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शिक्षा एवं खेल क्षेत्र में जिला प्रशासन का ओएनजीसी एवं एनजीओ के सहयोग से सकारात्मक, दूरगामी कदम

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देहरादून दिनांक 29 दिसम्बर 2025, (सूवि), जिले में शिक्षा एवं खेल संरचनाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण पहल के तहत ओएनजीसी तेल भवन एवं मुमकिन है डेवलपमेंट फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, देहरादून को विद्यार्थियों के अध्ययन हेतु 330 टेबल एवं चेयर उपलब्ध कराए गए।

इस अवसर पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री के संकल्प के अनुरूप जनपद में “प्रोजेक्ट उत्कर्ष” संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में फर्नीचर, आउटडोर स्पोर्ट्स, पेयजल, विद्युत, पुस्तकालय सहित मूलभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इसके लिए जिला खनिज न्यास एवं जिला योजना से धनराशि उपलब्ध कराई गई है, जो आवश्यकताओं की तुलना में पर्याप्त न होने के कारण कॉरपोरेट हाउस ओएनजीसी एवं हुडको से सीएसआर फंड के माध्यम से सहयोग का अनुरोध किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि ओएनजीसी एवं हुडको द्वारा इस दिशा में सराहनीय सहयोग प्रदान किया गया है तथा अब-तक 5 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता सीएसआर फंड से प्राप्त हो चुकी है। इस सहयोग से जहां जिले के सैकड़ों सरकारी विद्यालयों में प्रोजेक्ट ‘‘उत्कर्ष’’ के अन्तर्गत फर्नीचर, आउटडोर खेल अवस्थापना सुविधा, शुद्ध पेयजल, लाईब्रेेरी, लाईट,एलईडी स्क्रीन आदि मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराया गया है, वहीं अब किसी भी बच्चे को भूमि पर बैठकर पढ़ने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा।

जिलाधिकारी ने  प्रदेश के पहले राजकीय आधुनिक नशामुक्ति केंद्र को ओएनजीसी के सहयोग से एम्स चिकित्सालय से आने-जाने हेतु उपलब्ध कराई गई एम्बुलेंस को हरी झण्डी दिखाई गई है। उन्होंने ओएनजीसी के इस सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राजकीय नशामुक्ति केन्द्र द्वारा नशे के आदि 03 युवकों जिन्हे अब नशे के प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है उन्हेांने अपने विचार रखे। राजकीय नशामुक्ति केन्द्र रायवाला की प्रभारी डॉ0 वैशाली ने जिला प्रशासन तथा सरकार का इस सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि 10 नवम्बर 2025 को शुरू किए गए इस राजकीय नशामुक्ति केन्द्र द्वारा अपनी 100 प्रतिशत् क्षमता के कार्य किया जा रहा है 3 युवकों को नशामुक्त किया गया है जिनकी अब मॉनिटिरिंग की जा रही है।

इस अवसर पर ओएनजीसी के महाप्रबंधक नीरज शर्मा ने कहा कि ओएनजीसी द्वारा सम्पूर्ण भारतवर्ष में सीएसआर फंड के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आपदा सहायता के क्षेत्रों में निरंतर सहयोग प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विगत 9 महीनों में ही देहरादून जनपद में 25 से 26 करोड़ रुपये की सहायता ओएनजीसी देहरादून द्वारा सीएसआर फंड से प्रदान की गई है, वहीं ओएनजीसी दिल्ली द्वारा भी 10 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई है।

उल्लेखनीय है कि महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में पूर्व में उपलब्ध फर्नीचर अत्यंत पुराने एवं क्षतिग्रस्त अवस्था में थे, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इस आवश्यकता को देखते हुए जिला प्रशासन के समन्वय से ओएनजीसी के माध्यम से नवीन फर्नीचर उपलब्ध कराए गए, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर, सुरक्षित एवं अनुकूल अध्ययन वातावरण प्राप्त हो सकेगा। जिला प्रशासन नें ओएनजीसी  एवं एनजीओ के सहयोग से जनपद के अन्य सरकारी विद्यालयों में भी विद्यार्थियों के लिए फर्नीचर उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ-साथ कई विद्यालयों में स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल हेतु वाटर फिल्टर, लैपटॉप, अध्यापकों के लिए टेबल-चेयर सहित अन्य आवश्यक शैक्षणिक संसाधन भी प्रदान किए गए हैं।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, ओएनजीसी के जीएम नीरज शर्मा, अरुण सिंह, चंदन सुशील, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्य राजेश ममगाईं, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह,  मुमकिन है डेवलपमेंट फाउंडेशन की निदेशिका प्रगति सडाना, वेस्ट वॉरियर्स संस्था की ओर से मयंक शर्मा, नवीन कुमार सडाना, सहित अन्य गणमान्य अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

देहरादून पुलिस लाइन के मुख्य आरक्षी दिनेश नेगी का निधन, ट्यूमर से जूझते हुए हारे जिंदगी की जंग

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आज दिनांक – 29/12/2025 को पुलिस लाइन देहरादून में नियुक्त मुख्य आरक्षी दिनेश सिंह नेगी का आकस्मिक निधन हो गया। दिनेश नेगी जी ब्रेन ट्यूमर से ग्रसित थे, जिनका उपचार महंत इंद्रेश अस्पताल में चल रहा था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून द्वारा दिवंगत दिनेश सिंह नेगी जी के आकस्मिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दुख की इस घडी में शोक संतृप्त परिवार को धैर्य व शक्ति प्रदान करने के लिये ईश्वर से कामना की।
दिवंगत दिनेश सिंह नेगी मूल रूप से जनपद पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले थे, उनके परिवार में उनकी पत्नी तथा 03 बच्चे (02 पुत्री व 01 पुत्र) हैं, जो वर्तमान में अपने परिवार के साथ देहरादून में रह रहे थे तथा दिनेश सिंह नेगी दिनांक 22.12.2025 से उपचार हेतु महंत इंद्रेश अस्पताल में भर्ती थे, जिनकी उपचार के दौरान आज आकस्मिक मृत्यु हो गई है।
दिव्यंगत दिनेश सिंह नेगी जी वर्ष 2001 में आरक्षी के पद पर पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे, उन्होंने वर्ष 2022 में मुख्य आरक्षी के पद पर पदोन्नती प्राप्त की थी।

उत्तराखंड में चाइनीज बताकर त्रिपुरा के छात्र की हत्या मामला:मौत के चाैथे दिन CM धामी ने छात्र के पिता से बात की; कहा- यहां ऐसा माहौल कभी नहीं रहा

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देहरादून में पढ़ाई कर रहे त्रिपुरा के छात्र ऐंजल चकमा की हत्या के मामले में अब उत्तराखंड सरकार पूरी तरह एक्टिव मोड में आ गई है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को ऐंजल चकमा के पिता तरुण प्रसाद चकमा से फोन पर बात कर घटना पर गहरा दुख जताया और न्याय का भरोसा दिलाया।
सीएम धामी ने बताया कि इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक अन्य आरोपी के नेपाल भागने की आशंका है। फरार आरोपी पर इनाम घोषित किया गया है और उसे जल्द गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
सीएम धामी ने कहा कि इस संवेदनशील मामले की जानकारी त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि यह घटना व्यक्तिगत रूप से उन्हें भी आहत करती है और वे पीड़ित परिवार के दर्द को समझते हैं।
सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में इस तरह का माहौल कभी नहीं रहा है। यहां देश-विदेश से छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं। इस तरह की घटना पूरे राज्य के लिए दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। उत्तराखंड सरकार की ओर से भी हर संभव मदद दी जाएगी।

हल्द्वानी में तहसील पर DM रयाल की बड़ी कार्रवाई, बिचौलियों का खेल उजागर, कोर्ट का काम निजी लोगों के हवाले

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हल्द्वानी।: जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने गुरुवार को हल्द्वानी तहसील में औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर किया। निरीक्षण के दौरान तहसील न्यायालय से संबंधित फाइलों का कार्य दो निजी युवकों द्वारा किया जाता हुआ पाया गया, जो कि अत्यंत गोपनीय कार्यालय की श्रेणी में आता है।

इस गंभीर लापरवाही पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए मौके पर रजिस्ट्रार कानूनगो को तलब किया और जमकर फटकार लगाई। डीएम ने तहसीलदार से सवाल करते हुए कहा कि यदि ऐसी ही व्यवस्था चलती रही तो सिस्टम में सुधार कैसे संभव है।

जिलाधिकारी ने मौके पर अपर जिलाधिकारी विवेक राय को भी बुलाया और पूरे मामले की गहन जांच के आदेश देते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि इसी प्रकार की अनियमितताओं के कारण फर्जी प्रमाण पत्रों जैसे गंभीर मामले सामने आ रहे हैं।

गौचर में मेले के दौरान कांग्रेस का प्रदर्शन, पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया

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आज गौचर में आयोजित कृषि मेले में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और सीएम पुष्कर सिंह धामी भी मेले में पहुंचे हैं। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।

गौचर में आयोजित कृषि मेले के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी को न्याय, जंगली जानवरों से सुरक्षा समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

बता दें कि आज गौचर में आयोजित कृषि मेले में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और सीएम पुष्कर सिंह धामी भी मेले में पहुंचे हैं। जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार डिमरी के अनुसार  शिव गंगा वेडिंग प्वाइंट पर एकत्र होकर कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। वहीं, कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
 

गौचर में राज्यस्तरीय कृषि मेला शुरू, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और सीएम पहुंचेंगे

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चमोली के गौचर में किसान दिवस के अवसर पर राज्यस्तरीय कृषि मेला शुरू हो गया। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी, विधायक अनिल नौटियाल कार्यक्रम में मौजूद हैं। वहीं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और सीएम पुष्कर सिंह धामी भी मेले में पहुंचेंगे। मेले में पहाड़ी उत्पादों के स्टॉल भी लगे हैं। साथ ही खेती किसानी के उपकरण भी मौजूद हैं।

राज्यस्तरीय कृषि मेले में पहाड़ी उत्पादों के स्टॉल भी लगे हैं। साथ ही खेती किसानी के उपकरण भी हैं।
यहां मैदान में जहां पहाड़ की सीढ़ीनुमा खेती दिखेगी। वहीं बागवानी के भी दर्शन होंगे। एक हिस्से में पहाड़ का पशुपालन बदरी गाय भी दिखेगी तो वहीं ट्राउट  मछली, कीवी उत्पादन सहित कई मॉडल यहां तैयार नजर आएंगे।
 

भिगोए हुए अखरोट या बादाम: हार्ट हेल्थ के लिए कौन सा बेहतर है? जानें यहां

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बादाम और अखरोट दो सबसे पॉपुलर फूड हैं. दोनों के कई हेल्थ बेनिफिट्स हैं और ये पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. हालांकि, दोनों की अपनी-अपनी खासियतें हैं. इन्हें भिगोने से इनके फायदे दोगुने हो जाते हैं. भिगोने से इनमें मौजूद फाइटिक एसिड कम हो जाता है, जिससे इन्हें पचाना आसान हो जाता है. इन्हें दिल और दिमाग के फंक्शन को बेहतर बनाने के लिए भी अच्छा माना जाता है. अखरोट रेगुलर खाने से दिमाग को फायदा होता है, जबकि बादाम ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं. लेकिन इन दोनों में से ज़्यादा हेल्दी कौन सा है? हेल्दी रहने के लिए आपको क्या खाना चाहिए? इन्हें भिगोने के फायदों के बारे में जानें…

भीगे बादाम के फायदे: बादाम में विटामिन E, मैग्नीशियम, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स भरपूर मात्रा में होते हैं. इन्हें भिगोने से इनका बाहरी छिलका उतर जाता है, जिसमें टैनिन होते हैं जो पोषक तत्वों को शरीर में घुलने से रोक सकते हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, मुट्ठी भर भीगे हुए बादाम खाने से एंटीऑक्सीडेंट मिलते हैं जो त्वचा, नसों और दिल की रक्षा करते हैं. आयुर्वेद में, भीगे हुए बादाम को ब्रेन टॉनिक माना जाता है क्योंकि ये दिमाग की सेहत के लिए अच्छे होते हैं. भीगे हुए बादाम याददाश्त और एकाग्रता के लिए फायदेमंद होते हैं. इनमें मैग्नीशियम भी भरपूर मात्रा में होता है, जो नर्वस सिस्टम को शांत करने में अहम भूमिका निभाता है. यही वजह है कि बादाम खाने से तनाव कम होता है और आराम मिलता है.

भीगे हुए अखरोट खाने के फायदे: अखरोट बहुत ही सेहतमंद होते हैं. ये ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं. अखरोट एक शाकाहारी खाद्य पदार्थ है. अखरोट हृदय स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं और शरीर में सूजन कम करने के लिए सबसे अच्छे माने जाते हैं. काजू की तुलना में, दो भीगे हुए अखरोट एंटीऑक्सीडेंट के दोगुने फायदे देते हैं. अखरोट खाने से बढ़ती उम्र में मेंटल हेल्थ सुरक्षित रहता है. इसमें कोई शक नहीं कि मस्तिष्क के आकार के अखरोट मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाते हैं. अखरोट आमतौर पर कड़वे होते हैं. अगर आप इन्हें रात भर भिगोकर सुबह खाएं, तो इनकी कड़वाहट कम हो जाती है.

दोनों में से कौन सी चीजें जल्दी पचती हैं?
भिगोए हुए बादाम पेट के लिए बहुत अच्छे होते हैं. हालांकि, कुछ लोग बादाम को बिना भिगोए खाते हैं, जिससे पाचन संबंधी कई समस्याएं हो सकती हैं. कुछ लोगों को बिना भिगोए बादाम खाने के बाद पेट फूलने और भारीपन का अनुभव हो सकता है क्योंकि बादाम में फाइबर, फाइटेट्स और टैनिन जैसे तत्व होते हैं जो ज्यादा मात्रा में या ठीक से न पचा पाने पर गैस, सूजन और पेट में भारीपन पैदा कर सकते हैं, खासकर अगर आप पर्याप्त पानी न पिएं. भीगे हुए बादाम खाने से पाचन आसान हो सकता है और समस्या कम हो सकती है, लेकिन ज्यादा खाने से यह परेशानी हो सकती है.

वहीं, अखरोट में भी फाइटिक एसिड और टैनिन पाए जाते हैं. जो प्राकृतिक रूप से मेवों में मौजूद होते हैं. हालांकि, इन्हें रात भर भिगोकर खाने से इन एंटी-न्यूट्रिएंट्स (anti-nutrients) की मात्रा कम हो जाती है, जिससे पाचन बेहतर होता है और शरीर पोषक तत्वों का अधिक कुशलता से अवशोषण कर पाता है. अखरोट लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराते हैं. आम तौर पर, बादाम अखरोट की तुलना में ज्यादा जल्दी पच जाते हैं, क्योंकि भीगे हुए बादाम नरम हो जाते हैं और उनमें फाइटिक एसिड कम हो जाता है, जिससे पाचन आसान हो जाता है.

दिल की सेहत के लिए कौन बेहतर
अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होते हैं, जो दिल की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. इन्हें खाने से खराब कोलेस्ट्रॉल कम होता है और ब्लड वेसल का काम बेहतर होता है. अखरोट दिमाग की सेहत के लिए भी बहुत अच्छे होते हैं. इनमें मौजूद न्यूरोप्रोटेक्टिव कंपाउंड्स की वजह से अखरोट कई फायदे देते हैं. लेकिन बादाम भी कम फायदेमंद नहीं होते हैं. ये ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए बहुत अच्छे होते हैं. इनमें कैल्शियम और मैग्नीशियम होने के कारण ये हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. जहां अखरोट दिमाग और दिल की सुरक्षा के लिए बेहतर हैं, वहीं बादाम त्वचा, पाचन, हड्डियों की सेहत और मानसिक सेहत को बेहतर बनाते हैं. दोनों के अपने-अपने फायदे हैं.

कौन से बेहतर हैं?
भीगे हुए बादाम और भीगे हुए अखरोट दोनों ही सेहत के लिए अच्छे होते हैं. हालांकि, आपको यह देखना होगा कि आप कौन से फायदे चाहते हैं. अखरोट दिल और दिमाग की सेहत के लिए बेहतर हैं, जबकि बादाम ओवरऑल बैलेंस, पाचन, वजन कंट्रोल और रोज़ाना की एनर्जी के लिए अच्छे होते हैं. दोनों को एक साथ खाना सबसे अच्छा होता है. उदाहरण के लिए, अगर आप 4 बादाम खाते हैं, तो 1 भीगा हुआ अखरोट भी खाना अच्छा रहेगा.

विनय त्यागी मर्डर केस: एसआईटी करेगी हत्याकांड की जांच, खुलेगा ₹750 करोड़ का राज

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हरिद्वार: गैंगस्टर विनय त्यागी पर लक्सर में हुए गोलीकांड की निष्पक्ष जांच के लिए एसएसपी हरिद्वार ने एसआईटी (स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम) का गठन किया है. सिटी सर्किल ऑफिसर (हरिद्वार) के नेतृत्व में गठित एसआईटी हर एंगल से जांच करेगी. 24 दिसंबर को विनय त्यागी फायरिंग में घायल हो गया था. जबकि 27 दिसंबर को एम्स ऋषिकेश में विनय की उपचार के दौरान मौत हो गई थी.

हरिद्वार एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने लक्सर फायरिंग घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है. सिटी सर्किल ऑफिसर (हरिद्वार) के नेतृत्व में बनी यह एसआईटी दिनदहाड़े हुई गोलीबारी की घटना की सभी एंगल से गहन जांच करेगी.

जांच की जिम्मेदारी सिटी सर्किल ऑफिसर (हरिद्वार) शिशुपाल सिंह नेगी को सौंपी गई है. उनके नेतृत्व में एसआईटी घटना से संबंधित सभी तथ्यों, सबूतों और परिस्थितियों की बारीकी से जांच करेगी और तय समय के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपेगी. टीम में बहादराबाद थानाध्यक्ष एसआई अंकुश शर्मा, लक्सर कोतवाली एसआई विपिन कुमार, लक्सर कोतवाली हेड कॉन्स्टेबल विनोद कुंडलिया, रुड़की सीआईयू यूनिट कॉन्स्टेबल महिपाल को शामिल किया गया है.

एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी रखी जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की शंका का समाधान हो सके और सच्चाई सामने आए. मृतक विनय त्यागी के परिजन भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. एसएसपी का कहना है कि एसआईटी का गठन जनविश्वास बनाए रखने और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के उद्देश्य से किया गया है. जांच के दौरान यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोष सामने आता है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

नैनीताल हाईवे पर बोलेरो पर पलटा ट्रक, पिचक गई कार एसडीओ के चालक की मौत

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भूसे से लदा ट्रक डिवाइडर से टकराने के बाद बोलेरो पर पलट गया। हादसे का खौफनाक वीडियो भी वहां लगे एक सीसीटीवी में कैद हो गया है। यही वीडियो अब वायरल हो रहा है। भीषण हादसे में बोलेरो पूरी तरह चकनाचूर हो गई और उसके चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। बोलेरो बिजली विभाग के एसडीओ की बताई जा रही है।

यूपी के रामपुर मे भूसे से लदा ट्रक डिवाइडर से टकराने के बाद बोलेरो पर पलट गया बिलासपुर रोड पर पहाड़ी गेट के पास बिजलीघर के सामने रविवार शाम एक ट्रक बिलासपुर की ओर जा रहा था। ट्रक में भूसा भरा हुआ था। इसी दौरान बाईं तरफ से आए बोलेरो बचाने के चक्कर में चालक ने ट्रक को पहाड़ी गेट से चमरौआ रोड की ओर मोड़ने का प्रयास किया। इसी दौरान ट्रक डिवाइडर पर चढ़ गया और जिस बोलेरो को लड़ने से बचा रहा था, उसी पर पलट गया। ट्रक के पलटते ही बोलेरो उसके नीचे इस तरह से दब गया कि दिखाई भी नहीं दे रहा था। बोलेरो के साथ चल रहे एक बाइक सवार और एक अन्य राहगीर भी हादसे की चपेट में आने से बाल-बाल बचे।

बोलेरो चला रहे ड्राइवर की पहचान गंज थाना क्षेत्र के गूजर टोला निवासी फिरासत के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार फिरासत बिजली विभाग के खौद बिजलीघर में तैनात एसडीओ का चालक था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है

हादसा रविवार शाम करीब पौने पांच बजे पहाड़ी गेट चौराहे पर हुआ। दोनों वाहन बिलासपुर गेट की ओर जा रहे थे। बोलेरो आगे चल रही थी। पहाड़ी गेट चौराहे से पहले चालक बोलेरो को मोड़ने लगा, जबकि ट्रक सीधा जा रहा था। ट्रक चालक ने अचानक बोलेरो सामने आने पर बचाने का प्रयास किया, जिसके कारण ट्रक डिवाइडर में घुस गया और डिवाइडर तोड़ते हुए बोलेरो के ऊपर पलट गया। ट्रक में लदी लकड़ी की छिल्लर सड़क पर बिखर गई और बोलेरो उसमें ढक गई।

 

नए साल में आमजन को मिलेगी बड़ी सौगात, फरवरी तक खुलेगा ऋषिकेश का बजरंग सेतु

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देहरादून: नए साल के मौके पर ऋषिकेश वासियों और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है. लंबे समय से निर्माणाधीन बजरंग सेतु को जल्द ही आमजन के लिए खोलने की तैयारी पूरी कर ली गई है. उम्मीद की जा रही है कि 26 जनवरी तक इस आधुनिक कांच के पुल का कार्य पूरा कर लिया जाएगा. हालांकि यदि किसी तकनीकी कारण से थोड़ी देरी होती है, तो भी जनवरी के अंतिम सप्ताह या फरवरी के प्रथम सप्ताह तक इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा.

ऋषिकेश में गंगा नदी पर बनाए जा रहे बजरंग सेतु का निर्माण कार्य अब लगभग अंतिम चरण में है. लोक निर्माण विभाग से जुड़े अधिकारियों को पुल को 26 जनवरी तक पूरा करने की डेडलाइन दी जा चुकी है. विभाग का दावा है कि 2026 की शुरुआत में यह पुल पूरी तरह से तैयार होकर जनता को समर्पित कर दिया जाएगा. इस पुल के खुलने से न केवल श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी आवागमन आसान हो जाएगा.

दरअसल ऋषिकेश में स्थित ऐतिहासिक लक्ष्मण झूला पुल का निर्माण वर्ष 1929 में हुआ था. समय के साथ यह पुल काफी जर्जर हो गया और सुरक्षा कारणों के चलते वर्ष 2019 में इसे बंद कर दिया गया. लक्ष्मण झूला के बंद होने के बाद से ही उसके विकल्प के तौर पर एक नए पुल की आवश्यकता महसूस की जा रही थी. इसी कड़ी में बजरंग सेतु का निर्माण शुरू किया गया, जिसे अब अंतिम रूप दिया जा रहा है.

बजरंग सेतु की लंबाई करीब 132 मीटर है और इसे लगभग 68 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है. यह एक आधुनिक सस्पेंशन ब्रिज है, जिसकी सबसे बड़ी खासियत इसका कांच का डेक है. गंगा नदी के ऊपर कांच के पुल से गुजरना पर्यटकों के लिए एक बिल्कुल नया और रोमांचक अनुभव होगा. यही वजह है कि बजरंग सेतु को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है.

भौगोलिक रूप से यह पुल ऋषिकेश क्षेत्र में स्थित है, लेकिन प्रशासनिक दृष्टि से यह टिहरी और पौड़ी जिलों को जोड़ने वाली एक अहम कड़ी साबित होगा. पुल को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए इसमें अलग-अलग रंगों की लाइटें लगाने की योजना है. वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे.

उत्तराखंड में इस तरह का यह पहला आधुनिक कांच का पुल है, जिसे नई तकनीक के साथ तैयार किया गया है. बजरंग सेतु के खुलने से न केवल यातायात को नई दिशा मिलेगी, बल्कि ऋषिकेश की पर्यटन पहचान को भी एक नई ऊंचाई मिल पाएगी.