Home Blog Page 96

बिग ब्रेकिंग: देहरादून में आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई। नामी बिल्डरों और शराब कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी

0

देहरादून। राजधानी देहरादून में आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने बुधवार सुबह बड़ी रेड शुरू की है। विभाग की कई टीमें एक साथ शहर के नामी बिल्डरों और शराब कारोबारियों के ठिकानों पर तैनात हैं।

आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई शहर के प्रमुख बिल्डर राकेश बत्ता, कमल अरोड़ा, इंदर खत्री, कसीगा स्कूल के संचालक रमेश बत्ता, शराब कारोबारी कमल अरोड़ा और प्रदीप वालिया समेत कई कारोबारियों के यहां की जा रही है।

सूत्रों का कहना है कि टीमें एमकेपी रोड, धरमपुर स्टोर क्षेत्र और राजपुर रोड स्थित ठिकानों पर तलाशी अभियान चला रही हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, करोड़ों रुपए के अघोषित लेनदेन (unaccounted transactions) के बाद यह कार्रवाई की गई है।

विभागीय अधिकारी फिलहाल दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच में जुटे हैं। छापेमारी के दौरान कई जगहों से महत्वपूर्ण दस्तावेज और कैश बरामद होने की भी संभावना जताई जा रही है।

अब घर बैठे होगी जमीन की रजिस्ट्री

0

समय की बचत के साथ ही बिचौलियों का काम होगा खत्म

उत्तराखंड में 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा वर्चुअल सिस्टम

देहरादून। उत्तराखंड सरकार जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने जा रही है। राज्यभर में वर्चुअल लैंड रजिस्ट्रेशन सिस्टम लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में शुरू की जाएगी, जिसके बाद लोग बिना किसी बिचौलिए के घर बैठे ऑनलाइन रजिस्ट्री कर सकेंगे।

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में परियोजना की समीक्षा बैठक हुई। उन्होंने कहा कि इस सिस्टम से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि जनता का समय और खर्च दोनों बचेंगे।

उन्होंने संबंधित विभागों को तय समयसीमा में काम पूरा करने और तकनीकी व प्रशासनिक तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि नया एप्लीकेशन-पोर्टल पूरी तरह पेपरलेस और सुरक्षित डेटा शेयरिंग प्रणाली पर आधारित होगा, जिससे रजिस्ट्री से जुड़े सभी दस्तावेज़ विभागों और एजेंसियों के बीच स्वतः साझा हो सकेंगे।

एकीकृत डेटा रिकॉर्ड से विवादों में कमी

मुख्य सचिव ने बताया कि सिस्टम लागू होने के बाद भूमि से जुड़ा एक समान और अद्यतन डेटा रिकॉर्ड सभी विभागों के पास उपलब्ध रहेगा। इससे न केवल विवादों में कमी आएगी, बल्कि शासन-प्रशासन की कार्यकुशलता और पारदर्शिता में भी बड़ा सुधार होगा।

 एप्लीकेशन तैयार, तकनीकी सुधार जारी

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्चुअल रजिस्ट्रेशन सिस्टम का एप्लीकेशन तैयार हो चुका है, हालांकि इसमें कुछ तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं। सुधारों के बाद इंफ्रास्ट्रक्चर टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

 पोर्टल पर तीन विकल्प उपलब्ध होंगे:

1. पारंपरिक तरीका – दस्तावेज़ों के साथ रजिस्ट्रार कार्यालय जाकर रजिस्ट्रेशन।

2. डिजिटल (पेपरलेस) प्रक्रिया – कार्यालय जाकर पूरी तरह डिजिटल रजिस्ट्री।

3. वर्चुअल रजिस्ट्रेशन – घर बैठे, ऑनलाइन माध्यम से रजिस्ट्री की सुविधा, बिना किसी बिचौलिए के।

धामी से मिली विश्व विजेता स्नेह राणा, सीएम बोले — आपने देश और देवभूमि का मान बढ़ाया

0

देहरादून। महिला क्रिकेट विश्व कप विजेता टीम की सदस्य एवं उत्तराखंड की शान स्नेह राणा ने बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने स्नेह राणा को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत पर हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि स्नेह राणा ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन और संघर्षशीलता से न केवल देश बल्कि उत्तराखंड का भी नाम विश्व स्तर पर रोशन किया है। यह उपलब्धि हम सभी के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्नेह राणा जैसी खिलाड़ी उत्तराखंड की बेटियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस मौके पर स्नेह राणा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि राज्य सरकार की ओर से खिलाड़ियों को मिल रहा सहयोग राज्य में खेलों का वातावरण सशक्त बना रहा है। उन्होंने कहा कि वे आगे भी देश और प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगी।

“खेल नीति के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, नौकरी और आर्थिक सहायता जैसी सभी सुविधाएं दी जा रही हैं,” स्नेह राणा की यह उपलब्धि उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरक अध्याय साबित होगी।
— मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

गणेश गोदियाल बने उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष, प्रीतम सिंह-हरक सिंह को नई जिम्मेदारी

0

नई दिल्ली: कांग्रेस हाईकमान ने उत्तराखंड संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए गणेश गोदियाल को उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई।

नई नियुक्ति के साथ ही पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए दो अहम समितियों के अध्यक्ष भी घोषित किए हैं। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को कैंपेन कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है, जबकि डॉ. हरक सिंह रावत को इलेक्शन मैनेजमेंट कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने इस पुनर्गठन को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। पार्टी ने उनके कार्यकाल और योगदान की सराहना करते हुए धन्यवाद भी व्यक्त किया है।

इस फैसले को उत्तराखंड में आगामी राजनीतिक रणनीति की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संगठनात्मक बदलाव से कांग्रेस का फोकस अब चुनावी तैयारीयों पर और तेज़ होने की उम्मीद है।

देहरादून में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, 2 घंटे सड़क को रखा जाम, चैंबर निर्माण की मांग पर बुलंद की आवाज

0

देहरादून में अधिवक्ताओं ने सड़क जाम कर सरकार से चैंबर निर्माण की मांग की. उन्होंने कहा कि बुधवार को प्रदर्शन बड़ा रूप लेगा.

देहरादून: शहर के पुरानी जिला अदालत की खाली जमीन पर चैंबर निर्माण की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने सड़क पर 2 घंटे का सांकेतिक जाम रखा. अधिवक्ताओं ने सरकार को आने वाले समय में प्रदर्शन को और तेज किए जाने की चेतावनी भी दी है.

मंगलवार को देहरादून के अधिवक्ताओं ने जिला जज न्यायालय परिसर में रैन बसेरा बनाए जाने का विरोध किया. बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का क्या कहना है कि न्यायालय परिसर में वकीलों और अन्य कर्मचारियों की संख्या बहुत अधिक है. जिस कारण उन्हें आमंत्रित की गई भूमि कम पड़ रही है.

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल ने बातचीत करते हुए जिला जज न्यायालय परिसर में हरिद्वार रोड स्थित सिविल कंपाउंड पर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से प्रस्तावित रैन बसेरा बनाए जाने का विरोध करते हुए कहा कि अधिवक्ता अपनी मांगों को लेकर बुधवार को चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की सरकारें वकीलों के चैंबर बनाकर देती है, क्योंकि न्यायपालिका और अधिवक्ता एक ही गाड़ी के दो पहिए हैं.

उन्होंने कहा कि देहरादून में 5 हजार अधिवक्ता, पांच हजार टाइपिस्ट और वेंडरों के अलावा कई वादकारियों का कोर्ट आना जाना लगा रहता है. लेकिन उनके लिए परिसर में पर्याप्त जगह तक नहीं है. जिस कारण उन्हें आवंटित भूमि कम पड़ रही है. उन्होंने मांग उठाई कि उन्हें चैंबर निर्माण के लिए अतिरिक्त भूमि आवंटित की जाए. उन्होंने कहा कि जिला जज न्यायालय परिसर में सिविल कंपाउंड हरिद्वार रोड की जमीन भी अधिवक्ताओं को चैंबर निर्माण के लिए मिलनी चाहिए.

मनमोहन कंडवाल ने कहा कि उत्तराखंड आंदोलन से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन तक अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. यहां के वकीलों ने उत्तराखंड आंदोलनकारियों की निशुल्क पैरवी की है. यहां के अधिवक्ताओं ने उत्तराखंड आंदोलन के समय उत्तर प्रदेश में बंद रहे आंदोलनकारियों को लाने के लिए निशुल्क बसों की व्यवस्था भी की थी. लेकिन सरकार हमारी मांग को अनसुना कर रही है.

बता दें कि सोमवार से अधिवक्ता देहरादून की सड़कों पर सांकेतिक जाम कर प्रदर्शन कर रहे हैं. सोमवार को अधिवक्ताओं ने सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक (एक घंटा) का सांकेतिक जाम रखा. जबकि मंगलवार को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक (2 घंटे) का सांकेतिक जाम किया. अब अधिवक्ताओं ने धीर-धीरे चरणबद्ध तरीके से अपने आंदोलन को बढ़ाने की चेतावनी दी है.

Dharmendra के निधन की खबर निकली झूठी, बेटी एशा देओल ने बताया पिता का ताजा हेल्थ अपडेट

0

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र इन दिनों चर्चा में बने हुए हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर उनके निधन की झूठी खबर तेजी से वायरल हुई, जिसके बाद फैन्स के बीच अफरा-तफरी मच गई। धर्मेंद्र मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती हैं, और उनकी तबीयत को लेकर कई तरह की अफवाहें फैलने लगीं। अब उनकी बेटी और अभिनेत्री एशा देओल ने इन खबरों पर प्रतिक्रिया दी है और पिता की सेहत को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट साझा किया है।

बेटी ने क्या कहा

एशा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए बताया कि उनके पिता बिल्कुल जीवित और स्वस्थ हैं। उन्होंने धर्मेंद्र की मौत से जुड़ी खबरों को साफ तौर पर अफवाह बताया और लोगों से ऐसी झूठी खबरों पर ध्यान न देने की अपील की।

Disclaimer: पूर्व में धर्मेंद्र के निधन से जुड़ी खबर में तथ्यात्मक त्रुटि हुई थी, जिसे सुधार लिया गया है। इस गलती के लिए हमें खेद है। हम हमेशा तथ्यों की सटीकता और सत्यता के लिए प्रतिबद्ध है और अपने पाठकों तक पुष्ट और प्रमाणिक जानकारी पहुंचाने के लिए सदैव तत्पर रहता है।

केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद से मिले महाराज

0

साइबर क्राइम और साइबर कानून पर हुई चर्चा

देहरादून/नई दिल्ली। प्रदेश पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायती राज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद से उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट कर उनसे साइबर क्राइम और साइबर कानून पर चर्चा की।

प्रदेश पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायती राज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने सोमवार को केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद से उनके नई दिल्ली आवास पर शिष्टाचार भेंट कर उनसे साइबर क्राइम और साइबर कानून पर चर्चा की। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से हुई चर्चा के दौरान कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती बन गया है। साइबर अपराधियों के द्वारा कंप्यूटर, नेटवर्क और इंटरनेट के माध्यम से हैकिंग, फिशिंग, मैलवेयर, साइबर स्टॉकिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसे अपराध निरन्तर बढ़ते जा रहे हैं। साइबर कानून वे नियम और विनियम हैं जो साइबर अपराधों को रोकने और उनके लिए दंड देने के लिए बनाए गए हैं। हमें साइबर अपराधों से बचाव के तरीके अपनाने होंगे और साइबर सुरक्षा जागरूकता बढ़ानी होगी।

श्री महाराज ने केन्द्रीय राज्यमंत्री मंत्री से कहा कि साइबर अपराधों के लिए कड़े दंड का प्रावधान होना चाहिए।
इनकी रोकथाम के लिए अभियान चलाने चाहिएं, साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण देना चाहिए ताकि लोग साइबर अपराधों से बचाव के तरीके सीख सकें। साइबर अपराधों के लिए विशेष अदालतें स्थापित करनी चाहिए ताकि मामलों का तेजी से निपटारा हो सके।

CM धामी ने जनता मिलन कार्यक्रम में सुनी जन समस्याएं: अधिकारियों को फीडबैक के साथ ही त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश

0

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनसंवाद कार्यक्रम के तहत मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए लोगों की समस्याएं और शिकायतें सुनीं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता से प्राप्त शिकायतों एवं मांगों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ ही नियमित फीडबैक भी लिया जाए। उन्होंने कहा कि इस अवसर को हमें प्रशासन को जनता के और करीब ले जाने के रूप में इस्तेमाल करना होगा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य जन समस्याओं का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण करना है। इसके लिए प्रत्येक विभाग को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करते हुए जन अपेक्षाओं के अनुरूप सक्रिय और संवेदनशील व्यवहार अपनाना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जन समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जाए और शिकायत निवारण की प्रक्रिया को और अधिक सरल, पारदर्शी व तकनीकी माध्यमों से सुलभ बनाया जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य की रजत जयंती वर्ष जनभागीदारी और संवाद का अवसर है। इस दौरान जनता से प्राप्त सुझावों और मांगों को नीति निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि राज्य के हर नागरिक को विकास योजनाओं का सीधा लाभ जनता को जल्दी मिले। उन्होंने जनता से भी राज्यहित में रचनात्मक सुझाव देने और जनसेवा के प्रयासों में सहभागी बनने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्रत्येक नीति और निर्णय का मूल उद्देश्य जनता का हित और प्रदेश का समग्र विकास है।

मसूरी में संदिग्ध परिस्थितियों में युवक की मौत, पड़ताल में जुटी पुलिस

0

मसूरी में संदिग्ध परिस्थितियों में युवक मृत मिला, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में एक 36 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से क्षेत्र में सनसनी फैल गई. बताया जा रहा है कि युवक पिछले दो दिनों से अपने कमरे से बाहर नहीं निकला था. जब आसपास के लोगों को शक हुआ और कमरे का दरवाजा खोला गया, तो अंदर का नजारा देखकर सबके होश उड़ गए. युवक बिस्तर पर मृत पड़ा था. जिसके बाद स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी. सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. फिलहाल पुलिस घटना की जांच कर रही है. बताया जा रहा है कि युवक यूपी मुजफ्फरनगर का रहने वाला था और यहां किराए पर रह रहा था.

मसूरी में संदिग्ध परिस्थितियों में युवक मृत अवस्था में अपने बिस्तर पर पड़ा मिला. घटना मसूरी क्षेत्र के 12 कैंची क्षेत्र की बताई जा रही है, मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है, जो यहां किराए पर रह रहा था. स्थानीय लोगों अनुसार, युवक रोजमर्रा के काम से अपना गुजर-बसर कर रहा था. बीते दो दिनों से जब युवक अपने कमरे से बाहर नहीं निकला, तो मकान मालिक और पड़ोसियों को चिंता हुई. जब उन्होंने कमरे को खोला, तो अंदर युवक मृत अवस्था में बिस्तर पर पड़ा मिला. जिसके बाद आनन-फानन में लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी.

सूचना पर मौके पर पहुंची मसूरी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उप जिला चिकित्सालय भेजा, जहां डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई की. पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है. फिलहाल मौत के कारणों का स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाया है. मसूरी कोतवाल देवेन्द्र चौहान ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा. कमरे को सील कर दिया गया है और फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है.

उधर, पुलिस मृतक के परिजनों से संपर्क कर रही है, ताकि उनके बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सके. स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद तरह-तरह की चर्चाएं हैं. वहीं पुलिस घटना की हर एंगल से जांच कर रही है.

उपनल कर्मियों की हड़ताल से दून अस्पताल में चरमराई व्यवस्थाएं, OPD के बाद इमरजेंसी में भी लगी लंबी लाइन

0

देहरादून: दून अस्पताल में मरीजों की भीड़ ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की कलई खोलकर रख दी. केवल ओपीडी में ही नहीं बल्कि इमरजेंसी में भी लोगों की लंबी-लंबी लाइन देखने को मिली. दून अस्पताल में बिलिंग काउंटर का चार्ज संभाल ही रचना भंडारी ने बताया कि सोमवार को 1776 लोगों का ओपीडी कार्ड बना था जो हर दिन के औसत के अनुसार सामान्य संख्या है, लेकिन कार्ड बनाने और बिलिंग की रफ्तार धीमी होने की वजह से भीड़ ज्यादा लगी.

वहीं दून अस्पताल के मेडिकल सुपरीटेंडेंट आरएस बिष्ट ने बताया कि छुट्टी के बाद अस्पताल खुलता है तो इस तरह के हालात सामान्य सी बात है. उन्होंने कहा कि बीते कुछ दिनों में मौसम में बदलाव हुआ है और लोगों में जुखाम, बुखार के सिम्टम्स अचानक से तेजी से बढ़ें हैं. जिस कारण हॉस्पिटल में लोगों की भीड़ उमड़ी है.

दरअसल, हर सप्ताह के पहले सोमवार के दिन सामान्य तौर पर छुट्टी के बाद दून अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ती है. छुट्टी के बाद जैसे ही दून अस्पताल में ओपीडी खुली तो लोगों की भीड़ आनी शुरू हो गई. दून अस्पताल के तकरीबन 300 ऐसे कर्मचारी हैं जो उपनल के माध्यम से अपनी सेवाएं दे रहे हैं और वो हड़ताल पर थे. दून अस्पताल में पिछले 15 सालों से उपनल सेवाओं से कार्यरत मीना रौंतेला ने बताया कि दून अस्पताल में तकरीबन 300 से 400 लोग उपनल के माध्यम से कार्यरत हैं जो कि हड़ताल पर हैं. उन्होंने कहा कि यदि इतने सारे कर्मचारी एक साथ हड़ताल पर चले जाएं और तो अस्पताल की व्यवस्थाओं का चरमराना लाजिमी है.

दून अस्पताल में तैनात महिला गाइनेकोलॉजिस्ट सरस्वती कांडपाल ने बताया कि दूर अस्पताल ऑप्शनल कर्मचारियों के कंधे पर टिका है और आज यह सारे लोग हड़ताल पर हैं. इसी तरह से सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत हरिओम ने बताया कि दून अस्पताल में 110 सफाई कर्मचारी उपनाल के माध्यम से लगे हैं जो कि हड़ताल पर हैं, जिससे व्यवस्थाएं बन नहीं पा रही हैं.

उत्तराखंड उपनल महासंघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रदीप चौहान ने बताया कि इस प्रदेश को उपनल कर्मचारी चला रहे हैं. उन्होंने बताया कि हर विभाग में 20 से 30 कर्मचारी उपनल से हैं तो कई जगहों पर सैकड़ों की संख्या में उपनल कर्मचारी हैं. उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार के कई ऐसे विभाग भी हैं, जहां पर सरकारी कर्मचारी कम और उपनल कर्मचारी ज्यादा हैं. उन्होंने कहा कि यह राज्य के लिए दुखद बात है कि सरकार रजत जयंती मना रही है और मांगों को लेकर उपनल कर्मचारी सड़कों पर हैं.