Wednesday, March 4, 2026
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नदी में नहाने गए पानी में बहे

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नदी में नहाने गए पानी में बहे

आज दिनांक: 01-08-24 को कंट्रोल रूम के माध्यम से थाना राजपुर पर सूचना प्राप्त हुई कि सहस्त्रधारा में नहाने के दौरान नदी के तेज बहाव की चपेट में आकर 02 युवक नदी में बह गये हैं। उक्त सूचना पर थाना राजपुर से पुलिस बल तथा एस०डी०आर०एफ० की टीम मौके पर पहुँची तथा नदी में बहे युवकों की तलाश हेतु सर्च अभियान चलाया गया। घटना स्थल से 300 से 400 मीटर आगे पुलिस टीम द्वारा नदी में बहे दोनो युवकों के शव बरामद किये गये, जिनकी शिनाख्त 1- इंद्रपाल पुत्र राम सुख निवासी सुल्तानपुरी, दिल्ली उम्र 35 वर्ष 2-भूपिंदर राणा पुत्र लालसिंह राणा निवासी अमन विहार, सुल्तानपुरी, दिल्ली, उम्र 36 वर्ष के रूप मे हुई।

घटना के सम्बन्ध में जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि उक्त दोनो युवक अपने अन्य मित्रों के साथ दिल्ली से देहरादून घूमने के लिये आये थे तथा आज सहस्त्रधारा में नहाने के दौरान उनके से एक युवक नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गया, जिसे बचाने के लिये उसके दो अन्य साथियों ने नदी में छलांग लगा दी, परन्तु नदी का बहाव तेज होने के कारण उनमें से 02 युवक नदी के तेज बहाव में बह गये तथा 01 युवक को मौके पर मौजूद लोगों द्वारा नदी से बाहर निकाल लिया गया। पुलिस द्वारा दोनो मृतकों का पंचायतनामा भर पोस्टमार्टम हेतु शवों को मोर्चरी भिजवाया गया है। शेष कार्यवाही प्रचलित है।

विवरण मृतक:
1- इंद्रपाल पुत्र राम सुख निवासी- सुल्तानपुरी, दिल्ली, उम्र 35 वर्ष
2-भूपिंदर राणा पुत्र लालसिंह राणा निवासी अमन विहार, सुल्तानपुरी, दिल्ली, उम्र 36 वर्ष।

विवरण घायल:-

मनोज पुत्र हरिशचंद्र निवासी सुल्तानपुरी, दिल्ली

यमुनोत्री क्षेत्र की विभिन्न मांगों को लेकर सीएम से मिले चौहान

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यमुनोत्री क्षेत्र की विभिन्न मांगों को लेकर सीएम से मिले चौहान

यमुनोत्री क्षेत्र की विभिन्न मांगों को लेकर भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट की और उन्हे यमुनोत्री क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराते हुए ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन मे ग्राम पंचायत नगान गाँव देन के रवाडा से दुगडा शमशान घाट तक (जो लगभग 40 गाँवों का शमशान घाट है ) तक सड़क निर्माण का कार्य , कथनौर से नकोडा, कपोला मोटर मार्ग का निर्माण, मशाल गांव से फरी मणपा कोटी को जोड़ने के लिए मोटर पुल निर्माण ग्राम पंचायत चपटाड़ी एव बचाण गांव से सरनोल को जोड़ते हुए रखण्ड खड मोटर पुल सहित सड़क मार्ग, देव चाडिक खरादी झूला पुल नामक तोक मे यमुना नदी के तट पर सुरक्षा ब्लॉक आरसीसी निर्माण कार्य तथा ग्राम पंचायत स्यालना से गडोली तक सड़क निर्माण कार्य प्रमुख मांगे हैं।

चौहान ने बताया कि सीएम ने सभी मांगो को जल्द ही पूरी करने का अश्वासन दिया है।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पर आया बड़ा फैसला

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सनातन धर्म को बदनाम करने की कुचक्र रच रही है कांग्रेस

शाही ईदगाह मस्जिद मथुरा शहर में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर परिसर से सटी हुई है। पूरा विवाद 13.37 एकड़ जमीन को लेकर है। इस जमीन में से 10.9 एकड़ जमीन श्रीकृष्ण जन्मस्थान और 2.5 एकड़ जमीन शाही ईदगाह मस्जिद के पास है।

न्यायमूर्ति मयंक कुमार जैन की एकल न्यायाधीश ने 6 जून को शाही ईदगाह मस्जिद समिति की याचिका पर सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। याचिका में हिंदू पक्षों द्वारा दायर 18 मुकदमों की स्वीकार्यता पर सवाल उठाया गया था। गुरुवार को अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया और मुस्लिम पक्ष की दलील को खारिज कर दिया। गुरुवार को अदालत ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि हिंदू पक्षों के वादों पर सीमा अधिनियम या पूजा स्थल अधिनियम आदि के तहत रोक नहीं है। 

इसके साथ ही न्यायालय ने प्रबंध ट्रस्ट शाही मस्जिद ईदगाह (मथुरा) समिति द्वारा दी गई प्राथमिक दलील को खारिज कर दिया। समिति की दलील थी कि उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित मुकदमे उपासना स्थल अधिनियम 1991, परिसीमा अधिनियम 1963 और विशिष्ट अनुतोष अधिनियम 1963 के तहत वर्जित हैं।

Kedarnath: धामी ने केदारघाटी में प्रभावित क्षेत्रों का किया स्थलीय निरीक्षण

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Kedarnath: धामी ने केदारघाटी में प्रभावित क्षेत्रों का किया स्थलीय निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारघाटी में बुधवार रात्रि को हुई अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग को निर्देश दिये कि क्षतिग्रस्त सड़कों और पैदल मार्गों के सुधारीकरण का कार्य तेजी से किया जाय। संवेदनशील स्थानों से लोगों को जल्द सुरक्षित स्थानों पर लाया जाए।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम पूछी। उन्होंने जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग को यात्रा मार्ग में फंसे श्रद्धालुओं को यथाशीघ्र सुरक्षित स्थानों में लाये जाने के साथ ही भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये। प्रभावित क्षेत्र में अतिवृष्टि से हुए नुकसान का पूरा आंकलन करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को अनुमन्य सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराई जाए। आपदा प्रभावित क्षेत्र में जन जीवन सामान्य बनाने के लिए सड़क कनेक्टिविटी, विद्युत और पेयजल की आपूर्ति सुचारू करने के निर्देश दिये हैं।

जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग डॉ. सौरभ गहरवार ने जानकारी दी कि केदारनाथ यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं के फंसे होने की सूचना मिलते ही उन्हें सुरक्षित स्थानों पर लाया जा रहा है, साथ ही उनके लिए भोजन और चिकित्सा सुविधा की व्यवस्थाएं की गई है। आज दोपहर एक बजे तक लगभग 300 यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर लाया गया है। उन्होंने कहा कि भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों से लोगों को सुरक्षित स्थानों में ले जाया जा रहा है। अतिवृष्टि से बहे पुल व क्षतिग्रस्त मार्गों को बनाने की कार्यवाही भी गतिमान है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, अध्यक्ष जिला पंचायत अमरदेई शाह, विधायक रुद्रप्रयाग भरत चौधरी, पुलिस अधीक्षक विशाखा अशोक, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

एग्री स्टैक को लागू करने के लिए अभियान चलाकर किया जाएगा डिजिटल सर्वे ई-पड़ताल

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एग्री स्टैक को लागू करने के लिए अभियान चलाकर किया जाएगा डिजिटल सर्वे ई-पड़ताल

एग्री स्टैक प्रोजेक्ट को राज्य में व्यापक स्तर पर लागू करने के लिए शासन-प्रशासन की तैयारियां शुरू

कृषि विभाग, राजस्व विभाग तथा राजस्व बोर्ड तत्परता से पूरी करें अपनी तैयारियां तथा कार्मिकों की कमी की दशा में अन्य विभागों के कार्मिकों की सहायता ले-मुख्य सचिव

सेटेलाइट डाटा, रियल टाइम क्रॉप इन्फोर्मेशन, मशीन लर्निंग, जीपीएस, एआई व विजुअल एनालिटिक्स की मदद से किसान रजिस्ट्री का डाटा एकत्रित

एग्री स्टैक का उद्देश्य किसानों तक सरकारी लाभों व योजनाओं की बेहतर, तीव्र व आसान डिलीवरी सुनिश्चित करना हैं, प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरे राज्य में लागू करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता- श्रीमती राधा रतूड़ी, मुख्य सचिव

उत्तराखण्ड में किसानों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचाने की दिशा में सीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने राजस्व एवं कृषि विभाग को भारत सरकार के एग्री स्टैक प्रोजेक्ट ( Agri Stack – Digital Public Infrastructure ) को राज्य में व्यापक स्तर पर लागू करने के लिए सभी तैयारियां जल्द से जल्द पूरा करने की डेडलाइन दी है। उन्होंने एग्री स्टैक प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए गाइडलाइन्स बनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड में सभी किसानों की कृषक रजिस्ट्री को डिजिटल रूप से सत्यापित करने तथा राज्य के प्रत्येक किसान को एक यूनिक किसान आईडी प्रदान करने वाले महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट एग्री स्टैक को लागू करने के लिए अभियान चलाकर डिजिटल सर्वे ई-पड़ताल का कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। राज्य में एग्री स्टैक प्रोजेक्ट का शत् प्रतिशत कवरेज जल्द से जल्द पूरा करने के दृष्टिगत मुख्य सचिव ने एग्री स्टैक को लागू करने में स्थानीय समुदायों व किसानों को प्रशिक्षित करके उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में कृषि विभाग, राजस्व विभाग तथा राजस्व बोर्ड को अपनी तैयारियां तत्परता से पूरी करने तथा कार्मिकों की कमी की दशा में अन्य विभागों के कार्मिकों की सहायता लेने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि एग्री स्टैक में किसान की पहचान (आधार ), भूमि रिकॉर्ड, कवरेज, आय, बीमा, ऋण, फसलों का विवरण तथा राजस्व रिकॉर्ड जैसी सभी सूचनाओं का स्टोरेज होगा। इस सम्बन्ध में सेटेलाइट डाटा, रियल टाइम क्रॉप इन्फोर्मेशन, मशीन लर्निंग, जीपीएस, एआई व विजुअल एनालिटिक्स की मदद से डाटा एकत्रित किया जाएगा। एग्री स्टैक का उद्देश्य किसानों तक सरकारी लाभों व योजनाओं की बेहतर, तीव्र व आसान डिलीवरी सुनिश्चित करना है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि एग्री स्टैक सिस्टम के माध्यम से किसान, सरकारी एजेंसियां, एग्रीटेक कम्पनियां तथा वितीय संस्थान सहित कृषि क्षेत्र के विभिन्न हितधारक एक साथ आएंगे।

बैठक में प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु, सचिव एस एन पाण्डेय, चन्द्रेश कुमार सहित कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

ऋषिकेश में गंगा उफान पर अलर्ट जारी

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ऋषिकेश में गंगा उफान पर अलर्ट जारी

ऋषिकेश में गंगा फिर उफान पर आती नजर आ रही है। Rishikesh River Water Leval Danger Zon पर्वतीय क्षेत्र में लगातार हो रही वर्षा के कारण गंगा की सहायक नदियों में जलस्तर बढ़ गया। जिसके चलते ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा से .20 मीटर ऊपर आ गया है।

पुलिस की टीम त्रिवेणी घाट समेत आसपास गंगा के तटीय इलाकों में मौजूद लोगों को अलर्ट कर रही है। गुरुवार की सुबह 8:00 बजे ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर 339.70 मीटर दर्ज किया गया। जो कि चेतावनी रेखा (339.50) से दशमलव 20 मीटर अधिक है। हालांकि, अभी खतरे की रेखा (340.50) से नीचे है, लेकिन जल स्तर में लगातार आंशिक वृद्धि दर्ज की जा रही है।

वीरवार को मौसम की बारिश से लोगो का जनजीवन प्रभवित हुआ है पहाड़ो में यात्रा मार्गो पर फसें तीर्थ यात्रियो को सरकार सुरक्षित जगह पर पंहुचा रही है हवाई सेवा के माध्यम से लोगो को लाया जा रहा है केदारनाथ यात्रा मार्ग पर फसें लोगो को हेलीकाप्टर की मदद से लाया जा रहा है।

सरकारी तंत्र प्रभावित एरिया में लोगो की मदद कर रहा है पहाड़ो ने बारिश का ऐसा मंजर हर बार देखा है राज्य में कई जगह ऐसी भी जो हमेशा बारिश में रास्तो को बंद कर देती है जिसका खामियाजा लोकल रहने वाले लोगो को अधिक उठाना पड़ता है ऐसे में सरकार के लिए भी मदद पंहुचा पाना मुश्किल काम हो जाता है।

बारिश से हाई अलर्ट केदारघाटी यात्रा रोकी प्रभावित एरिया में पहुंचे मुख्यमंत्री

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देहरादून उत्तराखंड में बारिश ने ऐसी आफत मचाई है जिसका असर नदी किनारे रहने वालो को अधिक भुगतना पड़ा है राज्य में कई ज़िलों में बारिश से काफी नुकसान हुआ है उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बीती देर रात से लगातार प्रभवित एरिया में अफसरों से फीड बैक लेते रहे है वीरवार को धामी ने देहरादून के आपदा परिचालन केंद्र में पहुंच कर प्रदेश भर में आपदा की मौजूदा तस्वीर को देखा कई ज़िलों के जिला अधिकारी से आपदा को लेकर हुए नुकसान की जानकारी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ली है

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी घनसाली के लिए रवाना हो गए जहा आपदा प्रभावित लोगों से मुलाकात कर रहे है टिहरी ज़िले में आपदा से हुए नुकसान के साथ साथ वो प्रभावित एरिया में लोगो के बीच जाकर उनको भरोसा जताते देखे गए है ।

केदारनाथ पैदल मार्ग पर फसें श्रद्धालुओं को रेस्क्यू कर SDRF द्वारा आपातकाल हेलीपैड पर लाया जा रहा है और साथ ही रेस्क्यू किए गए लोगों से अन्य सहयात्रियों की जानकारी लेकर उन्हें भी शीघ्र सुरक्षित स्थान पर लाया जा रहा है। राहत कार्य को देखने के लिए उत्तराखंड में अफसरों की टीम मोके पर जुटी हुई है

सहकारिता की जन कल्याणकारी योजनायें बने गेम चेंजर

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सहकारिता की जन कल्याणकारी योजनायें बने गेम चेंजर

योजनाओं के क्रियान्वयन में हो विज्ञान एवं तकनीकि का उपयोग-मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में सहकारिता विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि लंबे समय से संचालित योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए इस दिशा में सुधारत्मक प्रयास की दिशा में कार्य किये जाएं। इन योजनाओं से लाभार्थियों को कितना फायदा हुआ और योजनाओं को और प्रभावी बनाने के लिए और क्या विशेष नवाचार किये जा सकते हैं, इस दिशा में नियोजन विभाग के सहयोग से कार्य किया जाए। राज्य सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं को गेम चेंजर बनाने की दिशा में कार्य किये जाने पर भी उन्होंने बल दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के तहत स्वयं सहायता समूहों को प्रदान किये जा रहे ऋण की धनराशि की सीमा में वृद्धि की आवश्यकता के दृष्टिगत प्रस्ताव लाया जाए। स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को बेहतर बाजार मिले, इसके लिए सप्लाई चेन को प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा सहकारिता विभाग संबधित विभागों से भी समन्वय स्थापित कर योजनाओं को आगे बढ़ाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बंजर भूमि चिन्हित कर विभिन्न क्लस्टरों के माध्यम से उसे खेती योग्य बनाने के प्रयास किये जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक और पारम्परिक पद्धतियों के माध्यम से कृषि उत्पादन में वृद्धि की जाए। मुख्यमंत्री ने क्लस्टरों में मिल्लेट्स, सब्जियां, दालें, फल, औषधीय और सुगंधित पौधों फसलों, चारा फसलों और कृषि पर्यटन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा हमारा उद्देश्य स्थानीय समुदाय को आजीविका के अवसर प्रदान कर, रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा देना है। सहकारिता से मिलेट्स उत्पादों को और अधिक बढ़ावा मिले, इसके भी पयास किये जाएं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विभिन्न जनपदों में चयनित क्लस्टरों की संख्या में वृद्धि के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के अंतर्गत मत्स्य पालन, मौन पालन, मशरूम उत्पादन के निर्धारित लक्ष्यों को बढ़ाया दिया जाए। विभिन्न परियोजनाओ में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की नवीन तकनीकियो का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए।

सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य सरकार द्वारा 85 करोड की ब्याज प्रतिपूर्ति का बजटीय प्राविधान किया गया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 1,90,000 सहकारी सदस्यों को 1300 करोड़ रूपये का ब्याज रहित ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। योजना के अन्तर्गत अभी तक कुल 960510 लाभार्थियों एवं 5339 स्वयं सहायता समूहों को कुल 5621.25 करोड रूपये़ का ऋण वितरित किया जा चुका है। राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना से 50 हजार से अधिक किसान प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। इसके तहत जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, निबंधक सहकारिता आलोक कुमार पाण्डेय एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

सनातन धर्म को बदनाम करने की कुचक्र रच रही है कांग्रेस

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सनातन धर्म को बदनाम करने की कुचक्र रच रही है कांग्रेस

केदारनाथ धाम को लेकर कांग्रेस पार्टी कर रही है छद्म सियासत

श्री केदारनाथ धाम यात्रा की आड़ में कांग्रेस पार्टी अपनी गुटबाजी को छुपाने की नाकाम कोशिश कर रही है। कांग्रेस पार्टी कई धड़ों में बटी हुई है । ऐसे में एक दूसरे से आगे निकलने की पार्टी नेताओं में होड़ लगी है।पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा अपने वर्चस्व के लिए सनातन धर्म को बदनाम करने के कुचक्र रच रहे हैं।
मगर प्रदेश की जनता उनके बहकावे में आने वाली नहीं है क्योंकि कांग्रेस पार्टी के सनातन विरोधी बयानों से प्रदेश की जनता भली भांत परिचित है। कांग्रेस पार्टी की यात्रा को जन समर्थन न मिलने की वजह से पार्टी के नेता पर बौखलाए हुए है और सनातन विरोधी बयान देते रहे हैं।

भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल का कहना है कि केदारनाथ धाम शिव का जागृत स्वरूप है जहां के लिए दुनिया भर के सनातन अनुयायियों की अटूट आस्था है उस पवन धाम के लिए दुर्भाग्य से कांग्रेस पार्टी राजनीतिक यात्रा निकाल रही है। उनका कहना है कि सभी को मालूम है कि केदारनाथ विधानसभा के लिए उपचुनाव होना है ऐसे में कांग्रेस पार्टी उपचुनाव के लिए मीडिया की सुर्खियां बटोरना चाहती है दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पार्टी में अलग-थलग पड़े हैं अपनी कुर्सी को बचाने के लिए केदारनाथ धाम के लिए भ्रामक बयान रहे है ।

उनका कहना है कि करण माहरा केदारनाथ धाम को अपने सियासी और निजी स्वार्थ के लिए बेवजह घसीट रहे हैं प्रदेश की जनता उन्हें कभी इसके लिए माफ नहीं करेगी।

भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि उत्तराखंड में कांग्रेस पार्टी जहां केदारनाथ धाम को लेकर गुमराह करने की राजनीति कर रही है वहीं देश में कांग्रेस पार्टी और उसके सहयोगी दल भी सनातन धर्म को लेकर बेबुनियादी बयान दे रहे हैं चाहे कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी हो या दूसरे राजनीतिक दल के नेता हो सनातन विरोधी लगातार बयान दे रहे हैं ।भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा का कहना है कि राहुल गांधी ने जिस तरह से शिव के चित्र को संसद में आपत्तिजनक लहराया था यह किसी से छुपा नहीं हैं।

भगवान शंकर करोड सनातन धर्म के अनुयायियों के आराध्य है ऐसे में कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता भगवान की प्रतिमा को जेब से निकलकर मीडिया में लहरा रहे हैं यह सनातन धर्म और हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंचने वाला को कुकृत्य है । इससे करोड़ कांवड़ियों की आस्था को ठेस पहुंची है। यही वजह है कि कांग्रेस पार्टी बेबुनियादी मुद्दों के जरिए सिर्फ सुर्खियां बटोरने का काम कर रही है ।

कांग्रेस पार्टी को अपनी बुद्धि की शुद्धि के लिए प्रायश्चित यात्रा करनी चाहिए क्योंकि केदारनाथ धाम के सोने को लेकर कांग्रेस पार्टी सवाल उठा रही है मगर श्री बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष प्रमाणिक तथ्य दे चुके हैं।

उनका कहना हैं कि प्रदेश अध्यक्ष पार्टी को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए केदारनाथ धाम में कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल जूता पहन कर गए थे । सनातन के अपमान का वह दृश्य कभी दुनियां भूल नहीं सकती है ।

हरीश रावत ने आपदा की धनराशि से 12 करोड रुपये से केदारनाथ धाम के लिए फिल्म बनवाने का काम कराया था। लाखों रुपए कांग्रेस पार्टी बर्बाद कर चुकी है । काम कुछ नहीं किया है। इतना ही नहीं कांग्रेस पार्टी का सनातन विरोधी इतिहास रहा है

ऐसे में कांग्रेस पार्टी की यात्रा को जनता का कोई समर्थन नहीं मिला है कांग्रेस पार्टी अपने वर्चस्व के लिए सनातन को बदनाम करने की कोशिश करती रही है।

पशुपालन एवं डेरी विकास की योजनायें बने जीएसडीपी में वृद्धि के आधार

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पशुपालन एवं डेरी विकास की योजनायें बने जीएसडीपी में वृद्धि के आधार

योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में नवाचार पर दिया जाए ध्यान-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में पशुपालन, डेरी विकास, मत्स्य पालन और गन्ना विकास विभाग की समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि पशुपालन और डेरी विकास के क्षेत्र में आगामी 03 वर्षों में सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में योगदान 03 प्रतिशत से बढ़ाकर 05 प्रतिशत करने की दिशा में कार्य किये जाएं। इसके लिए उन्होंने स्थानीय उत्पादों को तेजी से बढ़ावा दिये जाने पर भी बल दिया। उन्होंने पशुपालन और डेरी विकास के क्षेत्र में जीएसडीपी में वृद्धि के लिए आवश्यक संसाधनों का पूरा एक्शन प्लान तैयार कर प्रस्तुत करने के साथ प्रत्येक जनपद में एक-एक मॉडल पशु चिकित्सालय बनाए जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के साथ नवाचार की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य किया जाए, जिससे स्थानीय स्तर पर लोगों की आजीविका में वृद्धि हो और पलायन भी रूके। डेरी विकास तथा पशुपालन के क्षेत्र में राज्य की आर्थिकी में सुधार के लिये अन्य प्रदेशों से आयातित दूध व दुग्ध उत्पादों, पोलट्री उत्पादों की निर्भरता को कम किया जाए। गोट वैली, कुक्कुट वैली और ब्रायलर फार्म की स्थापना राज्य में पशुपालकों की आय को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुई है। इस योजनाओं को और तेजी से बढ़ावा दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य में डेरी विकास के लिए दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के साथ ही विभिन्न दुग्ध उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए। दुग्ध उत्पादन से लाभकारी आय के लिए इनपुट प्रोडक्सन एवं डिलीवरी सिस्टम को सुदृढ़ बनाया जाए। एफ.पी.ओ के माध्यम से किसानों को उन्नत किस्म के चारा बीज उपलब्ध कराने और हरा एवं सूखा चारा उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किये जाने के साथ राज्य में अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादक सेवा केन्द्र स्थापित किये जाने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।

राज्य में मछली की खपत के अनुरूप हो उत्पादन- मुख्यमंत्री

मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि पर्वतीय क्षेत्रों में ट्राउट फिश के उत्पादन को तेजी से बढ़ावा दिया जाए। इनकी बिक्री के लिए भी उचित प्रबंध किये जाएं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना का मत्स्य पालकों को अधिक से अधिक लाभ मिले। राज्य में मत्स्य पालन को और तेजी से बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा लक्ष्य तय किये जाएं, लक्ष्यों को फोकस करते हुए समयबद्धता के साथ आगे कार्य किये जाएं। राज्य में मछली की खपत के अनुरूप उत्पादन हो इस दिशा में भी तेजी से प्रयास किये जाएं। मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना से भी अधिक से अधिक मत्स्य पालकों को जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि तालाबों के निर्माण से उनमें मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जा सकता है, वहीं जल संरक्षण की दिशा में भी यह सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि कलस्टर बनाकर तालाबों का निर्माण किया जाए और उनके माध्यम से मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जाए।

गन्ना मिलों के आधुनिकीकरण, दक्षता और क्षमता में वृद्धि की दिषा में किये जाए कार्य-मुख्यमंत्री

गन्ना विकास विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि गन्ना मिलों को घाटे से उबारा जाए। गन्ना मिलों के आधुनिकीकरण, दक्षता और क्षमता में वृद्धि की दिशा में कार्य किये जाएं। राज्य में गन्ना बीज बदलाव, जीपीएस के माध्यम से गन्ना सर्वेक्षण का कार्य तथा प्रदेश में जैविक गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देने के लक्ष्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान समय पर हो।

कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि पशु स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण के लिए वृहद् स्तर पर पशुओं का टीकाकरण का अभियान चलाया जा रहा है। मोबाईल वैटिनरी यूनिट के माध्यम से पशुपालकों के द्वार पर पशुचिकित्सा संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन के तहत इस वर्ष डेरी विकास के अन्तर्गत 3385 दुधारू पशुओं के क्रय के लिए 611 परिवारों को दुग्ध व्यवसाय से जोड़ने तथा 4943 पशुपालकों को बकरी व कुक्कुट पालन का लक्ष्य रखा है। पर्वतीय क्षेत्रों में साइलेज, चारा फीड ब्लाक की सुगमता से उपलब्ध होने के कारण महिलाओं के बोझ को कम किया गया है।

पशुपालन से संबधित कार्यों में महिलाओं की भागीदारी 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 03 वर्षों में दुग्ध उपार्जन, संतुलित पशु आहार एवं साईलेज विक्रय में वृद्धि हुई है। गोट वैली से राज्य में डेढ़ साल में 3027 पशुपालकों को लाभ मिला है, जिसमें 37 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। राज्य में कुक्कुट की 2622 ईकाई स्थापित हैं इस वर्ष 01 हजार और ईकाई स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।

बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, सचिव डॉ. बी.वी.आर. सी. पुरूषोत्तम, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव विजय जोगदंडे, नियोजन विभाग से मनोज पंत और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।