Thursday, March 26, 2026
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अल्मोड़ा मैग्नेसाइट उद्योग फिर से शुरू, 500 परिवारों को बड़ी राहत

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अल्मोड़ा मैग्नेसाइट उद्योग फिर से शुरू, 500 परिवारों को बड़ी राहत

अल्मोड़ा मैग्नेसाइट उद्योग फिर से शुरू, 500 परिवारों को बड़ी राहत हाईकोर्ट से मिली अनुमति, 2000 लोगों को रोजगार का संबल बंद पड़े मैग्नेसाइट उद्योग को मिली नई जिंदगी, श्रमिकों में खुशी पर्यावरण मानकों के बाद फिर चालू होगा अल्मोड़ा उद्योग4 महीने की राहत: मैग्नेसाइट प्लांट संचालन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को सहारा

अल्मोड़ा मैग्नेसाइट उद्योग को पुनः संचालन की अनुमति, 500 परिवारों को राहत

अल्मोड़ा स्थित मैग्नेसाइट उद्योग को माननीय उच्च न्यायालय से चार माह के लिए पुनः संचालन की अनुमति मिल गई है। इस फैसले से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़े लगभग 500 परिवारों के करीब 2000 लोगों को बड़ी राहत मिली है।

लंबे समय से उद्योग बंद होने के कारण प्रभावित परिवारों के सामने आजीविका का संकट गहरा गया था। अब पुनः संचालन की अनुमति मिलने से रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सहारा मिलेगा।

न्यायालय की अनुमति और पर्यावरणीय अनुपालन

उद्योग को Uttarakhand Pollution Control Board से ‘कंसेंट टू ऑपरेट’ (CTO) प्राप्त हुआ। इसके बाद Uttarakhand High Court ने श्रमिकों और व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए चार माह के लिए संचालन की अनुमति प्रदान की।

मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के संरक्षण, पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन और स्थानीय रोजगार सृजन के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार हर स्तर पर सकारात्मक प्रयास कर रही है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह निर्णय?

500 परिवारों को रोजगार का संबल,स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती,पर्यावरणीय नियमों के साथ संतुलित विकास,औद्योगिक गतिविधियों को नई गति अल्मोड़ा मैग्नेसाइट उद्योग का पुनः संचालन क्षेत्र के लिए आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से अहम कदम माना जा रहा है।

खटीमा में सीएम धामी के आवास पर सजी पारंपरिक होली, लोकगीतों पर झूमे होल्यार

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खटीमा में सीएम धामी के आवास पर सजी पारंपरिक होली, लोकगीतों पर झूमे होल्यार

खटीमा के नगला तराई में सीएम धामी के आवास पर पारंपरिक उल्लास के साथ मनी होली

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निजी आवास नगला तराई, Khatima में होली पर्व पारंपरिक हर्षोल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सपरिवार उपस्थित होल्यारों का आत्मीय स्वागत किया और प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए सभी को अबीर-गुलाल लगाया।

लोकसंस्कृति के रंगों से सजा होली मिलन समारोह

आयोजित होली मिलन समारोह में हिंदी, कुमाऊंनी, थारू और बंगाली लोक परंपराओं पर आधारित गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। विभिन्न समुदायों की महिलाओं की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक विविधता की सुंदर झलक पेश की।

खटीमा में सीएम धामी के आवास पर सजी पारंपरिक होली, लोकगीतों पर झूमे होल्यार

 नगला तराई में रंगों की बहार, सीएम धामी ने सपरिवार मनाई होली

 कुमाऊंनी, थारू और बंगाली रंगों से सजा होली मिलन समारोह

 सीएम धामी ने लगाया अबीर-गुलाल, खटीमा में दिखी सांस्कृतिक एकता

 विविधता में एकता का संदेश, नगला तराई में पारंपरिक होली उत्सव

पारंपरिक लोकधुनों पर मुख्यमंत्री भी होल्यारों के साथ झूमते नजर आए, जिससे आयोजन का वातावरण और अधिक आत्मीय और उल्लासपूर्ण हो उठा।

सामाजिक सहभागिता और विविधता में एकता का संदेश

स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को विशेष बना दिया। यह कार्यक्रम उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविधता में एकता की भावना का जीवंत उदाहरण बना।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए समाज में प्रेम, सद्भाव और पारस्परिक सहयोग को मजबूत बनाए रखने का आह्वान किया।

क्यों खास रहा यह आयोजन?

  • विभिन्न समुदायों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

  • पारंपरिक लोकगीत और होली गायन

  • मुख्यमंत्री की आत्मीय सहभागिता

  • सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का संदेश

नगला तराई, खटीमा में आयोजित यह होली मिलन समारोह प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक बनकर उभरा।

PSP मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल शुरू, कुमाऊं में स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ा बूस्ट

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हल्द्वानी में PSP मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का शुभारंभ, स्वास्थ्य सेवाओं को नई ताकत

हल्द्वानी के रामपुर रोड स्थित PSP Multi Super Speciality Hospital and Research Centre का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह केवल एक अस्पताल का उद्घाटन नहीं, बल्कि संघर्ष, संकल्प और सेवा की प्रेरक यात्रा का प्रतीक है।

हल्द्वानी को मिली 250 बेड के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की सौगात, सीएम धामी ने किया उद्घाटन

 PSP मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल शुरू, कुमाऊं में स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ा बूस्ट

अब हल्द्वानी में मिलेगा अत्याधुनिक इलाज, सीएम धामी ने किया अस्पताल का शुभारंभ

 स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार: रामपुर रोड पर खुले आधुनिक रिसर्च सेंटर

 कुमाऊं के लिए बड़ी राहत! 250 बेड अस्पताल से मरीजों को मिलेगा फायदा

250 बेड का आधुनिक अस्पताल, अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित

मुख्यमंत्री ने बताया कि 250 बेड वाला यह मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस है और कुमाऊं क्षेत्र के लोगों को उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा। इससे हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में इलाज के लिए बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी।

संस्थापक की प्रेरक यात्रा

अस्पताल के संस्थापक जगदीश सिंह पिमोली को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बागेश्वर जिले के गागरी गोल गांव से निकलकर उन्होंने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। उनका संघर्ष और परिश्रम समाज के लिए प्रेरणा है।

राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अभियान बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।

उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

  • 61 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी

  • 207 प्रकार की निःशुल्क पैथोलॉजी जांच

  • ऊधमसिंह नगर में एम्स सैटेलाइट सेंटर निर्माणाधीन

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है।

क्यों अहम है यह पहल?

  • निजी और सरकारी स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती

  • कुमाऊं क्षेत्र में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं

  • रोजगार के अवसरों में वृद्धि

  • स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज

हल्द्वानी में इस आधुनिक अस्पताल का शुभारंभ उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।

हल्द्वानी में थाल सेवा: सीएम धामी ने जरूरतमंदों को स्वयं परोसा भोजन

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पुष्कर सिंह धामी हल्द्वानी में थाल सेवा कार्यक्रम में शामिल हुए। Sushila Tiwari Government Medical College में मरीजों और तीमारदारों को स्वयं परोसा भोजन।

हल्द्वानी में आयोजित थाल सेवा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं थाल सेवक के रूप में शामिल हुए और जरूरतमंदों को भोजन परोसा। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल भोजन वितरण नहीं, बल्कि सच्ची जनसेवा और मानवीय संवेदनाओं की जीवंत मिसाल है।

हल्द्वानी में सीएम धामी बने ‘थाल सेवक’, जरूरतमंदों को खुद परोसा भोजन

दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को राहत

मुख्यमंत्री ने कहा कि Sushila Tiwari Government Medical College, हल्द्वानी में उपचार के लिए पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को इस सेवा से बड़ी राहत मिलती है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह पहल संबल का कार्य कर रही है।

सेवा और सहयोग की भावना को मजबूती

मुख्यमंत्री ने थाल सेवा से जुड़े स्वयंसेवकों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी सामाजिक पहलें समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं और ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना को साकार करती हैं।

उमंग वासुदेवा, अध्यक्ष, टीम थाल सेवा ने बताया कि यह अभियान कई वर्षों से निरंतर चल रहा है और जरूरतमंदों को सम्मानपूर्वक पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने का कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रत्येक माह एक दिन थाल सेवा के लिए सहयोग प्रदान किया जाता है, जिससे अभियान को मजबूती मिली है।

क्यों प्रेरक है यह पहल?

  • मरीजों और तीमारदारों को राहत

  • जरूरतमंदों को सम्मानपूर्वक भोजन

  • सामाजिक सहभागिता का उदाहरण

  • जनसेवा और संवेदनशील शासन की झलक

थाल सेवा का यह आयोजन सामाजिक समर्पण और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है।

हल्द्वानी को 147 करोड़ की बड़ी सौगात, सीएम धामी ने 40 योजनाओं का किया लोकार्पण

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हल्द्वानी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ₹147 करोड़ 28.56 लाख की 40 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम का आयोजन Sushila Tiwari Government Medical College, हल्द्वानी में हुआ।

हल्द्वानी को 147 करोड़ की बड़ी सौगात, सीएम धामी ने 40 योजनाओं का किया लोकार्पण

 नैनीताल जिले में विकास की रफ्तार तेज! पेयजल योजना समेत 40 प्रोजेक्ट्स की शुरुआत

 हल्द्वानी-काठगोदाम पेयजल योजना का भूमि पूजन, क्षेत्र को मिलेगा बड़ा लाभ

 सड़क, सीवरेज, लैब और पुल… हल्द्वानी में विकास कार्यों की झड़ी

 कुमाऊं में इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट, सीएम धामी ने करोड़ों की योजनाओं का किया शिलान्यास

इनमें ₹72.38 करोड़ की 23 योजनाओं का लोकार्पण और ₹74.90 करोड़ से अधिक की 17 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से Nainital district विकास की नई रफ्तार से आगे बढ़ेगा।

हल्द्वानी-काठगोदाम पेयजल योजना का भूमि पूजन

मुख्यमंत्री ने विशेष योजनांतर्गत सहायता (SPA) कार्यक्रम के तहत ₹154.43 करोड़ लागत की हल्द्वानी-काठगोदाम श्रोत एवं ट्रीटमेंट संवर्धन पेयजल योजना का भूमि पूजन भी किया। यह योजना क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करेगी और बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा करने में सहायक होगी।

किन क्षेत्रों में हुए प्रमुख कार्य?

 सड़क एवं पुल निर्माण

  • शिप्रा नदी पर 30 मीटर स्पान मोटर पुल

  • रानीबाग-खुटानी, चाफी-पदमपुरी-धानाचुली मार्ग सुधार

  • कसियालेख-धारी मोटर मार्ग

  • चांदनी चौक-घुड़दौड़ मार्ग सुधारीकरण

  • देवरामपुर-गौलागेट सड़क कार्य

 पेयजल एवं सिंचाई

  • जल जीवन मिशन के तहत 14 पेयजल योजनाएं

  • कोटाबाग, बेलपोखरा, बैलपडाव में नलकूप

  • 28 MLD STP निर्माण

  • पीपल पोखरा में राइजिंग स्टेशन

 शिक्षा और स्वास्थ्य

  • महिला महाविद्यालय में लैब निर्माण

  • राजकीय औद्योगिक संस्थान हल्द्वानी में टेक्नोलॉजी लैब

  • पशु चिकित्सालय रामगढ़ भवन निर्माण

  • नशा मुक्ति केंद्र मरम्मत कार्य

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर चल रही है। समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून और धर्मांतरण कानून जैसे निर्णयों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने के लिए सरकार संकल्पबद्ध है।

क्यों अहम हैं ये परियोजनाएं?

  • कुमाऊं क्षेत्र में कनेक्टिविटी मजबूत

  • पेयजल और सीवरेज व्यवस्था में सुधार

  • शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती

  • औद्योगिक एवं शहरी विकास को गति

इन योजनाओं से हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।

रंगों और रागों से सजा लोहाघाट, काली कुमाऊँ होली महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब

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रंगों और रागों से सजा लोहाघाट काली कुमाऊँ होली महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब

लोहाघाट के रामलीला मैदान में आयोजित काली कुमाऊँ होली रंग महोत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभागिता कर जनसमुदाय को होली की शुभकामनाएं दीं। पारंपरिक कुमाऊँनी होली और शास्त्रीय होली गायन के बीच मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों के साथ होली खेलकर उत्सव की खुशियां साझा कीं।

रंगों और रागों से सजा लोहाघाट, काली कुमाऊँ होली महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब

 काली कुमाऊँ की अनोखी होली में शामिल हुए सीएम धामी, लोकसंस्कृति को बताया पहचान

 चम्पावत की पारंपरिक होली में दिखा सांस्कृतिक रंग, सीएम ने दी शुभकामनाएं

 रामलीला मैदान में होली का उल्लास, सीएम धामी ने साझा की उत्सव की खुशियां

लोकपरंपरा और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक

मुख्यमंत्री ने कहा कि Champawat के काली कुमाऊँ क्षेत्र की होली अपनी विशिष्ट शैली और पारंपरिक होली गायन के लिए विशेष पहचान रखती है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, परंपराएं और पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत के आधार स्तंभ हैं। ऐसे आयोजन न केवल परंपराओं को सहेजते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का भी सशक्त माध्यम बनते हैं।

सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सद्भाव और भाईचारे का प्रतीक है। आधुनिक परिवेश के बीच भी चम्पावत में पारंपरिक संस्कृति को जीवंत बनाए रखना सराहनीय है।

आयोजन समिति की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे महोत्सव समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाते हैं।

क्यों खास है काली कुमाऊँ की होली?

  • पारंपरिक कुमाऊँनी होली गायन

  • शास्त्रीय संगीत की झलक

  • सामूहिक उत्सव और सांस्कृतिक एकता

  • स्थानीय लोकसंस्कृति का संरक्षण

लोहाघाट में आयोजित यह रंग महोत्सव उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का जीवंत उदाहरण बना, जहां लोकसंगीत और उत्सवधर्मिता का अनूठा संगम देखने को मिला।

CSR से दो वाहन रवाना | सीएम धामी ने दिखाई हरी झंडी

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सीएसआर पहल: दो वाहनों को सीएम धामी ने दिखाई हरी झंडी, स्वास्थ्य और शिक्षा को मिलेगा बल

टनकपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत उपलब्ध कराए गए दो वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन जनपद Champawat की स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

सीएम धामी ने CSR से मिले दो वाहनों को दिखाई हरी झंडी, चम्पावत को बड़ी सौगात

 स्वास्थ्य और शिक्षा को मिलेगा बूस्ट! टनकपुर में दो नए वाहन रवाना

 CSR पहल से बदलेगी तस्वीर? दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचेगी बेहतर स्वास्थ्य सेवा

 बहल पेपर मिल का सहयोग, सीएम धामी ने जनहित में वाहनों को किया रवाना

 स्कूल और अस्पताल को नई ताकत, मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी

यह पहल Bahl Paper Mills के सहयोग से संभव हुई है, जिसने कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत ये वाहन उपलब्ध कराए।

स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा सहारा

एक वाहन चिकित्सा विभाग को सौंपा गया है, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों तक तेजी से पहुंच सुनिश्चित की जा सकेगी। खासकर दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बेहतर होगी।

शिक्षा क्षेत्र को भी मजबूती

दूसरा वाहन Government Inter College Manch को आवंटित किया गया है। इससे विद्यालय के शैक्षणिक कार्यों और छात्र-छात्राओं की गतिविधियों को सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और ऐसे प्रयास स्थानीय स्तर पर बदलाव लाते हैं।

कॉरपोरेट भागीदारी की सराहना

कार्यक्रम में सांसद अजय टम्टा सहित जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में कॉरपोरेट जगत की भागीदारी सराहनीय है और इससे जनहित के कार्यों को गति मिलती है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?

  • CSR के माध्यम से जनसेवा को समर्थन

  • स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में सुधार

  • विद्यालयों को संसाधन उपलब्ध

  • दूरस्थ क्षेत्रों को सीधा लाभ

  • सरकारी और निजी क्षेत्र का समन्वय

यह पहल दर्शाती है कि सरकार और कॉरपोरेट सहयोग से स्थानीय स्तर पर ठोस बदलाव संभव है।

मां पूर्णागिरि मेला 2026 शुभारंभ | सालभर आयोजन का ऐलान

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पुष्कर सिंह धामी ने Maa Purnagiri Mela का शुभारंभ किया। मेले को सालभर संचालित करने और चम्पावत को पर्यटन सर्किट से जोड़ने की घोषणा।

मां पूर्णागिरि मेला 2026 शुभारंभ | सालभर आयोजन का ऐलान टनकपुर में उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक Maa Purnagiri Mela का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मेले को पूरे वर्ष संचालित करने का लक्ष्य घोषित करते हुए पूर्णागिरि धाम को स्थायी और भव्य संरचनाओं से सुसज्जित करने का संकल्प दोहराया।

मां पूर्णागिरि मेला 2026 का भव्य शुभारंभ, सीएम धामी ने किया सालभर आयोजन का ऐलान

टनकपुर में गूंजा जयकारा: पूर्णागिरि धाम को मिलेगा नया पर्यटन सर्किट

 पूर्णागिरि मेला अब 12 महीने? सीएम धामी की बड़ी घोषणा

 चम्पावत को मिलेगी नई पहचान, पूर्णागिरि मेले से पर्यटन को बूस्ट

 रोपवे, भव्य प्रवेश द्वार और सड़कें… पूर्णागिरि धाम के लिए बड़ी सौगात

पूर्णागिरि धाम को मिलेगा आधुनिक स्वरूप

मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की, जिनमें शामिल हैं:

  • सेलागाड़ से कोटकेंद्री तक संपर्क मार्ग निर्माण

  • कालीगूठ–पूर्णागिरि मेला स्थलों का सौंदर्यकरण

  • तामली–रूपालीगढ़–सीम मोटर मार्ग निर्माण

  • भव्य प्रवेश द्वार निर्माण

  • आंतरिक क्षेत्र विकास, विश्राम रोड और पुलिया निर्माण

उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि घोषणाओं पर बिना विलंब कार्य शुरू किया जाए।

आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि Champawat आस्था, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है। सरकार का लक्ष्य इसे बुनियादी सुविधाओं से सशक्त कर एक प्रमुख आध्यात्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है।

Tanakpur में 240 करोड़ से अधिक लागत से इंटर स्टेट बस टर्मिनल विकसित किया जा रहा है।

रोपवे, पर्यटन सर्किट और कनेक्टिविटी

माँ पूर्णागिरि धाम में रोपवे निर्माण कार्य जारी है। साथ ही आसपास के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को जोड़कर विशेष पर्यटन सर्किट विकसित किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सालभर आकर्षित किया जा सके।

सरकार संचार व्यवस्था सुदृढ़ करने और यात्रा सुविधाएं बेहतर बनाने पर भी काम कर रही है।

शिक्षा, खेल और स्वास्थ्य में बड़ी परियोजनाएं

मुख्यमंत्री ने जनपद में चल रही प्रमुख परियोजनाओं का उल्लेख किया:

  • Soban Singh Jeena University का चम्पावत कैंपस

  • 55 करोड़ की लागत से साइंस सेंटर निर्माण

  • लोहाघाट में 237 करोड़ से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज

  • 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक

  • इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान भवन निर्माण

इन परियोजनाओं से शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।

धार्मिक और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा

टनकपुर में राष्ट्रीय खेलों के दौरान राफ्टिंग को नई पहचान मिली है। श्यामलाताल झील विकास के लिए 5 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं और क्षेत्र को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्णागिरि मेला राज्य की प्राथमिकता है और स्वच्छता, पेयजल, शौचालय और धर्मशालाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

क्यों खास है यह पहल?

  • मेले को 12 महीने संचालित करने का लक्ष्य

  • धार्मिक पर्यटन + साहसिक पर्यटन का समन्वय

  • मजबूत कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा

  • स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

  • रोजगार के नए अवसर

माँ पूर्णागिरि धाम आने वाले समय में उत्तराखंड के प्रमुख आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में नई पहचान बना सकता है।

CSC ग्रामीण ई-स्टोर उत्तराखंड | SHG और FPO को मिलेगा बड़ा बाजार

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CSC ग्रामीण ई-स्टोर उत्तराखंड | SHG और FPO को मिलेगा बड़ा बाजार

CSC ग्रामीण ई-स्टोर उत्तराखंड | SHG और FPO को मिलेगा बड़ा बाजार CSC Uttarakhand ने ग्रामीण ई-स्टोर पहल शुरू की। SHG, FPO और MSME को मिलेगा संगठित बाजार, पहाड़ी जिलों तक मजबूत वितरण नेटवर्क।देहरादून, 27 फरवरी 2026 — उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से CSC Uttarakhand ने “सीएससी ग्रामीण ई-स्टोर” पहल की शुरुआत की है। यह पहल राज्य के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों तक संगठित बाजार व्यवस्था पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

बिना बड़े निवेश के मिलेगा बाजार, उत्तराखंड में लॉन्च हुआ CSC ग्रामीण ई-स्टोर

इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से राज्य के निर्माताओं, वितरकों, एमएसएमई इकाइयों, स्वयं सहायता समूहों (SHG) और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को ग्रामीण और अर्ध-शहरी बाजारों में विस्तार का संरचित अवसर मिलेगा।

अंतिम छोर तक पहुंचेगा वितरण नेटवर्क

सीएससी नेटवर्क के जरिए Dehradun, Haridwar, Udham Singh Nagar, Nainital, Pauri Garhwal, Tehri Garhwal, और Almora सहित अन्य पर्वतीय जिलों में उत्पादों की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।

यह नेटवर्क पहले से ही सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय है, जिससे स्थानीय उत्पादकों और ब्रांड्स को एक पारदर्शी और विश्वसनीय वितरण प्रणाली उपलब्ध होगी।

किन उत्पादों को मिलेगी प्राथमिकता?

सीएससी ग्रामीण ई-स्टोर के अंतर्गत:

  • एफएमसीजी उत्पाद

  • डेयरी और कृषि उत्पाद

  • ऑर्गेनिक वस्तुएं

  • स्थानीय उत्तराखंडी ब्रांड्स

  • SHG और FPO द्वारा निर्मित उत्पाद

को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

इससे महिला स्वयं सहायता समूहों को स्थायी बाजार मिलेगा, वहीं किसान उत्पादक संगठनों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचने का अवसर प्राप्त होगा।

स्वरोजगार और आय संवर्धन को बढ़ावा

यह पहल उद्योगों को ग्रामीण बाजारों में विस्तार का अवसर देगी, साथ ही स्थानीय उद्यमियों, SHG और FPO के माध्यम से स्वरोजगार और आय में वृद्धि सुनिश्चित करेगी।

दीपक चौहान, स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर, ने बताया कि यह मॉडल बिना भारी निवेश के व्यवसायों को मजबूत वितरण नेटवर्क से जोड़ता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की उपलब्धता बढ़ेगी और स्थानीय ब्रांड्स को स्थायी बाजार मिलेगा।

क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?

  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संगठित बाजार से जोड़ना

  • स्थानीय उत्पादों को ब्रांड पहचान

  • महिला समूहों और किसानों को सीधा लाभ

  • पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार सृजन

  • डिजिटल नेटवर्क आधारित वितरण प्रणाली

सीएससी ग्रामीण ई-स्टोर उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने और स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ने की दिशा में एक रणनीतिक पहल के रूप में उभर रहा है।

रायपुर में जनसंवाद: ग्रामीणों की समस्याओं पर अधिकारियों को सख्त निर्देश

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रायपुर में जनसंवाद: ग्रामीणों की समस्याओं पर अधिकारियों को सख्त निर्देश

रायपुर में जनसंवाद: ग्रामीणों की समस्याओं पर अधिकारियों को सख्त निर्देश देहरादून, 27 फरवरी 2026 — विकास खंड Raipur के अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़ासीग्रांट, न्याय पंचायत थानों में जनसंवाद एवं क्षेत्र भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के विशेष कार्याधिकारी संजीव कुमार शर्मा ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभिन्न विभागों को जनसमस्याओं के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए।

रायपुर में जनसंवाद: ग्रामीणों की समस्याओं पर अधिकारियों को सख्त निर्देश

 देहरादून के रायपुर ब्लॉक में 80 ग्रामीणों ने रखीं शिकायतें, त्वरित निस्तारण के आदेश

 जनसुनवाई में उठीं सड़क, राशन और सिंचाई की समस्याएं, मौके पर दिए गए निर्देश

 रायपुर विकास खंड में प्रशासन पहुंचा गांव, योजनाओं का किया स्थलीय निरीक्षण

 जनसंवाद कार्यक्रम में अधिकारियों को चेतावनी: समयसीमा में करें समस्याओं का समाधान

यह कार्यक्रम राज्य सरकार की प्राथमिकता—जनसुनवाई के माध्यम से स्थानीय स्तर पर समाधान—को जमीन पर लागू करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

80 से अधिक ग्रामीणों ने रखीं समस्याएं

बैठक में खंड विकास अधिकारी, सहायक कृषि अधिकारी, पंचायत विभाग, खाद्य निरीक्षक, जल निगम, लघु सिंचाई, ग्रामीण निर्माण विभाग, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

ग्राम प्रधान बड़ासीग्रांट, जिला पंचायत प्रतिनिधि सहित लगभग 80 ग्रामीणों ने सड़क, सिंचाई, राशन, स्वास्थ्य और निर्माण कार्यों से जुड़ी समस्याएं प्रमुखता से उठाईं।

विशेष कार्याधिकारी ने सभी शिकायतों का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

स्थलीय निरीक्षण भी किया गया

जनसंवाद के दौरान:

  • ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा निर्मित सड़क

  • मनरेगा के अंतर्गत चल रहे कार्य

  • पंचायत भवन

का स्थलीय निरीक्षण किया गया, ताकि योजनाओं की गुणवत्ता और प्रगति की वास्तविक स्थिति का आकलन हो सके।

दूसरी बैठक अखण्डवाली भिलंग में

इसके बाद जूनियर हाई स्कूल, अखण्डवाली भिलंग में दूसरी जनसंवाद बैठक आयोजित की गई। यहां भी विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

लोक निर्माण विभाग और वन विभाग से जुड़ी शिकायतों को संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया और त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए।

शासन की प्राथमिकता: स्थानीय स्तर पर समाधान

अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहें और गुणवत्ता के साथ समयसीमा में समाधान सुनिश्चित करें।

सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीणों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही हो।

क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?

  • ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन की सीधी पहुंच

  • विभागीय समन्वय में सुधार

  • योजनाओं की जमीनी हकीकत का मूल्यांकन

  • समयबद्ध समाधान की मॉनिटरिंग

रायपुर विकास खंड में आयोजित यह जनसंवाद कार्यक्रम शासन-प्रशासन को जन-जन तक पहुंचाने की पहल का हिस्सा है, जिससे ग्रामीणों को त्वरित राहत मिल सके।