Tuesday, January 27, 2026
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देहरादून में लोगों को स्ट्रीट डॉग से मिलेगी निजात, एग्रेसिव व्यवहार मिला तो भेजा जाएगा डॉग शेल्टर सेंटर

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राजधानी देहरादून में जल्द लोगों को स्ट्रीट डॉग से निजात मिलने वाली है. नगर निगम डॉग शेल्टर सेंटर बनाने की तैयारी में जुटा है.

देहरादून: देहरादून में लोगों को स्ट्रीट डॉगों से जल्द राहत मिल सकती है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब देहरादून नगर निगम अब उन स्ट्रीट डॉग्स पर लगाम कसने जा रहा है. जो शहर में लोगों पर हमला करते हैं या जिनका व्यवहार एग्रेसिव हो गया है. नगर निगम ने इन डॉग्स के लिए राज्य का पहला डॉग शेल्टर सेंटर बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. नई नीति के तहत ऐसे लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी, जो सार्वजनिक जगहों पर स्ट्रीट डॉगों को नियमित रूप से खाना खिलाते हैं. यदि उनके कुत्ते किसी राहगीर पर हमला करते हैं तो उन्हें कुत्ते का मालिक माना जाएगा और एक से दो हजार रुपए तक का चालान किया जा सकेगा.

शेल्टर के लिए शासन से मंजूरी मिल चुकी है और जल्द काम भी शुरू होगा. देहरादून के इस डॉग शेल्टर सेंटर में हर डॉग को तब तक रखा जाएगा.जब तक उसका व्यवहार सामान्य न हो जाए और सजा से पहले डॉग की पूरी जांच होगी. बिना जांच के नहीं रखा जाएगा. नगर निगम की एक स्पेशल कमेटी व्यवहार की जांच करेगी और फिर उसके रिकमेंडेशन के बाद ही डॉग्स को शेल्टर भेजा जाएगा. वहीं पशु प्रेमी लोग इन निराश्रित कुत्तों को गोद भी ले सकेंगे. इसके लिए संबंधित नगर निकाय में आवेदन करना होगा. गोद लिए गए कुत्ते को चिह्नित कर विधिवत अनुमति दी जाएगी. एक बार गोद लेने के बाद उसका परित्याग नहीं कर सकते.

सुप्रीम कोर्ट ने निराश्रित कुत्तों के संबंध में 22 अगस्त को आदेश जारी किया था. इसी आदेश के क्रम में शासन ने नियम जारी किए हैं. अपर सचिव संतोष बडोनी की ओर से इस संबंध में निर्देश निदेशक शहरी विकास, सभी नगर आयुक्त नगर निगम, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका व नगर पंचायत को भेजे गए हैं. वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी वरुण अग्रवाल ने बताया है कि नगर निगम शंकरपुर क्षेत्र में एक बड़े डॉग शेल्टर के निर्माण की योजना बना रहा है. जिसकी क्षमता मौजूद एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर से कहीं गुना अधिक होगी. फिलहाल नगर निगम की एबीसी सेंटर में 72 कुत्तों को रखने की सुविधा है, इसे भी बढ़ाकर 150 से 200 से अधिक किया जाएगा.

नगर निगम की ओर से एक कुत्ता शिकायत प्रकोष्ठ भी बनाया जा रहा है. जिसके लिए जल्द टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा. नागरिकों को जागरूक करने के लिए पोस्टर बैनर और प्रचार अभियानों की भी योजना है.नगर निगम अब हमलावर और आक्रामक कुत्तों की पहचान कर उन्हें लंबे समय तक केंद्र में रखकर इलाज और व्यवहार सुधार की नीति पर काम करेगा. साथ ही साल 2016 से अब तक करीब 54000 कुत्तों का बंध्याकरण और टीकाकरण किया जा चुका है, जबकि अभी लगभग 20% कुत्तों की नसबंदी बाकी है. नई नीति के तहत ऐसे लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी, जो सार्वजनिक जगहों पर स्ट्रीट डॉगों को नियमित रूप से खाना खिलाते हैं. यदि उनके कुत्ते किसी राहगीर पर हमला करते हैं तो उन्हें कुत्ते का मालिक माना जाएगा और एक से दो हजार रुपए तक का चालान किया जा सकेगा.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और नगर निकायों को राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य राजमार्गों और सड़कों से आवारा पशुओं को हटाने का आदेश दिए हैं.

रुद्रप्रयाग में स्वास्थ्य व्यवस्था कर गई निराश, सड़क पर ही हुआ प्रसव

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एंबुलेंस बनी परेशानी का सबब: रास्ते में ही बच्चे को जन्म देने को मजबूर हुई गर्भवती, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

नैनीताल: अपहरण की साजिश नाकाम, पुलिस की नाकेबंदी में फंसे आठ आरोपी हिरासत में

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नैनीताल- नैनीताल पुलिस के फास्ट एक्शन ने एक बड़ा अपराध होने से टाल दिया। गुरुवार को हुई इस पूरी घटना में अपराधियों की प्लानिंग और भागने की कोशिश पर पुलिस की तेज़ नाकाबंदी भारी पड़ गई। दरअसल, हरियाणा निवासी दीपक ने डायल 112 पर घबराई हुई आवाज़ में सूचना दी कि “कुछ लोग मेरे भाई राधा मोहन को जबरन गाड़ी में डालकर ले गए हैं।”बस फिर क्या था,एसएसपी नैनीताल मंजुनाथ टी.सी. ने तुरंत अलर्ट जारी किया और जिले भर में नाकाबंदी और बैरियर चेकिंग के आदेश दे दिए।एसपी हल्द्वानी मनोज कत्याल खुद फील्ड में उतर गए, और कुछ ही समय में पुलिस टीमों ने सभी रास्तों पर जाल बिछा दिया। जिसके थोड़ी ही देर बाद हल्दुआ चेक पोस्ट पर संदिग्ध XUV (HR26FH9594) को पुलिस ने रोक लिया। जांच की तो सबके होश उड़ गए। इस गाड़ी से अपहृत राधा मोहन सकुशल बरामद कर किया गया। वाहन में सवार सभी 8 आरोपी मौके पर ही दबोच लिए गए।जिनसे इन्वेस्टिगेशन चल रही है।

उत्तराखंड में दर्दनाक घटना: इंटर्नशिप कर रही ओडिशा की 23 वर्षीय युवती की मकान मालिक के बेटे ने की हत्या

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रूद्रपुर: ऊधम सिंह नगर के लालपुर में इंटर्नशिप कर रही ओडिशा की 23 वर्षीय युवती की मकान मालिक के बेटे अमित ने हत्या कर दी। अमित ने घर में अकेलेपन का फायदा उठाकर दुष्कर्म का प्रयास किया, विरोध करने पर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई। युवती के माता-पिता और बहन जेकेपुर रायगढ़ ओडिशा में रहते हैं। मृतका के ममेरे भाई ने बताया कि युवती ने बीटेक इन एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग की थी। इसके बाद उसका लालपुर की फैक्ट्री में छह महीने की इंटर्नशिप के लिए चयन हुआ था। जिसके बाद युवती सृष्टि शर्मा लालपुर में कामेश्वर सिंह के मकान में किराये के कमरे में रहने लगी, बीते मंगलवार सुबह युवती फैक्ट्री गई थी। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के अनुसार सृष्टि दोपहर ढाई बजे घर के अंदर दाखिल हुई थी। बताया जा रहा है कि तब कामेश्वर सिंह की पत्नी सरोज की तबीयत खराब होने के कारण रुद्रपुर के निजी अस्पताल में भर्ती थी और कामेश्वर सिंह व उनका छोटा पुत्र सुमित अस्पताल में था। इस कारण घर पर उनका बेटा अमित अकेला था। अकेलेपन का फायदा उठाते हुए अमित की नीयत खराब हो गयी। युवती के विरोध करने पर अमित ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। और अपने दूसरे भाई के साथ मिलकर बाइक पर मृतका के शव को ले जाकर नहर के किनारे फेंक दिया था, पुलिस ने आरोपी अमित को गिरफ्तार कर लिया है जबकि दूसरे आरोपी सुमित की तलाश की जा रही है।

उत्तराखंड: यहां अवैध रूप से निवास कर रही 2 बांग्लादेशी महिलाओ को पुलिस ने किया गिरफ्तार

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देहरादून : देहरादून में अवैध रूप से निवास कर रही 02 बांग्लादेशी महिलाओ को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार

वीवीआईपी कार्यक्रम के दृष्टिगत चलाये जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान दून पुलिस को मिली बड़ी सफलता

पुलिस तथा एल0आई0यू0 की संयुक्त टीम द्वारा सत्यापन अभियान के दौरान पकड़ी दोनो बांग्लादेशी महिलाये दोनो अभियुक्ताओ को नियमानुसार किया जायेगा डिपोर्ट

जिस टैक्सी में बैठकर दिल्ली से देहरादून पहुंची थी अभियुक्ता, उसी के ड्राइवर को बातों में फंसाकर उससे करी शादी

पूर्व में भी आपरेशन कालनेमि के अन्तर्गत पुलिस द्वारा जनपद में अवैध रूप से निवास कर रहे 07 बांग्लादेशी नागरिको को गिरफ्तार कर किया गया था डिपोर्ट

07 अन्य बांग्लादेशी नागरिकों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर भेजा जा चुका है जेल

गोवंशीय पशु से अमानवीय कृत्य करने वाला आरोपी गिरफ्तार, CCTV की मदद से पकड़ा गया यूपी का युवक

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31 अक्टूबर को आरटीओ रोड स्थित मैदान में विश्राम कर रहे गोवंशीय पशु के साथ अमानवीय कृत्य किया गया था

हल्द्वानी: नैनीताल जिले के हल्द्वानी स्थित मुखानी थाना क्षेत्र में एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा गोवंशीय पशु के साथ अमानवीय कृत्य करने के मामले में आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. आरोपी उत्तर प्रदेश के रामपुर का रहने वाला है. घटना से कुछ दिन पूर्व ही वह यूपी से काम करने के लिए हल्द्वानी आया था.

गोवंशीय पशु से अमानवीय कृत्य करने वाला आरोपी गिरफ्तार: गोवंशीय पशु से अमानवीय कृत्य करने के मामले में मुखानी पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है. 2 नवम्बर 2025 को वादी गिरीश चंद्र पांडे निवासी आरटीओ रोड मुखानी द्वारा पुलिस को तहरीर सौंपी गई थी. तहरीर में आरोप लगाया गया था कि एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा 31 अक्टूबर को आरटीओ रोड स्थित मैदान में विश्राम कर रहे गोवंशीय पशु के साथ अमानवीय कृत्य किया गया.

सीसीटीवी फुटेज ने खोली पोल: मामले में थाना मुखानी पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी. मामले की विवेचना थाने में तैनात उप निरीक्षक वीरेंद्र चंद्र को सौंपी गई थी. विवेचना के दौरान पुलिस ने घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो टीम को एक संदिग्ध व्यक्ति का होना पाया गया.

जेल भेजा गया आरोपी: सीसीटीवी फुटेज खंगालने की खबर जैसे ही उसे लगी, तो वह अपना सामान लेकर भाग गया. सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध को चिह्नित कर शुक्रवार को रुद्रपुर किच्छा बाईपास के पास शिवनगर के निकट गंगानगर चौराहे से अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने घटना के समय पहने कपड़ों व अन्य सामान सहित आरोपी को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सुनील कुमार, निवासी मिल्क मुफ्ती सईदनगर, थाना अजीम नगर, तहसील स्वार, जिला रामपुर उत्तर प्रदेश बताया. आरोपी सुनील कुमार की उम्र 24 वर्ष है. उसने बताया कि वह 28 अक्टूबर को काम की तलाश में हल्द्वानी आया था.

(उत्तराखंड) कार अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई, 06 व्यक्ति थे सवार

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राज्य में सड़क हादसे भी कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं कभी तराई तो कभी पहाड़ों से हादसों की खबर सामने आ रही है।

ताजा मामला जनपद चमोली से एसडीआरएफ टीम द्वारा सड़क दुर्घटना में घायलों को रेस्क्यू कर पहुंचाया गया अस्पताल।

आज दिनांक 07 नवम्बर 2025 को एसडीआरएफ पोस्ट पांडुकेश्वर के समीप एक वाहन (UK-14B 4828) अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। उक्त वाहन में कुल 06 व्यक्ति सवार थे।

सूचना प्राप्त होते ही एसडीआरएफ पोस्ट पांडुकेश्वर से अपर उपनिरीक्षक मंगल सिंह भाकोनी के नेतृत्व में टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। टीम द्वारा सभी घायलों को वाहन से सुरक्षित निकालकर प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया तथा सभी घायलों को उपचार हेतु सकुशल पांडुकेश्वर प्राथमिक चिकित्सा केंद्र पहुंचाया गया।

CM धामी की 4 बड़ी घोषणाएं: वृद्ध कलाकारों की पेंशन ₹3000 से ₹6000 हुई, प्रेक्षागृह बनेंगे!

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘हिमालय निनाद उत्सव-2025’ में हिस्सा लिया और कलाकारों की मासिक पेंशन दोगुनी करके ₹6000 की। साथ ही, संस्कृति के संरक्षण हेतु 3 अन्य बड़ी घोषणाएं कीं।

देहरादून। उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर हिमालयन संस्कृति केंद्र, गढ़ी कैंट देहरादून में आयोजित “हिमालय निनाद उत्सव- 2025” में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने न केवल कलाकारों का उत्साहवर्धन किया, बल्कि संस्कृति के उत्थान और कलाकारों के हितों में चार महत्वपूर्ण घोषणाएं कर उन्हें बड़ी राहत दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उत्सव मात्र एक सांस्कृतिक समारोह नहीं, बल्कि हिमालय की साझा चेतना और विविध परंपराओं का उत्सव है।

कलाकारों को पेंशन का बड़ा तोहफा

मुख्यमंत्री की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा वृद्ध और खराब स्वास्थ्य से जूझ रहे कलाकारों व लेखकों से संबंधित है। उन्होंने घोषणा की कि जिन्होंने अपना पूरा जीवन कला एवं साहित्य की आराधना में लगा दिया, उनके लिए देय मासिक पेंशन ₹3000 से बढ़ाकर ₹6000 प्रतिमाह की जाएगी। यह वृद्धि उन आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों के लिए एक बड़ा सहारा बनेगी जो वृद्धावस्था के कारण जीविकोपार्जन में असमर्थ हो गए हैं। यह कदम राज्य के कलाकार कल्याण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।

  • मानदेय और अवसंरचना पर ज़ोर

मुख्यमंत्री ने अन्य तीन बड़ी घोषणाएं भी कीं:

  • मानदेय में समानता: संस्कृति विभाग में सूचीबद्ध सांस्कृतिक दलों के कलाकारों का मानदेय अब भारत सरकार के उपक्रम, नॉर्थ जोन कल्चरल सेंटर की तर्ज पर दिया जाएगा, जिससे उन्हें बेहतर पारिश्रमिक मिल सकेगा।
  • प्रेक्षागृहों का निर्माण: राज्य के समस्त जनपद स्तर पर प्रेक्षागृह (Auditorium) का निर्माण किया जाएगा, जिससे कलाकारों को अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए मंच उपलब्ध हो सके।
  • सांस्कृतिक संग्रहालय: सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण व प्रदर्शन के लिए प्रदेश में एक राज्य स्तरीय संग्रहालय, तथा गढ़वाल व कुमाऊं मंडल में एक-एक मंडल स्तरीय संग्रहालय का निर्माण किया जाएगा।

सांस्कृतिक संगम और आत्ममंथन का अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर यह समय केवल उत्सव का नहीं, बल्कि आत्ममंथन और नए संकल्प का भी है। निनाद महोत्सव-2025 में तिब्बत, अरुणाचल, मणिपुर, हिमाचल, असम और लद्दाख सहित पूरे हिमालय क्षेत्र की विविध संस्कृतियों को एक मंच पर लाया गया। उन्होंने राज्य निर्माण के लिए संघर्ष करने वाली महान आत्माओं को नमन किया और कहा कि उनकी स्मृति हमें यह राज्य कितनी कठिनाइयों और बलिदानों से मिला है, इसकी याद दिलाती है। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद सोनल मानसिंह, नरेश बंसल और संस्कृति सचिव युगल किशोर पंत सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

गढ़वाली गीतकार व गायक संतोष खेतवाल की पुस्तक का विमोचन

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देहरादून, 7 नवंबर 2025:

हिमालय लोक साहित्य एवं संस्कृति विकास ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में गढ़वाली गीतकार, गायक व संगीत निर्देशक संतोष खेतवाल जी के गीत संग्रह “चाँदी सि हिमालै” का विमोचन गढरत्न नरेंद्र सिंह नेगी जी के कर कमलों से हुआ। नरेंद्र सिंह नेगी बतौर मुख्य अतिथि इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।

दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र, देहरादून के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ  मुख्य अतिथि नरेंद्र सिंह, विशिष्ट अतिथि डॉ नंद किशोर हटवाल व मंचासीन अन्य गणमान्य लोगों के द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। दीप प्रज्वलन के उपरांत मंचासीन अतिथियों के द्वारा संतोष खेतवाल जी की सद्य प्रकाशित पुस्तक का विमोचन किया गया।

इसके उपरांत आमंत्रित अतिथियों व उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए गीत संग्रह के लेखक संतोष खेतवाल जी ने कहा कि आज का यह पल उनके जीवन का अविस्मरणीय पल है  और यह संग्रह मेरे 40 वर्षो के रचनाकर्म का दस्तावेज है। पुस्तक के कथ्य व शिल्प पर अपनी बात रखते हुए गढ़वाली साहित्यकार व कवि मदन मोहन डुकलाण ने कहा कि इस गीत संग्रह में एकल गीत, युगल गीत व भजन तीन प्रकार के गीतों को संकलित किया गया है जिसमें कुछ ऐतिहासिक व उत्तराखंड की गौरवशाली सैन्य परम्परा को दर्शाते गीत भी हैं जिन्हें गहन अध्ययन व शोध के बाद लिखा  गया प्रतीत होता है। संतोष खेतवाल जी की पुस्तक पर अपने विचार व्यक्त करते हुए वरिष्ठ कवि लेखक व रंगकर्मी विजय मधुर ने कहा कि इस पुस्तक में संकलित गीत लोकरंजन के साथ ही गढ़वाल के समाज की अनेक परंपराओं व रीत-रिवाजों का भी लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हैं। इस अवसर पर संतोष खेतवाल जी के पुत्र संकल्प खेतवाल ने विमोचित पुस्तक से कुछ गीतों का गायन भी किया।

कार्यक्रम में उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ता डा स्वामी एस. चंद्रा ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और हम खेतवाल जी की इस पुस्तक में अपने पहाड़ की अपने समाज की तस्वीर देख सकते हैं। वरिष्ठ साहित्य व लोक के मर्मज्ञ डॉ नंद किशोर हटवाल मे कहा कि गीत हमारे समाज में जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग है। इसके बिना जीवन की कल्पना करना कठिन है। उन्होंने कहा कि खेतवाल जी ने पुस्तक के रूप में अपने गीतों को प्रकाशित कर इन्हें साहित्य प्रेमियों व भविष्य के शोधार्थियों के लिए संरक्षित कर लिया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  सुप्रसिद्ध गीतकार व गायक नरेंद्र सिंह नेगी जी ने अवसर पर कहा कि वे इन गीतों को सुनते आये हैं और ये गीत जनता के बीच पहले से ही बहुत लोकप्रिय हैं। इन्हें सिर्फ अभिलेखीकरण की आवश्यकता थी जो आज पूरी हो गई है।

हिमालय लोक साहित्य एवं संस्कृति विकास ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित इस गढ़वाली गीत संग्रह “चाँदी सि हिमालै” में कोषाधिकारी, पौड़ी,  पद से सेवानिव्रत श्री संतोष खेतवाल जी के 137 गीत हैं | जिन्हें उन्होंने वर्ष 1981 से लेकर अब तक लगभग 44 वर्षों में आकाशवाणी, दूरदर्शन, विभिन्न मंचों, कैसेटस, गढ़वाली फिल्मों के माध्यम से समाज के बीच पहुंचाया है।

इस अवसर पर सभागार में श्री संतोष खेतवाल जी के परिवार जनों में  श्रीमती माहेश्वरी देवी, सुश्री पुष्पा खेतवाल, डॉ. अमन भारती , डॉ. श्रृष्टि खेतवाल, श्री शाहिल माथुर, सुश्री सुनिष्ठा माथुर, संकल्प खेतवाल, सारांश खेतवाल, कुलानंद घनशाला, दिनेश बौड़ाई, चंद्रदत्त सुयाल, सुरेश स्नेही, आलोक मलासी, कांता घिल्डियाल आदि से साथ नगर के गणमान्य व्यक्ति, कवि, साहित्यकार व संस्कृतिकर्मी ने उपस्थित रहे। कार्यक्रम की सफल संचालन आशीष सुंदरियाल ने किया।

उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस, FRI में होगा मुख्य कार्यक्रम, पीएम मोदी होंगे शामिल

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उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के मुख्य कार्यक्रम में करीब 75 हजार से एक लाख लोग शामिल हो सकते हैं.

देहरादून: उत्तराखंड राज्य गठन को 25 साल पूरे हो रहे हैं. ऐसे में इस 25वीं वर्षगांठ को राज्य सरकार रजत जयंती वर्ष के रूप में मना रही है. जिसके तहत 1 नवंबर से ही प्रदेश भर में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहे हैं. राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 9 नवंबर को मुख्य कार्यक्रम देहरादून स्थित एफआरआई परिसर में आयोजित किया जाएगा. जिसमें पीएम मोदी शिरकत करेंगे. पीएम मोदी के उत्तराखंड दौरे के लेकर एफआरआई परिसर में तैयारियां युद्ध स्तर पर की जा रही हैं.

उत्तराखंड राज्य के लिए वर्तमान राज्य स्थापना दिवस बेहद खास है. उत्तराखंड राज्य गठन को 25 साल पूरे हो रहे हैं. यही वजह है कि उत्तराखंड सरकार 25वीं वर्षगांठ को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए तमाम तैयारियां कर रही हैं. राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य के 25 साल की विकास यात्रा और आगामी 25 सालों के रोड मैप को लेकर विशेष सत्र का आयोजन किया गया.

विशेष सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विधानसभा को संबोधित किया. इसके बाद तीन दिनों तक चले, इस विशेष सत्र में 25 साल की विकास यात्रा के साथ ही अगले 25 सालों के रोड मैप को लेकर चर्चा की गई.

अब एफआरआई में राज्य स्थापना दिवस का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. जिसकी तैयारियां जोरों से चल रही है. खुद गढ़वाल कमिश्नर तैयारियों पर नजर बनाये हुये हैं. गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कहा कि युद्ध स्तर पर तैयारी की जा रही हैं. वर्तमान समय तक 90 फीसदी काम पूरे हो चुके हैं. थोड़े बहुत फिनिशिंग के काम बचे हुए हैं. जिसे कल दिन तक पूरा कर लिया जाएगा.

गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया मुख्य रूप से राज्य गठन के बाद से इन 25 सालों की विकास यात्रा का एग्जीबिशन लगाया गया है. उत्तराखंड के कर्मयोगी जिन्होंने राज्य गठन से राज्य को इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए अपना योगदान दिया है उनके साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संवाद होगा. इसके अलावा प्रदेश के तमाम क्षेत्रों से आने वाली जनता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे. उन्होंने बताया 9 नवंबर को एफआरआई में करीब 75 हजार से एक लाख लोग शामिल हो सकते हैं.

एफआरआई के 500 मीटर दायरे में जीरो जोन: 9 नवंबर को रजत जयंती वर्ष के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआइ) में मुख्य समारोह में शरीक होंगे. लिहाजा, प्रधानमंत्री की उपस्थिति के मद्देनजर दून पुलिस और प्रशासन ने व्यवस्था चाक चौबंद की है. इसके लिए ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है.

जिसके तहत एफआरआई के 500 मीटर के दायरे को जीरो जोन घोषित किया गया है. सामान्य वाहन उस दायरे में प्रवेश नहीं कर पाएंगे. लिहाजा, सड़क पर निकलने से पहले रूट प्लान अवश्य देख लें.