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मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड महक क्रांति नीति-2026-36 का शुभारम्भ

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लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों की होगी खेती
आगामी सालों में करीब 1 लाख किसानों को जोड़ने का है लक्ष्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सगंध पौधा केन्द्र, सेलाकुई, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए उत्तराखण्ड महक क्रांति नीति-2026-36 का शुभारम्भ किया। उन्होंने सेटेलाइट सेन्टर भाऊवाला का लोकार्पण एवं सगंध पौधा केन्द्र, सेलाकुई स्थित ए.एम.एस (C-14) प्रयोगशाला का भी शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कुल 5 सेटेलाइट सेन्टरों का भी शिलान्यास किया। यह सेटेलाइट सेंटर — परसारी (चमोली), रैथल (उत्तरकाशी), भैसोड़ी (अल्मोड़ा), खतेड़ा (चंपावत) एवं विषाड (पिथौरागढ़) — में स्थापित किये जाएंगे।

कार्यक्रम के दौरान सुगंध पौधा केन्द्र और डाबर इंडिया लिमिटेड के बीच एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर भी किये गये। इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य विस्तार (एक्सटेंशन), अनुसंधान एवं विकास, मानव संसाधन विकास, मार्केटिंग आदि के क्षेत्र में CAP और डाबर के बीच सहयोग के लिए एक रूपरेखा तैयार करना है। एम.ओ.यू. के दौरान CAP की ओर से निदेशक श्री नृपेन्द्र सिंह चौहान एवं डाबर की अधिशासी निदेशक डा. सौरभ लाल उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने CAP के फाउंडर वैज्ञानिकों एवं लेमनग्रास–तुलसी की खेती करने वाले किसानों को भी सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने परफ्यूमरी प्रयोगशाला का भी भ्रमण किया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड महक क्रांति नीति के शुभारम्भ को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस नीति के अंतर्गत 7 एरोमा वैलियों को विकसित करने की शुरुआत होगी। प्रथम चरण में:

  • पिथौरागढ़ में तिमूर वैली,

  • चमोली एवं अल्मोड़ा में डैमस्क रोज वैली,

  • ऊधमसिंह नगर में मिन्ट वैली,

  • चंपावत और नैनीताल में सिनेमन वैली,

  • हरिद्वार और पौड़ी में लेमनग्रास एवं मिन्ट वैली विकसित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि नीति के अंतर्गत राज्य में लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों की खेती को विकसित कर करीब 1 लाख किसानों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। आगामी दस वर्षों में राज्य में सुगंधित फसलों की खेती के टर्नओवर को 100 करोड़ रुपये से बढ़ाकर लगभग ₹1200 करोड़ तक पहुंचाने में सफलता मिलेगी, जिससे किसानों के साथ राज्य की आय में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के किसानों के उत्थान एवं समृद्धि हेतु संकल्पित होकर निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में किसानों को ₹3 लाख तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि उपकरण खरीदने के लिए फार्म मशीनरी बैंक योजना के माध्यम से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। राज्य में गेहूं खरीद पर किसानों को ₹20 प्रति क्विंटल बोनस, तथा गन्ने के रेट में ₹30 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। किसानों के हित में नहरों से सिंचाई मुफ्त भी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए पॉलीहाउस निर्माण हेतु ₹200 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है। किसमें लगभग 115 करोड़ की सहायता से 350 पॉलीहाउस स्थापित किये जा चुके हैं। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को सहायता देने के लिए लगभग ₹1000 करोड़ की लागत से उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट स्वीकृत किया गया है। राज्य में सब्जियों के समान फलों के उत्पादन को भी बढ़ाने के लिए विभिन्न स्तरों पर काम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ₹1200 करोड़ की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलेट मिशन, और ड्रैगन फ्रूट नीति जैसी नीतियाँ लागू की हैं, जिनके तहत किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी मिल रही है। सुगंध उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए काशीपुर में 40 एकड़ में एरोमा एवं परफ्यूमरी उद्योगों का विकास हेतु ₹300 करोड़ का एरोमा पार्क भी स्थापित किया जा रहा है। “हाउस ऑफ हिमालयाज” के माध्यम से सुगंध तेलों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास भी जारी है। धौलादेवी, मुन्स्यारी और बेतालघाट के चाय बागानों को जैविक चाय बागान के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मिलेट उत्पादन में निवेश पर 80 प्रतिशत तक का अनुदान दे रही है। पंक्ति बुआई पर ₹4000 प्रति हेक्टेयर और अन्य विधियों पर ₹2000 प्रति हेक्टेयर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके साथ ही, मिलेट उत्पाद की खरीद पर ₹300 प्रति क्विंटल अतिरिक्त प्रोत्साहन भी प्रदान किया जाएगा। ये प्रयास किसानों की आय बढ़ाने में फलदायी साबित हो रहे हैं; परिणामतः राज्य ने देशभर में किसानों की आय वृद्धि में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड हर क्षेत्र में नंबर-वन बन रहा है। राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णय देश के लिए नजीर बन रहे हैं, जैसे ईज-ऑफ-डूइंग-बिजनेस, सतत् विकास सूची में प्रथम स्थान, समान नागरिक संहिता लागू करना, तथा मदरसा एक्ट का समाप्त करना। उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के प्रयास भी जारी हैं। स्वयं सहायता समूह के उत्पादों को उपहारों के रूप में दिया जा रहा है और सरकारी कार्यक्रमों में इन्हें खरीदने को कहा गया है।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड में एरोमा क्षेत्र में अपार संभावनाएँ हैं और आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था में कृषि, बागवानी और CAP की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 में जहाँ इस क्षेत्र का टर्नओवर मात्र ₹1 करोड़ था, वहीं आज यह ₹100 करोड़ से अधिक हो गया है।

समारोह में विधायक सहदेव पुंडीर, उपाध्यक्ष जड़ी बूटी सलाहकार समिति भुवन विक्रम डबराल, जिला अध्यक्ष भाजपा मीता सिंह, गिरीश डोभाल, सचिव श्री सुरेंद्र नारायण पांडे, एसेंशियल ऑयल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सचिव पी.के. जैन, अध्यक्ष नगर पंचायत सुमित चौधरी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

IMA में पासिंग आउट परेड शुरू:पटियाला कोच में पहुंचे आर्मी चीफ, 525 कैडेट्स बनेंगे सेना में ऑफिसर

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देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) के ऐतिहासिक ड्रिल स्क्वायर में आज 157वीं पासिंग आउट परेड का भव्य आयोजन किया गया। इस मौके पर अधिकारी कैडेट्स को भारतीय सेना में कमीशन प्रदान किया गया। थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने परेड की समीक्षा की और नव-नियुक्त अधिकारियों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर बधाई दी।

थल सेना प्रमुख ने युवा अधिकारियों के उच्च स्तर के अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सहनशक्ति की प्रशंसा करते हुए उन्हें भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं का निर्वहन करने और निष्ठा, प्रतिबद्धता और सम्मान के साथ राष्ट्र सेवा करने का आह्वान किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सेना में कमीशन प्राप्त करना केवल प्रशिक्षण की समाप्ति नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति आजीवन कर्तव्य और निस्वार्थ सेवा की शुरुआत है।

157वें रेगुलर कोर्स, 46वें टेक्निकल एंट्री स्कीम, 140वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स, 55वें स्पेशल कमीशंड ऑफिसर्स कोर्स और टेरिटोरियल आर्मी ऑनलाइन एंट्रेंस एग्जाम 2023 कोर्स के कुल 525 अधिकारी कैडेट्स के साथ-साथ 14 मित्र राष्ट्रों के 34 विदेशी अधिकारी कैडेट्स को कमीशन प्रदान किया गया। यह कमीशनिंग न केवल भारत के रक्षा नेतृत्व को सुदृढ़ करती है, बल्कि मित्र देशों के साथ दीर्घकालिक सैन्य सहयोग को भी सशक्त बनाती है।

डायवर्जन और सुरक्षा इंतजाम

आज सुबह 5:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक IMA की ओर सभी आम यातायात पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा और पूरा क्षेत्र जीरो जोन घोषित किया गया है। इस दौरान बल्लूपुर से प्रेमनगर जाने वाले वाहनों को रांघड़वाला-मीठी बेरी के मार्ग से डायवर्ट किया जाएगा। छोटे वाहन प्रेमनगर चौक से एमटी गेट, मीठी बेरी गेट और रांघड़वाला होते हुए शहर में प्रवेश करेंगे। वहीं, भारी वाहन धूलकोट तिराहा, सिंघनीवाला और नया गांव मार्ग से शहर की ओर जाएंगे। देहरादून से विकासनगर जाने वाले वाहन शिमला बाईपास होकर डायवर्ट होंगे।

उत्तराखंड में अब वापस लौट रहे लोग:CM धामी बोले- रिवर्स पलायन 44% बढ़ा, बेरोजगारी दर 4.4% घटी, मिशन मोड में चल रहा है काम

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शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नैनीताल जिले के लेटीबुंगा मैदान में पहुंचे, जहां उन्होंने ₹112 करोड़ 34 लाख की 17 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम में पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और महिला उत्पादों की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन आयोग की नई रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड में रिवर्स पलायन में 44% की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य में बेरोजगारी दर में भी 4.4% की कमी आई है, जो सरकारी पहलों के सकारात्मक परिणाम को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल समेत सभी क्षेत्रों में तेज़ी से इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कैंची धाम, नैनादेवी मंदिर और मुक्तेश्वर धाम जैसे पौराणिक मंदिरों का पुनर्विकास कार्य मिशन मोड में चल रहा है।

सीएम ने कही 5 बड़ी बातें…

  • भीमताल क्षेत्र में नई परियोजनाओं की झड़ी: सीएम धामी ने घोषणा की कि भीमताल क्षेत्र के भीड़ापानी, नाई, डालकन्या, देवनगर, सिलौटी और सुन्दरखाल में मिनी स्टेडियम बनेंगे। उन्होंने ओखलकांडा के करायल बैण्ड–टकुरा वन चौकी रोड के डामरीकरण, भीमताल बाईपास नहर कवरिंग के शेष कार्य पूर्ण कराने, नई पार्किंग व नया रोडवेज बस स्टेशन बनाने और भीमताल नगर में अग्निशमन केंद्र खोलने की भी घोषणा की।
  • नैनीताल जिले का समग्र विकास हमारी प्राथमिकता: सीएम ने कहा कि सरकार भीमताल विधानसभा सहित पूरे नैनीताल जिले के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय विधायक की मांग पर सरकार ने मुख्य मार्ग–10 की खराब हालत का संज्ञान लेते हुए लगभग ₹9.5 करोड़ सड़क पुनर्निर्माण के लिए तुरंत स्वीकृत किए हैं।
  • मिशन मोड में चल रहा है धार्मिक स्थलों का पुनर्विकास: सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड हर क्षेत्र में नए आयाम गढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल व्यवस्था के साथ–साथ कैंची धाम, नैनादेवी मंदिर और मुक्तेश्वर धाम जैसे पौराणिक धार्मिक स्थलों का पुनर्विकास मिशन मोड में किया जा रहा है।
  • हमारी योजनाओं से स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा: धामी ने कहा कि पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए ‘एक जनपद–दो उत्पाद’, ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’, ‘स्टेट मिलेट मिशन’, ‘होमस्टे’ और ‘वेड इन उत्तराखंड’ जैसी योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन्हीं योजनाओं के कारण पलायन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार रिवर्स पलायन 44% बढ़ा है और बेरोजगारी कम हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि SDG इंडेक्स में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर है।
  • नकल माफियाओं पर सबसे सख्त कानून, 26 हजार युवाओं को नौकरी: सीएम धामी ने कहा कि राज्य में नकल माफियाओं के खिलाफ देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके परिणामस्वरूप पिछले कुछ वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है और 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विजिलेंस ने 200 से अधिक अधिकारियों–कर्मचारियों पर कार्रवाई की है।

शर्मनाक : यहां हॉस्टल में छात्रा से किया दुष्कर्म

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नैनीताल के एक शैक्षणिक संस्थान की छात्रा ने काशीपुर के युवक साहिल वर्मा पर दुष्कर्म के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जानिए क्या है पूरा मामला।

नैनीताल। नैनीताल के एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान में पढ़ने वाली हल्द्वानी निवासी छात्रा ने काशीपुर के एक युवक पर सनसनीखेज दुष्कर्म के आरोप लगाए हैं। युवती की शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया है। यह घटना सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली दोस्ती के खतरों को एक बार फिर उजागर करती है।

पीड़ित छात्रा ने पुलिस को दी गई अपनी तहरीर में बताया कि वह शहर के एक हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही है। करीब एक वर्ष पहले सोशल मीडिया अकाउंट चलाते समय उसका परिचय काशीपुर के सुभाषनगर कॉलोनी निवासी साहिल वर्मा से हुआ था, जो उसके साथ ही पढ़ता था। दोस्ती होने के बाद आरोपी साहिल ने छात्रा को बहला-फुसलाकर अपने जाल में फंसाया।

छात्रा का आरोप है कि आरोपी साहिल वर्मा एक बार उसे बहलाकर कालाढूंगी रोड क्षेत्र स्थित जंगल में ले गया। वहां उसने जबरन उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद भी युवक ने कई बार अलग-अलग बहाने बनाकर उससे जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। युवती ने हिम्मत दिखाते हुए कोतवाली में साहिल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। एसपी डॉ. जगदीश चन्द्र ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि छात्रा की तहरीर के आधार पर आरोपी साहिल वर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 के तहत गंभीर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने बुधवार को ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद साहिल वर्मा को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने युवाओं से सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय सावधानी बरतने की अपील की है।

उत्तराखंड में 15 आईपीएस अधिकारियों के तबादले:तृप्ति भट्ट को अपर सचिव गृह की जिम्मेदारी, फायर पुलिस अधीक्षक का भी प्रभार

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उत्तराखंड पुलिस विभाग में आईपीएस अधिकारियों के बंपर तबादले हुए हैं शासन ने 15 आईपीएस अधिकारियों की तबादला सूची जारी की है।

आईपीएस अधिकारी तृप्ति भट्ट को अपर सचिव गृह एवं कारागार विभाग के पद पर नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें फायर पुलिस अधीक्षक की भी जिम्मेदारी दी गई है। उनके साथ-साथ 14 अन्य आईपीएस अधिकारियों के कार्यभार में भी फिर बदलाव किया गया है।

2013 बैंच की आईपीएस को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी 2013 बैंच की आईपीएस तृप्ति भट्ट को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई हैं। उन्हें पुलिस अधीक्षक फायर सर्विस के साथ-साथ अपर सचिव गृह भी बनाया गया है। वर्तमान में वे देहरादून में एसपी इंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी के पद पर कार्यरत थीं। तृप्ति भट्ट ने अल्मोड़ा से शुरुआती शिक्षा प्राप्त की और पंतनगर विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया।

विम्मी सचदेवा रमन को पुलिस महानिरीक्षक मुख्यालय से हटाया आईपीएस विम्मी सचदेवा रमन के कार्यभार में फिर बदलाव करते हुए उनके पास से पुलिस महानिरीक्षक मुख्यालय का पद हटाया गया है। उनके पास अब पुलिस महानिरीक्षक प्रॉविजनिंग एंड मॉडर्नाइजेशन का पदभार रहेगा। आईपीएस नीरू गर्ग के पास से पुलिस महानिरीक्षक पीएसी/एटीसी हटाकर उन्हें पुलिस महानिरीक्षक फायर सर्विस की जिम्मेदारी दी गई है।

मुख्तार मोहसिन को पुलिस महानिरीक्षक जीआरपी की जिम्मेदारी
आईपीएस कृष्ण कुमार वीके को अब केवल पुलिस महानिदेशक पुलिस दूरसंचार की जिम्मेदारी दी गई है। उनके पास से पुलिस महानिरीक्षक सीआईडी की जिम्मेदारी वापस ले ली है। आईपीएस मुख्तार मोहसिन के पास से पुलिस महानिरीक्षक फायर सर्विस की जिम्मेदारी हटाकर उन्हें पुलिस महानिरीक्षक जीआरपी की नई जिम्मेदारी दी गई है।

करन सिंह नगन्याल को पुलिस महानिरीक्षक कारागार की अतिरिक्त जिम्मेदारी
आईपीएस करन सिंह नगन्याल को पुलिस महानिरीक्षक अभिसूचना/सुरक्षा के साथ-साथ पुलिस महानिरीक्षक कारागार की भी जिम्मेदारी दी गई है। आईपीएस अरुण मोहन जोशी के पास से पुलिस महानिरीक्षक एसडीआरएफ की जिम्मेदारी हटाकर पुलिस महानिरीक्षक सीआईडी की नई जिम्मेदारी दी है।

नीलेश आनंद भरणे को महानिरीक्षक पीएसी की जिम्मेदारी
आईपीएस नीलेश आनंद भरणे को अब पुलिस महानिरीक्षक पीएसी की नई जिम्मेदारी भी दे दी गई है। आईपीएस सुनील कुमार मीणा के पास अब पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था/सीसीटीएनएस/एससीआरबी की ही जिम्मेदारी रहेगी। उनके पास से पुलिस महानिरीक्षक जीआरपी हटाया गया है।

योगेंद्र सिंह रावत के पास पुलिस महानिदेशक मुख्यालय की जिम्मेदारी
आईपीएस योगेंद्र सिंह रावत को पुलिस महानिरीक्षक कार्मिक के साथ-साथ पुलिस महानिदेशक मुख्यालय की भी जिम्मेदारी दी गई है। आईपीएस निवेदिता कुकरेती से पुलिस उपमहानिरीक्षक फायर सर्विस हटाकर पुलिस उप महानिदेशक एसडीआरएफ बनाया गया है।

रामचंद्र राजगुरु को पुलिस अधीक्षक पुलिस मुख्यालय की जिम्मेदारी
आईपीएस यशवंत सिंह को सेनानायक 31वीं वाहिनी पीएसी रुद्रपुर के साथ-साथ सी नायक आईआरबी प्रथम रामनगर की भी जिम्मेदारी दे दी गई है। आईपीएस रामचंद्र राजगुरु से सेनानायक आईआरबी प्रथम रामनगर हटाकर उन्हें पुलिस अधीक्षक पुलिस मुख्यालय की नई जिम्मेदारी मिली है।

सरिता डोभाल को पुलिस अधीक्षक एटीएस की जिम्मेदारी
आईपीएस सरिता डोभाल को पुलिस अधीक्षक अभिसूचना मुख्यालय के साथ-साथ पुलिस अधीक्षक एटीएस की भी जिम्मेदारी दे दी गई है। आईपीएस हरीश वर्मा से पुलिस अधीक्षक (क्षेत्रीय) हल्द्वानी हटाकर उन्हें सेनानायक 40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार भेजा गया है।

मोदी सरकार का बड़ा फैसला: देश में पहली बार डिजिटल जनगणना होगी, 11,718 करोड़ का बजट मंजूर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार, 12 दिसंबर 2025 को केंद्रीय कैबिनेट की अहम बैठक हुई, जिसमें देश के लिए तीन बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि 2027 की जनगणना पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी, कोयला क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार किए गए हैं और किसानों के हित में भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है।

भारत में पहली बार डिजिटल जनगणना

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार ने सेंसस 2027 के लिए 11,718 करोड़ रुपये का बजट मंजूर कर दिया है। यह जनगणना देश के इतिहास में पहली बार डिजिटल माध्यम से की जाएगी।

कैसे होगी डिजिटल जनगणना?

जनगणना दो चरणों में होगी –

पहला चरण – 1 अप्रैल 2026 से सितंबर 2026 तक – हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस

दूसरा चरण – फरवरी 2027 जनसंख्या गणना

डेटा कलेक्शन मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से किया जाएगा।

ऐप हिंदी, अंग्रेजी और सभी प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध रहेगा।

डिजिटल डिजाइन तैयार करते समय डेटा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

जाति बताना वैकल्पिक

सरकार ने साफ किया कि जनगणना के दौरान जाति की जानकारी देना अनिवार्य नहीं होगा। नागरिक चाहें तो यह जानकारी ना भी दें।
सिर्फ एग्रीगेटेड (समेकित) डेटा जारी किया जाएगा, जबकि माइक्रो डेटा सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। इससे नागरिकों की गोपनीयता सुरक्षित रहेगी।

कोयला क्षेत्र में बड़ा सुधार – ‘कोल सेतु’ को मंजूरी

कैबिनेट ने कोयले की नीलामी के लिए नई व्यवस्था ‘कोल सेतु’ को मंजूरी दे दी है।

केंद्रीय मंत्री के अनुसार:

यह कदम भारत को कोयला उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाएगा।

विदेशी कोयले पर निर्भरता कम होने से देश हर साल करीब 60,000 करोड़ रुपये की बचत करेगा।

2024–25 में देश ने 1 बिलियन टन घरेलू कोयला उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया है।

पावर प्लांट्स में रिकॉर्ड स्तर का कोल स्टॉक उपलब्ध है, जिससे बिजली आपूर्ति और भी स्थिर होगी।

किसानों को बड़ा फायदा – खोपरा (Coconut Copra) का MSP बढ़ा

सरकार ने किसानों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए वर्ष 2026 के लिए खोपरा के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी की है।

नया MSP –

पिसाई खोपरा ₹12,027 प्रति क्विंटल
गोल खोपरा ₹12,500 प्रति क्विंटल

इसके लिए NAFED और NCCF को नोडल एजेंसियां नियुक्त किया गया है, जो किसानों से खरीद सुनिश्चित करेंगी।

केंद्रीय कैबिनेट के इन फैसलों से एक ओर जहां देश डिजिटल भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहा है, वहीं ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और किसानों की आय सुरक्षा को भी मजबूत आधार मिला है। आने वाले वर्षों में इन नीतियों का सीधा प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों के जीवन पर दिखाई देगा।

100 साल बाद गुरु बना रहे समसप्तक राजयोग, सिंह समेत 5 राशियों को नए साल तक मिलेंगे जबरदस्त फायदे: आचार्य दैवज्ञ।

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वैदिक ज्योतिष के अनुसार 20 दिसंबर से 12 जनवरी के बीच 100 साल बाद समसप्तक राजयोग बन रहा है, यह राजयोग बेहद खास माना जाता है. समसप्तक योग के प्रभाव से सिंह समेत 5 राशियों को विशेष लाभ प्राप्त होगा।

उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल “दैवज्ञ” बताते हैं , कि भौतिक सुख सुविधा के स्वामी शुक्र ग्रह 20 दिसंबर को धनु राशि में गोचर करने वाले हैं, जिससे गुरु और शुक्र ग्रह एक दूसरे से सातवें भाव में मौजूद रहेंगे. दरअसल गुरु इस समय अतिचारी अवस्था में मिथुन राशि में विराजमान हैं, जिससे गुरु व शुक्र ग्रह के सातवें भाव में होने से समसप्तक राजयोग का निर्माण हो रहा है और यह राजयोग 100 साल बाद बन रहा है, समसप्तक राजयोग 20 दिसंबर से 12 जनवरी के बीच रहेगा, जिसका लाभ सिंह समेत 5 राशि वालों को मिलने वाला है, इन राशियों को समसप्तक राजयोग के प्रभाव से बिजनेस, करियर, स्वास्थ्य, शिक्षा, सेहत समेत जीवन के सभी क्षेत्र में फायदा मिलेगा. साथ ही कई तरह की परेशानियों से मुक्ति भी मिलेगी और नया साल इनके लिए किसी सपने से कम नहीं होगा।

समसप्तक राजयोग का मेष राशि पर प्रभाव

राजगुरु कहे जाने वाले आचार्य दैवज्ञ बताते हैं कि समसप्तक राजयोग का लाभ मंगल ग्रह की राशि मेष राशि वालों को मिलने वाला है. इस राशि के जातकों के लिए भाग्य का दरवाजा खुलेगा और नए नए विचार आपकी जीवन को सकारात्मकता की ओर लेकर जाएंगे. राजयोग के प्रभाव से आत्मविश्वास और उत्साह बढ़ेगा, जिससे लाभ नए साल 2026 में भी देखने को मिलेगा. इस दौरान अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए साहसिक कदम उठा सकते हैं और मकान व फ्लैट खरीदने की इच्छा भी पूरी होगी. मेष राशि वालों के परिवार में चल रही सभी टेंशन से मुक्ति मिलेगी और प्रतीयोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए सकारात्मक अवसर आएंगे।

समसप्तक राजयोग का सिंह राशि पर प्रभाव

समसप्तक राजयोग के प्रभाव से सूर्य देव की राशि सिंह वालों को जीवन के हर क्षेत्र में फायदा मिलेगा और नए साल 2026 भी आपके लिए शानदार रहने वाला है. इनके अंदर समझदारी बढ़ेगी और जरूरी निर्णय ले पाने की स्थिति में होंगे. जिन लोगों के बच्चे हैं, उनके लिए यह समय बच्चों से जुड़ी गतिविधियों में अधिक सक्रिय या प्रतिस्पर्धी होने का संकेत दे रहा है, जिससे आप उनकी गतिविधियों में ज्यादा शामिल हो सकते हैं और खूबसूरत पलों का आनंद ले सकते हैं. राजयोग के प्रभाव से बिजनेस में अच्छी तरक्की होगी और भाग्य का साथ मिलने से धन प्राप्ति के नए नए मार्ग मिलेंगे, जिससे साल 2026 में आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. जीवनसाथी के साथ नए साल में किसी संपत्ति की खरीदारी भी कर सकते हैं.

समसप्तक राजयोग का तुला राशि पर प्रभाव

समसप्तक राजयोग के प्रभाव से शुक्र ग्रह की राशि तुला वाले सुख-सुविधाओं का आनंद ले पाएंगे और सेहत अच्छी रहेगी. हर कार्य में पूरी तरह से सक्रिय रहेंगे और नए साल 2026 में कई सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेने का मौका मिलेगा. खुद का बिजनेस करने वालों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की भी करेंगे. वैवाहिक जीवन की बात करें तो जीवनसाथी के साथ आपके संबंध अच्छे रहेंगे और साथ मिलकर कई धार्मिक कार्य साथ करेंगे. पर्सनल व प्रोफेशनल लाइफ में जो भी टेंशन चल रही हैं, वे एक एक करके दूर हो जाएंगी और खुशियों में अच्छी वृद्धि होगी. जीवन के हर क्षेत्र में टेंशन फ्री लाइफ व्यतीत करेंगे और धन प्राप्ति के कई मार्ग मिलेंगे.

समसप्तक राजयोग का वृश्चिक राशि पर प्रभाव

समसप्तक राजयोग के प्रभाव से मंगल ग्रह की राशि वृश्चिक वालों के साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी और जीवन को बेहतर दिशा की तरफ ले जाने वाले आप कई निर्णय भी लेंगे, जिसका लाभ आपको नए साल 2026 में भी मिलेगा. अगर आपका धन कहीं अटका हुआ है तो इस अवधि में वापस मिल सकता है और निवेश के कई मौके भी मिलेंगे. आप काम के सिलसिले में ज्यादा यात्रा कर सकते हैं या ऐसे नए कामों में हाथ आजमा सकते हैं, जिनमें रणनीतिक सोच और त्वरित फैसलों की जरूरत हो. भाई-बहनों, पड़ोसियों या सहकर्मियों के साथ रिश्ते ज्यादा सक्रिय हो सकते हैं और परिजनों के साथ धार्मिक यात्रा पर जाने का मौका मिलेगा. इस योग के प्रभाव से आपकी कई प्रभावशाली लोगों से मुलाकात होगी, जिसका लाभ आपको नए साल में भी मिलेगा.

समसप्तक राजयोग का मीन राशि पर प्रभाव

समसप्तक राजयोग के प्रभाव से गुरु ग्रह की राशि मीन वालों को भाग्य का हर कदम पर साथ मिलेगा और नए साल में कई धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिलेगा. अगर कोर्ट कचहरी के मामलों में फंसे हुए हैं तो आपको इस अवधि में मुक्ति मिलेगी और आप राहत की सांस ले पाएंगे. इस राशि के जो जातक काफी समय से नई नौकरी की तलाश कर रहे हैं, उनकी इच्छा पूरी हो सकती है. आपकी बातचीत तेज, प्रभावशाली और क्रियाशील रहेगी, जो लेखकों, मार्केटिंग से जुड़े लोगों, शिक्षकों और बिजनेसमैन के लिए फायदेमंद रहेगी. आप अपनी आमदनी बढ़ाने, नए कमाई के मौके तलाशने या भौतिक प्रगति के लिए ठोस कदम उठाने के लिए प्रेरित महसूस कर सकते हैं।

विदित है कि आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल दैवज्ञ की भविष्यवाणीयां एकदम सटीक साबित होती है, और उनसे अपना भविष्य जानने के लिए तथा मंत्रों की ध्वनि को परिवर्तित कर यंत्र बनाकर बड़ी से बड़ी परेशानी को दूर करने के लिए बड़े-बड़े दिग्गज महीनों तक इंतजार करते हैं।

देहरादून में होगा जनसंपर्क का “महाकुंभ” — 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस 13–15 दिसंबर तक

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देहरादून 13 से 15 दिसंबर तक देशभर के जनसंपर्क एवं कम्युनिकेशन प्रोफेशनल्स के भव्य संगम का केंद्र बनने जा रहा है, जब पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) की 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस यहां आयोजित की जाएगी। PRSI के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजीत पाठक के अनुसार यह जनसंपर्क क्षेत्र की देश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित वार्षिक कॉन्फ्रेंस है, जिसमें सरकारी विभागों, कॉर्पोरेट, पीएसयू, अकादमिक संस्थानों और मीडिया जगत से बड़ी संख्या में प्रतिनिधि जुटेंगे।

सम्मेलन का मुख्य थीम
“विकसित भारत @2047: विकास भी, विरासत भी — Empowering Growth, Preserving Roots”
इस थीम के अंतर्गत यह विचार किया जाएगा कि आने वाले वर्षों में पब्लिक रिलेशंस राष्ट्रनिर्माण, तकनीक, संवाद और जनभागीदारी के क्षेत्र में कैसी अग्रणी और निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

13 दिसंबर — उद्घाटन सत्र (दोपहर 3:30 बजे)

कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दोपहर 3.30 बजे किया जाएगा।
उद्घाटन सत्र में कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी विशिष्ट अतिथि तथा सांसद श्री नरेश बंसल सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

इसके बाद सम्मेलन के तकनीकी सत्रों की शुरुआत होगी, जिनमें थीम आधारित चर्चाएँ, नवाचार और उत्तराखंड की विकास यात्रा पर केंद्रित सत्र शामिल होंगे।

14 दिसंबर — तकनीकी एवं विषयगत सत्र

सत्र–I : 25 वर्ष का उत्तराखंड और आगे की दिशा (1200–1330 बजे)

वक्ता राज्य की 25 वर्षों की विकास यात्रा और भविष्य की प्राथमिकताओं पर विचार रखेंगे।
पैनल में वरिष्ठ IAS अधिकारी —
श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, श्री बंशीधर तिवारी तथा प्रो. दुर्गेश पंत — शामिल होंगे।

सत्र–II : विकसित भारत @2047 में मीडिया और जनसंपर्क की भूमिका (1430–1530 बजे)

* श्री अनुपम त्रिवेदी (News 18)
* डॉ. नितिन उपाध्याय (DIPR)
* डॉ. हिमांशु शेखर (NDTV)
* प्रो. सुरभि दहिया (IIMC)

सत्र–III : वे फ़ॉरवर्ड — GST, टेक्नोलॉजी और पब्लिशिंग इंडस्ट्री (1530–1630 बजे)

* श्रीमती बी. सुमिदा देवी (IRS) — GST का व्यापक आर्थिक प्रभाव
* मेजर अतुल देव — तकनीक और जनसंपर्क
* श्री सी. रविंदर रेड्डी — पब्लिशिंग इंडस्ट्री का भविष्य

सत्र–IV : इंडो–रशियन पब्लिक रिलेशंस एंड मीडिया फोरम (1700–1800 बजे)

रूसी प्रतिनिधि —
श्री माइकल मस्लोव, सुश्री दाव्यदेंको यूलिया, सुश्री अन्ना तलानीना
भारत–रूस व्यापार, डिजिटल संचार और उपभोक्ता व्यवहार पर विचार प्रस्तुत करेंगे।
सत्र की अध्यक्षता प्रो. चारुलता सिंह करेंगी।

15 दिसंबर — समापन दिवस

सत्र–V : साइबर क्राइम, मिसइन्फॉर्मेशन और AI (1000–1130 बजे)

* ASP अंकुश मिश्रा (STF) — साइबर अपराध और गलत सूचना की चुनौतियाँ
* डॉ. ताहा सिद्दीकी एवं श्री विनय जायसवाल (SAIL) — AI आधारित ADIRA कार्यशाला

सत्र–VI : मानव संसाधन, रणनीतिक मार्केटिंग और भारतीय मूल्य (1130–1330 बजे)

* डॉ. हेमंत शरद पांडे
* श्री अनुपम तिवारी (HPCL)
* मेजर अतुल देव
* डॉ. ऋतु दुबे तिवारी

समापन समारोह (1430 बजे)

मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल सम्मेलन के समापन का शुभारंभ करेंगे।
उत्तराखंड की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और पारंपरिक व्यंजनों की मेजबानी इस सम्मेलन को विशेष बनाएगी।

इस वर्ष रूस से आए प्रतिनिधियों की उपस्थिति सम्मेलन को एक अंतरराष्ट्रीय आयाम प्रदान कर रही है।

यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन जनसंपर्क जगत को नए विचारों, नीतिगत चर्चाओं, नवाचारों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का व्यापक मंच उपलब्ध कराएगा। देहरादून इस आयोजन के माध्यम से राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय जनसंपर्क मानचित्र पर अपनी विशेष पहचान दर्ज कराने जा रहा है।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुयी रोप-विकास समिति की बैठक आयोजित

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प्रदेश में सभी रोप-वे प्रस्तावों को इस समिति से स्वीकृति लेना अनिवार्यः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में प्रदेश में रोप-वे विकास के लिए गठित संचालन समिति की आयोजित हुयी। बैठक के दौरान प्रदेश में रोप-वे निर्माण को लेकर महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

मुख्य सचिव ने कहा कि रोप-वे विकास समिति की प्रथम बोर्ड बैठक इस माह के अंत तक अनिवार्य रूप से आयोजित कर ली जाए। उन्होंने कहा कि इस समिति के लिए सचिव पर्यटन, सदस्य सचिव होंगे। उन्होंने एनएचएलएमएल को एसपीवी का सीईओ एक सप्ताह के भीतर नियुक्त किए जाने के निर्देश दिए, ताकि दिसम्बर माह के अंत तक प्रथम बोर्ड बैठक आयोजित की जा सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में बनने वाले सभी रोप-वे प्रस्तावों को इस समिति से स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा, ताकि अलग-अलग एजेन्सियों द्वारा तैयार किए जा रहे प्रोजेक्ट्स में डुप्लीकेसी न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि रोप-वे के सभी बड़े प्रोजेक्ट्स बनने से अगले 5-10 सालों में स्थानीय स्तर पर जिन नए पर्यटक स्थलों का विकास, मार्गों का विस्तारीकरण किए जाने की आवश्यकता है, उनके लिए अभी से रोडमैप तैयार कर लिया जाए। उन्होंने उत्तराखण्ड रोप-वे विकास लिमिटेड के रोड मैप पर भी चर्चा की।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेशभर से 50 रोप-वे प्रस्तावित किए गए हैं। जिनमें से कुल 6 प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर चयनित किया गया है। इसमें सोनप्रयाग से केदारनाथ और गोविन्दघाट से हेमकुण्ट साहिब प्रोजेक्ट्स का कार्य आबंटन कर दिया गया है। काठगोदाम से हनुमानगढ़ी मंदिर (नैनीताल) अनुमोदन के चरण में है। बताया गया कि कनकचौरी से कार्तिक स्वामी तक रोप-वे की डीपीआर तैयार की जा रही है। रैथल बारसू से बरनाला (उत्तरकाशी) और जोशीमठ-औली-गौरसों रोप-वे की डीपीआर के लिए निविदा प्रक्रिया गतिमान है।

मुख्य सचिव ने कहा कि शुरूआत में इन 6 प्रोजेक्ट्स पर ही फोकस किया जाए। उन्होंने सोनप्रयाग से केदारनाथ एवं गोविन्दघाट से हेमकुण्ट साहिब रोप-वे प्रोजेक्ट्स की प्रत्येक स्टेज की टाईमलाईन और पर्ट चार्ट तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वन एवं वन्यजीव स्वीकृतियों की प्रक्रिया में तेजी जाए लाने की बात भी कही। कहा कि रोप-वे निर्माण के लिए हैवी मशीनरी निर्माण स्थल तक पहुंचाना चुनौतिपूर्ण होगा। इसके लिए सड़कों का टर्निंग रेडियस बढ़ाए जाने एवं पुलों का मजबूतीकरण के लिए आवश्यक कदम अभी से उठा लिए जाएं। मुख्य सचिव ने काठगोदाम से हनुमानगढ़ी मंदिर प्रोजेक्ट में कैंचीधाम को भी शामिल किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कैंचीधाम के लिए लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए वहां रोप-वे प्रोजेक्ट की सम्भावनाओं को तलाशा जाए।

इस अवसर पर सचिव श्री दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्री धीराज सिंह गर्ब्याल एवं अपर सचिव श्री अभिषेक रूहेला एवं एनएचएलएमएल से प्रशांत जैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

ऋषिकेश ऐम्स में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, मुकदमा दर्ज

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ऋषिकेशमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पुलिस ने एम्स ऋषिकेश के कर्मचारी सिद्धांत शर्मा के खिलाफ एक व्यक्ति से नौकरी दिलाने के नाम पर साढ़े पाँच लाख रुपये से अधिक की ठगी करने के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। अधिकारियों के अनुसार आरोपी पर पहले भी ऐसे गंभीर आरोप लग चुके हैं, जिसके चलते पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है।

शिकायतकर्ता सागर चौधरी, निवासी ऋषिकेश, ने बताया कि वे ‘इंट्राम्यूरल रिसर्च प्रोजेक्ट’ से संबंधित जानकारी लेने एम्स पहुंचे थे, जहाँ उनकी मुलाकात कनिष्ठ प्रशासनिक सहायक के पद पर तैनात सिद्धांत शर्मा से हुई। आरोप है कि बातचीत के दौरान आरोपी ने उन्हें एम्स में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और बदले में ₹5.59 लाख की राशि ले ली।

बाद में आरोपी ने ₹2 लाख वापस कर दिए, लेकिन नौकरी नहीं मिली। लंबा समय बीतने और किसी तरह की कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने एम्स अधिकारियों और पुलिस को कई बार शिकायत दी, मगर कोई परिणाम सामने नहीं आया। इसके बाद उन्होंने सीएम धामी से न्याय की अपील की।

मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर जांच शुरू की।

एम्स के जनसंपर्क अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि सिद्धांत शर्मा पर पहले भी इसी प्रकार की शिकायतें आ चुकी हैं, जिनकी जांच पूरी कर रिपोर्ट सक्षम प्राधिकारी को भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई लगभग अंतिम चरण में है और उसकी सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं।

पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।