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केदारनाथ में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

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केदारनाथ में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

दो दिन में 55 हजार से अधिक भक्तों ने किए बाबा के दर्शन, सरकार के प्रबंधन की हो रही सराहना

केदारनाथ, 4 मई: बाबा केदारनाथ के दर्शनों के लिए इस वर्ष श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। सिर्फ दो दिनों में ही 55,374 श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं। शनिवार को 25,220 श्रद्धालु, जबकि शुक्रवार को यात्रा के पहले दिन 30,154 श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए गए बेहतर यात्रा प्रबंधन की तीर्थयात्रियों ने खुले दिल से सराहना की है। केदारनाथ धाम में भीड़ प्रबंधन को सुव्यवस्थित रखने के लिए टोकन व्यवस्था लागू की गई है, जिससे दर्शन प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया गया है।

चारधाम यात्रा का शुभारंभ 30 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने से हुआ था। 2 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खोले गए, और 4 मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।

केदारनाथ यात्रा मार्ग को बेहतर बनाने के साथ-साथ इस वर्ष यात्रियों के लिए फ्री वाईफाई जैसी आधुनिक सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। शनिवार को सफल ट्रायल के बाद यह सुविधा श्रद्धालुओं को समर्पित कर दी गई है, जिससे श्रद्धालु उत्साहित हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा:

सुरक्षित यात्रा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। केदारनाथ यात्रा सबसे कठिन है, इसीलिए हर स्तर पर सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और संचार व्यवस्था को मजबूत किया गया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि रुद्रप्रयाग जिले की भौगोलिक संवेदनशीलता को देखते हुए वहां अलग मोबाइल नेटवर्क की व्यवस्था की गई है, जिससे आपातकालीन स्थिति में भी संचार बना रहे।

हेमंत द्विवेदी बने श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के नए अध्यक्ष

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हेमंत द्विवेदी बने श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के नए अध्यक्ष

दो उपाध्यक्षों की नियुक्ति, तीर्थ प्रबंधन को सशक्त और समन्वित बनाने की दिशा में बड़ा कदम

देहरादून, : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर श्री बद्रीनाथ एवं श्री केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। इस बार समिति में एक अध्यक्ष के साथ दो उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं, जो तीर्थस्थलों के बेहतर संचालन और तीर्थयात्रियों को सुचारु सेवाएं प्रदान करने के दृष्टिकोण से एक अहम निर्णय माना जा रहा है।

हेमंत द्विवेदी, जनपद पौड़ी गढ़वाल को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं ऋषि प्रसाद सती (जनपद चमोली) और विजय कपरवाण (जनपद रुद्रप्रयाग) को समिति में उपाध्यक्ष के पद पर नामित किया गया है।

सरकार के अनुसार, तीर्थयात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या और चारधाम यात्रा के संचालन के क्षेत्रीय विविधताओं को देखते हुए स्थानीय प्रतिनिधित्व के साथ-साथ निर्णय प्रक्रिया को अधिक तेज और प्रभावी बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा:

हेमन्त द्विवेदी जी को अध्यक्ष और ऋषि प्रसाद सती व विजय कपरवाण जी को उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त किए जाने पर हार्दिक बधाई। मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह टीम समिति के कार्यों को नई दिशा और गति प्रदान करेगी। राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

इस नई नियुक्ति से बदरीनाथ और केदारनाथ धामों के कुशल प्रबंधन, तीर्थ यात्रियों की सुविधा और धार्मिक पर्यटन के सशक्तिकरण की दिशा में अपेक्षित बदलावों की उम्मीद की जा रही है।

बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुले, श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब; मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की पूजा-अर्चना

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बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुले, श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब; मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की पूजा-अर्चना

बदरीनाथ (चमोली): भगवान बदरीविशाल के कपाट आज सुबह 6 बजे रवि पुष्य नक्षत्र में विधिवत वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। कपाट खुलते ही धाम “जय बदरीविशाल” के जयघोषों से गूंज उठा। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

कपाटोद्धघाटन के लिए मंदिर को 40 क्विंटल गेंदे के फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। साथ ही श्रद्धालुओं के स्वागत में हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई, जिससे वातावरण भक्तिभाव से सराबोर हो गया। बताया जा रहा है कि इस शुभ अवसर पर देश-विदेश से 10,000 से अधिक श्रद्धालु धाम पहुंचे।

पॉलीथिन मुक्त तीर्थ यात्रा की पहल

इस वर्ष चमोली जिला प्रशासन ने बदरीनाथ यात्रा मार्ग को पॉलीथिन मुक्त क्षेत्र घोषित किया है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने धाम और पड़ाव स्थलों पर होटल एवं ढाबा संचालकों से पॉलीथिन का प्रयोग न करने और अपने प्रतिष्ठानों को स्वच्छ रखने का आग्रह किया है।

उन्होंने कर्णप्रयाग, गौचर, नंदप्रयाग, पीपलकोटी, ज्योतिर्मठ, गोविंदघाट और पांडुकेश्वर स्थित होटलों को रेट लिस्ट चस्पा करने और फायर सिलेंडर रखने के निर्देश भी दिए हैं ताकि तीर्थयात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘चारधाम यात्रा 2025’ का शुभारंभ, श्रद्धालुओं को दिखाई हरी झंडी

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘चारधाम यात्रा 2025’ का शुभारंभ, श्रद्धालुओं को दिखाई हरी झंडी

ऋषिकेश (उत्तराखंड): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को आईएसबीटी, ऋषिकेश में संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति द्वारा आयोजित ‘ऋषिकेश से चारधाम यात्रा 2025’ के शुभारंभ कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने चारधाम यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए 10 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और स्मरणीय यात्रा की कामना करते हुए कहा कि बाबा केदारनाथ, बदरीविशाल, मां गंगोत्री और मां यमुनोत्री की कृपा से सभी यात्री सकुशल यात्रा पूरी करें। उन्होंने विश्वास जताया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा अपने पूर्ववर्ती सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित करेगी।

श्रद्धालुओं को मिलेगी हरसंभव सुविधा

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के सफल संचालन के लिए राज्य सरकार ने हर स्तर पर तैयारियों की समीक्षा की है। उन्होंने बताया कि सरकार का प्रयास है कि श्रद्धालु जब यात्रा पूरी कर लौटें, तो वे उत्तराखंड की दिव्यता और सेवा भाव की अविस्मरणीय यादें अपने साथ ले जाएं।

उन्होंने यह भी कहा कि चारधाम यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह स्थानीय लोगों के लिए आजीविका और रोजगार का स्रोत भी है। राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।

स्वच्छता और हरित यात्रा पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री धामी ने स्वच्छ और हरित चारधाम यात्रा की आवश्यकता पर बल देते हुए श्रद्धालुओं से अपील की कि वे देवभूमि की पवित्रता और स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केदारनाथ पुनर्निर्माण और बदरीनाथ मास्टर प्लान पर तीव्र गति से कार्य हुआ है। इसके अतिरिक्त, गौरीकुंड-केदारनाथ रोपवे और ऑल वेदर रोड जैसी परियोजनाएं यात्रा को अधिक सुगम बना रही हैं।

कार्यक्रम में अनेक गणमान्य व्यक्ति रहे उपस्थित

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, मेयर शंभू पासवान, जीएमओयू अध्यक्ष भास्करानंद भारद्वाज, टीजीएमओसी अध्यक्ष जितेंद्र सिंह नेगी, गढ़वाल मंडल कॉन्ट्रैक्ट अध्यक्ष संजय शास्त्री समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी और विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद केसरी चंद को दी श्रद्धांजलि, मेला संचालन हेतु 5 लाख की घोषणा

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद केसरी चंद को दी श्रद्धांजलि, मेला संचालन हेतु 5 लाख की घोषणा

चकराता (देहरादून): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को चकराता स्थित रामताल गार्डन में आयोजित शहीद वीर केसरी चंद बलिदान दिवस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी एवं आजाद हिंद फौज के सिपाही शहीद केसरी चंद को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके सम्मान में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले वीर शहीद केसरी चंद मेले के संचालन के लिए ₹5 लाख के अनुदान की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद केसरी चंद जैसे वीरों के बलिदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शौर्य स्थलों का निर्माण कर और प्रतिष्ठानों का नामकरण स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर कर उनकी स्मृति को चिरस्थाई बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि चकराता के गवासा पुल स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) का नाम वीर शहीद केसरी चंद के नाम पर रखा जाएगा।

विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान के लिए सम्मान

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया:

  • संस्कृति और कला के क्षेत्र में: कलम सिंह चौहान (संयुक्त निदेशक, सूचना विभाग)
  • सामाजिक सेवा के लिए: राजेंद्र सिंह तोमर
  • चिकित्सा सेवा के लिए: डॉ. प्रदीप उनियाल
  • कृषि एवं बागवानी के लिए: विजय सिंह
  • खेल क्षेत्र में: अंकित शर्मा
  • महिला उत्थान के लिए: शिल्पा चौहान

कार्यक्रम में विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने शहीद केसरी चंद के योगदान को याद करते हुए कहा कि मात्र 24 वर्ष की आयु में उन्होंने देश के लिए प्राणों की आहुति दी और आज जौनसार क्षेत्र के युवाओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा मिल रही है।

इस अवसर पर गीताराम गौड़, रामशरण नौटियाल, प्रताप सिंह रावत, मूरत राम शर्मा, नीरज कुमार शर्मा (ओएनजीसी), संजीव चौहान (अध्यक्ष, केसरी चंद समिति) और अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता से महिला सशक्तिकरण के नए अध्याय की शुरुआत: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता से महिला सशक्तिकरण के नए अध्याय की शुरुआत: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

हरिद्वार/देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देव संस्कृति विश्वविद्यालय में आयोजित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विषयक कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। उच्च शिक्षा विभाग और देव संस्कृति विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यूसीसी को सामाजिक समानता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है और इसी दिशा में उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है जिसने समान नागरिक संहिता को लागू किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूसीसी किसी धर्म, पंथ या समुदाय के विरुद्ध नहीं है, बल्कि यह समाज में व्याप्त कुप्रथाओं को समाप्त कर सभी नागरिकों को समान न्यायिक अधिकार प्रदान करने की पहल है।

महिलाओं को मिला संपत्ति व उत्तराधिकार में समान अधिकार

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यूसीसी के लागू होने से महिलाओं को उत्तराधिकार और संपत्ति के अधिकार में बराबरी मिली है, जिससे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नया अध्याय शुरू हुआ है। इसके अंतर्गत लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण भी अनिवार्य किया गया है, जिससे सामाजिक जिम्मेदारियों को कानूनी मान्यता मिलेगी।

अफवाहों से सावधान रहने की अपील

मुख्यमंत्री ने यूसीसी के नाम पर फैलाई जा रही अफवाहों को निराधार बताया और स्पष्ट किया कि यूसीसी के अंतर्गत किसी बाहरी व्यक्ति को उत्तराखंड का मूल निवास प्रमाण पत्र मिलने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने प्रदेशवासियों से यूसीसी के अंतर्गत सभी आवश्यक पंजीकरण करवाने की अपील की।

कार्यक्रम में गणमान्य लोग रहे उपस्थित

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, दर्जाधारी राज्य मंत्री विनय रोहिला, देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या, दून विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. सुरेखा डंगवाल, उच्च शिक्षा सचिव रंजीत सिन्हा, सामाजिक कार्यकर्ता एवं यूसीसी नियमावली समिति के सदस्य मन्नू गौड़, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेन्द्र सिंह, एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र सिंह डोभाल सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और गणमान्य लोग उपस्थित थे।

भगवान बदरीनाथ के कपाट खुलने से पहले उत्तराखंड को केंद्र सरकार की बड़ी सौगात, ज्योतिर्मठ पुनर्विकास के लिए 291 करोड़ मंजूर

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भगवान बदरीनाथ के कपाट खुलने से पहले उत्तराखंड को केंद्र सरकार की बड़ी सौगात, ज्योतिर्मठ पुनर्विकास के लिए 291 करोड़ मंजूर

देहरादून: भगवान श्री बदरीविशाल के कपाट खुलने की पूर्व संध्या पर उत्तराखंड को केंद्र सरकार से बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने आपदा से प्रभावित ज्योतिर्मठ के पुनर्विकास के लिए ₹291.15 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री श्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह राशि ज्योतिर्मठ को आपदा-संवेदनशील क्षेत्र से सुरक्षित बनाने, स्थानीय निवासियों और तीर्थयात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित करने, तथा नरसिंह मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक होगी।

भू-धंसाव से प्रभावित ज्योतिर्मठ को मिलेगी राहत

गौरतलब है कि 2 जनवरी 2023 को ज्योतिर्मठ नगर क्षेत्र में भू-धंसाव के कारण कई घरों और संरचनाओं में दरारें आ गई थीं, जिससे क्षेत्र की लगभग 22% संरचनाएं प्रभावित हुई थीं। इसके बाद राज्य सरकार ने विशेषज्ञ एजेंसियों की एक उच्च स्तरीय टीम गठित कर Post Disaster Need Assessment (PDNA) कराया, जिसमें पुनर्निर्माण के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया गया।

बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण की दिशा में ठोस कदम

प्रथम चरण में अलकनंदा नदी के किनारे टो प्रोटेक्शन, ढलान स्थिरीकरण, जल और स्वच्छता जैसी परियोजनाएं शामिल की गई हैं। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) द्वारा इन योजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी गई थी। गृह मंत्रालय की सिफारिश के बाद अब परियोजनाओं के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, “ज्योतिर्मठ की देवतुल्य जनता को विश्वास दिलाता हूं कि एक सुरक्षित, विकसित और सुनियोजित शहर का सपना जल्द साकार होगा। राज्य सरकार इसके लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी।”

उत्तराखंड और नेपाल के बीच संबंधों को सुदृढ़ करने पर जोर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से नेपाल प्रतिनिधिमंडल की भेंट

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उत्तराखंड और नेपाल के बीच संबंधों को सुदृढ़ करने पर जोर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से नेपाल प्रतिनिधिमंडल की भेंट

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में नेपाल के सुदूर पश्चिम प्रांत के मुख्यमंत्री श्री कमल बहादुर शाह के नेतृत्व में एक 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों देशों के बीच पारंपरिक मित्रता, सीमावर्ती क्षेत्रों में सहयोग तथा सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को प्रोत्साहित करने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में आपसी समन्वय से सीमावर्ती जिलों में विकास कार्यों को गति देने, पर्यटन विकास, आपदा प्रबंधन, व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आधारभूत संरचना में सहयोग को लेकर विचार-विमर्श हुआ।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड और नेपाल की सामाजिक व सांस्कृतिक विरासत साझा है और दोनों क्षेत्रों के बीच ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।

इस अवसर पर नेपाल के मंत्री श्री वीर बहादुर थापा, सदस्य श्री घनश्याम चौधरी, श्री नरेश कुमार शाही, श्री झपत बहादुर सौद, श्री शेर बहादुर भण्डारी, प्रमुख सचिव डॉ. कमल प्रसाद पोखरेल शर्मा, सचिव श्री सूरत कुमार बम और राजनीतिक सलाहकार डॉ. जितेन्द्र उपाध्याय उपस्थित थे। उत्तराखंड सरकार की ओर से प्रमुख सचिव श्री आर. के. सुधांशु और सचिव श्री विनोद कुमार सुमन भी बैठक में मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अपील: चारधाम यात्रा में स्वच्छता का रखें ध्यान, कूड़ा सिर्फ कूड़ेदान में डालें

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अपील: चारधाम यात्रा में स्वच्छता का रखें ध्यान, कूड़ा सिर्फ कूड़ेदान में डालें

ऋषिकेश (उत्तराखंड): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों से स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि यात्रा मार्गों पर कूड़ा इधर-उधर न फेंके, बल्कि निर्धारित कूड़ेदानों का ही प्रयोग करें।

मुख्यमंत्री धामी ऋषिकेश में आयोजित चारधाम यात्रा शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति द्वारा आयोजित किया गया था। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड सरकार ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव प्राप्त हो।

उन्होंने कहा, “चारधाम यात्रा के बेहतर प्रबंधन से न केवल देशभर में, बल्कि पूरी दुनिया में उत्तराखंड की एक सकारात्मक छवि जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने पिछले वर्षों के अनुभवों से सीख लेते हुए यात्रा व्यवस्था में कई सुधार किए हैं और इस बार राज्य बेहतर व्यवस्था के साथ तीर्थयात्रियों का स्वागत करेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने चारधाम यात्रा पर निकलने वाले श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं भी दीं और कहा कि देवभूमि की ओर आने वाले श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक है।

पंक्चर वाले के प्यार में अंधी पूजा: लव जिहाद और धर्म परिवर्तन…मुश्ताक ने मजहब छिपाकर की थी शादी, बड़ा खुलासा

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उधम सिंह नगर (उत्तराखंड): खटीमा में हुए पूजा मंडल हत्याकांड में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। हत्या से पहले पूजा ने आरोपी मुश्ताक पर मजहब छिपाकर शादी करने और जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए एसएसपी को शिकायती पत्र सौंपा था। बावजूद इसके, पुलिस की ओर से समय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

पीड़िता की बहन पुरमिला विश्वास के अनुसार, पूजा ने 5 नवंबर 2024 को एसएसपी को पत्र देकर शिकायत की थी कि मुश्ताक ने खुद को हिंदू बताकर उससे दोस्ती और फिर गुरुग्राम में हिंदू रीति-रिवाज से शादी की थी। दोनों करीब दो साल तक साथ रहे। बाद में मुश्ताक उसे सितारगंज ले आया, जहां पूजा को उसके मुस्लिम होने की सच्चाई पता चली। जब पूजा ने इसका विरोध किया, तो उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव डाला गया और मारपीट की गई।

पूजा की बहन ने बताया कि शिकायत के बावजूद सितारगंज पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते उन्होंने गुरुग्राम थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई।

शव बरामद, सिर की तलाश जारी

पूजा मंडल की सिर कटी लाश नदन्ना नहर के पास अंडरपास काली पुलिया क्षेत्र में बरामद की गई। हरियाणा पुलिस ने आरोपी मुश्ताक अहमद को गिरफ्तार किया है और उसकी निशानदेही पर शव की बरामदगी हुई है। हालांकि, महिला का सिर अभी तक नहीं मिला है। जल पुलिस द्वारा शुक्रवार को सर्च ऑपरेशन नहीं चलाया गया।

कोतवाल मनोहर सिंह दसौनी ने बताया कि नहर में गहन सर्चिंग के बावजूद सिर का पता नहीं चल पाया है। सूत्रों का कहना है कि अब हरियाणा पुलिस आरोपी को कस्टडी रिमांड पर ले सकती है।

पहले भी हो चुके थे विवाद

एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि पूजा और मुश्ताक के बीच पहले भी कई बार विवाद हुए थे। युवती उनके साथ रहना चाहती थी जबकि युवक दूरी बनाना चाहता था। इसके संबंध में उनके कार्यालय में एक पत्र भी प्राप्त हुआ था और दोनों पक्षों में वार्ता कराई गई थी। हालांकि, गुमशुदगी के संदर्भ में उन्हें कोई सीधी शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी।

बेटी को बेचने की साजिश का भी आरोप

परिजनों ने बताया कि पूजा पहले से शादीशुदा थी और उसके दो बच्चे हैं। पति से अलग होने के बाद वह गुरुग्राम में बहन के साथ रहकर नौकरी करती थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात मुश्ताक से हुई। एक समय ऐसा भी आया जब मुश्ताक ने उसकी बेटी को बेचने की कोशिश की, जिसकी भनक लगते ही परिवार ने बेटी को वापस अपने साथ ले लिया।

पुलिस कर रही है आगे की जांच

जांच अधिकारी कृष्ण ने बताया कि महिला की गुमशुदगी की शिकायत नवंबर 2024 में दर्ज हुई थी। उत्तराखंड और हरियाणा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी मुश्ताक को गिरफ्तार किया गया और उसकी निशानदेही पर पूजा का शव बरामद किया गया। सिर की तलाश अब भी जारी है।

नोट: यह मामला बेहद संवेदनशील है और जांच अभी जारी है। पुलिस की ओर से जल्द ही और खुलासे होने की संभावना है।