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विधि-विधान के साथ खुले श्री केदारनाथ धाम के कपाट, मुख्यमंत्री बने साक्षी

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विधि-विधान के साथ खुले श्री केदारनाथ धाम के कपाट, मुख्यमंत्री बने साक्षी

केदारनाथ, रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड): मंत्रोच्चारण और धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के बीच शुक्रवार सुबह ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट विधिवत रूप से श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए। इस शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं उपस्थित रहे और उन्होंने बाबा केदार की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।

कपाट खुलने के बाद सबसे पहली पूजा देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न की गई। “हर हर महादेव” के जयघोष और सेना के ग्रेनेडियर रेजीमेंट के बैंड की भक्तिमय धुनों के बीच सुबह 7 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। इस दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “केदारनाथ धाम केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक विरासत का अद्वितीय संगम है। यह क्षण समस्त राष्ट्र के लिए उत्सव का अवसर है।”

उन्होंने यह भी कहा कि हर वर्ष बाबा केदार के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है और इस वर्ष चारधाम यात्रा एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगी। यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने सभी आवश्यक प्रबंध किए हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं बाबा केदार के परम भक्त हैं। 2013 की आपदा के बाद उनके नेतृत्व में केदारनाथ पुनर्निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ, जिसके परिणामस्वरूप आज धाम का स्वरूप और भी दिव्य एवं भव्य बन चुका है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा 21वीं सदी के तीसरे दशक को “उत्तराखंड का दशक” बताए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस लक्ष्य को साकार करने के लिए लगातार विकास कार्य कर रही है।

इस वर्ष मंदिर को 108 क्विंटल से अधिक फूलों से सजाया गया। कपाट खुलने की प्रक्रिया सुबह 5 बजे से प्रारंभ हुई। पंचमुखी उत्सव डोली, जो शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर (उखीमठ) से चली थी, विभिन्न पड़ावों से होते हुए धाम पहुंची। रावल भीमाशंकर लिंग, पुजारीगण और धर्माचार्यों द्वारा मंदिर के गर्भगृह में विशेष पूजा संपन्न कर प्रातः 7 बजे कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु खोले गए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री की पत्नी श्रीमती गीता धामी, विधायक आशा नौटियाल, जिलाधिकारी सौरभ गहरवार, बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे, मंदिर समिति के अधिकारी, तीर्थ पुरोहितगण, वेदपाठी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

सिलक्यारा टनल बनेगा नया टूरिस्ट डेस्टिनेशन, ट्रैकिंग रूट से जुड़ेंगे बाबा बौखनाग

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सिलक्यारा टनल बनेगा नया टूरिस्ट डेस्टिनेशन, ट्रैकिंग रूट से जुड़ेंगे बाबा बौखनाग

उत्तरकाशी के सीमांत क्षेत्र में स्थित सिलक्यारा टनल, जो कभी एक बड़े राहत एवं बचाव अभियान का केंद्र रही थी, अब साहसिक पर्यटन का नया केंद्र बनने जा रही है। उत्तराखंड सरकार इस ऐतिहासिक सुरंग को टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की तैयारियों में जुट गई है।

यह वही सुरंग है जिसे देश-दुनिया ने तब देखा था, जब 42 मज़दूरों के फंसने की घटना ने सभी को हिला कर रख दिया था। लेकिन, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सफल रेस्क्यू ऑपरेशन ने इस त्रासदी को एक उम्मीद और साहस की मिसाल में बदल दिया। यह वह जगह बन गई, जहां संकट में फंसे मजदूरों और उनके परिवारों ने दीपावली की रौशनी फिर से देखी

अब राज्य सरकार इस ऐतिहासिक स्थान को एक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने जा रही है। इसके तहत, बड़कोट से बाबा बौखनाग तक ट्रैकिंग रूट विकसित किया जाएगा, जो आगे सिलक्यारा टनल तक पहुंचेगा। यह रूट चारधाम यात्रा से जुड़े श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा।

सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे ने इस परियोजना को लेकर प्रमुख सचिव वन आर.के. सुधांशु को पत्र भेजा है, जिसमें इस ट्रैक रूट को वन विभाग की कार्य योजना में शामिल करने का आग्रह किया गया है। डीएफओ उत्तरकाशी, अपर यमुना प्रभाग और जिला पर्यटन अधिकारी के साथ बैठक कर इस प्रस्ताव पर मंथन हो चुका है।

सरकार की योजना न केवल क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने की है, बल्कि इस स्थल को साहसिक ट्रैकिंग, धार्मिक आस्था और प्रेरणा का संगम स्थल बनाने की है।मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, सुरंग के पास बाबा बौखनाग मंदिर का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है। अब यह स्थल स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए नई ऊर्जा और आस्था का केंद्र बनता जा रहा है।

हरिद्वार नगर निगम भूमि क्रय प्रकरण: चार अधिकारी निलंबित, एक पर अनुशासनात्मक कार्रवाई, जांच जारी

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हरिद्वार नगर निगम भूमि क्रय प्रकरण: चार अधिकारी निलंबित, एक पर अनुशासनात्मक कार्रवाई, जांच जारी

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन में, हरिद्वार नगर निगम द्वारा सराय क्षेत्र की भूमि खरीद के मामले में अनियमितता पाए जाने पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई की गई है। इस प्रकरण में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए चार अधिकारियों को निलंबित, एक कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई और एक अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।

नगर आयुक्त, नगर निगम हरिद्वार द्वारा प्रस्तुत प्रारंभिक रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिलने पर राज्य सरकार ने इस प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए रणवीर सिंह चौहान, सचिव – गन्ना एवं चीनी, उत्तराखण्ड शासन को जांच अधिकारी नामित किया।

जांच में पाया गया कि भूमि खरीद की प्रक्रिया में गठित समिति के सदस्य—

  • रवीन्द्र कुमार दयाल, अधिशासी अधिकारी श्रेणी-2,
  • आनंद सिंह मिश्रवाण, सहायक अभियंता,
  • लक्ष्मीकांत भट्ट, कर एवं राजस्व अधीक्षक,
  • दिनेश चंद्र कांडपाल, अवर अभियंता –
    ने अपने उत्तरदायित्वों का सही तरीके से निर्वहन नहीं किया। इसके परिणामस्वरूप चारों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

इसके अतिरिक्त, इस प्रक्रिया में संलिप्त सेवानिवृत्त सम्पत्ति लिपिक श्री वेदपाल, जो सेवा विस्तार पर कार्यरत थे, का सेवा विस्तार समाप्त कर दिया गया है तथा उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।

साथ ही, सुश्री निकिता बिष्ट, वरिष्ठ वित्त अधिकारी, नगर निगम हरिद्वार से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।

सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने हेतु इस प्रकार की अनियमितताओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उत्तराखंड में सशक्त भू-कानून लागू, कृषि भूमि की अंधाधुंध बिक्री पर रोक

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उत्तराखंड में सशक्त भू-कानून लागू, कृषि भूमि की अंधाधुंध बिक्री पर रोक

देवभूमि उत्तराखंड में अब भूमि प्रबंधन और भू-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए सशक्त भू-कानून लागू हो गया है। विधानसभा से पारित उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950) संशोधन विधेयक, 2025 को महामहिम राज्यपाल की मंजूरी मिलने के साथ ही यह कानून प्रभाव में आ गया है।

इस नए कानून के तहत अब प्रदेश में कृषि और बागवानी भूमि की अनियंत्रित बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। आवास, शिक्षा, अस्पताल, होटल और उद्योग जैसे जरूरी कार्यों के लिए यदि कोई बाहरी व्यक्ति उत्तराखंड में भूमि खरीदना चाहता है, तो उसे निर्धारित मानकों और सख्त प्रक्रिया से गुजरना होगा।

इस सख्त भू-कानून का उद्देश्य है –
राज्य की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान की रक्षा,
डेमोग्राफिक बदलाव (जनसंख्या संरचना) की अनियंत्रित कोशिशों पर रोक,
तथा स्थानीय जनता की भावनाओं के अनुरूप भूमि सुरक्षा सुनिश्चित करना।

राज्य सरकार इस कानून के उल्लंघन पर भी सख्ती से कार्रवाई कर रही है। नियमों के विरुद्ध खरीदी गई जमीनों पर लगातार जांच व अभियान चलाया जा रहा है, और जरूरत पड़ने पर उन्हें राज्य सरकार के अंतर्गत लाया जा रहा है।

महामहिम राज्यपाल को धन्यवाद जिन्होंने प्रदेश की जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस अहम कानून को मंजूरी दी।

केदारनाथ धाम यात्रा शुक्रवार से शुरू: टोकन व्यवस्था से सुगम दर्शन सुनिश्चित

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केदारनाथ धाम यात्रा शुक्रवार से शुरू: टोकन व्यवस्था से सुगम दर्शन सुनिश्चित

केदारनाथ धाम यात्रा इस शुक्रवार से विधिवत रूप से शुरू होने जा रही है और इसे लेकर तीर्थयात्रियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान केदारनाथ के दर्शन को तैयार हैं, और प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए टोकन प्रणाली लागू कर दी है, जिससे यात्रा को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाया जा सके।

प्रति घंटे 1400 श्रद्धालुओं को मिलेगा दर्शन का अवसर

जिला पर्यटन एवं साहसिक खेल अधिकारी राहुल चौबे ने जानकारी दी कि केदारनाथ में प्रति घंटे 1400 श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए अनुमति दी जाएगी। यह संख्या मौसम और अन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए घटाई या बढ़ाई जा सकती है।

टोकन वितरण के लिए संगम पर 10 काउंटर

यात्रा के पहले दिन यानी कपाटोद्घाटन से ही संगम स्थल पर 10 टोकन काउंटर लगाए जा रहे हैं। इन काउंटरों से यात्रियों को निर्धारित समय के अनुसार टोकन जारी किए जाएंगे, जो डिजिटल स्क्रीन पर प्रदर्शित होंगे।
टोकन प्राप्त करने के बाद श्रद्धालुओं को अपने स्लॉट से 15 मिनट पहले दर्शन लाइन में शामिल होना होगा। इससे घंटों कतार में खड़े रहने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा।

भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस तैनात

भीड़ नियंत्रण के लिए संगम स्थल से ही पुलिस बल तैनात रहेगा, जो दर्शन व्यवस्था को संभालेगा और टोकन प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करेगा।यह व्यवस्था केदारनाथ यात्रा को पहले से अधिक सुगम, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए आरामदायक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

चारधाम यात्रा 2025 का शुभारंभ: अक्षय तृतीया पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुले

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चारधाम यात्रा 2025 का शुभारंभ: अक्षय तृतीया पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुले

उत्तराखंड में आस्था और भक्ति से ओतप्रोत चारधाम यात्रा 2025 का विधिवत शुभारंभ अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर हो गया। बुधवार को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस ऐतिहासिक क्षण पर पूरे प्रदेश में धार्मिक उल्लास और भक्ति का माहौल देखने को मिला।

गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ ही तीर्थयात्रियों का जनसैलाब देवभूमि उत्तराखंड में उमड़ पड़ा है। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं को भारी संख्या में पहुंचते देखा गया। वहीं, यात्रा मार्गों पर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नजर आया, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया यात्रा का शुभारंभ

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं यमुनोत्री धाम पहुंचे और पूजा-अर्चना कर यात्रा की विधिवत शुरुआत की। उन्होंने कहा:

“चारधाम यात्रा का शुभारंभ हो गया है। दो धाम – गंगोत्री और यमुनोत्री – के कपाट खुल चुके हैं, और श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है। यात्रा को पूरी तरह सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।”

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी तीर्थयात्री को असुविधा नहीं होनी चाहिए। यदि कोई शिकायत मिलती है तो तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

भारी भीड़ और कुछ स्थानों पर असुविधा

यात्रा की शुरुआत के साथ ही जानकीचट्टी जैसे प्रमुख पड़ावों पर भारी भीड़ देखने को मिली। हजारों श्रद्धालुओं को पुल के पास रोका गया, जिससे कुछ तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखी गई।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा कारणों से भीड़ को नियंत्रित किया जा रहा है। अब तक करीब 1000 श्रद्धालुओं को यमुनोत्री की ओर भेजा गया, और बाकी श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से रवाना किया जाएगा।

कई श्रद्धालु सुबह पाँच बजे से बच्चों सहित जानकीचट्टी में इंतज़ार कर रहे हैं, जिससे कुछ असुविधाएं भी देखने को मिलीं।

आगामी तिथियाँ: केदारनाथ और बदरीनाथ धाम खुलेंगे

  • 2 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे
  • 4 मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे

इसके साथ ही चारधाम यात्रा अपने पूर्ण रूप में आरंभ हो जाएगी।

चारधाम यात्रा 2025 में नहीं लगेगा जाम, पुलिस ने तैयार किया विशेष ट्रैफिक प्लान: डीजीपी दीपम सेठ

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चारधाम यात्रा 2025 को लेकर उत्तराखंड पुलिस ने इस वर्ष यातायात व्यवस्था को सुचारू और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है। पुलिस महानिदेशक (DGP) दीपम सेठ ने मंगलवार को हरिद्वार पहुंचकर यात्रा की तैयारियों का जायज़ा लिया और अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए कि इस बार यात्रा मार्ग पर कहीं भी यातायात जाम की स्थिति न उत्पन्न हो

ऋषिकुल पंजीकरण केंद्र और विश्राम स्थलों का निरीक्षण

डीजीपी दीपम सेठ ने सबसे पहले हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान स्थित पंजीकरण केंद्र का निरीक्षण किया। वहाँ उन्होंने यात्रियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को शालीन व्यवहार और यात्री सुविधा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। पुलिस बल को ड्यूटी के दौरान सही ढंग से ब्रिफ किया गया और यात्रियों को सहायता प्रदान करने के लिए प्रेरित किया गया।

विश्रामगृह और पार्किंग स्थलों का जायज़ा

पंजीकरण केंद्र के बाद डीजीपी ने चमगादड़ टापू में बनाए गए यात्री विश्राम गृह और पार्किंग क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। वहाँ उन्होंने सुरक्षा, भोजन, स्वच्छता और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता का जायज़ा लिया। अधिकारियों को प्रशासन से समन्वय बनाकर सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

यात्रा की सुरक्षा और ट्रैफिक प्लान पर उच्चस्तरीय बैठक

निरीक्षण के पश्चात, डीजीपी ने सीसीआर स्थित सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में चारधाम यात्रा के लिए तैयार की गई सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन योजना की समीक्षा की गई।

एसएसपी ने यात्रा को सरल और सुगम बनाने के लिए पुलिस द्वारा की गई विस्तृत तैयारियों की जानकारी दी। इस पर डीजीपी ने कहा:

“हरिद्वार चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार है। यहाँ का सुचारु प्रबंधन पूरे यात्रा अनुभव को सहज और सुरक्षित बनाता है। हरिद्वार से ही हर यात्री चारधाम की ओर अपने सफर की शुरुआत करता है, इसलिए यहाँ की व्यवस्था अत्यंत महत्वपूर्ण है।”

चारधाम यात्रा 2025 का भव्य शुभारंभ: इस बार सुविधाओं और व्यवस्थाओं में कई नई पहलें

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चारधाम यात्रा 2025 का भव्य शुभारंभ: इस बार सुविधाओं और व्यवस्थाओं में कई नई पहलें

उत्तराखंड में पवित्र चारधाम यात्रा 30 अप्रैल से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ विधिवत शुरू हो चुकी है। वर्ष 2025 की यह यात्रा कई मायनों में खास होने वाली है, जिसमें श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए अनेक नई व्यवस्थाएँ लागू की गई हैं।

चारधाम यात्रा राज्य की आर्थिकी का एक महत्वपूर्ण आधार है। यह न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि इससे जुड़े होटल, लॉज, परिवहन और घोड़ा-खच्चर व्यवसाय से हजारों लोगों की आजीविका भी जुड़ी हुई है।

केदारनाथ और यमुनोत्री मार्ग पर 4300+ घोड़ा-खच्चर संचालक तैनात

इस बार केदारनाथ और यमुनोत्री के पैदल मार्गों पर 4300 से अधिक घोड़ा-खच्चर संचालक तीर्थयात्रियों की सेवा के लिए उपलब्ध रहेंगे।

  • केदारनाथ मार्ग पर, अब तक 2493 संचालकों ने पाँच हजार से अधिक घोड़ों और खच्चरों का पंजीकरण करवाया है।
  • पशुपालन विभाग द्वारा इन पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया गया है।
  • सोनप्रयाग, गौरीकुंड, लिंचौली और केदारनाथ में अस्थाई पशु चिकित्सालय बनाए गए हैं, जहाँ पाँच पशु चिकित्सक और सात पैरावेट स्टाफ तैनात किए गए हैं।
  • पैदल मार्ग के 13 स्थानों पर गर्म पानी की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

यमुनोत्री धाम के लिए भी व्यापक तैयारी

  • यमुनोत्री मार्ग पर 3700 से अधिक घोड़े-खच्चर पंजीकृत किए गए हैं।
  • जानकीचट्टी में अस्थाई पशु चिकित्सालय की स्थापना की गई है, जिसमें चार पशु चिकित्सक, चार पशुधन प्रसार अधिकारी और दो सहायकों को तैनात किया गया है।
  • यात्रा मार्ग पर छह गीजर लगाए गए हैं ताकि पशुओं को गर्म पानी मिल सके।

यात्रा नियंत्रण और प्रीपेड बुकिंग की सख्त व्यवस्था

  • केदारनाथ के लिए सोनप्रयाग, गौरीकुंड, भीमबली, लिंचौली और रुद्रप्वाइंट में पाँच प्रीपेड बुकिंग काउंटर स्थापित किए गए हैं।
  • यमुनोत्री के लिए जानकीचट्टी में जिला पंचायत द्वारा प्रीपेड काउंटर की स्थापना की गई है।
  • यमुनोत्री मार्ग पर संचालकों को नंबर युक्त जैकेट दिए जा रहे हैं और एक दिन में एक बार ही धाम तक आवागमन की अनुमति दी गई है।

मुख्यमंत्री का संदेश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा:”श्रद्धालुओं की यात्रा को सुखद और सुरक्षित बनाने के लिए सड़क, हेली सेवा और घोड़ा-खच्चर जैसी सभी सुविधाओं को बेहतर किया गया है। पशुपालन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि केवल पूर्णतः स्वस्थ घोड़े-खच्चर ही यात्रा मार्ग पर भेजे जाएँ।”

चारधाम यात्रा का शुभारंभ अक्षय तृतीया पर, मुख्यमंत्री धामी रहेंगे उपस्थित

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शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा में विधि-विधान से पूजा अर्चना के बाद पतित पावनी माँ गंगा की उत्सव डोली श्री गंगोत्री धाम के लिए प्रस्थान कर गई है। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर शुभ मूहर्त में श्री गंगोत्री धाम के कपाट खोले जाएंगे। धाम के खुलने पर उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौजूद रहेंगे बुधवार को मॉर्निंग करीब 9 बजे धामी माँ गंगा की आरती में भाग लेने के बाद गंगोत्री धाम में कपाट खुलने के अवसर पर पूजा अर्चना करेंगे देहरादून से मुख्यमंत्री धामी यात्रा शुरू होने पर तैयारी को परख कर देखने साथ ही तीर्थ यात्रियों से यात्रा धाम का फीडबैक लेंगे मुख्यमंत्री आगमन को लेकर सुरक्षा में जुटे पुलिस महकमे ने मंगलवार देर रात तक अपनी तैयारी को अंतिम रूप दिया

चारधाम यात्रा का शुभारंभ अक्षय तृतीया पर, मुख्यमंत्री धामी रहेंगे उपस्थित

अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर बुधवार को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट विधिवत रूप से खुलेंगे, जिससे चारधाम यात्रा का शुभारंभ होगा। इस शुभ घड़ी पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं गंगोत्री धाम में उपस्थित रहेंगे। बुधवार सुबह लगभग 9बजे वे माँ गंगा की आरती में भाग लेंगे, इसके उपरांत कपाट उद्घाटन के अवसर पर पूजा-अर्चना करेंगे।

मुख्यमंत्री धामी देहरादून से यात्रा शुरू करते हुए व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे और तीर्थयात्रियों से यात्रा अनुभव और फीडबैक भी लेंगे। उनके आगमन को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा तैयारियों को मंगलवार देर रात तक अंतिम रूप दे दिया।

माँ गंगा की विग्रह डोली मंगलवार को अभिजीत मुहूर्त (पूर्वाह्न 11:57 बजे) में मुखबा गांव से गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई, जो रात को भैरो घाटी में विश्राम करेगी। बुधवार सुबह डोली गंगोत्री धाम पहुंचेगी, जहाँ 10:30 बजे विधिपूर्वक मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

इसी प्रकार, माँ यमुना की डोली बुधवार सुबह 8:30 बजे उनके शीतकालीन निवास खरसाली गांव से यमुनोत्री धाम के लिए रवाना होगी। वहाँ पहुँचकर स्नान आदि धार्मिक क्रियाओं के बाद 11:55 बजे मंदिर के कपाट खोले जाएंगे।

सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतज़ाम

चारधाम यात्रा मार्ग को बेहतर नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था हेतु 15 सुपर ज़ोन, 41 ज़ोन और 217 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। पूरे मार्ग पर 624 सीसीटीवी कैमरे सक्रिय किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 9 एएसपी और डीएसपी रैंक के अधिकारियों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया है। इस वर्ष विशेष रूप से 10 कंपनियों अर्द्धसैनिक बलों की माँग केंद्र सरकार से की गई है।

यात्रा के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन के लिए इस बार तीन स्तरों—प्लान A, B और C—के तहत व्यवस्था बनाई गई है। भीड़ और अत्यधिक भीड़ की स्थिति में वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित कर उन पर भी अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं।

कोलकाता ने दिल्ली कैपिटल्स को 14 रन से हराया

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टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी गत विजेता केकेआर ने अंगकृष रघुवंशी की 44 रनों की शानदार पारी की बदौलत 20 ओवर में नौ विकेट खोकर 204 रन बनाए। जवाब में दिल्ली निर्धारित ओवर में नौ विकेट खोकर 190 रन बना पाई और 14 रनों से मुकाबला हार गई।

सुनील नरेन और वरुण चक्रवर्ती की घातक गेंदबाजी के दम पर कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने दिल्ली कैपिटल्स को 14 रन से हरा दिया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी गत विजेता केकेआर ने अंगकृष रघुवंशी की 44 रनों की शानदार पारी की बदौलत 20 ओवर में नौ विकेट खोकर 204 रन बनाए। जवाब में दिल्ली निर्धारित ओवर में नौ विकेट खोकर 190 रन बना पाई और मुकाबला हार गई। केकेआर के लिए नरेन ने तीन और वरुण ने दो विकेट लिए जबकि अनुकूल रॉय, वैभव अरोड़ा और आंद्रे रसेल ने एक-एक विकेट हासिल किया।

दिल्ली ने इस सत्र में कुल चार मुकाबले अपने घर में खेले हैं। इनमें उन्होंने तीन मैच गंवाए जबकि एक में उन्हें सुपरओवर में जीत मिली है। वहीं, घर से बाहर अक्षर पटेल की टीम ने छह में से पांच मुकाबले जीते जबकि एक में उन्हें मात मिली है। मंगलवार को इस जीत के साथ कोलकाता ने अपनी प्लेऑफ की आस बरकरार रखी है। उनके खाते में नौ अंक हो गए और उनका नेट रन रेट 0.271 हो गया है। वहीं, दिल्ली 12 अंक और 0.362 का नेट रन रेट लेकर चौथे स्थान पर है।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली की शुरुआत झटके के साथ हुई थी। अनुकूल रॉय ने पहले ही ओवर में अभिषेक पोरेल को रसेल के हाथों कैच आउट कराया। वह सिर्फ चार रन बना सके। इसके बाद तीसरे और चौथे नंबर पर आए करुण नायर 15 और केएल राहुल सात रन बना पाए। 

चौथे विकेट के लिए फाफ डुप्लेसिस को कप्तान अक्षर पटेल का साथ मिला। दोनों के बीच 42 गेंदों में 76 रनों की साझेदारी हुई। नरेन ने अक्षर को अपना शिकार बनाया। वह चार चौके और तीन छक्के की मदद से 43 रन बनाकर आउट हुए। वहीं, फाफ डुप्लेसिस ने 31 गेंदों में इस सत्र का अपना दूसरा पचासा पूरा किया। वह 45 गेंदों में 62 रन बनाकर पवेलियन लौटे। दिल्ली के लिए विप्रज निगम ने 38 रन बनाए। हालांकि, वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। उनके अलावा ट्रिस्टन स्टब्स ने एक रन, आशुतोष शर्मा ने सात रन और मिचेल स्टार्क खाता खोले बगैर आउट हो गए। वहीं, दुष्मंथा चमीरा और कुलदीप यादव क्रमश: दो और एक रन बनाकर नाबाद रहे।