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टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद विराट-अनुष्का पहुंचे वृंदावन, संत प्रेमानंद महाराज से ली आध्यात्मिक शिक्षा

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टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद विराट-अनुष्का पहुंचे वृंदावन, संत प्रेमानंद महाराज से ली आध्यात्मिक शिक्षा After retiring from Test cricket, Virat and Anushka reached Vrindavan and received spiritual teachings from Saint Premanand Maharaj

टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा के बाद पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली और उनकी पत्नी, अभिनेत्री अनुष्का शर्मा, मंगलवार सुबह वृंदावन पहुंचे। यहां दोनों ने श्रीराधे हित केली कुंज आश्रम में संत प्रेमानंद महाराज से भेंट की और आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त किया।

यह विराट कोहली की संन्यास के बाद पहली सार्वजनिक उपस्थिति मानी जा रही है, जो एक आध्यात्मिक केंद्र में हुई, जिससे यह संकेत मिलता है कि वे अब आंतरिक शांति और आत्मिक अनुभवों की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

संत प्रेमानंद महाराज का संदेश: “कृपा का अर्थ वैभव नहीं, चेतना का परिवर्तन है”

भेंट के दौरान संत प्रेमानंद महाराज ने विराट और अनुष्का को संबोधित करते हुए कहा:

“जब प्रभु कृपा करते हैं, तो वो वैभव नहीं देते, वो अंतर का चिंतन बदलते हैं। यही असली कृपा है — जब हमारे अनंत जन्मों के संस्कार भष्म होकर, जीवन एक नवीन और उत्तम दिशा में आगे बढ़ता है।”

उन्होंने समझाया कि दुनिया की नजर में जो यश, कीर्ति और भौतिक वैभव है, वह केवल पुण्य का फल होता है, प्रभु की कृपा नहीं। कृपा तब मानी जाती है जब जीव बाह्य सुखों से विमुख होकर अंदर की ओर यात्रा शुरू करे।

प्रतिकूलता ही बनती है वैराग्य की राह

संत महाराज ने विराट कोहली और अनुष्का शर्मा से चर्चा करते हुए यह भी कहा:

“बिना प्रतिकूलता के संसार का मोह समाप्त नहीं होता। जब तक सब अनुकूल है, हम भोग में लीन रहते हैं। लेकिन जब प्रतिकूल परिस्थितियां आती हैं, तभी वैराग्य का बीज अंकुरित होता है।”

उन्होंने बताया कि भगवान दो प्रकार से कृपा करते हैं — एक, संतों का संग देकर, और दूसरी, विपरीत परिस्थितियां देकर। इन्हीं से व्यक्ति को अपने जीवन के असली उद्देश्य का बोध होता है।

वृंदावन में आत्मिक शांति की खोज

विराट कोहली का यह दौरा उस खिलाड़ी की बदलती मानसिकता को दर्शाता है, जो जीवन के सक्रिय चरण से विराम लेकर अब आध्यात्मिक यात्रा पर आगे बढ़ रहा है। अनुष्का शर्मा, जो पहले भी योग और अध्यात्म में रुचि रखती रही हैं, इस यात्रा में उनके साथ दिखाई दीं।

विराट-अनुष्का की वृंदावन यात्रा केवल एक व्यक्तिगत भेंट नहीं, बल्कि एक गहन आध्यात्मिक संकेत है। यह दर्शाता है कि सफलता और प्रसिद्धि के शिखर पर पहुंचने के बाद भी, जीवन का अंतिम सत्य अंदर की शांति और आध्यात्मिक ज्ञान में ही छिपा है।

ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पीएम मोदी का आदमपुर एयरबेस दौरा: पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा को करारा जवाब

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ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पीएम मोदी का आदमपुर एयरबेस दौरा: पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा को करारा जवाब

ऑपरेशन सिंदूर‘ के तहत भारत की ओर से मिली कामयाबी के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पंजाब के आदमपुर एयरबेस का दौरा कर एक बार फिर यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत न सिर्फ सैन्य मोर्चे पर सतर्क है, बल्कि सूचना युद्ध में भी पूरी तरह तैयार है।

प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय हुआ है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य तनाव के बाद पाकिस्तान ने यह झूठा दावा किया था कि उसने भारत के आदमपुर एयरबेस को गंभीर नुकसान पहुंचाया है और यहां तैनात एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम को भी नष्ट कर दिया है। पीएम मोदी की उपस्थिति ने न सिर्फ इन दावों को झूठा सिद्ध किया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान के दुष्प्रचार अभियान को बेनकाब भी किया।


जवानों के साथ एकजुटता का प्रदर्शन

जालंधर स्थित इस प्रमुख एयरबेस पर पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी ने वायुसेना के जवानों से मुलाकात की और उन्हें ‘भारत माता की जय’ तथा ‘वंदे मातरम’ के नारों के साथ उत्साहवर्धन किया। यह दृश्य न केवल देशवासियों में गर्व भरने वाला था, बल्कि पाकिस्तान को यह भी दिखाने के लिए पर्याप्त था कि भारत अपने सशस्त्र बलों के साथ एकजुट है।


तस्वीरों के पीछे का रणनीतिक संदेश

प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान सामने आई एक तस्वीर विशेष रूप से चर्चा में रही, जिसमें उनके पीछे MiG-29 लड़ाकू विमान और अत्याधुनिक S-400 एयर डिफेंस सिस्टम स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे थे। यह केवल एक सामान्य फोटो अवसर नहीं था, बल्कि एक रणनीतिक संदेश था:

  • पाकिस्तान द्वारा किए गए झूठे दावे कि एयरबेस नष्ट हो चुका है – पूरी तरह असत्य सिद्ध हुए।
  • भारत का सुरक्षा ढांचा पूरी तरह सक्रिय और सुरक्षित है।
  • सरकार अपने सैन्य ढांचे और सैनिकों के मनोबल को लेकर पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है।

प्रोपेगैंडा को जवाब देने की भारतीय रणनीति

पाकिस्तान लंबे समय से सूचना युद्ध और प्रोपेगेंडा का सहारा लेकर भारत की छवि को धूमिल करने की कोशिश करता रहा है। लेकिन इस बार भारत ने केवल सैन्य स्तर पर नहीं, बल्कि प्रभावशाली दृश्य और कूटनीतिक संकेतों के जरिए पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब दिया।

प्रधानमंत्री का यह दौरा दर्शाता है कि भारत अब न सिर्फ आतंक और संघर्ष का जवाब देता है, बल्कि झूठे प्रचार को भी उसी दृढ़ता से नेस्तनाबूद करता है।


निष्कर्ष

प्रधानमंत्री मोदी का आदमपुर एयरबेस दौरा केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं थी, बल्कि एक साफ और सटीक संदेश था – भारत हर मोर्चे पर सतर्क है, चाहे वह सीमा हो या सूचना का क्षेत्र। यह संदेश न केवल दुश्मनों के लिए चेतावनी है, बल्कि देशवासियों के लिए भी एक प्रेरणा है कि भारत आज आत्मविश्वास, शक्ति और सच्चाई के साथ खड़ा है

Well Done Uttarakhand पुष्कर सरकार के बढ़ते कदम

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उत्तराखंड का शानदार प्रदर्शन: छोटे राज्यों में वित्तीय प्रदर्शन में गोवा के बाद दूसरा स्थान

उत्तराखंड ने वित्तीय प्रबंधन और सुशासन के क्षेत्र में एक और शानदार उपलब्धि हासिल की है। देश की प्रतिष्ठित बिजनेस समाचार वेबसाइट फाइनेंशियल एक्सप्रेस की ताजा रैंकिंग के अनुसार, छोटे राज्यों की वित्तीय स्थिति के मामले में उत्तराखंड ने गोवा के बाद दूसरा स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि राज्य के मजबूत वित्तीय अनुशासन, पारदर्शी प्रशासन और विकासोन्मुख नीतियों का परिणाम है। रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्तराखंड ने राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने, स्वयं के कर राजस्व में वृद्धि, बकाया ऋण को संतुलित करने और सरकारी गारंटियों के प्रबंधन में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। इसके अलावा, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सामाजिक क्षेत्रों में बेहतर निवेश ने भी राज्य की रैंकिंग को और मजबूती प्रदान की है।

सुशासन में भी उत्तराखंड अव्वल
वित्तीय प्रबंधन के साथ-साथ उत्तराखंड ने सुशासन के क्षेत्र में भी अपनी धाक जमाई है। राज्य में व्यवसायिक माहौल को बेहतर बनाने, न्यायिक प्रक्रियाओं को तेज करने और डिजिटल ई-सेवाओं को सशक्त करने के प्रयासों ने उत्तराखंड को प्रशासनिक दक्षता में अग्रणी बनाया है।

उत्तराखंड की यह सफलता नीति-निर्माण और कार्यान्वयन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार की दृढ़ता का उदाहरण पेश करती है। राज्य सरकार ने भविष्य में विकास की गति को और तेज करने का संकल्प लिया है, ताकि उत्तराखंड न केवल वित्तीय, बल्कि समग्र विकास के मामले में भी देश में शीर्ष पर पहुंचे।
उत्तराखंड सरकार अब डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने, पर्यटन को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने पर विशेष ध्यान दे रही है।


“उत्तराखंड के लिए यह गर्व का क्षण है। छोटे राज्यों में वित्तीय प्रदर्शन में दूसरा स्थान हासिल करना हमारी सरकार की नीतियों, कड़ी मेहनत और जनता के विश्वास का परिणाम है। हमने वित्तीय अनुशासन को प्राथमिकता दी और शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल सेवाओं व न्याय व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया। ‘डबल इंजन सरकार’ के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में हम उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा लक्ष्य उत्तराखंड को ऐसा राज्य बनाना है, जहां हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं और अवसर उपलब्ध हों। यह उपलब्धि उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक और कदम है, जो विकास और समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

CBSE Result 2025

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने CBSE 12वीं के छात्रों को दी बधाई

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा घोषित कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम में उत्तीर्ण सभी विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा:

“यह सफलता आप सभी के परिश्रम, समर्पण और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। आप हमारे राष्ट्र के भविष्य के निर्माता हैं। आशा है कि आप जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में इसी तरह निरंतर प्रगति करते रहेंगे और **नई ऊंचाइयों को छुएंगे।”

उन्होंने उन विद्यार्थियों का भी उत्साहवर्धन किया, जिनका परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा:

“यदि परिणाम आपकी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं आया, तो निराश न हों। यह कोई अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि स्वयं को समझने, सुधारने और आगे बढ़ने का एक अवसर है।”


CBSE 12वीं परीक्षा 2024 – प्रमुख तथ्य

  • परीक्षा अवधि: 15 फरवरी से 4 अप्रैल 2024
  • परीक्षार्थी: लगभग 17.88 लाख छात्र-छात्राएं
  • कुल परीक्षार्थी (10वीं व 12वीं): लगभग 42 लाख

रीजन वाइज प्रदर्शन (पास प्रतिशत):

क्षेत्रपास प्रतिशत
विजयवाड़ा99.60%
त्रिवेंद्रम99.32%
चेन्नई97.39%
बेंगलुरु95.95%
दिल्ली (वेस्ट)95.17%
दिल्ली (ईस्ट)95.06%
चंडीगढ़/पंचकूला91.61%
भोपाल91.17%
पुणे90.93%
अजमेर90.40%
भुवनेश्वर83.64%
गुवाहाटी83.62%
देहरादून83.45%
पटना82.86%
भोपाल (अन्य)82.46%
नोएडा81.29%
प्रयागराज79.53%

स्कूल प्रकार के अनुसार उत्तीर्ण प्रतिशत:

  • जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) – 99.29%
  • केन्द्रीय विद्यालय (KV) – 99.05%
  • STSS स्कूल – 98.96%
  • सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल – 91.57%
  • सरकारी स्कूल – 90.48%
  • निजी / स्वतंत्र स्कूल – 87.94%

महत्वपूर्ण आँकड़े:

  • पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष पास प्रतिशत में 0.41% की वृद्धि दर्ज की गई।
  • लड़कियों ने लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया — लड़कियों का कुल पास प्रतिशत 91% से अधिक रहा, जो कि लड़कों से 5.94% ज्यादा है।

ज्येष्ठ माह का पहला बड़ा मंगल पूजा विधि, नियम और मंत्र

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  • 13 मई: पहला बड़ा मंगल – हनुमान जी की भक्ति का पर्व
    हर साल ज्येष्ठ माह के मंगलवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाने वाला बड़ा मंगल, इस बार 13 मई को पहली बार मनाया जा रहा है। इसे बुढ़वा मंगल भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन विशेष रूप से हनुमान जी के वृद्ध स्वरूप की पूजा की जाती है।
    बड़ा मंगल क्यों मनाया जाता है? – ऐतिहासिक कथा
    इस पर्व की शुरुआत एक ऐतिहासिक घटना से मानी जाती है, जिसका संबंध लखनऊ से है। कहा जाता है कि अवध के नवाब वाजिद अली शाह का बेटा लंबे समय से बीमार था। जब इलाज से कोई लाभ नहीं हुआ, तो किसी ने नवाब और उनकी बेगम को अलीगंज के पुराने हनुमान मंदिर में मंगलवार को प्रार्थना करने की सलाह दी।
    नवाब और बेगम ने पूरी श्रद्धा से भगवान हनुमान से दुआ मांगी। कुछ ही दिनों में उनके बेटे की तबीयत में चमत्कारिक रूप से सुधार होने लगा। इस आस्था से प्रभावित होकर नवाब ने मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया और हर ज्येष्ठ मंगलवार को भंडारे और सेवा की परंपरा शुरू की। तभी से लखनऊ में बड़ा मंगल विशेष रूप से मनाया जाने लगा।

    पौराणिक मान्यताएं – हनुमान जी की लीला
    बड़े मंगल से जुड़ी कई धार्मिक कथाएं भी प्रसिद्ध हैं:
    राम-हनुमान मिलन की कथा
    मान्यता है कि ज्येष्ठ के एक मंगलवार को ही भगवान श्रीराम और हनुमान जी का प्रथम मिलन हुआ था। यह मिलन धर्म, सेवा और भक्ति की मिसाल बन गया।
    भीम का घमंड तोड़ने वाली कथा (महाभारत काल)
    द्वापर युग में, जब पांडव वनवास में थे, भीम गंधमादन पर्वत से पुष्प लाने निकले। रास्ते में उन्हें एक वृद्ध वानर मिले (जो वास्तव में हनुमान जी थे)। वानर की पूंछ रास्ते में थी और भीम ने उसे हटाने को कहा। जब भीम खुद उसे हिलाने लगे, तो पूरी ताकत लगाने के बावजूद पूंछ नहीं हिला सके।
    तब वानर रूपी हनुमान जी ने अपना वास्तविक रूप दिखाया और भीम का अहंकार तोड़ा। इस घटना ने यह सिखाया कि शक्ति के साथ विनम्रता भी जरूरी है।

    बड़ा मंगल पर ध्यान रखने योग्य बातें
    लाल, भगवा या पीले वस्त्र पहनें – ये रंग शुभ माने जाते हैं।
    काले और सफेद कपड़ों से परहेज करें।
    सात्विक भोजन करें। मांस, शराब, लहसुन और प्याज जैसे तामसिक भोजन से दूर रहें।
    ब्रह्मचर्य और संयमित आचरण अपनाएं।
    किसी से कठोर भाषा न बोलें, सभी से मधुरता और विनम्रता से व्यवहार करें।
    मन में शुद्ध भावना बनाए रखें – यही सच्ची पूजा है।

    बड़ा मंगल केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सेवा, आस्था और विनम्रता का उत्सव है। इस दिन भगवान हनुमान के प्रति समर्पण दिखाते हुए, हम भी अपने जीवन में धैर्य, श्रद्धा और सेवा की भावना को अपनाएं।
  • ॐ नमो भगवते हनुमते नम:
  • ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकायं हुं फट्
  • ॐ नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा

मुख्यमंत्री ने ₹12.51 करोड़ की लागत से हरबंश कपूर मेमोरियल कम्युनिटी हॉल का किया लोकार्पण

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को निकट छावनी परिषद कार्यालय, गढ़ीकैंट में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹ 12.51 करोड़ की लागत से निर्मित हरबंश कपूर मेमोरियल कम्युनिटी हॉल का लोकार्पण किया।

उचित दरों पर आमजन को उपलब्ध हो सके सामुदायिक भवन

मुख्यमंत्री ने स्व. हरबंस कपूर को नमन करते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन राज्य और देहरादून की सेवा, विकास एवं जनकल्याण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने जीवनभर, जनसेवा को प्राथमिकता दी। अपने व्यवहार से उन्होंने प्रत्येक नागरिक के दिल में विशेष जगह बनाई। मुख्यमंत्री ने कहा एमडीडीए द्वारा 12 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से निर्मित ये सामुदायिक भवन अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। कम्युनिटी हॉल के बनने से क्षेत्र के लोगों की आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा, एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए भी सामाजिक आयोजनों का एक प्रमुख केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री ने एम.डी.डी.ए. को सामुदायिक भवन के संचालन के लिए एस.ओ.पी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा ऐसी व्यवस्था बनायी जाए कि यह सामुदायिक भवन उचित दर पर आमजन को आसानी से उपलब्ध हो सके।

भारत की सेना ने दुश्मन की नापाक हरकतों का दिया करारा जवाब

मुख्यमंत्री ने देश की सेना के शौर्य का जिक्र करते हुए कहा कि सेना ने अदम्य साहस, पराक्रम और रणनीति से पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है। हमारे सशस्त्र बलों ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का मुंहतोड़ जवाब देते हुए पाकिस्तान में स्थित आतंकियों के ठिकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। भारत की सेना ने दुश्मन की नापाक हरकतों का करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीति के कारण आतंकवाद के खिलाफ सशक्त कार्रवाई हुई है। प्रधानमंत्री ने हमेशा मानवता पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने कहा केंद्र और राज्य सरकार राष्ट्र प्रथम की नीति पर चलती है। हमारे लिए राष्ट्र सबसे प्रथम है। उन्होंने कहा देश के जवान सरहदों पर मां भारती की सुरक्षा के लिए खड़े हैं। सेना का साहस अद्भुत है।

राज्य में सरकारी नौकरियां देने का शिलशिला रहेगा जारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार, उत्तराखंड के समग्र विकास हेतु निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में बुनियादी ढांचे, शिक्षा और स्वास्थ्य हर क्षेत्र में काम हो रहा है। राज्य में युवाओं को रोजगार देने में सारे रिकॉर्ड तोड़े गए हैं। बीते 3 सालों में 23 हजार से अधिक सरकारी नौकरियों में नियुक्तियां युवाओं को दी गई हैं, आगे भी अनवरत रूप से नौकरी देने का शिलशिला जारी रहेगा। उन्होंने कहा देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू करने का ऐतिहासिक कार्य किया गया है। पूर्व की सरकारों की विफलताओं के कारण देवभूमि की डेमोग्राफी में गंभीर बदलाव देखने को मिल रहे थे। जिसके लिए राज्य सरकार ने देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के लिए कठोर कदम उठाए हैं।

रिस्पना और बिंदाल के ऊपर एलिवेटेड रोड के निर्माण की योजना है तैयार

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देहरादून को आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए कार्य कर रही है। देहरादून में लगभग 14 सौ करोड़ रुपये की लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। देहरादून में ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य जारी है। रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर एलिवेटेड रोड के निर्माण की योजना भी तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा देहरादून को ऐसा शहर बनाया जा रहा है जो विकास, पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधाओं के क्षेत्र में देशभर में एक आदर्श उदाहरण बने। इसके साथ ही देहरादून दिल्ली एलिवेटेड रोड, सोंग बांध परियोजना, जैसी अनेकों योजनाओं पर कार्य जारी है।

श्रद्धालुओं के स्वागत और सुरक्षा के लिए तैयार देवभूमि

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में चार धाम यात्रा गतिमान है। राज्य सरकार चार धाम यात्रा पर निगरानी बनाए हुए हैं। हजारों की संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत एवं उनकी सुरक्षा के लिए संकल्पित है।

कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि जनता के आशीर्वाद से वो सैनिक से मंत्री बने हैं, उन्होंने कहा मुख्यमंत्री जी का संकल्प है कि जिन योजनाओं का वो शिलान्यास करते हैं, उनका लोकार्पण भी उन्हीं के हाथों से हो। मुख्यमंत्री जी प्रदेश के विकास को लेकर पूर्ण रूप से समर्पित हैं, उनके नेतृत्व में प्रदेश में समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण कानून जैसे ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में जवानों का मनोबल बढ़ाने का कार्य भी जारी है। शहीद जवानों के परिजनों को मिलने वाली राशि एवं मेडल से सम्मानित जवानों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को भी बढ़ाया गया है।

वी.सी (एम डी डी ए) बंशीधर तिवारी ने बताया कि हरबंश कपूर मेमोरियल कम्युनिटी हॉल डेढ़ साल में बनकर तैयार हो गया है। उन्होंने बताया मुख्यमंत्री जी ने इस भवन की नींव रखी थी। मुख्यमंत्री जी के निर्देशों पर एमडीडीए ने तय समय के अंदर भवन निर्माण कार्य पूरा किया है। जिसमें इसकी गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने बताया अन्य स्थानों पर भी ऐसे भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री जी का ध्येय आमजन को सहूलियत एवं उनके जीवन को सरल बनाना है जिसके अनुरूप विकास कार्य किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूरी, ब्रिगेडियर आर.एस. थापा, अध्यक्ष महानगर भाजपा सिद्धार्थ अग्रवाल, नेहा जोशी, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

महिला कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने योजनाओं की समीक्षा की, एकल महिला स्वरोजगार योजना जल्द कैबिनेट में

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Women Welfare Minister Rekha Arya reviewed the schemes, Single Women Self Employment Scheme will soon be presented in the Cabinet

देहरादून। महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने शुक्रवार को विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में एकल महिला स्वरोजगार योजना, आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका नियुक्ति प्रक्रिया, महिला कल्याण कोष, नंदा गौरा योजना और प्रस्तावित मुख्यमंत्री जच्चा-बच्चा शुभजीवन प्रोत्साहन योजना पर विस्तार से चर्चा हुई।

एकल महिला स्वरोजगार योजना फिर से कैबिनेट में रखी जाएगी

मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि एकल महिला स्वरोजगार योजना, जिसे पहले कैबिनेट में प्रस्तुत किया गया था, उसमें सुझाए गए संशोधनों को सम्मिलित कर पुनः प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। यह योजना अब अगली कैबिनेट बैठक में प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने कहा कि, “निश्चित रूप से यह योजना एकल महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

आंगनबाड़ी नियुक्तियों की प्रक्रिया अंतिम चरण में, 20-22 मई को नियुक्ति पत्र वितरण प्रस्तावित

राज्य के 12 जिलों में आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाओं की नियुक्ति के परिणाम घोषित हो चुके हैं। मंत्री ने निर्देश दिए कि एक सप्ताह तक आपत्तियाँ आमंत्रित की जाएँ और 3-4 दिन में उनका निस्तारण कर लिया जाए। इसके बाद 20 से 22 मई के मध्य चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे।

महिला कल्याण कोष की नियमावली कैबिनेट के लिए तैयार

रेखा आर्या ने कहा कि ‘महिला कल्याण कोष’ की नियमावली को जल्द ही कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा। इस कोष के लिए आबकारी विभाग से प्रति बोतल ₹1 का अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कोष सुरक्षा, स्वरोजगार और आपदा में राहत जैसे उद्देश्यों के लिए महिलाओं को लाभान्वित करेगा। इसके तहत अनाथ बच्चों और वृद्ध महिलाओं के संरक्षण का भी प्रावधान किया गया है।

गर्भवती महिलाओं और नवजातों के लिए गेम चेंजर योजना तैयार

मंत्री ने बताया कि “मुख्यमंत्री जच्चा-बच्चा शुभजीवन प्रोत्साहन योजना” को प्रदेश के मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। योजना में गर्भावस्था के पहले 1,000 दिन की देखभाल के लिए पोषण, स्वास्थ्य और आवश्यक सुविधाओं को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसे जल्द अंतिम रूप दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

नंदा गौरा योजना में ग्रेजुएशन स्तर पर प्रोत्साहन की तैयारी

मंत्री ने कहा कि ‘नंदा गौरा योजना’ में बदलाव कर यह प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है कि 12वीं के साथ-साथ ग्रेजुएशन उत्तीर्ण करने वाली बालिकाओं को भी आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाए, जिससे वे उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित हों।

जनहित में समर्पित कार्यशैली अपनाएं अधिकारी: सीएम धामी

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Officers should adopt dedicated work style in public interest: CM Dhami

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज्य के शासकीय कर्मचारियों को संबोधित करते हुए जनहित में संवेदनशीलता, पूर्ण निष्ठा और कार्यप्रणाली के सरलीकरण को अपनाने का मूलमंत्र दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मियों की कलम से निकले शब्द केवल आदेश नहीं, बल्कि राज्य के हर नागरिक के जीवन में आशा का संचार करते हैं।


सचिवालय प्रदेश की शासन व्यवस्था की आत्मा है: मुख्यमंत्री

कार्यक्रम का आयोजन उत्तराखंड सचिवालय संघ द्वारा किया गया, जहाँ मुख्यमंत्री ने कहा, “सचिवालय केवल भवन नहीं, बल्कि प्रदेश की नीति निर्माण की आत्मा है। यहां लिए गए निर्णय राज्य के हर वर्ग और क्षेत्र के कल्याण से जुड़े होते हैं।” उन्होंने सचिवालय कर्मियों को शासन और जनता के बीच की अहम कड़ी बताते हुए उनके योगदान की सराहना की।


पाकिस्तान के विरुद्ध भारतीय सेना के शौर्य को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम की शुरुआत में भारतीय सेना के पराक्रम के लिए आभार प्रकट करते हुए कहा कि पूरा उत्तराखंड, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारे सैनिकों के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा, “वीर भूमि उत्तराखंड का हर नागरिक जवानों के अदम्य साहस पर गर्व करता है।


सचिवालय परिसर में छह मंजिला वैकल्पिक भवन का शिलान्यास

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सचिवालय परिसर में छह मंजिला वैकल्पिक नए भवन के निर्माण का शिलान्यास किया। साथ ही, उन्होंने बताया कि अनुभागों व सचिवों के कार्यालयों के लिए ₹3 करोड़ की लागत से फर्नीचर और कंप्यूटर क्रय किए जाएंगे। सचिवालय कैंटीन और बैडमिंटन कोर्ट का जीर्णोद्धार भी प्रस्तावित कार्यों में शामिल है।


कर्मचारियों के कल्याण हेतु ऐतिहासिक निर्णय

मुख्यमंत्री ने सचिवालय कर्मियों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों की जानकारी दी:

  • सचिवालय परिसर में ब्लड कलेक्शन सेंटर की स्थापना – 270 प्रकार की जाँचें निःशुल्क।
  • वातानुकूलित क्रेच सेंटर और आधुनिक फिजियोथेरेपी सेंटर की स्थापना।
  • महिला कर्मचारियों को दो वर्षों तक सवैतनिक बाल्य देखभाल अवकाश (CCL)
  • कर्मचारी कल्याण कोष में ₹25 लाख की स्वीकृति।
  • GIS राशि में वृद्धि, कॉर्पोरेट सैलरी पैकेज, व निःशुल्क इंश्योरेंस की सुविधा।

डिजिटल सचिवालय की ओर सशक्त कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिवालय की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए कई डिजिटल पहलों को लागू किया गया है:

  • फाइल मूविंग मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से फाइल मूवमेंट पर निगरानी।
  • डिजिटल सर्विस बुक, पेपरलेस ऑफिस की दिशा में कार्य।
  • ACP व समयबद्ध पदोन्नति सुनिश्चित, सेवानिवृत्ति लाभों में वृद्धि

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को “देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य” बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प” के साथ पूर्ण प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।


इस अवसर पर विधायक खजानदास, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, आर. के. सुधांशु, सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, विनोद कुमार सुमन, सैन्य अधिकारी, सचिवालय कर्मचारी और संघ के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

भ्रष्टाचार पर धामी सरकार का सख्त रुख, नैनीताल में मुख्य कोषाधिकारी रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

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भ्रष्टाचार पर धामी सरकार का सख्त रुख, नैनीताल में मुख्य कोषाधिकारी रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

देहरादून/नैनीताल। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को विजिलेंस टीम ने नैनीताल के मुख्य कोषाधिकारी और कोषागार के एकाउंटेंट को ₹1.20 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

पिछले तीन वर्षों में विजिलेंस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने अब तक 150 से अधिक अधिकारियों, कर्मचारियों और माफियाओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, जिनमें IAS, IFS, इंजीनियर, जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर तक शामिल हैं। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी स्तर के व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा

प्रमुख मामलों में तेज़ कार्रवाई

राज्य भर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों पर की गई विजिलेंस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि सरकार किसी भी भ्रष्टाचार की शिकायत पर त्वरित और ठोस कार्रवाई कर रही है। प्रमुख मामलों में शामिल हैं:

  • AE, लोक निर्माण विभाग (नैनीताल): ₹10,000 रिश्वत लेते पकड़ा गया
  • JE, बिजली विभाग (हरबर्टपुर): ₹15,000 रिश्वत लेते गिरफ्तार
  • LIU उप निरीक्षक व मुख्य आरक्षी (रामनगर): गिरफ्तार
  • RTO कर्मचारी (कोटद्वार): ₹3,000 रिश्वत लेते गिरफ्तार
  • AGM, रोडवेज (काशीपुर): ₹90,000 रिश्वत मांगने पर गिरफ्तार
  • खंड शिक्षा अधिकारी (खानपुर): ₹10,000 रिश्वत लेते गिरफ्तार
  • GST असिस्टेंट कमिश्नर (देहरादून): ₹75,000 रिश्वत लेते गिरफ्तार
  • जिला आबकारी अधिकारी (रुद्रपुर): ₹1 लाख रिश्वत मांगने पर कार्रवाई
  • कानूनगो (पौड़ी): भूमि सीमांकन के एवज में ₹15,000 रिश्वत लेते पकड़ा गया
  • सीएम हेल्पलाइन कर्मचारी (हरिद्वार): शिकायत निपटाने के एवज में रिश्वत मांगने पर गिरफ्तार

नकल विरोधी कानून बना बदलाव का आधार

शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए लागू किए गए नकल विरोधी कानून के तहत भी बड़ी कार्रवाई हुई है। अब तक 80 से अधिक नकल माफियाओं को गिरफ्तार किया गया है। इसका असर यह रहा है कि पिछले तीन वर्षों में करीब 23,000 युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरी दी गई है, और नकल की एक भी शिकायत सामने नहीं आई है।

धामी सरकार की नीति ला रही है बदलाव

मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया है कि सरकार की प्राथमिकता स्वच्छ प्रशासन, पारदर्शिता और जनविश्वास की पुनर्स्थापना है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह निर्णायक अभियान आने वाले समय में भी जारी रहेगा।

चारधाम यात्रा से बढ़ा यातायात दबाव, मुख्यमंत्री धामी ने की प्रमुख सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग

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चारधाम यात्रा से बढ़ा यातायात दबाव, मुख्यमंत्री धामी ने की प्रमुख सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग

नई दिल्ली। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर राज्य की प्रमुख सड़कों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण मांगें रखीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में चारधाम यात्रा के दौरान पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, जिससे राज्य की सड़कों पर यातायात का दबाव तेजी से बढ़ा है। ऐसे में सड़कों की यातायात वहन क्षमता में वृद्धि और उनके समुचित रख-रखाव की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश बाईपास परियोजना को स्वीकृति देने का अनुरोध करते हुए कहा कि इससे क्षेत्रीय संपर्क, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। साथ ही, उन्होंने बिहारीगढ़ से रोशनाबाद तक के 33 किमी लंबे राज्य मार्ग और काठगोदाम से पंचेश्वर तक के 189 किमी लंबे मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग की।

अवसंरचना विकास के लिए त्वरित स्वीकृति की मांग

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की कई महत्वपूर्ण सड़क और अवसंरचना परियोजनाओं को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए इनके त्वरित क्रियान्वयन की मांग की। उन्होंने केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि के तहत अवशेष 367.69 करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति शीघ्र किए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया।

देहरादून शहर की यातायात समस्याओं के समाधान हेतु उन्होंने बिंदाल और रिस्पना नदियों पर प्रस्तावित एलिवेटेड रोड को एनएच-07 के लूप के रूप में स्वीकृत करने का अनुरोध किया।

मानसखंड परियोजना और अन्य प्रस्तावों पर भी चर्चा

मुख्यमंत्री ने मानसखंड परियोजना के तहत 508 किमी लंबाई की 20 पौराणिक मंदिरों से जुड़ी सड़कों के उन्नयन के लिए प्रस्तावित 8000 करोड़ रुपये की लागत वाली योजना के पहले चरण के लिए 1000 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत करने की मांग रखी। इसके अतिरिक्त, खटीमा में रिंग रोड, पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार से प्रभावित एनएच-109 के पुनः संरेखण, तथा एनएच-07 पर प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर के लिए 110 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता की भी मांग की।

उन्होंने एनएच-507 पर बाड़वाला से लखवाड़ बैंड (28 किमी) और एनएच-534 पर दुगड्डा से गुमखाल (18.10 किमी) तक चौड़ीकरण कार्यों की शीघ्र स्वीकृति का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए केंद्र से सभी प्रस्तावों पर शीघ्र निर्णय लिए जाने की अपील की। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इन सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय और स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा भी उपस्थित रहे।