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कृषि मंत्री गणेश जोशी ने रुद्रपुर में ₹197.00 लाख की लागत से बने कृषि विभाग की नवनिर्मित परीक्षण प्रयोगशाला एवं का किया लोकार्पण

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कृषि एवं कृषक कल्याण एवं जनपद प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने कार्यदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग, ऊधम सिंह नगर के द्वारा 197.00 लाख की लागत से बने कृषि विभाग की नवनिर्मित क्षेत्रीय मृदा परीक्षण प्रयोगशाला एवं कार्यालय का लोकार्पण किया। लोकार्पण के दौरान उन्होंने 15 कृषकों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किये। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में ज्यादा फर्टलाइज़र्स का उपयोग करने से किसानों व काशतकरो के जमीनो की उर्वरा शक्ति कम हो गई है, इस प्रयोगशाला में काश्तकारों की खेतों की मिट्टी का परीक्षण किया जायेगा, इनकी भूमि में कितना नाइट्रोजन, फासफोरस, मेग्नेशिएम, पोटास, सलफर, जिंक, आयरन, कॉपर आदि की जाँच इस प्रयोगशाला में की जाएगी। इस जाँच के बाद किसान किस प्रकार की खाद का प्रयोग करेंगे उसके लिये किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किये गए है, जिससे किसानों को जानकारी रहेगी कि उनको अपनी जमीन में किस प्रकार की खादों का उपयोग करना है।

मंत्री जोशी ने कहा कि बेहतर जानकारी से किसानों का उत्पाद व उनकी आय में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सपने किसानों की आय दोगुना करना की दिशा में यह एक सार्थक कदम साबित होगा। मंत्री जोशी ने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने तीसरी बार पद संभालने के बाद जो पहली फाइल साइन की, वह भी किसानों के हित में थी। उन्होंने इसे केंद्र और राज्य सरकार की किसान-केन्द्रित सोच का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा मोदी सरकार हो या धामी की सरकार हो हम लगातार किसानों की कल्याण के लिये काम कर रहे है। उन्होंने कहा की मोदी सरकार द्वारा 10करोड़ किसानों को डिबीटी के माध्यम से किसान सम्मान निधि की धनराशि उनके खातों में सीधे भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा की सभी किसान अपने जमीनों का मृदा परीक्षण अवश्य कराये एवं इस प्रयोगशाला का लाभ लेकर अपने उत्पादों व आय दोनों बढ़ाए।
मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि 15किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किये गए है तथा गत वर्ष 11700 किसानों के मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाये गए थे, इस वर्ष 14800 किसानों के मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

इस अवसर पर मेयर विकास शर्मा, जिला महामंत्री भाजपा अमित नारंग, मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग अमित भारतीय, प्रयोगशाला प्रभारी डॉ नरेंद्र सिंह व किसान मौजूद थे।

सिंधु जल संधि पर रोक खून और पानी एक साथ नहीं बहने देगा भारत

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह बयान न केवल एक राजनीतिक प्रतिक्रिया है, बल्कि यह भारत की कूटनीतिक और सामरिक नीति में आए एक निर्णायक मोड़ को भी दर्शाता है। सिंधु जल संधि पर रोक लगाने का फैसला सीधे तौर पर पाकिस्तान को एक कड़ा और प्रतीकात्मक संदेश है कि अब भारत “खून और पानी” को एक साथ बहने नहीं देगा।

आइए इस बयान और इसके प्रभावों को कुछ प्रमुख बिंदुओं में समझते हैं:

सिंधु जल संधि पर रोक – क्या है इसका मतलब?

  • 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई यह संधि वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में बनी थी।
  • भारत तीन पूर्वी नदियों (रावी, ब्यास, सतलुज) का और पाकिस्तान तीन पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम, चिनाब) का प्रमुख रूप से उपयोग करता है।
  • अब यदि भारत इस संधि पर पुनर्विचार करता है या उसे आंशिक/पूर्ण रूप से रोकता है, तो इसका असर पाकिस्तान की कृषि और जल आपूर्ति पर सीधा पड़ेगा।

आतंक के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की पुष्टि

  • सिंधु जल संधि पर रोक एक मात्र आर्थिक या रणनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि यह आतंक के विरुद्ध राजनयिक दबाव की नीति है।
  • यह पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अलग-थलग करने की भारत की रणनीति का हिस्सा है।

“अब खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते” – एक भावनात्मक प्रतीक

  • इस वाक्य का इस्तेमाल पहले भी 2016 में उरी हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने किया था।
  • इसका अर्थ यह है कि जब भारत के नागरिकों का खून बह रहा हो, तब पानी जैसी जीवनदायिनी चीज़ पाकिस्तान को देना स्वीकार्य नहीं।

अटारी बॉर्डर चेक पोस्ट बंद करना – और भी सख्त कदम

  • यह कदम सीमा पर आवागमन को सीमित कर देगा, जिससे व्यापारिक और सांस्कृतिक संपर्क पर असर पड़ेगा।
  • यह भारत की कूटनीतिक दूरी की नीति का हिस्सा है।

राजनीतिक और सामरिक दृष्टिकोण से क्या संदेश गया है?

  • भारत अब केवल बयान नहीं देता, कदम भी उठाता है।
  • यह देश के भीतर भी एक सशक्त राजनीतिक संदेश है — कि “हम कमजोर नहीं हैं”।
  • अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह संदेश है कि भारत आतंकी हमलों को अब सहन नहीं करेगा।

RCB vs RR Playing 11

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रॉयल चैलेंजर्स बंगलूरु बृहस्पतिवार को यहां आईपीएल के मैच में जब राजस्थान रॉयल्स का सामना करेगा तो उसका लक्ष्य अपने घरेलू मैदान चिन्नास्वामी स्टेडियम में रिकॉर्ड में सुधार करना होगा। आरसीबी ने इस मैदान में अभी तक जो तीन मैच खेले हैं उन सभी में उसे हार का सामना करना पड़ा है।

वीरवार शाम को होने वाले मैच में जीत दर्ज के लिए राजस्थान रॉयल्स मजबूती से जुटी है टीम में मजबूत बैटिंग प्लेयर क्रिकेट मैच में वीरवार को बड़ा स्कोर खड़ा कर सकते है हलाकि रॉयल चैलेंजर्स बंगलूरु के पास बॉलिंग अच्छी है ऐसे में टीम बॉलर कितने विकेट लेकर विरोधी टीम को रोक पाएंगे देखना होगा थोड़ी देर में मैच का टॉस होने जा रहा है

टॉस विजेता टीम पहले बॉलिंग चुन सकती है ऐसे में शाम का मैच काफी रोमांच भरा रहेगा

दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग 11
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: 
फिल सॉल्ट, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), रोमारियो शेफर्ड, टिम डेविड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, यश दयाल।

राजस्थान रॉयल्स: वैभव सूर्यवंशी, यशस्वी जायसवाल, नीतीश राणा, रियान पराग (कप्तान), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), शिमरोन हेटमायर, शुभम दुबे, वानिंदु हसरंगा, जोफ्रा आर्चर, महीश तीक्षणा, तुषार देशपांडे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले आतंकियों की बची-खुची जमीन मिट्टी में मिलाएगा भारत

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बयान पहलगाम आतंकी हमले के बाद उनकी सरकार की सख्त और निर्णायक नीति का प्रतिबिंब है। उन्होंने आतंकियों के खिलाफ स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है और देशवासियों को भरोसा दिलाया है कि सरकार इस हमले के पीछे शामिल हर एक व्यक्ति को न्याय के कठघरे में लाकर ही दम लेगी। यह भाषण भावनात्मक, दृढ़ और देश की एकता का प्रतीक है।

कुछ प्रमुख बातें जो इस बयान में उभरकर आती हैं:

आतंकियों के खिलाफ सख्त रुख:

प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि इस हमले के साजिशकर्ताओं और अंजाम देने वालों को “कल्पना से भी बड़ी सजा” मिलेगी। यह संकेत है कि भारत आतंक के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरतेगा।

अंतरराष्ट्रीय संदेश:

“आज बिहार की सरजमीं से मैं पूरी दुनिया से कहना चाहता हूं…” — ये शब्द वैश्विक समुदाय को संकेत देते हैं कि भारत आतंक के मुद्दे पर वैश्विक सहयोग चाहता है, और साथ ही भारत की संप्रभुता पर हमला अब सिर्फ भारत का नहीं, बल्कि मानवता का मुद्दा है।

राष्ट्र की एकता और संवेदना:

देश की विविध भाषाओं और प्रांतों का उल्लेख कर उन्होंने ये संदेश दिया कि आतंक का वार किसी एक पर नहीं, पूरे भारत पर हुआ है — “करगिल से कन्याकुमारी तक दुख और आक्रोश एक जैसा है।”

विकास और विश्वास की दिशा में कदम:

बिहार में बुनियादी ढांचे के विकास की बातें — दरभंगा एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी, पटना एयरपोर्ट का विस्तार, और 11000 करोड़ रुपये की बाढ़ राहत योजना — ये सब जनता को यह भरोसा दिलाने के लिए हैं कि सरकार सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, समग्र विकास पर भी ध्यान दे रही है।

धामी सरकार की सतर्कता : चारधाम यात्रा 2025 के लिए सुदृढ़ स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित

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“भाषा नहीं बनेगी बाधा, स्क्रीनिंग, स्टाफ और विशेषज्ञ, हर धाम पर स्वास्थ्य सुरक्षा का संकल्प”

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अगुवाई में यात्रा मार्ग पर व्यापक चिकित्सा प्रबंध

चारधाम यात्रा 2025 को लेकर उत्तराखंड सरकार पूरी तरह से सतर्क और सक्रिय है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इस दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने ज़मीनी स्तर पर व्यापक तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। सरकार और विभाग की समर्पित कोशिश इस वर्ष की चारधाम यात्रा को न केवल सुरक्षित बल्कि सुगम और संगठित बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के दिशा-निर्देशों पर स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार लगातार चारधाम यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं। उनके नेतृत्व में न केवल ज़मीनी स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, बल्कि विशेषज्ञों के समन्वय से संपूर्ण यात्रा मार्ग पर एक सुगठित, आधुनिक और सुलभ स्वास्थ्य ढांचा तैयार किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि हर श्रद्धालु अपने आध्यात्मिक सफर को स्वस्थ और सुरक्षित रूप से पूर्ण कर सके—हर पड़ाव पर एक मज़बूत और सुलभ स्वास्थ्य सेवा के सहयोग से।

सभी चिकित्सा इकाइयों को पूर्ण रूप से तैयार रखने के निर्देश
सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा डॉ. आर. राजेश कुमार ने चारधाम यात्रा मार्ग पर तैनात सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ सचिवालय स्थित अपने सभा कक्ष में समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्थाई और अस्थाई सभी चिकित्सा इकाइयों को आवश्यक दवाओं, चिकित्सकीय उपकरणों और प्रशिक्षित मानव संसाधन के साथ पूरी तरह से तैयार रखा जाए। साथ ही यात्रा के दौरान डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की पर्याप्त तैनाती भी सुनिश्चित की जाए।

श्रद्धालुओं के लिए बहुभाषी हेल्थ एडवाइजरी और होर्डिंग्स
श्रद्धालुओं को सहज व स्पष्ट स्वास्थ्य जानकारी प्रदान करने के लिए बहुभाषी हेल्थ एडवाइजरी तैयार की जा रही है, जो 13 विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध होगी। यह एडवाइजरी यात्रा मार्ग पर होटलों, रेस्टोरेंट्स, पार्किंग स्थलों आदि पर QR कोड के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रदान की जाएगी। साथ ही जाम संभावित क्षेत्रों एवं प्रमुख ठहराव स्थलों पर बड़े होर्डिंग्स के माध्यम से भी स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता का प्रचार किया जाएगा।

केदारनाथ चिकित्सालय आधुनिक सुविधाओं से लैस
17 बेड वाले श्री केदारनाथ चिकित्सालय का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। कार्यदायी संस्था ने यात्रा आरंभ से पूर्व इसकी दो मंज़िलें पूर्ण रूप से संचालित करने का भरोसा दिया है। इस वर्ष अस्पताल को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया जा रहा है—जिनमें एक्स-रे, रक्त जांच, ईसीजी, मल्टीपैरामॉनीटर और ऑर्थो स्पेशलिस्ट की सेवाएं भी शामिल हैं। आवश्यक चिकित्सा उपकरणों का डुलान तेज़ी से किया जा रहा है और अधिकांश उपकरण पहले ही पहुंच चुके हैं।

फाटा और पैदल मार्ग की चिकित्सा इकाइयों को भी किया गया सशक्त
फाटा स्थित अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती की जा रही है, जिसमें एक्स-रे की सुविधा भी उपलब्ध होगी। वहीं पैदल मार्ग पर स्थित 12 चिकित्सा इकाइयों में प्रशिक्षित चिकित्सक एवं फार्मेसी अधिकारी मय उपकरण तैनात किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, 12 चिन्हित हेलिपैड और पार्किंग स्थलों पर स्क्रीनिंग टीमों की भी तैनाती सुनिश्चित की गई है।

चमोली जनपद में तैयार हैं चिकित्सा व्यवस्थाएं
चमोली जिले में यात्रा रूट पर स्थित 20 चिकित्सा इकाइयों को 30 अप्रैल तक पूर्ण रूप से तैयार कर लिया जाएगा। सभी आवश्यक उपकरण, दवाएं और स्टाफ यहाँ तैनात किए जा रहे हैं। चार प्रमुख विभागीय स्क्रीनिंग पॉइंट—गोचर बैरियर, पांडुकेश्वर बाजार, ट्रॉमा सेंटर कर्णप्रयाग, और पांडुवाखाल (गैरसैंण)—पर तैयारियाँ पूर्ण हो चुकी हैं। श्री बद्रीनाथ धाम में स्वामी विवेकानंद संस्था द्वारा अलग से एक स्क्रीनिंग पॉइंट भी संचालित किया जाएगा। इन सभी स्थानों पर फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, CHO, वार्ड बॉय और सफाई कर्मियों की सुबह-शाम की ड्यूटी सुनिश्चित की गई है।

गंगोत्री-यमुनोत्री धाम पर स्वास्थ्य विभाग की मुकम्मल तैयारी
चारधाम यात्रा के पहले चरण में शामिल मां गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम पर स्वास्थ्य विभाग की सभी चिकित्सा इकाइयों में तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। इन दोनों धामों सहित स्क्रीनिंग पॉइंट्स पर आवश्यक चिकित्सा एवं सहायक कार्मिकों की तैनाती 28 अप्रैल से रोस्टरवार विधिवत रूप से की जाएगी। गंगोत्री धाम व जानकीचट्टी में महानिदेशालय स्तर से फिजिशियन की विशेष तैनाती की जा रही है। यात्रा मार्गों पर विभागीय एवं 108 एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सभी चिकित्सा इकाइयों में जीवनरक्षक दवाइयां एवं आवश्यक उपकरण पहले ही पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दिए गए हैं। इसके साथ ही, श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने हेतु विभिन्न प्रकार की IEC गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं, जिससे वे सुरक्षित और स्वस्थ यात्रा का अनुभव कर सकें। स्क्रीनिंग पॉइंट्स पर सभी 50 वर्ष से ऊपर के श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य रुप से किए जाने हेतु निर्देश दिए जा चुके है।

विशेषज्ञ चिकित्सकों की रोटेशनल तैनाती
इस बार यात्रा मार्ग पर 69 चिकित्सा अधिकारी पहले से ही तैनात हैं। इनके अतिरिक्त अन्य जनपदों से हर 15 दिन में रोटेशनल आधार पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी। तैनात किए जाने वाले विशेषज्ञों में 2 ऑर्थो सर्जन, 2 फिजीशियन, 5 निश्चेतक (एनेस्थेटिस्ट), 5 जनरल सर्जन, 10 अतिरिक्त ऑर्थो सर्जन और भारत सरकार से नियुक्त विशेषज्ञ (विशेष रूप से बद्रीनाथ/जोशीमठ के लिए) शामिल हैं। इस व्यवस्था के तहत कुल 121 स्टाफ नर्स, 26 फार्मासिस्ट, 309 ऑक्सीजन बेड, 6 ICU बेड, 13 विभागीय एम्बुलेंस, 17 ‘108’ सेवा एम्बुलेंस, 1 ब्लड बैंक और 2 ब्लड स्टोरेज यूनिट्स की तैनाती की जा रही है।

मेडिकल रिलीफ पोस्ट (MRP) का संचालन और विस्तार
बद्रीनाथ, गोविंदगढ़ और पालना भंडार में स्थापित MRP इस वर्ष भी संचालित रहेंगे। इसके अलावा, 5 नए स्थानों—गोचर, नांगसू, मंडल, कटोरा और हनुमानचट्टी—में भी MRP बनाए जा रहे हैं। इन स्थलों पर प्लेटफार्म निर्माण कार्य प्रगति पर है और संबंधित एजेंसियों को कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग भी मुस्तैद
श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने हेतु खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा विशेष प्रबंध किए गए हैं। सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार ने जानकारी दी कि यात्रा मार्ग पर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाएगी। लाइसेंस प्राप्त दुकानदारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि बिना पंजीकरण वाले खाद्य विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने एक खाद्य सुरक्षा मोबाइल वैन भी तैनात की है, जो यात्रा मार्ग पर सतत निरीक्षण करेगी और संदिग्ध खाद्य सामग्री की ऑन-स्पॉट जांच भी करेगी।

स्क्रीनिंग पॉइंट्स पर बहुभाषी स्टाफ और पुख्ता इंतज़ाम
चारधाम यात्रा मार्ग पर गोचर बैरियर, पांडुकेश्वर, कर्णप्रयाग और पांडुवाखाल जैसे प्रमुख स्क्रीनिंग पॉइंट्स पर आवश्यक मानव संसाधन की तैनाती की जा चुकी है। इनमें फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, CHO, वार्ड बॉय और सफाई नायक की सुबह-शाम ड्यूटी सुनिश्चित की गई है। बद्रीनाथ धाम में स्वामी विवेकानंद संस्था द्वारा एक अलग स्क्रीनिंग सेंटर भी संचालित किया जाएगा। स्वास्थ्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए हैं कि यहां तैनात स्टाफ बहुभाषी हो ताकि देशभर से आने वाले तीर्थयात्रियों को आसानी से सेवा मिल सके और उन्हें तुरंत प्राथमिक जांच एवं स्वास्थ्य परामर्श प्रदान किया जा सके।

चारधाम यात्रा को लेकर समीक्षा बैठक में अपर सचिव स्वास्थ्य अनुराधा पाल, महानिदेशक स्वास्थ्य डाॅ सुनीता टम्टा, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डाॅ आशुतोष सयाना, निदेशक गढ़वाल मंडल डाॅ शिखा जंगपांगी, निदेशक एनएचएम डाॅ मनु जैन, अपर आयुक्त एफडीए ताजबर सिंह जग्गी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी देहरादून डाॅ मनोज शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार डाॅ आर के सिंह सहित उत्तरकाशी, चमोली, रूद्रप्रयाग, के मुख्यचिकित्सा अधिकारी वर्चुवल रूप से समीक्षा बैठक में मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने 1127.52 लाख की धनराशि से सहायक ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का किया लोकार्पण

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मुख्यमंत्री ने 8 वाटरकूलर व एक एम्बुलेंस जनता को की समर्पित।

मुख्यमंत्री ने 1013.95 लाख की धनराशि से जयतपुर-धनौरी मार्ग के निर्माण कि की घोषणा।*

काशीपुर — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने एक दिवसीय जनपद भ्रमण पर काशीपुर पहुँचे, काशीपुर पहुँचकर परिवहन विभाग द्वारा आयोजित नवनिर्मितसहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय भवन एवं ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक के लोकार्पण कार्यक्रममें बतौर मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया।

    मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था उत्तराखण्ड कृषि विपणन बोर्ड द्वारा 817.68 लाख की लागत से बनाये गए सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय काशीपुर के नवनिर्मित भवन एवं ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक, कार्यदायी संस्था निर्माण इकाई, उत्तराखण्ड पेयजल निगम ऋषिकेश द्वारा 233.86 लाख की लागत से बनाये गए सहायक सम्भागीय परिवहन कार्यालय ऋषिकेश के ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक एवं 75.98 लाख की लागत से बने सहायक सम्भागीय परिवहन कार्यालय हरिद्वार के ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने 1013.95 लाख की धनराशि से जयतपुर-धनौरी मार्ग के निर्माण कि की घोषणा। उन्होंने ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का भौतिक निरिक्षण किया। उन्होंने जनपद में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जिलाधिकारी से जानकारियां ली।

    मुख्यमंत्री ने कश्मीर में हुए आतंकवाद के कायराने हमले की निंदा की। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि कल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों द्वारा निहत्थे हिंदू पर्यटकों पर किए गए कायराना हमले में जान गँवाने वाले सभी लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ, और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त करता हूँ। उन्होंने सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय, काशीपुर के नवनिर्मित कार्यालय भवन एवं ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का लोकार्पण होने पर परिवहन विभाग के सभी कर्मचारीगणों एवं आप सभी क्षेत्रवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दी। 

उन्होंने कहा कि लगभग साढ़े 4 करोड़ रूपए की लागत से बने इस भवन का लोकार्पण होने से जहां एक ओर परिवहन विभाग से जुड़े कार्यों को तेज गति से पूरा किया जा सकेगा वहीं, आम जनमानस को पारदर्शी एवं तकनीकी रूप से सक्षम सेवाएँ भी मिलेंगी। साथ ही, 7 करोड़ रूपए से अधिक की लागत से काशीपुर, हरिद्वार एवं ऋषिकेश में बनाए गए ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का शुभारंभ होने से न केवल ड्राइविंग लाइसेंस के टेस्ट में पारदर्शिता आएगी बल्कि सड़क सुरक्षा में भी सुधार सुनिश्चित होगा। इसके साथ ही,  मुख्यमंत्री धामी ने सी.एस.आर. के माध्यम से काशीपुर के वार्डों हेतु वाटर कूलर और निःशुल्क एम्बुलेंस का फ्लैग ऑफ भी किया। इसके लिए सीएम श्री धामी ने सभी क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि इन दोनों सेवाओं को धरातल पर उतारने वाले सभी संबंधित महानुभावों को साधुवाद देता हूँ।

   मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में देशभर में जहां एक ओर रोड कनेक्टिविटी को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है, वहीं वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को आधा करने के लक्ष्य पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी राज्य सरकार भी उत्तराखंड में न केवल शहर से लेकर गांवों तक सड़क एवं परिवहन व्यवस्था को निरंतर सुदृढ़ करने का प्रयास कर रही है, बल्कि सड़क सुरक्षा में सुधार की दिशा में भी ठोस कदम उठा रही है। आज, चालकों की ड्राइविंग स्किल्स को बढ़ाने तथा लापरवाही को कम करने के लिए जहां एक ओर कुमाऊं में आई.डी.टी.आर. (IDTR) का निर्माण किया जा रहा है वहीं, ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित बनाने के लिए ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक्स की स्थापना भी की जा रही है। इसके साथ ही देहरादून में राज्य सरकार, आई.डी.टी.आर. और माइकोसाफ्ट कम्पनी के संयुक्त तत्वाधान में मोबाईल आधारित सॉफ्टवेयर (HAMS & Harnessing Automobile for Safety) विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से ड्राइविंग लाईसेन्स परीक्षा मानवीय हस्तक्षेप के बिना ली जा रही है।

उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को राज्य के अन्य जनपदों में भी लागू करने के लक्ष्य के साथ प्रदेश में 11 स्थानों पर आटोमेटेड ड्राईविंग टेस्ट ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, वाहन चालकों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान कराने के लिये देहरादून की भाँति हल्द्वानी में भी एक वृहद चालक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि वाहनों की फिटनेस जारी करने के कार्य में तेजी लाने हेतु राज्य में 7 स्थानों पर निजी क्षेत्र में आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन की स्वीकृति भी प्रदान की गयी है। उन्होंने कहा कि आज, काशीपुर, हरिद्वार और ऋषिकेश में बने ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का लोकार्पण किया गया, जहां पर केवल दक्ष और कुशल चालकों को ही ड्राइविंग लाइसेंस मिल सकेगा।

   मुख्यमंत्री ने कहा कि मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के सभी पदाधिकारियों का विशेष रूप से आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने सी.एस.आर. इनिशिएटिव के अंतर्गत इन ट्रैक्स का निर्माण करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार अपने स्तर पर हर संभव प्रयास कर रही है, परंतु सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में हमें आम जनमानस के सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि जनता जागरूक और जिम्मेदार हो, तो हम किसी भी चुनौती से निपट सकते हैं। आज सोशल मीडिया से प्रभावित होकर विशेषकर युवाओं में हाई स्पीड से गाड़ी चलाने और रैश ड्राइविंग करने का कल्चर बढ़ता जा रहा है। बहुत सारे युवा जोश जोश में होश खो बैठते हैं, जिससे न केवल उनकी जान को खतरा बढ़ता है, बल्कि सड़क पर चलने वाले दूसरे राहगीरों के लिए भी खतरा बढ़ जाता है। ऐसे मैं, यदि माता-पिता अपने बच्चों को समय-समय पर सेफ ड्राइविंग के लिए प्रोत्साहित करते रहेंगे तो निश्चित ही एक सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।

उन्होंने कहा कि हमारे राज्य में वर्ष 2024 में ही 1090 लोगों ने सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा दी और इन सभी दुर्घटनाओं में से लगभग 70 प्रतिशत दुर्घटनाएँ तेज गति या लापरवाही के कारण घटित हुई हैं। इन दुर्घटनाओं में अपने बच्चों को खो देने के बाद उनके माता-पिता के पास जीवनभर अफसोस करने के अवाला कुछ नहीं बचता। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि न केवल आप स्वयं ट्रैफिक नियमों का पालन करें, बल्कि अपने बच्चों को या अपने छोटे भाई-बहनों को भी ट्रैफिक नियमों का पालन करने हेतु प्रेरित करें। श्री धामी ने आज हमारी ट्रिपल इंजन की सरकार काशीपुर के सर्वांगीण विकास हेतु पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। 

   मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां एक ओर, लगभग 1950 करोड़ रूपए की फंडिंग से काशीपुर में पेयजल, सीवरेज, सड़क सुधार और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को तेज गति के साथ पूरा किया जा रहा है। वहीं, इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर सृजित करने एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से 1100 करोड़ रुपए की लागत से औद्योगिक हब परियोजना एवं 100 करोड़ की लागत से अरोमा पार्क परियोजना भी संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही, शहर में बहुमंजिला पार्किंग एवं नवीन तहसील कार्यालय के निर्माण के माध्मय से काशीपुर में विकास के नए आयाम स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

इन सभी विकास कार्यों के साथ ही, हमारी सरकार काशीपुर के चैती मंदिर को मानसखंड कॉरिडोर का हिस्सा बना कर काशीपुर को एक बडे सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सोच है कि हमारा काशीपुर भी काशी जैसी धर्म और आस्था की नगरी बने। ये उत्तराखंड का प्रवेश द्वार है, यहां से गुजरने वाले यात्रियों एवं पर्यटकों को देवभूमि में प्रवेश करने की अनुभूति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी देवतुल्य जनता का साथ एवं आशीर्वाद हमें आगे भी इसी प्रकार प्राप्त होता रहेगा और हम सभी मिलकर काशीपुर को एक समृद्ध, स्वच्छ और विकसित नगर बनाने के हमारे "विकल्प रहित संकल्प" को पूर्ण करने में अवश्य सफल होंगे।

    इस अवसर पर कृषि एवं कृषक कल्याण, सैनिक कल्याण, रेशम विभाग ग्रामीण विकास उद्यान एवं कृषि प्रसंस्करण मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा की युवाओं के सुनहरे भविष्य बनाने वाले नकल विरोधी कानून बनाने का एवं युवाओं को ऐतिहासिक नौकरियां देने का काम माननीय मुख्यमंत्री जी ने किया। उन्होंने  उत्तराखण्ड में यूसीसी लागू करने के लिए भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

    सांसद अजय भट्ट ने कहा की कश्मीर हुए घटना पर शोक व्यक्त करते हुए खेद प्रकट किया। उन्होंने दिवंगत आत्माओं शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा की आज मुख्यमंत्री श्री धामी जी के नेर्तत्व में उत्तराखण्ड विकास में नित नए आयाम गढ़ रहा है। हर क्षेत्र में पहले पायदान पर अपना नाम स्थापित कर रहा है उत्तराखण्ड इसके इसके लिए मुख्यमंत्री जी का आभार प्रकट किया।  उन्होंने लोकार्पण के कार्यक्रम की बधाई देते हुए कहा की यह परिवहन के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा यह टेस्ट ट्रैक। इससे सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा।

   अपर सचिव परिवहन रीना जोशी ने परिवहन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।

     इसके उपरांत  मुख्यमंत्री श्री धामी ने साईं पब्लिक स्कूल कुंडेशवरी जाकर स्व0 कैलाश गहतोड़ी के पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर स्मारक पर श्रद्धांजलि दी। 


 कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, महापौर दीपक बाली विकास शर्मा, राज्यमंत्री अनिल कपूर डब्बू, मुकेश कुमार, शायरा बानो, मंजीत सिंह, पूर्व विधायक शैलेन्द्र मोहन सिंघल, जिलाध्यक्ष मनोज पाल पूर्व जिलाध्यक्ष गुंजन सुखीजा, प्रशासक जिला पंचायत रेनू गंगवार, पूर्व मेयर ऊषा चौधरी, पूर्व सांसद बलराज पासी, खिलेन्द्र चौधरी, इंतजार हुसैन, मुक्ता सिंह, राजेश कुमार, दीप कोश्यारी, डॉ जेड ए वारसी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा, वीसी जय किशन, एमडी मंडी आर डी पालीवाल, एडीएम पंकज उपाध्याय, जीएम डीआईसी विपिन कुमार, एसपी निहारिका तोमर, अभय कुमार, एआरटीओ विमल पाण्डे, पूजा नयाल, डीएफओ प्रकाश आर्या सहित अनेक जनप्रतिनिधि अधिकारी व जनता मौजूद थी।

मुख्यमंत्री धामी की नाराजगी इंजीनियरिंग कॉलेज समीक्षा बैठक में देखने को मिली

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राज्य के इंजीनियरिंग संस्थानों को राष्ट्रीय स्तर पर विकसित किये जाने के लिए इन्फ्रास्टक्चर, योग्य फैकल्टी, आधुनिक लैब और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए उद्योग जगत की मांग के अनुसार उन्हें विभिन्न ट्रेड में दक्ष बनाया जाए। राज्य के इंजीनियरिंग  संस्थानों को राष्ट्रीय स्तर पर विकसित किये जाने के सबंध में मंगलवार को सचिवालय में आयोजित बैठक के दौरान ये निर्देश मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी इंजीनियरिंग कॉलेज में मूलभूत सुविधाओं, हॉस्टल और बाउंड्री वॉल की व्यवस्था के साथ ही बेहतर सड़क कनेक्टिविटी भी सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान सख्त निर्देश दिये कि सभी इंजीनियरिंग कॉलेज में तय मानकों के अनुसार फैकल्टी की तैनाती की जाए। इंजीनियरिंग कॉलेजों में भर्ती प्रक्रिया के लिए बनाई गई व्यवस्था के अनुसार भर्तियां न होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। इंजीनियरिंग संस्थानों में छात्र पंजीकरण की कमी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि छात्र पंजीकरण बढ़ाने के साथ ही सभी ट्रेड में अच्छे पाठ्यक्रम के साथ ही नवीनतम तकनीक पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को कैम्पस से ही प्लेसमेंट के लिए भी अच्छी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए।

नन्ही परी सीमांत इंजीनियरिंग संस्थान का संचालन के लिए पिथौरागढ़ के मड़धूरा में बने भवन में कक्षाओं के संचालन न होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जांच की जाए कि इंजीनियरिंग संस्थान के लिए जगह का चयन किसके द्वारा किया गया था, यह जगह उपयुक्त थी या नहीं। अगर उपयुक्त नहीं थी तो इस स्थान पर इंजीनियरिंग संस्थान क्यों बनाया गया। भवन पर लगभग 15 करोड़ खर्च होने के बाद भी इसमें कक्षाओं का संचालन क्यों नहीं हो रहा है। गौरतलब है कि अभी इंजीनियरिंग कॉलेज का संचालन जीआईसी की बिल्डिंग पर संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने जी.बी.पंत इंजीनियंरिंग कॉलेज घुड़दौड़ी मे नियुक्तियों, प्रमोशन और अन्य मामलों में गड़बड़ी की शिकायतों पर नये सिरे से एसआईटी गठित कर सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिये हैं।

बैठक में तकनीकी शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव डॉ. रंजीत सिन्हा, कुलपति माधो सिंह भण्डारी तकनीकी विश्वविद्यालय प्रो. ओंकार सिंह, अपर सचिव श्रीमती स्वाति भदोरिया एवं इंजीनियरिंग संस्थानों के निदेशक उपस्थित थे।

PM मोदी सऊदी अरब से दिल्ली लौटे

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दक्षिण कश्मीर के प्रमुख पर्यटक स्थल पहलगाम में मंगलवार को आतंकवादियों ने कायराना हरकत की है। आतंकियों ने अंधाधुंध गोली बारी की और 26 लोगों की जान ले ली। पीएम मोदी ने हमले की निंदा करते हुए दुख जताया है

दक्षिण कश्मीर के प्रमुख पर्यटक स्थल पहलगाम में मंगलवार को आतंकवादियों ने कायराना हरकत की है। आतंकियों ने अंधाधुंध गोली बारी की और 26 लोगों की जान ले ली। पीएम मोदी ने हमले की निंदा करते हुए दुख जताया है जम्मू में हुए आतंकी हमले के बाद वहाँ पर केंद्र सरकार खास नज़र बनाकर बनी हुई है मोदी सऊदी अरब से दिल्ली लोट आए है हाई लेवल मीटिंग में कई फैसले सरकार ले सकती है

खुफिया ब्यूरो के अधिकारी की भी गई जान
हमले में हैदराबाद में तैनात खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी मनीष रंजन की भी मौत हो गई। मनीष बिहार निवासी थे। वह छुट्टी मनाने के लिए परिवार के साथ पहलगाम गए थे। आईबी के सूत्रों से मिली प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, उन्हें उनकी पत्नी  और बच्चे के सामने गोली मारी गई। मनीष रंजन पिछले दो वर्षों से आईबी के हैदराबाद कार्यालय के मंत्री अनुभाग में कार्यरत थे।

जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम हिल स्टेशन पर मंगलवार को हुए आतंकी हमले में मारे गए 16 लोगों के नाम सार्वजनिक किए गए हैं। इसमें हरियाणा के 26 वर्षीय विनय नरवाल का भी नाम है। विनय नरवाल नौसेना में अधिकारी थे। वो कोच्चि में तैनात लेफ्टिनेंट के पद थे तैनात। एक रक्षा अधिकारी ने बताया कि 16 अप्रैल को उनकी शादी हुई थी। नरवाल पत्नी संग पहलगाम घूमने गए थे। विनय करनाल के रहने वाले थे। उनका एक मई को जन्मदिन भी था। 

तबादला एक्सप्रेस में हिले कई आईएएस सूचना निदेशक भी बदले

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तबादला एक्सप्रेस में हिले कई आईएएस सूचना निदेशक भी बदले
मंगलवार का दिन कई अफसरों के ताबदलो के बाद नया सवेरा लेकर आया है बड़े पैमाने पर किये गए तबादला लिस्ट में आईएएस अफसरों को बदला गया है यूपी में सोमवार रात बड़े पैमाने पर आईएएस अफसरों के तबादले किए गए हैं। करीब 33 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। आईएएस विशाल सिंह नए सूचना निदेशक बना दिए गए हैं। वाराणसी के मंडलायुक्त को नई जिम्मेदारी दी गई है। वाराणसी, बरेली, अंबेडकर नगर, आजमगढ़, गाजीपुर, झांसी, महोंबा समेत कई जिलों के जिलाधिकारी बदले गए हैं।

बड़े स्तर पर IAS अधिकारियों के तबादले:

  • कुल 33 आईएएस अफसरों का तबादला किया गया है।
  • वाराणसी, बरेली, आजमगढ़, झांसी, महोबा, गाजीपुर, अंबेडकरनगर, संत कबीरनगर, कुशीनगर और भदोही जैसे जिलों के जिलाधिकारी बदले गए हैं।

मुख्य बदलावों की सूची:

  • विशाल सिंह – डीएम भदोही से बने नए सूचना निदेशक
  • शिशिर – सूचना निदेशक पद से हटाकर उन्हें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग में विशेष सचिव और खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के सीईओ की जिम्मेदारी दी गई।
  • एस. राजलिंगम – डीएम वाराणसी से मंडलायुक्त वाराणसी बनाए गए।
  • सत्येंद्र कुमार – मुख्यमंत्री कार्यालय से हटाकर बने नए जिलाधिकारी वाराणसी
  • अविनाश कुमार – डीएम झांसी से बने डीएम गाजीपुर
  • गजल भारद्वाज – सचिव पद से बनीं डीएम महोबा
  • पुलकित खरे – विशेष सचिव नियोजन से बने मिशन निदेशक कौशल विकास मिशन

परिवहन और अन्य विभाग:

  • एल. वेंकटेश्वरलू से परिवहन विभाग और रोडवेज अध्यक्ष का प्रभार हटा।
  • अमित गुप्ता को अतिरिक्त रूप से प्रमुख सचिव परिवहन और रोडवेज अध्यक्ष का कार्यभार मिला।

यह तबादला सूची दर्शाती है कि सरकार ने प्रशासनिक अनुभव और दक्षता के आधार पर अधिकारियों की नई तैनाती की है, जिससे जमीनी स्तर पर शासन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

23 अप्रैल को पीठसैंण में मनाया जायेगा क्रांति दिवस

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शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत कार्यक्रम में होंगे मुख्य अतिथि

श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के तीन दिवसीय दौरे पर डॉ. रावत

पेशावर कांड के नायक और स्वतंत्रता सेनानी वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की जन्मभूमि पीठसैंण में आगामी 23 अप्रैल को क्रांति दिवस धूमधाम से मनाया जायेगा। वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली जन विकास समिति के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। इससे पहले डा. रावत अपने विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह स्कूल चलो अभियान के तहत विभिन्न विद्यालयों में आयोजित प्रवेशोत्सव में प्रतिभाग करेंगे, साथ ही वह क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण भी करेंगे।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि वह आगामी 23 अप्रैल तक अपने विधानसभा क्षेत्र के भ्रमण पर रहेंगे। अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान वह पेशावर कांड के नायक वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली की जन्मभूमि पीठसैंण जायेंगे। जहां वह पेशावर कांड की याद में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने कहा कि पीठसैंण में प्रत्येक 23 अप्रैल को क्रांति दिवस मनाया जाता है, इस दिन वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली के अदम्य साहस, मानवता के प्रति उनका दृष्टिकोण और स्वाधीनता आंदोलन में उनके योगदान को याद किया जाता है। उन्होंने बताया कि वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली जन विकास समिति के तत्वाधान यह कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा।

इससे पहले क्षेत्र भ्रमण के पहले दिन आज डॉ. रावत ने विद्यालयी शिक्षा विभाग के स्कूल चलो अभियान के तहत राजकीय इण्टर कॉलेज रानीपोखरी में प्रवेशोत्सव का विधिवत शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होंने नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं का स्वागत कर उन्हें नई पाठ्य पुस्तकें भी वितरित की। इसके उपरांत उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज सबदरखाल, राजकीय प्राथमिक विद्यालय नौगांव, राजकीय इंटर कॉलेज हिंवालीधार में आयोजित प्रवेशोत्सव में प्रतिभाग किया। इसक अलावा उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज हिंवालीधार में साइंट प्रयोगशालाओं, कुठकण्डाई व बडेथ में बहुउद्देशीय पंचायत भवन का लोकार्पण किया साथ ही च्योली-चुणखेत पेयजल योजना सहित विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास भी किया।

क्षेत्र भ्रमण के दूसरे दिन मंगलवार को डा. रावत थलीसैंण में टीबी उन्मूलन जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखा कर रवाना करेंगे। इसके साथ ही वह प्राथमिक विद्यालय थलीसैंण, रौली, बग्वाड़ी, मरोड़ा तथा सुदरगांव में आयोजित प्रवेशोत्सव में प्रतिभाग कर नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्द्धन करेंगे। इसके साथ ही वह उप जिला चिकित्सालय थलीसैण के आवासीय भवन के निर्माण कार्यों का शीलान्यस करेंगे। इसके अलावा वह मरोड़ा व कुणेथ में बहुउद्देशीय पंचायत भवन, आंगनबाडी केन्द्र, प्राथमिक विद्यालय सुदरगांव के नवीन भवन तथा ऐंठी गांव में कालिंका मंदिर में यात्री शेड प्रतीक्षालय का लोकार्पण करेंगे। इसके अलावा वह विभिन्न स्थानों पर जनसर्म्पक कर आम लोगों की समस्याओं से भी अवगत होंगे। बुधवार को डा. रावत पीठसैंण में क्रांति दिवस पर आयोजित मेले में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग करेंगे।

वी.पी. सिंह बिष्ट
जनसम्पर्क अधिकारी/मीडिया प्रभारी
माननीय शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री।