Home Blog Page 193

भारत ने PAK के एयर डिफेंस सिस्टम की कमर तोड़ी

0

भारत ने ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान को दिया करारा जवाब, एयर डिफेंस सिस्टम तबाह

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने निर्णायक कदम उठाते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के अंतर्गत पाकिस्तान को सख्त जवाब दिया है। इस सैन्य कार्रवाई में भारत ने पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। भारत की इस रणनीतिक कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की ओर से नियंत्रण रेखा (LoC) पर गोलीबारी रुक गई है।

गुरदासपुर में रात का ब्लैकआउट, सीमावर्ती जिला रहेगा सतर्क

उधर, पंजाब के सीमावर्ती जिले गुरदासपुर में सुरक्षा कारणों से रोजाना रात को ब्लैकआउट लागू रहेगा। अगले आदेश तक रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक पूरा जिला अंधकार में रहेगा। यह कदम भारत-पाक सीमा पर बने संवेदनशील हालातों को देखते हुए उठाया गया है। सिविल डिफेंस एक्ट 1968 के तहत यह आदेश अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, गुरदासपुर द्वारा भारत सरकार और पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जारी किया गया है। गुरदासपुर पाकिस्तान सीमा से सटा हुआ क्षेत्र है और संवेदनशील स्थिति को देखते हुए यह एहतियात बरता जा रहा है।

100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की खबर, ऑपरेशन जारी

सूत्रों के अनुसार, भारतीय सेना द्वारा की जा रही कार्रवाई में अब तक 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की खबर है। हालांकि, ऑपरेशन अभी जारी है, इसलिए मृतकों की सटीक संख्या की पुष्टि फिलहाल संभव नहीं है। भारत की ओर से पाकिस्तान पर लगातार जवाबी कार्रवाई की जा रही है और सीमा पर स्थिति अत्यधिक सतर्क बनी हुई है।

Helicopter Crash उत्तरकाशी हादसा: सात यात्रियों को लेकर जा रहा हेलिकॉप्टर क्रैश

0

चार धाम यात्रा में दर्शन के लिए जा रहा हेलीकॉप्टर क्रैश होने से हड़कंप मचा है फ़िलहाल मोके पर पुलिस आपदा टीम पहुंची है हादसे के बाद चार धाम यात्रा में लगे हेलीकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग को लेकर आपदा विभाग सतर्क हो गया है

उत्तरकाशी के गंगनानी से आगे एक हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन की टीम मौके के लिए दौड़ पड़ी। हेलिकॉप्टर एक प्राइवेट कंपनी एरो ट्रिंक का था, जिसमें सात लोग सवार थे। मिली जानकारी के अनुसार दो लोग घायल बताए जा रहे हैं। बाकी यात्रियों की खोज की जा रही है।

देहरादून जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन: शरणार्थियों की भूमि पर बने अवैध पेट्रोल पंप का लाइसेंस निरस्त

0

देहरादून जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन: शरणार्थियों की भूमि पर बने अवैध पेट्रोल पंप का लाइसेंस निरस्त
देहरादून, जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में देहरादून जिला प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण और फर्जी दस्तावेजों के खिलाफ एक और सख्त कदम उठाया है। प्रेमनगर, ठाकुरपुर रोड स्थित एक पेट्रोल पंप को फर्जी विक्रय पत्र के आधार पर संचालित पाए जाने पर उसका लाइसेंस निरस्त कर उसे सील कर दिया गया है। यह पंप शरणार्थियों के लिए आवंटित सरकारी भूमि पर पिछले 10 वर्षों से अवैध रूप से संचालित हो रहा था।

जनता दर्शन से शुरू हुई कार्रवाई
इस अवैध कब्जे का मामला हाल ही में जनता दर्शन कार्यक्रम में सामने आया था। शिकायतकर्ताओं द्वारा जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत सामूहिक प्रार्थना पत्र के आधार पर संयुक्त जांच कराई गई। उप जिलाधिकारी सदर और जिलापूर्ति अधिकारी द्वारा की गई जांच में पुष्टि हुई कि केसरी फ्यूलिंग स्टेशन फर्जी विक्रय पत्रों के आधार पर खसरा संख्या 191 की भूमि पर संचालित था, जबकि यह भूमि पाकिस्तानी शरणार्थियों को बसाने के लिए आरक्षित की गई थी।

क्या था मामला?
जांच में सामने आया कि चरनजीत भाटिया नामक व्यक्ति ने इस भूमि पर कूटरचित विक्रय पत्र के जरिए कब्जा कर लिया था और बाद में इसे अपने पुत्र गगन भाटिया को उपहार में दे दिया। हालांकि, जमीन सरकारी मिल्कियत में थी, जो कि रिफ्यूजी कैम्प (शरणार्थी शिविर) के लिए चिह्नित थी।

न्यायालय ने भी माना फर्जीवाड़ा
प्रशासनिक स्तर की जांच के अतिरिक्त, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) देहरादून की अदालत ने भी वाद संख्या 46/2010-11 में अपने आदेश (दिनांक 24 अक्टूबर 2024) में चरनजीत भाटिया का नाम खारिज कर दिया और भूमि को पुनः सरकार के नाम दर्ज करने का आदेश दिया।

इंडियन ऑयल का NOC भी हुआ रद्द
इन तथ्यों के आधार पर, जिलाधिकारी ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र संख्या 31/परि.लि. 2014 (जारी तिथि: 07-02-2014) को भी रद्द कर दिया है।

संदेश साफ: “अवैध को वैध नहीं, विध्वंस करता है जिला प्रशासन”
जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट संदेश दिया है कि फर्जी दस्तावेजों और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई से न केवल भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त संदेश गया है, बल्कि यह भी स्पष्ट हुआ है कि प्रशासन जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेकर त्वरित और निर्णायक कार्रवाई करता है।

वैश्विक वेडिंग डेस्टिनेशन बन रहा त्रिजुगीनारायण मंदिर, हर महीने हो रही 100 से अधिक शादियां

0

वैश्विक वेडिंग डेस्टिनेशन बन रहा त्रिजुगीनारायण मंदिर, हर महीने हो रही 100 से अधिक शादियां

रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड। देवभूमि उत्तराखंड में स्थित त्रिजुगीनारायण मंदिर, जहां शिव और पार्वती का पौराणिक विवाह हुआ था, अब तेजी से वैश्विक वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। रुद्रप्रयाग जिले के इस मंदिर में अब देश-विदेश से लोग वैदिक सनातन परंपराओं के अनुसार विवाह करने पहुंच रहे हैं। शादियों के सीजन में यहां हर माह 100 से अधिक विवाह संपन्न हो रहे हैं।

उत्तराखंड: डेस्टिनेशन वेडिंग की नई राजधानी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कई मंचों से उत्तराखंड को डेस्टिनेशन वेडिंग के रूप में प्रचारित करने का सीधा असर अब त्रिजुगीनारायण मंदिर जैसे स्थलों पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री की अपील के बाद, देश-विदेश से लोग उत्तराखंड में विवाह करने आ रहे हैं, जिससे स्थानीय युवाओं, पुजारियों, होटल व्यवसायियों, मांगल दलों और वेडिंग प्लानरों को रोजगार मिल रहा है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल रहा बढ़ावा

त्रिजुगीनारायण में वैवाहिक आयोजनों के चलते होटल व्यवसाय, कैटरिंग, पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मांग और पर्यटन गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वेडिंग प्लानर रंजना रावत ने बताया कि 7 से 9 मई के बीच सिंगापुर में कार्यरत भारतीय मूल की डॉक्टर प्राची यहां विवाह के लिए आ रही हैं और उन्होंने जीएमवीएन ट्रांजिट रेस्ट हाउस (TRH) बुक किया है।

उन्होंने बताया कि 2024 में जहां कुल 600 शादियां हुई थीं, वहीं सिर्फ 2025 के अप्रैल महीने तक ही लगभग 500 शादियां संपन्न हो चुकी हैं। इसरो के वैज्ञानिकों समेत कई प्रसिद्ध हस्तियों ने यहां शादी रचाई है।

वैदिक रीति-रिवाजों से होता है विवाह

मंदिर के पुजारी सच्चिदानंद पंचपुरी ने बताया कि त्रिजुगीनारायण मंदिर में विवाह पूर्णतः वैदिक परंपरा के अनुसार होता है। रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है और विवाह अभिभावकों की उपस्थिति में ही सम्पन्न किया जाता है। मंदिर परिसर में विशेष वेदी पर सात फेरे होते हैं, इसके बाद अखंड ज्योति के समक्ष पग फेरा लिया जाता है। सीतापुर तक फैले होटल और गेस्टहाउसों में भी स्थानीय पुजारियों द्वारा विवाह समारोह संपन्न कराए जा रहे हैं।

उत्तराखंड: आध्यात्मिकता, परंपरा और पर्यटन का संगम

राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि त्रिजुगीनारायण जैसे ऐतिहासिक स्थलों को वैश्विक स्तर पर ब्रांड करने के लिए अधोसंरचना, सड़क और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को मजबूत करने की योजना पर काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, “देवभूमि उत्तराखंड, डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए पूरी तरह तैयार है।”

Opration Sindoor देशभर में अलर्ट: 200 से अधिक उड़ानें रद्द

0

ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारत का सटीक प्रहार, हवाई सेवाएं प्रभावित, हाई अलर्ट जारी

नई दिल्ली। भारतीय सशस्त्र बलों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में 6-7 मई की रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और POK में स्थित 9 आतंकी ठिकानों पर 24 मिसाइलें दागी गईं, जिनमें कई पूरी तरह तबाह हो गए। यह कार्रवाई भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के संयुक्त ऑपरेशन का हिस्सा थी, जो रात 1:05 बजे से 1:30 बजे तक महज 25 मिनट में अंजाम दी गई।

आतंकी ढांचे पर जोरदार प्रहार

सूत्रों के अनुसार, ध्वस्त किए गए इन ठिकानों में 5 POK और 4 पाकिस्तान में स्थित थे। इन स्थानों का उपयोग आतंकियों की भर्ती, प्रशिक्षण और भारत में हमलों की योजना के लिए किया जा रहा था। खास बात यह रही कि इस हमले में जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य भी मारे गए।

एयरस्पेस टेंशन: देशभर में हवाई सेवाएं प्रभावित

ऑपरेशन के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। भारत में कम से कम 18 एयरपोर्ट्स को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है, जिनमें श्रीनगर, जम्मू, लेह, अमृतसर, चंडीगढ़, जोधपुर, जैसलमेर, धर्मशाला, पठानकोट, शिमला और जामनगर प्रमुख हैं।

200 से अधिक उड़ानें रद्द

  • इंडिगो ने अकेले 165 उड़ानें रद्द की हैं।
  • दिल्ली एयरपोर्ट से 35 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित (23 डिपार्चर, 8 अराइवल, 4 इंटरनेशनल)।
  • एयर इंडिया ने 10 मई सुबह 5:29 बजे तक जम्मू, श्रीनगर, जोधपुर, भुज, राजकोट समेत कई गंतव्यों की उड़ानें रद्द कर दी हैं।

एयरलाइंस ने यात्रियों को फुल रिफंड या री-शेड्यूलिंग की सुविधा देने की घोषणा की है।
इंडिगो और स्पाइसजेट ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की जांच करें।

अंतरराष्ट्रीय असर: कतर एयरवेज ने उड़ानें रोकीं

कतर एयरवेज ने पाकिस्तान द्वारा एयरस्पेस आंशिक रूप से बंद किए जाने के चलते पाकिस्तान के लिए अपनी उड़ानों को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। इस घटनाक्रम का असर दक्षिण एशियाई हवाई यातायात पर साफ दिखने लगा है।

संदेश साफ है: भारत अब पहले जैसा नहीं

‘ऑपरेशन सिंदूर’ सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि यह भारत की नई सुरक्षा नीति और निर्णायक नेतृत्व का परिचायक है। अब आतंकी हमले का जवाब सटीक और समयबद्ध सैन्य कार्रवाई से दिया जाएगा, भले ही दुश्मन सीमा पार ही क्यों न हो।

निष्कर्ष:
भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंक के अड्डों पर अब ‘सहनशीलता नहीं, संहार’ होगा। ऑपरेशन सिंदूर के बाद बदलते भू-राजनीतिक हालात में यह कार्रवाई क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।

Opration sindoor : कंधार से पहलगाम तक 25 मिनट में 25 साल का हिसाब बराबर

0

ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा नौ आतंकी ठिकानों पर 25 सटीक-मारक मिसाइलें दागना न केवल सामरिक दृष्टिकोण से, बल्कि सुरक्षा नीति और क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज़ से भी अत्यंत आवश्यक था। आइए इसे दो पहलुओं से समझते हैं:

क्यों जरूरी था इन ठिकानों पर हमला?

  1. पहलगाम आतंकी हमले का बदला:
    • इन ठिकानों का सीधा संबंध पहलगाम हमले की साजिश और उसे अंजाम देने वालों से था। यह हमला भारतीय सुरक्षाबलों पर सीधा हमला था, जिसका जवाब देना राष्ट्रीय सुरक्षा और मनोबल के लिए अनिवार्य था।
  2. भविष्य के हमलों को रोकना:
    • इन शिविरों का उपयोग भर्ती, प्रशिक्षण और हथियार स्टोरेज के लिए किया जा रहा था। समय रहते इन्हें निष्क्रिय करना आवश्यक था, ताकि भविष्य में और घातक हमलों की साजिशें न रची जा सकें।
  3. POK और पाक सीमा में बढ़ती आतंकी सक्रियता:
    • खुफिया एजेंसियों ने संकेत दिए थे कि इन स्थानों से भारत में घुसपैठ और आतंकी हमलों की रणनीति बन रही थी। यह कार्रवाई रोकथाम (preemptive strike) की नीति के तहत की गई।
  4. संदेश देना जरूरी था:
    • यह ऑपरेशन एक कड़ा संकेत है कि भारत अब केवल रक्षा की मुद्रा में नहीं रहेगा, बल्कि जहां जरूरत हो, वहीं प्रहार करेगा — और वह भी सटीक, संगठित और सीमित युद्धनीति के तहत।

इन ठिकानों का आतंकियों से क्या संबंध था?

  1. जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के प्रशिक्षण केंद्र:
    • बहावलपुर, कोटली और मुजफ्फराबाद में स्थित इन ठिकानों को जैश और लश्कर के टॉप कमांडरों का संरक्षण प्राप्त था। ये अड्डे आतंकियों के ब्रेनवॉश, ट्रेनिंग और हथियार मुहैया कराने के काम में सक्रिय थे।
  2. सीमापार से संचालित लॉन्च पैड:
    • कुछ शिविर “लॉन्च पैड” के रूप में काम कर रहे थे, जहाँ से प्रशिक्षित आतंकियों को LOC पार कर भारत में घुसपैठ कराने की योजना थी।
  3. ISI का प्रत्यक्ष समर्थन:
    • कई ठिकानों को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से समर्थन प्राप्त था। ये स्थान आतंकियों के कम्युनिकेशन हब के तौर पर भी इस्तेमाल हो रहे थे।
  4. हाई-वैल्यू टारगेट्स की मौजूदगी:
    • सूत्रों के अनुसार इनमें से कुछ ठिकानों पर वरिष्ठ आतंकी कमांडर भी मौजूद थे, जिन पर पहले से इंटरनेशनल एजेंसियों की नजर थी।

इस प्रकार ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि रणनीतिक सटीकता, खुफिया समन्वय और आतंक के विरुद्ध भारत की निर्णायक नीति का जीवंत उदाहरण है।

ऑपरेशन ‘सिंदूर’: भारतीय सेना का पाकिस्तान और POK में आतंकियों पर करारा प्रहार

0

ऑपरेशन ‘सिंदूर’: भारतीय सेना का पाकिस्तान और POK में आतंकियों पर करारा प्रहार

नई दिल्ली।भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में कड़ा संदेश देते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में स्थित आतंकी ठिकानों पर बड़ा हमला किया है। बुधवार रात करीब 1:30 बजे शुरू हुए इस संयुक्त अभियान में भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना ने बहावलपुर, कोटली और मुजफ्फराबाद में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के ठिकानों को सटीक हथियार प्रणालियों से निशाना बनाया।

तीनों सेनाओं की संयुक्त कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन में लोइटरिंग म्यूनिशन जैसे अत्याधुनिक हथियारों का प्रयोग किया गया। इन हमलों के लिए खुफिया एजेंसियों द्वारा प्रदान किए गए सटीक इनपुट के आधार पर लक्ष्य चुने गए। खास बात यह रही कि यह सभी हमले भारतीय सीमा से ही किए गए, जिससे सैन्य कौशल और रणनीतिक परिपक्वता का प्रदर्शन हुआ।

15 दिन बाद करारा जवाब

यह कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले के 15 दिन बाद की गई है, जिसमें भारतीय सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे। भारत सरकार और सुरक्षा बलों ने तब यह संकल्प लिया था कि हमले के दोषियों और उनके मददगारों को बख्शा नहीं जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर उसी वचनबद्धता की कड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

संदेश स्पष्ट है: भारत अब चुप नहीं बैठेगा

भारत ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने वालों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा, चाहे वे कहीं भी छिपे हों। यह कार्रवाई पाकिस्तान को यह संदेश देने के लिए भी है कि आतंकवाद को संरक्षण देने की कीमत चुकानी पड़ेगी।

जनसामान्य के लिए सूचना – मॉक अभ्यास के तहत सायरन/हूटर बजाकर किया जाएगा सतर्कता का अभ्यास

0

गृह मंत्रालय, भारत सरकार एवं उत्तराखंड शासन के मुख्य सचिव से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं नागरिकों को हवाई हमले जैसी आपात परिस्थितियों में सतर्कता और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने हेतु एक मॉक अभ्यास आयोजित किया जा रहा है।

यह अभ्यास दिनांक 07 मई 2025 को सायं 4:00 बजे जनपद देहरादून के निम्नलिखित 5 स्थानों पर किया जाएगा, जहाँ सायरन/हूटर बजाकर नागरिकों को सतर्क किया जाएगा:

  1. धारा पुलिस चौकी
  2. ब्लाइंड स्कूल, राजपुर रोड
  3. लख्खीबाग पुलिस स्टेशन
  4. जिलाधिकारी परिसर, कलेक्ट्रेट देहरादून
  5. एमडीडीए कॉलोनी, निकट आईएसबीटी / आईएसबीटी / आराघर पुलिस चौकी

इस अभ्यास का उद्देश्य नागरिकों को हवाई हमले जैसी आकस्मिक परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करना है। साथ ही यह सिविल डिफेंस एवं आईआरएस सिस्टम की तत्परता और सक्रियता की भी समीक्षा हेतु किया जा रहा है।

निवेदन है कि आमजन इस अभ्यास के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह से बचें और प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्य में सहयोग प्रदान करें।

जिला प्रशासन, देहरादून

जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर “हाउस ऑफ हिमालयाज” स्टोर का शुभारंभ — स्थानीय उत्पादों को मिलेगी नई पहचान

0

जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर “हाउस ऑफ हिमालयाज” स्टोर का शुभारंभ — स्थानीय उत्पादों को मिलेगी नई पहचान

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों पर आधारित “हाउस ऑफ हिमालयाज” स्टोर का शुभारंभ किया। इस पहल से राज्य के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी।

स्थानीय उत्पादों को मिलेगा नया बाज़ार

अब देश-विदेश से उत्तराखंड आने वाले पर्यटक हवाई अड्डे पर ही राज्य के उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद खरीद सकेंगे। यह स्टोर राज्य के किसानों, महिलाओं, कारीगरों और छोटे उद्यमियों के श्रम और हुनर का प्रतिनिधित्व करता है।

भारत सरकार बनाएगी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य सरकार के इस प्रयास की सराहना करते हुए घोषणा की कि हाउस ऑफ हिमालयाज के प्रमोशन और विकास के लिए भारत सरकार उत्तराखंड में “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” की स्थापना करेगी। इससे गुणवत्तापूर्ण उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।

उन्होंने कहा कि हाउस ऑफ हिमालयाज एक अंब्रेला ब्रांड के रूप में उभर रहा है, जिसकी पैकेजिंग, गुणवत्ता और ब्रांडिंग सर्वश्रेष्ठ श्रेणी में आती है।

मुख्यमंत्री ने जताया आत्मनिर्भर उत्तराखंड का संकल्प

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह स्टोर राज्य की संस्कृति, परंपरा और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई हाउस ऑफ हिमालयाज पहल को आगे बढ़ाते हुए, उत्तराखंड सरकार स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दे रही है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं और राज्य की आर्थिकी मजबूत हो रही है।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सचिव श्रीमती राधिका झा, अपर सचिव श्रीमती अनुराधा पाल, मनुज गोयल, ग्राम्य विकास के अपर आयुक्त राजेन्द्र सिंह रावत, मुख्य अभियंता वी.वी.एस. रावत और अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।

स्कूलों में श्रीमद् भगवत गीता का अध्ययन, हर जिले में आवासीय हॉस्टल, शिक्षा के लिए 10 वर्षीय नवाचार योजना

0

स्कूलों में श्रीमद् भगवत गीता का अध्ययन, हर जिले में आवासीय हॉस्टल, शिक्षा के लिए 10 वर्षीय नवाचार योजना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कई अहम निर्देश जारी करते हुए कहा कि राज्य के विद्यालयों में बच्चों को पाठ्यचर्या के अंतर्गत श्रीमद् भगवत गीता का अध्ययन कराया जाए, जिससे उनमें नैतिक मूल्यों का विकास हो।मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार के लिए अगले 10 वर्षों का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जाए और दिसंबर 2026 तक का रजतोत्सव कैलेंडर बनाया जाए, जिसमें विभागीय उपलब्धियों और लक्ष्यों को दर्शाया जाए।

विद्यालयों का निरीक्षण और बुनियादी सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बरसात शुरू होने से पहले सभी स्कूलों का निरीक्षण किया जाए। स्कूलों के रास्तों, पुलों और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का मूल्यांकन कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित किए जाएं।

क्लस्टर विद्यालयों में आवासीय हॉस्टल की व्यवस्था

  • प्रत्येक जनपद में पहले चरण में एक-एक आवासीय हॉस्टल स्थापित किया जाएगा।
  • 559 क्लस्टर विद्यालयों के 15 किमी दायरे में परिवहन सुविधा के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार किए जाएं।
  • हॉस्टल के लिए अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस का अध्ययन कर प्रस्ताव तैयार किया जाए, जिससे बच्चों को बेहतर सुविधा मिल सके।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार हेतु अन्य निर्देश

  • पाठ्य-पुस्तकें समय पर उपलब्ध कराई जाएं
  • शिक्षकों के तबादले पारदर्शी और नियमबद्ध हों, इसके लिए समुचित नीति तैयार की जाए।
  • एनसीसी और एनएसएस को बढ़ावा देने के लिए चरणबद्ध तरीके से स्कूलों का चयन किया जाए।
  • सीएसआर फंड के माध्यम से औद्योगिक संस्थानों से सहयोग प्राप्त करने के प्रयास किए जाएं।
  • राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों में सीटों की पूर्णता सुनिश्चित करने हेतु प्रतीक्षा सूची भी बनाई जाए।
  • जीर्ण-शीर्ण स्कूलों की मरम्मत तेजी से की जाए और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रभावी क्रियान्वयन

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को राज्य में प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। साथ ही शिक्षा में शामिल किए जाएं:

  • नैतिक शिक्षा
  • पर्यावरणीय जागरूकता
  • राज्य की सांस्कृतिक विरासत
  • लोककथा, संगीत, कला व साहित्य
  • क्षेत्रीय कौशल विकास और स्वास्थ्य शिक्षा

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सचिव रविनाथ रमन, अपर सचिव श्रीमती रंजना, माध्यमिक शिक्षा महानिदेशक सुश्री झरना कमठान, बेसिक शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।