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खेत बचाओ अभियान बनेगा जनआंदोलन, अल्मोड़ा में किसानों के बीच बोले सीएम धामी

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खेत बचाओ अभियान को जनांदोलन बनाने का आह्वान, किसानों ने लिया मिट्टी और कृषि संरक्षण का संकल्प

अल्मोड़ा। जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौतियों के बीच कृषि और किसानों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से हवालबाग में राज्य स्तरीय ‘खेत बचाओ अभियान’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, महिला समूहों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भाग लेते हुए कृषि संरक्षण, मिट्टी संवर्धन और जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘खेत बचाओ अभियान’ अब केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक जनांदोलन बन चुका है। उन्होंने किसानों से अपनी कृषि भूमि, मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि देश की शक्ति और आत्मनिर्भरता के आधार हैं। हमारी संस्कृति में मिट्टी को मां के समान सम्मान दिया गया है। इसलिए मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखना और रासायनिक पदार्थों के अत्यधिक उपयोग से बचना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और टिकाऊ कृषि व्यवस्था छोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किए जाने की जानकारी देते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए सरकार लगातार योजनाएं लागू कर रही है। उन्होंने किसानों से नियमित मिट्टी परीक्षण कराने, जल संरक्षण पर ध्यान देने तथा कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के अनुरूप खेती अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। इकोलॉजी और इकोनॉमी के बीच संतुलन बनाए रखना ही सतत विकास का आधार है।

बदलती जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए किसानों को फसलों के चयन और आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार बागवानी, पॉलीहाउस, फलोत्पादन, कोल्ड स्टोरेज, मेगा फूड पार्क तथा सुगंधित फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही मांडुआ, झंगोरा, चौलाई सहित मोटे अनाजों के उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसानों की आय वृद्धि के मामले में उत्तराखंड का देश में अग्रणी राज्यों में शामिल होना सरकार की किसान हितैषी नीतियों का परिणाम है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जनपद में तारबाड़ योजना के अंतर्गत लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराए जाने की घोषणा भी की, जिससे किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से सुरक्षा मिल सकेगी।

इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाकर उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में ड्रैगन फ्रूट, कीवी और मिलेट जैसी फसलों को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी नीतियां लागू कर रही है। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और किसानों ने कृषि संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने तथा जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने का सामूहिक संकल्प लिया।

मुख्यमंत्री धामी ने काशीपुर को दी 25.19 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात, कई कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण

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काशीपुर में जाम से राहत की तैयारी, 8 प्रमुख चौराहों का होगा निर्माण और सौंदर्यीकरण

काशीपुर के विकास को नई गति दे रही धामी सरकार, 25.19 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण

काशीपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को वर्चुअल माध्यम से काशीपुर क्षेत्र के लिए 25.19 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार काशीपुर के समग्र विकास और आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है तथा क्षेत्र में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि काशीपुर शहर को जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए लगभग 34 करोड़ रुपये की लागत से 8 प्रमुख चौराहों के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू किया जा रहा है। प्रथम चरण में स्टेडियम तिराहे को “ननकाना साहिब चौक” के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसके सौंदर्यीकरण के लिए 3.35 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप चौक के सौंदर्यीकरण के लिए 4.30 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।

उन्होंने कहा कि 16.81 करोड़ रुपये की लागत से काशीपुर-रामनगर मार्ग (एनएच-309) के मरम्मत एवं निर्माण कार्यों का भी शिलान्यास किया गया है। इसके अलावा काशीपुर स्टेडियम में 24 लाख रुपये की लागत से निर्मित आधुनिक ओपन जिम तथा 49.24 लाख रुपये की लागत से तैयार उधम सिंह नगर विकास प्राधिकरण के प्री-फैब्रिकेटेड कार्यालय भवन का लोकार्पण भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देशभर में आधुनिक और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में उत्तराखंड में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और शहरी विकास से जुड़ी परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि काशीपुर कुमाऊँ का महत्वपूर्ण औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्र है। इसे और अधिक विकसित करने के लिए 133 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर पार्क विकसित किया जा रहा है, जिसमें 16 औद्योगिक इकाइयों का आवंटन किया जा चुका है। इससे युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि काशीपुर-रामनगर राजमार्ग को फोरलेन बनाने के लिए 494 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही 3 किलोमीटर लंबे मिनी बाईपास का निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और जाम की समस्या से राहत मिलेगी।

उन्होंने बताया कि काशीपुर, हरिद्वार और ऋषिकेश में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक की सुविधा भी शुरू की गई है। साथ ही शहर के ड्रेनेज सिस्टम और ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए मास्टर प्लान पर कार्य किया जा रहा है। लगभग 1950 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल, सीवरेज, सड़क सुधार और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार “नो पेंडेंसी” के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। सरकार केवल शिलान्यास नहीं बल्कि योजनाओं का समयबद्ध लोकार्पण सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता के सहयोग से उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त किया जाएगा।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर दीपक बाली सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।

कुंभ 2027, नंदा देवी राजजात और सड़क परियोजनाओं के लिए मुख्यमंत्री ने खोला खजाना

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कुंभ 2027, नंदा देवी राजजात और सड़क परियोजनाओं के लिए मुख्यमंत्री ने खोला खजाना

मुख्यमंत्री धामी ने विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए ₹213 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की

देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, सड़क निर्माण, पेयजल योजनाओं, पर्यटन संवर्धन, धार्मिक आयोजनों की तैयारियों तथा किसानों की आर्थिकी को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कुल ₹213 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृतियां प्रदान की हैं।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026 की नंदा देवी राजजात यात्रा की तैयारियों के तहत जनपद चमोली में नलगांव-भटियाणा मोटर मार्ग के किलोमीटर 1 से 10 तक डामरीकरण एवं सुधारीकरण कार्य के लिए ₹8.68 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की। वहीं कुंभ मेला-2027 की व्यवस्थाओं के लिए पुलिस प्रशासन हेतु प्रस्तावित ₹35 करोड़ की धनराशि को भी मंजूरी दी गई।

राज्य के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में सड़क एवं आधारभूत ढांचा विकास के लिए भी महत्वपूर्ण स्वीकृतियां प्रदान की गई हैं। इनमें रुद्रपुर के बिंदुखेड़ा-रायपुर मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए ₹3.95 करोड़, देहरादून में रिस्पना पुल से धर्मपुर चौक तक तीन लेन एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण के लिए ₹3.37 करोड़, जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र में शहीद लांस नायक दिनेश सिंह मोटर मार्ग के सुधारीकरण हेतु ₹4.92 करोड़ तथा ऊखीमठ क्षेत्र में ताला-बरंगाली मोटर मार्ग के डामरीकरण हेतु ₹3.17 करोड़ की स्वीकृति शामिल है।

धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास के लिए भी कई योजनाओं को मंजूरी मिली है। सल्ट क्षेत्र स्थित कुलांटेश्वर महादेव मेला स्थल के सौंदर्यीकरण हेतु ₹50.08 लाख, धारचूला के बौन गांव में मंदिर सौंदर्यीकरण एवं प्रवेश द्वार निर्माण के लिए ₹85 लाख तथा चौखुटिया क्षेत्र में राम पादुका मंदिर स्नान घाट निर्माण के लिए ₹37.60 लाख स्वीकृत किए गए हैं।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में चंपावत में महिला प्रौद्योगिकी पार्क की स्थापना हेतु ₹60 लाख की स्वीकृति दी गई है। वहीं रुद्रप्रयाग की अगस्त्यमुनि नगर पंचायत की छेनागाड़ पेयजल योजना के लिए ₹55.22 करोड़ तथा देहरादून के गंगोत्री विहार क्षेत्र में नलकूप खनन एवं संबंधित कार्यों के लिए ₹2.22 करोड़ की मंजूरी प्रदान की गई है।

कृषि एवं किसानों के हित में भी मुख्यमंत्री ने बड़ा निर्णय लेते हुए फसल ऋण, वाणिज्यिक फसलों तथा सहकारी क्षेत्र की मिलों को ऋण सहायता के लिए प्रस्तावित धनराशि में से ₹81.47 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने और कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

इसके अतिरिक्त बागेश्वर में देवलधार-माईथान-लेटी-गिरेछीना मोटर मार्ग निर्माण, सितारगंज क्षेत्र में विभिन्न सड़क निर्माण कार्यों तथा हरिद्वार के पिरान कलियर क्षेत्र में श्मशान घाट की बाउंड्रीवाल निर्माण जैसी योजनाओं को भी मंजूरी दी गई है।

मुख्यमंत्री ने जनपद अल्मोड़ा के सोमेश्वर विकासखंड स्थित ताकुला राजकीय प्राथमिक विद्यालय धौलरा का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय विद्याधर वैष्णव के नाम पर रखे जाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास, संस्कृति, पर्यटन और जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री आवास में 3-बी गार्डन का किया शुभारम्भ

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मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री आवास में 3-बी गार्डन का किया शुभारम्भ

मुख्यमंत्री आवास परिसर में 3-बी गार्डन का शुभारम्भ, जैव विविधता संरक्षण को मिलेगा नया आयाम

देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास परिसर स्थित राजकीय उद्यान, सर्किट हाउस देहरादून में विकसित किए जा रहे 3-बी गार्डन (बी-फ्रेंडली, बटरफ्लाई-फ्रेंडली एवं बर्ड-फ्रेंडली गार्डन) के निर्माण कार्य का शुभारम्भ कृष्णा वट के पौधे का रोपण कर किया।

यह विशेष उद्यान मधुमक्खियों, तितलियों एवं पक्षियों के संरक्षण और संवर्धन को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है। उद्यान में ऐसे पौधों का रोपण किया जा रहा है जो परागण को बढ़ावा देने के साथ-साथ जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके आसपास कीटनाशकों एवं अन्य हानिकारक रसायनों के उपयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित रखा जाएगा, जिससे प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र सुरक्षित रह सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन वर्तमान समय की आवश्यकता है। 3-बी गार्डन न केवल मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देगा बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध होगा। यह उद्यान आमजन, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों में प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का माध्यम भी बनेगा।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित द्वारा उपयुक्त पौधों के चयन एवं रोपण का कार्य प्रारम्भ किया गया। उद्यान में जामुन, शहतूत, सहजन, कदम्ब, कपूर, गुड़हल, अमरूद, नीम, बाँस, बॉटल ब्रश, जीनिया, कॉसमॉस, पेंटास, मिल्कवीड, पैशन फ्लावर, हमेलिया, इक्जोरा, लैंटाना, तुलसी, लैवेंडर, सूरजमुखी, रोजमेरी और पुदीना सहित अनेक प्रजातियों के पौधे लगाए जा रहे हैं।

इसके अतिरिक्त परिसर में पुराने एवं जीर्ण-शीर्ण वृक्षों के समीप नए पौधों का रोपण भी किया जा रहा है। उच्च हिमालयी एवं पर्वतीय क्षेत्रों में पाए जाने वाले बांज, बुरांश, तेजपत्ता और पया जैसी प्रजातियों के पौधे भी पिछले वर्ष से लगाए गए हैं, जो वर्तमान में स्वस्थ वृद्धि के साथ परिसर की प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने उद्यान विभाग द्वारा किए जा रहे पर्यावरणीय कार्यों की सराहना करते हुए मधुमक्खी पालन गतिविधियों को मुख्यमंत्री आवास परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर विकसित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़कर ही सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है।

एक क्लिक में 9.74 लाख लोगों के खातों में पहुंची 176.59 करोड़ की पेंशन

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एक क्लिक में 9.74 लाख लोगों के खातों में पहुंची 176.59 करोड़ की पेंशन

मुख्यमंत्री धामी ने 9.74 लाख लाभार्थियों को 176.59 करोड़ रुपये की पेंशन राशि हस्तांतरित की

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक जागरूकता एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत मई 2026 की पेंशन राशि लाभार्थियों के खातों में वन क्लिक के माध्यम से हस्तांतरित की। इस अवसर पर राज्य के 9 लाख 74 हजार 338 लाभार्थियों को कुल 176 करोड़ 59 लाख 24 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की गई।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान और वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान एवं देखभाल की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि सामाजिक कल्याण योजनाओं को समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और यह कार्यशाला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना और मुफ्त राशन जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। साथ ही मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया, पीएम स्वनिधि और राष्ट्रीय आजीविका मिशन जैसी योजनाओं ने लाखों लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार सामाजिक न्याय और समावेशी विकास को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। अंत्योदय परिवारों को प्रतिवर्ष तीन गैस सिलेंडर निशुल्क दिए जा रहे हैं। दिव्यांग कर्मचारियों का वाहन भत्ता बढ़ाया गया है और स्वयं सहायता समूहों को लखपति दीदी योजना एवं कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना, वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम और अपणि सरकार पोर्टल के माध्यम से विकास की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। राज्य में सड़क, रेल, स्वास्थ्य, शिक्षा और हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत का इजाफा हुआ है और बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी आई है। राज्य का बजट एक लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है।

उन्होंने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) सूचकांक में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं सार्वजनिक वित्तीय प्रदर्शन सूचकांक में राज्य विशेष श्रेणी राज्यों में दूसरे स्थान पर रहा है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तराखंड को ‘अचीवर्स’ और स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ श्रेणी प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार, प्रक्रियाओं के सरलीकरण, तकनीक के अधिकतम उपयोग तथा नियमित मॉनिटरिंग और जवाबदेही को आवश्यक बताया। उन्होंने आयोगों, परिषदों और समितियों के सदस्यों से दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करने का आह्वान किया।

मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने किया बजरंग सेतु और हिलान्स हिमालयन भोजनालय का निरीक्षण

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बजरंग सेतु और हिलान्स हिमालयन भोजनालय का निरीक्षण

मुख्य सचिव उत्तराखंड द्वारा टिहरी गढ़वाल में बजरंग सेतु एवं हिलान्स हिमालयन भोजनालय का निरीक्षण

टिहरी गढ़वाल। उत्तराखंड के मुख्य सचिव श्री आनंद बर्धन ने जनपद टिहरी गढ़वाल के तपोवन स्थित बजरंग सेतु का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता ओम प्रकाश ने सेतु की इंजीनियरिंग संरचना, तकनीकी विशेषताओं एवं निर्माण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रस्तुत कीं।

मुख्य सचिव ने परियोजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के पूर्ण अनुपालन के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने और आमजन की सुविधा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

निरीक्षण के बाद मुख्य सचिव ने नरेंद्रनगर विकासखंड के प्लास्डा स्थित हिलान्स हिमालयन भोजनालय का भी दौरा किया। भोजनालय की संचालक बीना पुंडीर ने उन्हें प्रतिदिन आने वाले पर्यटकों, ग्राहकों की संख्या और दैनिक बिक्री से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए रीप योजना से छह लाख रुपये, बैंक ऋण के रूप में तीन लाख रुपये तथा सीएलएफ के माध्यम से एक लाख रुपये का योगदान प्राप्त हुआ है।

मुख्य सचिव ने भोजनालय परिसर के आसपास अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और मेनू को आकर्षक एवं सुव्यवस्थित तरीके से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा मिलेगा।

श्री आनंद बर्धन ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय पर्यटन, स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण से जुड़े ऐसे प्रयासों को और अधिक मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी।

इस अवसर पर सचिव लोक निर्माण विभाग, औद्योगिक विकास, खनन एवं आयुष विभाग डॉ. पंकज कुमार पांडेय, जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खंडेलवाल, एसएसपी श्वेता चौबे, तपोवन नगर पंचायत अध्यक्ष विनीता बिष्ट, एसडीएम नरेंद्रनगर आशीष घिडियाल, डीडीओ मोहम्मद असलम, ईओ तपोवन अंजलि तथा बीडीओ श्रुति वत्स सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

आपदा प्रबंधन में यूकाड़ा की बड़ी पहल, 08 हेली कंपनी दे रही 80 घंटे की निःशुल्क उड़ान सेवा

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UCADA Helicopter Service Uttarakhand Disaster Management Free Helicopter Flying Hours Uttarakhand

देहरादून आगामी मानसून सीजन के दौरान संभावित आपदाओं एवं आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। प्रदेश में चारधाम यात्रा के लिए संचालित प्रत्येक हेली कंपनी द्वारा यूकाडा को 10-10 घंटे के निःशुल्क फ्लाइंग ऑवर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनका उपयोग आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्यों में किया जा रहा है।

वर्तमान में चारधाम यात्रा में संचालित आठ हेली कंपनियों द्वारा कुल 80 घंटे के निःशुल्क फ्लाइंग ऑवर उपलब्ध कराए गए हैं। इन घंटों का उपयोग मेडिकल इमरजेंसी, एयर रेस्क्यू तथा दुर्गम क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। इसी व्यवस्था के तहत अप्रैल माह से अब तक 100 से अधिक श्रद्धालुओं और जरूरतमंद लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा चुका है। वहीं, पिछले एक वर्ष में विभिन्न आपदा एवं रेस्क्यू अभियानों के दौरान 200 से अधिक लोगों का सफलतापूर्वक बचाव किया गया है।
पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, बादल फटने, अतिवृष्टि तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान हेलीकॉप्टर सेवाएं राहत एवं बचाव कार्यों की जीवनरेखा साबित होती हैं। मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन इन निःशुल्क फ्लाइंग ऑवर का तत्काल उपयोग कर प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से राहत पहुंचा सकेगा। इससे आपदा प्रभावित लोगों तक समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों की गति में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में सुरक्षित एवं प्रभावी आपदा प्रबंधन सुनिश्चित करने की दिशा में यूकाडा की यह पहल एक अभिनव मॉडल के रूप में उभर रही है, जो भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है।
यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि चारधाम यात्रा के लिए हेली कंपनियों के चयन की टेंडर प्रक्रिया के दौरान ही प्रत्येक कंपनी से 10 घंटे के निःशुल्क फ्लाइंग ऑवर का प्रावधान रखा गया था। इसका उद्देश्य मेडिकल इमरजेंसी, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे यात्रियों की सहायता तथा राहत एवं बचाव कार्यों के लिए त्वरित हवाई सेवाएं उपलब्ध कराना था। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था आपदा प्रबंधन के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है।
यूकाडा के हेड ऑफ ऑपरेशन अमित शर्मा ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान बीमार पड़ने वाले अथवा चिकित्सकीय आपात स्थिति का सामना कर रहे श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित स्थानों और अस्पतालों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में 200 से अधिक लोगों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया है, जबकि इस वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ क्षेत्र से ही 100 से अधिक लोगों को मेडिकल इमरजेंसी के तहत एयर रेस्क्यू सुविधा प्रदान की गई है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के उत्तराखंड दौरे की तैयारियां तेज, देहरादून प्रशासन हाई अलर्ट पर

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President India Visit Ima Dehradun 12 june

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रस्तावित उत्तराखंड दौरे को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम ने की उच्चस्तरीय समीक्षा

देहरादून। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के प्रस्तावित दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। राष्ट्रपति के 12 और 13 जून 2026 को देहरादून भ्रमण कार्यक्रम के मद्देनजर सभी विभागों को आवश्यक तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति 12 जून को देहरादून स्थित राष्ट्रपति निकेतन पहुंचेंगी और 13 जून को भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के बाद दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी।

डीएम आशीष चौहान ने की तैयारियों की समीक्षा

राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में सुरक्षा, यातायात, प्रोटोकॉल, विद्युत, पेयजल, संचार नेटवर्क और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राष्ट्रपति के आगमन से लेकर प्रस्थान तक सभी व्यवस्थाएं त्रुटिरहित और चाक-चौबंद रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की चूक से बचने के लिए सभी व्यवस्थाओं का पूर्व परीक्षण किया जाए।

राष्ट्रपति निकेतन में विशेष इंतजाम

डीएम ने राष्ट्रपति निकेतन में निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पेयजल व्यवस्था, संचार नेटवर्क और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए कंटीजेंसी प्लान तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी पहले से सुनिश्चित की जाएं।

सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर विशेष फोकस

बैठक में राष्ट्रपति के भ्रमण मार्ग और कार्यक्रम स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित रूट पर सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए तथा यातायात प्रबंधन को प्रभावी और सुचारू रखा जाए।

उन्होंने भ्रमण से जुड़े सभी स्थलों पर नियमित मॉनिटरिंग और समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया।

लापरवाही पर होगी जवाबदेही तय

डीएम डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही या चूक स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें तथा विभागीय समन्वय बनाए रखें।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का दौरा प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण अवसर है और प्रशासन का लक्ष्य सभी व्यवस्थाओं को उच्चतम मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करना है।

सिंगल विंडो निवेश मामलों में देरी पर मुख्य सचिव सख्त, जिलाधिकारियों को दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश

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निवेश प्रस्तावों में देरी पर मुख्य सचिव सख्त, सिंगल विंडो सिस्टम को और प्रभावी बनाने के निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में सिंगल विंडो के अंतर्गत निवेश से संबंधित राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति की 65वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रस्तावों की समीक्षा की गई तथा नए निवेश प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने जनपद स्तर पर धारा 143 (भूमि उपयोग परिवर्तन) एवं धारा 154 से संबंधित मामलों के निस्तारण में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सिंगल विंडो प्रणाली के अंतर्गत आने वाले मामलों का समयबद्ध और प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को बेहतर और पारदर्शी वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सिंगल विंडो सिस्टम के तहत विभिन्न विभागों से मिलने वाली स्वीकृतियों और क्लीयरेंस के लिए निर्धारित समयसीमा का पालन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने सचिव उद्योग को भी निर्देश दिए कि लंबित मामलों में देरी के लिए संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाए।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत बनाने के लिए प्रथम एवं द्वितीय चरण के सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण किया जाना जरूरी है। निवेश परियोजनाओं में अनावश्यक देरी राज्य के औद्योगिक विकास को प्रभावित कर सकती है, इसलिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।

बैठक में निवेश संबंधी विभिन्न प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया तथा उद्योग विभाग द्वारा स्वीकृत नए निवेश प्रस्तावों को समिति की संस्तुति प्रदान की गई।

बैठक में सचिव विनय शंकर पाण्डेय, डॉ. वी. षणमुगम, सी. रविशंकर, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव सौरभ गहरवार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

चारधाम यात्रा पर सीएम धामी का औचक निरीक्षण, ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप की व्यवस्थाओं को परखा

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मुख्यमंत्री धामी का ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में औचक निरीक्षण, यात्रियों से लिया फीडबैक

चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने बुधवार को ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, स्वास्थ्य जांच केंद्र, ठहरने की व्यवस्थाओं और भीड़ प्रबंधन का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं से सीधे संवाद कर यात्रा व्यवस्थाओं पर फीडबैक भी लिया।

रजिस्ट्रेशन में इंतजार न करना पड़े: मुख्यमंत्री

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। उन्होंने स्वास्थ्य जांच केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए यात्रियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। बढ़ती गर्मी को देखते हुए ट्रांजिट कैंप में अतिरिक्त कूलर लगाने तथा पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से “अतिथि देवो भव:” की भावना के साथ यात्रियों की सहायता करने तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा।

यात्रियों ने की व्यवस्थाओं की सराहना

महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार से आए श्रद्धालुओं ने ट्रांजिट कैंप में उपलब्ध रजिस्ट्रेशन, स्वास्थ्य जांच, आवास और अन्य सुविधाओं की प्रशंसा की। कई बुजुर्ग यात्रियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर यात्रा को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल बना आकर्षण का केंद्र

ट्रांजिट कैंप में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से रामायण और महाभारत का प्रसारण किया जा रहा है, जिसे श्रद्धालुओं ने सराहा। यात्रियों का कहना है कि इससे प्रतीक्षा के दौरान उन्हें आध्यात्मिक और सांस्कृतिक वातावरण का अनुभव हो रहा है।

स्थानीय उत्पादों को भी मिल रहा बढ़ावा

ट्रांजिट कैंप में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों की बिक्री की जा रही है। इससे एक ओर स्थानीय महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को भी नया बाजार मिल रहा है।