Friday, March 6, 2026
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डीएम की निरीक्षण जांच का त्वरित संज्ञान; गंभीर आरोप व साक्ष्य के चलते गिरी गाज

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जिला प्रशासन का औचक निरीक्षण मायने एक्शन तय; सब रजिस्ट्रार कार्यालयों की अनियमिताओं का यही होगा हश्र

आमजन की पीड़ा व शिकायतों से प्रेरित डीएम का औचक निरीक्षण; सामने आयी गहन स्टाम्प चोरी, फर्जी कार्मिक व अनाधिकृत रूप से लिपिक से कराई जा रही विलेख पंजीकरण कार्यवाही; कार्यालय में वर्षों से लम्बित आमजन के मूल अभिलेख; जमीनों का बड़ा खेल; हो गया एक्शन

डीएम का औचक निरीक्षण, सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश में गंभीर अनियमितताएं उजागर; सब रजिस्ट्रार के बगैर ही अवैधानिक रूप से लिपिक द्वारा किया जा रहा विलेखों का निबंधन

सम्पति मूल्य आंकलन का कोई ज्ञान नही तो स्टाम्प शुल्क कैसे किया पास; बगले झांकते नजर आयी निबंधक लिपिक

करोड़ो की स्टाम्प चोरी हुई उजागर औद्योगिक क्षेत्रों में आवासीय दरों पर भूखंड के छोटे टुकड़े कर कई रजिस्ट्रीयां बरामद;

उपस्थित फरियादियों ने सुनाई आपबीती, कई पीड़ितों ने दिए बयान; मूल अभिलेख लौटाने; रजिस्ट्री की नकल देने में हजारो आमजन को कर रहे थे परेशान

कई महीनों लम्बित मूल अभिलेख आवेदकों को नहीं किया गया वापिस; वापिस करने की अधिकतम तीन दिन है सीमा, परंतु सैकड़ों मूल विलेख अलमारी में खा रहे थे धूल

अर्जेंट रजिस्ट्री नकल अनुमन्य 24 घंटे के सापेक्ष महीनों/वर्षों से मिली लम्बित

निरीक्षण दौरान कार्यालय में मिला घोस्ट कार्मिक, न कोई नियुक्ति पत्र न उपस्थिति पंजिका में नाम, डीएम ने तलब किया था कार्मिकों का रिकार्ड

देहरादून दिनांक 14 फरवरी 2026 (सूवि), जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर शासन ने बड़ा एक्शन लेेते हुए उप निबन्धक ऋषिकेश को निलिम्बत करते हुए मुख्यालय सम्बद्ध कर दिया है। विगत माह आमजन को रजिस्ट्रार कार्यालय में आ रही समस्याओं एवं शिकायतों के सम्बन्ध में जिलाधिकारी सविन बसंल ने सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश का औचक निरीक्षण किया था।

आमजन की पीड़ा व शिकायतों से प्रेरित डीएम सविन बसंल के सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश के औचक निरीक्षण में गंभीर अनियमिताएं उजागर हुई थी जिनमें गहन स्टाम्प चोरी, फर्जी कार्मिक व सब रजिस्ट्रार के बगैर ही लिपिक द्वारा अनाधिकृत रूप विलेख पंजीकरण कार्यवाही सम्पादित करना,  कार्यालय में वर्षों से आमजन के मूल अभिलेख लम्बित पाये जाना,सम्पति मूल्य आंकलन का कोई ज्ञान न होना, करोड़ो की स्टाम्प चोरी हुई, औद्योगिक क्षेत्रों में आवासीय दरों पर भूखंड के छोटे टुकड़े कर कई रजिस्ट्रीयां बरामद हुई थी। निरीक्षण के दौरान उपस्थित फरियादियों ने आपबीती सुनाते हुए  बताया कि मूल अभिलेख लौटाने; रजिस्ट्री की नकल देने में आमजन को कर रहे परेशान किया जा रहा है। कार्यालय में कई महीनों से मूल अभिलेख आवेदकों को वापिस नही किए गए तथा ना ही मुख्यालय को सूचना प्रेषित की गई। जबकि अधिकतम तीन दिन है सीमा, परंतु सैकड़ों मूल विलेख अलमारी में धूल खा रहे थे अर्जेंट रजिस्ट्री नकल अनुमन्य 24 घंटे के सापेक्ष महीनों/वर्षों से मिली लम्बित मिले। जिस पर यह एक्शन लिया गया। इस एक्शन से अन्य रजिस्ट्रार कार्यालयों में भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।

जिलाधिकारी सविन बसंल ने स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के अन्तर्गत उप निबंधक कार्यालय, ऋषिकेश का उप जिलाधिकारी, ऋषिकेश एवं जिला शासकीय अधिवक्ता (रा०) देहरादून की उपस्थिति में औचक निरीक्षण किया, जिसके परिणामस्वरूप उप जिलाधिकारी, ऋषिकेश एवं जिला शासकीय अधिवक्ता (रा०) की संयुक्त जॉच आख्या के आधार पर हरीश कुमार, उप निबंधक, ऋषिकेश के बिना किसी सूचना के अनुपस्थिति, संदर्भगत कार्यालय में तत्समय तैनात निबंधक लिपिक द्वारा पंजीकरण की कार्यवाही सम्पादित करना पाया गया। तथा फर्जी कर्मचारी से अनाधिकृत तौर से विलेखों का पंजीकरण निष्पादित कराया जाना, पंजीकृत दस्तावेजों को कार्यालय में महिनों / वर्षों तक विधि विरूद्ध तरीके से धारित/लंबित रखना, ग्राम माजरी ग्रांट, तहसील डोईवाला में दून घाटी विशेष महायोजना 2031 के अंतर्गत आरक्षित औद्योगिक भूमि का आवासीय दरों पर पंजीकरण की कार्यवाही चल रही थी। उप निबन्धक हरीश कुमार द्वारा वर्तमान में प्रचलित / विद्यमान नियमों / अधिनियमों का यथा-भारतीय स्टाम्प (उत्तराखण्ड संशोधन) अधिनियम 2015 की धारा 47क, भारतीय रजिस्ट्रेशन मैनुअल के नियम 325, नियम 195 व 196, सुराज भ्रष्टाचार उन्मूलन एवं जनसेवा अनुभाग, उत्तराखण्ड शासन की अधिसूचना संख्या 368/28.04.2016 का संज्ञान नहीं लिया गया है, जिससे स्टाम्प अपवंचना के दृष्टिगत सरकार को गहन राजस्व क्षति हुई है।
निरीक्षण के दौरान पंजीकरण प्रक्रिया में खुलेआम कानून उल्लंघन, फर्जी कर्मचारी से रजिस्ट्रियां कराना तथा वर्षों से संगठित रूप से स्टांप चोरी किए जाने के प्रमाण सामने आए हैं।  उप निबंधक की अनुपस्थिति में अवैधानिक रूप से रजिस्ट्रियां की जा रही थीं तथा पंजीकृत दस्तावेज महीनों-वर्षों तक कार्यालय में दबाकर रखे गए। कार्यालय में बाहरी व्यक्ति द्वारा रजिस्ट्रेशन कार्य कराए जाने से शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका जताई गई है। जांच में दून घाटी विशेष महायोजना-2031 के अंतर्गत औद्योगिक भू-उपयोग वाली भूमि को आवासीय दर्शाकर दर्जनों छोटे भू-खण्डों में रजिस्ट्री कराए जाने का मामला भी उजागर हुआ है, जिससे न केवल स्टांप अपवंचना हुई बल्कि भूमि क्रेताओं के साथ भी धोखाधड़ी की गई।

निरीक्षण दौरान पाई गई कमियों पर जिला प्रशासन द्वारा उप निबन्धक के निलम्बन एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही की संस्तुति शासन को प्रेषित की गई थी। जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर शासन द्वारा उप निबन्धक को निलिम्बित करते हुए मुख्यालय से सम्बद्ध करते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ कर दी है। जिला प्रशासन के इस एक्शन को राजस्व हितों से खिलवाड़, भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत देखा जा रहा है तथा भविष्य में भी इस तरह के एक्शन देखने को मिल सकते हैं।

रुद्रपुर : कोचिंग सेंटर संचालक ने छात्रा से किया दुष्कर्म, गिरफ्तार

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रुद्रपुर में शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक कोचिंग सेंटर संचालक ने मर्यादाओं को ताक पर रखते हुए अपनी ही नाबालिग शिष्या को होटल ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता की शिकायत और पिता की तहरीर पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार ट्रांजिट कैंप निवासी विशाल क्षेत्र में ही एक कोचिंग सेंटर संचालित करता है। शहर की एक किशोरी पिछले काफी समय से इस सेंटर में कोचिंग के लिए जाती थी। आरोप है कि तीन दिन पहले जब छात्रा हमेशा की तरह पढ़ने के लिए कोचिंग सेंटर पहुंची, तो संचालक विशाल की नीयत डोल गई। वह किशोरी को बहला-फुसलाकर और झांसा देकर अपने साथ ले गया।
आरोपी शिक्षक उसे शहर के ही एक होटल में ले गया, जहाँ उसने किशोरी की बेबसी का फायदा उठाते हुए उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। दुष्कर्म की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी विशाल ने किशोरी को डराया धमकाया कि यदि उसने इस बारे में किसी को बताया तो अंजाम बुरा होगा। डरी-सहमी किशोरी पहले तो चुप रही, लेकिन घर पहुँचने पर उसने अपनी हिम्मत जुटाई और आपबीती अपने पिता को सुनाई। शिक्षक की इस करतूत को सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। पिता तुरंत किशोरी को लेकर ट्रांजिट कैंप थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। नाबालिग से दुष्कर्म का मामला होने के कारण पुलिस ने तत्काल सक्रियता दिखाई।
थानाध्यक्ष मोहन पांडे की अगुवाई में पुलिस टीम ने जांच शुरू की और आरोपी विशाल के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी पंजीकृत की। शनिवार सुबह पुलिस ने घेराबंदी करते हुए आरोपी कोचिंग संचालक को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना के बाद क्षेत्र के अभिभावकों में गहरा रोष और चिंता व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यदि कोचिंग सेंटरों में ही बेटियां सुरक्षित नहीं रहेंगी, तो उन्हें शिक्षा दिलाने कहाँ भेजें।

Big Breaking: उत्तराखंड दौरे पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा, CM धामी ने किया जोरदार स्वागत… प्रदेश अध्यक्ष भट्ट भी रहे साथ

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड पहुंचने पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और रसायन व उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का स्वागत किया। मुख्यमंत्री धामी के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व राज्य सभा सांसद महेन्द्र भट्ट भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा ऋषि-मुनियों की तपोभूमि, धर्म और अध्यात्म की वैश्विक राजधानी देवभूमि उत्तराखंड आगमन पर केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा जी का जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया।
बता दें केंद्रीय मंत्री नड्डा देहरादून में स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी के 8वें दीक्षान्त समारोह में शामिल होंगे। इसके बाद बीजेपी कोर कमेटी की बैठक में भी शामिल होंगे नड्डा।

देहरादून ब्रेकिंग: हाईटेक नकल गैंग का भंडाफोड़, 10 लाख में होती थी डील; दो आरोपी गिरफ्तार 🚨

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देहरादून। उत्तराखण्ड STF ने कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की मल्टी टास्किंग स्टाफ एवं हवलदार भर्ती परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के अनुसार भारत सरकार आयोजित SSC परीक्षा के दौरान STF को इनपुट मिला कि कुछ लोग अभ्यर्थियों को पास कराने का झांसा देकर मोटी रकम वसूल रहे हैं और आधुनिक तकनीक की मदद से परीक्षा प्रणाली में हस्तक्षेप कर रहे हैं। सूचना के आधार पर एमकेपी इंटर कॉलेज स्थित महादेव डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र में छापेमारी की गई।
प्रति अभ्यर्थी 10 लाख रुपये की डील
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के नाम पर करीब 10 लाख रुपये प्रति उम्मीदवार की मांग करते थे। गिरोह अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर कंप्यूटर सिस्टम को रिमोट एक्सेस से नियंत्रित करता था और बाहर बैठी टीम प्रश्नपत्र हल कर जवाब उपलब्ध कराती थी।
अंडरग्राउंड चेंबर में छिपा था पूरा सेटअप
छापे के दौरान परीक्षा लैब के पास बने UPS रूम में जमीन के नीचे लगभग 2×2 फीट का अंडरग्राउंड चेंबर बनाया गया मिला। यहां दो लैपटॉप और राउटर स्वचालित स्थिति में संचालित पाए गए। जांच में सामने आया कि इन्हें रिमोटली ऑपरेट कर परीक्षार्थियों के प्रश्न हल किए जा रहे थे।
STF टीम ने तकनीकी और फॉरेंसिक उपकरणों की मदद से पूरे सिस्टम को कब्जे में लेकर परीक्षा केंद्र को सील कर दिया।
बरामद हुए हाईटेक उपकरण
छापेमारी के दौरान टीम ने मौके से —
दो डेल लैपटॉप
ईथरनेट केबल
USB कनेक्टर
डीजिसोल राउटर
कनेक्टिंग बॉक्स
चार मोबाइल फोन
बरामद किए, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
दो आरोपी गिरफ्तार, कई फरार
पुलिस ने इस मामले में नीतिश कुमार निवासी देवरिया, हाल निवासी नागलोई दिल्ली और भास्कर नैथानी निवासी नथुवावाला, देहरादून को गिरफ्तार किया है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
आरोपियों के खिलाफ उत्तराखण्ड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम-2023, भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना वरिष्ठ अधिकारी द्वारा की जा रही है।

हल्द्वानी डबल मर्डर केस: 10 किलो खून से सना पत्थर बना सबूत, चारों आरोपी कोर्ट में पेश

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हल्द्वानी। गल्ला मंडी में प्रेमी जोड़े की निर्ममता से हत्या करने वाले गैंग्स्टर गौरव नेगी उर्फ अक्कू ठाकुर समेत चारों आरोपितों को पुलिस ने शुक्रवार को कोर्ट के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है। आरोपितों की ओर से मृतक शुभम टम्टा व लक्ष्मी पोखरिया की हत्या के दौरान प्रयुक्त 10 किलो का खून रंगा पत्थर भी पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। वहीं मौके पर ली गई खून से सनी मिट्टी आदि साक्ष्य भी प्रस्तुत किए गए।

बुधवार की रात लिव इन में रहने वाले प्रेमी युगल की उन्हीं के दोस्तों ने पार्टी के दौरान मिलकर गल्ला मंडी में हत्या कर दी। इसके बाद पुलिस ने गुरुवार की दोपहर चारों युवकों को उनके घर से पूछताछ के लिए उठा लिया था। अंत में चारों संदिग्ध युवक की प्रेमी युगल के हत्यारे निकले। पुलिस पूछताछ में भी उन्होंने जुर्म कबूल लिया था। जिसके बाद पुलिस ने घटना का खुलासा किया। शुक्रवार को चारों गिरफ्तार युवकों को कोर्ट में पेश कर नैनीताल जेल भेज दिया गया है।

जेल जाने वाला गैंगस्टर समेत पूर्व में 11 प्राथमिकी दर्ज 25 वर्षीय गौरव नेगी उर्फ अक्कू निवासी वसुंधरा कालोनी धानमिल, 20 वर्षीय सौरभ भट्ट तीनपानी खन्ना फार्म डी क्लास बरेली रोड, 25 वर्षीय दीपेश लटवाल उत्तरांचल विहार बड़ी मुखानी पीलीकोठी का रहने वाला है। वहीं 20 वर्षीय दीपू शर्मा वसुंधरा कालोनी बरेली रोड धानमिल हल्द्वानी का रहने वाला है।

नैनीताल ब्रेकिंग: DM का बड़ा एक्शन, 5 अपराधी जिला बदर, गुंडा एक्ट की कार्रवाई

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नैनीताल । जनपद में कानून व्यवस्था को सख्ती से लागू करते हुए जिला प्रशासन ने विभिन्न आपराधिक मामलों में संलिप्त पांच व्यक्तियों को गुंडा नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत जिला बदर कर दिया है। जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल ललित मोहन रयाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार संबंधित आरोपियों को छह माह की अवधि तक जनपद की सीमा में प्रवेश करने पर प्रतिबंध रहेगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना मुखानी क्षेत्र के तपन दास पुत्र विनोद दास के विरुद्ध आईपीसी के तीन तथा आयुध अधिनियम का एक मुकदमा दर्ज है। कालाढूंगी थाना क्षेत्र के गुलजारपुर चकलुवा निवासी राकेश कुमार पुत्र सोबन राम पर एनडीपीएस एक्ट के चार मामले दर्ज हैं।
रामनगर थाना क्षेत्र के शिवलालपुर निवासी योगेश सागर पुत्र छत्रपाल के विरुद्ध आबकारी अधिनियम, आईपीसी, गैंगस्टर एक्ट एवं आर्म्स एक्ट के तहत विभिन्न अभियोग पंजीकृत हैं।

इसी क्रम में लालकुआं थाना क्षेत्र के जयपुर बीसा निवासी कृपाल सिंह उर्फ सोनू पुत्र राम सिंह तथा धौला बाजपुर क्षेत्र के विजय कुमार आर्य पुत्र मदनलाल के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के पांच-पांच मुकदमे दर्ज पाए गए हैं।
पुलिस रिपोर्ट एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल ने इन सभी को गुंडा घोषित करते हुए जनपद से छह माह के लिए निष्कासित करने के आदेश जारी किए हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया है कि जनपद में आपराधिक गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत हो सके।

देहरादून: नए एसएसपी ने संभाली कमान, कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर फोकस

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देहरादून। देहरादून के नए एसएसपी परमेंद्र डोबाल ने पदभार संभाल लिया है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था, ट्रैफिक व्यवस्था व महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान रहेगा। कहा कि साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि दून में ही नही पूरे उत्तराखंड में डेमोक्रेटिक बदलाव हुए हैं। त्रुटिवश या ध्यान न देने के कारण अपराधी किस्म के लोग बच जाते हैं। आने वाले समय में सत्यापन अभियान और बढ़ाया जायगा।

उत्तराखंड में अग्निवीर भर्ती का आगाज़: 4 जिलों के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, नई आयु सीमा लागू – पात्रता और प्रक्रिया जानें

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उधमसिंह नगर: भारतीय सेना ने अग्निवीर भर्ती 2026 की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी है। विभिन्न पदों पर कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षा (CEE) के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रारंभ हो चुका है। सेना ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बताते हुए युवाओं से समय रहते आवेदन करने की अपील की है।
अग्निवीर भर्ती के लिए इच्छुक अभ्यर्थी 1 अप्रैल तक आधिकारिक वेबसाइट joinindianarmy.nic.in पर आवेदन कर सकते हैं। अग्निवीर भर्ती के लिए कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षा (CEE) देशभर के 176 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। आवेदन करते समय अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र के लिए पांच विकल्प भरने होंगे, जिनमें से एक केंद्र आवंटित किया जाएगा। आवेदन शुल्क के रूप में 250 रुपये का ऑनलाइन भुगतान अनिवार्य रखा गया है। केवल प्रवेश परीक्षा में सफल अभ्यर्थी ही आगे की भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।
आयु सीमा में बदलाव
इस वर्ष अग्निवीर भर्ती में बड़ा बदलाव करते हुए आयु सीमा को बढ़ा दिया गया है। पहले यह सीमा 17½ से 21 वर्ष थी, जिसे अब बढ़ाकर 17½ से 22 वर्ष कर दिया गया है। आयु सीमा में यह वृद्धि उन युवाओं के लिए राहत लेकर आई है, जो पिछली बार पात्रता से बाहर हो गए थे।
उत्तराखंड के इन जिलों के युवाओं को मौका
अल्मोड़ा स्थित सेना भर्ती कार्यालय के अंतर्गत उत्तराखंड के चार जिलों बागेश्वर, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के युवा इस भर्ती प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। इस वर्ष अभ्यर्थियों को एक साथ दो अलग-अलग पदों के लिए आवेदन करने की सुविधा भी दी गई है, जिससे चयन की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
शैक्षणिक योग्यता और पात्रता
अग्निवीर जनरल ड्यूटी के लिए अभ्यर्थी का 10वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। टेक्निकल, क्लर्क और स्टोर कीपर टेक्निकल पदों के लिए 12वीं कक्षा विज्ञान वर्ग से उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। ट्रेड्समैन पदों के लिए 10वीं और 8वीं पास उम्मीदवार पात्र माने जाएंगे। महिला सैन्य पुलिस और नर्सिंग सहायक पदों के लिए न्यूनतम योग्यता 10वीं उत्तीर्ण निर्धारित की गई है।
बोनस अंकों का प्रावधान
भर्ती प्रक्रिया में खेल, एनसीसी और आईटीआई प्रमाणपत्र धारकों को बोनस अंक दिए जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर के खिलाड़ियों को अलग-अलग अंक प्रदान किए जाएंगे। एनसीसी ‘C’ प्रमाणपत्र धारकों को अधिकतम 20 अंक तक का लाभ मिल सकता है। यह प्रावधान योग्य और प्रशिक्षित युवाओं को अतिरिक्त अवसर देने के उद्देश्य से रखा गया है।
सेना की अपील: दलालों से सावधान रहें
सेना भर्ती कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और मेरिट आधारित है। अभ्यर्थियों को किसी भी दलाल या बिचौलियों के झांसे में न आने की सलाह दी गई है। किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट या सेना भर्ती कार्यालय से ही संपर्क करने की अपील की गई है।

देहरादून मर्डर केस: गैंगस्टर विक्रम शर्मा के शूटर हरिद्वार होटल में रुके, वारदात के लिए किराए पर ली स्कूटी-बाइक

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Dehradun Murder Case देहरादून में गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या करने वाला शूटर हरिद्वार में रुके थे। रेलवे स्टेशन के सामने स्थित एक नेता के होटल के कमरे के लिए एंट्री करते हुए बदमाश का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। वहीं बताया जा रहा है कि बदमाशों ने देहरादून जाने के लिए हरिद्वार से ही स्कूटी और बाइक भी हरिद्वार से ही किराए पर ली थी। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश हरिद्वार आए और स्कूटी देने के बाद आसानी से फरार भी हो गए। बदमाशों के बारे में पुलिस को अहम सुराग लगे हैं जो झारखंड पुलिस ने साझा किए गए हैं।
Dehradun Murder Case
नामी बदमाश रहा है विक्रम शर्मा
विक्रम शर्मा झारखण्ड में नामी बदमाश रहा है। विक्रम शर्मा का नाम हत्या सहित कई संगीन वारदातों में सामने आया है। पुलिस के मुताबिक झारखण्ड के एक ओर बदमाश अखिलेश सिंह का भी विक्रम शर्मा सहयोगी था। 2017 में भी झारखण्ड पुलिस ने विक्रम शर्मा को देहरादून से गिरफ्तार किया था। विक्रम यहां बाजपुर में स्टोन क्रेशर चला रहा था और खनन के कारोबार से जुड़ा था।
गैंगवार या पुरानी रंजिश हो सकती है कारण
वहीं बताया जा रहा है कि हत्या के पीछे पुरानी रंजिश या गैंगवार हो सकती है। एसटीएफ प्रमुख अजय सिंह ने बताया कि विक्रम शर्मा नामी बदमाश रहा है और उसके तार कई गैंग से जुड़े थे। इसलिए गैंगवार या पुरानी रंजिश को हत्या का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
इतने मुकदमें थे विक्रम शर्मा पर
2 नवंबर 2007 को साकची आम बागान के पास श्री लेदर्स के मालिक आशीष डे की हत्या
15 मार्च 2008 को साकची में रवि चौरसिया पर फायरिंग
20 मार्च 2008 को साकची में पूर्व जज आरपी रवि पर फायरिंग
16 मई 2008 को साकची में श्रीलेदर्स के मालिक आशीष डे के घर पर फायरिंग
25 जुलाई 2008 को बिष्टुपुर में कांग्रेसी नेता नट्‌टू झा के कार्यालय पर गोली चली
17 अगस्त 2008 को बर्मामाइंस में अपराधी परमजीत सिंह के भाई सत्येंद्र सिंह की ससुराल में फायरिंग
28 अगस्त 2008 को साकची में ठेकेदार रंजीत सिंह पर फायरिंग
17 सितंबर 2008 को एमजीएम अस्पताल मोड़ पर बंदी परमजीत सिंह पर फायरिंग
4 अक्टूबर 2008 को बिष्टुपुर में बाग-ए-जमशेद के पास टाटा स्टील के सुरक्षा अधिकारी जयराम सिंह की हत्या
2008 में बिष्टुपुर में कीनन स्टेडियम के पास ट्रांसपोर्टर अशोक शर्मा की हत्या

लालकुआं हाईवे पर ट्रक का तांडव, आधा दर्जन वाहन क्षतिग्रस्त

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लालकुआं। शहर में शुक्रवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई जब खनन सामग्री से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर शहर में घुसा और प्रवेश द्वार से लेकर बाजार क्षेत्र तक आधा दर्जन वाहनों को टक्कर मारता चला गया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, हालांकि एक व्यक्ति मामूली रूप से घायल हो गया।
जानकारी के मुताबिक हल्द्वानी की ओर से आ रहा 10 टायरा ट्रक अवंतिका कुंज देवी मंदिर के पास पहुंचते ही आगे चल रहे एक ऑटो से टकरा गया। टक्कर लगने से ऑटो में सवार युवक को हल्की चोटें आईं। इसके बाद भी ट्रक चालक नहीं रुका और वाहन को आगे बढ़ाता रहा।
फ्लाईओवर पर चढ़ते ही ट्रक ने एक स्कॉर्पियो को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वाहन का टायर फट गया। इसके बाद हाट बाजार क्षेत्र में ट्रक ने मारुति इग्निस, टाटा नेक्सन और एक बुलेट बाइक को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। लगातार हो रही टक्करों से सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर इधर-उधर भागते नजर आए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चालक नशे की हालत में था। स्थानीय लोगों ने किसी तरह ट्रक को रुकवाया और चालक को नीचे उतार लिया। इस दौरान हाईवे पर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।
सूचना पर पहुंची लालकुआं कोतवाली पुलिस ने चालक को हिरासत में ले लिया और ट्रक को कब्जे में लेकर सीज कर दिया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने जाम खुलवाकर यातायात सामान्य कराया।
घटना के बाद शहर में ट्रक चालकों की लापरवाही और नशे में वाहन चलाने को लेकर आक्रोश देखा गया। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।