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मैराथन बैठक में विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को दिये कार्यों में तेजी के निर्देश

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कहा, जनपद स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की सीएमओ करें मॉनिटिरिंग

स्वास्थ्य मिशन की योजनाओं का लाभ आमजन को मिलेः डॉ. धन सिंह रावत

देहरादून: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ सूबे के प्रत्येक व्यक्ति को मिले। जिसके लिये योजनाओं के क्रियान्वयन एवं मॉनिटिरिंग के साथ ही प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। जनपद स्तर पर मुख्य चिकित्साधिकारी समय-समय पर योजनाओं की समीक्षा करेंगे।

सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज स्वास्थ्य महानिदेशालय स्थित एनएचएम सभागार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा वित्त पोषित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। डॉ. रावत ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा सूबे की स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ आमजन तक पहुचाने के दृष्टिगत विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है। जिनके धरातल पर क्रियान्वयन, मॉनिटिरिंग व प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है। इसके लिये परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कार्मिकों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर के साथ-साथ जनपद स्तर पर भी विभिन्न योजनाओं की समय पर मॉनिटिरिंग अति आवश्यक है। जिसके लिये उन्होंने सभी जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों एवं परियोजना के डीपीएम को निर्देश दिये हैं।

विभागीय मंत्री ने कहा कि एनएचएम के अंतर्गत राज्य में लगभग 28 स्वास्थ्य परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिसमें मोतियाविंद का निःशुल्क उपचार एवं चश्मा वितरण, टीबी उन्मूलन, जनन सुरक्षा, राष्ट्रीय बाल सुरक्षा, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम, एनसीडी एवं कृमि मुक्त कार्यक्रम, संस्थागत प्रसव, तम्बाकू उन्मूलन, निःशुल्क जांच एवं औषधि वितरण तथा आशा कार्यक्रम आदि प्रमुख है। जिनका लाभ शत-प्रतिशत प्रदेश के अंतिम गांव के लोगों तक पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की गाइडलाइन के अनुरूप शत-प्रतिशत परिणाम देना होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत प्रदेश में शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव के लिये रोड़मैप तैयार करने की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त खुशियों की सवारी कार्यक्रम के तहत वाहनों की संख्या बढ़ाई जायेगी जिसके लिये प्रत्येक जनपद से सीएमओ प्रस्ताव उपलब्ध करायेंगे।

समीक्षा बैठक में दौरान विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों द्वारा योजना के संबंध में पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन दिया गया। इस दौरान विभागीय मंत्री ने कई योजनाओं की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुये अधिकारियों को फटकार लगाते हुये कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। प्रस्तुति के दौरान अधिकारियों द्वारा बताया गया कि टीबी उन्मूलन एवं राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम में प्रदेश का राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान है जबकि जननी सुरक्षा योजना एवं संस्थागत प्रसव कार्यक्रमों की प्रगति को सभी संतोषजनक बताया गया।

बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य एवं अनुश्रवण परिषद उत्तराखंड के उपाध्यक्ष सुरेश भट्ट, कुलपति उत्तराखंड मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रो. एम.एल. ब्रह्म भट्ट, एमडी एनएचएम स्वाती भदौरिया, सलाहकार एनएचएम डॉ. तृप्ति बहुगुणा, अपर सचिव वित्त अमिता जोशी, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. तारा आर्य, निदेशक डॉ. सुनीता टम्टा, डॉ. मीतू शाह, वित्त नियंत्रक एनएचएम दिपाली भरने, सीएमओ देहरादून डॉ. संजय जैन, डॉ. आर.के.सिंह, डॉ. तुहिन कुमार, डॉ. पंकज सिंह, डॉ. महेन्द्र मौर्य सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे जबकि सभी जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारी व डीपीएम ने बैठक में वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।

जिलाधिकारी वंदना ने सिंचाई विभाग के कार्य में तेजी लाने के दिए निर्देश

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जिलाधिकारी वंदना ने कैंप कार्यालय, हल्द्वानी में उद्यान विभाग, सिंचाई विभाग और लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ जिला योजना में प्रस्तावित विभागों की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की।

बैठक में उपस्थित उद्यान अधिकारी को जनपद में नर्सरियों का आधुनिकीकरण करने के लिए बनाई गई पंचवर्षीय योजना की कार्य योजना और प्रत्येक वर्ष के लिए तैयार किए गए प्लान की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

हल्द्वानी नगर में स्थित सभी सरकारी कार्यालयों में वर्षा जल संरक्षण संबंधी रिचार्ज पिट बनाए जाने हैं ।
बरसात के जल को संरक्षित करने के दृष्टिकोण से जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित लघु सिंचाई विभाग के अधिकारी को डीप रिचार्ज पिट, शाफ़्ट,पुराने घराट को रिनोवेट करने की कार्य योजना तैयार करने और जिला योजना में इसको प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि हल्द्वानी स्थित सभी सरकारी कार्यालयों की सूची बनाकर सिंचाई और लघु सिंचाई को रिचार्ज पिट के लिए कार्य आवंटित कर दिए गए हैं। दोनो विभाग तत्काल अपना कार्य प्रारंभ करें ।

सिंचाई खंड रामनगर को रामनगर शहर के ड्रेनेज प्लान के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

सिंचाई विभाग नैनीताल को कैंची धाम के निकट अमृत सरोवर बनाने के लिए कहा। कहा अमृत सरोवर को पर्यटक की दृष्टि का विकसित किया जाए।

इस दौरान बैठक में अर्थ एवं संख्या अधिकारी नैनीताल, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग, लघु सिंचाई विभाग और जिला उद्यान विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विद्यार्थी कल्याण योजना का शुभारंभ

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में ‘ मुख्यमंत्री विद्यार्थी कल्याण योजना-2024 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अन्तर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को मोबाइल लर्निंग स्कूल की सुविधा के लिए दो बसों का शुभारंभ भी किया।

मुख्यमंत्री द्वारा उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अन्तर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को जनपद हरिद्वार और जनपद उधमसिंह नगर के लिए मोबाइल लर्निंग स्कूल के लिए एक-एक बस का फ्लैग ऑफ किया गया। इससे पहले देहरादून और नैनीताल जनपदों के लिए इस पहल की शुरूआत की गई थी, जिसके तहत 314 बच्चे प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के 75 बच्चों का प्रतिवर्ष चयन कर रूद्रपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में उच्च तकनीकि शिक्षा प्रदान की जायेगी। इन बच्चों को मेकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग जैसे विषय में 03 वर्ष का तकनीकि प्रशिक्षण प्रदान कर उनके रोजगार के लिए प्लेसमेंट की व्यवस्था भी की जायेगी। इन बच्चों के प्रशिक्षण का खर्चा सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को इस तरह के प्रशिक्षण प्रदान करने से उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में आगे आने का अवसर मिलेगा।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, अध्यक्ष उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड आर.मीनाक्षी सुंदरम्, सचिव उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड सुश्री दीप्ति सिंह एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

गुरू पूर्णिमा के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपनी माताजी संग किया पौधारोपण

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गुरू पूर्णिमा के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’अभियान के अंतर्गत अपनी माताजी संग किया पौधारोपण

मुख्यमंत्री ने कहा, व्यक्ति के जीवन में उसकी सबसे पहली गुरु माँ ही हैं, उनके नाम पर पौधरोपण करना किसी सौभाग्य से कम नहीं

कैनाल रोड स्थित गंगोत्री विहार में नदी किनारे खाली भूमि पर एमडीडीए की ओर से आयोजित किया गया पौधरोपण कार्यक्रम

गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर रविवार को माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत अपनी माताजी के साथ पौधारोपण किया। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जीवन में व्यक्ति की सबसे पहली गुरू मां ही हैं। ऐसे में मां के नाम पौधारोपण अभियान में शामिल होना किसी सौभाग्य से कम नहीं है।

कैनाल रोड स्थित गंगोत्री विहार में रिस्पना नदी के किनारे खाली भूमि पर मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के तत्वावधान में रविवार को पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी माताजी श्रीमती बिशना देवी के नाम से पौधारोपण किया। इस अवसर पर उनकी माताजी भी मौजूद रहीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ लगाने की देशवासियों से अपील की थी। राज्य में इसे अभियान के रूप में लिया गया है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों से आह्वाहन किया है कि इस मानसून सीजन में एक पेड़ माँ के नाम जरूर लगाएं। उन्होंने कहा कि सभी के जीवन में माँ पहली गुरु होती हैं। गुरु पूर्णिमा की भी उन्होंने प्रदेशवासियों को शुभकामना दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेला पर्व से 15 अगस्त तक राज्य में बृहद स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान से सामाजिक संस्थाओं, पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों, स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ा गया है। राज्य से ग्राम पंचायत स्तर वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है।

इस अवसर पर एमडीडीए उपाध्यक्ष महोदय श्री बंशीधर तिवारी ने कहा कि जिस भूमि पर यह पौधारोपण किया जा रहा है, यहां आने वाले दिनों में पार्क का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शुरुआती चरण में भूमि की चारों ओर से फेंसिंग कराई जाएगी ताकि जानवर पौधों को नुकसान न पहुँचा सकें। साथ ही यहाँ पर पैदल ट्रैक के निर्माण के साथ ही इस तरह के पौधों को लगाया जाए जिससे यहां बायो डाइवर्सिटी को भी बढ़ावा मिल सके। इस अवसर पर उपाध्यक्ष ने अपनी माताजी सावित्री देवी जी के नाम से भी पौधारोपण किया।

इस अवसर पर माननीय कैबिनेट मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल, गणेश जोशी, निवर्तमान मेयर सुनील उनियाल गामा, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली ने भी पौधरोपण किया।

एक पेड़ मां के नाम सीएम धामी ने किया वृक्षारोपण

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देहरादून देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आह्वान पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी माता जी के साथ बाला सुंदरी मंदिर के पास आयोजित एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को पीएम मोदी के इस मंत्र से पर्यावरण रक्षा का संकल्प लेते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा यूं तो हरेला पर्व के रूप में उत्तराखंड पर्यावरण का संवर्धन करता रहता है, लेकिन इस बार पीएम मोदी जी के आव्हान, एक पेड़ मां के नाम को आगे बढ़ाते हुए हमे और अधिक उत्साह से वृक्षा लगाए जाने को जागरूकता बढ़ी है।

देश को विकास के साथ पर्यावरण की रक्षा करने की भी जरूरत है। हमे इस अभियान में सामाजिक, धार्मिक एवं अन्य संस्थाओं का भी रचनात्मक सहयोग लेकर उसको आगे बढ़ाना है।

अटल बिहारी बाजपेयी उत्कृष्ट शैक्षणिक ब्लॉक बनाएगी धामी सरकार

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देहरादून मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को डी.ए.वी पी.जी कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा आयोजित महानगर छात्र सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने डी.ए.वी.पी.जी. कॉलेज देहरादून में अटल बिहारी बाजपेयी उत्कृष्ट शैक्षणिक ब्लॉक के 06 नये कक्षा कक्षों के निर्माण के लिए 01 करोड़ की धनराशि प्रदान करने की भी घोषणा की।
         

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी वे कॉलेजों के कार्यक्रमों में शामिल होते हैं, तो उनके मन में ऊर्जा का नया संचार होता है। उन्होंने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने के दौरान वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एबीवीपी स्वामी विवेकानन्द के आदर्शों पर चलने वाला संगठन है, जो छात्रहित और राष्ट्रहित के लिये कार्य करता है। उन्होंने कहा कि आज वे समाज के लिए जो योगदान दे पा रहे हैं, उसमें विद्यार्थी जीवन का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा के मन्दिर से देश की सीमा तक विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता अपना योगदान दे रहे हैं। अनेक अवसरों पर विद्यार्थी परिषद द्वारा सामाजिक सरोकारों से संबंधित कार्य किये जाते रहे हैं।
         

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को हर क्षेत्र में कार्य करने का मौका मिले इसके लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके लागू होने के बाद से सभी भर्ती प्रक्रियाएं पूर्ण पारदर्शिता के साथ हुई हैं। नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का चयन अनेक परीक्षाओं में हो रहा है। परीक्षा के दिन अभ्यर्थियों को रोड़बेज की बसों में किराये में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से अपील की कि इस मानसून सीजन में एक-एक पौधा अवश्य लगाये जाने की भी अपील की।
       

इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ममता सिंह, क्षेत्रीय संगठन मंत्री मनोज निखरा, राकेश ओबेरॉय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अंकित शुक्ल, ऋषभ रावत, अंकित सुन्दरियाल, सुश्री आयुषी पैन्यूली एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

शहर के विभिन्न मुद्दों पर डीएम से चर्चा की चुघ ने

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रुद्रपुर- वरिष्ठ भाजपा नेता भारत भूषण चुघ ने कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर जिलाधिकारी उदय राज सिंह से मुलाकात की और शहर में जनहित से जुड़े कई मुद्दों पर उनसे चर्चा की। चुघ ने कहा कि कल्याणी और बैगुल नदी किनारे रह रहे लोगों को निगम प्रशासन की ओर से नोटिस दिए गए हैं ऐसे में उनके मन में उजड़ने का भय समा गया है ।उन्होंने कहा कि मानकों के अनुरूप प्रशासन कार्य करें और नदी किनारे बसे लोगों को राहत दी जाए।

साथ ही उन्होंने कहा की किच्छा रोड पर जो कूड़े का पहाड़ समाप्त किया जा रहा है वह बेहद सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इस जगह पर अब सुंदर पार्क का निर्माण किया जाए ताकि वहां रह रहे लोगों को राहत मिल सके। चुघ ने डीएम से कहा कि बरसात के मौसम के चलते शहर में जल भराव की स्थिति जगह-जगह बन गई थी। ऐसे में लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। इसलिए जल भराव से निजात दिलाने के लिए जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए ।साथ ही सड़कों की दशा में भी सुधार किया जाए। जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि शहर के हित के लिए कार्य किए जाएंगे और प्रयास रहेगा की जनता को किसी प्रकार की परेशानी ना हो।

मुख्यमंत्री ने किया सोलर वाटर हीटर अनुदान योजना पोर्टल का शुभारंभ

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विभिन्न शासकीय भवनों में स्थापित सोलर पावर प्लांटों का किया लोकार्पण।

रूफटॉप सोलर पावर प्लांट की स्थापना के लिए 734 लाभार्थियों को 3.72 करोड़ रूपये का अनुदान किया गया है वितरित।

मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत सोलर पावर प्लांट की स्थापना के माध्यम से 2026 तक 250 मेगावाट की क्षमता वाले सोलर प्लांट की स्थापना का रखा गया है लक्ष्य

मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के 47 लाभार्थियों को प्रदान किये आवंटन पत्र।

पी.एम. सूर्यघर योजना के तहत 4 लाभार्थियों को वितरित किये राज्य अनुदान के चेक।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में उरेडा द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सोलर वाटर हीटर अनुदान योजना में आवेदन एवं अनुदान निर्गत किये जाने के लिए पोर्टल www.uredaonline.uk.gov.in का शुभारम्भ किया गया। प्रदेश के राजकीय भवनों पर स्थापित सोलर पावर प्लान्ट एवं सोलर वाटर हीटर, 27 भवनों पर 1.26 मे.वा. क्षमता के सोलर पावर प्लान्ट तथा 44 राजकीय भवनों पर स्थापित 48400 लीटर क्षमता के सोलर वाटर हीटर सयंत्रों का लोकार्पण किया। कार्यक्रम के मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के 47 लाभार्थियों को परियोजना आवंटन पत्र प्रदान किये गये तथा 04 संख्या लाभार्थियों को पी0एम0 सूर्यघर योजना के अन्तर्गत राज्य अनुदान के चेक प्रदान किये गये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा का महत्व पूरे देश में तेजी से बढ़ा है। नवीकरणीय ऊर्जा के स्रोत पांरपरिक जीवाश्म आधारित ईंधन के एक बेहतर विकल्प के रूप में उभरे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत से कार्बन उत्सर्जन को खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंचामृत कार्य योजना के तहत भारत में वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन करने का लक्ष्य रखा गया है। 2070 तक देश को कार्बन न्यूट्रल बनाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत किसानों को सौर पंप और सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए सब्सिडी और समर्थन प्राप्त हो रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग भी बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में सौर ऊर्जा एवं जल विद्युत के क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं। राज्य में सौर ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा देने के लिए नई सौर ऊर्जा नीति बनाई गई है। वर्ष 2026 तक राज्य के सभी शासकीय भवनों पर सोलर पावर प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 100 करोड़ रूपये की धनराशि का प्राविधान किया गया है। रूफटॉप सोलर प्लांट को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार की ओर से संयुक्त रूप से 70 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है।

पी.एम. सूर्यघर योजना के तहत रूफटॉप सोलर पावर प्लांट की स्थापना के लिए राज्य में अभी तक 734 लाभार्थियों को 3.72 करोड़ रूपये का अनुदान दिया जा चुका है। घरेलू और गैर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सोलर वाटर हीटर संयंत्र की स्थापना पर 30 से 50 प्रतिशत तक का अनुदान प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत सोलर पावर प्लांट की स्थापना के माध्यम से अब तक 750 विकासकर्ताओं को 133 मेगावाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट दिये गये हैं। इस योजना के माध्यम से 2026 तक 250 मेगावाट की क्षमता वाले सोलर प्लांट की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है।

कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य में अनेक संभावनाएं हैं। स्वरोजगार को बढ़ावा देने में सौर ऊर्जा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ऊर्जा आधारित प्रदेश उत्तराखण्ड की मूल अवधारणा में था। उत्तराखण्ड में ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने में सौर ऊर्जा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

इस अवसर पर विधायक बंशीधर भगत, सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुन्दरम, निदेशक उरेडा रंजना राजगुरू, एमडी पिटकुल पी.सी ध्यानी, उप महानिर्देशक एनआईसी अशेष कुमार अग्रवाल, महाप्रबंधक पंजाब नेशनल बैंक सचिदानंद दुबे, मुख्य परियोजना अधिकारी उरेडा मनोज कुमार, उप-मुख्य परियोजना अधिकारी, अखिलेश कुमार शर्मा, संदीप भटट्, वंदना उपस्थित थे।

एक पेड़ मां के नाम अभियान

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देहरादून: भाजपा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के राष्ट्रीय संयोजक ने बैठक के माध्यम से पार्टी पदाधिकारियों को पीएम मोदी के इस मंत्र से पर्यावरण रक्षा का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष ने हरेला पर्व की अपनी समृद्ध परंपरा से इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता से सफल करने का राष्ट्रीय नेतृत्व को भरोसा दिलाया।

पार्टी मुख्यालय में से संचालित इस वर्चुअल बैठक की जानकारी देते हुए प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री मनवीर चौहान ने बताया कि अभियान के राष्ट्रीय संयोजक एवं सांसद डॉ भोला सिंह की उपस्थिति में प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार, प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, खिलेंद्र चौधरी, राजेंद्र बिष्ट समेत प्रदेश एवं जिला पदाधिकारी सम्मिलित हुए । पार्टी द्वारा इस अभियान के प्रदेश संयोजक के तौर पर प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी एवं सदस्य के रूप में कैलाश शर्मा जोगिंदर पुंडीर सौरभ भूषण गीता रावत विवेक वीर सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है

उन्होंने बताया कि बैठक में डा भोला सिंह ने अपने संबोधन में कहा, यूं तो हरेला पर्व के रूप में उत्तराखंड पर्यावरण का संवर्धन करता रहता है, लेकिन इस बार पीएम मोदी के आव्हान, एक पेड़ मां के नाम को आगे बढ़ाते हुए हमे और अधिक उत्साह से वृक्षारोपण करना चाहिए। उन्होंने कहा, प्रत्येक बूथ में न्यूनतम 10 पेड़ रोपे जायेंगे, जिसे सोशल मीडिया, सरल एप आदि माध्यमों से अधिक से अधिक प्रसारित किया जाए उन्होंने कहा, देश को विकास की भी जरूरत है और पर्यावरण की रक्षा करने की भी जरूरत है। हमे इस अभियान में सामाजिक, धार्मिक एवं अन्य संस्थाओं का भी रचनात्मक सहयोग लेना है। साथ ही उम्मीद जताई कि सभी 19 संगठनिक जिलों में लक्ष्य तय कर मोदी के संदेश को जनभागीदारी से आगे बढ़ना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री, मंत्री, प्रदेश अध्यक्ष समेत प्रत्येक कार्यकर्ता को अपनी भूमिका इस अभियान में सुनिश्चित करनी है।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष ने सभी पदाधिकारियों से कहा कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर उत्तराखंड देश के अव्वल राज्यों में है जिसमें बहुत बड़ा योगदान हमारे हरेला जैसे संस्कृत पर्वों एवं हमारी परंपराओं का रहाहै। लिहाजा आप सबके सहयोग एवं सामर्थ्य के आधार पर मैं राष्ट्रीय नेतृत्व को विश्वास दिलाता हूं कि देवभूमि में पर्यावरण रक्षा कि इस मुहिम को सर्वोच्च पर प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा। इस दौरान प्रदेश महामंत्री संगठन अजय कुमार ने कहा कि इस अभियान को हमें सामाजिक एवं जन आंदोलन का रूप देना है ताकि इसके माध्यम से होने वाली जनभागीदारी आने वाली पीढियां के लिए शुद्ध हवा एवं वातावरण प्रदान करे।

प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी के संचालन में हुई इस वर्चुअल बैठक में प्रदेश पदाधिकारियों के साथ जिला प्रभारी, सह प्रभारी, जिला अध्यक्ष, जिला महामंत्री सभी मोर्चों के प्रदेश पदाधिकारी एवं जनपद संयोजक उपस्थित रहे

रेलवे लाइन प्रोजेक्ट कामों की समीक्षा

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने पीएम प्रगति पोर्टल के तहत भारतनेट, दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस-वे, देवबंद रुड़की रेलवे लाइन प्रोजेक्ट तथा AMRUT 2.0, PM -ABHIM कार्यक्रमों की समीक्षा की

अवशेष 227 ग्राम पंचायतों में जल्द ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के निर्देश दिए

सचिव शहरी विकास करे AMRUT 2.0 कार्यक्रम के तहत संचालित प्रोजेक्ट्स की नियमित मॉनिटरिंग

पेयजल की गुणवता की मॉनिटरिंग में आमजन की भागीदारी बढ़ाने के लिए नागरिकों को प्रशिक्षण देने के निर्देश

महिला स्वयं सहायता समूहों को वॉटर टेस्टिंग की ट्रेनिंग तथा वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के संचालन के संबंध में जानकारी

सीएस राधा रतूड़ी ने भारत नेट प्रोजेक्ट के तहत राज्य में 697 ग्राम पंचायत में से अवशेष 227 ग्राम पंचायत भवनों में समयबद्धता से विद्युतीकरण के निर्देश दिए हैं ताकि इनमें जल्द से जल्द ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी दी जा सके | मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए कि राज्य की कठिन भौगोलिक स्थिति, सामरिक महत्व और प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए भारतनेट प्रोजेक्ट को समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित किया जाना चाहिए ।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में पीएम प्रगति पोर्टल के तहत भारतनेट, दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस-वे, देवबंद रुड़की रेलवे लाइन प्रोजेक्ट तथा AMRUT 2.0 ( Atal Mission For Rejuvenation & Urban Transformation 2.0) और ( PM -ABHIM) PM – Ayushman Bharat Health Infrastructure Mission कार्यक्रमों की समीक्षा की |

बैठक में राज्य में भारतनेट प्रोजेक्ट की प्रगति के सम्बन्ध में जानकारी दी गई कि 697 ग्राम पंचायतों में से 339 को स्थायी कनेक्शन के साथ विद्युतीकृत कर दिया गया है। 173 ग्राम पंचायतों ने विद्युतीकरण के लिए यूपीसीएल को आवश्यक शुल्क का भुगतान कर दिया है। 43 ग्राम पंचायतों को शहरी क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया है, जहां 33 के विद्युतीकरण की प्रक्रिया पूरी हो गई है और शेष 10 साइटों को विद्यालयी शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग को हस्तांतरित किया जा रहा है। 98 ग्राम पंचायतों को बिना ग्राम पंचायत भवन की श्रेणी में सूचीबद्ध किया गया है, जो अनिश्चित स्थिति में है। जीपीओएन उपकरण को स्थानांतरित करने के लिए वैकल्पिक साइटों की पहचान की जा रही है। शेष 44 ग्राम पंचायतें बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन करने और भुगतान करने की प्रक्रिया में हैं |

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे तथा देवबंद रुड़की रेलवे लाइन प्रोजेक्ट्स के त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं | उन्होंने इस संबंध में उत्तर प्रदेश शासन से प्रभावी समन्वय के भी निर्देश दिए हैं |

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिव शहरी विकास के माध्यम से AMRUT 2.0 कार्यक्रम के तहत संचालित प्रोजेक्ट्स की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं | इसके साथ ही मुख्य सचिव ने पेयजल की गुणवता की मॉनिटरिंग में आमजन की भागीदारी बढ़ाने के लिए नागरिकों को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए हैं | मुख्य सचिव ने विशेष रूप से महिला स्वयं सहायता समूहों को वॉटर टेस्टिंग की ट्रेनिंग तथा वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के संचालन के संबंध में जानकारी देने के निर्देश दिए हैं |

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने PM- ABHIM ( PM Ayushman Bharat Health Infrastructure Mission ) के तहत विभिन्न गतिविधियों के लिए टाइमबाउंड एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं |

मुख्य सचिव ने PMS पोर्टल पर उक्त सभी प्रोजेक्ट्स की मैपिंग, प्रगति, फोटो तथा व्यय की जानकारी नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए हैं |