सुनील शेट्टी ने जिया आध्यात्मिक अनुभव, परमार्थ निकेतन में स्वामी चिदानन्द सरस्वती संग विशेष संवाद
ऋषिकेश में सुनील शेट्टी ने जिया आध्यात्मिक अनुभव, परमार्थ निकेतन में स्वामी चिदानन्द सरस्वती संग विशेष संवाद
माना शेट्टी हुईं भावविभोर, गंगा तट पर प्रार्थना और संस्कृति-पर्यावरण पर गहन चर्चा
सुनील शेट्टी और उनकी पत्नी माना शेट्टी ने ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन में पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती के सान्निध्य में दिव्य और आध्यात्मिक क्षणों का अनुभव किया। इस दौरान भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और समाज निर्माण में फिल्मों की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक संवाद हुआ।
आध्यात्मिक माहौल ने छुआ मन
माँ गंगा के पावन तट पर दीपों की रोशनी, वेदमंत्रों की गूंज और शंखनाद की ध्वनि ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इस दिव्य माहौल ने सुनील शेट्टी और माना शेट्टी के अंतर्मन को गहराई से प्रभावित किया।
फिल्मों के जरिए समाज निर्माण पर चर्चा
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि आज सिनेमा केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का सशक्त माध्यम है।
उन्होंने जोर दिया कि फिल्मों के माध्यम से:
- भारतीय संस्कृति
- परिवारिक मूल्य
- नारी सम्मान
- पर्यावरण संरक्षण
जैसे विषयों को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत किया जा सकता है। - सुनील शेट्टी का संदेश
सुनील शेट्टी ने कहा:
“परमार्थ निकेतन एक अनुभव है, जहां आकर मन शांत हो जाता है और जीवन की प्राथमिकताएं स्पष्ट हो जाती हैं।”
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे भारतीय संस्कृति और मूल्यों को समझें, क्योंकि यही भारत की असली ताकत है।
माना शेट्टी हुईं भावुक
माना शेट्टी ने आश्रम के अनुशासित और सात्त्विक वातावरण की सराहना करते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ऐसे स्थान आत्मा को सुकून देते हैं। बच्चियों से आत्मीय मुलाकात
सुनील शेट्टी ने रेस्क्यू फाउंडेशन की बच्चियों से मुलाकात कर उन्हें आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित किया। उनके शब्दों ने बच्चियों के चेहरे पर नई उम्मीद जगाई।
विश्व शांति के लिए प्रार्थना
अंत में सभी ने मिलकर राष्ट्र, समाज और विश्व शांति के लिए प्रार्थना की, जो इस आध्यात्मिक मुलाकात का सबसे भावपूर्ण क्षण रहा।
ऋषिकेश की पावन धरती पर यह मुलाकात सिर्फ एक विजिट नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागरण, संस्कृति और समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश बनकर उभरी।
ऋषिकेश में सुनील शेट्टी का आध्यात्मिक अनुभव | परमार्थ निकेतन में विशेष संवाद

