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Uttarakhand: फर्जी प्रमाण पत्र मामला; दिव्यांग शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की मेडिकल बोर्ड नए सिरे से करेगा जांच

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फर्जी प्रमाण पत्र से नौकरी पाने का मामले में दिव्यांग शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की मेडिकल बोर्ड नए सिरे से जांच करेगा। 

शिक्षा विभाग में दिव्यांगता के फर्जी प्रमाणपत्र से 51 शिक्षकों के नौकरी पाने के मामले की मेडिकल बोर्ड नए सिरे से जांच करेगा। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मुताबिक पहले इन शिक्षकों से शपथ पत्र लिए जाएंगे। इसके बाद मेडिकल बोर्ड बनाकर इनके प्रमाण पत्रों की जांच करवाई जाएगी।

शिक्षा विभाग में फर्जी प्रमाण पत्र से नौकरी पाने के मामले में विभाग ने शिक्षकों को नोटिस जारी किया है। नोटिस में शिक्षकों को प्रमाण पत्रों के साथ निदेशालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया है। शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती के मुताबिक जिन शिक्षकों को नोटिस जारी किए गए वे निदेशालय में उपस्थित हो रहे हैं, जिनमें से कई शिक्षक खुद के दिव्यांगता प्रमाण पत्र को सही ठहरा रहे हैं।

इन शिक्षकों का कहना है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने इनके दिव्यांगता के प्रमाण पत्र बनाए हैं। शिक्षा निदेशक के मुताबिक अब बिना किसी मेडिकल जांच के इनके खिलाफ सीधे कार्रवाई नहीं की जा सकती। हालांकि वर्ष 2022 में राज्य मेडिकल बोर्ड ने इनमें से कुछ शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच की थी। जिसमें प्रमाण पत्रों को गलत बताया गया था। 
 

अब रात नौ से छह बजे तक काम कर सकेंगी महिलाएं, अधिसूचना जारी, श्रम विभाग ने सभी नियम किए तय

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अब रात नौ से छह बजे तक महिलाएं काम कर सकेंगी। श्रम विभाग ने सभी नियम तय किए हैं। रात्रि पाली में काम के लिए महिला कार्मिक से सहमति लेनी होगी।

उत्तराखंड में अब रात्रि पाली (रात के नौ बजे से सुबह के छह बजे) तक महिला कर्मचारी काम कर सकेंगी। कैबिनेट के फैसले के तहत श्रम विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। जारी नियमों के मुताबिक, प्रत्येक महिला कर्मचारी से रात्रि पाली में काम के संबंध में सहमति लेनी होगी। यदि कोई महिला असहमति जताती है तो इसके लिए बाध्य नहीं किया जा सकेगा।

नियोजक की ओर से महिला कर्मकारों से काम कराए जाने की सूचना संबंधित श्रम अधिकारी और थाना प्रभारी को उपलब्ध करानी होगी। महिला कर्मकारों के लिए उनके निवास स्थान तक पिक-अप एवं ड्रॉप की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पैनिक बटन (इमरजेंसी अलार्म) एवं जीपीएस आधारित पर्याप्त परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। वाहन एवं कार्यस्थल पर पुलिस हेल्पलाइन नंबर, पुलिस थाना, चौकी के नंबर चस्पा करने होंगे।

महिला कर्मकारों को दी जाएंगी सुविधा
नियोजक की ओर से परिवहन चालक व परिचालक का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराना होगा। नियोजक की ओर से महिला कर्मकारों के लिए सुरक्षित, संरक्षित एवं स्वस्थ कार्य परिस्थितियां सुनिश्चित की जाएंगी। ताकि उन्हें रोजगार से संबंधित किसी भी प्रकार की असुविधा या हानि न हो। नियोजक की ओर से महिला कर्मकारों के लिए शौचालय, चेंजिंग रूम, पेयजल आदि सुविधाएं अधिनियम की धाराओं के अनुसार उपलब्ध करानी होंगी।

महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 के सभी प्रावधान को लागू कराना होगा। दुकान और प्रतिष्ठान के प्रत्येक प्रवेश एवं निकास द्वार पर सीसीटीवी लगाने होंगे। सचिव डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी की ओर से यह अधिसूचना जारी की गई।

Uttarakhand: सीएम की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक, छोटे अपराधों में सजा को लेकर बदलाव, जेल की जगह जुर्माना

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प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में आज कई प्रस्तावों पर मुहर लगी है। छोटे अपराधों में सजा को लेकर अहम बदलाव किए गए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें कुल 19 प्रस्ताव आए। बिजली लाइन का मुआवजा बढ़ाया गया। केंद्र के नए निर्देश को अडॉप्ट किया गया। टावर और उसके एक मीटर परिधि के एरिया का 200% सर्किल रेट का कर दिया है। सर्किल रेट और मार्किट रेट में अंतर पर एक समिति बनाई जाएगी, जो प्रभावित भूमि मालिकों के लिए काम करेगी।

सात एक्ट के बजाय जन विश्वास एक्ट लाया जाएगा। 52 एक्ट चिन्हित किए गए हैं। छोटे अपराधों में सजा को लेकर बदलाव किए गए हैं। छोटे अपराध में जेल नहीं बल्कि जुर्माना होगा। जैसे किसी जैविक कृषि में अधिसूचित क्षेत्र में कोई पेस्टिसाइड का इस्तेमाल करेगा तो वहां एक लाख जुर्माना और एक साल जेल सजा थी, सजा हटाकर जुर्माना पांच लाख कर दिया गया।
 
आवास विभाग के चार प्रस्ताव कैबिनेट में आए
1- ग्रीन बिल्डिंग निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए अतिरिक्त एफएआर जैसे प्लेटिनम ग्रेड को 5%, गोल्ड को 3%, सिल्वर को 2% एक्स्ट्रा मिलेगा।
2- कॉमर्शियल एरिया में ग्राउंड कवरेज का प्रतिबंध से राहत। सभी के लिए सैट बैक वाला रेगुलेशन लागू होगा। इको रिजॉर्ट के साथ अब नार्मल रिजॉर्ट बना सकेंगे। भू उपयोग परिवर्तन की जरूरत नहीं होगी। नक्शा पास करने की बाध्यता में लैंड यूज की शर्त नहीं। सड़क चौड़ाई पहाड़ में 6 मीटर, मैदान में 9 मीटर होगी।
 

3-बहु मंजिला भवन में सड़क लेवल की पार्किंग की हाइट इमारत की ऊंचाई में शामिल न होगी। मोटल श्रेणी को हटा दिया गया है।
4- लैंड पुलिंग स्कीम, टाउन प्लानिंग स्कीम मंजूर। अन्य राज्यों में है योजनाएं लागू हैं। अनिवार्य नहीं है। जहां हम टाउनशिप बनाएंगे, उसके बदले जमीन मिलेगी वो भी कॉमर्शियल। अमरावती में भी ये मॉडल सफल रहे हैं। पहले केवल पालिसी थी, अब स्कीम के रूप में लाया गया है।

वित्त-
उत्तराखंड माल एवं सेवा कर संशोधन अध्यादेश को मंजूरी।
तकनीकी शिक्षा-.तकनीकी विवि में फैकल्टी की भर्ती लोक सेवा आयोग नहीं विवि स्तर से ही होगी
लोनिवि-.कनिष्ठ अभियंता के 5% पद समूह-ग के कर्मचारियों से पदोन्नति से होती थी, लोग नहीं मिल पाते थे। अब 10 साल की सेवा पूरी करने पर सीधे जेई बनेंगे

नागरिक उड्डयन-.
नैनी सैणी एयरपोर्ट…को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया संचालित करेगा।
सितारगंज के कल्याणपुर में जिन्हें पट्टे पर जमीन दी हुई थी, उनके नियमितीकरण को लेकर सर्किल रेट 2004 के लिए जाएंगे।

डेरी विकास, व सहकारिता विभाग
मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण और साइलेज योजना…75% देते थे, तय हुआ कि सब्सिडी 75  के बजाय 60% मिलेगी।

लोनिवि- देहरादून में रिस्पना बिंदाल एलिवेटेड के लिए जीएसटी में छूट मिलेगी। रॉयल्टी और जीएसटी विभाग जमा करेगा, जिसका रिम्बर्स किया जाएगा।

सगंध पौधा के केंद्र का नाम इंस्टीट्यूट ऑफ परफ्यूम होगा। जो वाहन 15 साल से पुराने हैं, उन्हें स्क्रैप करने और नया वाहन खरीदने पर टैक्स में छूट मंजूर।
मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना मंजूर… यूपीएससी, नेट, गेट आदि की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग। लाइव क्लासेज, डाउट क्लियर करने की सुविधा होगी।

-भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत अभियोजन निदेशालय देहरादून में मुख्यालय होगा। उसमें एक निदेशक होंगे। 15 वर्ष तक अधिवक्ता को बना सकेंगे। जिले में भी जिला स्तर का अभियोजन निदेशालय बनाया जाएगा। 7 वर्ष से कम कारावास की धाराओं में अपील का फैसला जिला स्तर, इससे ऊपर पर राज्य स्तर पर निर्णय होगा।

बनभूलपुरा अतिक्रमण मामला- सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज:दुकानें-स्कूल बंद, 15 लोग हिरासत में और इमाम को नोटिस; हल्द्वानी में हाई अलर्ट

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उत्तराखंड के हल्द्वानी के बनभूलपुरा में रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी और आज ही मामले में फैसला आने की उम्मीद है। जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच याचिकाकर्ता अब्दुल मतीन सिद्दीकी की अपील पर सुनवाई करेगी। कोर्ट की तरफ से मामले को 23 वें नंबर पर सूचीबद्ध किया गया है।

इससे पहले हल्द्वानी को हाई अलर्ट जोन में रखा गया है। इलाके में दुकान और स्कूल बंद कर दिए हैं। आने-जाने वालो को आधार कार्ड दिखाकर ही एंट्री मिल रही है। पुलिस ने 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं, पूर्व में दिल्ली ब्लास्ट मामले के शक में हिरासत में लिए गए बिलाल मस्जिद के इमाम आसिम कासमी को पुलिस ने 50 हजार रुपए के निजी मुचलके का नोटिस देकर शांति व्यवस्था बनाए रखने को कहा है।

उत्तराखंड में भीषण हादसा: पर्यटक की कार खाई में गिरी, दो की मौत

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रामगढ़ के गागर में मंगलवार की देर रात पर्यटकों की कार के खाई में गिरने से दो पर्यटकों की मौत हो गई और छह पर्यटक घायल हो गए। कार के खाई में गिरने की सूचना पर भवाली पुलिस ने लोगों की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया।

पुलिस ने नितिन (32) पुत्र विजेंद्र चौधरी निवासी गाजियाबाद, रुचि (39) पुत्री विजेंद्र चौधरी निवासी गाजियाबाद, निस्ता (14) पुत्री विकास निवासी गाजियाबाद, शामा पुत्री नितिन निवासी गाजियाबाद, कंचन (26) पत्नी नितिन निवासी गाजियाबाद, लवे (11) पुत्र विकास निवासी गाजियाबाद, सचिन (32) पुत्र विजेंद्र चौधरी निवासी गाजियाबाद और लक्षी (12) पुत्र विकास निवासी गाजियाबाद सभी को खाई से बाहर निकालकर भवाली सीएचसी पहुंचाया।

अस्पताल में डॉक्टरों ने सचिन और लक्षी को मृत घोषित कर दिया। साथ ही छह घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद हल्द्वानी सुशीला तिवारी रेफर किया। कोतवाल प्रकाश सिंह मेहरा ने बताया कि घायलों को हल्द्वानी एसटीएच भेजा गया है। साथ ही मृतकों के शव भवाली है। उन्होंने कहा कि सभी गाजियाबाद के रहने वाले हैं।

लोहाघाट में गुलदार का आतंक: च्यूरानी ग्राम सभा में व्यक्ति की मौत, ग्रामीणों ने आदमखोर घोषित कर मारने की उठाई मांग

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लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट ब्लॉक के च्यूरानी ग्राम सभा के धरगड़ा तोक में गुलदार ने एक व्यक्ति को मार डाला। घटना की सूचना मिलने के बाद क्षेत्र में दहशत है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार को आदमखोर घोषित कर उसे मारने की मांग की है। बता दें कि लोहाघाट क्षेत्र में गुलदार के हमले में मौत की यह दूसरी घटना है।

मंगलवार सुबह करीब छह बजे ग्रामीण देव सिंह अधिकारी (45) पुत्र कल्याण सिंह अधिकारी शौच के लिए घर के पास बने शौचालय में गए थे। जब काफी देर तक वह नहीं लौटे तो उनकी पत्नी आंगन में आई। आंगन में उन्हें खून नजर आया। शोर मचाने पर अन्य लोग एकत्र हो गए। वह खून के छींटों का पीछा करते हुए आगे बढ़े तो घर से करीब 100 मीटर दूर जंगल के पास देव सिंह का खून से लथपथ शव मिला। गुलदार ने देव सिंह के गले को बुरी तरह से नोचा था। सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए। उन्होंने घटना प्रशासन को दी।

सूचना पर एसडीएम चंपावत अनुराग आर्य, उप प्रभागीय वनाधिकारी सुनील कुमार, काली कुमाऊं वन क्षेत्र के रेंजर राजेश कुमार जोशी आदि मौके पर पहुंचे। फिलहाल वन विभाग ने क्षेत्र के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। क्षेत्र में पिंजरा लगा दिया है।

बनभूलपुरा अतिक्रमण मामला- सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज:50 हजार लोगों का भविष्य टिका, हल्द्वानी में हाई अलर्ट; 500 से ज्यादा जवान तैनात

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उत्तराखंड के हल्द्वानी के बनभूलपुरा में रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी और आज ही मामले में फैसला आने की उम्मीद है। जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच याचिकाकर्ता अब्दुल मतीन सिद्दीकी की अपील पर सुनवाई करेगी। कोर्ट की तरफ से मामले को 23 वें नंबर पर सूचीबद्ध किया गया है।

मामला रेलवे की 29 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण से जुड़ा है और 5 हजार परिवार व 50 हजार लोगों की जिंदगी से जुड़ा है। सुनवाई से पहले हल्द्वानी को हाई अलर्ट जोन में रखा गया है। यहां 500 से ज्यादा जवान तैनात किए गए हैं, जिसमें तीन एएसपी, चार सीईओ, 12 थाना अध्यक्ष, 45 उप निरीक्षक, और 400 हेड कॉन्स्टेबल शामिल हैं।

SSP मंजूनाथ टीसी ने बताया कि पूरे इलाके में चेकिंग जारी है। पुलिस लगातार फ्लैग मार्च निकाल रही है। संवेदनशील क्षेत्र बनभूलपुरा में भारी फोर्स को तैनात कर दिया गया है। ड्रोन से इलाके में नजर रखी जा रही है। साथ ही ITBP और CRPF को रिजर्व पर रखा गया है।

चप्पे-चप्पे पर पुलिस बाहरी लोगों और गाड़ियों की चेकिंग कर रही है। प्रशासन ने पूरे जिले में सुरक्षा बढ़ा दी है।

अच्छी खबर: केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड में 184 ग्रामीण सड़कों के निर्माण हेतु 1700 करोड़ की धनराशि हुई स्वीकृत

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CM धामी ने केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री से की भेंट: प्रदेश में कृषि सुदृढ़ता एवं ग्रामीण कनेक्टिविटी पर हुई चर्चा

नई दिल्ली । आज नई दिल्ली में आदरणीय केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan जी से माननीय मुख्यमंत्री श्री Pushkar Singh Dhami जी ने मुलाकात कर प्रदेश की कृषि सुदृढ़ता, ग्रामीण कनेक्टिविटी और आपदा से प्रभावित अवसंरचना के पुनर्निर्माण से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

इस दौरान उत्तराखण्ड की 184 सड़कों के निर्माण हेतु लगभग ₹1700 करोड़ की धनराशि को स्वीकृति प्रदान करने के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी एवं माननीय केन्द्रीय मंत्री जी का हृदय से आभार। यह निर्णय हमारे पर्वतीय व ग्रामीण क्षेत्रों की जीवनधारा को नई मजबूती देगा।

प्रदेश के किसानों विशेषकर लघु एवं सीमांत किसानों के हित में ‘राष्ट्रीय कृषि विकास योजना’ के अंतर्गत घेराबंदी कार्य, आपदा प्रभावित सड़कों व सेतुओं के पुनर्निर्माण, तथा आवास सहायता से जुड़े आग्रह पर भी माननीय मंत्री जी ने सकारात्मक आश्वासन दिया है।

केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उत्तराखण्ड के विकास को निरंतर नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस अवसर पर माननीय प्रदेश अध्यक्ष व राज्य सभा सांसद श्री Mahendra Bhatt जी भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया देहरादून नगर निगम के 27वें स्थापना दिवस समारोह में प्रतिभाग

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देहरादून नगर निगम में 27 वां स्थापना दिवस बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया. इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि सूबे के मुखिया पुष्कर सिंह धामी मौजूद रहे. कार्यक्रम में देहरादून के प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक विनोद चमोली, विधायक उमेश शर्मा काऊ और देहरादून के महापौर सौरभ थपलियाल भी मौजूद रहे.

कार्यक्रम में सीएम धामी ने 45 करोड़ से अधिक की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया.  इसके साथ ही उन्होंने E–ऑफिस की लॉन्चिंग भी की.  सीएम धामी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बड़े ही हर्ष का विषय है कि देहरादून नगर निगम अपने 28 वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है. इस अवसर पर उन्होंने देहरादून नगर निगम वासियों, देहरादून के महापौर और नगर आयुक्त को शुभकामनाएं भी दीं. सीएम ने कहा कि आने वाले समय में चुनौतियां बहुत ज्यादा रहेगी क्योंकि जल्द ही दिल्ली–देहरादून एलिवेटेड रोड शुरू होने से प्रदेश के साथ-साथ राजधानी देहरादून में जनसंख्या दबाव बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि चाहे एयरपोर्ट हो, ISBT हो या रेलवे स्टेशन हो, सभी जगह से लाखों यात्री देहरादून पहुंचते हैं और ऐसे में शहर को सुरक्षित रखना नगर निगम का कार्य है.

सीएम धामी ने आशा की कि भविष्य में भी नगर निगम इसी तरह से तत्परता के साथ कार्य करता रहेगा और देहरादून को हरित दून और स्मार्ट सिटी बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी.

आदमखोर गुलदार की तलाश तेज, दो अतिरिक्त शूटर तैनात, 14 दिन में कार्रवाई पूरी करने के निर्देश

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उत्तराखंड: पौड़ी गढ़वाल जिले में पिछले कई दिनों से दहशत फैलाने वाले गुलदार को आखिरकार मार गिराने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। चार दिन पहले इसी गुलदार के हमले में 42 वर्षीय राजेंद्र नौटियाल की दर्दनाक मौत के बाद ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है। वन विभाग द्वारा लगातार की जा रही कोशिशें नाकाम रहने के बाद अब इसे मारने का अंतिम निर्णय लिया गया है। राजेंद्र नौटियाल की मौत के बाद से वन विभाग की टीमें लगातार पिंजरा लगाने, ट्रैंकुलाइज करने और ट्रैकिंग जैसे उपाय कर रही थीं, लेकिन गुलदार हर बार चकमा देकर भाग निकलता रहा। क्षेत्र में तैनात दो शूटर पहले से मौजूद थे, वहीं अब दो अनुभवी स्थानीय शिकारी भी जोड़ दिए गए हैं ताकि ऑपरेशन को तेज किया जा सके। पौड़ी में पिछले कुछ महीनों से वन्यजीवों के हमलों में तेजी आई है, जिससे ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे चुका है।

कई क्षेत्रों में लोग सड़क पर उतरकर वन विभाग और सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध भी जता रहे हैं। लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए खुद सीएम पुष्कर सिंह धामी हालात की निगरानी कर रहे हैं और वन विभाग को हर जरूरी कदम उठाने के निर्देश दे चुके हैं।घटनास्थल वाले इलाके में तनाव का सबसे ज्यादा असर साफ दिखाई देता है। जहां नौटियाल की मौत हुई, वहाँ ग्रामीण दिन-रात दहशत में जीने को मजबूर हैं। वन विभाग का कहना है कि उन्होंने गुलदार को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए, लेकिन बार-बार असफलता के बाद अब लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए गुलदार को मारने का आदेश दिया गया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि जंगल सीमा से लगे गांवों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए और ऐसे आदमखोर वन्यजीवों को समय रहते चिन्हित कर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

आदमखोर घोषित किए गए गुलदार की तलाश में वन विभाग पूरी ताकत झोंक रहा है, लेकिन अब तक विभागीय शिकारी इस खतरनाक गुलदार का कोई सुराग नहीं जुटा पाए हैं। गुलदार को ढूंढने और निस्तारण के लिए विभाग ने दो विभागीय शिकारियों को पहले ही तैनात कर दिया था, इसके बावजूद ऑपरेशन में सफलता नहीं मिली है। वन विभाग की टीम लगातार इलाके में गश्त कर रही है, पगमार्क्स की खोज की जा रही है और हर संभावित स्थान पर नजर रखी जा रही है। लेकिन गुलदार की चपलता और घने जंगल के कारण ऑपरेशन उम्मीद के मुताबिक आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इधर, सोमवार को हालात की गंभीरता को देखते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री आर. के. सुधांशु और सचिव मुख्यमंत्री विनय शंकर पांडे स्वयं पौड़ी पहुंचे।

दोनों शीर्ष अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया, ग्रामीणों से मुलाकात की और उनके आक्रोश व मांगों को विस्तार से सुना। ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष स्पष्ट कहा कि विभागीय प्रयास नाकाम हो रहे हैं, इसलिए प्राइवेट शूटरों की तैनाती की जाए। ग्रामीणों की मांग को समझते हुए शासन ने तुरंत निर्णय लिया और पौड़ी के अनुभवी व क्षेत्रीय शिकारी जॉय ह्युकिल और राकेश चंद्र बड़थ्वाल को विभागीय अभियान में शामिल करने की अनुमति प्रदान कर दी है। पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ ने गुलदार के निस्तारण के लिए 14 दिनों का समय निर्धारित किया है। इस अवधि में विभागीय और स्थानीय सभी शूटर संयुक्त रूप से खोज अभियान को अंजाम देंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक गुलदार पकड़ा या मारा नहीं जाता, तब तक गांवों में दहशत बनी रहेगी। इसलिए प्रशासन और वन विभाग से उम्मीद है कि संयुक्त प्रयासों से जल्द ही खतरे का अंत होगा।