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हर ग्राम-न्याय पंचायत तक पहुंचेगी सरकार, 17 दिसंबर से शुरू होगा व्यापक जनसंपर्क अभियान

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उत्तराखंड सरकार राज्य के दूरदराज़ इलाकों तक शासन की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक बड़े अभियान की शुरुआत करने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर 17 दिसंबर से “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान का शुभारंभ होगा, जिसके तहत सरकार स्वयं जनता के बीच पहुंचेगी।


45 दिनों तक चलेगा अभियान, हर न्याय पंचायत होगी केंद्र में

इस अभियान की अवधि 45 दिन तय की गई है। इस दौरान प्रदेश की प्रत्येक ग्राम-न्याय पंचायत तक सरकार के विभिन्न विभागों की सीधी पहुंच बनाई जाएगी। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।


23 से अधिक विभाग एक मंच पर, बहुद्देशीय शिविरों का आयोजन

अभियान के तहत राज्य सरकार के 23 से अधिक विभाग मिलकर न्याय पंचायत स्तर पर बहुद्देशीय शिविर लगाएंगे। इन शिविरों में राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि, समाज कल्याण, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास, खाद्य आपूर्ति, श्रम, चिकित्सा स्वास्थ्य, आयुष, पशुपालन, शिक्षा, पेयजल, सिंचाई, वन, ऊर्जा, सहकारिता, लोक निर्माण विभाग, आपदा प्रबंधन, कौशल विकास और बैंकिंग व वित्तीय संस्थानों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहेंगे।


योजनाओं की जानकारी के साथ मौके पर मिलेगा लाभ

शिविरों में केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी। अधिकारी शिविर के साथ-साथ संबंधित गांवों का भ्रमण भी करेंगे, जिससे जमीनी स्तर की समस्याओं को सीधे समझा जा सके।


वंचितों की पहचान के लिए पहले होगा सर्वे

अभियान शुरू होने से पहले न्याय पंचायत स्तर पर वंचित और पात्र लाभार्थियों का सर्वे कराया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिविरों में सही लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और वास्तविक जरूरतमंदों को प्राथमिकता मिले।


हर तहसील में नियमित शिविर, प्रचार-प्रसार पर जोर

राज्य सरकार ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक तहसील में हर सप्ताह कम से कम दो से तीन कार्यदिवस न्याय पंचायतों में शिविर अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। साथ ही शिविरों से पहले व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।


निष्कर्ष

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान उत्तराखंड में शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। सरकार के इस प्रयास से योजनाओं का लाभ सीधे गांवों तक पहुंचेगा, पारदर्शिता बढ़ेगी और वंचित वर्ग को सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। यह अभियान राज्य में सुशासन और जनकल्याण की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।

बिहार, उत्तराखंड के बीच पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाया जाएगा: महाराज

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बिहार विधानसभा अध्यक्ष ने किया सद्भावना सत्संग समारोह का शुभारंभ

गयाजी (बिहार)/देहरादून, आध्यात्मिक और समाजिक संस्था मानव उत्थान सेवा समिति की शाखा मानव धर्म मंदिर गया जी के तत्वावधान में रामपुर स्थित गया कॉलेज के खेल परिसर में दो दिवसीय सद्भावना सत्संग समारोह का शुभारंभ प्रख्यात समाजसेवी, आध्यात्मिक गुरु और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार एवं गया जी की जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती नयना कुमारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेमकुमार ने बिहार की पावन धरती पर सतपाल महाराज सहित सभी दिव्य परिवार का ह्रदय से आभार जताते हुए उन्हें फिर से बिहार आने का न्योता

सद्भावना सत्संग समारोह को संबोधित करते हुए प्रख्यात समाजसेवी, आध्यात्मिक गुरु और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि गया (बोधगया) स्थित महाबोधि मंदिर, वह पवित्र स्थान है जहाँ गौतम बुद्ध को बोधिवृक्ष के नीचे ज्ञान (बोधि) प्राप्त हुआ था, और यह यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित है। जिस प्रकार से गया में श्राद्ध कर्म आदि का विधान है उसी प्रकार उत्तराखंड स्थित हरिद्वार एवं बद्रीनाथ धाम के ब्रह्मकपाल में में भी श्राद्ध कर्म का विशेष महत्व है। इन सभी स्थानों को मानचित्र पर अंकित किया जायेगा।

महाबोधि मंदिर के भ्रमण के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए श्री महाराज ने कहा कि आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जल मार्ग से प्रयागराज से बनारस और पटना होते हुए क्रूज़ और कार्गो चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार एवं उत्तराखंड के बीच पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए समन्वय स्थापित किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक संख्या में पर्यटक राज्य में आ सकें।

सेलाकुई परफ्यूम फैक्ट्री में लगी भयंकर आग, फायर ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा

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इंडस्ट्रीयल एरिया सेलाकुई क्षेत्र मे एक परफ्यूम बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक आग लग गई. फैक्ट्री में आग लगने की जानकारी आनन फानन में फायर ब्रिगेड को दी गई. जिसके बाद पुलिस के साथ ही फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची. मौके पर पहुंचने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने आग बुझाने के प्रयास शुरू किया.

सेलाकुई की जिस परफ्यूम फैक्ट्री में आग गी है उसका नाम जय श्री बालाजी इंडस्ट्रीज है. फैक्ट्री में आग लगने से बड़ी बड़ी आग की लपटें और धुएं का गुबार फैल गया. मौके पर इस बीच अफरा तफरी मच गई. जिसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने मोर्चा संभाला है.

Dehradun: जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई; सुभारती कॉलेज को 87.50 करोड़ का वसूली वारंट जारी

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देहरादून:, जिले के बड़े बकायेदारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिला प्रशासन ने सुभारती समूह पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के अनुपालन में लंबित बकाया वसूली के तहत रू 87.50 करोड़ की कुर्की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

जिलाधिकारी ने सुभारती समूह से बकाया राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी किसी बड़े या छोटे बकायेदार को बकाया राशि न जमा करने पर कानूनी कार्रवाई से नहीं बख्शा जाएगा। जनपद में राजस्व वसूली को गति देने तथा सरकारी धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कार्यवाही कर कड़ा संदेश दिया है। जिलाधिकारी ने द्वारा जारी कुर्की वारंट से स्पष्ट किया गया है कि बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद भुगतान न होने पर यह कठोर कदम उठाया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि ‘जनता के धन की लूट करने वालों को किसी भी स्थिति में छोड़ा नहीं जाएगा।” उन्होंने निर्देशित किया है कि समस्त उप जिलाधिकारी अपने-अपने तहसील क्षेत्रों में ऐसे सभी छोटे एवं बड़े बकायेदारों की सूची तैयार करें, जिन्होंने लंबे समय से देय राशि जमा नहीं की है या जानबूझकर भुगतान से बच रहे हैं। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि इनके विरुद्ध विशेष वसूली अभियान चलाकर तत्परता से वसूली सुनिश्चित की जाए।

संस्थान को 6 वर्षों से 300 छात्रों से पूर्ण शुल्क वसूलने के बावजूद संरचना विहीन संस्थान में रखना भारी पड़ गया है, जिला प्रशासन ने वसूली वारंट जारी कर दिया है, अगले कुछ ही दिवसों में संस्थान का बैंक खाता सीज संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जा सकती है।चिकित्सा शिक्षा निदेशक ने डीएम से की सिफारिशचिकित्सा शिक्षा निदेशक ने संस्थान से पूर्ण वसूली के जाने के सिफारिश जिलाधिकारी को की थी।

शैक्षिणक सत्र 2017-18 में प्रवेश पाये द्वितीय बैच के कुल 74 छात्रों द्वारा मा० उच्चतम न्यायालय में एंव रिट याचिका (सिविल) योजित की गई थी, जिसमें में छात्रों की ओर से संस्थान में संरचना उपलब्ध नहीं है, से लगतार शिक्षा प्राप्त नही कर सकते है। याचिका में एम०सी०आई० द्वारा अपने तथ्य रखे गये थे और याचिका में यह प्रश्न था कि छात्रों को अन्य संस्थान में प्रवेश देकर अन्तरित किया जायें। वर्ष 2019 में मा0 उच्चतम न्यायालय ने यह निर्देश दिया गया था कि 300 छात्राओं को राज्य के तीन राजकीय मेडिकल कॉलेजों में अन्तरित किया जाये। मा० उच्चतम न्यायालय ने यह भी आदेश दिया गया था कि यह छात्र केवल राजकीय मेडिकल कॉलेज में लागू फीस का ही भुगतान करेगे। मा० उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश को 12 अप्रैल 2019 के आदेश में पुनः पुष्ट किया गया था। श्रीदेव सूमन सुभारती मेडिकल कॉलेज में इन सभी 300 छात्राओं को राजकीय मेडिकल कॉलेजों में समयोजित किये जाने हेतु लगभग एक नये मेडिकल कॉलेज को खोलने के अनुरूप अपेक्षित संरचना स्थापित करने की आवश्यकता थी, जिसमें राज्य सरकार पर अनापेक्षित वित्तीय भार आ गया था, जबकि उक्त संस्था द्वारा इन छात्रों से शुल्क बिना किसी काम के संग्रहित किया गया था।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि राजस्व की हानि किसी भी प्रकार से स्वीकार्य नहीं है। बकायेदारों द्वारा देरी या भुगतान से बचने की प्रवृत्ति पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि बकायेदारों की विस्तृत रिपोर्ट तत्काल तैयार करें, प्राथमिकता के आधार पर बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई करें, लगातार फॉलोअप करते हुए वसूली की दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें, आवश्यक होने पर कुर्की, नोटिस, बैंक खाता कुर्की या अन्य विधिक कार्रवाई भी अमल में लाई जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों के लिए जनता की कमाई से जुटाया गया धन अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही या लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि अभियान को पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ चलाया जाए ताकि जनपद में राजस्व वसूली की स्थिति मजबूत हो सके।

Uttarakhand: तुषार हत्याकांड…एनकाउंटर में एक आरोपी पकड़ा, पैर में लगी गोली, अन्य आरोपियों की तलाश जारी

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स्लाम नगर से आए कुछ युवकों ने रोडवेज स्टाॅपेज के पास एक युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी जबकि दो अन्य युवक घायल हो गए।

खटीमा के तुषार हत्याकांड मामले में शनिवार देर रात एनकाउंटर के दौरान एक हत्यारोपी हाशिम को पुलिस ने पकड़ लिया है। उसके पैर में गोली लगने से वह घायल हुआ है। वह झनकट क्षेत्र में छुपा हुआ था। रात एक बजे झनकट ईंट भटठे के पास पुलिस की घेराबंदी के बाद उसने पुलिस टीम पर फायर किया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। सीओ खटीमा विमल रावत ने बताया कि अन्य फरार आरोपियों की पुलिस  तलाश कर रही है।

खटीमा में शुक्रवार देर रात करीब 10 बजे आश्रम पद्धति स्कूल के पीछे रहने वाला तुषार शर्मा (24) बस स्टॉपेज के पास वाल्मीकि बस्ती निवासी अभय और पकड़िया निवासी सलमान के साथ एक चाय की दुकान के पास खड़ा था। वहां गोटिया, इस्लाम नगर से आए कुछ युवकों के साथ उनकी कहासुनी हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। इसी बीच, आरोपियों ने तीनों पर चाकुओं से हमला कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों घायलों को खटीमा उप जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टर ने तुषार को मृत घोषित कर दिया जबकि दो घायलों को हायर सेंटर रेफर कर दिया।

शनिवार सुबह युवक की हत्या की घटना शहर में आग की तरह फैल गई। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के आक्रोशित कार्यकर्ताओं समेत सैकड़ों लोगों ने घटनास्थल के पास चाय की दुकान को आग के हवाले कर दिया। बगल में खुली दुकानों में तोड़फोड़ कर दी। सूचना पर सीओ विमल रावत, कोतवाल विजेंद्र शाह, एसएसआई ललित रावल, बाजार चौकी प्रभारी जीवन चुफाल समेत अग्निशमन दल ने मौके पर दुकान में चाय की दुकान में लगी बुझाई।

देहरादून में खुले में कूड़ा फेंका, ड्रोन से कटा चालान:5 को नोटिस जारी, कंट्रोल रूम में बैठी टीम तुरंत ले रही एक्शन

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उत्तराखंड में ड्रोन से कूड़ा फेंकने वाले के खिलाफ कार्रवाई हुई है। मामला राजधानी देहरादून से सामने आया है, जहां एक शख्स इधर-उधर देखकर जैसे ही सार्वजनिक स्थान पर कूड़ा डाल रहा था, वह ऊपर उड़ रहे ड्रोन कैमरे में कैद हो गया।

इसके बाद नगर निगम की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और नियमों के तहत चालान की कार्रवाई की गई। नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि पायलेट प्रोजेक्ट के तहत सफाई तंत्र को हाईटेक बनाने के लिए ड्रोन मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया गया है।

इसी के तहत शनिवार को जब ड्रोन से निगरानी की जा रही थी तभी कुछ लोगों ने सार्वजनिक जगहों पर कूड़ा फेंका। ड्रोन ने उनकी तस्वीर ले ली, जिसके बाद उनके खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई।

इन वार्डों में खास निगरानी

ड्रोन मॉनिटरिंग फिलहाल 15 वार्डों में शुरू की गई है, जिनमें कारगी, आईएसबीटी, धर्मपुर, जीएमएस रोड, सहारनपुर रोड, कांवली रोड, हरिद्वार रोड, राजपुर रोड, डालनवाला, ईसी रोड, सुभाष रोड, पलटन बाजार क्षेत्र, भंडारी बाग और आसपास के क्षेत्र शामिल है। इसके अलावा, नगर निगम के अन्य क्षेत्रों में धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़ाया जाएगा।

सफाई व्यवस्था में पारदर्शिता लाना मकसद

सौरभ थपलियाल, मेयर ने कहा कि ड्रोन मॉनिटरिंग से सफाई व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। अब कूड़ा फेंकने और जलाने वालों पर कड़ा एक्शन होगा। शहर स्वच्छ बनाने की दिशा में ये अहम कदम है। वहीं, नमामी बंसल, नगर आयुक्त ने कहा कि कंट्रोल रूम में विशेष टीम तैनात है। ड्रोन से मिले डेटा पर तुरंत प्रतिक्रिया होगी।

कूड़ा दिखाई देने पर संबंधित सफाई निरीक्षकों को तुरंत सूचना दी जाएगी और तुरंत कार्रवाई होगी। इस हाईटेक ड्रोन सिस्टम से दून की सफाई व्यवस्था को आसमानी सुरक्षा कवच मिल गया है। अब न गाड़ियां गायब होंगी, न कूड़ा अनजाने में डंप होगा।

बड़ी खबर : अब भूकंप आने से पहले अलर्ट करेगा ‘भूदेव’ एप, कुछ सेकंड पहले करेगा सतर्क

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देहरादून। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली को मजबूत बनाने के उद्देश्य से भूदेव मोबाइल एप के अनिवार्य उपयोग के निर्देश जारी किए हैं।

सचिव, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को ऐप इंस्टॉल कराने तथा आम जनता को भी जागरूक कर ऐप डाउनलोड करवाने के निर्देश दिए हैं।

भूदेव एप भूकंप के कुछ सेकंड पूर्व अलर्ट जारी करने में सक्षम है, जिससे समय रहते अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सकेगा। इसके अलावा एप में भूकंपीय गतिविधियों की दैनिक जानकारी, जियो-रेफरेंस्ड लोकेशन के साथ इंटरेक्टिव मैप और आपात स्थिति में एसओएस फीचर के माध्यम से लाइव लोकेशन साझा करने की सुविधा उपलब्ध है

जिला प्रशासन ने सभी विभागाध्यक्षों एवं कार्यदायी संस्थाओं को एप इंस्टॉल कर अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी इंस्टॉल करने के लिए आदेशित किया है। प्रशासन ने एप इंस्टॉल करने की सरल प्रक्रिया भी साझा की है।

प्ले स्टोर या एप स्टोर में भूदेव सर्च कर इंस्टॉल करना होगा। मोबाइल नंबर, लोकेशन अनुमति और आपातकालीन संपर्क जोड़ने के बाद ऐप सक्रिय हो जाता है।

Dehradun Accident: आर्मी का वाहन सड़क किनारे खड़े सीमेंट मिक्सर ट्रक से भिड़ा, चार सैन्य कर्मी घायल

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हरिद्वार से देहरादून की तरफ जा रहे सेना की स्कार्पियो गाड़ी सड़क किनारे खड़े सीमेंट मिक्सर वाहन (कैप्शूल ट्रक) से पीछे से जा भिड़ा। घटना शनिवार रात्रि करीब सवा 10 बजे हरिद्वार-देहरादून राजमार्ग पर सत्यनारायण मंदिर रायवाला के पास हुई।

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली रायवाला से पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बुरी तरह घायल चार सैन्य कर्मियों को आपातकालीन चिकित्सा सेवा वाहन 108 की मदद से एम्स ऋषिकेश भिजवाया। साथ ही घटना की सूचना रायवाला कैंट में मिलिट्री पुलिस को दी। जिसके बाद सेना रायवाला कैंट से सेना पुलिस के जवान भी मौके पर पहुंच गए।

वाहन में सेना के कौन लोग सवार थे, अभी इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है। दुर्घटनाग्रस्त वाहन लक्जरी है, ऐसे में माना जा है वाहन में सेना के अधिकारी स्तर के लोग सवार रहे होंगे। कोतवाली रायवाला के प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह खोलिया ने बताया कि घायल लोग अपने बारे में बताने की स्थिति में नहीं थे। उनको तत्काल अस्पताल भिजवाया गया है।

 

सुशासन में उत्कृष्टता के लिए बंशीधर तिवारी को राष्ट्रीय सम्मान, मुख्यमंत्री धामी ने किया सम्मानित

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देहरादून में आयोजित 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस उत्तराखंड के लिए गौरवपूर्ण क्षण लेकर आई। इस राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपर सचिव एवं सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी को सुशासन में उत्कृष्टता हेतु राष्ट्रीय सम्मान प्रदान कर सम्मानित किया। यह सम्मान प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शी शासन व्यवस्था और प्रभावी जनसंचार के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया।

बंशीधर तिवारी ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से सरकारी नीतियों, योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को आम जनता तक सरल, स्पष्ट और प्रभावी ढंग से पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डिजिटल माध्यमों के बेहतर उपयोग, नवाचार और संवेदनशील संचार रणनीतियों के जरिए उन्होंने सुशासन की अवधारणा को और सुदृढ़ किया है।

गौरतलब है कि देहरादून 13 से 15 दिसंबर तक 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस की मेज़बानी कर रहा है, जिसमें देशभर से जनसंपर्क, मीडिया और कम्युनिकेशन क्षेत्र के विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) द्वारा आयोजित यह सम्मेलन “विकसित भारत @2047: विकास भी, विरासत भी” विषय पर केंद्रित है। सम्मेलन में सुशासन, पारदर्शिता, डिजिटल कम्युनिकेशन और राष्ट्र निर्माण में जनसंपर्क की भूमिका पर गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है। यह आयोजन उत्तराखंड को राष्ट्रीय संवाद के एक प्रभावशाली केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है।

हल्द्वानी बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामला फिर टला:तीन बार टल चुकी है सुनवाई,अब 3 फरवरी 2026 को संभावित सुनवाई

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उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित बहुचर्चित बनभूलपुरा रेलवे भूमि प्रकरण की सुनवाई एक बार फिर आगे खिसक गई है। सुप्रीम कोर्ट की अधिकृत वेबसाइट के अनुसार अब इस मामले की संभावित सुनवाई 3 फरवरी 2026 को दर्शाई जा रही है। जबकि इससे पहले 16 दिसंबर 2025 की तारीख संभावित रूप से थी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में 2 दिसंबर और 10 दिसंबर 2 दिसंबर सुनवाई होनी थी लेकिन सुनवाई टल गई।इसके बाद इसे 16 दिसंबर 2025 को संभावित रूप से सुने जाने की संभावना जताई गई थी। जो अब बदलकर 3 फरवरी 2026 हो गई है। लंबे समय से लंबित इस प्रकरण को लेकर उत्तराखंड, खासकर हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई की तारीख आगे बढ़ने से स्थानीय लोगों, प्रशासन और संबंधित पक्षों की प्रतीक्षा और लंबी हो गई है।

अब सभी की निगाहें 3 फरवरी 2026 में होने वाली संभावित सुनवाई पर टिकी हैं।गौरतलब हैं की हल्द्वानी बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है। हाई कोर्ट ने अतिक्रमण खाली करने के निर्देश दिए थे जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जहां सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है। करीब 30 हेक्टेयर अतिक्रमण भूमि पर करीब 50 हजार लोग निवास करते हैं। बताया जा रहा है कि अतिक्रमण मामले की सुनवाई अंतिम चरण में है सुप्रीम कोर्ट इसमें कोई बड़ा फैसला दे सकता है। जिसको देखते हुए सुनवाई के दिन नैनीताल पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर काम कर रही है।