Home Blog Page 27

मुख्यमंत्री धामी ने लिखा नवनियुक्त कार्मिकों को पत्र

0

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीते चार वर्षों में सरकारी सेवा में चयनित हुए कार्मिकों को डिजिटल माध्यम से पत्र लिखकर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि वर्ष 2022 में जनता ने उन्हें दूसरी बार प्रदेश का मुख्य सेवक बनने का दायित्व सौंपा। जनादेश की भावना के अनुरूप कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही राज्य में बेरोजगारी की समस्या को कम करने और सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने के लिए व्यापक भर्ती अभियान शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में राज्य सरकार द्वारा लगभग 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी जा चुकी है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज युवा अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर सरकारी सेवा में चयनित हो रहे हैं। उन्होंने निष्पक्ष, ईमानदार और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के साथ राज्य सरकार के सख्त नकल विरोधी कानून को युवाओं को उचित अवसर और सम्मान दिलाने में महत्वपूर्ण बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकीय सेवक के रूप में चयन केवल कार्मिकों और उनके परिवारों के लिए ही नहीं, बल्कि राज्य सरकार के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने चयनित कार्मिकों से ईमानदारी, निष्पक्षता और मानवीय मूल्यों के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की। साथ ही आमजन की सेवा को प्राथमिकता देने का संदेश भी दिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई चयनित युवाओं से दूरभाष पर संवाद कर उन्हें जनसेवा में समर्पण और उत्साह के साथ योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री धामी ने HDFC बैंक द्वारा प्रदत्त 4 अत्याधुनिक एम्बुलेंस को किया फ्लैग ऑफ

0

मुख्यमंत्री धामी ने HDFC बैंक द्वारा प्रदत्त 4 अत्याधुनिक एम्बुलेंस को किया फ्लैग ऑफ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से HDFC बैंक की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के अंतर्गत जनहित के लिए उपलब्ध कराई गई 4 अत्याधुनिक एम्बुलेंस का फ्लैग ऑफ किया। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि निजी संस्थाओं द्वारा जनहित में किया जा रहा सहयोग सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है। पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में समय पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बेहद आवश्यक है, ऐसे में HDFC बैंक द्वारा उपलब्ध कराई गईं एम्बुलेंस जरूरतमंद लोगों तक त्वरित चिकित्सा सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

मुख्यमंत्री ने HDFC बैंक की इस जनकल्याणकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि बड़े धार्मिक आयोजनों, आपदा की स्थितियों और दुर्गम क्षेत्रों में ऐसी सेवाएं बेहद उपयोगी साबित होंगी। उन्होंने भविष्य में अन्य पर्वतीय जिलों और आगामी हरिद्वार कुंभ के लिए भी CSR के माध्यम से अतिरिक्त एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की अपेक्षा जताई।

बैंक अधिकारियों के अनुसार इन एम्बुलेंस में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं और आवश्यक आपातकालीन उपकरण मौजूद हैं। साथ ही आगामी तीन वर्षों तक प्रत्येक एम्बुलेंस में चिकित्सक, नर्स, अटेंडेंट और चालक की व्यवस्था भी बैंक द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।

प्रारंभिक चरण में ये एम्बुलेंस चमोली, चंपावत, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग जनपदों में स्वास्थ्य सेवाएं देंगी। भविष्य में इनका उपयोग राज्य के प्रमुख धार्मिक आयोजनों और आपदा प्रबंधन कार्यों में भी किया जाएगा।

नानकमत्ता में महाराणा प्रताप जयंती समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री

0

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नानकमत्ता में आयोजित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती समारोह में दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नानकमत्ता साहिब की पावन धरती पर महाराणा प्रताप जैसे महान राष्ट्रनायक का स्मरण करना गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप केवल मेवाड़ के शासक नहीं, बल्कि भारत की आन, बान और स्वाभिमान के अमर प्रतीक थे। उनका जीवन त्याग, संघर्ष, साहस और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणादायक मिसाल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हमें यह सीख देता है कि राष्ट्र, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों में भी सिद्धांतों से समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने थारू समाज की परंपराओं, लोकगीतों, लोकनृत्यों और प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली को उत्तराखंड की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सम्मान और विकास के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। राज्य सरकार भी जनजातीय समाज के विकास, शिक्षा, आवास और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि अटल आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और जनमन योजना के माध्यम से बड़ी संख्या में जनजातीय परिवारों को लाभ पहुंचाया गया है।

उन्होंने कहा कि जनजातीय महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए आजीविका मिशन और वन धन केंद्रों के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही जनजातीय संस्कृति और पहचान के संरक्षण के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री ने नानकमत्ता गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। इस दौरान कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।

माँ वाराही धाम का पुनर्निर्माण सीएम धामी का निरीक्षण

0

चंपावत के ऐतिहासिक माँ वाराही शक्तिपीठ धाम, देवीधुरा को जल्द ही भव्य और दिव्य स्वरूप मिलने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धाम पहुंचकर मंदिर के नवनिर्माण और विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों से निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ वाराही धाम को आस्था और धार्मिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चंपावत स्थित ऐतिहासिक माँ वाराही शक्तिपीठ धाम, देवीधुरा पहुंचकर मंदिर के पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और संबंधित समिति से विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्य पूरा करने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ वाराही धाम केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मंदिर का विकास इसकी पौराणिक गरिमा और मूल स्वरूप को बनाए रखते हुए किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं के साथ आध्यात्मिक अनुभूति भी मिल सके।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आने वाले समय में माँ वाराही धाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा। इससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

करीब 15 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से मंदिर का भव्य नवनिर्माण कार्य अगले दो से तीन वर्षों में पूरा किया जाएगा। मंदिर निर्माण में राजस्थान के विशेष नक्काशीदार पत्थरों का उपयोग किया जाएगा, जबकि स्थापत्य कला और शिल्प कार्य गुजरात के विशेषज्ञ कारीगरों की देखरेख में संपन्न होंगे। मुख्यमंत्री ने इस दौरान मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना भी की।

जसपुर से बड़ी खबर: सहकारी क्रय-विक्रय समिति चुनाव में बढ़ी हलचल

0

जसपुर में सहकारी क्रय-विक्रय समिति के चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव प्रक्रिया के तहत भारतीय जनता पार्टी के काशीपुर जिला अध्यक्ष मनोज पाल ने नामांकन दाखिल किया है।

नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव अधिकारी की ओर से आवेदकों की सूची भी जारी कर दी गई है। सूची सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और अब सभी की निगाहें आगामी चुनाव प्रक्रिया पर टिक गई हैं।

भाजपा जिला अध्यक्ष मनोज पाल के चुनाव मैदान में उतरने से राजनीतिक माहौल और गर्मा गया है। क्षेत्र में समिति चुनाव को लेकर उत्साह देखा जा रहा है, जबकि समर्थकों के बीच भी हलचल बढ़ गई है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में चुनावी मुकाबला किस दिशा में जाता है और सहकारी क्रय-विक्रय समिति की कमान आखिर किसके हाथ में जाती है।

धामी मंत्रीमंडल निर्णय एक अधिकारी, एक वाहन

0
बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रीमंडल की बैठक में, राज्य में ऊर्जा और ईंधन बचत के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के बाद, रूस – यूक्रेन संघर्ष और वर्तमान में जारी पश्चिम एशिया के संकट के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला विशेष तौर पर ईंधन, खाद्य पदार्थ और उर्वरकों पर दबाव बढ़ा है। इस वैश्विक संकट के कारण भारत भी बढती ईंधन लागत, आयात निर्भरता और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्तमान हालात में नागरिकों से छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलावों के माध्यम से राष्ट्रीय प्रयासों में सहयोग की अपील की है। जिसका जनसामान्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
इसी क्रम में उत्तराखंड में भी कई अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधार तत्काल प्रभाव से लागू किए जा रहे हैं।
वर्क फ्रॉम होम
सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को बढावा दिया जाएगा। निजी क्षेत्रों में भी वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही लोगों को सार्वजनिक परिवहन के अधिकतम उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
नो व्हीकल डे
मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगणों के वाहन फ्लीट में वाहनों की संख्या आधी की जाएगी। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे घोषित किया जाएगा।वर्क फ्रॉम होम के तहत घर से ही कार्य करेंगे। जन सामान्य को भी सप्ताह में एक दिन “No Vehicle Day” के लिए प्रेरित किया जाएगा।
सरकारी एवं निजी भवनों में AC के प्रयोग को सीमित करने के प्रयास किए जाएंगे।
एक अधिकारी, एक वाहन
परिवहन विभाग को सार्वजनिक बसों की सेवा और क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग हेतु प्रेरित किया जाएगा। जिन अधिकारियों  के पास एक से अधिक विभाग हैं, उनके द्वारा एक दिन में अधिकतम एक वाहन का इस्तेमाल किया जाएगा।
ईवी पॉलिसी
इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए जल्द ही प्रभावी ईवी पॉलिसी लाई जाएगी, नए सरकारी वाहनों के क्रय में 50 प्रतिशत अनिवार्य तौर पर EV होंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए चार्जिंग स्टेशन / नेटवर्क का प्राथमिकता के आधार पर विस्तार किया जाएगा।
सरकारी विदेश यात्राएं सीमित होंगी
सरकारी विदेशी यात्राओं को सीमित किया जाएगा।
“Visit My State अभियान के माध्यम से घरेलू पर्यटन को बढावा दिया जाएगा। राज्य में विरासत, धार्मिक, वेलनेस, ग्रामीण और इको-टूरिज्म सर्किटों के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
राज्य में Destination Weddings को प्रोत्साहन और Single Window Clearance की व्यवस्था की जाएगी। उत्तराखंड इस दिशा में पहले ही पहल कर चुका है। प्रवासी भारतीयों को उत्तराखंड में छुट्टियां बिताने हेतु प्रेरित किया जाएगा।
“मेरा भारत, मेरा योगदान”
“मेरा भारत, मेरा योगदान” जैसे जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। “Made in State” अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाई जाएगी। सरकारी खरीद में “Make in India” नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
नागरिकों को एक वर्ष तक सोने की खरीद को सीमित करने के लिए जागरुक किया जाएगा।
खाद्य तेल की खपत घटाना
आम जनमानस को कम तेल वाले भोजन से होने वाले स्वास्थ्य लाभों पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी कैंटीनों में तेल उपयोग की समीक्षा करते हुए उसके उपयोग में कमी लाए जाने के प्रयास किए जाएंगे।  होटल, ढाबा और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को Low-Oil Menu” अपनाने हेतु प्रेरित किया जाएगा।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
किसानों को Natural Farming, Zero Budget Farming और Bio-inputs का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उर्वरकों के संतुलित उपयोग और मृदा स्वास्थ्य पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा
PNG (Piped Natural Gas) कनेक्शनों के संयोजनों को मिशन मोड में चलाया जाएगा। होटल, रेस्टोरेंट और सरकारी आवासों में PNG उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।
PM Surya Ghar Yojana के अंतर्गत Rooftop Solar को बढ़ावा दिया जाएगा। गोबर गैस को बढ़ावा देने के लिए पंचायती राज विभाग और ग्राम्य विकास विभाग को निर्देशित किया गया।
Mining, Solar और Power Projects की मंजूरी प्रदान करने में तेजी लायी जाएगी। मुख्यसचिव की अध्यक्षता में गठित एचपीसी 60 दिन में प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान करेगी।

मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव का निधन, 38 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

0

मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव का निधन, 38 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

प्रतीक यादव, जो दिवंगत समाजवादी नेता मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति थे, का बुधवार सुबह निधन हो गया। वह 38 वर्ष के थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार प्रतीक यादव को बुधवार सुबह करीब 6 बजे इमरजेंसी में लाया गया था। फिलहाल उनकी मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है और अस्पताल की ओर से अभी कोई आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, जिससे मृत्यु के कारणों का पता लगाया जा सके।

प्रतीक यादव अपने पीछे पत्नी अपर्णा यादव और दो बेटियों को छोड़ गए हैं। बताया जा रहा है कि घटना के समय अपर्णा यादव लखनऊ में मौजूद नहीं थीं। निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई और कई नेता सिविल अस्पताल पहुंचने लगे।प्रतीक यादव सक्रिय राजनीति से दूर रहते थे, हालांकि वह एक चर्चित राजनीतिक परिवार का हिस्सा होने के कारण अक्सर सुर्खियों में रहे। वे फिटनेस और व्यवसायिक गतिविधियों से जुड़े हुए थे।

इस साल जनवरी में उन्‍होंने पत्‍नी अपर्णा पर परिवार को तोड़ने और किसी की परवाह नहीं करने के आरोप लगाए थे. उन्‍होंने एक इंस्‍टा पोस्‍ट में कहा था कि अपर्णा यादव केवल फेमस और प्रभावशाली होना चाहती हैं.उनकी वजह से मेरा परिवार टूटा और मेरे पारिवारिक रिश्‍ते खराब हुए. उन्‍होंने अपर्णा को बुरी आत्‍मा (Bad Soul) तक कहा और जल्‍द से जल्‍द तलाक लेने की बात कही थी

नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामला: CBI ने दर्ज की एफआईआर, परीक्षा रद्द

0

नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामला: CBI ने दर्ज की एफआईआर, परीक्षा रद्द

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार को 3 मई 2026 को आयोजित NEET UG 2026 में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। अधिकारियों के अनुसार मेडिकल कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित यह परीक्षा आरोप सामने आने के बाद रद्द कर दी गई है।

केंद्र सरकार ने मामले की व्यापक जांच सीबीआई को सौंप दी है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के अनुसार परीक्षा के चार दिन बाद, यानी 7 मई की शाम कथित गड़बड़ियों से जुड़े इनपुट प्राप्त हुए थे। इसके बाद 8 मई की सुबह मामले को स्वतंत्र जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्रीय एजेंसियों को भेजा गया।

सीबीआई ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग से मिली लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है। एजेंसी ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी और सबूत नष्ट करने सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 के तहत भी धाराएं लगाई गई हैं।

जांच के लिए सीबीआई की विशेष टीमें गठित कर विभिन्न स्थानों पर भेजी गई हैं। एजेंसी अब कथित पेपर लीक नेटवर्क, आर्थिक लेनदेन और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच करेगी।

दोबारा होगी नीट यूजी परीक्षा

एनटीए ने बयान जारी कर कहा है कि केंद्रीय एजेंसियों और कानून प्रवर्तन संस्थाओं से मिले इनपुट तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर भारत सरकार की मंजूरी के बाद 3 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा रद्द करने और दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है। नई परीक्षा की तारीखों की घोषणा बाद में की जाएगी। यह परीक्षा देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में आयोजित की गई थी, जिसमें करीब 23 लाख पंजीकृत अभ्यर्थियों ने भाग लिया था।

तमिलनाडु में सीएम विजय सरकार का पहला बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

0

तमिलनाडु में सीएम विजय सरकार का पहला बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली नई टीवीके सरकार ने सत्ता संभालने के बाद पहला बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। सरकार ने कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादले करते हुए अहम विभागों की जिम्मेदारियां बदली हैं। इसे नई सरकार की प्रशासनिक प्राथमिकताओं और कामकाज में तेजी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मुख्य सचिव एम. साई कुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, एन. मुरुगानंदम को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं एम. ए. सिद्दीक को वित्त विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि के. नंदकुमार को टास्माक (TASMAC) का नया प्रबंध निदेशक बनाया गया है।

सरकार द्वारा जारी आदेश में राजस्व, वित्त, पर्यटन और आबकारी जैसे महत्वपूर्ण विभागों में बड़े स्तर पर बदलाव किए गए हैं। नई सरकार अपने कार्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने और जनहित से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से अधिकारियों की नई टीम तैयार कर रही है।

सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री विजय का यह पहला बड़ा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। राजनीतिक बदलाव के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर भी नए समीकरण और कार्यशैली देखने को मिल सकती है। अनुभवी अधिकारियों को प्रमुख जिम्मेदारियां देकर सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सक्रिय और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री धामी ने कामाख्या देवी मंदिर में की पूजा-अर्चना

0

मुख्यमंत्री धामी ने कामाख्या देवी मंदिर में की पूजा-अर्चना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुवाहाटी में स्थित प्रसिद्ध श्री कामाख्या देवी मंदिर में दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की।

मुख्यमंत्री ने माँ कामाख्या से समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हुए देवभूमि उत्तराखण्ड की निरंतर प्रगति, विकास और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की उन्नति, जनकल्याण और राज्य में सुख-शांति बनाए रखने की भी कामना की। कामाख्या मंदिर देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, जहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।