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उत्तराखंड में IPS अफसर ने पुलिस ऑफिस में युवक को नंगा कर पीटा, शिकायत लेकर पहुंचा था

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उत्तराखंड में आईपीएस अफसर लोकेश्वर सिंह युवक को नंगा कर पीटने के मामले में दोषी पाए गए हैं। पीड़ित ने उन पर आरोप लगाया था कि वह पुलिस ऑफिस में शिकायत लेकर पहुंचा था। लोकेश्वर अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं।

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में पूर्व एसएसपी लोकेश्वर सिंह पुलिस ऑफिस में युवक के कपड़े उतरवाकर पीटने के आरोप में दोषी पाए गए हैं। उत्तराखंड राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण में उनके खिलाफ ऐक्शन के निर्देश दिए हैं। प्राधिकरण ने पीड़ित लक्ष्मी दत्त जोशी की शिकायत की जांच के बाद पाया कि आईपीएस अफसर ने पीड़ित को अपने ऑफिस में बुलाकर कपड़े उतरवाए और मारपीट की। प्राधिकरण ने शासन (गृह विभाग) से एसपी लोकेश्वर सिंह के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है। लोकेश्वर सिंह हाल में नौकरी से इस्तीफा दे चुके हैं।

मामला फरवरी 2023 का है। पीड़ित लक्ष्मी दत्त जोशी ने मामले में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि छह फरवरी 2023 को उन्हें पुलिस अधीक्षक कार्यालय पिथौरागढ़ में एसपी लोकेश्वर सिंह और छह अन्य पुलिसकर्मियों ने बुरी तरह पीटा। इससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि एसपी ने उन्हें पूर्व में भी परेशान किया और उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए।

आईपीएस ने आरोपों को निराधार बताया

पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह ने अपने शपथ पत्र में आरोपों को झूठा और निराधार बताया। उन्होंने कहा कि जोशी आपराधिक किस्म के व्यक्ति हैं। उनके खिलाफ जुआ अधिनियम, मारपीट, और गुंडा अधिनियम सहित कई मुकदमे दर्ज हैं। एसपी ने कहा कि जोशी को केवल वाहनों में आग लगाने की घटनाओं के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पूछताछ के बाद उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। सिंह ने मारपीट की घटना से साफ इनकार किया। हालांकि, प्राधिकरण ने एसपी के शपथ पत्रों में गंभीर विरोधाभास पाया। एक शपथ पत्र में कहा गया कि जोशी 6 फरवरी 2023 को पुलिस कार्यालय में उपस्थित नहीं थे। अन्य शपथ पत्रों में पूछताछ के लिए बुलाए जाने की पुष्टि की गई।

मेडिकल जांच में चोट की पुष्टि

शिकायतकर्ता ने सात फरवरी 2023 को मेडिकल जांच कराई थी। इसमें डॉक्टर की राय में चोटें हार्ड एंड ब्लंट ऑब्जेक्ट से आना अंकित था। ये चोटें गिरने से भी आ सकती हैं। शिकायतकर्ता ने छह फरवरी 2023 के पुलिस अधीक्षक कार्यालय के वीडियो फुटेज की मांग आरटीआई के तहत की थी। इसे तकनीकी आधार पर उपलब्ध नहीं कराया गया। प्राधिकरण ने अपने निष्कर्ष में पाया कि इस प्रकरण में साक्ष्य से यह स्पष्ट है कि शिकायतकर्ता को छह फरवरी 2023 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय बुलाया गया था, जहां उसके साथ मारपीट और अभद्रता की गई।

प्राधिकरण पीठ ने पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह को दोषी मानते हुए उत्तराखंड पुलिस अधिनियम के अनुसार कार्यवाही की सिफारिश की। पीठ में प्राधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एनएस धानिक, सदस्य अजय जोशी, पुष्पक ज्योति, दयाशंकर पांडे, मोहन चंद्र तिवाड़ी शामिल रहे।

वन्य जीव तस्करी पर एसटीएफ को बड़ी कामयाबी:देहरादून के विकासनगर से भालू के पित्त और जंगली जानवरो के पांच नाखून के साथ दो तस्करों की गिरफ्तारी

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उत्तराखंड में बढ़ती वन्य जीव तस्करी की घटनाओं पर एसटीएफ को बड़ी कामयाबी मिली है उत्तराखंड एसटीएफ ने देहरादून के विकास नगर क्षेत्र से दो तस्करों को गिरफ्तार किया है जिनके पास से भालू की एक पित्त और पांच नाखून बरामद किए गए हैं। एसटीएफ ने दोनों तस्करों पर वन्य जीव वाइल्डलाइफ के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और दोनों से उनके नेटवर्क के सम्बन्ध में पूछताछ की जा रही है।

विकासनगर क्षेत्र से हुईं है दोनों तस्करों की गिरफ़्तारी

उत्तराखंड एसटीएफ को देहरादून के विकास नगर क्षेत्र से वन्य जीव की तस्करी के मामले में सूचना मिली थी जिसके आधार पर एसटीएफ ने एक टीम बनाकर विकास नगर क्षेत्र में तैनात किया जिसने सूचना के आधार पर विकासनगर यमुनोत्री मार्ग से दो मोटरसाइकिल सवार व्यक्तियों को रोक कर उनकी तलाशी जिनमें से एक व्यक्ति के पास से एक भालू की 155 ग्राम वजनी पित्त और दूसरे व्यक्ति के पास से जंगली जानवरों के पांच नाखून बरामद किया जिसके बाद एसटीएफ ने दोनों व्यक्ति को गिरफ्तार करके दोनों पर वन्य जीव वाइल्डलाइफ एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

दोनों तस्करों के नेटवर्क के बारे में भी चल रही है छानबीन

देहरादून के विकास नगर क्षेत्र से वन्य जीव अंगों की तस्करी कर रहे तस्करों की गिरफ्तारी के बाद अब एसटीएफ दोनों तस्करों के नेटवर्क को भी तलाश रही है जिन्हें यह दोनों तस्कर वन्य जीव अंग की डिलीवरी देने वाले थे। साथ ही एसटीएफ इन दोनों तस्करों के साथ जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है वन्य जीव तस्करी के अवैध कारोबार में दोनों तस्करों के साथ हैं।

मुख्यमंत्री धामी की पहल से दून बासमती को नई पहचान, किसानों और महिलाओं को लाभ

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जिला प्रशासन ने विलुप्ति के कगार पर पहुँच चुकी दून बासमती धान को पुनर्जीवित करने का बड़ा अभियान चलाया है। इस पहल के तहत सहसपुर और विकास नगर के किसानों ने दून बासमती की खेती को फिर से बढ़ावा दिया और इसे नए स्वरूप में बाजार तक पहुँचाने में ग्राम उत्थान व कृषि विभाग का पूरा सहयोग मिला।

जिला प्रशासन द्वारा किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों को तकनीकी प्रशिक्षण, क्लाइमेट-फ्रेंडली खेती के तरीके और मार्केट तक पहुँच उपलब्ध कराई गई। इस पहल में 200 से अधिक कुंतल दून बासमती खरीदी गई, जिससे किसानों के खातों में 13 लाख रुपये से अधिक का भुगतान हुआ।

महिला शक्ति ने इस पुनर्जीवन अभियान में अहम भूमिका निभाई है। 200 से अधिक महिला समूहों ने खेती से लेकर प्रसंस्करण और पैकेजिंग तक हर स्तर पर सक्रिय भागीदारी दी, जिससे न केवल दून बासमती की उपज और गुणवत्ता बेहतर हुई, बल्कि महिलाओं की आय और रोजगार के नए अवसर भी बने। हिलान्स और हाउस ऑफ हिमालय के माध्यम से अब दून बासमती को ब्रांड के रूप में स्थापित किया जा रहा है।

जिला परियोजना प्रबंधक रीप कैलाश भट्ट ने बताया कि इस पहल से किसानों को उनकी फसल का 65 रुपए प्रति किलो मूल्य सुनिश्चित हुआ और उन्हें उचित मुनाफा मिला। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि परियोजना का उद्देश्य दून बासमती को परंपरागत तरीके से पुनर्जीवित करना और इसे सर्टिफाइड ब्रांड बनाना है।

किसानों और महिला समूह ने कहा कि दून बासमती अब विलुप्त नहीं होगी और इसकी सुगंध और गुणवत्ता के कारण यह पुनः देहरादून की पहचान बनेगी।

SIR: 22 साल में दोगुने हुए मतदाता… छंटनी के लिए प्री एसआईआर, यहां बढ़े सबसे ज्यादा मतदाता; देखें आंकड़े

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राजधानी में 22 साल में मतदाता दोगुने हो गए। छांटने के लिए प्री एसआईआर शुरू हो गई है। 2003 की मतदाता सूची में करीब 8.5 लाख मतदाता थे। अब 16 लाख के करीब पहुंच गए हैं।

पिछले 22 साल में मतदाताओं की संख्या देहरादून जिले में आठ लाख से लगभग 16 लाख हो गई है। इसमें सबसे ज्यादा मतदाता नगर निगम देहरादून में बढ़े हैं। इन बढ़े मतदाताओं की कुंडली खंगालने की तैयारी शुरू हो गई है।

फिलहाल बीएलओ ने प्री एसआईआर शुरू कर दिया है। 2003 की मतदाता सूची को इसका आधार बनाया जा रहा है। इसी महीने के अंत तक प्री एसआईआर पूरा करना है ताकि मुख्य एसआईआर के आदेश आएं और उस काम को पूरी गुणवत्ता और समयसीमा में पूरा किया जा सके।

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) देश के 12 राज्यों में चल रहा है और जल्द ही उत्तराखंड में भी शुरू होने वाला है। इसी कड़ी में प्रशासन ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

रोजाना 30 मतदाताओं का मिलान
बीएलओ प्री एसआईआर के तहत घर-घर जाकर रोजाना 30 मतदाताओं का मिलान कर रहे हैं। मुख्य एसआईआर में राजनीतिक दलों के एजेंटों को भरोसे में लेने के साथ ही उनकी मदद ली जाएगी ताकि एसआईआर निष्पक्ष हो और किसी प्रकार के आरोप न लगें।

वर्तमान मतदाता सूची के साथ होगा मिलान

सुपरवाइजर से लेकर बीएलओ कार्य में जुट गए हैं। बीएलओ की ओर से 2003 और 2005 की मतदाता सूची के बीच नामों में अंतर को खोजा जाएगा और उसके कारण की समीक्षा की जाएगी। वर्तमान मतदाता सूची के साथ मिलान भी किया जाएगा।
दून में बढ़े सबसे ज्यादा मतदाता
जिले में सबसे ज्यादा विस्तार देहरादून नगर निगम का हुआ। 2003 में यहां मात्र 45 वार्ड थे। अनुमानित मतदाताओं की संख्या उस समय करीब दो-ढाई लाख रही। उसके बाद शहर का तेजी से विकास हुआ। 45 वार्ड से आज नगर निगम 100 वार्ड तक पहुंच गया।
पूरे जिले में आज करीब 15.56 लाख के करीब मतदाता हैं। इनमें पुरुष मतदाता 8.9 लाख और महिला मतदाता 7.47 लाख के करीब हैं। अकेले देहरादून शहर में मतदाताओं की संख्या 7.71 लाख से ज्यादा है।
 
2018 नगर निगम के चुनाव के बाद से ही कुल मतदाताओं में देहरादून शहर में 22 प्रतिशत से ज्यादा वृद्धि हुई। ऐसे में 2003 के सापेक्ष मतदाताओं की संख्या यहां तीन गुना से ज्यादा बढ़ी।
 
देहरादून में प्री एसआईआर चल रहा है। अभी मुख्य एसआईआर शुरू नहीं हुआ और न ही इसकी तिथि आई है। प्री एसआईआर के तहत प्रति बीएलओ को रोजाना 30 मतदाताओं के घर जाना है। दिसंबर के अंत तक इसके पूरा होने की उम्मीद है। – अभिनव शाह, सीडीओ

बनभूलपुरा अतिक्रमण मामला- प्रशासन रोज खर्च कर रहा लाखों रुपए:500 से जयादा पुलिस बल तैनात, ड्रोन से निगरानी जारी

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बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई अब 16 दिसंबर को होगी। इससे पहले 2 दिसंबर और 10 दिसंबर को सुनवाई निर्धारित थी, लेकिन दोनों तारीखों पर मामले की सुनवाई नहीं हो सकी।

लगातार सुनवाई टलने से जहां स्थानीय लोगों में असमंजस बढ़ा है, वहीं पुलिस और प्रशासन पर सुरक्षा व्यवस्था का भारी बोझ पड़ रहा है।

500 से अधिक पुलिस बल की तैनाती, पैरामिलिट्री रिजर्व में

कोर्ट के संभावित फैसले के मद्देनज़र नैनीताल जिला प्रशासन ने बनभूलपुरा क्षेत्र में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर रखी है। करीब 500 पुलिस कर्मियों के साथ-साथ पैरामिलिट्री बल को भी रिजर्व में रखा गया है। जिले के अधिकतर पुलिस अधिकारी और जवान लगातार मौके पर ड्यूटी कर रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था सख्त रखते हुए ड्रोन से लगातार निगरानी की जा रही है। रामनगर, लालकुआं, कालाढूंगी और पहाड़ी क्षेत्रों के थानों से भी फोर्स को हल्द्वानी बुलाया गया है।

सुरक्षा इंतजाम में रोजाना लाखों का खर्च

क्षेत्र में पुलिस वाहनों की लगातार तैनाती, उनकी ईंधन खपत, जवानों की आवाजाही और सुरक्षा उपकरणों पर भारी खर्च हो रहा है। प्रशासन द्वारा किए जा रहे इन इंतजामों में प्रतिदिन लाखों रुपए खर्च होने का अनुमान है

। वहीं लगातार चेकिंग और पुलिस की मौजूदगी से स्थानीय लोगों को भी आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ रही है।

ये खर्च भी उठाती है सरकार: TA क्लेम का बढ़ा दबाव

एसपी क्राइम जगदीश चंद्र ने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिगत बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि नैनीताल जिले के विभिन्न थानों और चौकियों से पुलिसकर्मियों को बुलाया गया है।राजकीय कार्य अधिनियम के अनुसार, कोई पुलिसकर्मी अपने तैनाती स्थल से 8 किलोमीटर दूर ड्यूटी करता है तो वह ट्रैवलिंग अलाउंस (TA) का क्लेम कर सकता है, जिसका भुगतान सरकार द्वारा किया जाता है। ऐसे में TA बिलों का दबाव भी बढ़ रहा है।

सुनवाई फिर टली, प्रशासन अलर्ट मोड पर

लगातार सुनवाई टलने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है क्योंकि सुरक्षा व्यवस्था को स्थिर बनाए रखना अनिवार्य है। हर नई तारीख के साथ सुरक्षा-तैनाती के इंतज़ाम फिर से उसी स्तर पर जारी रखने पड़ रहे हैं।

अब सभी की निगाहें 16 दिसंबर की अगली सुनवाई पर टिकी हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि निर्णय आने तक बनभूलपुरा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पूर्व की तरह कड़ी बनी रहेगी।

हल्द्वानी के होटल में मिला अल्मोड़ा की महिला का शव:दरवाजा तोड़ कमरे में घुसी पुलिस, बेड पर पड़ी मिली; एक दिन पहले घूमने आई

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उत्तराखंड के हल्द्वानी में एक होटल में महिला की लाश मिली, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। महिला ने मंगलवार की शाम को होटल में चेक-इन किया था। बुधवार को जब काफी देर तक महिला कमरे से बाहर नहीं निकली तो होटल मालिक ने महिला को आवाज लगाई। लेकिन महिला ने कोई जवाब नहीं दिया।

होटल मालिक ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। हल्द्वानी कोतवाली प्रभारी विजय मेहता ने बताया कि पुलिस को 112 से सूचना मिली कि रोडवेज के पास स्थित तिवारी होटल में एक महिला कल शाम से रुकी हुई है, जो दरवाजा नहीं खोल रही हैं। इस सूचना पर प्रभारी निरीक्षक फोर्स के साथ तिवारी होटल में पहुंचे।

महिला को आवाज लगाई, लेकिन महिला ने दरवाजा नहीं खोला। कुछ देर तक इंतजार करने के बाद गवाह की मौजूदगी में होटल का दरवाजा तोड़ा तो देखा कि महिला का शव बेड पर पड़ा है।

होटल का कमरा सील

एसपी सिटी ने बताया कि होटल के कमरे कोई भी संदेहात्मक निशान नहीं मिले हैं, जिससे पता लग सके कि महिला ने सुसाइड किया है या हत्या की गई है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। पुलिस ने कमरे को सील कर दिया है।

फोरेन्सिक टीम अब मामले की जांच करेगी। जो भी तथ्य सामने आएंगे तो उस हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। महिला की पहचान अल्मोड़ा के हीरा डूंगरी थाना कोतवाली की रहने वाली रेखा जुहूवाला के तौर पर हुई है। पुलिस सीसीटीवी कैमरे की जांच कर रही है। इसके अलावा महिला के परिजनों को सूचित किया गया है।

महिला की किन परिस्थितियों में मौत हुई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा।

DM सविन बंसल का विभागों को सख्त संदेश: मुख्यमंत्री की घोषणाओं को दें प्राथमिकता, लापरवाही हरगिज बर्दाश्त नहीं

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डीएम का निर्देशः सभी विभाग तुरंत पोर्टल पर प्रगति अपडेट करें, देरी या बहाने क्षम्य नहीं

मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षाः डीएम सविन बंसल ने विभागों को दिए समयबद्ध कार्रवाई के सख्त निर्देश

मात्र कार्रवाई गतिमान, एचओडी-शासन पर लंबित तर्क घोषणा पूर्ति हेतु नाकाफी-डीएम

डीएम का जोरः भूमि बाधाएं हटें और शासन स्वीकृत घोषणाएं तुरंत धरातल पर उतरे

जिले के सर्वांगीण विकास के लिए जनकल्याणकारी नीतियों को समयबद्ध धरातल पर लाना है जरूरी

देहरादून । जिलाधिकारी सविन बसंल ने ऋषिपर्णा सभागार में मुख्यमंत्री घोषणाओं की विभागवार समीक्षा बैठक ली। बैठक में डीएम ने सभी विभागों द्वारा घोषणाओं पर की गई प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और लंबित मामलों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाएं प्राथमिकता वाले कार्य हैं, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विभागवार प्रस्तुतियों का अवलोकन करते हुए धीमी गति से चल रहे कार्यों पर नाराज़गी जताई और संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान आवास, एमडीडीए, नगर निगम, खेल, युवा कल्याण आदि विभागों में भूमि चयन समस्या के कारण लंबित घोषणाओं पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि संबंधित एसडीएम के साथ समन्वय करते हुए समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि दूसरे विभाग से संबंधित जिन घोषणाओं को स्थानांतरित किया जाना है उनका प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर संबंधित विभागों को तत्काल उपलब्ध करें। सभी विभाग सीएम घोषणाओं की प्रगति को तत्काल रूप से ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि सीएम घोषणाओं में किसी प्रकार का कोई तर्क, वितर्क, देरी, लापरवाही क्षम्य नहीं है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले स्तर से जिन घोषणाओं पर कार्रवाई की जानी है, उनमें तत्काल और त्वरित गति से कार्य किया जाए। निर्माण कार्याे के लिए आंगणन गठित करते हुए टेंडर प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराया जाए। डीएम ने कहा कि जिला स्तरीय कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन घोषणाओं पर निर्णय या स्वीकृति शासन स्तर से अपेक्षित है, उन्हें संबंधित विभाग उच्च स्तर पर प्रभावी रूप से परस्यू करें, ताकि प्रक्रियाएं समय पर आगे बढ़ सकें। किसी कारण से जिन घोषणा को पूर्ण कराया जाना संभव नही हो पा रहा है, उन्हें शासन से स्वीकृति लेकर विलोपित किया जाए। शासन से स्वीकृत घोषणा को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। बैठक में विभिन्न विकास कार्यों, निर्माण परियोजनाओं, जनसुविधाओं के विस्तार और अवसंरचना से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की गई।

बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2021 से अब तक कुल 491 घोषणाएं की गई। इसमें से 305 घोषणा पूर्ण कर ली गई है तथा 107 घोषणाओं में कार्य प्रगति पर है और 76 घोषणाओं में शासन एवं विभागीय स्तर कार्यवाही गतिमान है। जबकि तीन घोषणाओं को मर्ज कर दिया गया है। मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग की 10, आवास की 05, पेयजल की 07, शहरी विकास 12, समाज कल्याण की 10, विद्यालयी शिक्षा की 09, वन विभाग 04, पर्यटन 06, युवा कल्याण 04, पंचायती राज 03, बाल विकास 02 आदि पर घोषणाओं गतिमान है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एमके शर्मा, सीईओ वीके ढ़ौडियाल, डीडीओ सुनील कुमार, डीएसटीओ एसके गिरी सहित सभी संबंधित विभागों वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

दून सुपर किंग व दून चैंपियंस ने शानदार मुकाबले में जीत दर्ज की

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देहरादून, 10 दिसंबर। उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित मंजुल सिंह माजिला क्रिकेट टूर्नामेंट में खेले गए रोमांचक मुकाबले में आज के पहले मुकाबले में दून सुपर किंग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दून किंग राइडर को 8 विकेट से परास्त कर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। वही दूसरे मुकाबले में दून चैंपियन ने दून टाइटंस को 55 रनों से पराजित किया।

पहले मुकाबले में दून किंग राइडर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 16.4 ओवर में 10 विकेट खोकर मात्र 87 रन ही बना पाई। दून किंग राइडर में हिमांशु बरमोला ने 18 रन, साकेत पंत ने 17 रन, कप्तान सुनील कुमार ने 11 रन, अभय कैंतुरा 6, मदन सिंह 5, योगेश सेमवाल 4, सुनील नेगी ने 2 रन बनाए। दून किंग राइडर के गैंदबाज साकेत पंत व अभय कैंतुरा ने 1-1 विकेट लिया।

लक्ष्य का पीछा करते हुए दून सुपर किंग के बल्लेबाजों ने 11.4 ओवर मंे 2 विकेट खोकर 88 रन बनाए और 8 विकेट से शानदार जीत हासिल की। दून सुपर किंग के बल्लेबाज मनीष डंगवाल ने अपनी टीम के लिए 39 रन, सोहन परमार ने 15, मातबर सिंह कण्डारी ने 11 व शैलेन्द्र सेमवाल ने 10 रन बनाकर अपनी टीम को जीत दिलाई। वहीं दून सुपर किंग के गेंदबाज कप्तान हर्ष उनियाल न 4 विकेट, मनीष डंगवाल ने 2 विकेट, दीपक पुरोहित, मातबर सिंह कण्डारी व सुरेन्द्र सिंह डसीला ने 1-1 विकेट लिए।

आज के दूसरा मैच में दून चैंपियन बनाम दून टाइटंस के बीच खेला गया। जिसमें दून चैंपियन ने निर्धारित ओवर 20 में 7 विकेट खोकर 158 रनों का विशाल स्कोर बनाकर जीत दर्ज की। वहीं लक्ष्य का पीछा करते दून टाइटंस की टीम ने 17.4 ओवर में 10 विकेट खोकर 103 रन ही बना पाई।

बल्लेबाजी करते हुए दून चैंपियन के बल्लेबाज कप्तान शिवेश शर्मा ने अच्छी पारी का प्रदर्शन करते हुए 42 रन, किशोर रावत 32, योगेश शैली ने 21, मनमोहन शर्मा ने 19, नागेन्द्र नेगी ने 14, मनबर रावत ने 5 व अनिल चन्दोला ने 2 रन बनाए। टीम के गेंदबाज नागेन्द्र नेगी ने 3 विकेट, कप्तान शिवेश शर्मा व मनबर रावत ने 2-2 विकेट, किशोर रावत व संदीप बड़ोला ने 1-1 विकेट लिए।

लक्ष्य का पीछा करते हुए दून टाइटंस के बल्लेबाजों में कप्तान सुमन सेमवाल ने 29 रन, प्रवीन नेगी ने 17, हिमांशु जोशी ने 13, अमित शर्मा ने 9, अरविंद रावत ने 7, राजू पुशोला ने 5, विजय जोशी ने 3 व अजय राणा ने 2 रन बनाए। वहीं गेंदबाज अरविंद रावत व अजय राणा ने 3-3 विकेट लिए, और प्रवीन नेगी ने 1 विकेट लिया।

इस अवसर पर उत्तरांचल प्रेस क्लब महामंत्री सुरेन्द्र सिंह डसीला, खेल संयोजक अभय सिंह कैंतुरा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अभिषेक मिश्रा, संयुक्त मंत्री रश्मि खत्री, कोषाध्यक्ष अनिल चन्दोला, संप्रेक्षक शिवेश शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य मौ. असद, मनवर रावत, संदीप बडोला, रमन जायसवाल, दीपक बड़थ्वाल, किशोर रावत आदि मौजूद रहे।

हल्द्वानी ब्रेकिंग: बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले में फिर नहीं हो सकी सुनवाई, अब अगली तारीख का इंतजार

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हल्द्वानी। बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज निर्धारित सुनवाई एक बार फिर नहीं हो पाई। यह केस सूची में नंबर 23 पर था, लेकिन इससे पहले के मामलों की सुनवाई लंबी खिंचने के कारण इस पर सुनवाई नहीं हो सकी।

अब मामले की अगली तारीख का इंतजार किया जा रहा है। स्थानीय लोगों और प्रशासन की नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली तारीख पर टिकी हुई है।

महाराज ने गुलदार के हमले में कंचन देवी के गंभीर रूप से घायल होने पर चिंता जताई

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एयर एंबुलेंस के माध्यम से उपचार हेतु एम्स पहुंचने के दिये निर्देश

पौड़ी। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने पोखड़ा ब्लॉक के ग्राम देवराड़ी में 36 वर्षीय कंचन देवी पत्नी अर्जुन सिंह पर गुलदार के हमला में गंभीर रूप से घायल होने पर चिंता जताते हुए जिलाधिकारी से वार्ता कर तत्काल उन्हें एयरलिफ्ट कर एम्स ऋषिकेश में उनका उपचार करने के निर्देश दिए।

श्री महाराज ने अपने विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल में गुलदार के हमलों की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए वन विभाग के अधिकारियों से कहा है कि वह पूरे इलाके में ड्रोन से निगरानी के साथ-साथ गश्त बढ़ाकर तत्काल लोगों की सुरक्षा के सभी जरुरी कदम उठाएं। उन्होंने पंचायत विभाग के अधिकारियों से कहा है कि गुलदार एवं जंगली जानवरों के छिपने के स्थान के साथ-साथ गांव के आसपास शीघ्रता से झाड़ियां का कटान करना सुनिश्चित करें।