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उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने से तबाही, चार की मौत, कई लापता; पीएम मोदी और गृह मंत्री ने जताया दुख

उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने से तबाही, चार की मौत, कई लापता; पीएम मोदी और गृह मंत्री ने जताया दुख

उत्तरकाशी (उत्तराखंड), 5 अगस्त 2025।मंगलवार दोपहर उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में बादल फटने की भयावह घटना ने तबाही मचा दी। खीरगंगा नदी में आई अचानक बाढ़ ने गांव के निचले इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया। दर्जनों होटल और घर मलबे में दब गए, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं।

घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और कई अन्य नेताओं ने इस त्रासदी पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा:
“उत्तरकाशी की इस त्रासदी से प्रभावित लोगों के प्रति मैं अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। सभी पीड़ितों की कुशलता की कामना करता हूं। मैंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी से बात कर हालात की जानकारी ली है। राज्य सरकार की निगरानी में राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। लोगों तक हरसंभव मदद पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, जो राज्य से बाहर थे, ने घटना की सूचना मिलते ही अधिकारियों को तुरंत राहत एवं बचाव कार्यों में जुटने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

उत्तरकाशी के जिलाधिकारी ने चार लोगों की मौत की पुष्टि की है। मौके पर डीएम प्रश्नात आर्य और जिला प्रशासन की टीम ने डेरा डाल लिया है। सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और केंद्र सरकार की आपदा प्रबंधन टीमें राहत कार्यों में जुट गई हैं।

धराली गांव में स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। प्रभावितों की तलाश और सुरक्षित निकासी के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।

उत्तरकाशी में बादल फटने से तबाही, राहत-बचाव में जुटी सेना और प्रशासन

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उत्तरकाशी में बादल फटने से तबाही, राहत-बचाव में जुटी सेना और प्रशासन

उत्तरकाशी (उत्तराखंड), 5 अगस्त 2025। उत्तरकाशी जिले के हर्षिल क्षेत्र में मंगलवार को खीरगाड़ क्षेत्र के धाराली गांव में बादल फटने की घटना से भारी तबाही मच गई। तेज बहाव के साथ आया मलबा गांव तक पहुंच गया, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और कई ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “बादल फटने की सूचना प्राप्त हुई है। पानी के साथ बहुत तेज़ी से मलबा आया है। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है कि सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और आपदा प्रबंधन विभाग राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं।”

उत्तरकाशी पुलिस ने जानकारी दी कि खीरगाड़ का जलस्तर बढ़ने से धराली क्षेत्र में व्यापक नुकसान हुआ है। पुलिस, एसडीआरएफ, सेना और अन्य आपदा टीमें मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।

भूस्खलन और बाढ़ के कारण गांव में हालात गंभीर हो गए हैं। आइबेक्स ब्रिगेड के जवानों को तुरंत मौके पर रवाना किया गया। जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि सेना की टुकड़ी ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कर दिया है और अब तक हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। सेना एवं स्थानीय प्रशासन संकट की इस घड़ी में हरसंभव सहायता देने के लिए तत्पर हैं।

उत्तरकाशी में बादल फटने से तबाही, 20 से अधिक होटल-होमस्टे बहे, कई मजदूरों के दबे होने की आशंका

उत्तरकाशी में बादल फटने से तबाही, 20 से अधिक होटल-होमस्टे बहे, कई मजदूरों के दबे होने की आशंका

उत्तरकाशी (उत्तराखंड), 5 अगस्त 2025। मंगलवार को उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री धाम क्षेत्र के प्रमुख पड़ाव धराली में बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई। खीर गंगा नदी में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के चलते क्षेत्र में 20 से 25 होटल और होमस्टे पूरी तरह तबाह हो गए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि, “धराली क्षेत्र में बादल फटने की सूचना मिली है। जलस्तर में तेज़ी से वृद्धि के कारण भारी नुकसान हुआ है। स्थिति पर नज़र रखी जा रही है और राहत कार्य तेज़ी से किए जा रहे हैं।”

स्थानीय निवासी राजेश पंवार के अनुसार, खीर गंगा के जलग्रहण क्षेत्र में ऊपर की ओर बादल फटने की घटना हुई, जिसके बाद अचानक नदी में उफान आ गया और पूरा क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ गया। बताया जा रहा है कि इस भीषण बाढ़ में 10 से 12 मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका है।

घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। क्षेत्र में भारी नुकसान की आशंका के चलते सतर्कता बरती जा रही है। धामी ने बताया कि बचाव और राहत कार्यों के लिए जिला प्रशासन, भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। उन्होंने कहा, “हम लोगों को बचाने और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद प्रदान करेगी।

उत्तराखंड में नए पर्यटन स्थलों का उभार छिपे रत्नों को संवार रही उत्तराखंड सरकार

उत्तराखंड में नए पर्यटन स्थलों का उभार छिपे रत्नों को संवार रही उत्तराखंड सरकार

देहरादून। विश्व धरोहर फूलों की घाटी अपनी प्राकृतिक सुंदरता और रंग-बिरंगे फूलों की वजह से पर्यटकों को बेहद आकर्षित कर रही है। इस साल यहां अब तक 243 विदेशी पर्यटक आ चुके हैं, जो पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुना है। कुल पर्यटकों की संख्या में भी इस बार उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।

जुलाई और अगस्त का महीना फूलों की घाटी के लिए सबसे खास माना जाता है, क्योंकि इसी समय यहां सबसे अधिक किस्मों के फूल खिलते हैं। इस समय घाटी में 300 से ज्यादा प्रजातियों के फूल खिले हुए हैं, जो किसी स्वर्गिक नज़ारे से कम नहीं हैं। रंग-बिरंगे फूलों से सजी ढलानों और हरियाली से घिरी घाटी की सुंदरता देखने लायक है।

छिपे रत्नों को संवार रही उत्तराखंड सरकार

उत्तराखंड, जिसे पहले से ही नैसर्गिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है, अब छिपे हुए पर्यटन स्थलों को भी विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। राज्य सरकार का उद्देश्य इन अनछुए स्थलों को पर्यटन के नक्शे पर लाना है ताकि ना केवल पर्यटकों को नए अनुभव मिलें, बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ हो सके।

कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों में कई नए पर्यटन स्थल उभरकर सामने आ रहे हैं। यहां होमस्टे कल्चर भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार के नए अवसर पैदा कर रहा है। यदि इन स्थानों का प्रचार-प्रसार सही ढंग से किया गया, तो यह आने वाले वर्षों में पर्यटन के नए केंद्र बन सकते हैं। फूलों की घाटी जहां पर्यटकों के दिलों को पहले से ही जीत रही है, वहीं उत्तराखंड के अन्य छिपे हुए पर्यटन स्थल भविष्य में राज्य की पहचान और आमदनी दोनों को नया आयाम दे सकते हैं।

पंचायत में आरक्षण तय होते ही बीजेपी ने शुरू किया ‘ऑपरेशन पंचायत’

पंचायत में आरक्षण तय होते ही बीजेपी ने शुरू किया ‘ऑपरेशन पंचायत’

देहरादून। उत्तराखंड पंचायत चुनावों में चंपावत जिले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पकड़ और मज़बूत होती नज़र आ रही है। बीजेपी ने यहां सभी जिला पंचायत सीटों पर जीत दर्ज कर विपक्ष का खाता तक नहीं खुलने दिया। धामी खुद चंपावत से विधायक हैं और उन्होंने यहां से ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। अब इन नतीजों के बाद यह चर्चा जोरों पर है कि जिला पंचायत अध्यक्ष कौन बनेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इन पंचायत चुनावों में गांव की सरकार बनाने में सफल होते दिख रहे हैं। हालांकि, कुछ जगहों पर परिवारवाद बीजेपी के लिए नुकसानदेह साबित हुआ है। कई वरिष्ठ नेताओं को अपनी राजनीतिक ज़मीन बचाना मुश्किल हो गया है, जो आगामी विधानसभा चुनावों के लिए शुभ संकेत नहीं माने जा रहे।

बीजेपी की यह पंचायत चुनावों में जीत न केवल उत्साहवर्धक है, बल्कि ऐतिहासिक भी कही जा सकती है। साल 2019 में पार्टी ने कुल 200 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जिसमें हरिद्वार की सीटें भी शामिल थीं। इस बार हरिद्वार को छोड़कर बीजेपी को 216 सीटें मिली हैं। यदि हरिद्वार की 44 सीटें भी जोड़ दी जाएं तो यह आंकड़ा 260 तक पहुंचता है। यह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल की पंचायत स्तर पर अब तक की सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है। सभी जिलों में बीजेपी के बोर्ड बनने की संभावना जताई जा रही है।

— महेंद्र भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा

सपा सांसद पर विवादित टिप्पणी के बाद मौलाना को स्टूडियो में थप्पड़, लखनऊ में दर्ज है मुकदमा

सपा सांसद पर विवादित टिप्पणी के बाद मौलाना को स्टूडियो में थप्पड़, लखनऊ में दर्ज है मुकदमा

नोएडा के सेक्टर-126 थाना क्षेत्र स्थित एक निजी न्यूज़ चैनल के स्टूडियो में उस समय हंगामा मच गया, जब समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी को थप्पड़ जड़ दिया। यह घटना उस बयान के बाद हुई, जिसमें मौलाना ने सपा सांसद डिंपल यादव के मस्जिद में पहनावे को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, हालांकि भड़ास फॉर इंडिया इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता।

टीवी डिबेट के दौरान दिया विवादास्पद बयान

घटना की शुरुआत एक टीवी डिबेट शो से हुई, जहां मौलाना साजिद रशीदी ने आरोप लगाया कि डिंपल यादव मस्जिद में बिना सिर ढके बैठीं, जो इस्लामी परंपराओं के खिलाफ है। मौलाना के इस बयान से सपा कार्यकर्ता भड़क उठे और कार्यक्रम के दौरान ही पार्टी कार्यकर्ता मोहित नागर व अन्य ने मौलाना को थप्पड़ मार दिया। इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा में है।

लखनऊ में पहले से दर्ज है केस

इससे पहले ही लखनऊ के विभूतिखंड थाने में सपा नेता प्रवेश यादव की शिकायत पर मौलाना के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 79, 196, 197, 299, 352, 353 और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत केस दर्ज किया जा चुका है।

राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़

घटना के बाद राजनीतिक हलकों में बयानबाज़ी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे महिलाओं के अपमान से जोड़ा, जबकि सपा ने पूरे मामले को बीजेपी की साजिश बताया। सांसद डिंपल यादव ने कहा कि बीजेपी को मणिपुर जैसे गंभीर मुद्दों पर भी उतनी ही गंभीरता दिखानी चाहिए। पुलिस मामले की जांच कर रही है, जबकि मौलाना रशीदी अपने बयान पर कायम हैं।

कालनेमि खात्मा करती पुष्कर सरकार

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कालनेमि खात्मा करती पुष्कर सरकार ऐसे भी कालनेमि है जो लगातार सरकार का विरोध जनता नहीं अपने लिए करते है उत्तराखंड में पूर्व सरकार वाला एक कालनेमि मोटे पेट वाला नेता कभी बन नहीं पाया उसके मुख में धामी सरकार के लिए हमेशा दही जमा रहता है लेकिन अब उसके अच्छे दिन आने वाले है

स्वतंत्रता सेनानियों की प्रथम पीढ़ी के बच्चों के लिए कालेजों में प्रवेश और नौकरी में दो प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है, लेकिन पिछले कुछ समय से कुछ लोग इस व्यवस्था का दुरुपयोग कर रहे हैं।प्रदेश में स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र फर्जीवाड़े की एसआईटी जांच करेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध में मुख्य सचिव को आदेश जारी किया है।

स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति ने मुख्यमंत्री को बताया कि उत्तराखंड में स्वतंत्रता सेनानियों की प्रथम पीढ़ी के बच्चों के लिए कालेजों में प्रवेश और नौकरी में दो प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है, लेकिन पिछले कुछ समय से देखने में आया है कि कुछ लोग इस व्यवस्था का दुरुपयोग करके पहली पीढ़ी के बाद अन्य पीढि़यों का जिनका संबंध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार से नहीं है।

उत्तराखंड की बेटी का अपमान बना राजनीतिक मुद्दा, अखिलेश की चुप्पी पर उठे सवाल

उत्तराखंड की बेटी का अपमान बना राजनीतिक मुद्दा, अखिलेश की चुप्पी पर उठे सवाल

राजनीति में अक्सर आपसी मतभेदों का फायदा पार्टियाँ उठाती हैं, और ऐसा ही एक मामला समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद डिंपल यादव को लेकर सामने आया है। एक मौलाना द्वारा डिंपल यादव के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की चुप्पी पर अब सवाल उठने लगे हैं।

डिंपल यादव का उत्तराखंड से संबंध होने के चलते यह मामला प्रदेश में भावनात्मक मुद्दा बन गया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने इस विषय पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मुस्लिम वोटों के लालच में अखिलेश यादव को शायद डिंपल यादव के खिलाफ इस्तेमाल किए गए अपशब्दों से फर्क नहीं पड़ता, लेकिन उत्तराखंड की जनता इस अपमान को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।”

महिला सम्मान पर सपा की राजनीति?

उत्तर प्रदेश की महिला कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्या ने भी सपा प्रमुख पर निशाना साधते हुए कहा कि एक महिला सांसद के सम्मान को लेकर मौलाना की अपमानजनक टिप्पणी पर अखिलेश यादव की चुप्पी यह साबित करती है कि वोट बैंक की राजनीति में समाजवादी पार्टी कितनी नीचे गिर सकती है।

उन्होंने कहा कि नई दिल्ली की एक मस्जिद में हुई बैठक के दौरान कुछ मुस्लिम धार्मिक नेताओं ने डिंपल यादव को “राजनीतिक हिंदू महिला” कहकर उनके पहनावे पर भी आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कीं। बेबी रानी ने इसे न सिर्फ एक महिला सांसद पर, बल्कि भारतीय नारी गरिमा और संस्कृति पर सीधा हमला बताया।

“राजनीतिक स्वार्थ के लिए पत्नी के अपमान पर भी चुप”

बेबी रानी मौर्या ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा, “अखिलेश यादव का इस पूरे मामले पर मौन यह दर्शाता है कि क्या सपा अब महिला सम्मान की परिभाषा मौलवियों से तय करवाएगी? क्या अपनी ही पत्नी और सांसद के अपमान पर सियासी फायदे के लिए चुप रहना तालिबानी मानसिकता का समर्थन नहीं है?”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि विचारधारा चाहे अलग हो, लेकिन एक महिला का अपमान भाजपा को कभी स्वीकार नहीं होगा। “सपा में इतनी भी हिम्मत नहीं बची कि वह अपनी सांसद की गरिमा की रक्षा कर सके।”

यह केवल डिंपल नहीं, भारत की हर बेटी का मुद्दा है

भाजपा नेता ने जोर देकर कहा कि यह मामला केवल डिंपल यादव तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की हर बेटी से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “लड़की हूं, लड़ सकती हूं” का नारा देने वाली प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी भी इस मामले पर खामोश हैं।

मनसा देवी हादसे की जांच के आदेश, सीएम धामी ने जाना घायलों का हाल

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हरिद्वार जनपद में मनसा देवी मंदिर के पैदल मार्ग में रविवार सुबह करीब नौ बजे भगदड़ के कारण दर्दनाक घटना घटित हुई। इस हृदयविदारक हादसे में अब तक 06 श्रद्धालुओं की मृत्यु की पुष्टि हुई है, जबकि 28 अन्य श्रद्धालु घायल हुए हैं।
इस हादसे पर माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत श्रद्धालुओं के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में राज्य सरकार पूरी तरह से पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को पचास-पचास हजार रुपये की राहत राशि देने की घोषणा की है।

माननीय मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी हरिद्वार को निर्देशित किया है कि वे सभी पीड़ितों एवं उनके परिजनों को तत्काल राहत और सहायता प्रदान करें। इसके साथ ही उन्होंने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, एवं यात्रा मार्गों की व्यवस्था की गहन समीक्षा की जाए।

घायलों को त्वरित चिकित्सकीय सुविधा
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने जानकारी देते हुए बताया कि इस घटना में घायल हुए श्रद्धालुओं को शीघ्र चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई है। 05 गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को तत्काल एम्स, ऋषिकेश रेफर किया गया है। शेष 23 घायलों का उपचार जिला चिकित्सालय, हरिद्वार में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घायलों को हर संभव चिकित्सकीय सुविधा मुहैया करा रही हैं। माननीय मुख्यमंत्री स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और उन्हें लगातार रेस्क्यू और बचाव अभियान को लेकर अवगत कराया जा रहा है।

जानकारी अथवा सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारीघटना की जानकारी मिलते ही सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे और स्थिति की निगरानी शुरू की। उन्होंने तत्काल आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस दौरान कंट्रोल रूम में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी श्री राज कुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाहा अंसारी, विशेषज्ञ श्री हेमंत बिष्ट एवं श्री मनीष कुमार उपस्थित रहे।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन द्वारा घटना की जानकारी और प्रभावित लोगों से संपर्क स्थापित करने के लिए निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए।

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, हरिद्वार
📞 01334-223999
📱 9068197350
📱 9528250926
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून’’
📞 0135-2710334, 2710335
📱 8218867005
📱 9058441404

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि इन नंबरों के माध्यम से मृतकों व घायलों की जानकारी तथा राहत कार्यों से जुड़ी सूचनाएं प्राप्त की जा सकती हैं।

रेस्क्यू एवं राहत कार्य में सभी एजेंसियां सक्रिय

घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं की संयुक्त टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान को तेज गति से संचालित किया गया। आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित तथा एसससपी प्रमेंद्र डोबाल ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की तथा अस्पताल में घायलों का हाल जाना। आयुक्त गढ़वाल श्री विनय शंकर पाण्डेय ने कहा कि घायलों को बेहतर से बेहतर उपचार दिया जा रहा है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

वहीं माननीय मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मनसा देवी सहित राज्य के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भीड़ नियंत्रण योजना, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली, दिशा संकेतक बोर्ड, पैदल मार्गों पर आपातकालीन निकासी योजना तथा स्थानीय प्रशासनिक समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

अफवाहों पर ध्यान न दें-विनोद कुमार सुमन
देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी की जा रही सूचनाओं पर ही भरोसा करें। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि राज्य सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है और राहत कार्यों में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को हरिद्वार जिला चिकित्सालय में मनसा देवी पैदल मार्ग पर हुई भगदड़ में घायल हुए लोगों का हालचाल जाना ।

मुख्यमंत्री से इस दौरान मनसा देवी ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने वार्ता की। मनसा देवी ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने कहा कि इस दुखद घटना में मृतकों के परिजनों के दो-दो लाख तथा घायलों को पचास-पचास हज़ार मनसा देवी ट्रस्ट द्वारा प्रदान किए जाएँगे। मृतक के परिजनों और घायलों को उनके घर तक ले जाने के लिए ट्रस्ट द्वारा वाहन की व्यवस्था की जाएगी।

लोनी अर्बन मल्टी-स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी घोटाला

उत्तराखंड कनेक्शन के बाद हरकत में पुलिस एक्टिव नज़र आ रही है राज्य से करोड़ो रूपए लेकर गरीबो की जेब पर डाका डालते समिति की किसी को कोई खबर नहीं लगी या फिर पता होने के बाद भी जिम्मेदार इतने बड़े अंजाम देने वालो तक नहीं पहुंच पाई सवाल उठे तो अब उत्तराखंड में लोगो के सड़को पर उतर कर हंगामा किये जाने के बाद फ़िलहाल मामले की जांच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल से सीबीआई से किये जाने की संस्तुति की गई है गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से लोनी अर्बन मल्टी-स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (LUCC) से संबंधित एक बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा किया।

श्री स्वरूप ने बताया कि LUCC एक सहकारी समिति थी, जो मुख्यतः उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में आम जनता को वित्तीय सेवाएं प्रदान कर रही थी। इस समिति ने निवेशकों को 4 से 5 वर्षों में राशि दोगुनी करने का लालच देकर भारी निवेश आकर्षित किया।

उत्तराखंड में समिति के तत्कालीन निदेशक मानवेन्द्र द्विवेदी द्वारा केन्द्रीय रजिस्ट्रार ऑफ को-ऑपरेटिव सोसाइटीज से बिना अनुमति के अवैध रूप से करीब 35 शाखाएं स्थापित की गईं, जहां हजारों लोगों ने अपनी पूंजी निवेश की। लेकिन, समय आने पर निवेशकों को उनकी मैच्योरिटी की राशि वापस नहीं मिली और संस्था के सभी प्रबंधक व संचालक फरार हो गए।

शिकायतों के आधार पर उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में LUCC के खिलाफ अब तक कुल 15 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 20 आरोपी नामजद किए गए हैं। जांच के दौरान यह भी पता चला कि इस सोसाइटी के खिलाफ उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में भी 5 मुकदमे दर्ज हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी बताया गया कि समीर अग्रवाल निवासी मुंबई, जो इस पूरी सोसाइटी का मुख्य संस्थापक है, वर्तमान में दुबई में रह रहा है। समीर ने कुल 6 सहकारी संस्थाएं बनाई थीं, जिनके कार्यक्षेत्र इस प्रकार हैं:

  1. LUCC – उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा
  2. LJCC – मध्यप्रदेश
  3. SSV – महाराष्ट्र
  4. SS – गुजरात, राजस्थान
  5. फोर ह्यूमन – बिहार, हरियाणा
  6. विश्वास – पंजाब

उत्तराखंड में LUCC का संचालन उर्मिला बिष्ट और जगमोहन बिष्ट द्वारा किया जा रहा था। अब तक नामजद व चिन्हित 12 अभियुक्तों को गिरफ्तार या वारंट बी के तहत तलब किया जा चुका है।

जांच में खुलासा हुआ है कि उत्तराखंड में इस संस्था ने लगभग ₹92 करोड़ की धोखाधड़ी की है, जिससे हजारों निवेशक प्रभावित हुए हैं।

इस बहु-राज्यीय धोखाधड़ी की गंभीरता को देखते हुए माननीय मुख्यमंत्री, उत्तराखंड ने स्वयं मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने शासन और पुलिस अधिकारियों से विस्तृत जानकारी लेकर पीड़ितों को न्याय दिलाने हेतु केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से इस पूरे मामले की जांच कराने की सिफारिश की है।

इसके तहत उत्तराखंड शासन द्वारा गृह मंत्रालय, भारत सरकार को पत्र भेजा गया है, ताकि सभी संबंधित मामलों की गहन, निष्पक्ष और त्वरित जांच CBI के माध्यम से सुनिश्चित की जा सके।