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मुख्यमंत्री ने 5 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स का किया शुभारंभ स्वस्थ उत्तराखंड, समृद्ध उत्तराखंड की ओर एक और कदम

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मुख्यमंत्री ने 5 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स का किया शुभारंभ — दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा पहुंचेगी और सशक्त होगी महिला स्वास्थ्य देखभाल प्रदेश के सुदूरवर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास परिसर से पाँच मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (MMU) को रवाना किया। इनमें से एक यूनिट विशेष रूप से महिलाओं की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समर्पित की गई है।

स्वस्थ उत्तराखंड, समृद्ध उत्तराखंड की ओर एक और कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल राज्य सरकार के ‘स्वस्थ उत्तराखंड, समृद्ध उत्तराखंड’ मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच को सुदृढ़ करने का एक सार्थक प्रयास है। ये एमएमयू सप्ताह में छह दिन कार्यरत रहेंगी और आवश्यक प्राथमिक स्वास्थ्य जांच व उपचार सुविधाओं से सुसज्जित हैं।

किन जिलों में मिलेंगी सेवाएं?

  • हरिद्वार: 2 यूनिट
  • ऊधम सिंह नगर: 2 यूनिट
  • टिहरी गढ़वाल: 1 यूनिट

इन यूनिट्स का संचालन सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) द्वारा किया जाएगा तथा आरईसी (ग्रामीण विद्युतीकरण निगम) द्वारा CSR पहल के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। प्रारंभिक रूप से यह सेवा तीन वर्षों तक संचालित की जाएगी।

महिला स्वास्थ्य के लिए समर्पित यूनिट

पाँच में से एक मोबाइल मेडिकल यूनिट विशेष रूप से महिलाओं के लिए तैयार की गई है, जिसमें पूर्णतः महिला स्वास्थ्यकर्मी तैनात हैं। यह यूनिट वंचित क्षेत्रों की महिलाओं को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा, धनुष हेल्थ केयर के एमडी डी. एस. एन. मूर्ति, पीएनबी के उपमहाप्रबंधक सुभाष चन्द्र, पेनेसिया हॉस्पिटल के एमडी श्री अश्विनी और सीएससी स्टेट हेड दीपक सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने 139 अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र, योग्यता को मिला सम्मान

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्च शिक्षा एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत चयनित 139 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें उच्च शिक्षा विभाग में 52 और चिकित्सा शिक्षा विभाग में 87 पदों पर नियुक्तियाँ शामिल हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नवनियुक्तों से ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते साढ़े तीन वर्षों में राज्य में 23,000 से अधिक अभ्यर्थियों को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियाँ दी गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में नौकरियों का एकमात्र आधार अब योग्यता, प्रतिभा और क्षमता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं, जिससे पेपर लीक जैसी समस्याओं पर रोक लगी है।

नवीन नियुक्तियाँ और विभागीय विस्तार

मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में लोक सेवा आयोग और चिकित्सा सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इनमें असिस्टेंट प्रोफेसर, प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, ट्यूटर और मेडिकल सोशल वर्कर जैसे पद शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अध्यापन एक अत्यंत जिम्मेदार कार्य है, जिससे समाज और राष्ट्र दोनों के भविष्य का निर्माण होता है। उन्होंने युवाओं को उद्यमिता और स्टार्टअप की ओर प्रेरित करने का भी आग्रह किया और बताया कि राज्य सरकार ‘देवभूमि उद्यमिता योजना’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से नवाचार और स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही है।

शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे का सशक्तिकरण

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त बनाने के लिए ठोस कार्य हो रहे हैं। हर जिले में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, अस्पतालों का आधुनिकीकरण और चिकित्सा सेवाओं का विस्तार राज्य की प्राथमिकता है।

शिक्षा मंत्री का वक्तव्य

कार्यक्रम में उच्च शिक्षा एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि उत्तराखंड उच्च शिक्षा विभाग में फैकल्टी के सभी पद भरने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। मेडिकल कॉलेजों में भी 70% से अधिक पद भर लिए गए हैं और शीघ्र ही 400 एसोसिएट प्रोफेसरों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी।इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, श्रीमती सविता कपूर, उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डॉ. देवेंद्र भसीन एवं डॉ. जयपाल सिंह सहित अन्य अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

नई स्थानांतरण नीति सहित कैबिनेट ने लिए 11 महत्वपूर्ण फैसले, अडानी से बिजली खरीदेगा यूपी

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यूपी कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आज हुई। बैठक के बाद हुई पत्रकार वार्ता में मंत्री सुरेश खन्ना ने इस बैठक के महत्वपूर्ण फैसलों के बारे में जानकारी दी। कैबिनेट के फैसलों में प्रदेश में पार्किंग का स्थान तय करने पर चर्चा हुई। कैबिनेट ने फैसला लिया कि उत्तर प्रदेश के सभी नगर निगमों में एक समान पार्किंग नियम लागू किए जाएंगे। इसके साथ ही साथ प्रदेश में कर्मचारियों के तबादलों की नई नियमों की घोषणा की गई।

नई तबादला नीति पर मुहर
इसी बैठक में तबादले की नई नीति पर मुहर लगी। अब प्रदेश के सभी कर्मचारियों के तबादले 15 मई से 15 जून के बीच होगी। उसके पहले संबंधित विभाग में इसकी पूरी प्रक्रिया कर ली जाएगी।

दुधवा महोत्सव कराएगी प्रदेश सरकार
योगी सरकार प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक धरोहरों को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी स्थित दुधवा टाइगर रिजर्व में दुधवा महोत्सव कराने का निर्णय लिया है। दुधवा महोत्सव नवंबर में होगा। यह प्रदेश का पहला आवासीय सांस्कृतिक एवं वन्यजीव महोत्सव है। तीन दिवसीय महोत्सव-25 न सिर्फ प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और जैविक समृद्धि का उत्सव होगा, बल्कि यह पर्यटकों को जंगल की गोद में प्रकृति से जुड़ने और थारू संस्कृति को करीब से जानने का मौका भी देगा। साथ ही देश की जानी मानी हस्तियों द्वारा परफॉर्मेंस भी दी जाएगी।

अडानी से बिजली खरीदेगा यूपी
यूपी में बिजली की खरीद अडानी पॉवर लिमिटेड से होगी। लगभग 5 रूपए 38 पैसे प्रति यूनिट की दर से यह बिजली खरीदी जाएगी। एक अनुमान के मुताबिक इससे 2958 करोड़ की बजत होगी।
ये हैं कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले
1- राज्य कर्मचारियों की तबादला नीति को मंजूरी, 15 मई से 15 जून के बीच होंगे तबादले
2- शहरों में नई पार्किंग नीति को मंजूरी, पीपीपी मॉडल पर बनेगी पार्किंग
3- पहले चरण में 17 नगर निगमों में पार्किंग नीति की होगी शुरूआत
4- पार्किंग के लिए पांच साल के लिए दिया जाएगा लाइसेंस
5- पार्किंग का किराया नगर निगम तय करेंगे
6- राज्य कर विभाग का दर्जा, व्यवसायिक से बदलकर सेवारत विभाग किया गया
7- उत्तरप्रदेश स्टेट कैरिज बस अड्डा, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज व ऑल इंडिया टूरिस्ट बस पार्क( स्थापना व विनियमन) नीति 2025 प्रस्ताव को मंजूरी
प्राइवेट बसों के लिए बनेंगे बस स्टैंड
यूपी में निजी बसों के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए सरकार उत्तर प्रदेश स्टेट कैरिज बस अड्डा, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज व ऑल इंडिया टूरिस्ट बस पार्क (स्थापना एवं विनियमन) नीति 2025 लागू करेगी। इसके तहत सभी 75 जिलों में प्राइवेट बसों के लिए बस स्टैंड बनाए जाएंगे। इन बस अड्डों पर यात्रियों और ड्राइवर-कंडक्टरों के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। नई नीति से यातायात व्यवस्था सुधरेगी और यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
1500 मेगावाट बिजली की खरीद
बिजली आपूर्ति की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सरकार 1600 मेगावाट की परियोजना से 1500 मेगावाट बिजली खरीदने का प्रस्ताव पारित करेगी। यह खरीद प्रतिस्पर्धात्मक बिडिंग के आधार पर होगी, जिससे राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे प्रदेश में बिजली व्यवस्था बेहतर होगी।

IPS अधिकारियों के तबादले

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उत्तर प्रदेश में मंगलवार सुबह एक बार फिर आईपीएस अधिकारियों के तबादलों की सूची जारी की गई। इस बार 10 वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। इससे पहले सोमवार आधी रात को 14 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए थे, जिनमें सात जिलों के पुलिस कप्तान भी शामिल थे।

प्रमुख तबादले इस प्रकार हैं:

  • उपेंद्र कुमार अग्रवाल को पुलिस महानिरीक्षक, सुरक्षा से स्थानांतरित कर पुलिस महानिरीक्षक, लखनऊ परिक्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है।
  • नीरा रावत के पास अब सिर्फ अपर पुलिस महानिदेशक, यूपी-112, लखनऊ की जिम्मेदारी रहेगी। प्रशासन का अतिरिक्त प्रभार उनसे हटाया गया है।
  • प्रशान्त कुमार को अपर पुलिस महानिदेशक/पुलिस महानिरीक्षक, लखनऊ परिक्षेत्र से हटाकर अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन, मुख्यालय की जिम्मेदारी दी गई है।
  • केएस इमैन्युअल, जो अब तक प्रतीक्षा सूची में थे, को पुलिस महानिरीक्षक, आर्थिक अपराध संगठन, उत्तर प्रदेश बनाया गया है।
  • रोहन पी कनय को पुलिस उपमहानिरीक्षक, तकनीकी सेवाएं, मुख्यालय से स्थानांतरित कर पीटीएस, गोरखपुर भेजा गया है।
  • राजीव नारायण मिश्र को पुलिस उपमहानिरीक्षक/प्रभारी, पुलिस महानिरीक्षक, पूर्वी जोन पीएसी, प्रयागराज से अपर पुलिस आयुक्त, गौतमबुद्धनगर नियुक्त किया गया है।
  • शिवहरि मीणा को अपर पुलिस आयुक्त, गौतमबुद्धनगर से पुलिस उपमहानिरीक्षक, तकनीकी सेवाएं, मुख्यालय भेजा गया है।
  • सत्येंद्र कुमार, जो एनसीआरबी प्रतिनियुक्ति से लौटे थे और प्रतीक्षारत थे, को अब पुलिस उपमहानिरीक्षक, पीटीएस मेरठ बनाया गया है।
  • राजेश कुमार सक्सेना को पुलिस उपमहानिरीक्षक, पीटीएस सुल्तानपुर से पुलिस उपमहानिरीक्षक, सुरक्षा मुख्यालय भेजा गया है।
  • विकास कुमार वैद्य को पुलिस उपमहानिरीक्षक, स्थापना, मुख्यालय से स्थानांतरित कर पुलिस उपमहानिरीक्षक/उप निदेशक, उत्तर प्रदेश पुलिस अकादमी, मुरादाबाद नियुक्त किया गया है।

इन तबादलों से प्रदेश में पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावशाली और संगठित बनाए जाने की दिशा में सरकार का प्रयास स्पष्ट होता है।

पुलित्जर पुरस्कार 2025: पत्रकारिता की 15 और कला की 8 श्रेणियों में विजेताओं की घोषणा, प्रत्येक को मिलेगा $15,000

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pulitzer-prize 2025 के पुलित्जर पुरस्कार विजेताओं की घोषणा कर दी गई है। पत्रकारिता के क्षेत्र में 15 श्रेणियों और कला जगत — जिसमें साहित्य, संगीत और रंगमंच शामिल हैं — में 8 श्रेणियों के अंतर्गत पुरस्कार दिए जाएंगे। सार्वजनिक सेवा श्रेणी के विजेता को स्वर्ण पदक, जबकि अन्य सभी विजेताओं को 15,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि दी जाएगी।

इस वर्ष के विजेताओं में प्रमुख नाम 68 वर्षीय अमेरिकी उपन्यासकार पर्सीवल एवरेट और 40 वर्षीय नाटककार ब्रैंडन जैकब्स-जेनकिंस के हैं।

  • पर्सीवल एवरेट को उनके उपन्यास ‘जेम्स’ के लिए कथा साहित्य में पुलित्जर सम्मान मिला है। यह उपन्यास प्रसिद्ध अमेरिकी क्लासिक ‘द एडवेंचर्स ऑफ हकलबेरी फिन’ की कहानी को एक गुलाम की दृष्टि से पुनः प्रस्तुत करता है।
  • ब्रैंडन जैकब्स-जेनकिंस को उनके नाटक ‘Purpose’ के लिए सम्मानित किया गया है, जो एक समृद्ध अश्वेत परिवार की आंतरिक चुनौतियों को उजागर करता है। यह नाटक टोनी अवार्ड्स के लिए भी छह बार नामांकित हुआ है।

पत्रकारिता श्रेणी में प्रमुख सम्मान:

  • न्यूयॉर्क टाइम्स को चार पुलित्जर पुरस्कार,
  • न्यू यॉर्कर को तीन पुरस्कार,
  • और वाशिंगटन पोस्ट को पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या के प्रयास की तत्काल, गहन रिपोर्टिंग के लिए सम्मानित किया गया।

प्रोपब्लिका को लगातार दूसरे वर्ष प्रतिष्ठित सार्वजनिक सेवा पदक प्रदान किया गया।
इस वर्ष कविता सुराना, लिजी प्रेसर, कैसंड्रा जारामिलो, और स्टेसी क्रैनिट्ज को उन रिपोर्टों के लिए सम्मानित किया गया, जिनमें उन्होंने अमेरिका के सख्त गर्भपात कानूनों के चलते गर्भवती महिलाओं की समय पर चिकित्सा न मिलने के कारण हुई मौतों को उजागर किया।

इसके अलावा, एन टेलनेस को उनके साहसी संपादकीय कार्टूनों के लिए भी पुलित्जर सम्मान मिला है। टेलनेस ने हाल ही में वाशिंगटन पोस्ट छोड़ा था, जब उनके एक कार्टून को प्रकाशित करने से इनकार कर दिया गया था। पुलित्जर बोर्ड ने उनकी “निडरता” की विशेष सराहना की।

केदारनाथ यात्रा को लेकर झूठी वीडियो फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई, दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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केदारनाथ यात्रा को लेकर झूठी वीडियो फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई, दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज

केदारनाथ यात्रा के संबंध में सोशल मीडिया पर भ्रामक और झूठी वीडियो प्रसारित करने के मामले में राजस्थान के विराट मीणा और पश्चिम बंगाल के देवजीत दास के खिलाफ रुद्रप्रयाग पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।

दोनों युवकों ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भगदड़ की फर्जी रील और वीडियो शेयर किए, जिनमें यात्रा व्यवस्था को लेकर गुमराह करने वाली बातें भी कही गईं। यह सामग्री न केवल झूठी थी, बल्कि जनता में भ्रम और भय फैलाने वाली भी थी।

जिला सूचना अधिकारी वीरेश्वर तोमर की ओर से दी गई तहरीर में बताया गया कि मंदिर परिसर के 15 मीटर के भीतर वीडियो बनाना सख्त मना है। इन नियमों का उल्लंघन कर रील और वीडियो तैयार किए गए और सोशल मीडिया पर डाले गए, जिससे यात्रियों में दहशत और प्रशासन की छवि को नुकसान पहुंचा।

पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में केवल वीडियो बनाने वाले ही नहीं, बल्कि उसे साझा या प्रचारित करने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर ने स्पष्ट किया कि यात्रा से जुड़ी किसी भी झूठी जानकारी या वीडियो को पोस्ट या फॉरवर्ड करने पर कड़ी सजा दी जाएगी। प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा की शुचिता बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है।

Pawandeep Rajan Axident पवनदीप राजन अब खतरे से बाहर

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उत्तराखंड के चंपावत निवासी और ‘इंडियन आइडल 12’ के विजेता पवनदीप राजन हाल ही में एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। गजरौला में हुए इस हादसे में उनकी कार एक खड़े कैंटर से टकरा गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही थी, जिससे उत्तराखंड में उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए दुआओं का दौर शुरू हो गया था।

हालांकि, ताजातरीन जानकारी के अनुसार, पवनदीप राजन अब खतरे से बाहर हैं और उनकी हालत स्थिर है। उनके परिवार और प्रशंसकों ने उनकी सलामती के लिए प्रार्थनाएं की थीं, जो अब सकारात्मक परिणाम दे रही हैं।

पवनदीप राजन उत्तराखंड की कला, संस्कृति और पर्यटन के ब्रांड एंबेसडर भी हैं, और उनकी आवाज़ ने लाखों दिलों को छुआ है। उनके शीघ्र स्वस्थ होने की खबर से उनके प्रशंसकों में खुशी की लहर है।

उत्तराखंड में कृषि और औद्यानिकी क्षेत्र को नई दिशा देने की तैयारी

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उत्तराखंड में कृषि और औद्यानिकी क्षेत्र को नई दिशा देने की तैयारी

पंतनगर में स्टेट एग्री-होर्टि एकेडमी एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना का प्रस्ताव, सीएम धामी ने दिए केंद्र से समन्वय के निर्देश

देहरादून, 4 मई – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान कृषि और औद्यानिकी क्षेत्र को सशक्त करने हेतु कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने पंतनगर में “स्टेट एग्री-होर्टि एकेडमी एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” की स्थापना के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने हेतु तत्काल वर्किंग प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। यह अकादमी प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, प्रशिक्षण और अनुसंधान का एकीकृत केंद्र होगी।

मुख्यमंत्री धामी जल्द ही इस प्रस्ताव को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को कृषि और बागवानी क्षेत्र से जुड़े प्रमुख मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से रखने और प्रभावी समन्वय स्थापित करने पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने 20 से 25 वर्षों के परिप्रेक्ष्य में राज्य की कृषि और औद्यानिकी से जुड़ी चुनौतियों और संभावनाओं का दीर्घकालिक रोडमैप तैयार करने को भी कहा, जिससे राज्य की भौगोलिक विशिष्टताओं के अनुरूप योजनाओं को केंद्र सरकार से आवश्यक सहयोग मिल सके।

प्रमुख प्रस्ताव और निर्देश:

  • मनरेगा में विशेष मजदूरी दर लागू करने हेतु सीमांत जिलों के लिए केंद्र से अनुरोध
  • एग्रो टूरिज्म स्कूल की स्थापना के लिए पंतनगर विश्वविद्यालय को केंद्र से वित्तीय सहायता
  • हाउस ऑफ हिमालया ब्रांड को बढ़ावा देने हेतु प्रमुख एयरपोर्ट्स पर स्टॉल्स
  • भरसार विवि में माइक्रोबायोलॉजी लैब की स्थापना
  • भारतीय सेना व पंतनगर विवि द्वारा मिलेट उत्पादों पर संयुक्त परियोजना
  • फूड प्रोसेसिंग उद्योगों के तहत एरोमेटिक उत्पादों की प्रोसेसिंग व वैल्यू एडिशन
  • सगंध पौध केंद्र, सेलाकुई में राष्ट्रीय ट्रेनिंग व इनक्यूबेशन सेंटर
  • ‘महक क्रांति’ नीति को साकार करने हेतु वित्तीय स्वीकृति का प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार से समन्वय कर विशेष योजनाएं लागू की जाएंगी जिससे राज्य के पर्वतीय व सीमांत क्षेत्रों के किसानों और युवाओं को सीधा लाभ मिल सके।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव राधिका झा, चंद्रेश यादव, एस. एन. पांडेय, अपर सचिव मनुज गोयल समेत कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

चारधाम यात्रा प्रबंधन में व्यक्तिगत तौर पर जुटे सीएम धामी

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चारधाम यात्रा प्रबंधन में व्यक्तिगत तौर पर जुटे सीएम धामी

चारों धामों में कपाट खुलने के दिन मौजूद रहने वाले पहले मुख्यमंत्री बने

देहरादून, 4 मई – उत्तराखंड की जीवनरेखा मानी जाने वाली चारधाम यात्रा इस वर्ष नए कीर्तिमान की ओर बढ़ रही है। यात्रा के सुचारु संचालन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं मैदान में उतर चुके हैं और वह चारों धामों – गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ – में कपाट खुलने के दिन उपस्थित रहने वाले पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने 30 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री, 2 मई को केदारनाथ, और 4 मई को बद्रीनाथ धाम में रहकर न केवल पूजा-अर्चना की, बल्कि व्यवस्थाओं का समीक्षा निरीक्षण भी किया। खास बात यह रही कि यमुनोत्री धाम में कपाट खुलने के दिन पहले किसी भी मुख्यमंत्री की उपस्थिति नहीं रही थी।

मुख्यमंत्री लगातार यात्रा मार्गों की तैयारियों, श्रद्धालुओं को दी जा रही सुविधाओं, चिकित्सा एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं और स्वच्छता की निगरानी कर रहे हैं। ऋषिकेश जैसे प्रमुख यात्रा पड़ाव पर भी वे व्यक्तिगत रूप से व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं और यात्रियों से फीडबैक प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मौसम प्रतिकूल होने की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए और यात्रियों को समय रहते मौसम की जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री के इस सक्रियता पूर्ण प्रयास को लेकर यात्रियों और आमजन में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, जिससे यात्रा में अधिक सुरक्षा, सुव्यवस्था और भरोसे का माहौल बना है।

उत्तराखंड की 7000 से अधिक ग्राम पंचायतों में फिर टलेंगे चुनाव

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उत्तराखंड की 7000 से अधिक ग्राम पंचायतों में फिर टलेंगे चुनाव

प्रशासकों का कार्यकाल बढ़ेगा, ओबीसी आरक्षण और कानूनी संशोधन अधर में

देहरादून, 4 मई: उत्तराखंड की सात हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में एक बार फिर चुनाव टलने जा रहे हैं। प्रदेश सरकार अब इन पंचायतों में नियुक्त प्रशासकों का कार्यकाल बढ़ाने की तैयारी में है। हरिद्वार को छोड़कर बाकी जिलों की ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 28 नवंबर 2024, क्षेत्र पंचायतों का 30 नवंबर, और जिला पंचायतों का 2 दिसंबर को समाप्त हो चुका है।

वर्तमान में प्रशासक के रूप में नियुक्त निवर्तमान प्रधान या सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) का कार्यकाल इस महीने समाप्त हो रहा है, लेकिन ओबीसी आरक्षण और दो से अधिक बच्चों के नियम को लेकर अभी तक पंचायती राज अधिनियम में संशोधन नहीं हुआ है, जिससे चुनाव प्रक्रिया में देरी हो रही है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, यदि ओबीसी आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया तुरंत भी शुरू हो, तो इसमें 10–15 दिन लग सकते हैं। इसके बाद चुनाव कराने के लिए 25 से 30 दिन की तैयारी भी आवश्यक है। ऐसे में आगामी दिनों में चुनाव कराना संभव नहीं है और प्रशासकों का कार्यकाल आवश्यक रूप से बढ़ाया जाएगा।

राज्य के पंचायत संगठन के संयोजक जगत सिंह मर्तोलिया ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि:

त्रिस्तरीय पंचायतों का कार्यकाल प्रशासनिक समिति के माध्यम से बढ़ाना चाहिए था, लेकिन इसे प्रशासकों के हवाले कर दिया गया। इससे राज्य वित्त और 15वें वित्त आयोग की करीब 16 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च नहीं हो पा रही है।

विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार यादव से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।