Wednesday, January 21, 2026
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श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) नए पदों पर फैसला

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निति आयोग में उत्तराखंड मुख्यमंत्री ये मामले रखेंगे

देहरादून उत्तराखंड में लंबे समय से बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के पदों को लेकर उत्तराखंड की धामी सरकार ने फैसला लेते हुए स्वीकृति दिए जाने पर मंदिर समिति ने राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का धन्यवाद किया है बीकेटीसी में सुरक्षा संवर्ग और आईटी संवर्ग के लिए 58 पदों के सृजन की स्वीकृति, डीएसपी रैंक का अधिकारी संभालेगा मंदिरों की सुरक्षा का जिम्मा

शासन ने श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में सुरक्षा संवर्ग और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) संवर्ग के लिए पदों के सृजन की अनुमति दे दी है। सुरक्षा संवर्ग में 57 व आईटी संवर्ग में एक पद सृजित किया गया है। संस्कृति व धर्मस्व सचिव हरिचंद्र सेमवाल की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।

शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार सुरक्षा संवर्ग का प्रमुख मुख्य मंदिर सुरक्षा अधिकारी कहलाएगा। यह पुलिस के उपाधीक्षक रैंक का अधिकारी होगा, जिसे नागरिक पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र बल अथवा अर्ध सैनिक बल से प्रतिनियुक्ति के आधार पर भरा जाएगा। मुख्य मंदिर सुरक्षा अधिकारी के नीचे दो मंदिर सुरक्षा अधिकारियों के पद सृजित किये गए हैं। यह इंस्पेक्टर रैंक के होंगे। सब इन्स्पेक्टर रैंक के चार उप मंदिर सुरक्षा अधिकारी होंगे। ये सभी पद प्रतिनियुक्ति से भरे जाएंगे।

इसके अलावा आउटसोर्स के माध्यम से 10 मुख्य मंदिर रक्षक और 40 मंदिर रक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। आईटी संवर्ग के लिए शासन ने बीकेटीसी में सहायक प्रोग्रामर का एक पद सृजित किया है। इस पर नियत मानदेय पर नियुक्ति की जायेगी।

उधर, बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने सुरक्षा संवर्ग और आईटी संवर्ग में पद सृजन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि बीकेटीसी का अपना सुरक्षा संवर्ग होने से मंदिरों में दर्शन व्यवस्था को और अधिक सुव्यवस्थित किया जा सकेगा। बदरीनाथ व केदारनाथ के अलावा अन्य अधीनस्थ मंदिरों में भी सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। आईटी संवर्ग में पदों के सृजन से विभिन्न व्यवस्थाओं में सूचना प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक उपयोग होगा। ई- ऑफिस, ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग होने से कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी।

Union Budget 2024 बजट में क्या है खास

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Union Budget 2024 वित्त मंत्री ने पेश किया बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के थर्ड टर्म का पहला बजट मंगलवार को सदन में पेश किया गया बजट

Union Budget 2024 वित्त मंत्री ने पेश किया बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के थर्ड टर्म का पहला बजट मंगलवार को सदन में पेश किया गया बजट में देश दुनिया की नज़र बनी रही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई यानी आज वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट पेश कर रही हैं। इस बजट में करदाताओं को वित्त मंत्री से किसी बड़े राहत के एलान की उम्मीद है। बजट को लेकर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा कि आम बजट अमृतकाल का महत्वपूर्ण बजट होगा। यह पांच साल के लिए हमारी दिशा तय करने के साथ ही 2047 तक विकसित भारत की आधारशिला रखेगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत का आर्थिक विकास दुनिया के लिए उत्कृष्ट उदाहरण है। भारत इसी तरह प्रगति की राह पर आगे बढ़ता रहेगा। मंहगाई को 4 प्रतिशत पर लाने की कोशिश हो रही है सरकर की नौ प्राथमिकताओं में से एक है रोजगार और कौशल विकास। इसके तहत पहली बार नौकरी करने वालों को बड़ी मदद मिलने जा रही है। फॉर्मल सेक्टर में पहली बार नौकरी की शुरुआत करने वालों को एक महीने का वेतन दिया जाएगा। यह वेतन डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए तीन किस्तों में जारी होगा। इसकी अधिकतम राशि 15 हजार रुपये होगी। ईपीएफओ में पंजीकृत लोगों को यह मदद मिलेगी। योग्यता सीमा एक लाख रुपये प्रति माह होगी। इससे 2.10 करोड़ युवाओं को फायदा होगा।

मुख्य सचिव अध्यक्षता में टाटा ट्रस्ट के साथ महत्वपूर्ण बैठक

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मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में टाटा ट्रस्ट के साथ महत्वपूर्ण बैठक

सचिवालय में टाटा ट्रस्ट के साथ बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने जानकारी दी है कि उत्तराखण्ड सरकार के साथ मिलकर टाटा ट्रस्ट राज्य में हेल्थ केयर सेक्टर, टेलीमेडिसिन, महिलाओं व बच्चों के कुपोषण से बचाव, युवाओं के कौशल विकास, बालिकाओं की शिक्षा, कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, आंगनबाड़ी वर्कर्स के क्षमता विकास व प्रशिक्षण, स्मार्ट कलासेज, ग्रामीण आजीविका, पलायन, वाइब्रेंट विलेज, मानसिक स्वास्थ्य व नशा मुक्ति जैसे क्षेत्रों में कार्य करेगा।

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने टाटा ट्रस्ट के समक्ष उत्तराखण्ड सरकार की प्राथमिकताएं एवं थ्रस्ट एरिया को फोकस करते हुए राज्य में मातृ मृत्यु दर व शिशु मृत्यु दर तथा  उत्तराखण्ड के युवाओं हेतु राज्य की आवश्यकताओं एवं परिस्थिति के अनुसार मुम्बई सहित देश के विभिन्न स्थानों में टाटा ग्रुप के स्किल डेवलपमेंट इन्सटिटयूट में कौशल विकास हेतु प्रशिक्षण की व्यवस्था करने का आग्रह किया।

सीएस श्रीमती रतूड़ी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य सरकार की विभिन्न क्षेत्रों हेतु योजनाओं की समीक्षा कर गैप एनालाइसिस ( Gap Analysis  ) किया जाए ताकि टाटा ट्रस्ट द्वारा इस गैप फीलिंग ( Gap Feeling  ) के लिए कार्य किया जा सके। उन्होंने टाटा ट्रस्ट द्वारा टेलीमेडिसिन के क्षेत्र में कार्य किए जाने हेतु सहमति पर निर्देश दिए कि इसके लिए सबसे पहले पर्वतीय जनपदों व ब्लॉक को चिहिन्त किया जाए।

इसके साथ ही उत्तराखण्ड के प्रत्येक जनपद के हेल्थ एनालिसिस ( Health Analysis  ) की बात कही गई जिसके तहत प्रत्येक जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं, बुनियादी चिकित्सा ढांचे, स्टाफ, प्रशिक्षण आदि की विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। मैंकेंजी के माध्यम से राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र की  Comprehensive Study  के भी निर्देश दिए गए।

टाटा ट्रस्ट द्वारा राज्य में हेल्थ रिकॉर्ड की डिजिटाइजेशन में सहयोग पर सहमति दी गई। मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने टाटा ट्रस्ट से राज्य के दूरस्थ स्थानों में रह रही आबादी को आधुनिकतम स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाकर  प्राइमरी व सेकेण्डरी हेल्थ केयर सेवाओं की मजबूती के लिए कार्य करने के लिए कहा। उन्होंने महिलाओं व बच्चों को कुपोषण व एनीमिया से बचाने के लिए, प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा को मजबूत कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने, उच्च शिक्षा के बाद महिलाओं की कार्यबल में हिस्सेदारी बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों विशेषकर सीमान्त गांवों से पलायन रोकने हेतु ग्रामीण आजीविका की कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि टाटा ट्रस्ट से कौन-कौन से क्षेत्रों में सहायता ली जा सकती हैं, इसकी रिपोर्ट अगली बैठक तक तैयार रखी जाय।

बैठक के दौरान टाटा ट्रस्ट द्वारा राज्य के 13 जिलों की कमजोर सामाजिक आर्थिक पृष्ठभूमि वाली 13 टॉपर बालिकाओं को आर्थिक अनुदान की कार्ययोजना की बात कही गई।

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, एसडीजी इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखंड देश में पहले स्थान पर है। इस स्थिति को बनाए रखने के लिए, राज्य सरकार का लक्ष्य सभी हितधारकों के साथ सहयोग करना है, जिससे समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके।

बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्धन, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, टाटा ट्रस्ट के सीईओ सिद्धार्थ शर्मा सहित सभी विभागों के अधिकारी एवं टाटा ट्रस्ट की टीम मौजूद रही।

युवा फुटबाॅलर साहिल पंवार को मंत्री ने किया सम्मानित

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युवा फुटबाॅलर साहिल पंवार को मंत्री ने किया सम्मानित

वित्त मंत्री डाॅ. प्रेम चन्द अग्रवाल द्वारा विधान सभा स्थित कार्यालय कक्ष में प्रदेश के युवा फुटबाॅलर साहिल पंवार को सम्मानित किया गया।मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड, विशेष रूप से देहरादून के लिए यह गर्व का क्षण है कि स्थानीय प्रतिभा साहिल पंवार ने मुंबई सिटी एफसी में शामिल होकर एक नई ऊंचाई हासिल की है। उन्होंने कहा कि देहरादून के 24 वर्षीय डिफेंडर साहिल पंवार ने मुंबई सिटी एफसी के साथ एक साल का अनुबंध किया है। साहिल पंवार इससे पहले भारतीय अंडर -18 फुटबाॅल टीम के कप्तान भी रहे हैं।
 

मंत्री ने कहा कि प्रदेश का एक खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर इतने बड़े क्लब में शामिल हुआ है, साहिल की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार और दोस्तों के लिए बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। उनकी सफलता युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा देगी और उन्हें भी अपने सपनों को साकार करने की दिशा में प्रेरित करेगी।

इस अवसर पर मंत्री ने साहिल पंवार के साथ युवावस्था में वाॅलीवाल खिलाड़ी के रूप में हुए अपने अनुभवों को भी साझा किया। वित्त मंत्री ने साहिल पंवार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपनी प्रतिभा से इसी तरह देश और प्रदेश का नाम रौशन करते रहेंगे। 

राज्य आपदा परिचालन केन्द्र का मुख्यमंत्री ने किया औचक निरीक्षण

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राज्य आपदा परिचालन केन्द्र का मुख्यमंत्री ने किया औचक निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को आईटी पार्क देहरादून स्थित राज्य आपदा परिचालन केन्द्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही बारिश की स्थिति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को हर समय अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन को निर्देश दिये कि वे निरन्तर जिलाधिकारियों से समन्वय बना कर रखें। नदियों के जल स्तर पर नियमित निगरानी बनाए रखें।

मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा परिचालन केन्द्र से जिलाधिकारी नैनीताल, बागेश्वर, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, देहरादून से फोन के माध्यम से वार्ता कर बारिश की स्थिति, सड़कों की स्थिति, विद्युत और पेयजल की उपलब्धता तथा जलभराव के बारे में जानकारी ली। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि अतिवृष्टि के कारण यातायात बाधित न हो, सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में उन्हें शीघ्र खुलवाया जाए। जल भराव की स्थिति में निकासी की उचित व्यवस्था रखी जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि नदियों के जल स्तर बढ़ने की  स्थिति में नदी किनारे एवं अन्य संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को जागरूक किया जाए।

मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन को निर्देश दिये कि हर जिले की अतिवृष्टि की स्तिथि पर निरन्तर नज़र बनाए रखें। जिलों के साथ परस्पर समन्वय स्थापित करें, ताकि किसी भी आपातकाल स्थिति से निपटा जा सके। राज्य के विभिन्न संवेदनशील इलाकों, अत्यधिक बारिश एवं आपदा ग्रस्त वाले इलाकों को लेकर भी विशेष नज़र बनाए रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा को लेकर किसी भी प्रकार की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल कार्यवाही की जाए। रिस्पांस टाईम कम से कम रखने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।

इस अवसर सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव आनन्द स्वरूप एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

समान नागरिक संहिता (यू.सी.सी) मुख्यमंत्री ने बैठक ली

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में समान नागरिक संहिता (यू.सी.सी) लागू करने की तैयारियों के संबंध में सचिवालय में बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में यूसीसी लागू करने के लिए इसके अधीन संचालित होने वाली प्रक्रियाओं एवं नियमों को समयबद्धता के साथ अंतिम रूप दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि यूसीसी के प्राविधानों को व्यवस्थित रूप से संपादित किये जाने के लिए गठित उप समिति के कार्यों एवं विभिन्न विभागों के स्तर पर की जाने वाली कार्यवाही को भी शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए। उन्होंने इस संबंध में विभिन्न स्तरों पर होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी को विधिवत लागू किये जाने से पूर्व सभी पहलुओं का गहनता एवं सजगता से अध्ययन किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी के बारे में व्यापक स्तर पर जन जागरूकता भी लाई जाए। इसके लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।
     

यूसीसी के प्राविधानों को लागू करने के लिए गठित समिति के अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह ने जानकारी दी गई कि इस सबंध में तीन उप समितियों का गठन किया गया। नियमों की रूपरेखा तैयार करने के लिए गठित उप समिति की अब तक 43 बैठकें हो चुकी हैं, जो 31 अगस्त 2024 तक अपनी रिपोर्ट देगी। नियमों के कार्यान्वयन में सुगमता और पारदर्शिता के लिए गठित उप समिति की 20 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं, यह उप समिति भी 31 अगस्त 2024 तक अपनी रिपोर्ट देगी। क्षमता विकास और प्रशिक्षण के लिए बनाई गई उप समिति भी 30 सितम्बर 2024 तक अपनी रिपोर्ट देगी। बैठक में बताया गया कि यूसीसी से संबंधित प्राविधानों को प्रभावी ढ़ग से क्रियान्वित किये जाने के लिए विभिन्न विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
       

बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, प्रमुख सचिव न्याय प्रदीप पंत, डीजीपी अभिनव कुमार, विभिन्न विभागों के सचिव, समिति के सदस्यगण एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने बड़कोट क्षेत्र की पेयजल समस्या के समाधान का दिया आश्वासन

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मुख्यमंत्री ने बड़कोट क्षेत्र की पेयजल समस्या के समाधान का दिया आश्वासन

मुख्यमंत्री ने बड़कोट क्षेत्र की पेयजल समस्या के समाधान का दिया आश्वासन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में सायं बड़कोट क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने विधायक दुर्गेश्वर लाल के नेतृत्व में भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने बड़कोट पेयजल पंपिंग योजना से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री से आग्रह किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि बड़कोट पेयजल पंपिंग योजना की समस्या का शीघ्र समाधान किया जाएगा। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल की मांग पर पंपिंग पेयजल योजना के निर्माण की स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन भी दिया।

इस अवसर पर प्रतिनिधियों ने एक ज्ञापन भी मुख्यमंत्री को सौंपा। मुख्यमंत्री ने ज्ञापन में वर्णित समस्याओं के समाधान पर त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्प है और इस दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं।

इस अवसर पर ज़िलाध्यक्ष बीजेपी सतेंद्र राणा, पूर्व विधायक केदार सिंह रावत, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, पूर्व ज़िलाध्यक्ष जयवीर सिंह जयारा, प्रदेश मंत्री ओबीसी मोर्चा चण्डी प्रसाद बेलवाल, मण्डल अध्यक्ष जयप्रकाश रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

जिला अधिकारी ने किया कन्ट्रोलरूम का औचक निरीक्षण

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जिलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने आज सांय नगर निगम देहरादून में बनाए गए कन्ट्रोलरूम का औचक निरीक्षण करते हुए शिकायत पंजिका का अवलोकन करते हुए वर्षा के कारण नगर निगम क्षेत्र में प्राप्त  जलभराव एवं अन्य शिकायतों के सम्बन्ध में जानकारी ली तथा इस दौरान शिकायतकर्ताओं से दूरभाष पर वार्ता कराते हुए शिकायत की स्थिति के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की। बताया गया कि आज कन्ट्रोलरूम मेें विभिन्न माध्यमों से 45 शिकायत प्राप्त हुई, जिनमें 27 का निस्तारण कर लिया गया है तथा शेष पर कार्यवाही गतिमान है।

जिलाधिकारी ने मुख्य नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि कन्ट्रोलरूम में प्राप्त शिकायतों की मॉनिटिरिंग के लिए एक अधिकारी की ड्यूटी लगाई जाए, जो शिकायतों के निस्तारण की मॉनिटिरिंग करें। उन्होंने कन्ट्रोलरूम में प्राप्त शिकायतों को कम्प्यूटरीकृत करने के निर्देश दिए ताकि शिकायतों को व्यवस्थित ढंग से संकलित किया जाए, जिससे प्राप्त की शिकायतों एवं निस्तारण के सम्बन्ध में त्वरित जानकारी प्राप्त हो सके।  

जिलाधिकारी ने नगर निगम के अधिकारियों को रिस्पांस टीमें बढाने के निर्देश दिए।  उन्होंने अधिकारियों को पम्प बढाते हुए अधिक जलभराव वाले क्षेत्रों में पम्पों की संख्या बढाते हुए जल निकासी कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम ने बताया कि  वर्षाकाल के दृष्टिगत नगर निगम देहरादून परिसर में स्थािपत किए गए आपदा कन्ट्रोलरूम  में 24×7 कार्मिक तैनात रहते हैं जो प्राप्त शिकायतों के निस्तारण हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को प्रेषित करते हैं। कन्ट्रोलरूम का दूरभाष संख्या 0135-2652571, मोबाईल नम्बर 9084677355 है।
निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम देहरादून गौरव कुमार, उप नगर आयुक्त गोपालराम बिनवाल, सहायक निदेशक सूचना बी.सी नेगी सहित नगर निगम के अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

श्रावण मास के पहले सोमवार भारी बारिश में भी श्री केदारनाथ धाम सहित शिव मंदिरों में तीर्थयात्रियों ने किया जलाभिषेक

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श्रावण मास के पहले सोमवार भारी बारिश में भी श्री केदारनाथ धाम सहित शिव मंदिरों में तीर्थयात्रियों ने किया जलाभिषेक

बड़ी संख्या में कांवडिये जलाभिषेक के लिए केदारनाथ धाम पहुंचे।

श्री केदारनाथ- बदरीनाथ धाम: श्रावण मास के प्रथम सोमवार के दिन तीर्थयात्रियों ने बाबा केदारनाथ का जलाभिषेक किया वहीं भगवान केदारनाथ के जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में कांवड़ियों के पहुंचने का सिलसिला भी जारी है।
श्री बदरीनाथ धाम स्थित आदि केदारेश्वर मंदिर में बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों ने जलाभिषेक किया तथा भगवान भोलेनाथ की प्रार्थना की।

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि इस यात्रा वर्ष अभी तक 10 लाख 62 हजार से अधिक तीर्थयात्री श्री केदारनाथ धाम के दर्शन को पहुंच चुके है।

मई-जून में बड़ी संख्या में तीर्थयात्री भगवान केदारनाथ के दर्शन को पहुंचे बरसात में श्रद्धालुओं की संख्या में प्रत्येक वर्ष की भांति गिरावट देखी गयी लेकिन यात्रा गतिमान रही।

बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह ने केदारनाथ धाम से बताया है कि अब सावन माह शुरू होते ही तीर्थयात्रियों के साथ ही दूर-दूर से कांवड़ी भी जलाभिषेक को पहुंचने शुरू हो गये है।आज सावन के पहले सोमवार को तीर्थयात्रियों में विशेष उत्साह देखा गया सुबह से ही तीर्थयात्री एवं स्थानीय लोग भगवान केदारनाथ जी के जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचे।

सावन माह के प्रथम सोमवार को कांवड़ियो एवं तीर्थयात्रियों के केदारनाथ मंदिर जलाभिषेक एवं दर्शन हेतु पहुंचने पर मंदिर समिति की ओर से मुख्य पुजारी शिवशंकर लिंग, समन्वयक आरसी तिवारी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, लेखाकार प्रमोद बगवाड़ी,वेदपाठी स्वयंबर सेमवाल, लोकेंद्र रिवाड़ी, विपिन तिवारी, प्रदीप सेमवाल,कुलदीप धर्म्वाण, विक्रम रावत, राजीव गैरोला,ललित त्रिवेदी ने तीर्थयात्रियों तथा कांवड़ियों का स्वागत किया।

वहीं बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा.हरीश गौड़ ने अवगत कराया है कि श्री बदरीनाथ धाम स्थित आदिकेदारेश्वर मंदिर में बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों ने जलाभिषेक किया।श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी, श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ सहित अन्य शिव मंदिरों में बड़ी संख्या में तीर्थयात्री एवं स्थानीय श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया।

त्रिवेंद्र की आम दावत में शामिल हुए हरीश रावत, कांग्रेसियों पर किया पलटवार

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त्रिवेंद्र की आम दावत में शामिल हुए हरीश रावत, कांग्रेसियों पर किया पलटवार

भाजपा नेता पूर्व सीएम और सांसद त्रिवेंद्र रावत की आम दावत में शामिल हुए पूर्व सीएम हरीश रावत ने कांग्रेसियों के सवाल उठाने पर पलटवार किया। कहा, आम मैंने खाया और राजनीतिक मुंह पके के बीमार कुछ लोग हो गए। मैंने दिन के उजाले में आम खाया है। मैं रात के अंधेरे में अपना या अपने करीबियों का क्रैशर बचाने के लिए मुख्यमंत्री के पास नहीं गया।

बीते दिनों हरिद्वार के सांसद और पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने डिफेंस कालोनी स्थित आवास पर आम दावत दी थी। इस दावत में शामिल होने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत त्रिवेंद्र के घर पहुंचे। हरीश और त्रिवेंद्र ने एक-दूसरे के हाथों आम का स्वाद चखा। इस पर कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत और रंजीत रावत ने भी तंज कसा।

कांग्रेसियों पर पलटवार करने में पूर्व सीएम हरदा भी पीछे नहीं रहे। कहा, राजनीतिक की भी कैसी माया है। आम मैंने खाया और राजनीतिक मुंह पके के बीमार कुछ और लोग हो गए। हरक सिंह का नाम लिए बिना हरीश रावत ने कहा, मैंने लोकसभा के चुनाव में चुप्पी साधने का किसी को वचन दिया। राजनीति के अंदर राजनीतिक सौहार्द और शिष्टाचार को आगे बढ़ाने की पहल मैं नहीं करूंगा तो फिर इस राज्य के अंदर उस व्यक्ति का नाम बताइए जो पहल करेगा।

कहा, एक-दो ही लोग हैं, जिनको इस तरीके की पहल प्रारंभ करनी चाहिए और दोनों तरफ से करनी चाहिए। राजनीति सिद्धांतों, विचारों और परिश्रम का खेल है। मैं उन लोगों से सीख नहीं लेना चाहूंगा, जिन लोगों ने विस चुनाव से पूर्व हुए सल्ट के उप चुनाव में पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ खुलेआम काम कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं का अपमान किया था।

कहा, मैं तो 57 साल से कांग्रेस की राजनीति में एकनिष्ठ भाव से एक ही स्थान पर खड़ा हूं। जो स्थान बदलने के विषय में माहिर हैं, उनके बारे में कहा नहीं जा सकता कि आज कहां हैं और कल कहां होंगे। ऐसे लोग कम से कम मुझे पार्टी की निष्ठा के संबंध में उपदेश न दें तो अच्छा रहेगा।