन कर रहे युवा भी हमारे अपने हैं, हमारे परिवार का हिस्सा हैं।

हमने उत्तराखंड को बेहतर बनाने का जो सपना देखा है, उसमें संवाद और विश्वास की सबसे बड़ी भूमिका है।
सरकार और युवा – हम सब एक ही परिवार हैं। और परिवार का मतलब होता है – हर सदस्य की भलाई।

नकल विरोधी कानून: युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए एक सख्त कदम

वर्ष 2023 में हमने पूरे देश में सबसे पहले और सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया।
यह कानून इस बात का प्रमाण है कि हम उत्तराखंड के युवाओं के भविष्य को लेकर कितने गंभीर हैं।

लेकिन जैसा अक्सर होता है, कुछ लोग हर अच्छे प्रयास को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं।
ऐसे लोग, जो कानून का उल्लंघन करते हैं या करवाते हैं – अब उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
ऐसे हाकिमों और उनके हाकमो को इस बार ऐसा सबक मिलेगा, जिसे वे कभी भूल नहीं पाएंगे।

कोई भेदभाव नहीं, सिर्फ न्याय

मैं अपने सभी छात्रों को यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि सरकार की नीयत में कभी भी भेदभाव या मनभेद की भावना नहीं रही है।
हमारी नीतियां सबके लिए हैं – समान, निष्पक्ष और पारदर्शी।


चलें संवाद की राह पर, बढ़ें विश्वास के साथ

मैं सभी युवाओं से यही अपील करता हूं कि हम संवाद और विश्वास की राह पर आगे बढ़ें।
मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए।
हमारा लक्ष्य एक है – उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना।

और यह सपना तभी पूरा होगा जब हम मिलकर चलेंगे, एक परिवार की तरह।

जय उत्तराखंड।
जय भारत।

परीक्षा विवाद में युवाओं के बीच पहुंचे सीएम धामी, सीबीआई जांच की संस्तुति

0

परीक्षा विवाद में युवाओं के बीच पहुंचे सीएम धामी, सीबीआई जांच की संस्तुति

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को परेड ग्राउंड में आंदोलनरत युवाओं के बीच पहुंचकर उनकी चिंताओं को सीधे सुना और आश्वस्त किया कि सरकार उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की हालिया परीक्षा में हुए विवाद की CBI जांच की संस्तुति करेगी

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सरकार युवाओं के मन में किसी भी प्रकार का संदेह या अविश्वास नहीं रहने देना चाहती। यही कारण है कि उन्होंने न केवल सीबीआई जांच के लिए सहमति दी, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि किसी प्रकार की रुकावट जांच प्रक्रिया में नहीं आने दी जाएगी।


धरना स्थल पर पहुंचकर दिया भरोसा

परेड ग्राउंड में प्रदर्शन कर रहे युवाओं के बीच दोपहर बाद अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री धामी ने कहा,

“यह बातचीत सचिवालय या कार्यालय में भी हो सकती थी, लेकिन मैंने स्वयं यहां आकर आपसे मिलने का निर्णय लिया, क्योंकि आपके संघर्ष और तकलीफ को महसूस करता हूं। मैं पूरी तरह से आपके साथ हूं।”

उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में राज्य सरकार ने 25,000 से अधिक पारदर्शी भर्तियाँ की हैं, जिनमें कहीं से कोई शिकायत नहीं आई। सिर्फ एक मामले में शंका सामने आई है, और उसे भी गंभीरता से लिया जा रहा है।


एसआईटी जांच के साथ अब सीबीआई जांच भी

मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल यह मामला हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में एसआईटी द्वारा जांचा जा रहा है और समिति ने अपना कार्य शुरू कर दिया है। फिर भी, युवाओं की मांग को प्राथमिकता देते हुए अब सरकार CBI जांच की संस्तुति करने जा रही है।


युवाओं के सपनों का सम्मान

भावुक अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे जानते हैं कि उत्तराखंड का युवा पढ़ाई पूरी कर सरकारी नौकरी का सपना देखता है।

“मैंने भी वही परिस्थितियां देखी हैं, उन्हीं गलियों से होकर आया हूं। मैं जानता हूं कि युवाओं के जीवन में सरकारी नौकरी का सपना कितना मायने रखता है।”


मुकदमे होंगे वापस, भरोसा बहाल होगा

आंदोलन के दौरान अगर किसी भी युवा पर मुकदमा दर्ज हुआ है, तो सरकार उन्हें वापस लेने की प्रक्रिया भी शुरू करेगी।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा,

“हम सबका लक्ष्य है कि अमृतकाल के इस दौर में उत्तराखंड देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बने। इसमें युवाओं की भागीदारी सबसे अहम है।”


निष्कर्ष

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह कदम दर्शाता है कि उनकी सरकार युवा हितों को लेकर पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। सीबीआई जांच की संस्तुति, मुकदमों की वापसी और धरना स्थल पर स्वयं पहुंचकर संवाद स्थापित करना – यह सभी निर्णय युवाओं के प्रति एक उत्तरदायी और जवाबदेह नेतृत्व की तस्वीर पेश करते हैं।

युवाओं को भाया धामी का नेतृत्व, साजिशों की लंका जलाकर बना युवा ‘हनुमान’

0

युवाओं को भाया धामी का नेतृत्व, साजिशों की लंका जलाकर बना युवा ‘हनुमान’

देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में हालिया घटनाक्रम यह स्पष्ट कर गया कि युवाओं का भरोसा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर कायम है। जहां एक ओर सरकार के खिलाफ साजिश रचने वालों ने युवाओं को भ्रमित कर आंदोलन की आग भड़काने की कोशिश की, वहीं दूसरी ओर युवा वर्ग ने धैर्य और समझदारी का परिचय देते हुए अपने ‘मत’ से इन साजिशों को नाकाम कर दिया।

UKSSSC भर्ती परीक्षाओं में धांधली के मुद्दे को हवा देकर सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की गई। एक खास गुट ने युवाओं की भावनाओं को भड़काने का प्रयास किया और सड़क पर उतरकर जनाक्रोश का माहौल तैयार करने की योजना बनाई। लेकिन युवा अब पहले जैसे नहीं हैं — वे समझदार भी हैं और सटीक समय पर निर्णय लेने में सक्षम भी।

जब छात्रसंघ चुनावों के नतीजे सामने आए, तो तस्वीर साफ हो गई — ABVP ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यह जीत सिर्फ एक संगठन की जीत नहीं, बल्कि उस सोच की जीत है जो विकास, पारदर्शिता और स्थायित्व पर विश्वास रखती है।

राजनीति नहीं, कामकाज पर वोट
UKSSSC मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाए। लेकिन राज्य के 100 से ज्यादा कॉलेजों में छात्रसंघ चुनावों में ABVP की व्यापक जीत ने इन दावों की हवा निकाल दी। सबसे खास बात यह रही कि देहरादून का DAV PG कॉलेज, जो कथित साजिश के केंद्र से कुछ ही दूरी पर स्थित है, वहां भी छात्रों ने सरकार की नीतियों पर भरोसा जताया।

यह दिखाता है कि विपक्ष द्वारा फैलाया गया भ्रम ज्यादा दूर तक असर नहीं कर सका। सोशल मीडिया पर भी यही देखा जा सकता है कि युवाओं ने सरकार के साथ खड़े होकर नकारात्मक राजनीति को खारिज कर दिया।

धामी सरकार की पारदर्शिता बनी युवाओं की पसंद
पुष्कर सिंह धामी सरकार ने युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए नकल विरोधी कानून लागू किया, तकनीकी निगरानी बढ़ाई और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कई ठोस कदम उठाए। इन प्रयासों ने यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।

ABVP की जीत क्या दर्शाती है?
ABVP की यह जीत सिर्फ संगठन की ताकत नहीं, बल्कि उस भरोसे की अभिव्यक्ति है जो आज का युवा भाजपा और धामी सरकार की नीतियों पर कर रहा है। छात्र राजनीति में मिली यह सफलता बताती है कि युवाओं ने विपक्ष के आरोपों के बजाय सरकार की नीयत और नीति पर विश्वास जताया है।

निष्कर्ष
उत्तराखंड के युवाओं ने यह दिखा दिया कि वे भावनाओं के बहकावे में आने वाले नहीं हैं। सरकार विरोधी साजिशों को खारिज कर उन्होंने जिस प्रकार ‘हनुमान’ बनकर साजिश की लंका जलाई, वह इस बात का प्रमाण है कि आज का युवा जागरूक है, जिम्मेदार है और विकास की राजनीति में विश्वास करता है।

GST बचत उत्सव पटेलनगर में चला सीएम धामी का अभियान

0

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून के पटेलनगर में ‘जीएसटी बचत उत्सव‘ के उपलक्ष्य में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान व्यापारियों एवं आम लोगों से भेंट कर जी.एस.टी. की घटी दरों के लाभ के बारे में फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में आर्थिक सुधारों का नया दौर शुरू हुआ है और जीएसटी की दरों में कमी से समाज में सभी वर्गों के जीवन को खुशहाल बनाने की ऐतिहासिक पहल हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी की नई दरों से उपभोक्ता वस्तुएं सस्ती होने से आम लोगों को काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने व्यापारियों से जीएसटी की घटी दरों के बारे में ग्राहकों को पूरी जानकारी देने का आग्रह भी किया। इस दौरान स्वदेशी एवं स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देकर प्रदेश एवं देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का भी आह्वान किया।

इस दौरान व्यापारियों और आम लोगों ने जीएसटी दरों को घटाए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि नवरात्रि पर्व पर की गई इस नई शुरूआत से बाजार और खरीददारों में काफी उत्साह है। जीएसटी का यह उत्सव आगामी दीपावली के पर्व के दौरान आम लोगों के जीवन और कारोबार में उल्लास भरेगा।

इस दौरान विधायक विनोद चमोली, राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रोहिला, भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल भी उपस्थित रहे।

भूकम्प को लेकर सचिवालय में हुई खास बैठक

0

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड भूकम्प जोखिम मूल्यांकन एवं शमन (UERAM) के सम्बन्ध में बैठक ली। बैठक में आईआईटी रूड़की और वाडिया हिमालयन भू-विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक भी उपस्थित थे। मुख्य सचिव ने कहा कि भूकम्प के प्रति संवेदनशीलता की दृष्टि से प्रदेश का एक बड़ा भू-भाग के जोन 5 में है, जिसके कारण यूईआरएएम के उद्देश्य, एक औपचारिक सुरक्षा-संचालित वातावरण तैयार करते हुए भूकंप से होने वाले मानवीय और आर्थिक नुकसान को कम करना, पर विशेष फोकस किया जाना चाहिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के लोगों को भूकम्प जैसी परिस्थितियों के लिए जागरूक किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को भूकम्प के प्रति संवेदनशीलता को देखते हुए भूकम्प की मॉक ड्रिल के लिए एक दिन निर्धारित करते हुए नियमित रूप से भूकम्प जागरूकता दिवस मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे भूकम्प जैसी परिस्थिति में न्यूनतम मानवीय और आर्थिक नुकसान होगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि यूएसडीएमए द्वारा विभिन्न वैज्ञानिक संस्थानों के साथ एक विस्तृत एमओयू किया जाए जिसमें विभिन्न प्रकार की गतिविधियों के लिए संस्थानों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा कि वाडिया संस्थान ग्लेशियर लेक पर काम कर रहा है तो आईआईटी रूड़की भूकम्प जोखिम मूल्यांकन और शमन पर कार्य कर सकता है। मुख्य सचिव ने कहा कि भूकम्प के प्रति संवेदनशीलता की दृष्टि से भवन निर्माण के लिए कुछ मापदंड भी निर्धारित किए जाने चाहिए। उन्होंने भूकम्परोधी भवनों के सम्बन्ध सीबीआरआई के साथ एमओयू किए जाने की आववश्यकता पर बल दिया।

इस अवसर पर सचिव विनोद कुमार सुमन एवं अपर सचिव आनन्द स्वरूप सहित आईआईटी रुड़की, वाडिया हिमालयन भू विज्ञान संस्थान और सीबीआरआई के वैज्ञानिक उपस्थित थे।

राज्य दिव्यांग बोर्ड मीटिंग में सीएम धामी ने दिए निर्देश

0

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में राज्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनोें के अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिव्यांगजनों के कल्याण के चलाई जा रही योजनाओं और कार्यक्रमों का पूरा लाभ उन्हें सुगमता एवं पारदर्शिता के साथ मिले। समाज के इस वर्ग की समस्याओं का समाधान शासन-प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि समय-समय पर प्रदेशभर में दिव्यांगजनों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाए। इन शिविरों में दिव्यागजनों को उन्हें उपचार एवं चिकित्सा सुविधाओं के साथ ही प्रमाण-पत्र, कृत्रिम अंग एवं अन्य सहायक उपकरण भी मौके पर ही उपलब्ध कराए जाएं।

मुख्यमंत्री ने सचिव समाज कल्याण को निर्देश दिए कि बैठक में प्राप्त सुझावों पर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न शासकीय सेवाओं में नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान आरक्षण के प्रावधानों के अनुसार दिव्यांगजनों को पूरा लाभ दिया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि समाज कल्याण विभाग पेंशन योजनाओं में विशेष रूप से यह सुनिश्चित करे कि जो भी पात्र व्यक्ति दिव्यांग पेंशन या अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में आते हों, उन्हें योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिले।

उन्होंने सभी सचिवगणों से अपेक्षा की कि दिव्यांगजनों से जुड़े मुद्दों पर विभागीय स्तर पर सतत गंभीरता से कार्यों का अनुश्रवण कर उनके हितों से सीधे जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन समाज का एक अभिन्न अंग हैं और उन्हें सक्षम बनाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।

बैठक में उपस्थित विधायकगणों एवं बोर्ड सदस्यों ने भी कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने उन सभी सुझावों पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की समस्याएँ किसी भी सरकार के लिए केवल प्रशासनिक विषय न रहकर मानवीय सरोकार से जुड़ी जिम्मेदारी भी हैं, और इसी भाव से राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

बैठक में विधायक भरत चौधरी, सविता कपूर के साथ ही सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी, रंजीत सिन्हा, चन्द्रेश कुमार, वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, निदेशक समाज कल्याण प्रकाश चन्द्र एवं राज्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड के सदस्यगण उपस्थित रहे।

नगर निगम मशीनें साफ करेगी अब देहरादून

0

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय परिसर में नगर निगम, देहरादून द्वारा संचालित वैक्यूम बेस्ड रोड़ स्वीपिंग मशीन का फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देहरादून को साफ सुथरा आधुनिक शहर बनाने की दिशा में नगर निगम देहरादून के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्मार्ट तकनीक आधारित यह पहल राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के उद्देश्यों को साकार करने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून को स्वच्छ एवं प्रदूषण रहित बनाने के लिए तकनीक के माध्यम से सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। नगर निगम द्वारा बेड़े में शामिल की गई उन्नत मशीनों से सड़कों की नियमित सफाई अधिक प्रभावी और तेजी से होगी। साथ ही धूल व प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी, जिससे आमजन को स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने नगर निगम एवं संबंधित विभागों से आह्वान किया कि देहरादून शहर को स्वच्छ, सुंदर और हरा – भरा बनाए रखने के लिए इन गतिविधियों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए ।

इस अवसर पर मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, नगर आयुक्त नमामि बंसल एवं नगर निगम के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

कुम्भ 2027 की तैयारियों के सम्बन्ध में मुख्य सचिव ने ली बैठक

0

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरूवार को सचिवालय में कुम्भ 2027 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक ली। इस दौरान मुख्य सचिव ने कुम्भ क्षेत्र में कराए जा रहे और कराए जाने वाले विभिन्न कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कुम्भ मेले से सम्बन्धित सभी स्थायी एवं अस्थायी प्रकृति के कार्यों की प्राथमिकता तय की जाए।

मुख्य सचिव ने नोडल अधिकारियों की तैनाती शीघ्र सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग नहर बंदी के समय कराए जाने वाले कार्यों को समय से पूरा कराने के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करा लें। उन्होंने नहर बंदी का समय बढ़ाए जाने हेतु यूपी से लगातार संवाद किए जाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रकार की अनापत्ति प्रमाण पत्रों के लिए तत्काल कार्यवाही करना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने रेलवे स्टेशनों का सौन्दर्यीकरण के लिए शीघ्र कार्यवाही कराए जाने हेतु डीआरएम मुरादाबाद श्री संग्रह मौर्य से भी अनुरोध किया, साथ ही जीआरपी थानों में मानक व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने की बात कही। उन्होंने पुलिस एवं रेलवे विभाग को संयुक्त रूप से यातायात प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस का सर्विलांस सिस्टम एवं अस्थायी थानों की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की बात भी कही।

मुख्य सचिव ने कहा कि कुम्भ के दौरान घाटों को लगातार साफ रखना चुनौतिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मुख्य घाटों में लगातार सफाई के लिए प्रणाली विकसित की जाए। उन्होंने कुम्भ मेला क्षेत्र की आंतरिक सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को भी शीघ्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंतरिक सड़कों का कार्य नगर निगम के माध्यम से करवाया जाए। उन्होंने सिंचाई विभाग द्वारा घाटों के सौन्दर्यीकरण में ग्रीन ओपन स्पेस का प्रावधान अनिवार्य रूप से किया जाने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला घाटों पर आवश्यक व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित विभागों को उनके द्वारा कराए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मेला अधिकारी को थर्ड पार्टी क्वालिटी एश्योरेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित किए जाने की बात कही।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली, नितेश कुमार झा, एडीजी डॉ. वी मुरूगेशन, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, आईजी डॉ. नीलेश आनन्द भरणे, मेला अधिकारी सोनिका, सचिव सी. रविशंकर एवं युगल किशोर पंत सहित सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित थे।

शहीदों के परिजनों के कल्याण के लिए की जा रही है अनेक कल्याणकारी योजनायें संचालित

0

मुख्यमंत्री ने किया शहीद सम्मान यात्रा 2 का शुभारम्भ

शहीद सम्मान यात्रा उन अमर बलिदानियों को समर्पित है, जिनकी शौर्यगाथा और बलिदान सदैव हमें प्रेरणा देते रहेंगे- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को शहीद राईफल मैन नरेश कुमार के गुजराड़ा मानसिंह सहस्त्रधारा रोड़ स्थित आवास से शहीद सम्मान यात्रा 2 का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने इससे पहले शहीद राईफलमैन नरेश कुमार के चित्र पर माल्यार्पण के साथ ही शहीद स्थल पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की । इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीद नरेश कुमार के परिजनों से भेंट कर उनके आंगन की मिट्टी का भी संग्रहण किया। उन्होंने शहीद के परिजनों को शहीद सम्मान समारोह में शामिल होने का भी आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा देहरादून के गुनियाल गाँव मे शौर्य स्थल (सैन्य धाम) का निर्माण कराया गया है जिसमें प्रदेश के सभी शहीद सैनिकों के घर-आँगन की पवित्र मिट्टी स्थापित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शहीद सम्मान यात्रा उन अमर बलिदानियों को समर्पित है, जिनकी शौर्यगाथा और बलिदान सदैव हमें प्रेरणा देते रहेंगे। हमारे शहीदों ने अपना आज हमारे कल के लिए न्यौछावर किया है। उनके त्याग और पराक्रम के कारण ही हम सब सुरक्षित और स्वतंत्र हैं। मुख्यमंत्री ने श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ शहीदों को नमन करते हुए कहा कि उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए यह गर्व का अवसर है, जब हम उन परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना सबसे बड़ा बलिदान दिया। शहीदों का बलिदान हमें यह सिखाता है कि जीवन का वास्तविक मूल्य त्याग, सेवा और समर्पण में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शहीदों के परिजनों के कल्याण के लिए अनेक कल्याणकारी योजनायें संचालित की जा रही हैं। प्रदेश में वर्ष 2018 से अब तक 28 शहीद आश्रितों को उनकी योग्यता अनुसार नियुक्ति दी जा चुकी है और 13 की नियुक्ति प्रक्रिया गतिमान है। शहीदों के परिजनों को एकमुश्त अनुग्रह अनुदान जो पहले 10 लाख रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया है। इसी प्रकार उत्तराखण्ड़ के परमवीर चक्र अलंकृत सैनिकोें एवं उनकी विधवाओं को दी जाने वाली राशि 50 लाख रूपये से बढाकर अब 1.50 करोड़ रूपये कर दी गयी है। उत्तराखण्ड़ देश का पहला राज्य है जहां पूर्व सैनिकों को ब्लॉक प्रतिनिधि नियुक्त मानदेय प्रदान किया है वर्तमान में यह मानदेय 8,000 रुपये प्रतिमाह है, जिसे बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह किया गया है।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि देहरादून में निर्मित हो रहे सैन्यधाम निर्माण से पूर्व प्रदेश के 1734 अमर बलिदानियों के आंगन की पवित्र मिट्टी सैन्यधाम लाई जा चुकी है। प्रदेश में शहीदों के सम्मान की परंपरा वर्ष 2021 से प्रारम्भ हुई। उस वर्ष जिला एवं राज्य स्तर पर शहीद सम्मान समारोह आयोजित किए गए और शहीद परिजनों को ताम्रपत्र भेंट किए गए। वर्ष 2021 में कतिपय कारणों से 39 शहीद सैनिकों के घर-आँगन की मिट्टी संग्रहित नहीं हो सकी थी। इसके पश्चात 2021 से 2025 के बीच प्रदेश के 32 और वीर सैनिक मातृभूमि पर बलिदान हुए। इन सभी 71 वीरों के सम्मान में हमारी सरकार द्वारा दिनांक 25 सितम्बर, 2025 से 04 अक्टूबर, 2025 तक शहीद सम्मान यात्रा आयोजित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि यह यात्रा 4 अक्टूबर तक चलेगी और 05 अक्टूबर को शहीद यात्रा रथ को गरिमामय कार्यक्रम के साथ शहीदों के परिजनों के साथ लैंसडॉउन रवाना किया जाएगा। वहां आयोजित सैनिक सम्मान समारोह में शहीद परिवारों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान सैनिक कल्याण विभाग के अधिकारी बलिदानियों के घर जाकर शहीदों के आंगन की मिट्टी कलश में एकत्र करेंगे। यह पवित्र मिट्टी सैन्यधाम के लोकार्पण से पूर्व उसमें सम्मिलित की जाएगी। सैनिक कल्याण मंत्री श्री जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार शहीदों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है।

इस अवसर मेजर जनरल (सेनि) सम्मी सभरवाल, कैप्टन (सेनि) उमादत्त जोशी, कर्नल वैटरन आदित्य श्रीवास्तव, सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक बिग्रेडियर (सेनि) अमृत लाल, कैप्टन (सेनि) आनन्द राणा सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एंव जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।