देहरादून: उत्तराखंड में गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों का पक्का घर पाने का सपना अब साकार होने जा रहा है। राज्य में 5,000 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित आवासों की चाबियां जल्द सौंपी जाएंगी। सभी घरों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है और राज्य सरकार समारोह की तैयारियों में जुटी है।
आवास सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष श्याम अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का समय मिलते ही राज्य स्तर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में विभिन्न जिलों के लाभार्थी वर्चुअल माध्यम से भी जुड़ेंगे और उन्हें प्रतीकात्मक रूप से चाबियां सौंपी जाएंगी।
इन जिलों में तैयार हुए आवास
योजना के तहत हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चंपावत और बागेश्वर समेत कई जिलों में आवास तैयार किए गए हैं। शहरी क्षेत्रों में बहुमंजिला ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) आवास बनाए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के मकानों के निर्माण के लिए आर्थिक सहायता दी गई है।
हर घर में मूलभूत सुविधाएं
तैयार किए गए इन आवासों में आधुनिक और आवश्यक सुविधाओं (शौचालय, विद्युत कनेक्शन, स्वच्छ पेयजल, रसोई की सुविधा) का विशेष ध्यान रखा गया है। कई लाभार्थियों को उज्ज्वला योजना और सौभाग्य योजना से भी जोड़ा गया है, जिससे उन्हें गैस और बिजली कनेक्शन का लाभ मिल सके।
डीबीटी से मिली राशि, बढ़ी पारदर्शिता
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में निर्माण की किस्तें सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी गईं। इससे भ्रष्टाचार पर रोक लगी, निर्माण कार्य समय पर पूरा हुआ और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई।
राज्य सरकार का लक्ष्य
राज्य सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र परिवार पक्के मकान से वंचित न रहे। आगामी चरणों में और अधिक पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ा जाएगा। आवास निर्माण से न केवल जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित छत मिल रही है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और निर्माण गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है।
बड़ी घोषणा: उत्तराखंड के 5000 परिवारों को पीएम आवास की चाबी देंगे CM धामी
हल्द्वानी में सड़कों का हाल बेहाल! गुस्साए लोगों ने किया जोरदार प्रदर्शन, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
हल्द्वानी। नगर में लंबे समय से चल रहे अव्यवस्थित सड़क निर्माण और जीर्णोद्धार कार्यों को लेकर जनआक्रोश खुलकर सामने आ गया है। शहरवासियों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता ललित जोशी के नेतृत्व में सिटी मजिस्ट्रेट को सामूहिक ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले करीब दो वर्षों से शहर में सड़कों का निर्माण और मरम्मत कार्य बेहद अव्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है। बाहरी ठेकेदार कंपनियां बिना किसी स्पष्ट योजना और समयसीमा के अलग-अलग स्थानों पर सड़कें खोदकर उन्हें लंबे समय तक अधूरा छोड़ रही हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि शहर की अधिकांश सड़कें टूटी-फूटी अवस्था में हैं और चारों ओर धूल-मिट्टी फैली रहने से बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खराब सड़कों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है, वहीं शादी-विवाह, सामाजिक कार्यक्रमों और त्योहारों के दौरान लोगों की परेशानियां और बढ़ जाती हैं। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि ठेकेदार मनमाने ढंग से कार्य कर रहे हैं और प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी निगरानी का अभाव दिखाई दे रहा है, जिससे जनता में रोष बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़कों का निर्माण कार्य तय समयबद्ध योजना के तहत पूरा नहीं कराया गया तो जनता आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई है कि संबंधित विभागों और ठेकेदारों की तत्काल बैठक बुलाकर सड़कों के कार्यों को व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
देहरादून में चला ‘ऑपरेशन क्रैकडाउन’: 24 घंटे में 2,186 बाहरी लोगों का वेरिफिकेशन, संदिग्धों की तलाश तेज
देहरादून: डीजीपी के निर्देश पर अलर्ट मोड में आई दून पुलिस ने संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है. इसके लिए सोमवार सुबह से ही देहरादून जनपद के नगर और देहात क्षेत्र में वृहद स्तर पर सत्यापन अभियान चलाया गया. पुलिस की अलग- अलग टीमों ने बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन के लिए कार्रवाई की. इसके साथ ही देहरादून एसएसपी ने आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिये जिले में 20 चेकिंग प्वांइट निर्धारित किए हैं.
अभियान के दौरान पुलिस ने 2,186 व्यक्तियों का सत्यापन किया. अनियमितता पाए जाने पर 191 व्यक्तियों का 83 पुलिस एक्ट में चालान किया. 19 लाख 10 हजार का जुर्माना वसूला गया. 28 संदिग्ध व्यक्तियों को थाने पर लाकर पूछताछ की गई. साथ ही पुलिस एक्ट के अन्तर्गत कार्रवाई करते हुए 55 व्यक्तियों का चालान कर 13,250 रुपये का जुर्माना गया है.
गौरतलब है कि आपराधिक पृष्ठभूमि छिपाकर देहरादून जनपद में रहने वाले संदिग्ध और बाहरी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीजीपी के निर्देश अनुसार सोमवार से एक महीने का सघन सत्यापन अभियान ऑपरेशन क्रैक डाउन (Operation Crack Down) चलाया जा रहा है. अभियान के तहत एसएसपी देहरादून ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्र में पुलिस टीमें गठित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. निर्देशों के क्रम में सोमवार से जनपद के नगर और देहात क्षेत्रों में सुबह से ही पुलिस की अलग अलग टीमों ने संदिग्धों की तलाश के लिए वृहद स्तर पर सत्यापन अभियान चलाते हुए उनकी तलाश की.
अभियान के दौरान की गई कार्रवाई की डिटेल
सत्यापन किए गए व्यक्तियों की संख्या – 2,186
83 पुलिस एक्ट में किए गए चालान- 191
83 पुलिस एक्ट में जुर्माना – 19 लाख 10 हजार
81 पुलिस एक्ट में चालानों की संख्या- 55
81 पुलिस एक्ट में जुर्माना – 13,250 रुपये
थाने पर लाए गए संदिग्ध व्यक्ति – 28
बढ़ती अपराध दर पर कांग्रेस का हल्ला बोल: हजारों कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में किया राजभवन कूच
देहरादून: उत्तराखंड के विभिन्न मुद्दों को लेकर लोक भवन घेराव करने जा रहे कांग्रेसियों को भारी पुलिस बल ने हाथीबड़कला में रोक दिया. इस दौरान पुलिस और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का मुक्की हुई. कुछ कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और जमकर प्रदर्शन किया. वहीं, पुलिस ने करीब 500 कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, फिर बसों में भरकर पुलिस लाइन छोड़ दिया.
कांग्रेस के लोक भवन घेराव में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा भी शामिल हुईं. काफी देर तक हंगामा होने के बाद पुलिस ने कुमारी शैलजा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, चुनाव कैंपेन कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और पुलिस लाइन भेज दिया.
इससे पहले देहरादून के परेड़ ग्राउंड में तमाम कांग्रेसी जुटे. जिसके बाद जुलूस और रैली निकाल कर लोक भवन (राजभवन) कूच किया. जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए, लेकिन पुलिस ने हाथीबड़कला के पास बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया. जिस पर कांग्रेसियों और पुलिसकर्मियों के बीच काफी गहमागहमी देखने को मिली.
हालांकि, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और उनके समर्थक पहला बैरिकेडिंग तोड़कर मुख्य बैरिकेड्स तक पहुंचने में सफल भी रहे, लेकिन वहां से आगे जाने नहीं दिया गया. जबकि, पहले से ही पार्टी के सभी बड़े नेता और विधायकगण सड़क पर लगाए गए मुख्य बैरिकेड के ऊपर चढ़कर प्रदर्शन करते रहे. इसके बाद मुख्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया.
पुलिस हिरासत में लिए गए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदयाल ने कहा कि राज्य की सरकार ने पुलिस के बल पर जन भावनाओं को दबाने का काम किया है. यहां से सभी कांग्रेस जनों को गिरफ्तार करके ले जाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि बीजेपी को राज्य से अपदस्थ करने के लिए उनका यह प्रतिरोध आगे भी जारी रहेगा.
देहरादून: टोंस नदी में पिकअप गिरा, चालक लापता
विकासनगर। सोमवार को हिमाचल के रोहड़ू से विकासनगर-सहसपुर जा रहा एक लोडर पिकअप वाहन जेपीआरआर हाईवे पर रिशाणू के पास अनियंत्रित होकर खाई में पलटने के बाद सीधे टोंस में जा गिरा।
हादसे में वाहन चालक नदी के तेज बहाव में लापता हो गया। सूचना से मौके पर पहुंची थाना पुलिस व एसडीआरएफ टीम टोंस नदी में लापता चालक को तलाशने के लिए सर्च अभियान चला रही है।
देहरादून में कांग्रेस रैली पर भाजपा का तंज: “खोदा पहाड़ निकली चुहिया”, बैनर विवाद पर भी चेतावनी
कांग्रेसी प्रदर्शन, खोदा पहाड़ निकली चुहिया- (दीप्ति रावत भारद्वाज)।
कांग्रेसी प्रदर्शन उद्देश्यहीन, दिशाहीन और केवल दिखावे की राजनीति: दीप्ति रावत
कानून विरुद्ध बैनर हो या राजनीति, सरकार और जनता उन्हें हटाएगी!
देहरादून। कांग्रेस पार्टी द्वारा आज लोकभवन घेराव के नाम पर आयोजित कार्यक्रम पूरी तरह उद्देश्यहीन, दिशाहीन और केवल दिखावे की राजनीति का उदाहरण था। जिन मुद्दों को लेकर कांग्रेस जनता के बीच जाने का दावा कर रही थी, यदि उसी भीड़ में शामिल अंतिम पंक्ति के व्यक्ति से पूछा जाता कि वह किस उद्देश्य से यहां आया है, तो उसे भी स्पष्ट जानकारी नहीं थी। वहीं रैली के बैनर विवाद पर भी स्पष्ट किया, कानून विरुद्ध जो भी होगा कार्रवाई होगी, सड़क पर सरकार करेगी और राजनीति में जनता।
पार्टी मुख्यालय में प्रदेश महामंत्री श्रीमती दीप्ति रावत भारद्वाज ने कांग्रेसी रैली पर प्रश्न खड़ा कर कहा, जब स्वयं कांग्रेस की रैली में शामिल अंतिम पंक्ति का व्यक्ति ही यह नहीं जानता था कि वह किस कारण से वहां मौजूद है, तो कांग्रेस आम जनता तक अपनी बात क्या और कैसे पहुंचा पाती—यह अपने आप में बड़ा प्रश्न है। इससे स्पष्ट है कि यह आयोजन केवल राजनीतिक प्रदर्शन भर था।
सामान्यतः दो–चार सौ लोगों की भीड़ जुटाने वाली कांग्रेस पार्टी यदि थोड़ी अधिक संख्या देखकर इसे अपनी बड़ी उपलब्धि बताने का प्रयास कर रही है, तो कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए कि जनाधार, संगठनात्मक मजबूती और जनविश्वास के मामले में भारतीय जनता पार्टी ने वर्षों की तपस्या, समर्पण और सतत जनसेवा के माध्यम से जो स्थान बनाया है, उसकी बराबरी कांग्रेस नहीं कर सकती।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता भावनात्मक नारों और भ्रम फैलाने वाली राजनीति को नहीं, बल्कि विकास, सुशासन और पारदर्शिता पर आधारित कार्यसंस्कृति को समर्थन देती है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से धरातल पर उतार रही है। आधारभूत संरचना के विकास, रोजगार सृजन, पर्यटन संवर्धन, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
उन्होंने कहा कि जिस रैली की तैयारी कांग्रेस पिछले हफ्ते-दस दिन से बड़े जोर-शोर के साथ कर रही थी, उसका परिणाम आखिरकार “खोदा पहाड़ निकली चुहिया” जैसा ही साबित हुआ।
कांग्रेस के पास न तो कोई ठोस मुद्दा है और न ही जनविश्वास। इसी कारण वह समय–समय पर इस प्रकार के दिखावटी कार्यक्रमों के माध्यम से केवल सुर्खियां बटोरने का प्रयास करती रहती है।
उत्तराखंड की जागरूक जनता इस अवसरवादी राजनीति को भली-भांति समझती है और आने वाले समय में भी ऐसी अवसरवादी पार्टी के बहकावे में आने वाली नहीं है।
वहीं बैनर विवाद पर पूछे सवाल के जवाब में तंज कसा कि कानून विरुद्ध कोई भी होगा, तो निश्चित कार्रवाई होगी। अब सड़क के बोर्ड पर होगा तो सरकार हटाएगी और चुनावी मैदान में होगा तो जनता उन्हें हटाएगी।
चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियाँ तेजः गढ़वाल आयुक्त ने स्टेकहोल्डर्स संग की अहम बैठक
देहरादून 16 फरवरी,2026(सू.वि)
आगामी चारधाम यात्रा 2026 के सफल, सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित संचालन के उद्देश्य से गढ़वाल आयुक्त श्री विनय शंकर पांडेय ने सोमवार को ट्रांजिट कैम्प, ऋषिकेश में होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों, टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन तथा डंडी-कंडी संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में यात्रा के दौरान संभावित चुनौतियों एवं उनके व्यावहारिक समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई। विभिन्न स्टेकहोल्डर्स ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं एवं सुझावों को प्रस्तुत किया। बैठक में गढ़वाल पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप भी मौजूद थे।
गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के संकल्प ‘अतिथि देवो भवः’ के अनुरूप चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियाँ व्यापक स्तर पर की जा रही हैं। चारों धामों के कपाट खुलने की तिथियां घोषित हो चुकी हैं। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर 19 अप्रैल 2026 को गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे, जबकि श्री केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 तथा श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे।
आयुक्त ने कहा कि यात्रा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित पक्षों के सुझावों को गंभीरता से लिया जाएगा। होटल एसोसिएशन, टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन तथा डंडी-कंडी संचालकों द्वारा उठाई गई व्यवहारिक समस्याओं के समाधान हेतु अपर आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। समिति की संस्तुतियाँ प्राप्त होते ही एक-दो दिवस के भीतर आवश्यक निर्णय लेते हुए चारधाम पंजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ करने का प्रयास किया जाएगा।
होटल एसोसिएशन की मांग पर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष यात्रियों की संख्या सीमित नहीं की जाएगी, यद्यपि प्रत्येक यात्री के लिए पंजीकरण अनिवार्य रहेगा। फर्जी पंजीकरण पर रोक लगाने हेतु न्यूनतम पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया जाएगा। साथ ही, पंजीकरण प्रक्रिया को सरल, सुगम एवं पारदर्शी बनाया जाएगा।
टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन की मांग पर आयुक्त ने निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा में स्थानीय वाहनों को ही प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। आयुक्त ने परिवहन विभाग को निजी वाहनों द्वारा अवैध रूप से किराए पर सवारी ढोने की प्रवृत्ति पर कठोर प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिससे अधिकृत वाहन संचालकों के हितों की रक्षा हो तथा यात्रियों की सुरक्षा एवं व्यवस्था सुचारू बनी रहे। इसके अतिरिक्त जिन होटलों में यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था होगी, उन्हीं परिसरों में वाहनों की पार्किंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। डंडी-कंडी संचालकों के साथ हुई वार्ता में आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को उनके पंजीकरण, सत्यापन एवं शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान होटल एसोसिएशन द्वारा पंजीकरण प्रक्रिया को समय पर प्रारंभ करने, चारों धाम की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को प्राथमिकता देने, होटल बुकिंग कराने वाले यात्रियों को वरीयता प्रदान करने तथा पंजीकरण प्रणाली को अधिक सुगम बनाने के सुझाव दिए गए। वहीं टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन ने बाहरी ट्रेवल एजेंसियों के वाहनों पर प्रतिबंध लगाने एवं निजी वाहनों द्वारा सवारी ढोने पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का सुझाव दिया।
गढ़वाल आयुक्त ने सभी स्टेक होल्डर्स को आश्वस्त किया कि उनके महत्वपूर्ण सुझावों को अमल में लाकर चारधाम यात्रा को सरल, सुगम एवं सुरक्षित बनाया जाएगा तथा यात्रा के सफल संचालन हेतु हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग विशाल मिश्रा, अपर आयुक्त प्रशासन उत्तम सिंह चौहान, सभागीय परिवहन अधिकारी देहरादून संदीप सैनी, उप निदेशक पर्यटन अमित लोहनी, नियंत्रक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मन महोन सिंह रावत, अध्यक्ष चारधाम एशोसिएशन राजेश मेहता, शैलेन्द्र मठूडा, शैलेश ध्यानी, सचिव होटल एशोसिएशन मनोज सेमवाल, निखिलेश सेमवाल, बीपी नैथानी, सुभाष सिंह, धीरज सेमवाल, अनिल कुमार, विनोद डिमरी, अमर बेलवाल सहित चारधाम यात्रा से जुड़े विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं होटल एशोसिएशन, टूर एंड ट्रेवल्स व डंडी-कडी संचालकों के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।
देहरादून जनता दर्शन में 163 शिकायतें दर्ज: डीएम सविन बंसल ने दिए सख्त निर्देश, विधवा सहायता से लेकर भूमि घोटाले तक मामलों में त्वरित कार्रवाई
देहरादून दिनांक 16 फरवरी 2026, (सूवि) जिलाधिकारी सविन बसंल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार कलेक्टेªट में जनता दर्शन/जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजित किया गया। जनता दर्शन में 163 शिकायत प्राप्त हुई। जनता दर्शन में भूमि विवाद, अतिक्रमण, भरपोषण, बैंक ऋण आर्थिक सहायता आदि शिकायतें प्राप्त हुई। जिलाधिकारी द्वारा अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करना सुनिश्चित करते हुए सम्बन्धित शिकायतकर्ता को कृत कार्यवाही से अवगत कराएंगे।
डकाल चौक इन्द्रानगर निवासी विधवा सुनीता ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि पति की मृत्यु हो गई है, आर्थिक स्थ्तिि बेहद खराब है 3 बच्चों का पालन-पोषण करने में दिक्कत आ रही है उन्होंन आर्थिक सहायता की गुहार लगाई जिस पर जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी शस्त्र को रायफल क्लब फंड से आर्थिक सहायता तथा जिला समाज कल्याण अधिकारी को विधवा पेंशन लगवानेे की स्वीकृति प्रदान करते हुए कृत कार्यवाही से अवगत कराने के निर्देश दिए।
रेसकार्स निवासी बजुर्ग महिला ने गुहार लगाई उनके दो पुत्रों द्वारा उनके मकान में रहने नही दिया जा रहा है तथा हम बुजुर्ग दम्पति से गाली गलौज मारपीट करते हैं तथा घर में घुसने नही देते। बच्चों ने घर से निकाल दिया है रहने के लिए कोई जगह नही है, जिस पर जिलाधिकारी ने मौके पर ही भरणपोषण अधिनियम में वाद दर्ज करवाया। वहीं भरणपोषण अधिनियम के आज 05 से अधिक वाद दर्ज किए गए।
दौड़वाला निवासी 81 वर्षीय बुजुर्ग महिला कान्तादेवी ने गुहार लगाई कि उनकी नातिन के पति द्वारा उनकी सम्पति नातिन के नाम करवाई तथा विश्वास में लेकर भूमि विक्रय कर दी। धोखे से हस्ताक्षर करवाकर उनके बैंक खाते में नॉमिनी बन गया। जब बुजुर्ग बैंक खाते से धनराशि निकालने गई तो बैंक खाता खाली था पता चला उनके खाते से धनराशि आनलाईन माध्यम से नातिन के पति के खाते डाली गई।
वर्ष 2024 में संदिग्ध परिस्थिति में नातिन की मृत्यु हो गई। धोखे से उनकी समस्त सम्पत्ति हड़प ली जिस पर जिलाधिकारी उप जिलाधिकारी न्याय को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।
कंुज विहार कारगी चौक निवासी दुर्गा प्रसाद नौटियाल ने अपने शिकायत बताया कि उनके क्षेत्र में सीवर लाईन बिछाने का कार्य किया गया किन्तु उनका मकान छोड़ दिया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व तथा आपदा प्रबन्धन अधिकारी से यूयूएसडीए से कारण जानते हुए स्थिति स्पष्ट कर समाधान करने के निर्देश दिए।
विधाता एन्कलेव निवासी सुरेश चौहान ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके द्वारा वर्ष 2024 में विद्युत पोल शिफ्टिंग की फीस जमा कराने के उपरान्त भी विद्युत पोल शिफ्टिंग नही हुआ जिस पर जिलाधिकारी ने एक्शियन विद्युत से विलम्ब का कारण प्रस्तुत करते हुए निस्तारण करने के निर्देश दिए।
सेवानिवृत्त अध्यापिका सुशीला नेगी ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि उनकी पुलिस पब्लिक स्कूल में वर्षों से शिक्षण कार्य कर रही हैं स्कूल के प्रधानाध्यापक द्वारा अनावश्यक परेशान किया जा रहा है। जिस पर जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को प्रकरण पर जांच कर कार्यवाही करते हुए 20 फरवरी तक एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
छरबा निवासियों ने अपने शिकायती पत्र तहसील विकासनगर के छरबा बंजर झाड़ी, तालाबो विनोबाभावे ट्रस्ट की भूमि पर अवैध अतिक्रमण किया जा रहा है जिसकी उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की जिस पर उप जिलाधिकारी विकासनगर की अध्यक्षता में समिति गठित करते हुए 10 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
महालक्ष्मीपुर मोथोरोवाला निवासी आनंदमणी डिमरी ने अपनी शिकायत मेें बताया कि उनके क्षेत्र में एडीबी द्वारा बनाई गई सड़क में मानकों का उल्लंघन करते हुए उपयोग सामग्री गुणवत्तायुुक्त न होने के कारण सड़क खराब हो रही है। जिस पर जिलाधिकारी ने प्रोजेक्ट निदेशक यूयूएसडीए जांच करते हुए कार्यवाही हेतु लिखा है।
बुजुर्ग पिता ने डीएम से गुहार लगाई की उनका बेटा नशामुक्ति केन्द्र में है तथा राम फाईनेंस कम्पनी द्वारा उनके गेट पर वसूली नोटिस चस्पा किया है। पता करने पर ज्ञात हुआ कि फाईनेंस कम्पनी ने बिना किसी अभिलेखीय कार्यवाही के केवल बिजली के बिल पर उनके पुत्र को पर्सनल लोन दे दिया। उनके द्वारा ऐसी फाईनेंस कम्पनी जिनके द्वारा बिना अभिलेखीय कार्यवाही के लोन दिया जा रहा है पर कार्यवाही की मांग की, जिस पर जिलाधिकारी ने प्रकरण पर डीजीसी सिविल से विधिक राय प्रस्तुत करने को लिखा।
सुद्धोवाला निवासी श्रमिक मुन्ना सिंह चौहान ने शिकायत करते हुए बताया कि ठेकेदार द्वारा उनकी मजदूरी नही दी गई तथा उनके औजार जब्त कर दिए है, जिस पर जिलाधिकारी सहायक श्रमआयुक्त को जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। आर्यनगर निवासी हरिराम दुबे ने शिकायत बताया कि वह राजकीय सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत थे तथा वर्ष 1966 में प्रीमियर मोटर्स राजपुर रोड में कार्यरत था प्रतिष्ठान के स्वामी द्वारा राजकीय सेवा में अनुसार समस्त वेतन व सुविधाए देने का आश्वासन दिया था प्रतिष्ठान का कार्यालय अब हरिद्वार बाईपास रोड में शिफ्ट हो गया है किन्तु प्रतिष्ठान द्वारा 1.55 लाख दिए उनके द्वारा देयकों का भुगतान करने की गुहार लगाई जिस पर सहायक श्रम आयुक्त को कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
उत्तराखंड में पढ़ाई होगी हाईटेक! शिक्षकों को AI ट्रेनिंग देने की बड़ी तैयारी
देहरादून: प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में दक्ष बनाने के लिए सरकार सतत व्यावसायिक विकास (सीपीडी) कार्यक्रम शुरू करेगी। इसका उद्देश्य शिक्षकों को उन्नत डिजिटल तकनीकों से लैस कर कक्षा शिक्षण को एआई आधारित नवाचारों से जोड़ना और छात्रों के सीखने के परिणामों में सुधार लाना है।
एआई आधारित प्रशिक्षण से मजबूत होगी शिक्षा प्रणाली
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के अनुसार भविष्य की शिक्षा प्रणाली में एआई की बढ़ती भूमिका को देखते हुए राज्य स्तर पर समग्र रणनीति तैयार की जा रही है। इसके तहत शिक्षकों को डिजिटल प्रशिक्षण मॉड्यूल, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और इंटरेक्टिव टूल्स के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में एआई के बुनियादी सिद्धांत, डेटा आधारित शिक्षण, व्यक्तिगत अधिगम (पर्सनलाइज्ड लर्निंग) और मूल्यांकन विश्लेषण जैसे विषय शामिल किए जाएंगे..जिससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सके।
राष्ट्रीय मॉडल पर आधारित होगा सीपीडी कार्यक्रम
एससीईआरटी के एआई संकाय के वरिष्ठ शिक्षक रमेश बडोनी ने बताया कि हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के एआई कार्यक्रम में सामने आए सुझावों और चुनौतियों के आधार पर राज्य में यह पहल लागू की जाएगी। एआई आधारित शिक्षण उपकरणों का चरणबद्ध परीक्षण किया जाएगा और सफल मॉडल को राज्यभर के विद्यालयों में लागू किया जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय एआई ढांचे के अनुरूप राज्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
13,825 राजकीय विद्यालयों में डेटा आधारित निर्णय प्रणाली
राज्य के 13,825 राजकीय विद्यालयों में एआई तकनीक लागू होने से शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी और शिक्षकों का कार्यभार भी संतुलित किया जा सकेगा। इससे छात्रों की सीखने की गति और समझ के स्तर के अनुसार अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा सकेगी। भविष्य में डिजिटल कक्षाओं, स्मार्ट कंटेंट और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे शिक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा सके।
शिक्षकों के सशक्तीकरण में अहम भूमिका निभाएगा एआई
उत्तराखंड अकादमी शोध एवं प्रशिक्षण की निदेशक बंदना गर्ब्याल ने बताया कि भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित भारत बोधन एआई कॉन्क्लेव 2026 में देश की एआई नीति को समावेशी, इंटरऑपरेबल और आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया। साथ ही एआई को शिक्षकों के सशक्तीकरण का महत्वपूर्ण माध्यम बनाने का संकल्प लिया गया। उन्होंने बताया कि राज्य में एससीईआरटी द्वारा चलाए जा रहे डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तहत अब तक 54 हजार में से 49 हजार शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं।
छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ
स्कूल शिक्षा सचिव रविनाथ रामन ने कहा कि सीपीडी कार्यक्रम के माध्यम से एआई आधारित नवाचारों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें आधारभूत साक्षरता, अनुकूलन आधारित शिक्षण, बहुभाषी प्लेटफॉर्म और आधुनिक मूल्यांकन प्रणाली शामिल होंगी…जिससे राज्य के छात्रों को बेहतर शिक्षा का लाभ मिलेगा।
Uttarakhand: नैनीताल सहित दो न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर
उत्तराखंड के नैनीताल सहित उत्तरकाशी जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। नैनीताल जिला न्यायालय को एक संदिग्ध ईमेल प्राप्त हुआ है, जिसमें अदालत परिसर में आरडीएक्स और आईईडी लगाए जाने का दावा किया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अज्ञात ईमेल आईडी से भेजे गए इस मेल में दावा किया गया है कि कोर्ट परिसर में 12 आरडीएक्स आधारित आईईडी लगाए गए हैं। और कोर्ट को दोपहर 12:15 बजे तक खाली करने की बात भी कही गई थी। ईमेल में इंडलपुल्स आरक्षण का भी उल्लेख किया गया है।
ईमेल में प्रतिबंधित संगठन लिट्टे तथा पाकिस्तान आईएसआई का नाम भी लिखा गया है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां इस मेल की सत्यता की जांच कर रही हैं और इसे शरारती तत्वों की करतूत होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ईमेल भेजने वाले की पहचान और लोकेशन का पता लगाने के लिए साइबर टीम को लगाया गया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की।
धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद नैनीताल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। साथ ही इस ईमेल की शिकायत एसएसपी को भी की गई है। पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड द्वारा न्यायालय परिसर व आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
उत्तरकाशी कोर्ट परिसर भी कराया गया खाली
इसी तरह उत्तरकाशी जिला न्यायालय में भी बम होने की सूचना मिलने पर प्रशासन ने एहतियातन पूरा परिसर खाली करा दिया। जिला जज की सूचना पर पुलिस, फायर सर्विस और खुफिया एजेंसियों की टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
उधर, पुलिस ई-मेल की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संदेश कहां से भेजा गया। फिलहाल दोनों अदालत परिसरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है।











