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बच्चों की सुरक्षा पर मुख्यमंत्री धामी के सख्त निर्देश – कफ सिरप बिक्री पर statewide निगरानी, 350 से अधिक सैंपल लिए गए, दर्जनों मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस रद्द

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्यभर में औषधि विभाग का व्यापक अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत अब तक 350 से अधिक कफ सिरप के नमूने जांच के लिए लिए जा चुके हैं, जबकि एक दर्जन से अधिक मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। कई अन्य विक्रेताओं को कड़ी चेतावनी दी गई है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि “हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड में ऐसा कोई सिरप न बिके, जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बने। यह सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है।”

राज्यभर में औचक निरीक्षण अभियान तेज

मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों पर प्रदेश के सभी जिलों में औषधि निरीक्षकों की टीमें सक्रिय हैं। मेडिकल स्टोर्स, होलसेल डिपो, फार्मा इंडस्ट्री और बच्चों के अस्पतालों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
स्वास्थ्य सचिव एवं खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार प्रतिदिन अभियान की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं, जबकि अपर आयुक्त (एफडीए) ताजबर सिंह जग्गी के निर्देशन में यह अभियान चरणबद्ध रूप से जारी है।

देहरादून में बड़े स्तर पर कार्रवाई

औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में पलटन बाजार, घंटाघर, ऋषिकेश रोड, जॉलीग्रांट, अजबपुर और नेहरू कॉलोनी क्षेत्रों में मेडिकल स्टोर्स पर औचक निरीक्षण किए गए।
बच्चों की सर्दी-खांसी की कुछ दवाएँ अलग से भंडारित पाई गईं, जिन्हें मौके पर ही सील कर बिक्री पर रोक लगा दी गई।
एक मेडिकल स्टोर को बंद किया गया और 11 औषधियों के नमूने जांच हेतु लिए गए। निरीक्षण के दौरान SYP. Coldrif, SYP. Respifresh-TR और SYP. Relife जैसी प्रतिबंधित दवाएँ स्टोर्स पर नहीं मिलीं।

ऋषिकेश, हल्द्वानी, अल्मोड़ा और बागेश्वर में भी छापेमारी

  • ऋषिकेश: औषधि निरीक्षक निधि रतूड़ी की टीम ने राजकीय एसपीएस चिकित्सालय और जॉलीग्रांट क्षेत्र में निरीक्षण किया। जहाँ बच्चों के सिरप अलग से भंडारित पाए गए, उन्हें सील कर दिया गया।
  • हल्द्वानी: मुखानी क्षेत्र में सात मेडिकल स्टोर्स की जांच की गई, जिनमें से दो से कफ सिरप के नमूने लिए गए।
  • अल्मोड़ा और बागेश्वर: औषधि निरीक्षकों ने औचक जांच के दौरान तीन सिरप के नमूने परीक्षण के लिए एकत्र किए।

मुख्यमंत्री धामी का स्पष्ट संदेश — “बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बच्चों की सेहत के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि “प्रत्येक मेडिकल स्टोर, अस्पताल और फार्मा यूनिट की जांच सुनिश्चित की जाए। बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”

स्वास्थ्य मंत्री की अपील — “डॉक्टर और फार्मासिस्ट जिम्मेदारी निभाएं”

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बाल चिकित्सकों से अपील की कि वे दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी स्थिति में प्रतिबंधित सिरप न लिखें।
उन्होंने कहा कि “डॉक्टर और फार्मासिस्ट दोनों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों की सेहत को सर्वोपरि रखें।”

स्वास्थ्य सचिव की चेतावनी — “लापरवाही बर्दाश्त नहीं”

FDA आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि बच्चों की सेहत से खिलवाड़ किसी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने बताया कि “हर जिले की टीम से प्रतिदिन रिपोर्ट ली जा रही है और जहाँ भी लापरवाही पाई जाएगी, वहाँ लाइसेंस निरस्तीकरण सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी।”

अभियान जारी रहेगा जब तक असुरक्षित दवाइयाँ पूरी तरह समाप्त नहीं

अपर आयुक्त (एफडीए) ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है— राज्य के नागरिकों, विशेषकर बच्चों को केवल सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण औषधियाँ ही मिलें।
उन्होंने कहा कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक प्रदेश से असुरक्षित औषधियों का पूर्ण उन्मूलन नहीं हो जाता।

उत्तराखंड: अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की 21 सितंबर को प्रस्तावित परीक्षा निरस्त

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उत्तराखंड: अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की 21 सितंबर को प्रस्तावित परीक्षा निरस्त देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा 21 सितंबर, 2025 को आयोजित की गई प्रतियोगी परीक्षा को फिलहाल रद्द कर दिया गया है। राज्य सरकार द्वारा गठित एकल सदस्यीय जांच आयोग की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। आयोग की ओर से परीक्षा निरस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया गया है।

परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच हेतु सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग गठित किया गया था। आयोग ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंप दी है।

मुख्यमंत्री ने जताई चिंता, सीबीआई जांच की संस्तुति

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि,

“आयोग ने सीमित समय में अधिकतम जनसुनवाई कर अभ्यर्थियों और संबंधित पक्षों से सुझाव प्राप्त कर रिपोर्ट तैयार की, जो सराहनीय है। राज्य सरकार इस रिपोर्ट का परीक्षण कर अभ्यर्थियों के हित में आगे का निर्णय लेगी।”

मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि इस प्रकरण की सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी गई है, ताकि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित की जा सके।

भविष्य में सुधार के संकेत

मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया कि राज्य सरकार भर्ती परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि:

“हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में किसी भी भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं की कोई गुंजाइश न रहे। हमारा उद्देश्य अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों का राज्य की परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बहाल रखना है।”

सियासी विवाद को मिल सकती है राहत

परीक्षा रद्द किए जाने के साथ ही इस मुद्दे पर लंबे समय से जारी राजनीतिक घमासान को भी विराम लगने की उम्मीद की जा रही है। सरकार के इस फैसले को परीक्षा में गड़बड़ी से प्रभावित हुए अभ्यर्थियों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

बिहार चुनाव 2025: ओपिनियन पोल में NDA और महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर

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बिहार चुनाव 2025: ओपिनियन पोल में NDA और महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में जारी हुए शुरुआती ओपिनियन पोल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और महागठबंधन के बीच करीबी मुकाबला देखने को मिल रहा है। जनता का मूड फिलहाल स्पष्ट नहीं है, और मतदाता दोनों पक्षों को बराबरी की टक्कर दे रहे हैं।

क्या कहता है ओपिनियन पोल?

ओपिनियन पोल के शुरुआती रुझानों के अनुसार:

  • NDA को लगभग 42% वोट शेयर मिलने का अनुमान है।
  • वहीं, महागठबंधन (जिसमें RJD, कांग्रेस, और वाम दल शामिल हैं) को 41-42% वोट शेयर मिलने की संभावना जताई जा रही है।
  • अन्य पार्टियों और निर्दलीयों को 16-17% वोट मिलने की संभावना है।

इस आंकड़े से यह साफ हो रहा है कि मुकाबला बेहद रोमांचक और नजदीकी हो सकता है। सीटों का गणित छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के प्रदर्शन पर भी निर्भर करेगा।

मुख्य चेहरे और मुद्दे

  • NDA की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार फिर से चेहरा बने रहेंगे, हालांकि BJP की भूमिका भी इस बार ज्यादा निर्णायक मानी जा रही है।
  • महागठबंधन की ओर से तेजस्वी यादव को चुनौती देने वाला प्रमुख चेहरा माना जा रहा है, जो रोजगार और शिक्षा को चुनावी मुद्दा बना रहे हैं।
  • जनता के बीच मुख्य मुद्दों में बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और कानून-व्यवस्था सबसे ऊपर हैं।

छोटे दल बन सकते हैं किंगमेकर

ओवैसी की AIMIM, चिराग पासवान की LJP (रामविलास), उपेन्द्र कुशवाहा की RLM जैसी पार्टियाँ सीमित सीटों पर लड़कर NDA या महागठबंधन की किस्मत को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में ये दल संभावित किंगमेकर की भूमिका में आ सकते हैं।

क्या कहते हैं राजनीतिक विश्लेषक?

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मौजूदा रुझान बरकरार रहते हैं तो बिहार में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बन सकती है, जिसमें सरकार गठन के लिए गठबंधन की राजनीति और भी जटिल हो जाएगी।


निष्कर्ष: चुनावी समर का बिगुल बज चुका है

बिहार चुनाव 2025 को लेकर भले ही अभी मतदान में समय हो, लेकिन ओपिनियन पोल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मुकाबला बेहद कांटे का होने जा रहा है। दोनों प्रमुख गठबंधन रणनीति में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहेंगे। अगला चुनाव न सिर्फ बिहार की राजनीतिक दिशा तय करेगा, बल्कि 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए भी सियासी संकेत देगा।

मुख्यमंत्री धामी का बड़ा फैसला लंदन फोर्ट अब ‘सोरगढ़ किला’

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मुख्यमंत्री धामी का बड़ा फैसला लंदन फोर्ट अब ‘सोरगढ़ किला’ मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं के लिए 1029 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में विभिन्न विकास कार्यों और आपदा प्रबंधन के लिए कुल ₹1029 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। यह स्वीकृति पंचम राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों और राज्य योजना के तहत दी गई है।

स्थानीय निकायों को बड़ा बजट

मुख्यमंत्री ने पंचम राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत:

  • गैर निर्वाचित निकायों को वित्तीय वर्ष 2025-26 की द्वितीय छमाही के लिए ₹3 करोड़,
  • जिला पंचायतों को तृतीय त्रैमासिक किश्त के रूप में ₹361.25 करोड़,
  • शहरी स्थानीय निकायों को तृतीय त्रैमासिक किश्त हेतु ₹333.25 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।

आपदा प्रबंधन हेतु विशेष प्रावधान

मानसून के दौरान संभावित आपदाओं को ध्यान में रखते हुए:

  • हरिद्वार जनपद के लिए आपदा न्यूनीकरण निधि से ₹1 करोड़,
  • उत्तरकाशी जिले के धराली और स्यानाचट्टी जैसे क्षेत्रों में अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत हेतु ₹3 करोड़ अतिरिक्त धनराशि स्वीकृत की गई है।

इसके अलावा, विभिन्न जनपदों और विभागों को आपदा मोचन निधि से:

  • राजस्व परिषद देहरादून को ₹2 करोड़,
  • देहरादून जनपद को ₹16 करोड़,
  • उत्तराखंड ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण को ₹25 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

पौड़ी और यमकेश्वर को मिला अतिरिक्त बजट

पौड़ी गढ़वाल जिले के श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में चार सेतुओं के उच्चीकरण और एक मोटर मार्ग निर्माण हेतु ₹18.23 लाख की स्वीकृति दी गई है।
वहीं, विकासखण्ड यमकेश्वर के दिवोगी कान्द्रा भवालातोक में विन नदी के किनारे बाढ़ नियंत्रण कार्यों के लिए ₹2.58 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।

जेसीबी व मलबा हटाने के कार्यों के लिए स्वीकृति

प्राकृतिक आपदा से सड़कों पर आए मलबे को हटाने हेतु तैनात जेसीबी मशीनों और पूर्व वर्षों के बकाया भुगतानों के लिए 13 जनपदों को प्रति जनपद ₹2 करोड़ की दर से कुल ₹26 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है।

लंदन फोर्ट अब ‘सोरगढ़ किला’ के नाम से जाना जाएगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद पिथौरागढ़ में स्थित ऐतिहासिक लंदन फोर्ट का नाम बदलकर ‘सोरगढ़ किला’ रखने की घोषणा की है। इस संबंध में शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। यह निर्णय स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

भाजपा युवा मोर्चा में कुमाऊं-गढ़वाल बैलेंस का फार्मूला, विपुल मैंदोली बने प्रदेश अध्यक्ष

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भाजपा युवा मोर्चा में कुमाऊं-गढ़वाल बैलेंस का फार्मूला, विपुल मैंदोली बने प्रदेश अध्यक्ष

भाजपा युवा मोर्चा की प्रदेश इकाई में नेतृत्व परिवर्तन के साथ ही संगठन ने कुमाऊं-गढ़वाल के बीच संतुलन साधने की स्पष्ट कोशिश की है। ऋषिकेश निवासी विपुल मैंदोली को युवा मोर्चा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वे लंबे समय से युवा मोर्चा से जुड़े हुए हैं और संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। माना जा रहा है कि विपुल मैंदोली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के करीबी माने जाते हैं।

इस पद को लेकर पिछले कई महीनों से चर्चाएं जारी थीं, और कई वरिष्ठ नेताओं की नजरें भी इस अहम जिम्मेदारी पर थीं। लेकिन तमाम दावेदारों को पीछे छोड़ते हुए आखिरकार पार्टी नेतृत्व ने मैंदोली के नाम पर मुहर लगाई।

युवा वर्ग को साधने की रणनीति

साल 2027 में प्रस्तावित उत्तराखंड विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा ने युवा मोर्चा के माध्यम से युवा वर्ग को साधने की रणनीति बनाई है। यही वजह है कि संगठन के इस बदलाव को राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नई टीम में कुछ नए चेहरों को भी शामिल किए जाने की संभावना है, जिससे संगठन में नई ऊर्जा का संचार हो सके।

महामंत्री पदों पर भी संतुलन

भाजपा ने दो प्रदेश महामंत्रियों की भी घोषणा की है:

  • दीपेंद्र कोश्यारी, नैनीताल निवासी और पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के भतीजे
  • मुलायम सिंह रावत, टिहरी निवासी

दीपेंद्र कोश्यारी की यह सक्रिय राजनीति में नई पारी मानी जा रही है। लंबे समय से उनके किसी पद पर नियुक्त होने की चर्चा थी, लेकिन अब युवा मोर्चा के महामंत्री के रूप में उन्हें जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, मुलायम सिंह रावत भी संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं और उन्हें टिहरी गढ़वाल से संगठनात्मक संतुलन साधने के लिए अहम भूमिका सौंपी गई है।

दिल्ली दरबार से संतुलन की मुहर

सूत्रों के अनुसार, भाजपा नेतृत्व युवा मोर्चा का अध्यक्ष पद कुमाऊं मंडल को देने की योजना में था, लेकिन जिन दो नामों पर सहमति नहीं बन पाई, उनके स्थान पर नया नाम तलाशा गया और अंततः विपुल मैंदोली पर सहमति बनी।

पूर्व युवा मोर्चा अध्यक्ष शंशाक रावत, जो बच्ची सिंह रावत के बेटे हैं, के कार्यकाल को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया रही। उनके प्रदर्शन को लेकर दिल्ली नेतृत्व पूरी तरह संतुष्ट नहीं था, यही कारण रहा कि उन्हें दोबारा मौका नहीं दिया गया।

फिलहाल, दोनों महामंत्री — दीपेंद्र कोश्यारी (कुमाऊं) और मुलायम सिंह रावत (गढ़वाल) — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के करीबी माने जाते हैं, जिससे नेतृत्व के साथ बेहतर तालमेल की उम्मीद की जा रही है।

बद्री-केदार धाम पहुंचे मुकेश अंबानी, की विशेष पूजा-अर्चना

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बद्री-केदार धाम पहुंचे मुकेश अंबानी, की विशेष पूजा-अर्चना

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की। हर साल की तरह इस बार भी अंबानी परिवार की उत्तराखंड चारधाम यात्रा की परंपरा जारी रही।

सुबह लगभग 8:00 बजे मुकेश अंबानी विशेष विमान से देहरादून एयरपोर्ट पहुंचे। इसके बाद वह अपने सहयोगियों के साथ दो हेलिकॉप्टरों के माध्यम से बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के लिए रवाना हुए। दोनों पवित्र स्थलों पर उन्होंने विधिवत दर्शन और पूजा संपन्न की।

एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, दर्शन के बाद अंबानी दोपहर में देहरादून लौट आए और फिर अपने निजी विमान से मुंबई के लिए रवाना हो गए।

गौरतलब है कि अंबानी परिवार बीते कई वर्षों से चारधाम यात्रा करता आ रहा है और बद्री-केदार धामों में विशेष आस्था रखता है। उनके आगमन से न केवल धार्मिक स्थलों में एक नई ऊर्जा महसूस होती है, बल्कि स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच भी उत्साह का माहौल बन जाता है।

नशा मुक्त दून के लिए महा आगाज, नशे के सौदागरों, पैडलरों पर शिकंजा कसने की तैयारी

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मुख्यमंत्री के विजन ‘‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’’ के संकल्प को साकार करने के लिए जिला प्रशासन ने प्रभावी रणनीति तैयार कर दी है। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को ऋषिपर्णा सभागार में जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति की बैठक हुई। जिसमें नशीले पदार्थो के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए विभागों को समन्वय बनाते हुए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि राजधानी में नशा तस्करों के लिए कोई जगह नहीं है।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद में संचालित दवा फैक्ट्री एवं मेडिकल स्टोर का निरंतर निरीक्षण करते हुए नशीले पदार्थो की रोकथाम हेतु सघन जांच की जाए। सभी मेडिकल स्टोर पर अनिवार्य रूप से सीसीटीवी स्थापित कराए जाए। जिलाधिकारी ने सीएमओ को पर्याप्त संख्या में ड्रग्स टेस्टिंग किट खरीदने और स्पेशल टास्क फोर्स के माध्यम से सभी सरकारी, गैर सरकारी कॉलेज, यूनिवर्सिटी और उच्च शिक्षण संस्थानों में वृहद स्तर पर ड्रग्स टेस्टिंग कराने के निर्देश दिए। इसके लिए डीएम ने स्वास्थ्य महकमे को मौके पर ही फंड स्वीकृत किया। डीएम ने कहा कि प्रत्येक माह नियमित रूप से एंट्री ड्रग्स गतिविधियों की समीक्षा की जाए। जिलाधिकारी की पहल पर जिला स्तर से पब्लिक हेल्पलाइन नबंर, डेडिकेटेड सेल बनाने की कवायद भी शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी ने स्कूलों में गठित एंटी ड्रग्स समिति को सीधे एसटीएफ से लिंक करवाने के निर्देश भी दिए है, ताकि एंटी ड्रग्स गतिविधियों का त्वरित कम्यूनिकेशन हो सके।

जिलाधिकारी ने समाज कल्याण अधिकारी को रायवाला ओल्ड एज होम को शीघ्र नशा मुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को सभी नशा मुक्ति केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण करने और स्थानीय स्तर पर तैनात पटवारी व पुलिस से संचालित गतिविधियों की रिपोर्ट लेने को कहा। जिलाधिकारी ने विद्यालयों के आसपास एवं नशा के संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर सीसीटीवी कैमरे लगाने, निजी एवं शासकीय सभी शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग्स कमेटी को सक्रिय करने, समितियों के नाम की सूची उपलब्ध कराने, नशीले पदार्थो के अवैघ कारोबार की सूचना देने हेतु शिक्षण संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थानों पर बैनर, पोस्टर के माध्मय से मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 और एनसीवी मानस पोटर्ल का व्यापक प्रचार प्रसार कराने और हेल्पलाइन पर प्राप्त होने वाली शिकायतों पर तत्काल एक्शन लेने के निर्देश दिए। ताकि नशे के अवैघ करोबार को जड़ से खत्म किया जा सके।

जिलाधिकारी ने मादक पदार्थो की डिमांड एवं सप्लाई चौन को तोड़ने के लिए एएनटीएफ, एसटीएफ, पुलिस, एनसीबी औषधि नियंत्रक सहित सभी प्रर्वतनकारी संस्थाओं को मिलकर काम करते हुए प्रवाभी कार्रवाई अमल में लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि विगत वर्षो का विशलेषण करते हुए मादक पदार्थो के कारोबार में सलिप्त नेटवर्क और लिंकेज का पता लगाया जाए। सड़कों पर यातायात नियमों की चौकिंग के दौरान ड्रग्स टेस्टिंग भी की जाए। मादक पदार्थों के प्रचलन को रोकने और इसके दुष्प्रभावों के बारे में वृहद स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाए। आशा वर्कर, सेविका, सहायिका के माध्यम से गांव-गांव तक नागरिकों को नशीले पदार्थों के सेवन से बचने के लिए जागरूक किया जाए। प्रत्येक नागरिक को मानस हेल्पलाइन नंबर एवं पोर्टल की जानकारी हो, ताकि कोई भी नागरिक इस अवैध कारोबार के बारे में आसानी से प्रशासन को सूचना दे सके।

बैठक में डीएफओ मंयक गर्ग, अपर जिलाधिकारी प्रशासन जय भारत सिंह, एसडीएम सदर हरिगिरी, एसडीएम स्मृता परमार, एसडीएम अपर्णा ढ़ौडियाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मुकेश कुमार शर्मा, जिला आबकारी अधिकारी वीरेन्द्र कुमार जोशी, समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, ड्रग्स इंस्पेक्टर विनोद जगूडी, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती, तहसीलदार कालसी सुशीला कोठियाल सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद थे।

हेमकुंड साहिब: बर्फ से ढकी वादियों में अंतिम अरदास, आज दोपहर बंद होंगे कपाट

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हेमकुंड साहिब: बर्फ से ढकी वादियों में अंतिम अरदास, आज दोपहर बंद होंगे कपाट

सिखों के पवित्र तीर्थ हेमकुंड साहिब में इन दिनों बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच अद्भुत नज़ारा देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को यहां इस वर्ष की अंतिम अरदास की जाएगी, जिसके बाद गुरुद्वारे के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। दोपहर करीब एक बजे कपाट बंद करने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के अनुसार, कपाट बंद करने की सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। शुक्रवार सुबह 10 बजे सुखमणी साहिब के पाठ के साथ इस प्रक्रिया की शुरुआत होगी। इसके बाद कीर्तन और अरदास के उपरांत, गुरुग्रंथ साहिब को विधिपूर्वक सचखंड में सुशोभित किया जाएगा। दोपहर एक बजे कपाट औपचारिक रूप से बंद कर दिए जाएंगे।

कपाट बंद होने के साक्षी बनने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ घांघरिया और आसपास के क्षेत्रों में उमड़ पड़ी है। वहीं, हाल ही में हुई बर्फबारी के चलते हेमकुंड साहिब और इसके आसपास का पूरा इलाका बर्फ की सफेद चादर से ढक गया है, जिससे दृश्य और भी रमणीय हो गया है।

इस अवसर पर लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।

मैथिली ठाकुर के राजनीति में कदम रखने की अटकलें तेज, बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चर्चाएं गरम

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मैथिली ठाकुर के राजनीति में कदम रखने की अटकलें तेज, बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चर्चाएं गरम

पटना / जबलपुर, अक्टूबर 2025:सियासत कब किसे हीरो बना दे और कब किसी को हाशिए पर ढकेल दे — इसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल है। बिहार की राजनीति में अब एक नया नाम सुर्खियों में है — लोकप्रिय भक्ति गायिका मैथिली ठाकुर। संगीत की दुनिया में अपनी मधुर आवाज़ और भक्ति गीतों से पहचान बनाने वाली मैथिली ठाकुर के राजनीतिक मैदान में उतरने की अटकलें अब तेज़ हो गई हैं।

सूत्रों के अनुसार, हाल ही में मैथिली ठाकुर ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और बीजेपी के वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद यह चर्चा ज़ोर पकड़ने लगी है कि मैथिली 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में चुनावी किस्मत आज़मा सकती हैं। बताया जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान उनके पिता भी साथ मौजूद थे।


मैथिली ठाकुर ने खुद क्या कहा?

जबलपुर दौरे पर पहुंचीं मैथिली ठाकुर से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा:

“मैं भी टीवी पर ये खबरें देख रही हूं। हाल ही में बिहार में मेरी नित्यानंद राय जी और विनोद तावड़े जी से मुलाकात हुई थी। हमने बिहार के भविष्य को लेकर बातें कीं, लेकिन अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। देखते हैं आगे क्या होता है।”

अपने राजनीतिक रुझान को लेकर उन्होंने साफ कहा,

“मैं अपने गांव के क्षेत्र से चुनाव लड़ना पसंद करूंगी, क्योंकि उस जगह से भावनात्मक जुड़ाव है।”

जब उनसे यह पूछा गया कि बिहार चुनाव में वे किसे समर्थन देंगी, तो उन्होंने फिलहाल किसी तरह की राजनीतिक प्रतिबद्धता जताने से इनकार करते हुए कहा:

“मैं इस पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती। हां, देश के विकास में जितना संभव हो, योगदान देने के लिए तैयार हूं।”


बदले बिहार में लौटने की चाह

यह भी कहा जा रहा है कि वर्ष 1995 में, जब बिहार में लालू यादव का शासन आया था, तब मैथिली ठाकुर का परिवार बिहार छोड़कर बाहर चला गया था। लेकिन अब बदलते बिहार की तस्वीर और विकास की रफ्तार देखकर परिवार की यह होनहार बेटी एक बार फिर अपने राज्य की सेवा करने की इच्छा लेकर बिहार लौटने को तैयार दिख रही हैं।


क्या मैथिली ठाकुर बनेंगी बीजेपी का नया चेहरा?

बीजेपी सूत्रों की मानें तो पार्टी राज्य में युवा, लोकप्रिय और साफ-सुथरी छवि वाले चेहरों को आगे लाने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में मैथिली ठाकुर का नाम इस रणनीति में फिट बैठता है।
उनकी लोकप्रियता, सांस्कृतिक जड़ें, और परिवार की सामाजिक स्वीकार्यता उन्हें एक मजबूत प्रत्याशी बना सकती है — खासकर ग्रामीण, महिला और युवा वोटरों के बीच।


📌 फिलहाल निष्कर्ष?

हालांकि, अभी तक किसी भी राजनीतिक दल या स्वयं मैथिली ठाकुर की ओर से औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह से घटनाक्रम तेजी से बढ़ रहे हैं, उससे ये साफ है कि उनके राजनीति में प्रवेश की संभावनाएं नकारा नहीं जा सकतीं।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले अगर मैथिली ठाकुर सियासत में उतरती हैं, तो यह राज्य की राजनीति को एक नया आयाम दे सकता है — जहां भक्ति के सुर अब जनसेवा के मंच पर गूंज सकते हैं।

Physics Wala Online Coaching Class मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में सरस आजीविका मेले का किया उद्घाटन, 2.20 करोड़ रुपये की योजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में सरस आजीविका मेले का किया उद्घाटन, 2.20 करोड़ रुपये की योजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास

ऋषिकेश, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में आयोजित “सरस आजीविका मेला” में प्रतिभाग करते हुए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) की 12 आर्थिक गतिविधियों हेतु 1.20 करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण किया। साथ ही, 10 अन्य सीएलएफ के लिए प्रस्तावित 1 करोड़ रुपये की आर्थिक गतिविधियों का शिलान्यास भी किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने “Rising Tehri – Physics Wala Online Coaching Class” का भी उद्घाटन किया। इस पहल के तहत अब ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राएं जेईई, नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अपने गांव-घर में रहते हुए ऑनलाइन माध्यम से कर सकेंगे।


“ग्रामोत्थान परियोजना” की पहल की सराहना

मुख्यमंत्री ने इस मेले में ग्राम्य विकास विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा संचालित ग्रामोत्थान परियोजना की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल ग्रामीण विकास को गति देने के साथ ही महिला सशक्तिकरण और स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन में भी अहम भूमिका निभा रही हैं।


आजीविका मेले से “वोकल फॉर लोकल” को मिला नया आयाम

मुख्यमंत्री ने मेले में उपस्थित स्वयं सहायता समूहों, ग्रामीण उद्यमियों और बड़ी संख्या में मौजूद जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा,

“यह मेला हमारी ग्रामीण संस्कृति, परंपरा, कौशल और उद्यमिता को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे आयोजन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के विजन को साकार करने में सहयोगी बन रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि इन मेलों के जरिए ग्रामीण कारीगर, महिला समूह, हस्तशिल्पी और कृषि उत्पादक अपने उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में सफल हो रहे हैं। मेले में “स्वदेशी अपनाओ” थीम पर आधारित स्टॉल्स लोगों को स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने का संदेश दे रहे हैं।


“स्वदेशी अपनाना, सपनों में निवेश करना है” – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम स्वदेशी उत्पादों को अपनाते हैं, तो वह केवल एक वस्तु की खरीद नहीं होती, बल्कि वह हमारे ग्रामीण कारीगरों, मातृशक्ति और उद्यमियों के सपनों में सीधा निवेश होता है।

उन्होंने कहा,

“प्रधानमंत्री जी ने कहा है कि आत्मनिर्भर भारत की नींव स्वदेशी पर टिकी है। यह मेला उसी दिशा में एक मजबूत कदम है, जो स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने का माध्यम बनेगा।”


महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार के ठोस कदम

मुख्यमंत्री श्री धामी ने बताया कि महिला सशक्तिकरण राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

  • “लखपति दीदी योजना” के अंतर्गत अब तक राज्य की 1.65 लाख महिलाएं लखपति बन चुकी हैं।
  • “मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना” के अंतर्गत 2000 स्टॉल्स के जरिए 5.5 करोड़ रुपये के उत्पादों का विपणन किया गया है।
  • “मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना” महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है।

उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा शुरू किए गए “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के माध्यम से राज्य की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पाद दुनिया भर में अपनी पहचान बना रहे हैं।


5 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं स्वयं सहायता समूहों से

मुख्यमंत्री ने बताया कि आज राज्य में ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 68,000 से अधिक स्वयं सहायता समूह कार्यरत हैं, जिनसे 5 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इसके अलावा 7,500 से अधिक ग्राम संगठन और 534 क्लस्टर लेवल संगठन भी गठित किए जा चुके हैं।


महिला किसानों को भी मिल रहा लाभ

महिला किसानों के विषय में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “फार्म लाइवलीहुड योजना” और “महिला किसान सशक्तिकरण योजना” के अंतर्गत 3 लाख से अधिक महिला किसानों के कौशल और क्षमता का विकास कर चुकी है।

  • 2.5 लाख एग्रीन्यूट्री गार्डन और किचन गार्डन स्थापित किए गए हैं।
  • 500 से अधिक फार्म मशीनरी बैंक उपलब्ध कराए गए हैं।
  • 5,000 से अधिक महिला किसान ऑर्गेनिक खेती से भी जुड़ी हैं।

इन प्रयासों से महिलाओं की आर्थिक स्थिति में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है, और वे आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं।


कार्यक्रम में गणमान्यजन रहे उपस्थित

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, श्री सुबोध उनियाल, अनेक स्वयं सहायता समूहों के सदस्य, ग्रामीण उद्यमी एवं स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


📌 निष्कर्ष

सरस आजीविका मेला न केवल स्थानीय उत्पादों के लिए एक सशक्त मंच बनकर उभरा है, बल्कि यह महिलाओं और ग्रामीण समुदायों की आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर भी बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री की यह पहल उत्तराखंड को एक मजबूत, आत्मनिर्भर और उद्यमशील राज्य बनाने की दिशा में प्रभावी सिद्ध हो रही है।