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स्थिर सरकार के ध्वज वाहक सियासत पिच पर नाबाद पुष्कर सिंह धामी

स्थिर सरकार के ध्वज वाहक सियासत पिच पर नाबाद धामी देहरादून प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पसंद वाले उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने मजबूत इरादों से जनता के भरोसे को जीतकर हर चुनाव में अपनी जीत का परचम लहरा कर भाजपा सरकार के सबसे लम्बे समय तक अस्थिर सरकार का मिथक तोड़कर स्थिर सरकार के ध्वज वाहक
भाजपा मुख्यमंत्री बन गए है दोनों कार्यकालों के चार साल में पुष्कर सिंह धामी सरकार बीजेपी हाई कमान की कसौटी पर चौबीस कैरट सोना बनकर उभरे है।

पुष्कर सिंह धामी सरकार फैसले आज देश भर में नजीर के रूप में सामने है युवा दिलो से लेकर हर दिल अजीज पुष्कर हर मोर्चे पर मुस्तैदी से डटे रहे उत्तराखंड में आपदा का संकट हो या फिर राजनैतिक विरोधियो द्वारा परिवर्तन की फैब्रीक्रिटेड खबरों का मायाजाल बुना जाना हो लेकिन अपने राजनैतिक कौशल से धामी हर जंग का बखूबी पटलवार करते देखे गए है।

मुख्यमंत्री की कुर्सी पर उन्हें लगातार चार साल हो गए। ये उनके दो कार्यकालों के चार साल हैं, जिनमें उन्होंने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करके देश भर में विशेष पहचान बनाई और खूब सुर्खियां बटोरीं।

चार साल पहले 4 जुलाई में पुष्कर सिंह धामी को राज्य की बागडोर सौंपी गई थी। तब विधानसभा चुनाव में सिर्फ छह-सात महीने शेष थे। नए युवा चेहरे के कंधों पर भाजपा को चुनाव जिताने की जिम्मेदारी थी। सत्तारूढ़ दल की वापसी न कर पाने का मिथक उत्तराखंड में बन गया था। मगर पुष्कर सिंह धामी मिथक तोड़कर भाजपा को विधानसभा चुनाव जिताकर इतिहास बनाने वाले पहले ऐसे मुख्यमंत्री बने जो राज्य में अपनी सरकार को फिर से सत्ता में वापिसी करा पाए।

पुष्कर सिंह धामी के हाथों में ही कमान सौंपकर भाजपा हाईकमान ने भी नई इबारत लिख डाली। धामी को भले ही खटीमा से चुनाव हारवा पाने में उनके राजनैतिक विरोधी कामयाब रहे लेकिन उनका सपना आज तक पूरा नहीं हो सका तब से लेकर अब तक केंद्रीय नेतृत्व के लिए पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड में भाजपा के सबसे विश्वसनीय चेहरा साबित होकर चौबीस कैरट सोना बनकर उभरे हुए हैं। चाहे यूसीसी लागू करने की बात रही हो या फिर नकल विरोधी, धर्मांतरण विरोधी जैसे कानूनों की, धामी ने उन्हें अमल में लाने में देरी नहीं की।

पुष्कर सिंह धामी के व्यवहार में सौम्यता और एक्शन में कठोरता हमेशा उत्तराखंड में दिखी। उनके कामकाज को मान्यता देने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी कई बार उत्तराखंड आए। पीठ थपथपाई और साफ संदेश दिया कि वह बगैर किसी चिंता के इसी गति से काम करते रहें। बाबा केदारनाथ धाम की धरती से मोदी के कथन 21 वी सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा आज उत्तराखंड में धामी सरकार पब्लिक डोमेन में डिलीवरी देने वाली सरकार के रूप में पसंद की जा रही है
उत्तराखंड में सबसे बड़ा सांस रोकने वाला सिलक्यारा टनल प्रकरण रहा हो या फिर रोमांच की पराकाष्ठा वाले राष्ट्रीय खेल, अपनी क्षमताओं के इम्तिहान में धामी पूरे नंबर लाकर पास हुए।

राष्ट्रीय फलक पर छाए फैसले, देश के लिए बने मॉडल
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चार साल के कार्यकाल में समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण रोकथाम कानून के संबंध में लिए गए फैसले राष्ट्रीय फलक पर छाए और देश के लिए मॉडल बने।

  1. नकल रोधी कानून: नकल माफिया का कुचक्र तोड़ने के लिए फरवरी 2023 में उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा में नकल रोकने के लिए( भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) कानून लागू किया। यह देश के लिए एक मॉडल नकल रोधी कानून बना।
  2. यूसीसी हुआ लागू: 27 जनवरी 2025 से उत्तराखंड में यूसीसी लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना। इसके बाद कुछ अन्य भाजपा शासित राज्यों ने भी यूसीसी के लिए पहल की। यूसीसी के तहत प्रदेश में दो लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।
  3. दंगाइयों से वसूली के लिए बनाया कानून: दंगा, हड़ताल, विरोध प्रदर्शन में सार्वजनिक व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले उपद्रवियों से बाजार भाव पर नुकसान की भरपाई के लिए 2024 से उत्तराखंड लोक एवं निजी संपत्ति क्षति वसूली कानून लागू किया।
  4. गैंगस्टर एक्ट को बनाया सख्त: गैंगस्टर एक्ट में संशोधन करते हुए गो वध, मानव तस्करी, बाल श्रम, बंधुआ मजदूरी, नकल माफिया, मनी लॉड्रिंग जैसे अपराधों को इसके दायरे में लाया गया। दोष सिद्ध होने पर 10 साल की गैर जमानती साज और 50 हजार रुपये तक जुर्माना प्रावधान किया गया।
  5. राज्य आंदोलनकारियों और महिला को आरक्षण
    धामी सरकार ने उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को फिर से लागू किया। राज्य की महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया।

धामी सरकार में इन फैसलों ने भी बटोरी सुर्खियां

पलायन को रोकने के लिए ‘एप्पल मिशन’ और ‘कीवी मिशन’ की शुरुआत
हाउस ऑफ हिमालयाज के ज़रिए पहाड़ी उत्पादों को देश-दुनिया में पहचान दिलाने का प्रयास
सख्त भू कानून, और ‘लव-लैंड-थूक जिहाद’ पर कठोर रुख
राष्ट्रीय खेलों के आयोजन और जी-20 देशों की बैठकों के आयोजन से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर राज्य की नई पहचान
23 हजार सरकारी पदों पर सीधी भर्तियां कीं
शीतकालीन यात्रा, मानसखंड मंदिरमाला मिशन, महासू मंदिर हनोल विकास परियोजना शुरू की
जीईपी इंडेक्स में शानदार प्रदर्शन किया। एसडीजी इंडेक्स में उत्तराखंड का पहला स्थान

कांवड़ यात्रा पर गरमाई राजनीति, दिग्विजय सिंह और एसटी हसन के बयान पर भाजपा का पलटवार

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कांवड़ यात्रा पर गरमाई राजनीति, दिग्विजय सिंह और एसटी हसन के बयान पर भाजपा का पलटवार

नई दिल्ली/देहरादून। सावन माह में आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर एक बार फिर देश की राजनीति में गर्मी आ गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन के बयानों पर भाजपा ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोप लगाया है कि ये नेता हिंदू आस्था के विरुद्ध मानसिकता को बढ़ावा दे रहे हैं।


क्या कहा दिग्विजय सिंह ने?

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि यदि राज्य सरकारें कांवड़ यात्रा में सुविधाएं देती हैं तो कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इस यात्रा का इस्तेमाल नफरत फैलाने के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा,

“किसी भी सभ्य समाज में नफरत फैलाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।”


एसटी हसन की टिप्पणी और विवाद

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एसटी हसन ने उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा के दौरान कुछ दुकानदारों और होटल कर्मियों की धार्मिक पहचान पूछे जाने की घटनाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा,

“नाम पूछकर, कपड़े उतरवाकर धर्म पहचानना भी आतंकवाद की तरह है।”
उन्होंने इन घटनाओं की तुलना पहलगाम में हुए आतंकी हमलों से कर दी, जहां आतंकवादियों ने लोगों की धार्मिक पहचान के आधार पर उन्हें निशाना बनाया था।


भाजपा का पलटवार: त्रिवेदी ने साधा निशाना

भाजपा सांसद और प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने दोनों नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए कहा:

“दिग्विजय सिंह और एसटी हसन के बयान ‘डिस्मैंटलिंग ग्लोबल हिंदुत्व’ की मानसिकता से प्रेरित लगते हैं।”

उन्होंने दिग्विजय सिंह के पुराने बयानों की याद दिलाते हुए आरोप लगाया कि वे

  • जाकिर नाइक को ‘शांति का दूत’
  • ओसामा बिन लादेन को ‘ओसामा जी’
  • हाफिज सईद को ‘हाफिज साहब’
    कह चुके हैं।

त्रिवेदी ने कहा,

“इन नेताओं को कांवड़ यात्रा में ही सांप्रदायिकता नजर आती है।”


एसटी हसन ने उत्तराखंड सरकार पर भी साधा निशाना

हसन ने कहा कि सरकार आंख मूंदे बैठी है और धार्मिक पहचान पूछे जाने जैसी घटनाओं पर मूक समर्थन दे रही है। उन्होंने इसे धर्मनिरपेक्षता पर आघात बताते हुए तुरंत कार्रवाई की मांग की।


राजनीतिक पृष्ठभूमि और संदर्भ

हर साल कांवड़ यात्रा के दौरान भाजपा और हिंदू संगठनों द्वारा इसे “आस्था का पर्व” बताया जाता है, जबकि विपक्षी दल इसे “राजनीतिकरण और ध्रुवीकरण का साधन” मानते हैं। इस बार भी सावन शुरू होने से पहले ही बयानबाज़ी तेज हो गई है


🧭 निष्कर्ष:

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच कांवड़ यात्रा में शामिल लाखों श्रद्धालु इस यात्रा को आस्था और भक्ति की अभिव्यक्ति मानते हैं। लेकिन राजनीतिक दृष्टिकोण से यह यात्रा बार-बार धार्मिक पहचान, प्रशासनिक जिम्मेदारी और सामाजिक सद्भाव जैसे मुद्दों पर बहस का केंद्र बन जाती है।

नाबालिगों में विवाह की बढ़ती प्रवृत्ति पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से दो हफ्ते में जागरूकता योजना मांगी

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नाबालिगों में विवाह की बढ़ती प्रवृत्ति पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से दो हफ्ते में जागरूकता योजना मांगी

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने किशोरावस्था में विवाह करने वाले युवाओं की बढ़ती संख्या पर गहरी चिंता जताई है। कोर्ट ने इस प्रवृत्ति को “चिंताजनक सामाजिक संकेत” बताते हुए सरकार को निर्देश दिया है कि दो सप्ताह के भीतर इस विषय पर व्यापक जन-जागरूकता योजना तैयार कर प्रस्तुत की जाए।

मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने एक मामले की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की, जिसमें 19 वर्षीय युवक ने अपनी उम्र की युवती से विवाह कर, युवती के परिजनों से सुरक्षा की मांग करते हुए याचिका दायर की थी।


हाईकोर्ट की चिंता:

  • बड़ी संख्या में नाबालिग युवक-युवतियां विवाह कर रहे हैं।
  • ऐसे जोड़े कोर्ट में जाकर सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
  • कई मामलों में लड़कियां नाबालिग पाई गईं, और लड़कों पर POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ।
  • परिणामस्वरूप पति जेल चला गया, लड़की अकेली, बच्चा निराश्रित हो गया।

वन विभाग का “महंगा पौधा”, एक पौधे पर खर्च हुए ₹4,608!

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वन विभाग का “महंगा पौधा”, एक पौधे पर खर्च हुए ₹4,608!

हल्द्वानी। उत्तराखंड के वन विभाग की एक हालिया रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है। बरेली रोड (हल्द्वानी) पर महज 1,060 पौधे लगाने में विभाग ने ₹48.85 लाख खर्च दिखाए हैं। यानी एक पौधे पर ₹4,608 का खर्च!

इस खुलासे के बाद वन विभाग सवालों के घेरे में आ गया है।

हाईकोर्ट में दायर शपथपत्र से हुआ खुलासा

यह आंकड़ा जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान वन विभाग द्वारा हाईकोर्ट में पेश किए गए शपथपत्र में सामने आया। याचिकाकर्ता हिशांत आही ने याचिका में दावा किया था कि वर्ष 2024 में सड़क चौड़ीकरण के चलते जो पेड़ काटे गए थे, उनके बदले अभी तक क्षतिपूरक वनीकरण नहीं हुआ

इस पर हाईकोर्ट ने जनवरी 2025 में निर्देश दिए कि तुरंत वनीकरण किया जाए। जवाब में विभाग ने दावा किया कि उन्होंने 8,301 मीटर लंबाई में पौधारोपण कर दिया है।

ट्री गार्ड का हवाला देकर बचाव में आया विभाग

डीएफओ उमेश चंद्र तिवारी के मुताबिक, कुल खर्च में ट्री गार्ड (लोहे की जाल) लगाने का खर्च शामिल है। यही वजह है कि प्रति पौधे की लागत ज्यादा आई।

पौधारोपण पूरी तरह से मानकों के अनुसार किया गया है। ट्री गार्ड की वजह से लागत बढ़ी है।
उमेश चंद्र तिवारी, डीएफओ तराई केंद्रीय वन प्रभाग

महकमे में गुटबाजी और अफसरों का VRS

जानकारी के मुताबिक, वन विभाग लंबे समय से अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी से जूझ रहा है। हाल ही में एक अफसर के VRS लेने के पीछे भी गुटबाजी को ही कारण माना गया।


प्रमुख सवाल उठते हैं:

  • क्या वाकई पौधारोपण में इतना खर्च जायज़ है?
  • क्या ट्री गार्ड की खरीद प्रक्रिया पारदर्शी थी?
  • क्या विभाग की ओर से कार्य में गड़बड़ी की जांच होगी?

महेंद्र भट्ट दूसरी बार भाजपा उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त, बनाया नया रिकॉर्ड

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महेंद्र भट्ट दूसरी बार भाजपा उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त, बनाया नया रिकॉर्ड

देहरादून। उत्तराखंड भाजपा को नया नहीं, बल्कि अनुभवी नेतृत्व मिला है। महेंद्र भट्ट को लगातार दूसरी बार पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष चुना गया है। मंगलवार को हुई प्रांतीय परिषद की बैठक में केंद्रीय चुनाव अधिकारी हर्ष मल्होत्रा ने औपचारिक रूप से उनके निर्वाचन की घोषणा की। उल्लेखनीय है कि अध्यक्ष पद के लिए भट्ट ही एकमात्र प्रत्याशी थे।

दूसरी बार अध्यक्ष बनने वाले पहले नेता

महेंद्र भट्ट भाजपा उत्तराखंड के पहले ऐसे नेता बन गए हैं, जिन्हें लगातार दूसरी बार अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिली है। वे पार्टी के 10वें प्रदेश अध्यक्ष हैं।

राष्ट्रीय परिषद सदस्य भी चुने गए

भट्ट के साथ-साथ पार्टी ने राष्ट्रीय परिषद के सदस्य के रूप में भी आठ वरिष्ठ नेताओं का चयन किया है, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, त्रिवेंद्र सिंह रावत और तीरथ सिंह रावत जैसे नाम प्रमुख हैं।

नामांकन की प्रक्रिया हुई थी सोमवार को

सोमवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हुई थी। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम, और अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
महेंद्र भट्ट ने प्रदेश चुनाव अधिकारी खजान दास को नामांकन पत्र सौंपा।

नामांकन और घोषणा के दौरान मंच पर भाजपा के कई पदाधिकारी मौजूद थे, जिनमें सह चुनाव अधिकारी पुष्कर काला, मीरा रतूड़ी, राकेश गिरी, दायित्वधारी ज्योति गैरोला, सुभाष बड़थ्वाल, प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश कोली और मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान प्रमुख हैं।

देहरादून: स्पा की आड़ में देह व्यापार, पुलिस ने चार गिरफ्तार किए, आठ युवतियाँ रेस्क्यू

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देहरादून: स्पा की आड़ में देह व्यापार, पुलिस ने चार गिरफ्तार किए, आठ युवतियाँ रेस्क्यू

देहरादून। चकराता रोड स्थित नेचर ट्रू स्पा एंड सैलून पर देह व्यापार संचालित होने की सूचना पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल (AHTU) ने छापा मारा। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने स्पा सेंटर के मालिक और संचालक सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो ग्राहक भी शामिल हैं। मौके से आठ युवतियों को रेस्क्यू किया गया।

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि उक्त स्पा सेंटर में स्पेशल सर्विस के नाम पर अनैतिक गतिविधियाँ चलाई जा रही हैं। जिस पर कार्रवाई करते हुए टीम ने स्पा सेंटर पर औचक छापा मारा। वहाँ दो महिलाएं और दो पुरुष आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए।

प्राथमिक पूछताछ में सामने आया कि मसाज की आड़ में सेक्स रैकेट चलाया जा रहा था, जिसके लिए ग्राहकों से अधिक राशि वसूली जाती थी। ग्राहक जस्ट डायल जैसे प्लेटफार्मों के जरिए स्पा से संपर्क करते थे।

गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:

  • अनुज सिंह – स्पा का मालिक, निवासी: रामपुर मनिहारन, सहारनपुर
  • सागर चौधरी – स्पा संचालक, निवासी: छिदबना, सहारनपुर
  • अभय नयन – ग्राहक, निवासी: गांव मुरलीवाला, अफजलगढ़, बिजनौर
  • विपिन धनकड़ – ग्राहक, निवासी: गांव मुरलीवाला, अफजलगढ़, बिजनौर

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम 1956 की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही, रेस्क्यू की गई युवतियों को परामर्श और कानूनी सहायता के लिए संबंधित विभाग को सौंपा गया है।

विशेष: AHTU की यह लगातार दूसरे दिन बड़ी कार्रवाई है, जो शहर में फैलते अनैतिक धंधों के खिलाफ कड़ी निगरानी को दर्शाती है।

जनगणना 2026 की तारीख तय, 1 अप्रैल से शुरू होगा पहला चरण

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जनगणना 2026 की तारीख तय, 1 अप्रैल से शुरू होगा पहला चरण

नई दिल्ली। भारत सरकार ने जनगणना 2026 के पहले चरण की तारीख की आधिकारिक घोषणा कर दी है। रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त, श्री मृत्युंजय कुमार नारायण ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र जारी कर बताया है कि हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन और हाउसिंग जनगणना की शुरुआत 1 अप्रैल 2026 से होगी।

जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी: पहला चरण: हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO)

  • आरंभ तिथि: 1 अप्रैल 2026
  • इस चरण में देशभर के सभी मकानों का विस्तृत सर्वे किया जाएगा। इसमें मकान की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं जैसे पानी, बिजली, शौचालय आदि, और अन्य बुनियादी संसाधनों की जानकारी जुटाई जाएगी।

दूसरा चरण: जनसंख्या गणना

  • आरंभ तिथि: 1 फरवरी 2027
  • इस चरण में देश के प्रत्येक नागरिक की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी।

यह जनगणना डिजिटल माध्यमों के जरिए आयोजित की जा सकती है, जिससे डेटा संग्रहण अधिक सटीक और तेज़ होने की उम्मीद है।

विशेष: यह जनगणना स्वतंत्र भारत की 16वीं जनगणना होगी और संभवतः देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना बनने जा रही है।

देहरादून: कारगी ग्रांट में भारी बारिश से दो मकान ढहे, जनहानि नहीं

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Rain Uttarakhand Alert

देहरादून, 29 जून 2025। देहरादून में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते कारगी ग्रांट क्षेत्र में एक गंभीर घटना सामने आई है। नदी किनारे बने दो मकान बारिश के कारण ढह गए, जबकि आसपास के कई मकानों में दरारें आ गईं। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पटेल नगर से पुलिस बल एवं फायर सर्विस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून ने भी पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और उपस्थित पुलिस व राहत दलों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

राहत कार्य और सुरक्षा उपाय

एसएसपी ने सुरक्षा की दृष्टि से आसपास के 10 मकानों को एहतियातन खाली कराने, तथा प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही भीड़ नियंत्रण के लिए PAC बल की तैनाती भी की गई।

घटना में प्रभावित मकान

पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान के स्वामी:

  1. शाहिद अंसारी, पुत्र रईस – निवासी मदीना मस्जिद वाली गली, कारगी ग्रांट
  2. शहीद इद्रिशी, पुत्र मोहम्मद असगर – निवासी उपरोक्त

दरार आए मकान:

  1. गुलजार अंसारी, पुत्र गुलफाम
  2. मुस्तकीम, पुत्र शाहजहां

प्रशासन की तत्परता

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। क्षेत्र में रह रहे लोगों से अलर्ट रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

आशियाना गेस्ट हाउस में चल रहे अनैतिक कार्य का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार

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देहरादून: आशियाना गेस्ट हाउस में चल रहे अनैतिक कार्य का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार

देहरादून। राजधानी में राजा रोड स्थित आशियाना गेस्ट हाउस में चल रहे अनैतिक गतिविधियों के नेटवर्क का देहरादून पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और कोतवाली नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने बीती रात गेस्ट हाउस पर छापेमारी कर यह कार्रवाई की।

छापेमारी के दौरान पुलिस को गेस्ट हाउस के कमरों में कुछ व्यक्तियों को आपत्तिजनक स्थिति में पाया गया। मौके से 06 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें गेस्ट हाउस का मैनेजर, तीन महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। पुलिस ने मौके से नगदी और आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है।

कानूनी कार्रवाई:

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की धाराओं 3, 4, 5, 6 और 7 के तहत केस दर्ज कर लिया है (मुकदमा संख्या: 237/25, थाना कोतवाली नगर)।

गेस्ट हाउस लीज पर लेकर चल रहा था देह व्यापार

पूछताछ में खुलासा हुआ कि गेस्ट हाउस को नरेंद्र सिंह रावत निवासी चमोली द्वारा लीज पर लिया गया था। आरोप है कि वहाँ बाहरी राज्यों की महिलाओं के माध्यम से अनैतिक कार्य कराए जा रहे थे। ग्राहकों से फोन पर संपर्क कर महिलाओं की उपलब्धता की जानकारी दी जाती थी और कमीशन लेकर उन्हें वहाँ बुलाया जाता था।

गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम व पते:

  1. तापस शाहू – पश्चिम बंगाल
  2. कमलेश साहनी – दरभंगा, बिहार
  3. निक्का देवी – दरभंगा, बिहार
  4. संजीत कुमार – पटना, बिहार
  5. गुल्ली देवी – अररिया, बिहार (फिलहाल रायपुर, देहरादून में निवास)
  6. मनु गुरंग – जलपाईगुड़ी, पश्चिम बंगाल (फिलहाल प्रेमनगर, देहरादून में निवास)

पुलिस की सख्त निगरानी

देहरादून पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर में अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। SSP के निर्देश पर ऐसे गेस्ट हाउस, होटल व लॉज की सतत निगरानी की जा रही है जहाँ इस प्रकार की गतिविधियों की आशंका हो।

चारधाम यात्रा अगले 24 घंटों के लिए स्थगित, यमुनोत्री हाईवे समेत कई मार्ग बंद

चारधाम यात्रा अगले 24 घंटों के लिए स्थगित, यमुनोत्री हाईवे समेत कई मार्ग बंद

देहरादून/उत्तरकाशी। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते चारधाम यात्रा को अगले 24 घंटों के लिए स्थगित कर दिया गया है। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने जानकारी दी कि मौसम विभाग द्वारा जारी रेड अलर्ट को देखते हुए यह निर्णय एहतियातन लिया गया है।

प्रमुख मार्ग बाधित

बारिश के कारण यमुनोत्री हाईवे समेत कई महत्वपूर्ण मार्गों पर भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएँ सामने आई हैं, जिससे तीर्थयात्रा मार्गों पर यातायात पूरी तरह से प्रभावित हो गया है।

तीर्थयात्रियों को रोका गया

प्रशासन ने हरिद्वार, ऋषिकेश, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, सोनप्रयाग और विकासनगर में तैनात पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए फिलहाल रोकें, और सुरक्षित स्थानों पर ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

सुरक्षा को प्राथमिकता

गढ़वाल आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जब तक मौसम सामान्य नहीं होता और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाते, तब तक यात्रियों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यात्रियों से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और बिना पुष्टि के यात्रा पर न निकलें।