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रुद्रप्रयाग में ज्ञानदीप सम्मान समारोह, पत्रकारों का हुआ सम्मान

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रुद्रप्रयाग में ज्ञानदीप सम्मान समारोह, पत्रकारों का हुआ सम्मान

रुद्रप्रयाग में ज्ञानदीप सम्मान समारोह, पत्रकारों का हुआ सम्मान

रुद्रप्रयाग। जिला प्रेस क्लब रुद्रप्रयाग के स्थापना के 20 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित “ज्ञानदीप सम्मान समारोह” में पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता केवल सूचना देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज का दर्पण और जन-जन की आवाज है। यह लोकतंत्र का एक मजबूत स्तंभ है, जो निष्पक्षता, सत्य और पारदर्शिता के मूल्यों के साथ समाज को जागरूक करने का कार्य करती है।

इस अवसर पर यह भी कहा गया कि जिला स्तर की पत्रकारिता का महत्व और अधिक बढ़ जाता है, क्योंकि यही पत्रकार दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों की समस्याओं, उपलब्धियों और जनभावनाओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम में भरत सिंह चौधरी और आशा नौटियाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

समारोह के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मानित कर उनके योगदान की सराहना की गई। वक्ताओं ने इस अवसर पर कहा कि मजबूत और जिम्मेदार पत्रकारिता ही लोकतंत्र को सशक्त बनाने की आधारशिला है।

19 अप्रैल से शुरू होगी चारधाम यात्रा, इस बार कई बड़े बदलाव

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19 अप्रैल से शुरू होगी चारधाम यात्रा, इस बार कई बड़े बदलाव

देहरादून। उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल से होने जा रहा है। इस बार यात्रा को लेकर कई अहम बदलाव किए गए हैं, जिनसे श्रद्धालुओं को पहले से बेहतर और सुगम अनुभव मिलने की उम्मीद है।

 कपाट खुलने की तिथियां

  • 19 अप्रैल: गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम
  • 22 अप्रैल: केदारनाथ धाम
  • 23 अप्रैल: बदरीनाथ धाम

इन तिथियों के साथ यात्रा पूरी तरह संचालित हो जाएगी।

 रिकॉर्ड संख्या में पंजीकरण

अब तक करीब 17.28 लाख श्रद्धालु यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कर चुके हैं। इस बार भी यात्रियों की संख्या नया रिकॉर्ड बना सकती है।

 नहीं होगी श्रद्धालुओं की अधिकतम सीमा

इस बार सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए दैनिक दर्शन के लिए अधिकतम संख्या की सीमा खत्म कर दी है
पिछले साल भीड़ नियंत्रण के लिए यह व्यवस्था लागू थी, लेकिन इस बार सभी श्रद्धालुओं को दर्शन कराने की योजना बनाई गई है।

 मंदिर में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध

बदरी-केदार मंदिर समिति ने नया नियम लागू किया है:

  • बदरीनाथ मंदिर और केदारनाथ मंदिर में मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित
  • रील, फोटो और वीडियोग्राफी पर भी रोक
  • श्रद्धालुओं के लिए क्लॉक रूम सुविधा उपलब्ध रहेगी

 विशेष पूजा शुल्क बढ़ा

इस बार विशेष पूजा के शुल्क में वृद्धि की गई है:

  • बदरीनाथ में श्रीमद्भागवत कथा: ₹1 लाख
  • केदारनाथ में पूरे दिन की पूजा: ₹51,000

 भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष पूजाएं रात्रि में कराई जाएंगी, जबकि दिन में सामान्य दर्शन होंगे।

 सरकार की प्राथमिकता: सुरक्षित और सुगम यात्रा

पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार की रीढ़ है। सरकार का लक्ष्य है कि सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और बेहतर सुविधाओं वाली यात्रा का अनुभव मिले। कुल मिलाकर, इस बार की चारधाम यात्रा में भीड़ नियंत्रण के नए तरीके, डिजिटल प्रबंधन और सख्त नियमों के साथ श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्था देखने को मिलेगी।

डिजिटल विकास को नई दिशा देंगे ऐसे आयोजन: सीएम धामी

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डिजिटल विकास को नई दिशा देंगे ऐसे आयोजन: सीएम धामी

डिजिटल विकास को नई दिशा देंगे ऐसे आयोजन: सीएम धामी

देहरादून। पुष्कर सिंह धामी से गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में “इंडिया डिजिटल इंपॉवरमेंट मीट एंड अवॉर्ड” समारोह के आयोजकों ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान आयोजन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), टेक्नोलॉजी और साइंस जैसे विषयों पर आधारित इस प्रकार के आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस सम्मेलन से निकलने वाले निष्कर्ष और सुझाव राज्य एवं देश के डिजिटल विकास को नई दिशा देंगे।

 उत्तराखंड: रणनीतिक और पर्यटन दृष्टि से अहम

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य होने के साथ-साथ पर्यटन के क्षेत्र में भी अग्रणी है। राज्य में प्रतिवर्ष 6 करोड़ से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर आते हैं, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।

 फिल्म शूटिंग और निवेश के बढ़ते अवसर

उन्होंने कहा कि राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता इसे फिल्म शूटिंग के लिए एक आदर्श स्थान बनाती है। साथ ही औद्योगिक निवेश के लिए भी यहां बेहतर संभावनाएं मौजूद हैं, जिनको विकसित करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।

 वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभरता उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं। सुरम्य स्थल और आधुनिक सुविधाएं इसे डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए उपयुक्त बनाती हैं। सरकार इस दिशा में आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।

 उद्योग जगत की भागीदारी

बैठक में NTT Global Data Centers, AdaniConneX और NetForChoice सहित विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर व निवेश से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि उत्तराखंड को डिजिटल और निवेश के क्षेत्र में नई पहचान भी मिलेगी।

देहरादून में 87वीं इंटर स्टेट जूनियर-यूथ टेबल टेनिस चैंपियनशिप का आगाज़

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देहरादून में 87वीं इंटर स्टेट जूनियर-यूथ टेबल टेनिस चैंपियनशिप का आगाज़

देहरादून में 87वीं इंटर स्टेट जूनियर-यूथ टेबल टेनिस चैंपियनशिप का आगाज़

देहरादून। पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को परेड ग्राउंड स्थित बहुद्देशीय क्रीड़ा हॉल में 87वीं इंटर स्टेट जूनियर एवं यूथ नेशनल टेबल टेनिस चैंपियनशिप का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं टेबल टेनिस खेलकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन भी किया।

मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखंड के लिए यह गर्व का विषय है कि राज्य को पहली बार इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर मिला है। उन्होंने इसके लिए भारतीय टेबल टेनिस महासंघ का आभार भी व्यक्त किया।

 खेल व्यक्तित्व निर्माण का आधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास का सशक्त आधार है। खेलों के जरिए अनुशासन, धैर्य, टीम भावना और लक्ष्य के प्रति समर्पण जैसे जीवन मूल्यों का विकास होता है, जो युवाओं को हर क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करते हैं।

उन्होंने युवा खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे न केवल अपने-अपने राज्यों का, बल्कि देश के उज्ज्वल भविष्य का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। उनकी मेहनत और संकल्प भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

 टेबल टेनिस: गति और रणनीति का खेल

मुख्यमंत्री ने कहा कि टेबल टेनिस एक ऐसा खेल है, जिसमें गति, संतुलन, तकनीक और मानसिक दृढ़ता का समन्वय आवश्यक होता है। यह खिलाड़ियों को त्वरित निर्णय लेने और रणनीतिक सोच विकसित करने में मदद करता है।

 खेल संस्कृति को मिल रही नई दिशा

मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल संस्कृति को नई दिशा मिली है। खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट जैसे अभियानों से भारत ने खेलों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

उन्होंने कहा कि ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई और कॉमनवेल्थ खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन देश के लिए गर्व का विषय है।

 उत्तराखंड बना ‘खेलभूमि’

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के साथ उत्तराखंड ने खुद को ‘देवभूमि’ के साथ-साथ ‘खेलभूमि’ के रूप में भी स्थापित किया है। इस आयोजन में राज्य के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर नया कीर्तिमान बनाया।

उन्होंने कहा कि खेलों में हार-जीत से अधिक महत्वपूर्ण खिलाड़ियों का जज्बा, अनुशासन और आत्मविश्वास है, जो उन्हें सच्चा विजेता बनाता है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल सहित खेल जगत से जुड़े कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

युवा शक्ति ही राष्ट्र निर्माण की असली ताकत: सीएम धामी

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युवा शक्ति ही राष्ट्र निर्माण की असली ताकत: सीएम धामी

युवा शक्ति ही राष्ट्र निर्माण की असली ताकत”: सीएम धामी

देहरादून। पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देश के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है और उन्हें “नेशन फर्स्ट” की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। वह गढ़ी कैंट स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में ओहो रेडियो एवं ड्रीमर्स एड्यु हब द्वारा आयोजित “राष्ट्र निर्माण उत्सव” कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने तीन नए रेडियो चैनलों का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह पहल संचार के क्षेत्र में एक नई क्रांति का प्रतीक है और युवाओं को अपनी अभिव्यक्ति के लिए सशक्त मंच प्रदान करेगी।

 रेडियो की प्रासंगिकता आज भी कायम

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय रेडियो जनसंचार का प्रमुख माध्यम था और आज भी इसकी विश्वसनीयता और आत्मीयता बरकरार है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के “मन की बात” कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि इसने रेडियो को पुनः मुख्यधारा में स्थापित किया है।

 युवाओं को दिया संदेश

मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे फ्यूचर-रेडी बनें और नौकरी खोजने के बजाय जॉब क्रिएटर बनने की दिशा में कार्य करें। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में रोजगार के स्वरूप तेजी से बदल रहे हैं, ऐसे में युवाओं को कौशल विकास और नवाचार पर ध्यान देना होगा।

 स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं को लक्ष्य प्राप्ति तक निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठित, आत्मनिर्भर और राष्ट्रभावना से प्रेरित युवा ही देश को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।

 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में युवाओं की निर्णायक भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है और इसकी युवा शक्ति ही सबसे बड़ी पूंजी है।

 योजनाओं से मिल रहा प्रोत्साहन

उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं से युवाओं को नए अवसर मिल रहे हैं। राज्य सरकार भी स्टार्टअप संस्कृति और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

 उत्तराखंड की विरासत और नई पहल

मुख्यमंत्री ने राज्य की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए “स्वामी विवेकानंद कॉरिडोर” और दून विश्वविद्यालय में “सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज” की स्थापना को महत्वपूर्ण कदम बताया।

कार्यक्रम में राकेश बेदी, मेजर प्राजुक्ता देसाई और आरजे काव्या सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि युवाओं के संकल्प, नवाचार और समर्पण से भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने का सपना निश्चित रूप से साकार होगा।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम: मुख्यमंत्री धामी

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नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम: मुख्यमंत्री धामी

नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम: मुख्यमंत्री धामी

देहरादून। पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महिलाओं की शक्ति, साहस और समर्पण ही समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार है। उन्होंने यह बात उत्तराखंड राज्य महिला आयोग द्वारा दून मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संसद द्वारा पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के सम्मान, अधिकार और सशक्तिकरण की दिशा में एक युगांतकारी पहल है। इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया गया है, जिससे नीति-निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित होगी।

उन्होंने कहा कि यह केवल प्रतिनिधित्व बढ़ाने का प्रयास नहीं, बल्कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया के केंद्र में स्थापित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। मुख्यमंत्री ने भारतीय परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि शक्ति के बिना सृजन संभव नहीं है और नारी शक्ति के बिना समाज की वास्तविक उन्नति अधूरी है।

केंद्र सरकार की योजनाओं से मिला बल

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद केंद्र सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री जन धन योजना और मातृत्व वंदना योजना प्रमुख हैं। इन योजनाओं ने महिलाओं के जीवन स्तर में व्यापक सुधार लाने का कार्य किया है।

राज्य सरकार के प्रयास

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार भी महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इसके अलावा महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए “वोकल फॉर लोकल” और “लोकल टू ग्लोबल” के तहत हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड की शुरुआत की गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है और उनकी सुरक्षा व अधिकारों की रक्षा के लिए समान नागरिक संहिता लागू किया गया है। राज्य में 2.65 लाख से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं, जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक है।

अन्य वक्ताओं ने भी रखे विचार

कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी का अधिकार देता है और यह देश के भविष्य को नई दिशा देगा।

वहीं, राज्य की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि यह कानून महिलाओं को केवल प्रतिनिधित्व ही नहीं, बल्कि नीति निर्माण में नेतृत्व की भूमिका भी प्रदान करता है।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया।

केदारनाथ हेली सेवा टिकट बुकिंग अपडेट

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केदारनाथ हेली सेवा हुई हाईटेक: लाइव ट्रैकिंग, AWOS और ATC से सुरक्षित होगी यात्रा

केदारनाथ हेली सेवा टिकट बुकिंग अपडेट

  • आईआरसीटीसी की ओर से हेली टिकट बुकिंग पोर्टल आज (15 अप्रैल) शाम 6 बजे खुल जाएगा
  • पहले चरण में 22 अप्रैल से 15 जून 2026 तक की यात्रा के लिए टिकट बुक किए जा सकेंगे।

 हेली सेवा कहां से मिलेगी?

केदारनाथ धाम के लिए हेली शटल सेवा इन हेलिपैड्स से संचालित होगी:

  • गुप्तकाशी
  • सिरसी
  • फाटा

 यह जानकारी उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के CEO आशीष चौहान ने दी है।

 सेवा कब शुरू होगी?

  • केदारनाथ के लिए हेली सेवा 22 अप्रैल से शुरू होगी

 जरूरी सावधानी

  • टिकट बुकिंग सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट से ही करें:
    https://heliyatra.irctc.co.in
  • सोशल मीडिया या अन्य किसी लिंक/वेबसाइट पर टिकट के झांसे में न आएं — ये फ्रॉड हो सकते हैं।

डबल इंजन का दम: 4 साल में उत्तराखंड में 2 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट, विकास ने पकड़ी रफ्तार

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डबल इंजन का दम: 4 साल में उत्तराखंड में 2 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट, विकास ने पकड़ी रफ्तार

डबल इंजन का दम: 4 साल में उत्तराखंड में 2 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट, विकास ने पकड़ी रफ्तार

 उत्तराखंड | 2026

उत्तराखंड में बीते चार वर्षों में विकास की रफ्तार ने नया रिकॉर्ड बनाया है। Narendra Modi के मार्गदर्शन और Pushkar Singh Dhami के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार का असर अब जमीन पर साफ दिखाई दे रहा है।

 वर्तमान में राज्य में ₹2 लाख करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाएं प्रगति पर हैं।

 सड़क और कनेक्टिविटी: नई रफ्तार

  • दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे से कनेक्टिविटी में क्रांति
  • चारधाम ऑल वेदर रोड तेजी से तैयार
  • रुद्रपुर, काठगोदाम, भानियावाला, पौंटा साहिब जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम जारी

 अब पहाड़ों में सफर पहले से ज्यादा तेज और सुरक्षित

 रेल नेटवर्क: पहाड़ों तक पहुंच

  • ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना अंतिम चरण में
  • ₹48,000 करोड़ की टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन मंजूर
  • 11 रेलवे स्टेशन बनेंगे अमृत भारत स्टेशन

 एयर कनेक्टिविटी: छोटे शहर भी जुड़े

  • जॉलीग्रांट, पंतनगर, पिथौरागढ़ एयरपोर्ट का विस्तार
  • 18 हेलीपोर्ट विकसित, 12 पर सेवाएं शुरू
  • 118 हेलीपैड सक्रिय

 अब दूरदराज के इलाके भी हवाई नेटवर्क से जुड़े

 रोपवे: पहाड़ों में आसान सफर

  • रानीबाग-नैनीताल, ऋषिकेश-नीलकंठ, औली-गौरसों रोपवे
  • केदारनाथ और Hemkund Sahib के लिए रोपवे जल्द

 बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को बड़ी राहत

 तीर्थ और पर्यटन: नई पहचान

  • केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम का पुनर्विकास
  • मानसखंड मंदिर माला मिशन से कुमाऊं का विकास
  • ऋषिकेश में इंटरनेशनल राफ्टिंग प्लेटफॉर्म

 उत्तराखंड बना बारामासी पर्यटन हब

 बड़ी परियोजनाएं: पानी, स्वास्थ्य और उद्योग

  • जमरानी, सौंग, लखवाड़ बांध परियोजनाएं
  • किच्छा में AIIMS सैटेलाइट सेंटर
  • AIIMS Rishikesh में हेली एम्बुलेंस सेवा

 औद्योगिक और ग्रामीण विकास

  • उधम सिंह नगर में स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप
  • वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम से सीमांत गांवों में विकास
  • 226 स्कूल बने पीएम श्री विद्यालय

 क्यों खास है “डबल इंजन मॉडल”?

  • केंद्र और राज्य का समन्वय
  • तेजी से निर्णय और क्रियान्वयन
  • इंफ्रास्ट्रक्चर + रोजगार + पर्यटन

 यही मॉडल उत्तराखंड को तेजी से विकसित राज्य बना रहा है

खास तोहफा: 12KM का ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बना आकर्षण, दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे पर दिखा प्रकृति और प्रगति का संगम

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खास तोहफा: 12KM का ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बना आकर्षण, दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे

खास तोहफा: 12KM का ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बना आकर्षण, दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे पर दिखा प्रकृति और प्रगति का संगम

 देहरादून | 14 अप्रैल 2026

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर सिर्फ एक एक्सप्रेस-वे नहीं, बल्कि प्रकृति और आधुनिक विकास का अनोखा उदाहरण बनकर उभरा है।

इसमें बना 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर आज हर किसी का ध्यान खींच रहा है—चाहे वह पर्यटक हो या पर्यावरण विशेषज्ञ।

 वन्यजीवों के लिए सुरक्षित ‘ग्रीन हाईवे’

यह कॉरिडोर खासतौर पर वन्य जीवों की सुरक्षित आवाजाही के लिए डिजाइन किया गया है।

 यहां हाथी, नीलगाय, सांभर, तेंदुआ और जंगली सूअर जैसे जीव
 बिना किसी बाधा के प्राकृतिक रूप से आवागमन कर रहे हैं

 तीन जोन में फैला कॉरिडोर

इस हाईटेक ग्रीन कॉरिडोर को तीन हिस्सों में बांटा गया है:

  • गणेशपुर
  • मोहंड
  • आशारोड़ी से देहरादून

 कुल लंबाई: 12 किलोमीटर

 जंगल के बीच बना अनोखा इंजीनियरिंग चमत्कार

यह कॉरिडोर:

  • शिवालिक वन क्षेत्र
  • राजाजी टाइगर रिजर्व
  • घने वन इलाकों

के बीच से होकर गुजरता है

 खास बात:
इस प्रोजेक्ट में किसी भी व्यक्ति का विस्थापन नहीं हुआ

 पर्यावरण को मिलेगा बड़ा फायदा

इस कॉरिडोर के कारण:

  • ध्वनि और वायु प्रदूषण में कमी
  • वन्यजीवों की दुर्घटनाएं कम
  • अगले 20 साल में 2.44 मिलियन टन CO₂ कम उत्सर्जन

 यह लगभग 65 लाख पेड़ लगाने के बराबर प्रभाव है

यात्रियों के लिए भी खास अनुभव

इस एक्सप्रेस-वे से गुजरने वाले यात्रियों को:

  • हरियाली से घिरा दृश्य
  • प्राकृतिक वातावरण का अहसास
  • स्मूद और सुरक्षित सफर

 यानी सफर अब सिर्फ यात्रा नहीं, एक अनुभव बन गया है

 वैज्ञानिक निगरानी और प्लानिंग

इस प्रोजेक्ट की योजना में Wildlife Institute of India की अहम भूमिका रही है।

 क्यों खास है यह कॉरिडोर?

  • भारत के सबसे लंबे एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर में शामिल
  • विकास + पर्यावरण संतुलन का मॉडल
  • चारधाम और पर्यटन को मिलेगा बड़ा बूस्ट

देवभूमि में PM मोदी का मेगा रोड शो: 12 KM तक उमड़ा जनसैलाब,बोले- यहां से मिलती है ऊर्जा

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देवभूमि में PM मोदी का मेगा रोड शो: 12 KM तक उमड़ा जनसैलाब, बोले- “यहां से मिलती है ऊर्जा

देवभूमि में PM मोदी का मेगा रोड शो: 12 KM तक उमड़ा जनसैलाब, बोले- “यहां से मिलती है ऊर्जा”

 देहरादून | 14 अप्रैल 2026

Narendra Modi के देहरादून दौरे ने एक बार फिर राजनीति, आस्था और जनसमर्थन का अनोखा संगम दिखाया। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लोकार्पण से पहले उनका 12 किलोमीटर लंबा भव्य रोड शो चर्चा का केंद्र बन गया।

 डाट काली मंदिर से शुरुआत, आस्था का संदेश

प्रधानमंत्री ने अपने कार्यक्रम की शुरुआत Dat Kali Temple में पूजा-अर्चना से की।
 देश और उत्तराखंड की समृद्धि के लिए प्रार्थना की

 12 KM रोड शो: हर तरफ “भारत माता की जय”

  • देहरादून कैंट तक 12 किमी लंबा रोड शो
  • हजारों की भीड़ सड़कों पर उमड़ी
  • युवा, महिलाएं, बुजुर्ग—हर वर्ग की मौजूदगी

 यह रोड शो PM मोदी के अब तक के सबसे लंबे रोड शो में से एक माना जा रहा है

 जनता का उत्साह, PM का अभिवादन

PM मोदी ने:

  • हाथ जोड़कर अभिवादन किया
  • हाथ हिलाकर लोगों का प्यार स्वीकार किया

 जनसमर्थन देखकर वे बेहद उत्साहित नजर आए

1 घंटे की देरी, PM ने मांगी माफी

प्रधानमंत्री ने कहा:
 “जनता का प्यार इतना था कि गाड़ी धीरे चलानी पड़ी”

  • रोड शो लंबा खिंच गया
  • जनसभा में पहुंचने में 1 घंटे से अधिक देरी
  • PM ने मंच से माफी भी मांगी

 “देवभूमि से मिलती है ऊर्जा”

अपने संबोधन में PM मोदी ने कहा:
 उत्तराखंड की जनता का स्नेह उन्हें नई ऊर्जा देता है
 यही ऊर्जा देश के विकास के लिए प्रेरणा बनती है

 जनता और PM के बीच मजबूत जुड़ाव

यह रोड शो सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि:

  • जनभावनाओं का प्रदर्शन
  • राजनीतिक मजबूती का संकेत
  • उत्तराखंड के साथ गहरा संबंध

 क्यों ट्रेंड कर रही है ये खबर?

  • 12 KM का मेगा रोड शो
  • भारी भीड़ और उत्साह
  • PM का इमोशनल कनेक्ट
  • आस्था + विकास + राजनीति का मिश्रण