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पिथौरागढ़ से देहरादून के लिए उड़ान भरेगा 42 सीटर विमान:नैनीसैनी से स्पाइस होप कंपनी के विमान भरेंगे उड़ान, टैंडर प्रक्रिया पूरी, लाइसेंस मिलने का इंतजार

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पिथौरागढ़ की नैनीसैनी हवाई पट्‌टी से देहरादून के लिए 42 सीटर विमान उड़ान भरेगा। इसके लिए नई कंपनी के टैंडर हो चुके हैं। नये साल की शुरुआत में ही पिथौरागढ़ की जनता को प्रदेश की राजधानी के लिए हवाई उड़ान भरने की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

भाजपा के दर्जा राज्य मंत्री गणेश भंडारी ने बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पिथौरागढ़ के नैनीसैनी से देहरादून के लिए विमान सेवा संचालन के प्रयास प्रदेश सरकार लगातार कर रही है। कुछ दिन पूर्व उनकी इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय और अपर सचिव नागरिक उड्डयन आशीष चौहान से वार्ता हुई थी। बताया कि पिथौरागढ़ से देहरादून के लिए स्पाइस जेट की बी कंपनी स्पाइस होप का टेंडर हो चुका है। अब लाइसेंस की प्रक्रिया चल रही है। लाइसेंस मिलने के बाद पिथौरागढ़ से देहरादून के लिए 42 सीटर विमान उड़ान भरेगा।

जनवरी या फरवरी में शुरू होगी विमान सेवा

दर्जा राज्य मंत्री गणेश भंडारी ने बताया कि नई कंपनी की ओर से जनवरी या फरवरी माह में विमान सेवा शुरू करने की उम्मीद है। 42 सीटर विमान के देहरादून के लिए संचालित होने से सीमांत पिथौरागढ़ के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी। यदि नये साल में 42 सीटर विमान की सौगात मिलती है तो यह सीमांत के लोगों के लिए बड़ी सौगात होगी।

19 सीटर विमान सेवा बंद होने से परेशान हैं सीमांत के लोग

पिथौरागढ़ के नैनीसैनी एयरपोर्ट से देहरादून के लिए साल 2024 में 19 सीटर विमान का संचालन शुरू हुआ था। विमान का संचालन करने वाली स्पाइस जेट कंपनी के अपनी सेवाएं बंद करने के कारण पिथौरागढ़-देहरादून के बीच लगभग दो माह से विमान सेवा बंद पड़ी है। लोग सड़क मार्ग से आवागमन कर रहे हैं। तमाम कंपनियों में नौकरी कर रहे युवाओं, व्यापारियों के साथ ही देश की सीमाओं में तैनात सेना और अर्द्धसैन्य बलों के जवानों को भी सुविधा मिली है।

दिल्ली के लिए जारी है विमान सेवा

पिथौरागढ़ के नैनीसैनी हवाई अड्‌डे से दिल्ली के लिए 42 सीटर विमान का संचालन जारी है। इस समय यह सेवा सप्ताह में तीन दिन चलती है। इससे लोगों को काफी सुविधा मिल रही है। विमान सेवा शुरू होने के बाद शहरों में रह रहे लोग अब दीवाली, होली जैसे पर्वों के साथ ही तमाम अन्य कार्यों में भी अपने गांवों की ओर आ रहे हैं। नये साल में देहरादून के लिए भी 42 सीटर विमान का यदि संचालन होता है तो लोगों के लिए सीमांत पिथौरागढ़ पहुंचना और अधिक आसान हो जाएगा। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

चाइनीज मांझे के कारण मौत के मुंह में जाने से बचा युवक, गर्दन पर हुआ गहरा घाव

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हरिद्वार। चाइनीज मांझा एक युवक के लिए जानलेवा साबित हुआ। गनीमत रही की चाइनीज मांझे की चपेट में आने से युवक की जान बच गयी। मांझे की चपेट में आकर बुरी तरह से घायल हो गया। उसकी गर्दन पर कई टांके आए हैं। उत्तर हरिद्वार क्षेत्र में मोतीचूर फ्लाईओवर पर बाइक सवार युवक चाइनीज मांझे की चपेट में आ गया। मांझा गर्दन में फंसने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल प्रेम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी गर्दन पर कई टांके लगाए आए हैं। घायल युवक की पहचान करन शर्मा निवासी हरिद्वार के रूप में हुई है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक बाइक से फ्लाईओवर से गुजर रहा था, तभी हवा में उड़ रहा चाइनीज मांझा उसकी गर्दन में उलझ गया। मांझे के कारण युवक की गर्दन में गहरा घाव हो गया। राहगीरों की मदद से युवक को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

घटना के बाद पुलिस प्रशासन की लापरवाही को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि हर साल हादसे होने के बाद कुछ दिनों के लिए औपचारिक कार्रवाई दिखाई जाती है। इसी लापरवाही का नतीजा है कि लगातार जानलेवा हादसे सामने आ रहे हैं।
फिलहाल अभी पतंगबाजी का समय दूर है, किन्तु जिस प्रकार से चाइनीज मांझे को लेकर हादसा हुआ है। उसको देखते हुए प्रशासन को सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

कैबिनेट ने दी सात प्रस्तावों को मंजूरी, वन्यजीव संघर्ष में मृतकों के परिजन को 10 लाख और महिलाओं को लेकर भी लिया गया निर्णय

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देहरादूनः मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में कैबिनेट की बैठक हुई। कैबिनेट की बैठक में दस प्रस्ताव आए। इनमें से सात प्रस्तावों को कैबिनेट ने मंजूरी दी।

बैठक में पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट के निधन पर शोक जताया गया और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णय

  • उत्तराखंड में मानव वन्य जीव संघर्ष में मृतक के स्वजनों को अब मिलेगी 10 लाख रूपए की अनुग्रह राशि। पहले यह थी छह लाख। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप वन्यजीवों के हमले में घायलों के उपचार का पूरा खर्च उठाएगी सरकार।
  • दुकानों, प्रतिष्ठानों में कार्यरत महिलाओं को रात्रि पाली में रात्रि 9 बजे से सुबह 6 बजे तक कार्य करने को मंजूरी। लेकिन, महिला कर्मियों को लिखित में देनी होगी सहमति
  • देहरादून शहर में मेट्रो निओ प्रोजेक्ट को कैबिनेट ने दी मंजूरी।केंद्रीय आवासन मंत्रालय द्वारा सुझाए गए प्रस्ताव को किया जाएगा शामिल।
  • अभियोजन विभाग के नए ढांचे को दी गई मंजूरी, कुल 46 पद स्वीकृत करने को मंजूरी।
  • ऊर्जा निगम के वार्षिक प्रतिवेदन को विधानसभा की पटल पर रखने को मंजूरी।
  • पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के वार्षिक प्रतिवेदन को विधानसभा की पटल पर रखने को मंजूरी।
  • दुकान अवस्थापना अधिनियम में संशोधन को मंजूरी। केंद्रीय श्रम सहिता को किया अंगीकृत।

रुद्रप्रयाग हादसा: सीएम धामी के विशेष सचिव पराग धकाते गंभीर रूप से घायल

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष सचिव IFS पराग धकाते रुद्रप्रयाग में गंभीर हादसे का शिकार हो गए। जानकारी के अनुसार धकाते घोड़े से गिरकर घायल हो गए, जिससे उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया।

घटना के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें तुरंत एयरलिफ्ट कर AIIMS ऋषिकेश में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आज उनका ऑपरेशन किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर हैं, वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय भी लगातार स्वास्थ्य अपडेट ले रहा है।

मुख्य बिंदु

रुद्रप्रयाग में घोड़े से गिरने से हुआ हादसा

रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर
गंभीर स्थिति में एयरलिफ्ट कर AIIMS ऋषिकेश भर्ती

डॉक्टरों की टीम निगरानी में, आज होगा ऑपरेशन

सीएम धामी कार्यालय लगातार संपर्क में

दुआएं की जा रही हैं कि पराग धकाते जल्द स्वस्थ होकर वापस अपने कार्य पर लौटें।

कैबिनेट बैठक से पहले पूर्व मंत्री दिवाकर भट्ट के निधन पर सीएम धामी ने किया शोक व्यक्त

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देहरादून। सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक की शुरुआत आज गमगीन माहौल में हुई। बैठक के आरंभ में कैबिनेट ने उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन के प्रमुख नेता, वरिष्ठ आंदोलनकारी और पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। मंत्रिमंडल के सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवाकर भट्ट को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके महान योगदान को याद किया। कैबिनेट ने कहा कि दिवाकर भट्ट न केवल राज्य आंदोलन के अग्रणी चेहरों में से एक थे, बल्कि उन्होंने उत्तराखंड के निर्माण और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह हमेशा जनहित और पहाड़ की समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित रहे। उनकी राजनीतिक यात्रा और संघर्षों ने उत्तराखंड आंदोलन को नई दिशा दी थी।बैठक में उपस्थित मंत्रियों ने दिवाकर भट्ट के निधन को राज्य के लिए अपूरणीय क्षति बताया। कैबिनेट ने उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य हमेशा उनके संघर्ष, त्याग और सेवाभाव को याद रखेगा। बैठक के बाद मुख्यमंत्री धामी ने भी कहा कि दिवाकर भट्ट का व्यक्तित्व और नेतृत्व नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

रंगदारी केस: गोपाल वनवासी गिरफ्तार, रिमांड के बाद अल्मोड़ा जेल भेजा गया

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बागेश्वर। कोतवाली बैजनाथ पुलिस ने रंगदारी मांगने और लोगों को धमकाने के आरोप में एक शातिर अपराधी गोपाल चंद्र बनवासी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी पर आरटीआई कार्यकर्ता की आड़ में वसूली करने का आरोप है।

गरुड़ के मेलाडुंगरी निवासी बलवंत सिंह ने 22 नवंबर को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि रीठा निवासी गोपाल चंद्र बनवासी उनसे मकान ध्वस्तीकरण आदेश दिलाने के नाम पर एक लाख रुपये की रंगदारी मांग रहा था। शिकायतकर्ता के अनुसार, बनवासी ने झूठी शिकायतों के माध्यम से उन्हें जेल भेजने की धमकी भी दी थी।

शिकायत की गंभीरता को देखते हुए बैजनाथ पुलिस ने तत्काल मुकदमा संख्या 25/25, धारा 308(2)/308(6) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस अधीक्षक बागेश्वर चंद्रशेखर घोडके ने मामले की त्वरित विवेचना के निर्देश दिए। जांच के बाद पुलिस टीम ने 25 नवंबर को गोपाल चंद्र बनवासी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

आरोपी गोपाल बनवासी का आपराधिक इतिहास रहा है। वर्ष 2011 में उसे धारा 366/306 (अपहरण व आत्महत्या के दुष्प्रेरण) के तहत पांच वर्ष की सजा सुनाई गई थी, जिसे वह काट चुका है। इसके अलावा, पूर्व में भी उस पर रंगदारी का एक और मामला (मु.अ.स. 21/25 धारा 308(2)/308(4)/316(2) बीएनएस) दर्ज किया गया था, जिसमें पुलिस आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। इन मामलों के बावजूद, आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और दोबारा लोगों को धमकाकर रंगदारी मांगने लगा था।

इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक उमेश रजवार, हेड कांस्टेबल राजेंद्र रोतेला और कांस्टेबल नरेंद्र राणा शामिल थे। पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में रंगदारी मांगने और फर्जी शिकायतों के माध्यम से लोगों को परेशान करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

देहरादून: तेज रफ्तार कार ने दंपत्ति को कुचला, पति की मौत—पत्नी गंभीर, चालक फरार

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देहरादून में तेज रफ्तार कार चालक ने दंपत्ति को कुचला, पति की हुई मौत, पत्नी का चल रहा है इलाज,कार चालक पर मुकदमा दर्ज

देहरादून- प्रेमनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत तेज रफ्तार से जा रही कार ने कोरियर की डिलीवरी करने वाले स्कूटी चालक पति-पत्नी को कुचल दिया। स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पति की मौत हो गई, जबकि, पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं. जिसका इस वक्त अस्पताल में उपचार चल रहा है। वहीं, मृतक के भाई की शिकायत के आधार पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ प्रेमनगर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है।

दरअसल, बीती 24 नवंबर को गोरखपुर चौक निवासी प्रमोद कुमार ने पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई है। जिसमें उन्होंने कहा है कि उनका भाई विनोद कुमार और भाभी पूनम पाल कोरियर का काम करते थे। 22 नवंबर की शाम 8 बजे दोनों अपना काम खत्म करके घर की तरफ आ रहे थे। उसी दौरान फन एंड फूड वाटर पार्क नंदा की चौकी गेट के पास गलत दिशा में तेज रफ्तार से आ रही एक्सयूवी कार ने उन्हें टक्कर मार दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर लगने के बाद आरोपी वाहन चालक उन्हें घसीटते हुए ले गया और फिर घटनास्थल से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने घायल अवस्था में दोनों को उप जिला अस्पताल (प्रेमनगर) लाया. जहां हालत गंभीर होने पर अस्पताल ने दोनों को हायर सेंटर रेफर कर दिया। इलाज के दौरान उनके भाई विनोद कुमार की 23 नवंबर को मौत हो गई। जबकि, उनकी भाभी का इलाज चल रहा है। बताया जा रहा कि विनोद कुमार के तीन बच्चे हैं, इनमें दो बेटियां और एक बेटा है। आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के चलते वो दिन में स्कूल बस और शाम के समय पत्नी के साथ कोरियर का काम करते थे। घटना के बाद परिवार के सामने आर्थिकी का संकट पैदा हो गया है। क्योंकि, विनोद कुमार की पत्नी भी गंभीर रूप से घायल है, जो कि अस्पताल में उपचाराधीन है।

उत्तराखंड के घरों में अभी नहीं लगेंगे स्मार्ट मीटर, बिजली विभाग ने क्यों लगा दी रोक?

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स्मार्ट मीटर लगाने के बाद गलत बिल आने की शिकायतें बड़ी संख्या में आ रही थीं। सामान्य से अधिक बिल आने की बढ़ती शिकायतों पर शासन स्तर से सख्ती बरती गई। इसके बाद यूपीसीएल मुख्यालय ने पुराने मीटर के स्थान पर नए स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगा दी।

प्रदेश में बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगा दी गई है। बिल गलत आने और समय पर नहीं आने की शिकायतों के बाद यूपीसीएल मुख्यालय की ओर से मंगलवार को नए आदेश जारी किए। इसके अनुसार, अगले आदेश तक पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाएंगे। शिकायतों के निस्तारण के बाद नए मीटर लगाने की जाकर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
 
स्मार्ट मीटर लगाने के बाद गलत बिल आने की शिकायतें बड़ी संख्या में आ रही थीं। सामान्य से अधिक बिल आने की बढ़ती शिकायतों पर शासन स्तर से सख्ती बरती गई। इसके बाद यूपीसीएल मुख्यालय ने पुराने मीटर के स्थान पर नए स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगा दी। सभी मुख्य अभियंताओं को पहले अपने अपने जोन में गलत बिल समेत स्मार्ट मीटर को लेकर आई सभी शिकायतों, शंकाओं के निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
 
निदेशक ऑपरेशन ऑफिस से संबद्ध मुख्य अभियंता बीएमएस परमार ने डिविजन, सर्किल, जोन अफसरों के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। नए आदेश में साफ किया गया है कि अब नए स्मार्ट मीटर सिर्फ नए बिजली कनेक्शन और खराब मीटर की ही जगह लगाए जाएंगे। इन दोनों के अलावा अन्य प्रकरणों में स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाएंगे।
 
स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण के लिए यूपीसीएल की ओर से पूरे प्रदेश में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में बिजली उपभोक्ताओं की सभी समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा। यूपीसीएल ने इस शिविर को ‘उपभोक्ता विशेष शिकायत निवारण कैंप’ का नाम दिया है।

बड़ी खबर(देहरादून) हो गया उपनल कर्मियों के हित में बड़ा फैसला.सीएम धामी ने की घोषणा

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (UPNL) के माध्यम से विभिन्न विभागों में कार्यरत कार्मिकों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह निर्णय उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय, नैनीताल में योजित रिट याचिका संख्या 116/2018 (PIL) में पारित आदेश दिनांक 12.11.2018 के अनुपालन में, उपनल प्रतिनिधियों की मुख्यमंत्री से हुई बैठक के बाद शासन स्तर पर सम्यक विचार-विमर्श के उपरांत लिया गया है।

 

इस संबंध में सचिव सैनिक कल्याण श्री दीपेन्द्र चौधरी द्वारा प्रबंध निदेशक उत्तराखण्ड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड को प्रेषित परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि-

  1. राज्य सरकार के अधीन विभागों/संस्थानों में UPNL के माध्यम से तैनात ऐसे कार्मिक, जिन्होंने 12 वर्ष या उससे अधिक की निरंतर सेवा पूर्ण कर ली है, उन्हें समान कार्य-समान वेतन के सिद्धांत पर वेतनमान का न्यूनतम वेतन एवं महंगाई भत्ता प्रदान किया जाएगा।
  2. अन्य UPNL कार्मिक, जिन्होंने चरणबद्ध रूप से निरंतर सेवाएं पूर्ण की हैं, उन्हें भी यथाशीघ्र समान कार्य-समान वेतन के सिद्धांत के अनुरूप वेतनमान का न्यूनतम वेतन एवं महंगाई भत्ता प्रदान किया जाएगा।
 

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि उपरोक्त निर्णयों के क्रम में औपचारिक आदेश शीघ्र ही जारी किए जाएंगे, ताकि कार्मिकों को समयबद्ध रूप से लाभ मिल सके।

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार उपनल कार्मिकों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है तथा उनके दीर्घकालिक हितों की रक्षा हेतु आवश्यक निर्णय लगातार लिए जा रहे हैं।

 

दु:खद: यूकेडी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट का निधन। पूरे प्रदेश में शोक की लहर

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उत्तराखंड के दिग्गज नेता और फील्ड मार्शल के नाम से मशहूर पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट जी का आज निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और हाल ही में देहरादून स्थित श्री इंद्रेश अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।

आज ही अस्पताल से उन्हें डिस्चार्ज कर उनके हरिद्वार स्थित घर भेजा गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली

लंबी बीमारी से जूझ रहे थे दिवाकर भट्ट

सूत्रों के अनुसार, दिवाकर भट्ट जी पिछले कई महीनों से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। उपचार के दौरान कई बार उनकी हालत में सुधार भी हुआ, लेकिन अंततः आज उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।
उनके निधन की खबर से उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) और पूरे प्रदेश में गहरा शोक छा गया है।

UKD अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने जताया दुख

यूकेडी के अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने सोशल मीडिया पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए लिखा:

“अभी-अभी मेरे परम मित्र और सुख-दुख के साथी, पूर्व कैबिनेट मंत्री फील्ड मार्शल आदरणीय दिवाकर भट्ट जी के लंबी बीमारी के बाद निधन की खबर से स्तब्ध हूं।
हमारा 45 वर्षों का साथ रहा है। आज मैंने अपना घनिष्ठ मित्र और बड़ा भाई खो दिया है। उत्तराखंड क्रांति दल ने अपना एक मजबूत स्तंभ खो दिया है।”

कुकरेती ने लिखा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण में दिवाकर भट्ट जी की भूमिका अग्रणी रही है और उनकी यह कमी अपूर्णीय क्षति है।
उन्होंने ईश्वर से दिवाकर भट्ट जी की आत्मा की शांति और परिवार को शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।