चारधाम यात्रा 2026: सरकार की नई SOP—पंजीकरण अनिवार्य, टोकन से होंगे दर्शन
उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी की है। इसके तहत यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है और अब श्रद्धालुओं को टोकन सिस्टम के जरिए ही दर्शन मिलेंगे।
पंजीकरण प्रक्रिया अनिवार्य
यात्रियों को पर्यटक सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से पंजीकरण करना होगा, जो आधार प्रमाणीकरण से जुड़ा है।
पंजीकरण के विकल्प:
- ऑनलाइन पोर्टल
- मोबाइल एप्लिकेशन
- भौतिक पंजीकरण काउंटर
पंजीकरण पूरा होने पर श्रद्धालुओं को एक मैसेज प्राप्त होगा, जिसमें:
- क्यूआर कोड
- यूनिक आईडी (Unique Identification Number)
QR कोड से होगी एंट्री
धामों में अधिकृत “यात्री मित्र” द्वारा क्यूआर कोड स्कैन किया जाएगा, जिससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी।
तय तारीख पर ही मिलेगा प्रवेश
श्रद्धालुओं को केवल निर्धारित तिथि पर ही धाम में प्रवेश की अनुमति होगी, जिससे भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
टोकन सिस्टम से दर्शन
दर्शन के लिए पहले दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा, उसके बाद ही टोकन जारी होगा, जिससे श्रद्धालु निर्धारित समय पर दर्शन कर सकेंगे।
इन स्थानों पर हो रहा फिजिकल वेरिफिकेशन
यात्रियों का भौतिक सत्यापन इन प्रमुख स्थानों पर किया जा रहा है:
- बड़कोट
- हिना
- सोनप्रयाग
- पांडुकेश्वर
- गोविंदघाट
उद्देश्य क्या है?
सरकार का लक्ष्य है कि चारधाम यात्रा को
- सुरक्षित
- व्यवस्थित
- पारदर्शी
बनाया जाए, ताकि लाखों श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के दर्शन कर सकें।
नई SOP से भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और फर्जी पंजीकरण पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।

