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एस.सी.ई.आर.टी के नवनिर्मित भवन का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण

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एस.सी.ई.आर.टी के नवनिर्मित भवन का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण इस अवसर पर सीएम धामी के हाथो पुरस्कार पाकर भविष्य के युवा खासे उत्साहित नजर आए सीएम धामी राज्य में युवा वर्ग से लेकर हर किसी के लिए काम कर रहे है पं० दीन दयाल उपाध्याय राज्य शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार से विद्यार्थियों और प्रधनाचार्यों को भी सम्मानित किया गया वही सरकारी विद्यालयों में स्थापित 442 स्मार्ट क्लास रूम का मुख्यमंत्री ने शुभारंभ किया है

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ननूरखेड़ा, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, (एस.सी.ई.आर.टी) उत्तराखण्ड के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने पं० दीन दयाल उपाध्याय राज्य शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार के तहत उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद द्वारा संचालित वर्ष 2023 एवं 2024 हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले तीन-तीन स्कूलों, हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परीक्षाओं में प्रथम 10 स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत भी किया। प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में सी.एस.आर. के सहयोग से स्थापित 442 स्मार्ट क्लास रूम का शुभारंभ भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन राज्य की शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण दिन है। शिक्षा को बढ़ावा देने का कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत, लगन, समर्पण के बल पर उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए हैं।

ये पुरस्कार विद्यार्थियों एवं अध्यापकों को आगे भी इसी मनोयोग से प्रयास करने के लिए प्रेरित करेंगे और अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणादायक होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एससीईआरटी भवन का निर्माण कार्य 02 साल में पूर्ण करने का शिक्षा विभाग को लक्ष्य दिया गया था। विभाग द्वारा निर्धारित समयावधि में 29 करोड़ 25 लाख की धनराशि से भव्य भवन का निर्माण किया गया है। एससीईआरटी भवन बनने से शैक्षिक विकास, शिक्षक प्रशिक्षण, शैक्षिक अनुसंधान तथा राज्य के शिक्षा के तंत्र का सम्पूर्ण विकास किये जाने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एस.सी.ई.आर.टी के भवन निर्माण के साथ ही इसकी गुणवत्ता भी अत्यधिक मायने रखती है। राज्य सरकार का स्पष्ट ध्येय है कि किसी भी तरह के निर्माण कार्य में क्वालिटी के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा सीएसआर के अंतर्गत बनी 442 स्मार्ट क्लास के शुरू होने से सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन की व्यवस्था में अधिक गुणवत्ता आएगी।

राज्य सरकार राज्य के 840 विद्यालयों में हाईब्रिड मोड में वर्चुअल एवं स्मार्ट क्लास की स्थापना पर भी कार्य कर रही है। कक्षा 1 से 12 तक के बच्चों को निशुल्क पाठ्य पुस्तकें एवं कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को निशुल्क पाठ्य पुस्तको के साथ ही जूते और बैग भी प्रदान किए जा रहे हैं। कक्षा 9 में प्रवेश करने वाली बालिकाओं के लिए साइकिल योजना एवं मेधावी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना भी लागू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि राज्य का कोई भी विद्यार्थी बुनियादी आवश्यकताओं से वंचित न रहे और न ही उनकी पढ़ाई पर कोई असर पड़े। उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक आधुनिक और व्यावहारिक बनाने के लिए सरकार लगातार नीतिगत फैसले ले रही है। सभी को बेहतर शिक्षा देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। राज्य के किसी भी छात्र-छात्राओं के जीवन में शिक्षा का अभाव नहीं होनेे देंगे।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि इस वर्ष उत्तराखंड बोर्ड का रिजल्ट 30 अप्रैल को घोषित कर दिया था। जिससे बच्चों को उच्च शिक्षा हेतु अच्छे संस्थानों में जाने का मौका मिलता है। आगामी शिक्षण सत्र के लिए रिजल्ट 20 अप्रैल तक घोषित हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में अध्यापकों के ट्रांसफर में पारदर्शिता आई है। ट्रांसफर में काउंसलिंग व्यवस्था की शुरुआत की गई है। अब तक 5000 अध्यापकों के ट्रांसफर हो चुके हैं। एससीईआरटी और डायट को और अधिक सृदृढ़ बनाया जा रहा है। आगामी वर्ष से टीचरों के ट्रांसफर भी ऑनलाइन व्यवस्था से होने लगेंगे।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि जिन विद्यालयों में 70 प्रतिशत से कम अध्यापक होंगे वहां नए अध्यापकों के जाने तक अध्यापक रिलीव नहीं होंगे। राज्य सरकार छात्रों को किताबें, कपड़े, बैग, जूते मुफ़्त में देने का कार्य कर रही है। छात्रों को छात्रवृत्ति और निःशुल्क नोटबुक भी उपलब्ध कराई जा रही है।

विधायक उमेश शर्मा काऊ ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लिए राज्य सरकार द्वारा निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू होने से शिक्षा के क्षेत्र में अनेक क्रान्तिकारी परिवर्तन हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन और शिक्षा मंत्री के नेतृत्व में शिक्षा के उन्नयन के लिए तेजी से कार्य हो रहे हैं।

महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी ने शिक्षा विभाग को प्रेरणा और नई दिशा प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एससीईआरटी का अपने भवन बनने से शैक्षिक विकास, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान के क्षेत्र में नये आयाम प्राप्त होंगे। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और विद्यार्थियों को शुभकामना भी दी। शिक्षा महानिदेशक ने कहा कि प्रधानाचार्य और शिक्षक विद्यालयी शिक्षा के मजबूत स्तंभ हैं।

इस अवसर पर निदेशक एससीईआरटी श्रीमती वन्दना गर्ब्याल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा महावीर सिंह बिष्ट, निदेशक प्राथमिक शिक्षा रामकृष्ण उनियाल एवं शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू होने पर लोगों ने जताया चुघ का आभार

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सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू होने पर लोगों ने जताया चुघ का आभार रुद्रपुर -सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू होने पर तमाम लोगों ने वरिष्ठ भाजपा नेता भारत भूषण चुघ का आभार जताया। भाजपा नेता चुघ ने कहा कि वह जनहित के मुद्दों को लेकर सदैव कार्य करते रहे हैं और भविष्य में भी जनहित के मुद्दों को लेकर समाज के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार है और सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य का चहुंमुखी विकास किया जा रहा है ऐसे में नगर के विकास के लिए कोई भी कोताही बरती नहीं जाएगी। गौरतलब है कि एन एच 74 रुद्रपुर किच्छा के मध्य बगवाड़ा स्थित गल्ला मंडी के सामने बगवाड़ा दक्ष खेड़ा गंगापुर रोड तीन पानी होते हुए सिडकुल तक लगभग 3 किलोमीटर मार्ग अत्यधिक संकरा है ।जिसे मिनी बायपास कहा जाता है ।

इस मार्ग में तीन पानी डाम से बगवाडा नहर भी है यहां अनेक शैक्षिक संस्थान और कालोनियां विकसित हैं ,लेकिन सड़क संकरी होने के कारण दुर्घटनाओं का डर बना रहता था और वहां के लोग लगातार सड़क चौड़ीकरण की मांग कर रहे थे। जिसको लेकर गत दिवस वरिष्ठ भाजपा नेता भारत भूषण चुघ के नेतृत्व में तमाम लोगों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सोपा। जिसको गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने कार्यदाई संस्था को कार्य करने के आदेश दे दिए। इसको लेकर लोगों में खुशी के लहर दौड़ गई और उन्होंने भाजपा नेता चुघ का आभार जताया।

Union Budget 2024

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Union Budget 2024 सीएम धामी ने कहा कि नीति आयोग से हम निवेदन करेंगे कि करोड़ों लोगों की व्यवस्था के लिए हमें केंद्र से सहायता मिलनी चाहिए। कहा कि हमारी जितनी जनसंख्या है, उससे आठ गुना अधिक देशभर से लोग यहां आते हैं। चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, अन्य धार्मिक यात्राओं में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए हमें व्यवस्था करनी होती है।

केंद्रीय बजट में फ्लोटिंग पॉपुलेशन के हिसाब से केंद्रीय सहायता का प्रावधान न होने से राज्य में कुछ मायूसी भी है। वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से राज्य के जिन मुद्दों के लिए केंद्रीय सहायता अनुरोध किया था, उसमें फ्लोटिंग पापुलेशन का विषय भी प्रमुखता से शामिल था, लेकिन बजट में इसका कोई जिक्र नहीं हुआ।

इधर,मुख्यमंत्री ने इस विषय को नीति आयोग के समक्ष रखने का फैसला किया है। कहा, हमारी जितनी जनसंख्या है, उससे आठ गुना अधिक देशभर से लोग यहां आते हैं। चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, अन्य धार्मिक यात्राओं में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए हमें व्यवस्था करनी होती है। नीति आयोग से हम निवेदन करेंगे कि करोड़ों लोगों की व्यवस्था के लिए हमें केंद्र से सहायता मिलनी चाहिए।

सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल कहते हैं कि बजट में नौ प्रमुख प्राथमिकताओं में गंभीर पर्यावरणीय और जलवायु चुनौतियां बेहद कम या न के बराबर जिक्र है। उत्तराखंड, हिमाचल और सिक्किम के लिए जरूर आश्वासन है, लेकिन भारतीय हिमालयी क्षेत्र के लिए बजट में कुछ खास नहीं है। उत्तराखंड के लिए ग्रीन बोनस या फ्लोटिंग पापुलेशन के लिए कोई आवंटन नहीं किया गया। रुद्रप्रयाग और टिहरी जिले देश के 147 जिलों में सबसे अधिक भूस्खलन प्रभावित हैं। उम्मीद थी कि बजट में उत्तराखंड के लिए कुछ ग्लेशियर या भूस्खलन अनुसंधान केंद्र स्थापित किए जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है।

Union Budget 2024 स्ट्रीट फूड हब-साप्ताहिक हाट

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Union Budget 2024 स्ट्रीट फूड हब-साप्ताहिक हाट बजट में सरकार ने दस लाख आबादी एरिया में स्ट्रीट वेंडर के लिए रोजगार को पुलिस और दूसरी परेशानी से राहत मिलेगी बजट में सरकार ने देश के 100 शहरों में स्ट्रीट फूड हब व साप्ताहिक हाट खोलने का एलान किया है। इसमें से 18 शहर यूपी के हैं।

आम बजट में सरकार अगले पांच वर्षों में देश के 100 शहरों में स्ट्रीट फूड हब व साप्ताहिक हाट खोलने का एलान किया है। इसे कोरोना काल में बर्बाद हुए शहरी क्षेत्रों के रेहड़ी व पटरी व्यवसाइयों (स्ट्रीट वेंडर) के कारोबार को फिर से शुरू कराने की पहल मानी जा रही है। योजना के जरिये शहरों में सरकार पटरी दुकानदारों को कारोबार के लिए व्यवस्थित स्थान मुहैया कराएगी। सूत्रों के मुताबिक प्रदेश के 18 से अधिक शहरों में स्ट्रीट फूड हब व साप्ताहिक हाट शुरू किए जा सकते हैं। इससे करीब 15 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडरों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

बजट में इस घोषणा के बाद प्रदेश के 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में हाट और स्ट्रीट फूड हब खुलने का रास्ता साफ होगा। योजना के दायरे में लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, वाराणसी, गाजियाबाद, प्रयागराज, बरेली, अलीगढ़, मुरादाबाद के साथ सभी नगर निगम वाले शहरों के आने की उम्मीद है। केंद्र सरकार हाट और स्ट्रीट फूड हब बनाने के लिए राज्यों को अलग से पैसा भी देगी।

श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) नए पदों पर फैसला

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देहरादून उत्तराखंड में लंबे समय से बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के पदों को लेकर उत्तराखंड की धामी सरकार ने फैसला लेते हुए स्वीकृति दिए जाने पर मंदिर समिति ने राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का धन्यवाद किया है बीकेटीसी में सुरक्षा संवर्ग और आईटी संवर्ग के लिए 58 पदों के सृजन की स्वीकृति, डीएसपी रैंक का अधिकारी संभालेगा मंदिरों की सुरक्षा का जिम्मा

शासन ने श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में सुरक्षा संवर्ग और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) संवर्ग के लिए पदों के सृजन की अनुमति दे दी है। सुरक्षा संवर्ग में 57 व आईटी संवर्ग में एक पद सृजित किया गया है। संस्कृति व धर्मस्व सचिव हरिचंद्र सेमवाल की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।

शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार सुरक्षा संवर्ग का प्रमुख मुख्य मंदिर सुरक्षा अधिकारी कहलाएगा। यह पुलिस के उपाधीक्षक रैंक का अधिकारी होगा, जिसे नागरिक पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र बल अथवा अर्ध सैनिक बल से प्रतिनियुक्ति के आधार पर भरा जाएगा। मुख्य मंदिर सुरक्षा अधिकारी के नीचे दो मंदिर सुरक्षा अधिकारियों के पद सृजित किये गए हैं। यह इंस्पेक्टर रैंक के होंगे। सब इन्स्पेक्टर रैंक के चार उप मंदिर सुरक्षा अधिकारी होंगे। ये सभी पद प्रतिनियुक्ति से भरे जाएंगे।

इसके अलावा आउटसोर्स के माध्यम से 10 मुख्य मंदिर रक्षक और 40 मंदिर रक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। आईटी संवर्ग के लिए शासन ने बीकेटीसी में सहायक प्रोग्रामर का एक पद सृजित किया है। इस पर नियत मानदेय पर नियुक्ति की जायेगी।

उधर, बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने सुरक्षा संवर्ग और आईटी संवर्ग में पद सृजन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि बीकेटीसी का अपना सुरक्षा संवर्ग होने से मंदिरों में दर्शन व्यवस्था को और अधिक सुव्यवस्थित किया जा सकेगा। बदरीनाथ व केदारनाथ के अलावा अन्य अधीनस्थ मंदिरों में भी सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। आईटी संवर्ग में पदों के सृजन से विभिन्न व्यवस्थाओं में सूचना प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक उपयोग होगा। ई- ऑफिस, ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग होने से कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी।

Union Budget 2024 बजट में क्या है खास

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Union Budget 2024 वित्त मंत्री ने पेश किया बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के थर्ड टर्म का पहला बजट मंगलवार को सदन में पेश किया गया बजट में देश दुनिया की नज़र बनी रही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई यानी आज वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट पेश कर रही हैं। इस बजट में करदाताओं को वित्त मंत्री से किसी बड़े राहत के एलान की उम्मीद है। बजट को लेकर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा कि आम बजट अमृतकाल का महत्वपूर्ण बजट होगा। यह पांच साल के लिए हमारी दिशा तय करने के साथ ही 2047 तक विकसित भारत की आधारशिला रखेगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत का आर्थिक विकास दुनिया के लिए उत्कृष्ट उदाहरण है। भारत इसी तरह प्रगति की राह पर आगे बढ़ता रहेगा। मंहगाई को 4 प्रतिशत पर लाने की कोशिश हो रही है सरकर की नौ प्राथमिकताओं में से एक है रोजगार और कौशल विकास। इसके तहत पहली बार नौकरी करने वालों को बड़ी मदद मिलने जा रही है। फॉर्मल सेक्टर में पहली बार नौकरी की शुरुआत करने वालों को एक महीने का वेतन दिया जाएगा। यह वेतन डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए तीन किस्तों में जारी होगा। इसकी अधिकतम राशि 15 हजार रुपये होगी। ईपीएफओ में पंजीकृत लोगों को यह मदद मिलेगी। योग्यता सीमा एक लाख रुपये प्रति माह होगी। इससे 2.10 करोड़ युवाओं को फायदा होगा।

मुख्य सचिव अध्यक्षता में टाटा ट्रस्ट के साथ महत्वपूर्ण बैठक

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सचिवालय में टाटा ट्रस्ट के साथ बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने जानकारी दी है कि उत्तराखण्ड सरकार के साथ मिलकर टाटा ट्रस्ट राज्य में हेल्थ केयर सेक्टर, टेलीमेडिसिन, महिलाओं व बच्चों के कुपोषण से बचाव, युवाओं के कौशल विकास, बालिकाओं की शिक्षा, कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, आंगनबाड़ी वर्कर्स के क्षमता विकास व प्रशिक्षण, स्मार्ट कलासेज, ग्रामीण आजीविका, पलायन, वाइब्रेंट विलेज, मानसिक स्वास्थ्य व नशा मुक्ति जैसे क्षेत्रों में कार्य करेगा।

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने टाटा ट्रस्ट के समक्ष उत्तराखण्ड सरकार की प्राथमिकताएं एवं थ्रस्ट एरिया को फोकस करते हुए राज्य में मातृ मृत्यु दर व शिशु मृत्यु दर तथा  उत्तराखण्ड के युवाओं हेतु राज्य की आवश्यकताओं एवं परिस्थिति के अनुसार मुम्बई सहित देश के विभिन्न स्थानों में टाटा ग्रुप के स्किल डेवलपमेंट इन्सटिटयूट में कौशल विकास हेतु प्रशिक्षण की व्यवस्था करने का आग्रह किया।

सीएस श्रीमती रतूड़ी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य सरकार की विभिन्न क्षेत्रों हेतु योजनाओं की समीक्षा कर गैप एनालाइसिस ( Gap Analysis  ) किया जाए ताकि टाटा ट्रस्ट द्वारा इस गैप फीलिंग ( Gap Feeling  ) के लिए कार्य किया जा सके। उन्होंने टाटा ट्रस्ट द्वारा टेलीमेडिसिन के क्षेत्र में कार्य किए जाने हेतु सहमति पर निर्देश दिए कि इसके लिए सबसे पहले पर्वतीय जनपदों व ब्लॉक को चिहिन्त किया जाए।

इसके साथ ही उत्तराखण्ड के प्रत्येक जनपद के हेल्थ एनालिसिस ( Health Analysis  ) की बात कही गई जिसके तहत प्रत्येक जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं, बुनियादी चिकित्सा ढांचे, स्टाफ, प्रशिक्षण आदि की विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। मैंकेंजी के माध्यम से राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र की  Comprehensive Study  के भी निर्देश दिए गए।

टाटा ट्रस्ट द्वारा राज्य में हेल्थ रिकॉर्ड की डिजिटाइजेशन में सहयोग पर सहमति दी गई। मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने टाटा ट्रस्ट से राज्य के दूरस्थ स्थानों में रह रही आबादी को आधुनिकतम स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाकर  प्राइमरी व सेकेण्डरी हेल्थ केयर सेवाओं की मजबूती के लिए कार्य करने के लिए कहा। उन्होंने महिलाओं व बच्चों को कुपोषण व एनीमिया से बचाने के लिए, प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा को मजबूत कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने, उच्च शिक्षा के बाद महिलाओं की कार्यबल में हिस्सेदारी बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों विशेषकर सीमान्त गांवों से पलायन रोकने हेतु ग्रामीण आजीविका की कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि टाटा ट्रस्ट से कौन-कौन से क्षेत्रों में सहायता ली जा सकती हैं, इसकी रिपोर्ट अगली बैठक तक तैयार रखी जाय।

बैठक के दौरान टाटा ट्रस्ट द्वारा राज्य के 13 जिलों की कमजोर सामाजिक आर्थिक पृष्ठभूमि वाली 13 टॉपर बालिकाओं को आर्थिक अनुदान की कार्ययोजना की बात कही गई।

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, एसडीजी इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखंड देश में पहले स्थान पर है। इस स्थिति को बनाए रखने के लिए, राज्य सरकार का लक्ष्य सभी हितधारकों के साथ सहयोग करना है, जिससे समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके।

बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्धन, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, टाटा ट्रस्ट के सीईओ सिद्धार्थ शर्मा सहित सभी विभागों के अधिकारी एवं टाटा ट्रस्ट की टीम मौजूद रही।

युवा फुटबाॅलर साहिल पंवार को मंत्री ने किया सम्मानित

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वित्त मंत्री डाॅ. प्रेम चन्द अग्रवाल द्वारा विधान सभा स्थित कार्यालय कक्ष में प्रदेश के युवा फुटबाॅलर साहिल पंवार को सम्मानित किया गया।मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड, विशेष रूप से देहरादून के लिए यह गर्व का क्षण है कि स्थानीय प्रतिभा साहिल पंवार ने मुंबई सिटी एफसी में शामिल होकर एक नई ऊंचाई हासिल की है। उन्होंने कहा कि देहरादून के 24 वर्षीय डिफेंडर साहिल पंवार ने मुंबई सिटी एफसी के साथ एक साल का अनुबंध किया है। साहिल पंवार इससे पहले भारतीय अंडर -18 फुटबाॅल टीम के कप्तान भी रहे हैं।
 

मंत्री ने कहा कि प्रदेश का एक खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर इतने बड़े क्लब में शामिल हुआ है, साहिल की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार और दोस्तों के लिए बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। उनकी सफलता युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा देगी और उन्हें भी अपने सपनों को साकार करने की दिशा में प्रेरित करेगी।

इस अवसर पर मंत्री ने साहिल पंवार के साथ युवावस्था में वाॅलीवाल खिलाड़ी के रूप में हुए अपने अनुभवों को भी साझा किया। वित्त मंत्री ने साहिल पंवार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपनी प्रतिभा से इसी तरह देश और प्रदेश का नाम रौशन करते रहेंगे। 

राज्य आपदा परिचालन केन्द्र का मुख्यमंत्री ने किया औचक निरीक्षण

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को आईटी पार्क देहरादून स्थित राज्य आपदा परिचालन केन्द्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही बारिश की स्थिति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को हर समय अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन को निर्देश दिये कि वे निरन्तर जिलाधिकारियों से समन्वय बना कर रखें। नदियों के जल स्तर पर नियमित निगरानी बनाए रखें।

मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा परिचालन केन्द्र से जिलाधिकारी नैनीताल, बागेश्वर, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, देहरादून से फोन के माध्यम से वार्ता कर बारिश की स्थिति, सड़कों की स्थिति, विद्युत और पेयजल की उपलब्धता तथा जलभराव के बारे में जानकारी ली। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि अतिवृष्टि के कारण यातायात बाधित न हो, सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में उन्हें शीघ्र खुलवाया जाए। जल भराव की स्थिति में निकासी की उचित व्यवस्था रखी जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि नदियों के जल स्तर बढ़ने की  स्थिति में नदी किनारे एवं अन्य संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को जागरूक किया जाए।

मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन को निर्देश दिये कि हर जिले की अतिवृष्टि की स्तिथि पर निरन्तर नज़र बनाए रखें। जिलों के साथ परस्पर समन्वय स्थापित करें, ताकि किसी भी आपातकाल स्थिति से निपटा जा सके। राज्य के विभिन्न संवेदनशील इलाकों, अत्यधिक बारिश एवं आपदा ग्रस्त वाले इलाकों को लेकर भी विशेष नज़र बनाए रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा को लेकर किसी भी प्रकार की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल कार्यवाही की जाए। रिस्पांस टाईम कम से कम रखने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।

इस अवसर सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव आनन्द स्वरूप एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

समान नागरिक संहिता (यू.सी.सी) मुख्यमंत्री ने बैठक ली

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में समान नागरिक संहिता (यू.सी.सी) लागू करने की तैयारियों के संबंध में सचिवालय में बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में यूसीसी लागू करने के लिए इसके अधीन संचालित होने वाली प्रक्रियाओं एवं नियमों को समयबद्धता के साथ अंतिम रूप दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि यूसीसी के प्राविधानों को व्यवस्थित रूप से संपादित किये जाने के लिए गठित उप समिति के कार्यों एवं विभिन्न विभागों के स्तर पर की जाने वाली कार्यवाही को भी शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए। उन्होंने इस संबंध में विभिन्न स्तरों पर होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी को विधिवत लागू किये जाने से पूर्व सभी पहलुओं का गहनता एवं सजगता से अध्ययन किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी के बारे में व्यापक स्तर पर जन जागरूकता भी लाई जाए। इसके लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।
     

यूसीसी के प्राविधानों को लागू करने के लिए गठित समिति के अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह ने जानकारी दी गई कि इस सबंध में तीन उप समितियों का गठन किया गया। नियमों की रूपरेखा तैयार करने के लिए गठित उप समिति की अब तक 43 बैठकें हो चुकी हैं, जो 31 अगस्त 2024 तक अपनी रिपोर्ट देगी। नियमों के कार्यान्वयन में सुगमता और पारदर्शिता के लिए गठित उप समिति की 20 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं, यह उप समिति भी 31 अगस्त 2024 तक अपनी रिपोर्ट देगी। क्षमता विकास और प्रशिक्षण के लिए बनाई गई उप समिति भी 30 सितम्बर 2024 तक अपनी रिपोर्ट देगी। बैठक में बताया गया कि यूसीसी से संबंधित प्राविधानों को प्रभावी ढ़ग से क्रियान्वित किये जाने के लिए विभिन्न विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
       

बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, प्रमुख सचिव न्याय प्रदीप पंत, डीजीपी अभिनव कुमार, विभिन्न विभागों के सचिव, समिति के सदस्यगण एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।