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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव: भाजपा नेताओं के लिए ‘लिटमस टेस्ट’

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव: भाजपा नेताओं के लिए ‘लिटमस टेस्ट’

देहरादून, 10 जुलाई। उत्तराखंड में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव सिर्फ स्थानीय निकायों की राजनीतिक तस्वीर तय नहीं करेंगे, बल्कि भाजपा संगठन के लिए राजनैतिक लिटमस टेस्ट भी साबित होंगे। पार्टी ने इन चुनावों को आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों से जोड़ते हुए, विभिन्न जिलों और ब्लॉकों में वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्रभारी नियुक्त किया है। इन प्रभारियों के प्रदर्शन के आधार पर भविष्य में उनके राजनीतिक कद में वृद्धि या कमी तय मानी जा रही है।

राजनीतिक दक्षता की परीक्षा

त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में खासकर ब्लॉक प्रमुख पदों पर वर्चस्व कायम करने के लिए भाजपा ने अपने अनुभवी और सक्रिय नेताओं को प्रभारी बनाकर मैदान में उतारा है। इन नेताओं की ज़िम्मेदारी सिर्फ पार्टी प्रत्याशियों को जिताने तक सीमित नहीं है, बल्कि नीतिगत रणनीति, मैदानी समन्वय और स्थानीय समीकरणों को साधना भी शामिल है। पार्टी नेतृत्व साफ कर चुका है कि जो प्रभारी इन चुनौतियों में सफल होंगे, उन्हें आगामी चुनावों में अहम भूमिका दी जाएगी।

प्रदेशभर में नियुक्त किए गए चुनाव प्रभारी

गढ़वाल मंडल से लेकर कुमाऊँ और तराई क्षेत्र तक लगभग हर ब्लॉक में भाजपा ने चुनाव प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं। इनमें कई पूर्व विधायक, जिला पंचायत सदस्य, वरिष्ठ कार्यकर्ता और संगठन के सक्रिय चेहरे शामिल हैं। उदाहरण स्वरूप:

  • उत्तरकाशी: डॉ. विजय बडोनी (नौगांव), सत्ये सिंह राणा (पुरोला), राम सुंदर नौटियाल (भटवाड़ी)
  • चमोली: हरक सिंह नेगी (पोखरी), गजेंद्र सिंह रावत (थराली), कृष्ण मणि थपलियाल (गैरसैंण)
  • देहरादून: यशपाल नेगी (विकासनगर), संजय गुप्ता (सहसपुर), ओमवीर राघव (रायपुर), नलिन भट्ट (डोईवाला)
  • पौड़ी: सुधीर जोशी (क्लजीखाल), सुषमा रावत (थलीसैंण), यशपाल बेनाम (पाबो)
  • कुमाऊं मंडल: धन सिंह धामी (धारचूला), गणेश भंडारी (मुनकोट), ललित पंत (गंगोलीहाट), सुभाष पांडे (भिकियासैंण), दीपक मेहरा (धारी), गुंजन सुखीजा (रामनगर), विवेक सक्सेना (काशीपुर), दिनेश आर्य (रुद्रपुर) इत्यादि।

पार्टी के भीतर संदेश साफ

प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने स्पष्ट किया कि प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के निर्देश पर सभी ब्लॉकों में प्रभारियों की तैनाती की गई है। इसका उद्देश्य पंचायत स्तर तक संगठन को सक्रिय करना और जनता के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत बनाना है। वहीं संगठन सूत्रों का मानना है कि यह अभियान राजनीतिक छंटनी और मूल्यांकन का हिस्सा भी है।

पार्टी के लिए फायदे – नेताओं के लिए चुनौती

पार्टी को जहां इससे स्थानीय स्तर पर संगठन मजबूती और कार्यकर्ताओं में सक्रियता मिलेगी, वहीं यह नेताओं के लिए खुद को साबित करने का अवसर और चुनौती दोनों है। पंचायत चुनाव की यह प्रयोगशाला उनके नेतृत्व कौशल, रणनीतिक दृष्टिकोण और जनसंपर्क की असल परीक्षा है।

निष्कर्ष:

उत्तराखंड भाजपा ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को केवल स्थानीय राजनीति तक सीमित न रखते हुए उसे राजनीतिक नेतृत्व के परीक्षण का माध्यम बना दिया है। इन चुनावों से तय होगा कि 2027 के विधानसभा रण में पार्टी किन चेहरों पर दांव लगाएगी।

जीरो टॉलरेंस का आईना बने आईएएस सबीन बंसल

जीरो टॉलरेंस का आईना बने आईएएस सबीन बंसल देहरादून जिला अधिकारी सरकार की छवि का आईना होता है उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार की जीरो टॉलरेंस निति का अगर सही मांयने में कोई डीएम आईना बनकर काम कर रहा है तो वो है देहरादून जिला अधिकारी सबीन बंसल देहरादून बड़ा जिला होने के चलते सरकार की छवि का सन्देश पूरे प्रदेश में चला जाता है डीएम देहरादून सबीन बंसल उत्तराखंड सरकार की छवि को बेहतर सन्देश देने में कामयाब रहे है

देहरादून के जिला अधिकारी ऑफिस में हर रोज जनता दरबार लगता है जिसमे फरियादी अपनी फरियाद लेकर डीएम दरबार में पहुँचता है डीएम फरियादी की जीरो टॉलरेंस निति पर काम करते हुए जनता तक सरकार की साफ छवि का सन्देश देने का काम कर रहे है कई मामलो पर डीएम देहरादून का कड़ा एक्शन भी देखने को मिला है ज़िले में अफसरों पर कारवाही किये जाने पर भी डीएम कोई नरम रुख नहीं रखते देखे गए है ऐसे में लाजमी है कुछ अफसरों की आँखो में वो खटक रहे है

देहरादून जिला अधिकारी सबीन बंसल ने अपनी साफ छवि से सरकार का आईना बनकर प्रदेश भर में जिला अधिकारी ऐसे ही काम करे इसका सन्देश देने में कामयाब रहे है देहरादून में जनता के बीच सरकार की बेहतर छवि का लोकर्पण किये जाने में उनकी भूमिका का कोई जवाब नहीं बाकि ज़िलों के आईएएस अफसरों के लिए आईएएस सबीन बंसल बड़ा उद्धरण बन गए है

उत्तराखंड सरकार की बात जनता तक पहुंचना पाने में कितने ज़िले बेहतर काम कर रहे है इसका आकलन सरकार को करना चाहिए लेकिन जो ज़िले जनता को सरकार की विकास योजनाए से लेकर डिलीवरी नहीं देने में फिस्सडी साबित हुए है उन ज़िलों में सबीन बंसल सरीखे आईएएस अफसरों को भेजा जाना चाहिए ताकि जनता तक सरकार की डिलीवरी पहुंच सके बरहाल डीएम देहरादून पूरे प्रदेश में आईएएस अफसरों में सरकार का आईना बनकर उभर गए है

उत्तराखंड में भू उपयोग उल्लंघन मामलों पर कार्यवाही से मचा हड़कंप

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश में भू अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत प्रदान की गई भूमि क्रय की अनुमति के सापेक्ष भू उपयोग उल्लंघन के मामलों में तेजी से कार्यवाही गतिमान है। राज्य में उत्तराखंड भूमि अधिनियम की धारा 154 (4) (3) क के अंतर्गत कुल 532 प्रकरणोें पर भूमि क्रय की अनुमति प्रदान की गयी है जिसके सापेक्ष भू उपयोग उल्लंघन के 88 मामले सामने आए हैं ऐसे उल्लंघन के 42 प्रकरणों पर धारा 166-167 के तहत वाद दायर किए गये हैं। जबकि अधिनियम की धारा 154 (4) (3) ख के तहत दी गई 963 भूमि क्रय की अनुमति के सापेक्ष 172 प्रकरणों में भू उपयोग का उल्लंघन किया जाना पाया गया है। जिसके विरूद्ध 112 मामलों में वाद दायर किए गये हैं। जबकि अधिनियम की धारा 154 (4) (1) क के अंतर्गत प्रदेश में भूमि क्रय के सापेक्ष भू उपयोग उल्लंघन के कुल 147 प्रकरणों पर कार्यवाही गतिमान है। जिसमें देहरादून के 77 में से 50 प्रकरणों पर, हरिद्वार में 20, पौड़ी में 17, टिहरी में 29 तथा उत्तरकाशी में 1 मामले में कार्यवाही गतिमान है। जबकि अल्मोड़ा के तीन मामलों में एक प्रकरण की भूमि राज्य सरकार में निहित की गई है।

प्रदेश में भूमि क्रय की अनुमति के सापेक्ष भू उपयोग के उल्लंघन की दिशा में कुल 3.006 है0 भूमि की गई राज्य सरकार में निहित

प्रदेश में भूमि क्रय की अनुमति के सापेक्ष भू उपयोग के उल्लंघन की दिशा में कुल 3.006 है0 भूमि राज्य सरकार में निहित की गई है। जिसमें कपकोट, बागेश्वर में मै0 त्रिलोक ग्रामोद्योग सेवा समिति को मौन पालन हेतु क्रय की गई 0.040 है0, रुद्रपुर, उधमसिंहनगर में एम0एस0 स्टैण्डर्ड स्प्लिन्ट्स लि0 द्वारा डी0 सेवत्था पांडे पुत्र दूरई राजन को 1.6530 है0, सिलटोना श्री कैंची धाम, नैनीताल में श्रीमती भावनी सिंह पत्नी श्री कुवर रघुराज प्रताप सिंह, सिंह निवास 5, बद्रीहाउस शाहजनफरोड़, लखनऊ को कृषि हेतु 0.555 है0, दिगोटी द्वाराहाट, अल्मोड़ा में कृषि हेतु 0.020 है0, कटारमल चौखुटिया, अल्मोड़ा में रैनाबाड़ी हैल्थ रिजार्ट को रिसोर्टस हेतु 0.713 है0, कोट्यूड़ा, अल्मोड़ा में प्रणव सिंह पुत्र महेन्द्र प्रताप सिंह, निवासी-प0 बंगाल को आवासीय प्रयोजन हेतु 0.025 है0 भूमि शामिल है।

भूमि प्रबंधन तथा भू व्यवस्था एवं सुधार के लिए प्रदेश में सशक्त भू कानून लागू हो गया है। इसी के साथ जनभावना के अनुरूप उत्तराखंड में कृषि और उद्यान भूमि की अनियंत्रित बिक्री पर पूरी तरह रोक लग गई है। भू अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले लोगों के विरुद्ध भी लगातार कार्यवाही की जा रही है। इस संबंध में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, और इस तरह की जमीनों को राज्य सरकार में निहित किया जा रहा है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

मतदान कार्मिकों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं: निर्वाचन आयुक्त डॉ. सन्धु

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मतदान कार्मिकों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं: निर्वाचन आयुक्त डॉ. सन्धु

देहरादून, 8 जुलाई। भारत निर्वाचन आयोग के निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखवीर सिंह सन्धु ने मंगलवार को देहरादून में प्रदेश की निर्वाचन तैयारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में डॉ. सन्धु ने निर्देश दिए कि प्रदेश में युवा मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि मतदान प्रक्रिया में संलग्न कार्मिकों के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन समय-समय पर किया जाए। इसके लिए गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडलों में एक-एक विशेष ट्रेनिंग सेंटर चिन्हित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने राजनीतिक दलों से समन्वय स्थापित कर बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) की तैनाती की प्रक्रिया में भी तेजी लाने को कहा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने जानकारी दी कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार नए बीएलओ की तैनाती प्रक्रिया जारी है। अगस्त व सितंबर माह में डीईओ, ईआरओ, बीएलओ सुपरवाइजर, बीएलओ व बीएलए के प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।

इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि आयोग के नए दिशा-निर्देशों के तहत ऐसे मतदान केंद्रों की पहचान की गई है जहां 2 किमी से अधिक की पैदल दूरी है या जहां मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक है। इन मानकों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में लगभग 1,000 नए पोलिंग बूथ स्थापित किए जा रहे हैं।

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, जिला निर्वाचन अधिकारी देहरादून डॉ. सविन बंसल, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, तथा उप जिलाधिकारी डॉ. अपूर्वा सिंह भी उपस्थित रहीं।

प्रमुख सचिव मीनाक्षी सुंदरम के नाम पर व्हाट्सएप फ्रॉड, एसएसपी से की शिकायत

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प्रमुख सचिव मीनाक्षी सुंदरम के नाम पर व्हाट्सएप फ्रॉड, एसएसपी से की शिकायत

देहरादून, 8 जुलाई: उत्तराखंड के प्रमुख सचिव मीनाक्षी सुंदरम के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर साइबर ठगों ने व्हाट्सएप के जरिए फ्रॉड करने की कोशिश की है। ठगों ने उनके नाम और फोटो का उपयोग करते हुए एक फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल तैयार की और कई व्यक्तियों व विभागीय अधिकारियों से पैसों की मांग की।

प्रमुख सचिव ने इस संदर्भ में आज देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को औपचारिक शिकायत सौंपी। शिकायत में उन्होंने बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके नाम और फोटो का प्रयोग करते हुए व्हाट्सएप नंबर पर प्रोफाइल बनाई गई है। इसके जरिए अलग-अलग लोगों से अनावश्यक रूप से पैसों की मांग की जा रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले भी इसी तरह का मामला सामने आ चुका है, जिसमें विभागीय अधिकारियों को टारगेट किया गया था।

पुलिस ने मामले की जांच साइबर सेल को सौंप दी है। आरोपियों की पहचान और कार्रवाई के लिए मोबाइल नंबर व अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। साथ ही आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध मैसेज या कॉल पर प्रतिक्रिया न दें और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें।

उत्तराखंड में परिवहन सेवाओं को मिली नई रफ्तार, मुख्यमंत्री धामी ने 20 नई वातानुकूलित टैम्पो ट्रैवलर को दिखाया हरी झंडी

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उत्तराखंड में परिवहन सेवाओं को मिली नई रफ्तार, मुख्यमंत्री धामी ने 20 नई वातानुकूलित टैम्पो ट्रैवलर को दिखाया हरी झंडी

देहरादून, 7 जुलाई 2025: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से आयोजित एक समारोह में उत्तराखंड परिवहन निगम (UTC) द्वारा संचालित 20 नई वातानुकूलित मिनी बसों (टैम्पो ट्रैवलर) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें से 10 वाहन देहरादून-मसूरी और 10 वाहन हल्द्वानी-नैनीताल मार्ग पर संचालित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नई सुविधाजनक सेवाओं से ना केवल यात्रियों को सुरक्षित, किफायती और सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा, बल्कि मसूरी और नैनीताल जैसे पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले मार्गों पर लगने वाले जाम की समस्या में भी काफी हद तक कमी आएगी। उन्होंने कहा कि यदि यह पहल सफल रहती है तो इस तरह की सेवाओं की संख्या को और बढ़ाया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कैंप कार्यालय से जीटीसी हेलीपैड तक टैम्पो ट्रैवलर में सफर भी किया।

राज्य के परिवहन को बनाएंगे स्मार्ट और सस्टेनेबल

मुख्यमंत्री धामी ने कहा:

“वातानुकूलित टैम्पो ट्रैवलर राज्य के परिवहन तंत्र को सशक्त बनाएंगे। यह पहल प्रदेश की आर्थिक और पर्यटन गतिविधियों को गति देगी। हमारा प्रयास है कि राज्य के प्रत्येक क्षेत्र को बेहतर सड़क नेटवर्क और विश्वसनीय परिवहन सेवाओं से जोड़ा जाए।”

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उत्तराखंड परिवहन निगम ने लगातार तीन वर्षों से लाभ कमाया है और इसका श्रेय निगम की नीतिगत पारदर्शिता व कर्मचारियों के सहयोग को जाता है।

डिजिटल युग की ओर बढ़ता परिवहन विभाग

सरकार द्वारा परिवहन सेवाओं में डिजिटल टिकटिंग, ऑनलाइन बुकिंग और ट्रैकिंग सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं दी जा रही हैं, जिससे आम जनता को यात्रा के दौरान सुविधा, पारदर्शिता और भरोसे का अनुभव हो रहा है।

जल्द शामिल होंगी इलेक्ट्रिक बसें

मुख्यमंत्री ने बताया कि परिवहन निगम के बेड़े में जल्द ही इलेक्ट्रिक बसों को भी शामिल किया जाएगा, जिसकी खरीद प्रक्रिया प्रगति पर है। इसके अलावा कर्मचारियों के कल्याण हेतु कई योजनाएं लागू की गई हैं—जैसे डीए में बढ़ोतरी, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का क्रियान्वयन, और नयी भर्तियों के माध्यम से मानव संसाधन में वृद्धि

उपस्थित रहे ये प्रमुख चेहरे:

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, परिवहन निगम के अध्यक्ष एल. फैनई, एमडी श्रीमती रीना जोशी सहित परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में हाई अल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन का आयोजन, आदि कैलाश और माणा-मलारी होंगे केंद्र

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उत्तराखंड में हाई अल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन का आयोजन, आदि कैलाश और माणा-मलारी होंगे केंद्र

वार्षिक पर्यटन कैलेंडर में होगा शामिल, सीमांत क्षेत्रों में फसलों की सुरक्षा व आपदा प्रबंधन पर भी ज़ोर

देहरादून, 6 जुलाई: प्रातः कालीन बैठक में उत्तराखंड के उच्च अधिकारियों को पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु राज्य सरकार द्वारा एक नई पहल के तहत हाई अल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन के आयोजन के निर्देश दिए गए हैं। इस आयोजन का उद्देश्य राज्य के सीमांत और ऊँचाई वाले क्षेत्रों को पर्यटन के नक्शे पर और अधिक मजबूती से स्थापित करना है।

गुंजी से आदि कैलाश और नीति-माणा से मलारी तक दौड़ेगा पर्यटन

निर्देशों के अनुसार, कुमाऊं क्षेत्र में यह मैराथन गुंजी से आदि कैलाश तक और गढ़वाल क्षेत्र में नीति-माणा से मलारी तक आयोजित की जाएगी। अधिकारियों को इसे राज्य के वार्षिक पर्यटन कैलेंडर में शामिल करने और प्रत्येक वर्ष निर्धारित तिथि पर इसका आयोजन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

आपदा प्रबंधन और फसल सुरक्षा पर भी विशेष निर्देश

बैठक में अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक सशक्त बनाया जाए तथा प्रभावितों को समय पर सहायता राशि प्रदान करने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

इसके साथ ही सीमांत एवं पर्वतीय क्षेत्रों में फसलों की सुरक्षा हेतु घेरबाड़/सोलर फेंसिंग की योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए, जिससे जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसानों को राहत मिल सके।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट बनाएंगे नई टीम, पंचायत चुनावों के बाद होगा ऐलान

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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट बनाएंगे नई टीम, पंचायत चुनावों के बाद होगा ऐलान

देहरादून: उत्तराखंड में भाजपा की कमान दूसरी बार संभाल चुके महेंद्र भट्ट जल्द ही प्रदेश संगठन की नई टीम का गठन करेंगे। हालांकि, यह प्रक्रिया त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के बाद की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, अगस्त माह तक भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी अस्तित्व में आ सकती है।

सक्रियता ही बनेगी टीम में शामिल होने का मापदंड

पार्टी सूत्रों की मानें तो इस बार संगठन में वही चेहरे शामिल किए जाएंगे जो सक्रिय, जनाधार वाले और सांगठनिक कामकाज में रुचि लेने वाले हैं। ऐसे पदाधिकारी जो पिछले कार्यकाल में सक्रिय नहीं रहे या सांगठनिक दायित्वों के प्रति लापरवाह पाए गए, उन्हें नई टीम में शामिल नहीं किया जाएगा।

दोहरा दायित्व रखने वालों को राहत नहीं

नई टीम में उन लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है जो सरकारी दायित्वों के साथ संगठनात्मक पद भी संभाल रहे हैं। संगठन मानता है कि इस तरह के दोहरे दायित्व से कार्य की गुणवत्ता प्रभावित होती है।

कुछ पुराने चेहरे रहेंगे बरकरार

हालांकि, यह भी संकेत हैं कि कुछ मौजूदा पदाधिकारियों को उनके अनुभव, कार्य के प्रति प्रतिबद्धता और सक्रिय भूमिका के आधार पर नई टीम में पुनः शामिल किया जा सकता है। उनकी जिम्मेदारियों में कुछ फेरबदल किया जा सकता है।

जिलों की कार्यकारिणी का भी होगा विस्तार

नई प्रदेश टीम के गठन के साथ-साथ कुछ जिलों की भाजपा इकाइयों की कार्यकारिणियों में भी विस्तार और पुनर्गठन किया जाएगा, जिससे संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत किया जा सके।

लोन ऐप फ्रॉड का मास्टरमाइंड सीए अभिषेक अग्रवाल गिरफ्तार, 750 करोड़ की ठगी का आरोपी था थाईलैंड भागने की फिराक में

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लोन ऐप फ्रॉड का मास्टरमाइंड सीए अभिषेक अग्रवाल गिरफ्तार, 750 करोड़ की ठगी का आरोपी था थाईलैंड भागने की फिराक में

देहरादून/दिल्ली:
देशभर में फर्जी लोन ऐप्स के जरिए 750 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) अभिषेक अग्रवाल को उत्तराखंड एसटीएफ ने शनिवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी थाईलैंड भागने की कोशिश में था, लेकिन STF ने उसे उड़ान से पहले ही पकड़ लिया।

STF के SSP नवनीत भुल्लर ने बताया कि अभिषेक अग्रवाल ने चीनी नागरिकों के साथ मिलकर कई शेल कंपनियां बनाई थीं और फर्जी लोन एप्स के जरिए आम लोगों को जाल में फंसाकर मोटी ठगी की। पीड़ितों को पहले लोन दिया जाता था, फिर मनमाने ब्याज और धमकी भरे कॉल के जरिये वसूली की जाती थी।

गुरुग्राम कनेक्शन और अंतरराष्ट्रीय ठगी का जाल

इस गिरोह को अभिषेक अग्रवाल और गुरुग्राम निवासी अंकुर ढींगरा मिलकर चला रहे थे। गिरोह की कई कंपनियों में चीन के नागरिक सह-निदेशक थे और ठगी से जुटाई गई रकम को हवाला के जरिये चीन ट्रांसफर किया जा रहा था।

  • 2022 में इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था।
  • 2023 में अंकुर ढींगरा को गिरफ्तार किया गया था।
  • अभिषेक फरार था, जिस पर लुक आउट सर्कुलर भी जारी था।

STF की सतर्कता से बड़ी ठगी रुकी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर साइबर फ्रॉड और आर्थिक अपराधों के खिलाफ चल रही STF की मुहिम को इस गिरफ्तारी से बड़ी सफलता मिली है।

पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और अन्य विदेशी कनेक्शन, बैंक खातों, और डिजिटल ट्रांजैक्शनों की जांच की जा रही है।

राजनीति से परे एक जननेता की छवि मुख्यमंत्री धामी खेत में हल लगाते हुए वायरल

मुख्यमंत्री धामी खेत में हल लगाते हुए वायरल, बोले- “अन्नदाता हमारी संस्कृति के संवाहक हैं”

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक बार फिर से आम जनता के बीच अपने सहज और जमीन से जुड़े व्यक्तित्व के लिए चर्चा में हैं। इस बार वे खटीमा के नगरा तराई क्षेत्र में अपने खेत में किसान की भूमिका में नजर आए, जहां उन्होंने धान की रोपाई करते हुए हल भी चलाया। शनिवार को सोशल मीडिया पर उनके फोटो और वीडियो वायरल हो गए, जिसमें वे पारंपरिक वेशभूषा में खेत में काम करते दिखाई दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने इस अनुभव को साझा करते हुए अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा:

“खटीमा के नगरा तराई में अपने खेत में धान की रोपाई कर किसानों के श्रम, त्याग और समर्पण को अनुभव कर पुराने दिनों का स्मरण किया। अन्नदाता न केवल हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, बल्कि संस्कृति और परंपरा के संवाहक भी हैं।”

इस अवसर पर उन्होंने उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा “हुड़किया बौल” के माध्यम से भूमि के देवता भूमियां, पानी के देवता इंद्र, और छाया के देव मेघ की वंदना भी की।

राजनीति से परे एक जननेता की छवि

सीएम धामी का यह रूप न केवल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, बल्कि राजनैतिक गलियारों में भी इसकी खूब चर्चा हो रही है। आम लोगों से सीधा जुड़ाव और किसानों के प्रति सम्मान दर्शाते हुए धामी ने यह संदेश दिया है कि वह आज भी अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं।