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पंचायत चुनावो में मीडिया कालनेमि चूरन चटा गए

पंचायत चुनावो में मीडिया कालनेमि चूरन चटा गए पंचायत चुनाव में मीडिया वाले छोटे से लेकर बड़े पेट वाले कालनेमि कई चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी को जीत दिलवाने का ठेका लिए घूम कर माहौल बनाते रहे चुनाव की रात पहले चुनाव वाले प्रत्याशी को पता चला उनका चूरन मतदाता तक कोई काम नहीं किया कई अब पैसे फ़ोकट में दिए जाने पर ऐसे कालनेमि मीडिया वालो को कोस रहे है लेकिन कहते है अब पछतावे होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत।

दूसरे चरण का प्रचार शनिवार को थम जाएगा पंचायत प्रत्याशी ऐसे कालनेमि मीडिया वालो से सावधान रहे जो आपको चुनाव में जीत दिलवाने का सपना दिखा कर अपना चूरन बेच कर पंचायत चुनाव में धोखा कर रहे है मतदाता पंचायत चुनाव में सबसे बड़ा भरोसा है अगर उसकी कसौटी पर प्रत्याशी खरा है तो कोई ताकत चुनाव में हार नहीं दे सकती फ़िलहाल ऐसे कालनेमि अगर आपसे चुनाव में जीत दिलवाने पर पैसे की डिमांड कर रहे है तो इनकी शिकायत पुलिस से जरूर करे।

पंचायत चुनाव के द्वितीय चरण में 40 विकासखंडों में 28 जुलाई को होने वाले मतदान के दृष्टिगत प्रचार का शोर शनिवार शाम पांच बजे थम जाएगा। शनिवार से ही पोलिंग पार्टियों की रवानगी शुरू हो जाएगी। द्वितीय चरण में 5033 पदों के लिए 14751 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा।

ये डीएम आईएएस कुछ अलग है उत्तराखंड में बन गया मिसाल

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ये डीएम आईएएस कुछ अलग है उत्तराखंड में बन गया मिसाल उत्तराखंड में एक आईएएस ऐसा भी है जो देहरादून से सरकार का साफ सन्देश देने का काम कर रहा है नाम है देहरादून डीएम सबीन बंसल ताजा मामला देहरादून आबकारी अधिकारी की हाई कोर्ट में सही पैरवी नहीं किये जाने को पेश किये तथ्य खुले तो अधिकारी को निलंबित कर दिया गया ये सब डीएम की साफ नियत से संभव हो पाया है मुख्यमंत्री के साफ सन्देश है जीरो टॉलरेंस का पालन सभी अफसरों को उत्तराखंड में करना है ताकि सरकार की साफ छवि का सन्देश जनता के बीच जाएं

अमित शाह के फलक पर चमके पुष्कर सिंह धामी, तारीफ से सियासी तापमान चढ़ा

अमित शाह के फलक पर चमके पुष्कर सिंह धामी, तारीफ से सियासी तापमान चढ़ा देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना के बाद अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी धामी की खुलकर तारीफ की है। उत्तराखंड से लौटने के दो दिन बाद, शाह ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया पोस्ट में मुख्यमंत्री की भूरि-भूरि प्रशंसा की, जिससे प्रदेश की सियासत में हलचल मच गई है।

शनिवार को रुद्रपुर में आयोजित निवेश ग्राउंडिंग समारोह में गृह मंत्री शाह ने भाग लिया था। उस दौरान मंच पर मुख्यमंत्री और शाह के बीच सामंजस्य और तालमेल साफ दिखाई दिया। एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की दिशा में हुई प्रगति पर शाह ने न सिर्फ खुशी जताई, बल्कि सार्वजनिक मंच से मुख्यमंत्री की पीठ थपथपाई, जिससे सियासी संकेत और स्पष्ट हो गए।

सोमवार को शाह की फेसबुक पोस्ट ने उन चर्चाओं को और बल दे दिया, जो अब तक सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी और धामी के बीच निकटता तक सीमित थीं। शाह ने लिखा,

“मैदानी राज्यों की तुलना में पहाड़ी राज्यों में निवेश लाना किसी पहाड़ चढ़ने से कम नहीं होता, लेकिन उत्तराखंड में एक लाख करोड़ से अधिक निवेश आना सभी परंपरागत धारणाओं को तोड़ता है। इसके लिए मैं राज्य की जनता की ओर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को साधुवाद देता हूं।”

शाह की इस पोस्ट के बाद राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें तेज़ हो गई हैं कि अब धामी केवल प्रधानमंत्री के नहीं, बल्कि गृह मंत्री के भी विश्वासपात्र नेताओं में शुमार हो गए हैं। इससे उनके राजनैतिक विरोधियों की बेचैनी बढ़ गई है, और पार्टी फोरम पर भी एक स्पष्ट संदेश गया है।

मुख्यमंत्री धामी पहले भी कई मौकों पर अपनी नीतिगत स्पष्टता, दृढ़ नेतृत्व और युवाओं से जुड़ाव के कारण चर्चा में रहे हैं। अब गृह मंत्री की प्रशंसा ने उनके राष्ट्रीय कद को और मज़बूती दी है।

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा, सियासी हलचल तेज

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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा, सियासी हलचल तेज

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार शाम अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भेजे गए पत्र में उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने की घोषणा की है। हालांकि, संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन हुए इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

धनखड़ का इस्तीफा ऐसे समय पर आया है जब वे संसद के मानसून सत्र की पहली बैठक की अध्यक्षता सफलतापूर्वक कर चुके थे। इसके बाद उनके अचानक इस्तीफे की खबर ने सभी को चौंका दिया। विपक्ष ने इस मुद्दे को तुरंत लपक लिया और इस्तीफे के पीछे संभावित राजनीतिक कारणों की अटकलें तेज़ हो गईं।

गौरतलब है कि 2022 में उपराष्ट्रपति चुने गए जगदीप धनखड़ का कार्यकाल अगस्त 2027 तक था। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर मुखर बयान दिए, जो अक्सर सियासी चर्चाओं का कारण बने।

हालांकि सरकारी तौर पर केवल स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया गया है, लेकिन इस्तीफे की टाइमिंग और अचानक हुई घोषणा के कारण इसे लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

Investment Festival Rudarpur सरकार मनाएगी एक लाख करोड़ रुपये के निवेश की उपलब्धि, अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि

सरकार मनाएगी एक लाख करोड़ रुपये के निवेश की उपलब्धि, अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि

उत्तराखंड सरकार कल एक विशेष निवेश उत्सव का आयोजन करने जा रही है, जिसमें अब तक राज्य में हुए एक लाख करोड़ रुपये के निवेश की ग्राउंडिंग का जश्न मनाया जाएगा। इस मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे।

यह आयोजन रुद्रपुर के स्पोर्ट्स स्टेडियम में दोपहर 1 बजे से शुरू होगा, जिसमें उत्तराखंड में हाल ही में स्थापित विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।

ऊर्जा क्षेत्र में सर्वाधिक निवेश

वैश्विक निवेशक सम्मेलन (Global Investors Summit) के तहत अब तक उत्तराखंड में सबसे ज्यादा निवेश ऊर्जा क्षेत्र में हुआ है, जिसकी ग्राउंडिंग राशि 40,341 करोड़ रुपये रही। इसके बाद विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेशकों ने खास दिलचस्पी दिखाई है।

निवेश प्रस्तावों और ग्राउंडिंग का आँकड़ा

अब तक कुल 1,779 एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिनकी अनुमानित निवेश राशि 3.57 लाख करोड़ रुपये है। इनमें से एक लाख करोड़ रुपये का निवेश अब धरातल पर उतर चुका है, जिससे राज्य में 81,327 नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

विभागएमओयू की संख्याप्रस्तावित निवेशग्राउंडिंग निवेश
ऊर्जा157₹1,03,459 करोड़₹40,341 करोड़
उद्योग658₹78,448 करोड़₹34,086 करोड़
आवास125₹41,947 करोड़₹10,055 करोड़
पर्यटन437₹47,646 करोड़₹8,500 करोड़
उच्च शिक्षा28₹6,675 करोड़₹5,116 करोड़
स्वास्थ्य39₹25,785 करोड़₹2,500 करोड़
अन्य374₹79,518 करोड़₹3,292 करोड़

सरकार का फोकस: निवेशकों को समर्थन, राज्य को विकास

निवेश उत्सव के दौरान निवेशकों से फीडबैक भी लिया जाएगा और उन्हें सरकार की औद्योगिक प्रोत्साहन नीतियों की जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा:

“उद्योगों की स्थापना के लिए राज्य सरकार हर संभव सहायता दे रही है। बेहतर आधारभूत ढांचा, शांत वातावरण और नीति-समर्थन के चलते उत्तराखंड निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। यह निवेश रोजगार और समृद्धि के नए रास्ते खोल रहा है।”
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

आईएएस सबीन बंसल: उत्तराखंड सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का प्रतिबिंब

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आईएएस सबीन बंसल: उत्तराखंड सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का प्रतिबिंब

देहरादून, उत्तराखंड की राजधानी और सबसे प्रमुख जिलों में से एक, न केवल प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र है बल्कि राज्य सरकार की नीतियों की छवि का भी प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में जब किसी जिले के जिलाधिकारी की कार्यशैली सरकार की नीतियों का सजीव उदाहरण बन जाए, तो वह पूरे प्रदेश के लिए एक आदर्श बन जाता है। देहरादून के डीएम आईएएस सबीन बंसल ऐसे ही प्रशासनिक अधिकारी हैं, जो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जीरो टॉलरेंस नीति को जमीन पर सख्ती से लागू करते नज़र आते हैं।

जनता से सीधा संवाद और सख्त निर्णय

डीएम कार्यालय में प्रतिदिन लगने वाला जनता दरबार आम लोगों को प्रशासन से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बन गया है। फरियादियों की शिकायतों को न केवल गंभीरता से सुना जा रहा है, बल्कि ज़रूरी मामलों में त्वरित कार्रवाई भी की जा रही है। सबीन बंसल की कार्यशैली में निष्पक्षता और कठोरता साफ झलकती है। जिले के अधिकारियों पर समय-समय पर की गई सख्त कार्रवाइयों से यह संदेश स्पष्ट है कि वे किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करते।

सरकार की सकारात्मक छवि निर्माण में अग्रणी

सबीन बंसल ने देहरादून जिले में जनविश्वास और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी है। उनकी कार्यशैली न केवल जिले में बल्कि पूरे प्रदेश में सरकार की ईमानदार और प्रतिबद्ध छवि प्रस्तुत कर रही है। उनकी साफ-सुथरी प्रशासनिक पहचान अन्य जिलों के अधिकारियों के लिए भी प्रेरणा बन चुकी है।

एक मिसाल, जिसे अपनाने की ज़रूरत

यह आवश्यक है कि प्रदेश सरकार जिलों में सरकार की योजनाओं की वास्तविक डिलीवरी का मूल्यांकन करे और उन ज़िलों में जहां कार्य निष्पादन कमजोर रहा है, वहां सबीन बंसल जैसे सक्षम और प्रतिबद्ध अधिकारियों की नियुक्ति की जाए। इससे न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार होगा, बल्कि जनता तक सरकार की योजनाओं का लाभ भी सही तरीके से पहुंचेगा।

देहरादून के डीएम के रूप में आईएएस सबीन बंसल ने यह साबित कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति और ईमानदारी हो, तो सरकार की नीतियों को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है। आज वे उत्तराखंड के उन चुनिंदा अफसरों में गिने जाते हैं, जो वास्तव में सरकार का आईना बनकर जनता और प्रशासन के बीच विश्वास की मज़बूत कड़ी बन चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को नंदा राजजात यात्रा के लिए किया आमंत्रित, अवस्थापना विकास हेतु 400 करोड़ की मांग

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को नंदा राजजात यात्रा के लिए किया आमंत्रित, अवस्थापना विकास हेतु 400 करोड़ की मांग

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने 2026 में प्रस्तावित पवित्र नंदा राजजात यात्रा के भव्य आयोजन की जानकारी दी और पर्यावरण अनुकूल अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु 400 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया। साथ ही प्रधानमंत्री को इस पर्वतीय महाकुंभ में सम्मिलित होने का आमंत्रण भी दिया।

हरिद्वार अर्धकुंभ के लिए 3500 करोड़ की मांग

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले अर्धकुंभ मेले की तैयारियों को लेकर 3500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की मांग की। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में पुलों की मरम्मत, पार्किंग, विद्युत आपूर्ति, जल व्यवस्था, स्वच्छता, यातायात और पैदल यात्रा मार्ग जैसी अवस्थापना सुविधाओं को सुदृढ़ करना आवश्यक है।

विद्युत प्रणाली के आधुनिकीकरण के लिए आग्रह

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार और ऋषिकेश में विद्युत लाइनों को भूमिगत करने और बिजली आपूर्ति को स्वचालित करने के उद्देश्य से तैयार की गई 1015 करोड़ की डीपीआर को आरडीएसएस योजना के अंतर्गत स्वीकृत करने का भी अनुरोध किया।

केदारनाथ-बदरीनाथ की तर्ज पर गंगा व शारदा कॉरिडोर

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार, ऋषिकेश और चंपावत में क्रमश: गंगा व शारदा कॉरिडोर के मास्टर प्लान के अनुसार अवस्थापना विकास के लिए सीएसआर फंडिंग सुनिश्चित करने हेतु संबंधित विभागों को निर्देशित किए जाने की अपील की।

यातायात और उद्योग क्षेत्र में भी अनुरोध

  • दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल को हरिद्वार तक विस्तारित करने की मांग।
  • ऊधमसिंह नगर के नेपा फार्म को सेमीकंडक्टर हब के रूप में विकसित करने हेतु सेमीकंडक्टर उद्योग की स्थापना का प्रस्ताव।
  • टनकपुर-बागेश्वर और ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल परियोजनाओं में मार्ग निर्माण की मांग।

धारचूला का घी और पुरोला का लाल चावल भेंट

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को कार्तिक स्वामी मंदिर की प्रतिकृति, आदि कैलाश यात्रा पर आधारित कॉफी टेबल बुक, और उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों जैसे कनार (धारचूला) का घी, पुरोला का लाल चावल, बासमती चावल, काला जीरा, गंध रैण, जम्बू, और स्थानीय शहद की सौगात भेंट की।

जल विद्युत परियोजनाओं और नदी जोड़ो योजना पर चर्चा

मुख्यमंत्री ने कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर 596 मेगावाट की 5 जल विद्युत परियोजनाओं के क्रियान्वयन की अनुमति प्रदान करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने पिंडर-कोसी लिंक परियोजना को केंद्र की विशेष योजना में शामिल किए जाने की मांग की। इस परियोजना से बागेश्वर, अल्मोड़ा और नैनीताल के 625 गांवों को पेयजल और सिंचाई सुविधा मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने यात्रा और जल जीवन मिशन की जानकारी ली

प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री से चारधाम यात्रा, आदि कैलाश यात्रा, और जल जीवन मिशन की प्रगति पर विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड को “विकसित भारत 2047” के विजन में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध बताया और राज्य के विकास में निरंतर सहयोग के लिए केंद्र सरकार का आभार प्रकट किया।

CM धामी ने रायपुर क्षेत्र में अतिवृष्टि प्रभावित इलाकों का किया स्थलीय निरीक्षण, प्रशासन को हर संभव मदद के निर्देश

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CM धामी ने रायपुर क्षेत्र में अतिवृष्टि प्रभावित इलाकों का किया स्थलीय निरीक्षण, प्रशासन को हर संभव मदद के निर्देश

देहरादून, 10 जुलाई 2025। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून के रायपुर क्षेत्र में अतिवृष्टि से प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया और जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद पहुंचाने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए।

मुख्यमंत्री ने किरसाली चौक, आईटी पार्क, ननूरखेड़ा, आमवाला, तपोवन और शांति विहार क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है।

ड्रेनेज व्यवस्था सुधारने और जलभराव रोकने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने नगर निगम और संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि:

  • नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।
  • जलभराव वाले क्षेत्रों में प्रभावी ड्रेनेज व्यवस्था विकसित की जाए।
  • संवेदनशील इलाकों में चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और पूर्व चेतावनी तंत्र सक्रिय रखा जाए।

पुलिस और विभागीय अमले को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश

मुख्यमंत्री धामी ने स्थानीय पुलिस बल, आपदा प्रबंधन विभाग, नगर निगम और अन्य सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि:

“किसी भी आकस्मिकता की स्थिति में त्वरित रिस्पॉन्स सुनिश्चित किया जाए और जान-माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।”

उन्होंने यह भी कहा कि रिस्पॉन्स टाइम कम करने के लिए सभी विभागों में आपसी समन्वय मजबूत किया जाए और ग्राउंड लेवल पर सतर्कता बनाए रखी जाए।

मुख्यमंत्री ने जनता को दिया भरोसा

मुख्यमंत्री ने स्थानीय निवासियों से संवाद के दौरान कहा कि राज्य सरकार हर चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में जनता के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया गया है और प्रभावित लोगों को हर संभव राहत व सहायता प्रदान की जाएगी।

काशीपुर: सूर्या फैक्ट्री में हाइड्रोजन सिलिंडर विस्फोट, एक की मौत, 10 घायल

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काशीपुर: सूर्या फैक्ट्री में हाइड्रोजन सिलिंडर विस्फोट, एक की मौत, 10 घायल

काशीपुर, 10 जुलाई 2025। काशीपुर के मुरादाबाद रोड स्थित सूर्या रोशनी लिमिटेड परिसर में गुरुवार को सुबह एक हाइड्रोजन सिलिंडर फटने से जोरदार धमाका हो गया। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 10 अन्य लोग घायल हो गए हैं। घायलों में एक की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। विस्फोट के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई और चारों ओर धुएं का गुबार फैल गया।

मृतक और घायलों का विवरण

इस हादसे में श्यामू यादव (29) निवासी ग्राम शेरवाह, जिला सीतापुर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, घायल रोहित (25), निवासी मुरादाबाद की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे आयुष्मान अस्पताल में भर्ती किया गया है।

अन्य घायल व्यक्तियों में शामिल हैं:

  • गौरव सिंह
  • गिरिजा देवी
  • मनीषा
  • रोहिताश
  • सजनी
  • आलोक
  • अंकित कुमार
  • रीता
  • पूनम
  • ज्योति

डॉक्टरों के मुताबिक इन सभी की हालत फिलहाल स्थिर है और खतरे से बाहर हैं।

अधिकारियों ने संभाली स्थिति

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत, जिलाधिकारी नीतिन भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा, एवं सीएमओ डॉ. के.के. अग्रवाल ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की।

फैक्ट्री परिसर सील, जांच शुरू

धमाके के तुरंत बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने सभी कर्मचारियों को बसों से बाहर भेज दिया और पूरे परिसर को सील कर दिया गया है। घटना के कारणों की प्राथमिक जांच प्रारंभ हो चुकी है। पुलिस व अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं और फोरेंसिक विश्लेषण के लिए भी सैंपल जुटाए जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल

विस्फोट के बाद आसपास के इलाकों में भय और भ्रम का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से औद्योगिक सुरक्षा मानकों की समीक्षा की मांग की है। वहीं, यह भी देखा जा रहा है कि क्या फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था या नहीं।

निष्कर्ष:

काशीपुर में हुए इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा और निगरानी तंत्र की गंभीरता पर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासनिक अमले की तत्परता से तत्काल राहत कार्य संभव हुआ, लेकिन इस घटना की समग्र जांच जरूरी है ताकि ऐसे हादसे दोहराए न जाएं

देवभूमि में ‘ऑपरेशन कालनेमि’: छद्म भेषधारियों पर चलेगा सरकार का डंडा

देवभूमि में ‘ऑपरेशन कालनेमि’: छद्म भेषधारियों पर चलेगा सरकार का डंडा

देहरादून, 10 जुलाई। उत्तराखंड में सनातन धर्म की आड़ में पाखंड फैलाने वालों और महिलाओं को भ्रमित कर ठगी करने वाले छद्म भेषधारियों पर अब सरकार का शिकंजा कसने वाला है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऐसे तत्वों के विरुद्ध “ऑपरेशन कालनेमि” चलाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की धार्मिक-सांस्कृतिक गरिमा और देवभूमि की पवित्र पहचान को किसी भी कीमत पर आंच नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से ऐसे छल-कपट करने वाले भेषधारियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा है।

कालनेमि की आड़ में चल रहा पाखंड

मुख्यमंत्री ने कहा:

“जिस प्रकार कालनेमि ने रामायण काल में साधु का रूप धारण कर लोगों को भ्रमित किया था, ठीक वैसे ही आज भी कई आधुनिक कालनेमि समाज में सक्रिय हैं। ये लोग सनातन धर्म की पवित्रता को आघात पहुंचा रहे हैं।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं को लक्षित कर ठगी करने वाले, असामाजिक तत्वों, और पाखंड फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। “देवभूमि में कोई भी महिला असुरक्षित महसूस न करे, इसके लिए सख्त और ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। ऑपरेशन कालनेमि इसी दिशा में एक निर्णायक कदम है।”

मुख्य बिंदु:

  • सनातन धर्म की छवि खराब करने वालों के खिलाफ ऑपरेशन कालनेमि
  • छद्म वेश में असामाजिक तत्वों की पहचान कर कानूनी कार्यवाही
  • महिलाओं को लक्षित कर ठगी करने वालों पर जीरो टॉलरेंस नीति
  • धार्मिक पाखंड को बढ़ावा देने वालों पर सख्त रुख
  • देवभूमि की सांस्कृतिक गरिमा की रक्षा सरकार की प्राथमिकता

निष्कर्ष:

उत्तराखंड सरकार का यह कदम केवल धार्मिक पाखंड पर प्रहार नहीं है, बल्कि यह सनातन परंपरा की गरिमा और महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में एक स्पष्ट और ठोस संदेश है। ऑपरेशन कालनेमि, आस्था की आड़ में अपराध करने वालों के लिए चेतावनी है – देवभूमि में अब पाखंड के लिए कोई जगह नहीं।