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चिकित्सा अधिकारियों के 276 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू

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राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने जारी किया परीक्षा कार्यक्रम

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत चिकित्सा अधिकारियों के बैकलॉग के 276 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने अपनी आधिकारिक वैबसाइट पर परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। बैकलॉग के इन पदों के लिये आगामी 01 मई को साक्षात्कार परीक्षा एवं अभिलेख सत्यापन हेतु प्रवेश पत्र जारी किये जायेंगे जबकि 07 मई से साक्षात्कार परीक्षा प्रारम्भ होगी।

राज्य चिकित्सा सेव चयन बोर्ड ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा भेजे गये चिकित्सा अधिकारियों के बैकलॉग के 276 पदों के अधियाचन पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। चयन बोर्ड ने अपनी आधिकारिक वैबसाइट www.ukmssb.org पर इस संबंध में परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक आगामी 28 अप्रैल को अभ्यर्थियों के लिये साक्षात्कार परीक्षा एवं अभिलेख सत्यापन से सम्बंधित दिशा-निर्देशों की विस्तृत सूचना वैबसाइट पर प्रकाशित की जायेगी। आगामी 01 मई को अर्ह अभ्यर्थियों के साक्षात्कार एवं अभिलेख सत्यापन हेतु प्रवेश पत्र जारी किये जायेंगे जबकि 07 मई से साक्षात्कार परीक्षा शुरू हो जायेगी। चयन बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग ने प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संवर्ग के अंतर्गत साधारण ग्रेड चिकित्सा अधिकारियों के 276 पदों को भरने के लिये चयन बोर्ड को अधियाचन भेजा। जिसमें अनुसूचित जाति के लिये 183, अनुसूचित जनजाति 06, अन्य पिछड़ा वर्ग 59, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के तहत दिव्यांगजनों के लिये 04 तथा अनारक्षित श्रेणी के तहत दिव्यांगजनों के लिये 24 पद शामिल हैं। जिस हेतु ऑनलाइन माध्यम से आवेदकों से आवेदन मांगे गये थे। चारधाम यात्रा एवं शासन द्वारा दिये गये निर्देशों के दृष्टिगत भर्ती परीक्षा को यथाशीघ्र पूर्ण कर चयन परिणाम जारी कर दिया जायेगा।

बयान-
राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने चिकित्सा अधिकारियों के बैकलॉग के 276 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में चयन बोर्ड ने परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। शीघ्र ही चिकित्सकों का चयन परिणाम चयन बोर्ड द्वारा घोषित कर दिया जायेगा। जिससे हमें 276 नये डॉक्टर मिल जायेंगे, जिन्हें आवश्यकतानुसार चारधाम यात्रा तथा दूरस्थ क्षेत्रों में तैनाती दी जायेगी। – डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।

वी.पी. सिंह बिष्ट
जनसम्पर्क अधिकारी/मीडिया प्रभारी
स्वास्थ्य मंत्री।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दायित्वधारियों संग संवाद कर जनसेवा में उत्कृष्टता का आह्वान किया

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मुख्यमत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के दायित्वधारियों से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी को मिलकर राज्य के समग्र विकास के लिए कार्य करना है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति तक के लोगों तक पहुंचाने के लिए अपने दायित्व से सबंधित योजनाओं का दायित्वधारी नियमित अनुश्रवण करें। उन्होंने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान योजनाओं का फीडबैक भी लें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दायित्व मिलने के साथ ही जन सेवा के लिए जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि सभी पात्र लोगों को सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके इसके लिए अपने विभागों के साथ बैठक की जाए और योजनाओं का व्यापक स्तर पर प्रचार भी किया जाए। जन आकांक्षाओं के अनुरूप सबको अपने कार्य क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है। उन्होंने सभी दायित्वधारियों से कहा कि वे जनहित से जुड़े कार्यों और जनहित में बेहतर योजनाएं बनाने के लिए अपने सुझाव अवश्य दें। समाज के कमजोर वर्ग के लोगों को योजनाओं का पूरा लाभ मिले, इस दिशा में विशेष प्रयास किये जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी दायित्वधारी विभाग स्तर पर उनके द्वारा किये गये विभिन्न कार्यों और नवाचारों की प्रगति रिपोर्ट विभागीय मंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय में भी दें। उन्होंने कहा कि दायित्वधारियों को उनके विभागों से संबंधित मुख्यमंत्री और मंत्रीगण के स्तर पर होने वाली सभी बैठकों में शामिल किया जायेगा।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट एवं सभी दायित्वधारी मौजूद थे।

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं का लिया जायजा

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पुनर्निर्माण कार्यों और यात्रियों की सुविधाओं का किया निरीक्षण

यात्रियों के लिए उपलब्ध रहेगा गर्म पानी, स्वच्छता पर रहेगा विशेष ध्यान

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शनिवार को केदारनाथ धाम पहुंचकर आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों और व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। अपने इस दौरे में उन्होंने सबसे पहले केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने मंदाकिनी और सरस्वती नदियों पर बनाए गए बेली ब्रिज का भी निरीक्षण किया। उन्होंने जानकारी दी कि इस पुल का कार्य पूरा हो चुका है, जिससे यात्रियों को आने-जाने में और अधिक सुविधा और सुगमता प्राप्त होगी। उन्होंने आस्था पथ पर बने रेन शेल्टरों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए इन रेन शेल्टरों में एलईडी साइनेज लगाए जाने चाहिए, ताकि यात्रियों को यह स्पष्ट जानकारी मिल सके कि शौचालय, मेडिकल सहायता और अन्य जरूरी सुविधाएं किस स्थान पर उपलब्ध हैं।

मुख्य सचिव ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि कतार में खड़े यात्रियों को गर्म पानी की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि वे ठंडे मौसम में भी आरामदायक अनुभव प्राप्त कर सकें। उन्होंने मंदिर परिसर से लेकर सरस्वती नदी के किनारे बने आस्था पथ तक की स्वच्छता व्यवस्था का भी निरीक्षण किया और वहां स्थापित शौचालयों की स्थिति को परखा। इसके साथ ही उन्होंने गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग में बने सभी कॉटेजों की मरम्मत समय पर पूरी की जाए और उनकी साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी यात्री को असुविधा न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और सुचारू रूप से पूरी कर ली जाएं।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने रुद्र प्वाइंट और घोड़ा पड़ाव का भी निरीक्षण किया। इन स्थलों पर उन्होंने यात्रियों की भीड़ प्रबंधन, पेयजल, चिकित्सा, विश्राम और सफाई व्यवस्था की समीक्षा की।

जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि केदारनाथ यात्रा से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। यात्रा मार्ग से लेकर धाम क्षेत्र तक सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली गई हैं। जो कुछ शेष कार्य हैं, उन्हें भी यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व पूर्ण कर लिया जाएगा।

जिलाधिकारी ने बताया कि पैदल मार्ग, ठहरने की व्यवस्था, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, संचार सुविधा एवं आपातकालीन व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त किया गया है। तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए सभी पड़ावों पर मूलभूत सुविधाओं को भी सुनिश्चित कर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया कि सुरक्षा दृष्टि से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। यात्रा मार्ग पर पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित कर दी गई है।

अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को नियमित रूप से यात्रा मार्ग की चेकिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा अवधि के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पूर्व से ही विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है, ताकि किसी भी स्थान पर जाम की स्थिति न बने।पुलिस एवं प्रशासन द्वारा आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें भी यात्रा मार्ग पर सक्रिय रहेंगी, ताकि किसी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

सरकारी जमीन पर बने धार्मिक स्थल पर चला धामी सरकार का बुलडोजर

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देहरादून उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार अवैध जगह पर लगातार मजारो को हटा चुकी है अभी आगे भी कई जगह पर अवैध अतिक्रमण पर कारवाही देखने को मिलेगी ये फैसला राज्य में काफी चर्चा का विषय बन गया है धामी सरकार के कदमो से सहमे कुछ राजनैतिक वोट बैंक वाले नेताओ को धामी का कदम अच्छा नहीं लग रहा सवाल उठ रहा है सरकार का फैसला अच्छा है तो क्यों तारीफ नहीं करते क्या सिर्फ वोट बैंक का सहारा लेकर सियासत करते रहेंगे बरहाल धामी सरकार के फैसले लोगो को पसंद आ रहे है

देहरादून में सरकारी जमीन पर बने धार्मिक स्थल को ध्वस्त कर दिया गया है। देर रात नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, दून अस्पताल प्रशासन और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने मिलकर सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया। अधिकारियों ने देर रात धार्मिक स्थल पर बुलडोजर चलाया। अब तक 600 अवैध धार्मिक स्थल तोड़े गए हैं। दून अस्पताल में बने धार्मिक स्थल पर रात में प्रशासन ने बुलडोजर चलवाया।

यात्रा प्रबंधन पर भट्ट ने जताया संतोष , कहा पर्यटन का स्वर्णिम युग शुरू

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने यात्रा तैयारियों पर संतोष जताते हुए इसे देवभूमि में पर्यटन व्यवसाय के स्वर्णिम युग की शुरुआत बताया है। यात्रियों की संख्या लाखों से करोड़ों की तरफ बढ़ रही है, सबकी सुरक्षा और व्यवस्था के लिए धामी सरकार मुस्तैद है। वहीं अपील की कि आज सभी लोग प्रदेश की आर्थिक रीढ़ को मजबूत बनाने की हरसंभव कोशिश में जुटे हैं, ऐसे में राजनैतिक दलों को भी सहयोग के लिए आगे आना चाहिए।

उन्होंने कहा, चार धाम यात्रा प्रारंभ होने की तारीख नजदीक आने के साथ, सरकार की तैयारियां विश्वास जगाती हैं। जिस तरह सीएम श्री पुष्कर सिंह धामी यात्रा प्रबंधन के सभी कार्यों की स्वयं निगरानी करते हुए समीक्षा कर रहे हैं, वो कहीं न कहीं सुरक्षित और सफल यात्रा की गारंटी देती है। धामों तक पहुंचने वाली सड़क और मोबाइल नेटवर्क, वहां पर आवास व्यवस्था, यात्रियों के स्वास्थ्य और खाने पीने की सुविधा आदि तमाम पहलुओं पर तैयारी पूर्ण कर ली गई है। लिहाजा हम दावे के साथ कह सकते हैं, भगवान के दर्शन करने आने वाले सभी भक्त निश्चिंत होकर देवभूमि आए। उनकी यात्रा के सरल, सफल और सुरक्षित बनाने के लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह मुस्तैद है, सभी का स्वागत है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि जिस तरह साल दर साल 2022 में लगभग 46 लाख, 23 में 56 लाख और 24 में भी केदारनाथ आपदा के बावजूद रिकॉर्ड संख्या में तीर्थयात्री आए। लेकिन जिस तरह श्रद्धालुओं की उत्सुकता और सरकार की तैयारी है, उसके मद्देनजर अब ये सब रिकॉर्ड बहुत पीछे छूटने वाले हैं। बड़ी तेजी से राज्य, पर्यटन क्षेत्र में स्वर्णिम युग की तरफ बढ़ रहा है और लाखों का आंकड़ा करोड़ों में तब्दील होगा। ये सफलता, प्रदेश की आर्थिक रीढ़ को मजबूत करने का काम करेगी, जिससे विकसित राज्य का सपना पूरा होगा।

उन्होंने कहा कि इस मिशन में सरकार के साथ आम लोग भी एकजुट होकर सहयोग कर रहे हैं। ऐसे में सभी राजनैतिक दलों को दलगत राजनीति से ऊपर उठते हुए यात्रा व्यवस्था को लेकर सकारात्मक रुख अपनाना चाहिए। जिसके लिए सभी को ऐसी तमाम भ्रम, झूठ और खौफ पैदा करने वाली बयानबाजियों एवं प्रचार से बचना चाहिए।

जयडे हैकेट की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात

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उत्तराखंड में वर्ल्ड क्लास बंजी जंपिंग प्रोजेक्ट्स की संभावनाओं पर चर्चा

एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध संस्था ए.जे. हैकेट इंटरनेशनल के मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) जयडे हैकेट ने आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रदेश में विश्व स्तरीय बंजी जंपिंग प्रोजेक्ट्स को स्थापित करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर के एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने को लेकर गहन चर्चा की गई।

जयडे हैकेट, जो स्वयं 12 वर्षों से एडवेंचर टूरिज्म से जुड़े हुए हैं, और सिंगापुर स्थित स्काईपार्क सेंटोसा के संचालन व प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं, वर्तमान में ए.जे. हैकेट इंटरनेशनल के COO के रूप में कार्यरत हैं। वे अब उत्तराखंड में कुमाऊँ और गढ़वाल दोनों मंडलों में संभावित स्थानों पर बंजी जंपिंग और अन्य साहसिक गतिविधियों की स्थापना की योजना पर कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उत्तराखंड में पर्यटन को नया आयाम मिलेगा और राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। उन्होंने परियोजना के लिए राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

उत्तराखंड में इन प्रोजेक्ट्स की शुरुआत से न केवल पर्यटन को वैश्विक पहचान मिलेगी, बल्कि राज्य को एडवेंचर टूरिज्म का अंतरराष्ट्रीय हब बनाने में भी मदद मिलेगी।

जयडे हैकेट, विश्वप्रसिद्ध एडवेंचर स्पोर्ट्स आइकन एलेन जॉन “ए. जे.” हैकेट के पुत्र हैं। ए जे हैकेट ने 1987 में एफिल टावर से बंजी जंप कर पूरी दुनिया को रोमांचित कर दिया था और 1988 में विश्व का पहला वाणिज्यिक बंजी जंपिंग साइट शुरू किया। उनके इस योगदान के लिए उन्हें न्यूज़ीलैंड ऑर्डर ऑफ मेरिट (ONZM) से सम्मानित किया गया।

राष्ट्रीय खोज एवं बचाव (CSSR) प्रतियोगिता में एसडीआरएफ, उत्तराखंड पुलिस का शानदार प्रदर्शन

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द्वितीय स्थान प्राप्त कर राज्य का नाम किया रोशन
भूकम्प, भूस्खलन और अन्य आपदाओं से ध्वस्त संरचनाओं में खोज एवं बचाव कार्य में दक्षता बढ़ाने हेतु राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की CSSR प्रतियोगिता में एसडीआरएफ उत्तराखंड पुलिस ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर उत्तराखंड राज्य एवं पुलिस विभाग का गौरव बढ़ाया है।

यह प्रतियोगिता NDRF द्वारा 17-18 मार्च 2025 को देशभर की एसडीआरएफ इकाइयों के लिए चार जोनों में आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न राज्यों की कुल 30 एसडीआरएफ टीमों ने भाग लिया। सभी टीमों का मूल्यांकन उनकी तकनीकों, फील्ड दक्षता, समयबद्ध रेस्क्यू, बाधाओं को पार करने की क्षमता तथा सामूहिक रणनीतिक संचालन के आधार पर किया गया। प्रत्येक जोन से दो श्रेष्ठ टीमों का चयन कर कुल आठ टीमों को फाइनल राउंड के लिए आमंत्रित किया गया। उत्तरी जोन से उत्तराखंड और हिमाचल की SDRF टीमों का चयन फाइनल हेतु हुआ।

एसडीआरएफ उत्तराखंड की टीम ने पुलिस महानिरीक्षक
एसडीआरएफ अरुण मोहन जोशी के मार्गदर्शन एवं सेनानायक अर्पण यदुवंशी के निर्देशन में प्रतियोगिता की प्रत्येक चुनौती को तकनीकी दक्षता, समन्वय और अद्वितीय टीमवर्क के साथ पूर्ण करते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश की टीम ने प्रथम स्थान एवं आंध्र प्रदेश की टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

टीम नेतृत्व एवं प्रतिभागी

एसडीआरएफ उत्तराखंड की इस विजयी टीम का नेतृत्व उप सेनानायक शुभांक रतूड़ी द्वारा किया गया। टीम में निरीक्षक प्रमोद रावत, उप निरीक्षक अनूप रमोला, पंकज खारोला,मुख्य आरक्षी दिगपाल लाल, मनोज धोनी, दीपक कुमार, मुकेश टोलिया, जयकृत सिंह, अमित राठौर, जयदीप गैरोला,कांस्टेबलरू सोहन सिंह, विपिन आर्य, विक्रम चंद, प्रकाश कुमार, नवीन प्रसाद, गब्बर सिंह, शक्ति सिंह, हरीश नाथ गोस्वामी, सुरेंद्र नेगी, अनिल कोठियाल, मुकेश कुमार ने भाग लिया, जिन्होंने अपने समर्पण, अनुशासन व कार्यकुशलता से राज्य का सिर ऊँचा किया।

पुरस्कार एवं सम्मान
इस उपलब्धि हेतु टीम को ₹75,000 की पुरस्कार राशि एवं ट्रॉफी से सम्मानित किया गया, जिसे महानिदेशक, एनडीआरएफ द्वारा समापन समारोह में प्रदान किया गया।

इस प्रतियोगिता का उद्देश्य राज्यों की एसडीआरएफ इकाइयों की आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत करना, आपसी समन्वय को बढ़ावा देना तथा प्रभावी व सुरक्षित रेस्क्यू ऑपरेशनों हेतु आवश्यक तकनीकी व रणनीतिक दक्षताओं का विकास करना रहा।
राज्य के लिए गौरव का क्षण

एसडीआरएफ उत्तराखंड की यह सफलता न केवल विभाग बल्कि पूरे प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि उत्तराखंड को भविष्य में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में और अधिक सशक्त बनाने की प्रेरणा देती ।

धन सिंह रावत ने अधिकारियों को दिये गैरहाजिर शिक्षकों की बर्खास्तगी के निर्देश

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विद्यालयों के कोटिकरण की विसंगतियां होंगी दूरः डॉ. धन सिंह रावत

कहा, विद्यालयों में निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें समय पर हों उपलब्ध

विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत विद्यालयों के कोटिकरण की विसंगतियों को दूर किया जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को कोटिकरण के ठीक से जांच पड़ताल करने के निर्देश दिये गये हैं। विद्यालयों में लम्बे समय से गायब चल रहे शिक्षकों व कर्मचारियों को बर्खास्त करने को भी अधिकारियों को कहा गया। इसके अलावा विद्यालयों में निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें समय पर पहुंचाने और छात्र-छात्राओं को वितरित करने के निर्देश भी बैठक में दिये गये।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने गुरूवार को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के सभागार में शिक्षा विभाग की मण्डल स्तरीय समीक्षा बैठक ली। जिसमें विभागीय उच्चाधिकारी सहित गढ़वाल मंडल के जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में डॉ. रावत ने विद्यालयों के कोटिकरण विसंगतियों पर भारी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि विभिन्न माध्ममों से उन्हें विद्यालयों के गलत कोटिकरण की शिकायत मिली है, जिसका पुनः परीक्षण किया जाना जरूरी है। इसके लिये उन्होंने महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को प्रकरण की जांच कर मानकानुसार विद्यालयों के कोटिकरण करने के निर्देश दिये।

बैठक में विभागीय मंत्री ने विद्यालयों से लम्बे समय से गैरहाजिर शिक्षकों एवं कार्मिकों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षकों व कार्मिकों का जनपद व विकासखण्डवार सूची तैयार कर महानिदेशालय को उपलब्ध कराई जाय। साथ ही स्वैच्छिक व अनिवार्य सेवानिवृत्ति के प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने और शिक्षण कार्य में अक्षम शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के निर्देश भी दिये।

विभगाय मंत्री डॉ. रावत ने विद्यालयों में निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें के प्राप्ति व वितरण की समीक्षा करते हुये विभागीय अधिकारियों को कक्षा-01 से लेकर कक्षा-12 तक की समस्त विषयों पाठ्य पुस्तकें अनिवार्य रूप से विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को वितरित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पाठ्य पुस्तकों को समय पर वितरण न किये जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जायेगी। इसके अलावा उन्होंने बैठक में कलस्टर विद्यालयों, पीएम-श्री विद्यालयों, डी व सी श्रेणी के विद्यालयों की समीक्षा कर अधिकारियांं को विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा निर्माणाधीन कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिये।

इसके साथ ही उन्होंने आगामी परिषदीय परीक्षाओं के तहत इंटर व हाईस्कूल में प्रत्येक विकासखण्ड से कम से कम एक-एक छात्र का चयन श्रेष्ठता सूची में सुनिश्चित करने हेतु ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा। इसके अलावा विकासखण्ड स्तर पर शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन हेतु प्रस्ताव तैयार करने, मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति का वृहद स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।

इस अवसर पर सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा झरना कमठान, निदेशक मुकुल सती, निदेशक संस्कृत शिक्षा डॉ. आनंद भारद्वाज, अपर निदेशक गढ़वाल कंचन देवराड़ी, अपर निदेशक एससीईआरटी पदमेन्द्र सकलानी, एपीडी समग्र शिक्षा कुलदीप गैरोला, गढ़वाल मंडल के सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी एवं उपखण्ड अधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कश्मीर के पहलगाम में हुयी आतंकी घटना को बताया राष्ट्रीय एकता पर हमला

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हमारी विचारधारा सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय एकता जैसे मूल्यों पर है आधारित – मुख्यमंत्री

राज्य सरकार प्रदेश के अनुसूचित समाज को सशक्त, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने का कर रही है कार्य – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को आशीर्वाद वाटिका, ऋषिकेश में भारतरत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर सम्मान सभा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा हम सबने मिलकर बाबा साहब के दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए जाति, भाषा और क्षेत्र के भेदभाव को मिटाकर एक समरस, संगठित और सशक्त भारत का निर्माण करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर बाबा साहेब के समान अधिकार की परिकल्पना को धरातल पर उतारने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर में आयोजित सम्मान अभियान बाबा साहब के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को स्मरण करने, उनके विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम बना है। इस अभियान के तहत प्रदेश भर में विभिन्न कार्यक्रमों और संवाद-गोष्ठियों का आयोजन हुआ। उन्होंने कहा कि हमारी विचारधारा सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय एकता जैसे मूल्यों पर आधारित है। बाबा साहेब द्वारा समाज के वंचित, शोषित और उपेक्षित वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए किया गया संघर्ष हमेशा अमर रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और वर्तमान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी का सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुँचना अंत्योदय के स्वप्न को साकार करता है। प्रधानमंत्री जी ने बाबा साहब की जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया, 26 नवम्बर को संविधान दिवस के रूप में राष्ट्रीय पर्व घोषित, बाबा साहब की पुण्य स्मृतियों से जुड़े प्रमुख स्थलों को पंच तीर्थ के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री ने बाबा साहेब के विचारों और योगदान को जन-जन तक पहुंचाने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सच्चे मन से दलितों और वंचितों के उत्थान के लिए कार्य किया है। उनके कल्याण के लिए आम बजट में विशेष वृद्धि एवं आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए जा रहे हैं। दलित उत्पीड़न को रोकने के लिए कानून को और अधिक सख्त बनाया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, हर घर नल से जल, आयुष्मान भारत और मुफ्त राशन जैसी योजनाओं में गरीबों, शोषितों, वंचितों, आदिवासियों और दलितों को प्राथमिकता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश के अनुसूचित समाज को सशक्त, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने कार्य कर रही है। सरकार द्वारा अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान करने के साथ उनके लिए प्रदेश में निःशुल्क 15 छात्रावासों, 5 आवासीय विद्यालयों और 3 आईटीआई का संचालन किया जा रहा है। अनुसूचित वर्ग के आवासहीन परिवारों को घर बनाने हेतु 1 लाख 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि भी प्रदान कर रही है। राज्य सरकार ने हरिद्वार में बाबा साहब समरसता स्थल का निर्माण कराये जाने की घोषणा की है।

इस अवसर पर पहलगाम में जान गंवाने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मुख्यमंत्री ने कश्मीर के पहलगाम में हुयी आतंकी घटना को राष्ट्रीय एकता पर हमला बताते हुए कहा कि इस घिनौनी वारदात ने हम सभी को एक साथ आने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा जब तक हम सभी एक नहीं होंगे, तब तक ऐसी ताकतें हमें निशाना बनाती रहेंगी।

इस दौरान भाजपा सहप्रभारी ( उत्तराखंड) रेखा वर्मा, विधायक प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर शंभु पासवान, विधायक ब्रजभूषण गैरोला, सुरेंद्र, प्रदीप एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

चार धाम यात्रा से पहले ग्राउंड जीरो पर पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, ऋषिकेश स्थित चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप का किया औचक निरीक्षण

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यात्रियों का सहयोगी बनकर यात्रा को सफल बनाना है : मुख्यमंत्री।

यात्रियों को दिखाई जाएगी रामायण, महाभारत, चारधाम यात्रा संबंधी कहानियां।

चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में एल.ई.डी. स्क्रीन के माध्यम से यात्रियों के लिए भजन, रामायण, महाभारत, चारधाम यात्रा संबंधी कहानियों एवं आरतियों को दिखाया जाएगा तथा मौसम संबंधित जानकारियां उपलब्ध करायी जायेगी। यह बात मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को ऋषिकेश में चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप (यात्रा रजिस्ट्रेशन कार्यालय) के औचक निरीक्षण के दौरान कही।

मुख्यमंत्री ने आगामी चारधाम यात्रा को लेकर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कार्यालय में पंजीकरण कक्ष, यात्रा पूछताछ एवं सहायता केंद्र, चिकित्सालय, पुलिस सहायता /खोया पाया केन्द्र जैसी विभिन्न व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया।

24 घंटे चालू रहे रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चार धाम यात्रा से पहले ट्रांजिट कैंप में रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था को 24 घंटे चालू रखी जाए। उन्होंने कहा ट्रांजिट कैंप में पुलिस, परिवहन, नगर निगम, स्वास्थ्य, जल, पर्यटन, विद्युत, आदि विभागों का संयुक्त हेल्पडेस्क सिंगल विंडो सिस्टम के रूप में बनाया जाए, जिससे लोगों को एक ही स्थान पर सारी सुविधाएं उपलब्ध हो। उन्होंने कहा हमने श्रद्धालुओं का सहयोगी बनकर यात्रा को सफल बनाना है, जिससे हर श्रद्धालु की यात्रा सकुशल सम्पन्न हो एवं वे उत्तराखंड से यात्रा के अच्छे अनुभव लेकर जाएं।

भीड़ प्रबंधन एवं ट्रैफिक व्यवस्था पर एक्शन प्लान बनाकर प्राथमिकता से होगा कार्य।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ट्रांजिट कैंप में श्रद्धालुओं के ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था हो एवं गर्मी से बचाव के लिए कूलर, स्वच्छ पेयजल, टीन शेड, कुर्सियों की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा ट्रांजिट कैंप स्थित अस्पताल में सभी प्रकार की दवाइयों की व्यवस्था और चिकित्सकों की तैनाती हो। उन्होंने कहा भीड़ प्रबंधन एवं ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष तौर पर एक्शन प्लान बनाकर प्राथमिकता से कार्य हो।

ट्रांजिट कैंप परिसर में बिकेंगे उत्तराखंड के स्थानीय उत्पाद।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ट्रजिट कैंप में स्थापित रिसेप्शन में चारधाम यात्रा प्रचार सामग्री उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा श्रद्धालुओं को चार धाम के साथ ही अन्य स्थलों के बारे में भी जानकारी दी जाए। उन्होंने ट्रांजिट परिसर में स्थापित खोया-पाया केन्द्र को संपूर्ण यात्रा मार्गो से समन्वय बनाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा ट्रांज़िट कैंप परिसर में उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए अलग से स्थान हो। उन्होंने कहा ट्रांजिट कैंप परिसर का चार धाम से संबंधित सभी जिलों में परस्पर समन्वय हो।

मुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप के कार्यरत कर्मचारियों से भी मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा सभी कर्मचारियों के ऊपर चार धाम यात्रा की बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे निश्चित ही सभी लोग बखूबी निभाएंगे। उन्होंने कहा हमने अपने व्यवहार से सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करना है ताकि वो यात्रा से अच्छा अनुभव लेकर जाएं।

आयुक्त गढ़वाल श्री विनय शंकर पांडे ने बताया कि चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में 24 काउन्टर के माध्यम से रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त रिर्जव टीम की तैनाती भी की गई है। यात्रा चिकित्सालय में 24 घंटे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। साथ ही पुलिस सहायता केन्द्र में पुलिस द्वारा पब्लिक एड्रेस सिस्टम स्थापित किया गया है।

आयुक्त गढ़वाल ने बताया कि यात्रा ट्रांजिट कैंप में मीडिया सेंटर की व्यवस्था की गई है। केन्द्र में यात्री मित्र तैनात किये जायेगें, जो यात्रियों को विभिन्न सुविधाओं / जानकारियां प्रदान करेंगे। उन्होंने बताया कि विभिन्न एन.जी.ओ एवं संगठनों द्वारा यात्रियों को निशुल्क भोजन, जलपान एवं खाद्य सामग्री की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी एवं कैंटीन की व्यवस्था भी उपलब्ध होगी। पीने के पानी की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध करवाई गई है साथ ही जल संस्थान द्वारा टेंकर उपलब्ध कराये जायेगे। उन्होंने बताया इसके अतिरिक्त 4 डोरमेट्री सुविधा मय 80 बेड भी उपलब्ध है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक प्रेमचंद्र अग्रवाल, विधायक रेणु बिष्ट, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।