Tuesday, January 20, 2026
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हरिद्वार में जगह-जगह लगे पोस्टर, हरकी पौड़ी में गैर हिंदुओं की एंट्री पर रोक! ड्रोन व रील पर भी सख्ती

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हरिद्वार । सनातन आस्था के प्रमुख तीर्थ हरकी पैड़ी की पवित्रता और मर्यादा को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए श्री गंगा सभा ने सख्त रुख अपनाया है। हरकी पैड़ी क्षेत्र के 10 से अधिक स्थलों पर अहिन्दू प्रवेश निषेध क्षेत्र के बोर्ड लगाए गए हैं।

साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि हरकी पैड़ी और मालवीय द्वीप क्षेत्र में ड्रोन उड़ाना, फिल्मी गीतों पर रील बनाना अथवा किसी भी प्रकार का फिल्मांकन पूर्णत प्रतिबंधित है। नियमों का उल्लंघन कर बनाई गई सामग्री यदि इंटरनेट मीडिया पर वायरल होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध श्री गंगा सभा की ओर से कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हरिद्वार में श्री गंगा सभा, तीर्थ पुरोहित, संत-संन्यासी और धार्मिक संगठन की ओर से सरकार से कुंभ क्षेत्र को अमृत क्षेत्र घोषित करने की मांग की जा रही है। इस क्षेत्र में प्रवेश के लिए हिंदू श्रद्धालु, अधिकारी, पत्रकार और स्वयंसेवक ही पात्र हों, जिससे सनातन परंपराओं की मर्यादा बनी रहे।

उत्तराखंड में दर्दनाक हादसा, कार खाई में गिरी, चालक की मौके पर मौत

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उत्तराखंड में लगातार बढ़ते सड़क हादसे चिंता का विषय बने हुए हैं। कहीं लापरवाही तो कहीं तेज रफ्तार लोगों की जान ले रही है। इसी कड़ी में कुमाऊं मंडल के अल्मोड़ा जिले से बुधवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है।

भतरोंजखान थाना क्षेत्र के अंतर्गत चौकी भौनखाल के ग्राम जिहाड़ के पास, तत्वाहिल रिसॉर्ट के समीप एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में वाहन चालक की मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस के मुताबिक 14–15 जनवरी 2026 की मध्यरात्रि करीब 12:20 बजे अर्टिगा कार (संख्या UK20-TA-8080) के खाई में गिरने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

हादसे में कार चला रहे कुबेर सिंह जमनाल (44 वर्ष), पुत्र गोपाल सिंह जमनाल, निवासी कमेड़पानी, तहसील भिकियासैंण, जनपद अल्मोड़ा की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस ने शव को 108 एंबुलेंस की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिकियासैंण पहुंचाया, जहां उसे सुरक्षित रखा गया है।

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि वाहन में चालक के अलावा कोई अन्य सवार नहीं था। हादसे की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम ने गुरुवार को सर्च अभियान शुरू कर दिया है। फिलहाल पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी हुई है।

कार सवारों की गुंडागर्दी, आरोपितों ने स्कूटी चालक को पीटा; बोले- निकल ले नहीं तो गाड़ी के नीचे आएगा

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देहरादून। धर्मपुर पर कार सवार युवकों की गुंडागर्दी सामने आई है। रेड लाइट होने पर रुके स्कूटी चालक को कार चालक ने क्रास किया और गाली गलौज करते हुए धमकी दी कि निकल ले नहीं तो गाड़ी के नीचे आएगा।

इतना ही नहीं आरोपितों ने स्कूटी चालक को बुरी तरह से पीटा और उनकी मां-बहन को गालियां दी। चौक पर तैनात पुलिसकर्मियों ने भी कार चालकों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें जाने दिया। इस मामले में नेहरू कालोनी थाना पुलिस ने कार सवारों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पुलिस को दी तहरीर में सुधांशु नेगी निवासी बंजारावाला ने बताया कि 14 जनवरी की शाम को वह स्कूटी से आराघर से अपने घर कारगी जा रहा था।

धर्मपुर चौक पर रेड लाइट होने के कारण वह रुका। जैसे ही ग्रीन लाइट हुई तो वह घर की ओर चलने लगा। इतने देर में बाएं तरफ से अचानक लाल कलर की कार रेड लाइट जंप करते हुए उनकी स्कूटी के बहुत नजदीक रूकी।

जब उन्होंने सही ढंग से कार चलाने की बात कही तो कार में सवार तीन युवकों ने उन्हें गालियां देनी शुरू कर दी। कहा कि निकल ले नहीं तो गाड़ी के नीचे ही आएगा।

पीड़ित के अनुसार जब वह चलने लगा तो आरोपित उनसे उलझ गए और उनमें से एक ने कहा कि सिर फाड़ साले का। उतने में तीनों युवक गाड़ी से उतरे और एक ने गाली गलौज करते हुए उनके मुंह पर मुक्के मारने शुरू कर दिए।

आरोपित ने हाथ में एक लोहे का कड़ा पहना था, जिसके कारण उनके आंख के नीचे एक गहरा घाव आ गया और खून बहने लगा। उनकी आंख सूज गई व एक दांत भी जड़ से हिल गया।

उनका जबड़ा सूज गया और बाईं आंख से दिखना बंद हो गया। इस दौरान चौराहे पर पुलिस व होमगार्ड के कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने भी उन्हें जाने दिया। थानाध्यक्ष नेहरू कालोनी संजीत कुमार ने बताया कि कार में सवार अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, उनकी तलाश की जा रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े निर्णय 

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े निर्णय

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े निर्णय

आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने राज्य शासन, पर्यटन, कर्मचारियों और बुनियादी ढांचे से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए।

यूसीसी में संशोधन – प्रशासनिक और नागरिक प्रक्रियाओं को और अधिक सुलभ बनाने के लिए।
उपनल कर्मचारियों के लिए समान वेतन – 7,000–8,000 कर्मचारियों को लाभ मिलेगा; भविष्य में भूतपूर्व सैनिकों के पुनर्वास पर ध्यान।
उत्तराखंड पर्यटन नियमावली में संशोधन – होमस्टे लाभ केवल स्थायी निवासियों को; स्थानीय विकास और रोजगार को बढ़ावा।
पेराई सत्र 2025-26 के लिए स्टेट गारंटी – 270 करोड़ की मंजूरी; गन्ने का मूल्य 405 रुपये/क्विंटल तय।
न्यायिक व्यवस्था मजबूत – NDPS, POCSO के तहत 16 विशेष न्यायालय, 144 पद स्वीकृत।
शिक्षा और अनुसंधान में बढ़ावा – अल्मोड़ा और चंपावत में साइंस सेंटर, डून विवि में हिंदू अध्ययन केंद्र, उत्तराखंड संस्कृत अकादमी का नाम बदला “उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम”।
खेल और बुनियादी ढांचा – विधायक/सांसद/राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए ट्रॉफी और पुरस्कार, ब्रिडकुल रोपवे, टनल और मेकेनिकल/ऑटोमेटेड पार्किंग परियोजनाओं को मंजूरी।
पर्यावरण और नवाचार – केदारनाथ में पायलट प्रोजेक्ट: गोबर और चीड़ की पत्तियों से बायोमास पैलेट।
खनन और विधायी सुधार – नंदौर व अन्य नदियों में खनन आदेश संशोधित, शीतकालीन सत्र के लिए मंजूरी, विवाह पंजीकरण में सुधार।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ये निर्णय पारदर्शी शासन, जनता कल्याण, स्थानीय सशक्तिकरण और सतत विकास की दिशा में उत्तराखंड को आगे बढ़ाएंगे।

काम से ही पहचान – राजनीति नहीं! उत्तराखंड का विकास अब रफ्तार पर है।

गणतंत्र दिवस सिर्फ कार्यक्रम नहीं, प्रशासनिक प्रतिबद्धता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक

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RepublicDay2026

गणतंत्र दिवस RepublicDay2026 को गरिमामय, भव्य और अनुशासित बनाने के लिए देहरादून प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है।
डीएम सविन बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई अहम बैठक में हर विभाग को स्पष्ट जिम्मेदारी और सख्त निर्देश दिए गए।
परेड ग्राउंड से लेकर शहर के चौराहों तक—सफाई, रोशनी, बिजली, पानी, सुरक्षा और देशभक्ति का माहौल सुनिश्चित किया जाएगा।
झांकियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कवि सम्मेलन और स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान के साथ देशभक्ति का उत्सव पूरे शहर में गूंजेगा
स्पष्ट संदेश है—गणतंत्र दिवस सिर्फ कार्यक्रम नहीं, प्रशासनिक प्रतिबद्धता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक होगा।गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में डीएम ने ली महत्वपूर्ण बैठक

देहरादून दिनांक 15 जनवरी 2026,(सूवि) जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने गणतंत्र दिवस को गरिमामय एवं सुव्यवस्थित रूप से सम्पन्न कराने हेतु सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ चाक-चौबंद व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गणतंत्र दिवस के अवसर पर सभी शासकीय कार्यालयों में प्रातः 9ः30 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। मुख्य कार्यक्रम परेड ग्राउंड में माननीय राज्यपाल द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को मुख्य कार्यक्रम स्थल पर मंच निर्माण, बैरिकेडिंग एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विद्युत विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक प्रबंध करने को कहा गया। पेयजल व्यवस्था के लिए संबंधित विभाग को समुचित इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नगर निगम को कार्यक्रम स्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में सफाई एवं स्वच्छता की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। एमडीडीए को शहर के प्रमुख स्थलों एवं शासकीय भवनों पर सौंदर्यीकरण एवं प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

संस्कृति विभाग को शहीद स्थल पर विशेष सफाई एवं प्रकाश व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। सूचना, वन, ग्राम्य विकास, पर्यटन, शिक्षा, उर्जा, उरेडा, बालविकास, कृषि, स्वास्थ्य, संस्कृति आदि विभागों की झांकी आयोजित करने के सम्बन्ध में समय से सूचना प्रेषित करते हुए कार्यवाही प्रारम्भ करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्य कार्यक्रम स्थल पर प्रोटोकॉल के अनुरूप अतिथियों के बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। इसके अतिरिक्त, समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं उनके आश्रितों का सम्मान सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि 25 एवं 26 जनवरी को सभी प्रमुख चौक-चौराहों एवं शासकीय भवनों पर विशेष प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, 25 जनवरी को सायं 6 बजे से 9 बजे तक तथा 26 जनवरी को प्रातः 6 बजे से प्रातः 11 बजे तक प्रमुख चौराहों पर देशभक्ति गीतों का प्रसारण किया जाएगा। सस्कृति विभाग द्वारा 25 जनवरी को नगर निगम के टाउनहॉल में कवि सम्मेलन कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल कुमार, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरी, उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं व्यापार मंडल के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

धामी कैबिनेट की बैठक में 19 प्रस्तावों पर लगी मुहर

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक समाप्त हो गई है। बैठक में कुल 19 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री सचिव शैलेश बगौली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फैसलों की जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री सचिव बंशीधर तिवारी भी उपस्थित रहे।

कैबिनेट बैठक में उपनल कर्मचारियों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। मंत्रिमंडल ने उपनल कर्मचारियों के हक में निर्णय लेते हुए “समान कार्य, समान वेतन” पर सहमति जताई है। इसका लाभ चरणबद्ध तरीके से दिया जाएगा। पहले चरण में 7000 से अधिक उपनल कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। सैनिक कल्याण विभाग के तहत 2015 से कार्यरत उपनल कार्मिकों को भी प्रथम चरण में इसका लाभ मिलेगा।
कैबिनेट के अन्य प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं—

गन्ना एवं चीनी उद्योग विभाग के तहत चीनी मिलों को बैंकों से ऋण लेने की अनुमति दी गई, जिस पर सरकार गारंटी देगी।

गन्ना विकास में गन्ने का मूल्य विचलन तय किया गया—सामान्य प्रजाति के लिए ₹405 प्रति कुंतल और अन्य के लिए ₹395 प्रति कुंतल।

निर्वाचन विभाग में वरिष्ठ निजी सचिव, निजी सचिव और सचिव पदों के लिए नई सेवा नियमावली बनाई गई।

संस्कृत शिक्षा विभाग के अंतर्गत उत्तराखंड संस्कृत संस्थाओं से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में अल्मोड़ा और चंपावत जनपद के लिए 6-6 पद स्वीकृत किए गए।

ऊर्जा विभाग की वर्ष 2024-25 की वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने की सहमति।

बागवानी मिशन के अंतर्गत NT हैलेट पर राज्य सहायता 25 प्रतिशत तय की गई।

दून विश्वविद्यालय के हिंदू अध्ययन केंद्र के लिए 6 नए पद सृजित किए गए।

न्याय विभाग के तहत प्रथम चरण में 16 विशेष न्यायालय स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए 144 पद सृजित होंगे। ये न्यायालय देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर में बनाए जाएंगे।

उत्तराखंड की पंचम विधानसभा सत्र बुलाने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया।

युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल के अंतर्गत खेल महाकुंभ में पुरस्कार राशि तय की गई—विधायक स्तर पर ट्रॉफी व ₹1 लाख, संसदीय स्तर पर ₹2 लाख और राज्य स्तर पर ₹5 लाख।

गृह विभाग की नियमावली में संशोधन को मंजूरी।

समान नागरिक संहिता (UCC) में संशोधन को स्वीकृति।

न्यूनतम अपर सचिव स्तर के अधिकारी बनाने का निर्णय, साथ ही सब-रजिस्ट्रार को अपील का अधिकार दिया गया।

पर्यटन विभाग के अंतर्गत गोबर के उपलों और चीड़ की पत्तियों को 50-50 प्रतिशत मिश्रण कर उपयोग करने का निर्णय लिया गया, जिसे नगर पालिकाएं टेकओवर करेंगी।

कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य के कर्मचारियों, किसानों, युवाओं और न्यायिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वारा थानों में दिखा सुशासन का ज़मीनी असर

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जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वारा — थानों में दिखा सुशासन का ज़मीनी असर

जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वारा — थानों में दिखा सुशासन का ज़मीनी असर
राजकीय इंटर कॉलेज थानों में उप जिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल की अध्यक्षता में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में 65 जनसमस्याएँ सामने आईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही समाधान किया गया।
80% अनुदान पर आटा चक्की व पावर फीडर वितरण से लेकर महिलाओं को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट, सैकड़ों लोगों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और दर्जनों विभागों से सीधा लाभ—यह सिर्फ शिविर नहीं, समाधान का मॉडल है।
स्पष्ट संदेश है—अब फाइलें नहीं, फैसले गाँव तक पहुँच रहे हैं
यही है उत्तराखंड में जनसेवा की बदली हुई तस्वीर

जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वारा कार्यक्रम के अंतर्गत बृहस्पतिवार को उप जिलाधिकारी अपर्णा ढ़ौडियाल की अध्यक्षता में राजकीय इंटर कॉलेज थानों में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्रवासियों द्वारा कुल 65 समस्याएँ प्रस्तुत की गईं, जिनमें से अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।

इस अवसर पर डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला एवं उप जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और कृषि विभाग के माध्यम से 80 प्रतिशत अनुदान पर एक आटा चक्की एवं दो पावर फीडर वितरित किए गए। वहीं महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से पाँच महिलाओं को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट प्रदान की गई। शिविर के दौरान विभागों द्वारा ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
उप जिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान से ही गाँवों का समग्र विकास संभव है। जनता की समस्याओं का निस्तारण करना प्रशासन का कर्तव्य है तथा जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारना सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।
जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वारा कार्यक्रम के अंतर्गत थानो न्याय पंचायत के साथ-साथ कोटी मेहचक, लडवाकोट, सिंधवाल गांव, सनगांव, धारकोट एवं भडेरना के ग्रामीणों ने भूमि, सड़क, पेयजल, पेंशन एवं विद्युत से संबंधित समस्याएँ प्रस्तुत कीं। शिविर में जिला पंचायत की 2, राजस्व विभाग की 10, विद्युत विभाग की 11, पेयजल विभाग की 8, लोक निर्माण विभाग की 6, दूरसंचार विभाग की 2, सिंचाई विभाग की 4, शिक्षा विभाग की 3, परिवहन विभाग की 1, उरेडा की 6, वन विभाग की 4, स्वास्थ्य विभाग की 2, समाज कल्याण विभाग की 1, पंचायती राज विभाग की 1, कृषि विभाग की 1, नागरिक आपूर्ति विभाग की 1, पीएमजीएसवाई की 1 तथा बाल विकास विभाग की 1 शिकायत प्राप्त हुई।
बहुउद्देशीय शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा एलोपैथिक पद्धति से 437 तथा होम्योपैथिक पद्धति से 60 लोगों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। इसके अतिरिक्त कृषि विभाग से 35, उद्यान विभाग से 32, डेयरी विभाग से 30, पशुपालन विभाग से 20, सहकारिता विभाग से 15, राजस्व विभाग से 20, जिला सैनिक कल्याण विभाग से 7, विद्युत विभाग से 6, सेवायोजन विभाग से 12, बाल विकास विभाग से 15, एनआरएलएम से 28, एलडीएम बैंक से 12, समाज कल्याण विभाग से 8, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से 12, श्रम विभाग से 16, पंचायती राज विभाग से 46 तथा रेशम विभाग से 2 लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।
बहुउद्देशीय शिविर में डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला, दर्जा राज्य मंत्री मधु भट्ट, थानो प्रधान चंद्रप्रकाश तिवाड़ी, प्रधान कोटी मेहचक शिवानी, प्रधान लंडवाकोट शिवानी कंडारी, प्रधान सिंधवाल गांव तान्या पंवार, प्रधान सनगांव हेमनती रावत प्रधान धारकोट पूजा, भड़ेरना शीला अन्य जनप्रतिनिधियों समेत खंड विकास अधिकारी अपर्णा ढौडियाल, एबीडीओ सुनील उनियाल अन्य विभागीय अधिकारी एवं बडी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

उत्तराखंड में अब शिलान्यास नहीं, परिणामों की सरकार चल रही है

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उत्तराखंड में अब शिलान्यास नहीं, परिणामों की सरकार चल रही है

उत्तराखंड में अब शिलान्यास नहीं, परिणामों की सरकार चल रही है।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने पीएम मोदी द्वारा शिलान्यास की गई ₹22,015 करोड़ की 91 परियोजनाओं की सख्त समीक्षा की।
निर्देश साफ—जो काम पूरा, उसका तुरंत लोकार्पण; जो अधूरा, वह तय समय में हर हाल में पूरा।
विभागों को प्रो-एक्टिव मोड में लाकर निगरानी, समन्वय और गति पर ज़ोर।
संदेश स्पष्ट है—जनता को योजनाओं का लाभ अब टालना नहीं, पहुँचाना है।

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में प्रधानमंत्री द्वारा विभिन्न अवसरों पर शिलान्यास की गयी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों के अंतर्गत इन योजनाओं से सम्बन्धित भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की जानकारी ली।
मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को इन परियोजनाओं की निरन्तर निगरानी कर निर्धारित समय पर पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जो परियोजनाएं पूर्ण हो गयी हैं, परन्तु अभी लोकार्पण नहीं हुआ है, ऐसी परियोजनाओं का शीघ्र से शीघ्र लोकार्पण कराना सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को परियोजना का उचित लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि गतिमान परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण कराया जाए। इसके लिए सम्बन्धित विभाग प्रो एक्टिव होकर कार्य करें।
मुख्य सचिव ने कहा कि एक से अधिक विभागों से सम्बन्धित परियोजनाओं को विभाग आपसी तालमेल के साथ समस्याओं का निस्तारण कर परियोजना को पूर्ण कराएं। उन्होंने नियोजन विभाग को भी प्रधानमंत्री जी के शिलान्यास से सम्बन्धित परियोजनाओं की नियमित रूप से मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने एमडी यूजेवीएनएल को लखवाड़ बहुद्देश्यीय परियोजना पर तेजी से कार्य करने हेतु केन्द्रीय जल आयोग को शीघ्र डिजाइन और शेड्यूल उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान बताया गया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विभिन्न विभागों की 22015.76 करोड़ लागत की कुल 91 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है, जिनमें से 18 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। 06 का लोकार्पण हो चुका है, 12 लोकार्पण होना अभी बाकी है। 73 परियोजनाओं का कार्य विभिन्न स्तरों पर गतिमान है, जिनमें से अधिकतर परियोजनाएं मार्च 2026 तक पूर्ण होने की सम्भावना है।
इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, सचिव श्री सचिव श्री नीतेश कुमार झा, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. एस. एन. पाण्डेय, श्री युगल किशोर पंत, अपर सचिव श्री विनीत कुमार एवं श्री नवनीत पाण्डेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

सरकार आपके द्वारः सुदूरवर्ती न्याय पंचायत नराया में एसडीएम डॉ हर्षिता ने सुनी जन समस्याएं

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सरकार आपके द्वारः सुदूरवर्ती न्याय पंचायत नराया में एसडीएम डॉ हर्षिता ने सुनी जन समस्याएं

सरकार आपके द्वारः सुदूरवर्ती न्याय पंचायत नराया में एसडीएम डॉ हर्षिता ने सुनी जन समस्याएं,

जनहित में बडी पहलः मौके पर 13 पेंशन स्वीकृत, 11 जन्म, मृत्यु और परिवार रजिस्टर संशोधन

नराया बहुउदेशीय शिविरः 514 लाभार्थियों को मिला सेवाओं का लाभ

लाभ भी, समाधान भीः  266 निःशुल्क स्वास्थ्य जांच से लेकर औषधि वितरण,

देहरादून 15 जनवरी,2026 (सू.वि), जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार, प्रशासन गांव की ओर कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुवार को विकासखंड कालसी स्थित खेल मैदान, नराया में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता उप जिलाधिकारी डॉ. हर्षिता सिंह ने की। इस शिविर के माध्यम से कुल 514 ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया।

इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएँ एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे और अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित कुल 29 समस्याएँ प्रस्तुत कीं।
उप जिलाधिकारी डॉ. हर्षिता सिंह ने कहा कि प्रत्येक नागरिक तक सरकार की योजनाओं का लाभ पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और कोई भी शिकायत अनावश्यक लंबित न रहे।
शिविर में क्षेत्रवासियों द्वारा विभिन्न विभागों से शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें राजस्व विभाग से 12, ग्राम्य विकास विभाग से 5, पेयजल विभाग से 4, लोक निर्माण विभाग एवं ऊर्जा विभाग से 2-2, तथा शिक्षा, समाज कल्याण, सिंचाई और डेयरी विभाग से 1-1 शिकायत शामिल थी।
बहुउद्देशीय शिविर में विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एलोपैथिक में 113 और आयुर्वेदिक में 153 लोगों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। कृषि विभाग ने 50 और उद्यान विभाग ने 33 किसानों को कृषि यंत्र, बीज एवं पीएम किसान निधि का लाभ प्रदान किया।
समाज कल्याण विभाग द्वारा पेंशन के 14 में से 13 प्रकरणों का मौके पर समाधान किया गया। जिला पूर्ति विभाग ने 10 राशन कार्ड धारकों की केवाईसी और नई यूनिट दर्ज की। पंचायती राज विभाग द्वारा किसान, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन तथा परिवार रजिस्टर से संबंधित 5 मामलों का निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त बाल विकास विभाग ने 21 किशोरी किट और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट वितरित की। पर्यटन विभाग ने 6, उद्योग विभाग ने 33, बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों ने 14, सेवायोजन विभाग ने 2, ग्राम्य विकास विभाग ने 41, पूर्ति विभाग ने 10, उद्योग विभाग ने 8, राजस्व विभाग ने 7 आय, जाति और हिस्सा प्रमाण पत्र, तथा पंचायती राज विभाग ने 5 जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत किए।
शिविर में उप जिलाधिकारी डॉ. हर्षिता सिंह, तहसीलदार प्रदीप नेगी, खंड विकास अधिकारी जगत सिंह, सहायक विकास अधिकारी धरमपाल सिंह तेजवान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, विभिन्न गांवों के ग्राम प्रधान एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में उत्तराखंड सरकार का ऐतिहासिक कदम

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स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में उत्तराखंड सरकार का ऐतिहासिक कदम

सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में उत्तराखंड सरकार का ऐतिहासिक कदम

‘स्वस्थ सीमा अभियान’ के अंतर्गत आईटीबीपी एवं राज्य सरकार के मध्य एमओयू संपन्न

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की  उपस्थिति में आज मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड शासन एवं भारत–तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के मध्य स्वस्थ सीमा अभियान के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत एवं कैबिनेट मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा भी उपस्थित रहे।

इस एमओयू का उद्देश्य पिथौरागढ़, चमोली एवं उत्तरकाशी जनपदों के अंतर्गत स्थित 108 सीमावर्ती गांवों में निवासरत नागरिक आबादी को एकीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। यह अभियान चरण–1 के रूप में प्रारंभ किया जा रहा है, जिसके माध्यम से दुर्गम एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को सुनिश्चित किया जाएगा।

एमओयू के तहत भारत–तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), मुख्यालय उत्तरी सीमांत, देहरादून को प्रथम पक्ष तथा चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तराखंड सरकार को द्वितीय पक्ष के रूप में नामित किया गया है | समझौते के अनुसार, आईटीबीपी द्वारा योग्य चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ तथा उपलब्ध एमआई रूम एवं टेली-मेडिसिन सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सीमावर्ती गांवों का नियमित भ्रमण कर स्थानीय नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी। साथ ही लाभार्थियों के मेडिकल हेल्थ कार्ड/रिकॉर्ड का रख-रखाव एवं उपकरणों, दवाइयों तथा उपभोग्य सामग्रियों का समुचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा।

वहीं उत्तराखंड सरकार द्वारा संबंधित गांवों के जनसांख्यिकीय आंकड़े उपलब्ध कराए जाएंगे तथा प्रारंभिक स्तर पर आवश्यक चिकित्सा उपकरण प्रदान किए जाएंगे। उपभोग के आधार पर प्रत्येक छह माह में दवाइयों एवं अन्य सामग्रियों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। आपातकालीन परिस्थितियों में निकासी, दूरसंचार सहायता तथा उपकरणों के स्वामित्व एवं आवश्यक प्रतिस्थापन की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार द्वारा निभाई जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि स्वस्थ सीमा अभियान सीमावर्ती क्षेत्रों में निवासरत नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक प्रभावी पहल है। यह न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करेगा, बल्कि सीमावर्ती गांवों में विश्वास, सुरक्षा और स्थायित्व को भी बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि सरकार सीमांत क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और यह एमओयू उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस अवसर पर आईटीबीपी  अधिकारियों ने जानकारी दी कि आई टी बी पी एवं उत्तराखंड सरकार के मध्य में पूर्व में स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति हेतु किए गए एमओयू की वर्तमान स्थिति के अनुसार नवंबर 2024 से 25 प्रतिशत आपूर्ति ट्रायल आधार पर तथा मार्च 2025 से 100 प्रतिशत आपूर्ति प्रारंभ की गई है। इस व्यवस्था के अंतर्गत जीवित भेड़/बकरी, जीवित मुर्गा, हिमालयन ट्राउट मछली, ताजा दूध, पनीर एवं टीपीएम जैसे उत्पादों की खरीद विभिन्न सहकारी संस्थाओं के माध्यम से की जा रही है। अब तक लगभग 3,79,650.23 किलोग्राम एवं 3,25,318.72 लीटर उत्पादों की खरीद की जा चुकी है, जिसकी कुल अनुमानित लागत ₹11.94 करोड़ से अधिक है। इस पहल से राज्य के पशुपालकों, मत्स्य पालकों एवं दुग्ध उत्पादकों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है, साथ ही स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में सहायता मिल रही है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह पहल सीमावर्ती क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने, स्थानीय नागरिकों को आजीविका से जोड़ने तथा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों में स्थायित्व सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में वाइब्रेट / बॉर्डर ग्रामों से वर्ष 2026 के लिए स्थानीय उत्पादों की प्रस्तावित खरीद का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है। इसके अंतर्गत जीवित भेड़/बकरी की 4,00,000 किलोग्राम मात्रा की खरीद 13 करोड़ रुपये में, जीवित मुर्गे की 2,50,000 किलोग्राम खरीद 4 करोड़ रुपये में तथा हिमालयन ट्राउट मछली की 82,000 किलोग्राम खरीद 3.90 करोड़ रुपये में प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त 21,302 किलोग्राम पनीर की खरीद 0.79 करोड़ रुपये, 4,73,532 लीटर ताजे दूध की खरीद 3.3 करोड़ रुपये तथा 1,40,018 लीटर टीपीएस की खरीद 1.5 करोड़ रुपये में की जाएगी। MoU के उपरांत 9,85,391 किलोग्राम सब्जियों की खरीद 2.77 करोड़ रुपये तथा 6,20,228 किलोग्राम फलों की खरीद 3.50 करोड़ रुपये अनुमानित है। इस प्रकार कुल मिलाकर लगभग 7,53,302 किलोग्राम, 6,13,550 लीटर तथा MoU के उपरांत 16,05,619 किलोग्राम उत्पादों की खरीद की जाएगी, जिसकी कुल अनुमानित लागत लगभग 32.76 करोड़ रुपये है।

इस अवसर पर जानकारी दी गई कि आगामी एमओयू एवं प्रस्तावित समझौतों के अंतर्गत, स्थानीय पशुपालकों से नॉन-वेज उत्पादों की सीधी खरीद प्रक्रिया को सुदृढ़ करने हेतु समझौता किया जाना प्रस्तावित है, जिससे मध्यस्थों की भूमिका समाप्त हो सके और उत्पादकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो। इसके साथ ही उत्तराखंड टूरिज्म डिपार्टमेंट के साथ किए गए हेलीपैड समझौते के अंतर्गत अब तक कुल 221 हेली लैंडिंग सफलतापूर्वक कराई जा चुकी हैं, जिससे सीमावर्ती एवं दुर्गम क्षेत्रों में संपर्क और आपूर्ति व्यवस्था को प्रभावी बनाया गया है।

भविष्य में किए जाने वाले अन्य समझौतों के तहत, भारत–तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) द्वारा उत्तराखंड राज्य में प्रथम चरण में 108 सीमावर्ती गांवों की पहचान की गई है। इन गांवों में पब्लिक हेल्थ सेंटर (पीएचसी) एवं पशु चिकित्सा केंद्रों की दूरी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य एवं पशु चिकित्सा सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर कार्य किया जाएगा। इसके अतिरिक्त स्थानीय किसानों को प्रोत्साहित करने हेतु स्थानीय फल एवं सब्जियों की खरीद के लिए एमओयू किया जाना प्रस्तावित है। साथ ही राज्य की सहकारी चीनी मिलों से उत्तम गुणवत्ता की चीनी की खरीद हेतु भी समझौता प्रस्तावित है। दुर्गम क्षेत्रों में त्वरित एवं प्रभावी आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आईटीबीपी द्वारा UCADA हेलीकॉप्टर सेवाओं के उपयोग हेतु एमओयू किया जाना भी प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह पहल वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम को प्रभावी रूप से सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही है तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ की अवधारणा को व्यवहारिक धरातल पर साकार कर रही है। Point to Point Model के माध्यम से किसानों से सीधी खरीद सुनिश्चित की गई है, जिससे 550 से अधिक सीमावर्ती निवासी लाभान्वित हुए हैं और ठेकेदार एवं दलाल प्रणाली को पूर्णतः समाप्त करते हुए किसी भी प्रकार के middle man की भूमिका नहीं रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था के माध्यम से सीमावर्ती क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसरों का सृजन हुआ है तथा पूरे वर्ष ऑर्गेनिक, ताज़ी एवं निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, जिसमें बरसात एवं सर्दियों जैसे कठिन मौसम भी शामिल हैं। स्थानीय स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले नॉन-वेज, फल, सब्ज़ी एवं दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता से न केवल उपभोक्ताओं को लाभ मिला है, बल्कि उत्पादकों की आय में भी वृद्धि हुई है। इसके साथ ही यह पहल रिवर्स माइग्रेशन को प्रोत्साहित करने में सहायक सिद्ध हो रही है, क्योंकि स्थानीय लोगों को अपने ही क्षेत्रों में आजीविका के स्थायी अवसर प्राप्त हो रहे हैं। पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह व्यवस्था अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि इससे कार्बन उत्सर्जन  में उल्लेखनीय कमी आई है। समग्र रूप से यह पहल 17 सतत विकास लक्ष्यों (SDG) में से 10 लक्ष्यों की सफल प्राप्ति में योगदान देती है, जो इसे सामाजिक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय दृष्टि से एक प्रभावशाली और सतत मॉडल बनाती है।

इस अवसर पर सचिव  डॉ बी वी आर सी पुरुषोत्तम,  आई जी आईटीबीपी  श्री संजय गुंज्याल व आईटीबीपी के अधिकारी उपस्थित रहे |