Sunday, March 8, 2026
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विकसित और समावेशी भारत का निर्माण ही आंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नागपुर का दौरा किया। इस दौरान, पीएम मोदी ने संघ मुख्यालय का दौरा किया और वहां संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार तथा द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिव गोलवलकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद, उन्होंने माधव नेत्रालय आई इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर के नए भवन ‘माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर’ की आधारशिला रखी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नागपुर में एक और महत्वपूर्ण स्थान का दौरा किया। इस दौरान, वे संघ के स्मृति मंदिर गए और वहां से दीक्षाभूमि पहुंचे, जहां उन्होंने डॉ. बीआर आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। 1956 में, डॉ. आंबेडकर ने यहां अपने हजारों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म को अपनाया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक विकसित और समावेशी भारत का निर्माण ही भारतीय संविधान के प्रमुख निर्माता डॉ. बी.आर. आंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

नागपुर यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने दीक्षाभूमि पर श्रद्धांजलि अर्पित की, जहां डॉ. आंबेडकर ने 1956 में अपने अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया था। वे दीक्षाभूमि में स्तूप के अंदर गए और वहां रखी आंबेडकर की अस्थियों को श्रद्धांजलि दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम स्थल पर आगंतुकों की डायरी में हिंदी में अपने संदेश में लिखा, “मैं अभिभूत हूं कि मुझे नागपुर में डॉ. बाबासाहब आंबेडकर के पांच ‘पंचतीर्थ’ में से एक दीक्षाभूमि पर जाने का अवसर मिला। यहां के पवित्र वातावरण में बाबासाहब के सामाजिक सद्भाव, समानता और न्याय के सिद्धांतों को महसूस किया जा सकता है।”

उन्होंने आगे कहा, “दीक्षाभूमि लोगों को गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों के लिए समान अधिकार और न्याय की व्यवस्था के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। मुझे पूरा विश्वास है कि इस अमृत कालखंड में हम बाबासाहब के मूल्यों और शिक्षाओं के साथ देश को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। एक विकसित और समावेशी भारत का निर्माण करना ही बाबासाहब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”

प्रधानमंत्री मोदी ने आखिरी बार 2017 में दीक्षाभूमि का दौरा किया था।

केदारनाथ यात्रा की तैयारियां हुई लगभग पूरी, यात्रियों के प्रवास की उत्तम होंगी व्यवस्थाएं

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आगामी 2 मई से शुरू होने वाली केदारनाथ यात्रा के दौरान धाम में एक रात में अधिकतम 15,000 श्रद्धालुओं के रात्रि प्रवास की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही पैदल मार्ग के पड़ावों पर भी 2,000 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन ने यात्रा की तैयारियों का खाका तैयार कर लिया है और इसे जल्द ही धरातल पर लागू किया जाएगा। इस साल भी गढ़वाल मंडल विकास निगम को यात्रियों के भोजन और रात्रि प्रवास की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

केदारनाथ धाम, जो समुद्रतल से 11,750 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, में पुनर्निर्माण के तहत कई नए भवन बनकर तैयार हो गए हैं, जिनसे प्रशासन को यात्री व्यवस्था में मदद मिलेगी। इसके अलावा, टेंट और अन्य सुविधाओं का भी इंतजाम किया जाएगा ताकि धाम में एक रात में 15,000 श्रद्धालुओं को रात्रि प्रवास की सुविधा मिल सके। प्रशासन का कहना है कि तीर्थपुरोहितों के आवासीय और व्यवसायिक भवनों, साथ ही जीएमवीएन के कॉटेज में भी यात्रियों को ठहराया जाएगा। यहां निजी टेंट की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

इसके अलावा, गौरीकुंड से केदारनाथ तक के पैदल मार्ग के विभिन्न पड़ावों जैसे जंगलचट्टी, भीमबली, छोटी लिनचोली, बड़ी लिनचोली, छानी कैंप, रुद्रा प्वाइंट, और बेस कैंप में भी यात्रियों के रात्रि प्रवास की व्यवस्था की जाएगी। यहां 2,000 यात्रियों को ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि पूरे यात्राकाल में यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न हो, इसके लिए विशेष ध्यान दिया जाएगा। सभी व्यवस्थाएं और तैयारियां 25 अप्रैल तक सोनप्रयाग से केदारनाथ तक पूरी कर ली जाएंगी।

गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर रामबाड़ा से लिनचोली के बीच बर्फ सफाई का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अब, लोनिवि के मजदूर लिनचोली से छानी कैंप के बीच बर्फ सफाई में जुटे हुए हैं, जहां संवेदनशील स्थानों पर तीन फीट से अधिक बर्फ पड़ी हुई है।

2 मई से शुरू होने वाली केदारनाथ यात्रा के लिए पैदल मार्ग से केदारनाथ तक एक रात में 17,000 यात्रियों के ठहरने का इंतजाम किया जा रहा है। इन दिनों रामबाड़ा से केदारनाथ के बीच बर्फ सफाई का काम जारी है। इन सभी तैयारियों को आगामी 25 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है – अनिल कुमार शुक्ला, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ

भ्रष्टाचार के खिलाफ धामी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति सफल, कांग्रेस के आरोप निराधार

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तीन साल में 80 आरोपी किये गए रंगे हाथ गिरफ्तार

राज्य मे सर्वाधिक 5 गुना राजस्व अर्जित करने वाला विभाग है खनन

बिजली, पुलिस, लोनिवि, शिक्षा विभाग में आए सबसे ज्यादा मामले

भाजपा ने कांग्रेस के द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सीएम पुष्कर सिंह धामी की उल्लेखनीय उपलब्धियों मे भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टोलेरेंस की नीति भी रही है और जो भी मामले विपक्ष या आम जन के द्वारा लाये गए उनका न केवल संज्ञान लिया गया, बल्कि कार्यवाही को भी अंजाम दिया गया। वहीं राज्य मे खनन से पांच गुना राजस्व प्राप्त होने के बावजूद भ्रष्टाचार के आरोप बेबुनियाद और दुष्प्रचार है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता पूर्व केबिनेट मंत्री विधायक राजपुर ने कहा कि तीन साल के कार्यकाल मे सीएम पुष्कर सिंह धामी ने नैतिक साहस दिखाते हुए बिना काल खंड देखकर उन सभी मामलों की जांच करायी जो कि एक नजीर है। इनमे विस मे भर्ती घोटाले हो या नौकरियों मे हो रहे भ्रष्टाचार प्रमुख हैं। इसी के चलते राज्य मे नकल विरोधी कानून अस्तित्व मे आया जो कि देश मे नजीर बना। भ्रष्टाचार के खिलाफ उत्तराखण्ड सरकार की ताबड़तोड़ मुहिम जारी है। तीन वर्षों में लगभग 80 से अधिक लोगों को रिश्वतखोरी में रंगे हाथ पकड़ा जा चुका है जबकि दर्जनों लोगों को भ्रष्टाचार के आरोप में हिरासत में लिया गया है। यह अभियान लगातार जारी है। उत्तराखण्ड राज्य गठन के बाद पहली बार इतने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

खजान दास ने कहा कि अब तक सामने आये मामलों मे यह साफ हुआ कि भ्रष्टाचार मे लिप्त व्यक्ति चाहे कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो, उसे बक्शा नही गया और सलाखों के पीछे भेजा गया। इसके लिए सतर्कता विभाग को विशेष रूप से सक्रिय करने के साथ ही विशेष टोल फ्री नम्बर 1064 भी जारी कर दिया गया। इस एप के माध्यम से आरोपियों की रंगेहाथ गिरफ्तारी में तेजी आई है। बिजली, पुलिस, लोनिवि, शिक्षा विभाग में सबसे ज्यादा मामले इस दौरान सामने आये।

उन्होंने कहा कि राज्य मे आज खनन ऐसा विभाग है जो कि पूर्व की अपेक्षा 5 गुना राजस्व अर्जित कर रहा है। यह राज्य की अर्थिकी के लिए अहम बना हुआ है। वहीं माफियाओं पर भी लगाम लगी है और 8 गुना दंड वसूला गया है। उन्होंने कहा कि अब पहले जैसी खनन रोकने गए अधिकारियों को कुचलने की कोशिश, शासन प्रशासन का सरंक्षण बीती बात हो गयी है। राजस्व वृद्धि और माफिया पर अंकुश लगने पर विपक्ष को आरोप प्रत्यारोप के बजाय सरकार की पीठ थपथपानी चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर माफियाओं के साथ सांठ गाँठ और उनके ही इशारे पर दुष्प्रचार का आरोप लगाया।

खजान दास ने कहा कि धामी सरकार के तीन साल भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शिता और समावेशी विकास के लिए जाने जाते हैं। केंद्र के सहयोग से राज्य मे लाखों करोड़ के विकास कार्य चल रहे हैं। ऐसे मे राज्य आगामी दशक का श्रेष्ठ राज्य बनने की दिशा मे अग्रसर है और कांग्रेस इन उपलब्धियों को पचा नही पा रही है। वह विभाजन और तुष्टिकरण जैसे मुद्दों के सहारे आगे बढ़कर दुष्प्रचार पर उतर गयी है। जनता इसे स्वीकार नही करेगी।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सैकड़ों समस्याओं का मौके पर कराया निस्तारण

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सरकार के 3 साल पूरे होने के उपलक्ष में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने की जनसुनवाई

गैर हाजिर रहने वाले अधिकारियों का स्पष्टीकरण तलब

प्रदेश सरकार के 3 साल पूरे होने के उपलक्ष में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने शनिवार को अपने विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर में जनसुनवाई एवं बहुउद्देशीय शिविर में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने सैकड़ो समस्याओं का निस्तारण कराया और कई मामलों में अधिकारियों को तुरंत तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

विकासखंड ताकुला के सोमदेव ग्राउंड में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि इस शिविर में मेरे समक्ष जो भी समस्याएं आई हैं उनके निस्तारण में परिणाम भी दिखना चाहिए। अगर दिए गए निर्देशों को परिणाम में नहीं बदला तो सरकार अधिकारियों को बदलने में देर नहीं लगाएगी। इस दौरान कैबिनेट मंत्री ने एक सड़क के लंबे समय से टूटे होने की शिकायत पर पीडब्ल्यूडी विभाग को कहा कि आज ही इसका निरीक्षण करके रिपोर्ट तैयार करिए। इसके अतिरिक्त शिविर में बिजली का बिल ज्यादा आने, नए खंबे लगवाने, बिजली के तारों के झूलने की समस्या, पेयजल आपूर्ति सही न होने की समस्या, पुल के निर्माण में दिक्कत, अस्पतालों में स्टाफ की कमी जैसी समस्याएं भी लोगों ने मंत्री के समक्ष उठाई, जिनका संबंधित विभाग के अधिकारी की मौजूदगी में निस्तारण किया गया। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या नें मौके पर मौजूद सभी विभागों के अधिकारियों से कहा की समस्याओं का निस्तारण एक निश्चित समय सीमा के अंदर होना चाहिए।

शिविर में जल निगम के मुख्य अभियंता की जगह सहायक अभियंता के आने पर मंत्री ने मुख्य अभियंता का स्पष्टीकरण तलब किया है।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र, महिला, उद्यमी और किसानों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में मंत्री ने जरूरतमंद लोगों को व्हीलचेयर और किट वितरित की, साथ ही मरीजों को उपचार भी मुहैया कराया गया।

इस अवसर पर अल्मोड़ा नगर निगम मेयर अजय वर्मा, अल्मोड़ा जिला अध्यक्ष महेश नयाल, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, सोमेश्वर मंडल अध्यक्ष अंजलि, पूर्व जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र कैड़ा और सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने दी प्रदेशवासियों को नव संवत्सर तथा चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को नव संवत्सर के साथ ही चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं दी है। चैत्र नवरात्रि को शक्ति की उपासना का पर्व बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व भारतीय संस्कृति की महान परंपरा का प्रतीक है। नवरात्र का यह पर्व समाज में नारी के महत्व और सामर्थ्य को दर्शाता है। इस अवसर पर किया जाने वाला कन्या पूजन नारी शक्ति के महत्व का प्रतीक है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी से नारियों के सम्मान की भी अपील की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वेदों और पुराणों में चैत्र नवरात्रि को विशेष महत्व दिया गया है। इसे आत्मशुद्धि तथा सद् प्रवृत्ति का आधार माना गया है। चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा का पूजन करने से नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। चैत्र नवरात्रों की प्रदेश में धार्मिक महत्ता के दृष्टिगत सभी प्रमुख देवी मंदिरों एवं शक्तिपीठों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की परम्परा रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारतीय सनातन परम्परा में किसी भी शुभ कार्य के प्रारम्भ में संकल्प लेने का विधान रहता है। शक्ति के अनुष्ठान का यह पर्व रचनात्मक एवं सृजनात्मक कार्यों के प्रति प्रेरणा प्रदान करने वाला हो इसका हमें संकल्प लेना होगा। यह पर्व हमें नवीन उत्साह के साथ देश व समाज की सेवा की भी प्रेरणा देता है। यह नवसंवत्सर सभी के जीवन में सुख, समृद्धि प्रदान करने वाला हो इसकी भी मुख्यमंत्री ने कामना की है।

जन समस्याओं के समाधान के लिए लगाए गए बहुउद्देशीय शिविर

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सर्वे स्टेडियम, देहरादून में राज्य सरकार के सेवा, सुशासन और विकास के तीन साल पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने जन समस्याओं के समाधान के लिए लगाए गए बहुउद्देशीय शिविर का अवलोकन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने हाथीबड़कला से सर्वे स्टेडियम तक भव्य रोड शो में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य स्थापना वर्ष के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राज्य के शहरों में देवभूमि सिल्वर जुबली पार्क का निर्माण किया जायेगा। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम्य विकास विभाग की स्वयं सहायता समूह को क्रेडिट कार्ड लिंकेज के चेक, लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट और कृषि यंत्र भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के समग्र विकास के लिए हर क्षेत्र में तेजी से कार्य किये जा रहे है। प्रदेश में शहरों से लेकर सुदूर गांवों तक सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, वहीं ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का कार्य पूर्ण कर जल्द ही पहाड़ों में रेल का सपना साकार करने की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही, उड़ान योजना के माध्यम से देहरादून, अल्मोड़ा, उत्तराकाशी, गौचर और पिथौरागढ़ सहित प्रदेश के लगभग 12 नगरों के लिए हेली सेवाएँ प्रारंभ होने से राज्य की एयर कनेक्टिविटी मजबूत हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे का कार्य तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। साथ ही देहरादून में रिस्पना और बिंदाल नदी के ऊपर फोरलेन एलिवेटेड रोड का निर्माण करने की योजना भी तैयार की जा रही है। देहरादून में 1400 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य कर रहे हैं। शहर में स्मार्ट स्कूलों की स्थापना करने के साथ ही लैंसडाउन चौक पर 650 पाठकों की क्षमता वाली अत्याधुनिक लाइब्रेरी का निर्माण किया गया है। एक ओर जहां, शहर में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है, वहीं निजी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 11 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण भी किया जा रहा है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि आमजन के हित में सरकार के लिए गए फैसले देश में नजीर बन गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में अनेकों जन कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के साथ ही इन योजनाओं को प्रदेश के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लेकर कार्य किया है। इस संकल्प को पूरा करने के लिए विभिन्न जागरुकता अभियान चलाने के साथ ही हमने लगभग सभी योजनाओं की आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन किया है। साथ ही यह सुनिश्चित करने का प्रय़ास किया है कि प्रदेश वासियों को घर बैठे ही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

गौरतलब है कि सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देहरादून के साथ ही पूरे प्रदेश में जनपद, विधानसभा और ब्लॉक स्तर पर बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में, एक ही स्थान पर लोगों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ मौके पर ही आवेदन और निस्तारण आदि की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

इस अवसर पर मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, दर्जधारी राज्य मंत्री डॉ. देवेंद्र भसीन, कैलाश पंत, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मसूरी मीरा सकलानी, भाजपा के महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, भाजपा युवा मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेहा जोशी एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन द्वारा सचिवालय में नाबार्ड की समीक्षा बैठक

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अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सभी विभागों को नाबार्ड में अवशेष धनराशि हेतु प्रतिपूर्ति बिलों को समयबद्धता से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए

अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सभी विभागों को नाबार्ड में अवशेष धनराशि हेतु प्रतिपूर्ति के बिलों को समयबद्धता से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य हेतु भारत सरकार द्वारा आरआईडीएफ के मानक आवंटन हेतु कुल 650 करोड़ की धनराशि निर्धारित की गई है। इसके साथ ही एसीएसी श्री आनन्द बर्द्धन ने वर्ष 2025-26 के लिए संचालित प्रोजेक्ट, संवितरण, ऋण लक्ष्यों की प्रगति की कार्ययोजना पर प्रभावी कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्वीकृत प्रस्तावों के सापेक्ष विभागों द्वारा डिस्बर्समेंट की प्रगति पर शीघ्रता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। एसीएस ने सभी विभागों को इस दिशा में तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि विभागों द्वारा वितरण एवं अदायगियों में आ रही समस्याओं का निस्तारण कर कार्यों को समयबद्धता से पूरा किया जाए। एसीएस ने प्रोजेक्ट्स की निरन्तर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करते हुए पीएम गति शक्ति उत्तराखण्ड पोर्टल पर भी लगातार अपडेट करने के निर्देश दिए हैं।

अपर मुख्य सचिव ने ऑफ सीजन फलों एव सब्जियों के अधिक उत्पादन वाले स्थानों चकराता, मोरी में आरम्भ में कलेक्शन सेन्टर का संचालन आरम्भ करते हुए भविष्य में मण्डी की स्थापना, स्टोरेज व रोपवे की संभावना की कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव दिलीप जावलकर, विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव विनीत कुमार, डा0 अहमद इकबाल, आनन्द श्रीवास्तव सहित नाबार्ड एवं सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

 उत्तराखंड के नए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन

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उत्तराखंड की वर्तमान मुख्य सचिव, राधा रतूड़ी, का कार्यकाल 31 मार्च को समाप्त हो रहा है। इसके बाद, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आनंद बर्द्धन उत्तराखंड सरकार के नए मुख्य सचिव के रूप में कार्यभार संभालेंगे। आनंद बर्द्धन 31 मार्च को अपना कार्यभार ग्रहण कर सकते हैं। उनके पास प्रशासनिक क्षेत्र में एक लंबा और व्यापक अनुभव है। 1992 में उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर आवंटित हुआ था, और वह रामपुर, इटावा, पौड़ी, नैनीताल और हरिद्वार जैसे जिलों के जिला मजिस्ट्रेट और कलेक्टर के पदों पर कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने वित्तीय संस्थानों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में भी अपनी सेवा दी है।

विशेष रूप से, आनंद बर्द्धन ने यूपी सहकारी चीनी कारखाना संघ लिमिटेड के संयुक्त प्रबंधक निदेशक और यूपी वित्तीय निगम के महाप्रबंधक के तौर पर भी काम किया। अपनी सेवाओं के दौरान उन्होंने शासन के लगभग सभी महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली है। 2010 में उन्होंने हरिद्वार कुंभ मेला अधिकारी के रूप में भी कार्य किया। वह राज्यपाल और मंत्रिपरिषद सचिव के तौर पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। प्रमुख सचिव के रूप में, उन्होंने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, सिंचाई, लघु सिंचाई, खनन, सैनिक कल्याण, पुनर्गठन, आबकारी, उच्च शिक्षा, योजना, और ईएपी जैसे विभागों में कार्य किया। इसके अलावा, वह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अतिरिक्त मुख्य सचिव भी रह चुके हैं। उन्होंने आवास, शहरी विकास, गृह एवं कारागार, राजस्व, वन एवं पर्यावरण, और ग्रामीण विकास विभागों की जिम्मेदारी भी निभाई है।

आनंद बर्द्धन ने दिल्ली विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने भौतिकी में बीएससी ऑनर्स भी किया, जिसमें उन्होंने विश्वविद्यालय में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इसके साथ ही, उन्होंने फ्रांस के ईएनए से लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा भी किया।

वर्तमान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी 31 मार्च को अपने कार्यकाल को समाप्त करेंगी। खबरें हैं कि उन्होंने मुख्य सूचना आयुक्त के पद के लिए आवेदन किया है, और यह संभावना जताई जा रही है कि सेवानिवृत्ति से पहले उन्हें मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्त किया जा सकता है।

‘‘धारा मेरा, नौला मेरा, गांव मेरा, प्रयास मेरा’’ पर आधारित भागीरथ मोबाइल एप का शुभारंभ

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में जल संरक्षण अभियान 2025 के अंतर्गत आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने जल संरक्षण अभियान 2025 की थीम ‘‘धारा मेरा, नौला मेरा, गांव मेरा, प्रयास मेरा’’ पर आधारित भागीरथ मोबाइल एप का शुभारंभ और ब्रोशर का विमोचन किया। इस एप के माध्यम से लोग अपने क्षेत्र के क्रिटिकल और संकटग्रस्त जल स्त्रोतों की जानकारी साझा कर सकेंगे। एप के माध्यम से चिन्हित स्त्रोतों का सरकार द्वारा पुनर्जीवीकरण की दिशा में कार्य किये जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के जल स्त्रोतों, नौलों, धारों तथा वर्षा आधारित नदियों का संरक्षण करने के उद्देश्य से स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी (सारा) का गठन किया है। सारा ने विगत वर्ष विभिन्न विभागों के मध्य सहयोग एवं समन्वय स्थापित कर प्रदेश के लगभग 6500 से अधिक जल स्रोतों के संरक्षण हेतु उपचार कार्य करने के साथ ही लगभग 3.12 मिलियन घन मीटर वर्षा जल का संचयन करने में भी सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि सारा द्वारा, जहां एक ओर, मैदानी क्षेत्रों में केन्द्रीय भू-जल बोर्ड के सहयोग से भू-जल रिचार्ज हेतु विभिन्न प्रयास किये जा रहे हैं। वहीं, प्रदेश की नदियों को पुनर्जीवित करने के अपने प्रथम चरण में तकनीकी एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आधार पर नयार, सौंग, उत्तरवाहिनी शिप्रा एवं गौड़ी नदी के उपचार के लिए आई०आई०टी०, रूड़की एवं एन०आई०एच० रूड़की के सहयोग से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल उन्नति, प्रगति जीवन और विकास का मुख्य आधार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में जल संरक्षण की दिशा में निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। इसमें जन सहयोग भी लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि 10 सालों में उत्तराखण्ड के विकास को बुलंदियों पर ले जाने का यही समय है, जो सही समय है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के अभियान को ग्राम स्तर से राज्य स्तर तक व्यापक रूप से चलाया जायेगा।

इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य के जल स्त्रोतों के सुधारीकरण और पुनर्जीवित करने के लिए सारा का गठन किया गया है। जल संरक्षण अभियान 2025 में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भागीरथ मोबाइल एप का शुभारंभ भी हो गया है। इस एप के माध्यम से आम जन अपने क्षेत्रों के क्रिटिकल और सूख चुके जल स्त्रोतों की जानकारी साझा कर सकेंगे जिससे समय रहते उनका उपचार भी संभव होगा।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि जल संरक्षण अभियान 2025 एक अभियान मात्र नहीं है। राज्य की जल संपदाओं का संचयन, संरक्षण राज्यवासियों की सहभागिता से किया जा रहा। इस अभियान के तहत ग्राम स्तर पर धारा नौला संरक्षण समिति गठित है, जिससे प्रत्येक स्तर पर ग्रामवासियों की भागीदारी सुनिश्चित हो। इसके साथ ही ग्रामपंचायतों की क्षमता विकास के लिए चरणवार कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।

इस मौके पर विधायक खजान दास, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन, जलागम प्रबंधन से नीना ग्रेवाल, पर्यावरणविद चंदन सिंह नयाल, कुंदन सिंह पंवार और पर्यावरण और जल संरक्षण की दिशा में कार्य कर रहे लोग मौजूद थे।

दूरस्थ क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाएं होंगी दुरूस्त: डॉ. धन सिंह रावत, नौ पर्वतीय जिलों में तैनात किये 84 बॉण्डधारी चिकित्सक

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अस्पतालों में डॉक्टरों के आने से मरीज़ों को मिलेगी बड़ी राहत

सूबे के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को 84 नये एमबीबीएस चिकित्सक मिल गये हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से पास आउट इन बॉडधारी चिकित्सकों को प्रदेश के नौ पर्वतीय जनपदों में तैनाती दे दी गई है। जिसकी सूची मुख्य चिकित्साधिकारियों को सौंप दी गई है ताकि प्राथमिकता के आधार पर इन्हें दूरस्थ चिकित्सा इकाईयों में तैनात किया जा सके।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश के चिकित्सा इकाईयों में स्वास्थ्य सुविधाओं के अपग्रेडेशन के लिये राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों सहित विभिन्न संवर्गों में पैरामेडिकल स्टॉफ की तैनाती से स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार हो रहा है। इसी क्रम में बॉड व्यवस्था के तहत श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से पास आउट 84 बॉडधारी चिकित्सकों को नौ पर्वतीय जनपदों में तैनाती दे दी गई है। जिसकी सूची स्वास्थ्य महानिदेशालय स्तर से मुख्य चिकित्साधिकारियों को सौंप दी गई है। इन बॉडधारी चिकित्सकों को संबंधित सीएमओ प्राथमिकता के आधार पर रिक्तियों रिक्त पदों के सापेक्ष चिकित्सालय आवंटित करेंगे।

डॉ. रावत ने बताया कि बॉड व्यवस्था के पौडी व अल्मोड़ा जनपद में 15 चिकित्सकों को तैनाती दी गई है। इसी प्रकार पिथौरागढ़ में 11, बागेश्वर 6, चमोली व रूद्रप्रयाग में 9-9, उत्तरकाशी व टिहरी में 7-7 तथा चम्पावत जनपद में 5 चिकित्सक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बॉडधारी एमबीबीएस चिकित्सकों की तैनाती प्राथमिकता के आधार पर दुर्गम व पर्वतीय क्षेत्रों के चिकित्सालयों में दी जायेगी, जिसके निर्देश संबंधित मुख्य चिकित्साधिकारियों को दे दिये गये हैं।

सभी बॉण्डधारी चिकित्सकों को 20 दिन के भीतर तैनाती स्थान पर योगदान देना होगा और अपनी योगदान आख्या संबंधित जनपद के सीएमओ को प्रस्तुत करनी होगी। विभागीय मंत्री ने कहा कि संविदा बॉण्डधारी चिकित्सकों की नियुक्ति बॉण्ड व्यवस्था के तहत 05 वर्ष के लिये नियत मानदेय पर की गई है। बॉण्ड के उल्लंघन पर इनके खिलाफ अनुबंध की शर्तों के अनुरूप सख्त कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में चिकित्सकों की तैनाती से स्वास्थ्य सुविधाएं और बेहतर होगी और स्थानीय स्तर पर लोगों को उपचार मिल सकेगा।