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Char Dham Yatra Stop One Day उत्तरकाशी: यमुनोत्री हाईवे पर सिलाई बैंड में भारी भूस्खलन, लेबर कैंप प्रभावित कई लापता

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Char Dham Yatra Stop One Day उत्तरकाशी: यमुनोत्री हाईवे पर सिलाई बैंड में भारी भूस्खलन, लेबर कैंप प्रभावित कई लापता

उत्तरकाशी: यमुनोत्री हाईवे पर सिलाई बैंड में भारी भूस्खलन, लेबर कैंप प्रभावित कई लापता उत्तरकाशी। ज़िले में लगातार हो रही अतिवृष्टि के चलते यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-134) पर सिलाई बैंड के पास शुक्रवार को भीषण भूस्खलन हुआ। भूस्खलन की चपेट में आकर सड़क के समीप बना लेबर कैंप प्रभावित हुआ है। इस हादसे में ताजा अपडेट के अनुसार कैंप से नौ लोग लापता है जबकि दस लोगो का सफल सुरक्षित निकाला गया है मोके पर अफसरों की टीम हर गतिविधि पर नज़र बना कर अलर्ट मोड़ पर है बारिश के चलते एक दिन के लिए चार धाम यात्रा को रोका गया है

प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारी बारिश के कारण पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने लगे, जिससे लेबर कैंप के टेंट व अन्य संरचनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। राहत की बात यह रही कि प्रारंभिक रिपोर्टों में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात हैं और स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।

यात्रा मार्ग बाधित

भूस्खलन के कारण यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर यातायात अवरुद्ध हो गया है। यात्रियों को अस्थायी रूप से रोका गया है, और मार्ग को साफ करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। जिला प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

प्रशासन सतर्क

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी के अनुसार, मौसम विभाग की चेतावनी के चलते सभी संवेदनशील स्थानों पर अलर्ट जारी किया गया है। सड़क खुलने तक वैकल्पिक मार्गों की भी समीक्षा की जा रही है।

कांवड़ यात्रा 2025:10 जुलाई से वनवे हो जाएगा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे

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कांवड़ यात्रा की तैयारी पूरी, 10 जुलाई से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे वनवे, 13 जुलाई से हरिद्वार में यात्रा शुरू

हरिद्वार/देहरादून। आगामी कांवड़ यात्रा को सुगम, सुरक्षित और सफल बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार और पुलिस प्रशासन ने व्यापक तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। इस वर्ष यात्रा 13 जुलाई से शुरू होकर 23 जुलाई, महाशिवरात्रि तक चलेगी। इस दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे होगा वनवे

यात्रा को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से 10 जुलाई से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को वनवे किया जाएगा। यह व्यवस्था कांवड़ यात्रा समाप्ति तक लागू रहेगी, ताकि ट्रैफिक सुचारू रूप से चल सके।

खाद्य दुकानों पर नेम प्लेट और रेट लिस्ट अनिवार्य

कांवड़ मार्ग पर स्थित खाद्य व पेय पदार्थ विक्रेताओं और ठेला संचालकों को अपनी दुकानों पर नेम प्लेट और रेट लिस्ट प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है। यह कदम यात्रियों को पारदर्शी सेवा देने और कालाबाज़ारी रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।

ध्वनि नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था सख्त

इस बार यात्रा के दौरान अत्यधिक तेज़ ध्वनि वाले उपकरण (DJ आदि) के प्रयोग पर सख्ती रहेगी। “कानफोड़ू ध्वनि” वाले यंत्रों पर प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही, हर श्रद्धालु पर निगरानी रखने के लिए पुलिस टीमों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री खुद करेंगे निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं हरिद्वार पहुँचकर यात्रा की तैयारियों की ग्राउंड जीरो से समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर यात्रा के सुचारू संचालन की रणनीति पर चर्चा करेंगे।

फूल वर्षा और सेवाभाव से स्वागत

उत्तराखंड सरकार इस बार कांवड़ यात्रियों के स्वागत को विशेष बना रही है। फूल वर्षा, स्वागत शिविर, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, पेयजल, मोबाइल टॉयलेट, और ठहराव की व्यवस्था हरिद्वार से लेकर प्रमुख मार्गों पर सुनिश्चित की जा रही है।

यातायात दबाव को लेकर विशेष रणनीति

कांवड़ मार्ग पर बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार किया है। प्रमुख स्थानों पर ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी और यातायात जवानों की तैनाती की जाएगी।

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में आगामी कांवड़ मेले को सरल, सुखद व सुरक्षित संपन्न कराने हेतु इंटरस्टेट समन्वय समिति की बैठक सीसीआर सभागार हरिद्वार में संपन्न हुई। जिसमें उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली तथा राजस्थान के उच्चाधिकारियों द्वारा ऑफलाइन व ऑनलाइन माध्यम से प्रतिभाग किया गया।

इस अवसर पर मुख्य सचिव ने कहा कि कांवड़ मेला आस्था एवं श्रद्धा का बहुत बड़ा उत्सव है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा सकुशल एवं सफलता पूर्वक सम्पन्न कराने हेतु जिला प्रशासन, पुलिस एवं अन्य सम्बन्धित विभाग चाक चौबंद व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने सभी राज्यों से रियल टाइम कॉर्डिनेशन व रियल टाइम डाटा साझा किए जाने की बात भी कही।

मुख्य सचिव ने कांवड़ मेले की व्यवस्थाओं में आधुनिक तकनीक का ज्यादा से ज्यादा उपयोग किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आगामी कुंभ मेले को दृष्टिगत रखते हुए सभी तैयारियों को अंजाम दिया जाए ताकि मेले के अनुभव कुंभ में भी काम आएं।

उन्होंने कहा कि कांवड़ मेले में दौरान कानून व्यवस्था एवं यातायात व्यवस्था के लिए चाक चौबंद व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर भेल पार्किंग का भी उपयोग किए जाने के निर्देश भी जिला प्रशासन को दिए। यात्रा मार्ग पर स्थित ढाबों और होटलों में सुरक्षा मानकों का अनुपालन हो, साथ ही रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से चस्पा की जाए।

डीजीपी श्री दीपम सेठ ने कहा कि हर आयोजन नई चुनौतियां प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि आस्था एवम् श्रद्धा के इस मेले को सुरक्षात्मक रूप से संपन्न कराने हेतु रियल टाइम सूचनाएं साझा की जाएं, किसी भी प्रकार की अफवाह का यूनिफाइड खंडन किया जाए। अपने कार्यों में दक्षता रखने वाले कर्मी ही एक–दूसरे स्टेट भेजे जाएं।

बैठक में सचिव गृह श्री शैलेश बगौली ने कहा कि यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या न हो, यातायात व्यवस्था सरल सुगम व सुरक्षित हो तथा श्रद्धालुओं की सहूलियतों को ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियां सुनिश्चित की जाएं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित तथा एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने कांवड़ यात्रा अवधि, विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं का प्रतिशत, ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सहित कांवड़ यात्रा हेतु की जा रही तैयारियों का पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी। उत्तर प्रदेश की ओर से डीआईजी अभिषेक ने यात्रा प्लान सहित चल रही तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी।

बैठक में उत्तर प्रदेश से एडीजे भानु भास्कर, सचिव गृह मोहित गुप्ता, कमिश्नर मेरठ डिवीजन ऋषिकेश भास्कर यशोद, कमिश्नर बरेली सौम्य अग्रवाल, कमिश्नर सहारनपुर एके राय, डीआईजी सहारनपुर अभिषेक सिंह, आईजी आरपीएफ पंकज गंगवार, उत्तराखण्ड से आईजी निलेश आनंद भरणे, एनएस नपलच्याल, डीआईजी धीरेन्द्र गुंज्याल, एसएसपी देहरादून अजय सिंह, मेलाधिकारी सोनिका, सहित पांचों राज्यों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।


नोट: प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे शांति और अनुशासन बनाए रखें, निर्धारित मार्गों का ही प्रयोग करें और किसी भी समस्या की स्थिति में निकटतम पुलिस या प्रशासनिक सहायता केंद्र से संपर्क करें।

चमोली में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, बदरीनाथ हाईवे कई स्थानों पर बाधित

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चमोली में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, बदरीनाथ हाईवे कई स्थानों पर बाधित

चमोली। जिले में शुक्रवार रात से हो रही लगातार मूसलधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और भारी मलबा आने से बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-7) कई स्थानों पर बंद हो गया है।

नंदानगर के पास पर्थाडीप में एक तीर्थयात्रा वाहन मलबे में फंसा गया था। हालांकि राहत की बात यह रही कि वाहन में सवार सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया। बाद में वाहन को जेसीबी की मदद से बाहर निकाला गया।

यातायात आंशिक रूप से बहाल

भारी मलबा हटाने के बाद पर्थाडीप क्षेत्र में हाईवे पर यातायात आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है। हालांकि अब भी टनों मलबा सड़क किनारे जमा है, जिससे रास्ता संकरा बना हुआ है।

वैकल्पिक मार्ग से वाहनों की आवाजाही शुरू

क्षेत्रपाल क्षेत्र में हाईवे को वैकल्पिक रूप से सुचारु किया गया है। शुरू में केवल दोपहिया वाहनों को निकाला जा रहा था, अब धीरे-धीरे बड़े वाहनों की भी आवाजाही शुरू कर दी गई है।

पीपलकोटी के पास भनेरपाणी में हाईवे बंद

सबसे गंभीर स्थिति पीपलकोटी के समीप भनेरपाणी क्षेत्र में बनी हुई है, जहां हाईवे पूरी तरह बंद है। मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं कि जल्द से जल्द मार्ग को पूर्ण रूप से बहाल किया जा सके।

प्रशासन अलर्ट पर

जिला प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें और अधिकृत सूचना के बाद ही यात्रा करें।

कांटा लगा गर्ल’: अभिनेत्री-मॉडल शेफाली जरीवाला का निधन

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कांटा लगा गर्ल’: अभिनेत्री-मॉडल शेफाली जरीवाला का निधन मॉडल एवं अभिनेत्री शेफाली जरीवाला का 27 जून 2025 की रात अंधेरी, मुंबई स्थित बेलव्यू मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। वह मात्र 42 वर्ष की थीं उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, सीने में तेज दर्द की शिकायत होने पर पति पराग त्यागी और तीन अन्य ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया शव का पोस्टमॉर्टम कूपर अस्पताल भेजा गया

  • शेफाली को ‘कांटा लगा गर्ल’ के नाम से जाना जाता था, और उन्होंने बड़ी-बड़ी फिल्मों व रियलिटी शो (जैसे बिग बॉस 13, नच बलिये) में हिस्सा लिया था
  • एक्ट्रेस की पहले से मिर्गी और डिप्रेशन जैसी स्वास्थ्य समस्याएँ थीं, लेकिन वह नियमित व्यायाम और योग करती थीं
  • इंडस्ट्री में अचानक यह खबर आते ही जबरदस्त सदमा व्याप्त हो गया। कई सेलिब्रिटीज़ जैसे मीका सिंह, हिमांशी खुराना, अली गोनी और पारस छाबड़ा ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त किया

अब तक की पुष्टि:

  • मेडिकल निष्कर्षों में कार्डियक अरेस्ट को संभावित कारण बताया जा रहा है, लेकिन प्वाइंट-इन-कॉज़ पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है मुंबई पुलिस ने जांच शुरू कर दी है; फोरेंसिक टीमें घटना स्थल (उनके घर) पर पहुँची हैं और परिवार एवं हाउसहेल्प से पूछताछ की जा रही है

यह निश्चय रूप से मनोरंजन जगत के लिए एक वेदना और अचानक टलता हुआ अभिनय सितारा होने का चिह्न रहा। शेफाली की ऊर्जा और मुस्कान उनकी यादों में सदैव चमकती रहेगी।

भाजपा नेता के बेटे की संदिग्ध मौत: सिपाही की पिटाई से क्षुब्ध होकर जहर खाने का आरोप, पुलिस ने किया इनकार

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भाजपा नेता के बेटे की संदिग्ध मौत: सिपाही की पिटाई से क्षुब्ध होकर जहर खाने का आरोप, पुलिस ने किया इनकार

कालाढूंगी (नैनीताल)। भाजपा नेता विशन नगरकोटी के बेटे कमल नगरकोटी (31) की शुक्रवार देर रात जहर खाने से मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस चौकी के एक सिपाही द्वारा मारपीट और अभद्रता किए जाने से आहत होकर कमल ने यह जानलेवा कदम उठाया। हालांकि कालाढूंगी थाना पुलिस ने मारपीट के आरोपों को नकारते हुए युवक के नशे की लत को मौत की पृष्ठभूमि बताया है।

चेकिंग के दौरान सिपाही ने की अभद्रता: परिजन

कमल नगरकोटी, जो अपने पिता के साथ ठेकेदारी का काम करता था और सयात गांव निवासी था, शुक्रवार दोपहर बाइक से कोटाबाग की ओर जा रहा था। परिजनों के अनुसार रास्ते में स्थानीय पुलिस चौकी पर एक सिपाही ने उसे रोका और चेकिंग के नाम पर थप्पड़ मारते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इससे मानसिक रूप से आहत होकर कमल ने कोटाबाग बाजार में ज़हर खा लिया।

अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम

घटना की जानकारी मिलने पर परिजन उसे तत्काल हल्द्वानी के बेस अस्पताल ले गए, जहां से गंभीर हालत में उसे सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया गया। लेकिन रात करीब 10 बजे अस्पताल पहुंचने से पहले ही कमल की मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में भेजा गया है।

मां को फोन कर बताई अंतिम बात

कमल ने ज़हर खाने से पहले अपनी मां को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी थी। पिता विशन नगरकोटी ने कहा कि वह इस मामले में दोषी सिपाही के खिलाफ तहरीर देंगे और न्याय की मांग करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है।

पुलिस का पक्ष: मारपीट नहीं, युवक था नशेड़ी

मामले में कालाढूंगी थानाध्यक्ष विजय मेहता ने कहा कि युवक द्वारा जहर खाने की सूचना मिली है, लेकिन किसी प्रकार की मारपीट का कोई प्रमाण नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि युवक के नशे की लत के बारे में जानकारी मिली है, जिसे भी जांच में शामिल किया जाएगा।


पृष्ठभूमि और पारिवारिक स्थिति

कमल की शादी एक साल पहले ही हुई थी और वह पिता के साथ ठेकेदारी का व्यवसाय कर रहा था। उसका बड़ा भाई भारतीय सेना में कार्यरत है। इस घटना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।

एनएच-74 घोटाला 15 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप, 13 नवंबर को अगली सुनवाई

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एनएच-74 घोटाला: 15 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप, 13 नवंबर को अगली सुनवाई

देहरादून। उत्तराखंड के बहुचर्चित राष्ट्रीय राजमार्ग-74 (एनएच-74) घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पीसीएस अधिकारी दिनेश प्रताप सिंह समेत सात किसानों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोपितों पर 15 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) में संलिप्त होने का आरोप है।

स्पेशल कोर्ट ने लिया आरोपपत्र का संज्ञान

शुक्रवार को ईडी की स्पेशल कोर्ट ने इस मामले में दाखिल आरोपपत्र का संज्ञान लेते हुए अगली सुनवाई की तारीख 13 नवंबर तय की है। ईडी ने अपनी जांच के तहत कई किसानों की संपत्तियां भी जब्त (अटैच) कर दी हैं।

400 करोड़ से अधिक का बताया जा रहा घोटाला

एनएच-74 घोटाले का खुलासा मार्च 2017 में हुआ था, जिसे उत्तराखंड का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला माना जा रहा है। तत्कालीन एडीएम प्रताप शाह ने ऊधमसिंहनगर की सिडकुल चौकी में एनएचएआई के अधिकारियों, सात तहसीलों के तत्कालीन एसडीएम, तहसीलदारों और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। उस समय राज्य की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था।

अधिकारियों और किसानों पर कार्रवाई

जांच के दौरान दो आईएएस और पांच पीसीएस अधिकारियों को निलंबित किया गया था, जबकि 30 से अधिक अधिकारी, कर्मचारी और किसान जेल भेजे गए थे। मुख्य आरोपित बनाए गए तत्कालीन एसएलओ और पीसीएस अधिकारी दिनेश प्रताप सिंह एक साल से अधिक समय तक जेल में रहे।

सरकारी जांच में यह घोटाला 400 करोड़ रुपये से अधिक का पाया गया। इसके बाद एसआईटी ने चार्जशीट दाखिल कर दी और किसानों सहित कई आरोपियों पर आरोप तय किए। इन किसानों में अधिकतर पंजाब से संबंध रखते हैं।

ईडी की कार्रवाई और चार्जशीट

करीब तीन वर्षों तक चली जांच के बाद, ईडी ने 10 सितंबर को पीसीएस अधिकारी दिनेश प्रताप सिंह और सात किसानों — जिशान अहमद, सुधीर चावला, अजमेर सिंह, गुरवैल सिंह, सुखवंत सिंह, सुखदेव सिंह और सतनाम सिंह — के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाते हुए औपचारिक चार्जशीट दाखिल की। ईडी ने इन सभी की करोड़ों रुपये की संपत्ति को जांच के दौरान अटैच किया है।

एनएच-74 घोटाला: रिटायर्ड पीसीएस अधिकारी डीपी सिंह के ठिकानों पर ईडी का छापा, मनी लॉन्ड्रिंग की जांच तेज़

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एनएच-74 घोटाला: रिटायर्ड पीसीएस अधिकारी डीपी सिंह के ठिकानों पर ईडी का छापा, मनी लॉन्ड्रिंग की जांच तेज़

उत्तराखंड के बहुचर्चित एनएच-74 घोटाले में रिटायर्ड पीसीएस अधिकारी डीपी सिंह के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार सुबह तड़के छापेमारी की। देहरादून के राजपुर रोड स्थित उनके आवास के साथ-साथ सीतापुर और बरेली स्थित आवासों पर भी कार्रवाई की गई। साथ ही हरिद्वार के एक अफसर और काशीपुर के एक वकील के निवास पर भी छापे मारे गए हैं।

कागजातों की गहन छानबीन जारी

ईडी की टीमें डीपी सिंह के आवास पर महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच में जुटी हुई हैं। डीपी सिंह डोईवाला शुगर मिल में कार्यकारी निदेशक के पद पर कार्यरत रहे हैं। छापेमारी के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई से कई बड़े अफसरों में चिंता की लहर दौड़ गई है।

घोटाले की पृष्ठभूमि: 162.5 करोड़ का नुकसान

एनएच-74 के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहण की गई जमीन के उपयोग में कथित रूप से हेरफेर कर सरकारी खजाने को 162.5 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है। इस मामले में पीसीएस अफसर डीपी सिंह, पूर्व एसडीएम काशीपुर भगत सिंह फोनिया सहित कुल सात लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया गया है। ईडी पहले ही इस प्रकरण में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

8 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप

ईडी ने जांच के दौरान पाया कि आरोपियों ने इस घोटाले से अर्जित लगभग 8 करोड़ रुपये की अवैध धनराशि को वैध रूप देने की कोशिश की। एजेंसी अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि यह पैसा कहां और कैसे खर्च किया गया।

पतंजलि को राहत हाईकोर्ट ने भ्रामक विज्ञापन मामले में दर्ज आपराधिक मुकदमा किया रद्द

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पतंजलि को राहत: हाईकोर्ट ने भ्रामक विज्ञापन मामले में दर्ज आपराधिक मुकदमा किया रद्द नैनीताल हाईकोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड और इसके संस्थापक बाबा रामदेव व आचार्य बालकृष्ण के खिलाफ भ्रामक विज्ञापनों के आरोप में दर्ज आपराधिक मामले को खारिज कर दिया है। यह मामला 2024 में उत्तराखंड के एक वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा ड्रग्स एंड मैजिकल रेमेडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम, 1954 के तहत दर्ज कराया गया था।

किन उत्पादों को लेकर था विवाद

शिकायत में आरोप था कि पतंजलि की दवाओं — मधुग्रिट, मधुनाशिनी, दिव्य लिपिडोम टैबलेट, दिव्य लिवोग्रिट टैबलेट, दिव्य लिवाम्रत एडवांस टैबलेट, दिव्य मधुनाशिनी वटी और दिव्य मधुग्रिट टैबलेट — को भ्रामक विज्ञापनों के जरिए बढ़ावा दिया गया।

कोर्ट का फैसला: पर्याप्त साक्ष्य नहीं

हाईकोर्ट ने बीएनएसएस की धारा 528 के तहत हरिद्वार के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) द्वारा जारी समन को रद्द करते हुए कहा कि शिकायत में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि विज्ञापन भ्रामक कैसे थे और उनके झूठे होने के समर्थन में कोई विशेषज्ञ रिपोर्ट या ठोस सबूत पेश नहीं किए गए। कोर्ट ने यह भी माना कि याचिकाकर्ता (पतंजलि) को बिना किसी वैज्ञानिक आधार या प्रमाण के केवल विज्ञापन हटाने के लिए कहा गया, जो मुकदमा चलाने का पर्याप्त कारण नहीं है। साथ ही अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि जिन घटनाओं के आधार पर शिकायत दर्ज की गई थी, वे 2023 से पहले की थीं और वे पहले ही समयसीमा से बाहर हो चुकी थीं।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद दर्ज हुई थी शिकायत

यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को आयुष मंत्रालय की चेतावनियों के बावजूद कार्रवाई न करने पर फटकार लगाई थी। इसके बाद राज्य सरकार के संबंधित विभाग ने यह शिकायत दर्ज की थी। हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में इस पहलू को भी संज्ञान में लिया, लेकिन साक्ष्य के अभाव में मामला खारिज कर दिया।

अलकनंदा में समाया श्रद्धालुओं का वाहन, रुद्रप्रयाग हादसे ने झकझोरा

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अलकनंदा में समाया श्रद्धालुओं का वाहन, रुद्रप्रयाग हादसे ने झकझोरा राजस्थान के उदयपुर से धार्मिक यात्रा पर उत्तराखंड आया पूरा परिवार बाबा केदारनाथ धाम की यात्रा करने के बाद बद्रीनाथ जा रहा था वीरवार को परिवार के लोग यात्रा पर निकले तो किसी को भी पता नहीं था उनकी ये यात्रा अंतिम यात्रा में तब्दील होने वाली है यात्रा मार्ग पर हादसे ने पूरा परिवार तबाह कर दिया है रुद्रप्रयाग ज़िले से गुरुवार सुबह सामने आई भीषण सड़क दुर्घटना की खबर ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। बदरीनाथ दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं का टेंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर अलकनंदा नदी में जा गिरा। हादसे में कई लोग लापता हैं, कुछ की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कुछ यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

चालक ने बताई हादसे की वजह

अस्पताल में भर्ती घायल चालक सुमित ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि यह दुर्घटना एक ट्रक की टक्कर के कारण हुई। हादसे के समय वाहन में सवार कुछ यात्री बाहर जा गिरे। चालक के बयान की पुष्टि अन्य घायलों ने भी की है। घायल भावना ने बताया कि वे रात को रुद्रप्रयाग में रुके थे और सुबह करीब 7:30 बजे बदरीनाथ के लिए निकले थे।

राजस्थान के यात्री थे सवार

दुर्घटनाग्रस्त वाहन में सवार सभी यात्री राजस्थान के उदयपुर से धार्मिक यात्रा पर आए थे। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया।

यात्रा मार्ग पर बड़ा हादसा: टेंपो ट्रैवलर अलकनंदा नदी में गिरा, कई लोग लापता

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यात्रा मार्ग पर बड़ा हादसा: टेंपो ट्रैवलर अलकनंदा नदी में गिरा, कई लोग लापता

रुद्रप्रयाग ज़िले में गुरुवार सुबह एक भीषण सड़क दुर्घटना हो गई। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर घोलतीर के पास एक टेंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर सीधे अलकनंदा नदी में जा गिरा। यह वाहन बदरीनाथ दर्शन के लिए जा रहा था और उसमें चालक सहित कुल 19 लोग सवार थे, जिनमें से 17 एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं।

रेस्क्यू ऑपरेशन की स्थिति:

अब तक मिली जानकारी के अनुसार, वाहन में कुल 19 लोग सवार थे। एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और अन्य राहत एजेंसियों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया। अभी तक 8 यात्रियों को बचाकर रुद्रप्रयाग अस्पताल भेजा जा चुका है। हादसे में अब तक 2 लोगों के शव बरामद हुए हैं, जबकि बाकी 9 लोग अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है।

मुख्यमंत्री का बयान:

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा शोक जताते हुए कहा कि रुद्रप्रयाग जनपद में टेंपो ट्रैवलर के नदी में गिरने की घटना अत्यंत दुःखद है। एसडीआरएफ सहित अन्य एजेंसियां राहत व बचाव कार्य में युद्धस्तर पर जुटी हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि वे लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं और ईश्वर से सभी यात्रियों की कुशलता की प्रार्थना कर रहे हैं।