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127 देशों के प्रतिनिधि के बीच सीएम धामी ने बोले बाबा की कृपा से आया हूं

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राजस्थान के माउंट आबू स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्विद्यालय द्वारा आयोजित ’ग्लोबल समिट-2024’ में प्रतिभाग किया। 127 देशों के प्रतिनिधि के बीच राज्य के सीएम धामी ने देवभूमि उत्तराखंड के धार्मिक स्थल से लेकर अपनी सरकार के द्वारा किए जाने वाले कामों को सबके सामने रखा आपको बता दे एक दिन पहले सीएम धामी ने सालासर बाबा के नाम से प्रसिद्ध धाम में दर्शन किए गए ये धाम बजरंगबली के नाम से प्रसिद्ध है जिसको हनुमान जी का शांत रूप भी माना जाता है

मुख्यमंत्री ने वैश्विक सम्मेलन में उपस्थित सभी विद्धवानजनों का स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देवों की भूमि कहा जाता है, जहां कण-कण में शंकर का वास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा राज्य एक ओर जहां प्राकृतिक रूप से सुरम्य है वहीं आध्यात्मिक रूप से विशिष्ट भी है। विश्व के कोने-कोने से लोग देवभूमि उत्तराखंड में आकर स्वयं की खोज करते हैं। स्वयं को साधना में लगाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग उन्हें पूछते हैं कि देवभूमि में कितने देवस्थान हैं या कितने प्रसिद्ध स्थान हैं तो मेरा एक ही उत्तर होता है कि देवभूमि में जिधर भी आपकी नजर जाएगी वो हर स्थान देवों का है। हर स्थान हमारा पर्वतों, वनों से आच्छादित है, हर स्थान हिम ग्लेशियर, नदियों से आच्छादित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी देवभूमि से आकर आप सबके बीच आकर आप सबके कार्यक्रम से जुड़ना, आप सबके बीच आने का जो सुअवसर प्राप्त हुआ यह उनके लिए सौभाग्य की बात है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे स्थान पर वही आ पाता है जिन पर बाबा की कृपा होगी। इसीलिए सब लोग यहां पर पहुँचे हैं। उन्होंने कहा कि आज मैं भी एक जिज्ञासु बनकर आया हूँ, मुझे अपने भीतर भी एक आत्मिक शांति का एहसास हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे कई वर्षों से प्रजापिता ब्रह्मकुमारीज के कार्यक्रमों में आते रहे हैं। बहुत बार संस्थान के लोग माउंट आबू आने के लिए कहते थे। मन में आने की बहुत इच्छा भी रही। इसके पीछे का कारण परमपिता परमात्मा का असीम आशीर्वाद भी है और इस स्थान की महत्ता भी है और राज योगिनी दीदी मां रतन मोहिनी से जो स्नेह यहां मिलता है वह भी इसका बड़ा कारण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबके लिए यह गर्व का विषय है कि संयुक्त राष्ट्र के साथ ही परामर्शदात्री दर्जा प्राप्त भारत की भूमि से उपजा हुआ यह स्थान विश्व के कोने-कोने में आज शांति, सद्भाव और मानवता का संदेश देने का कार्य कर रहा है। सच में लोगों को स्वयं को खोजने का एक बहुत बड़ा प्रकल्प चल रहा है। मैं आज यहां स्वच्छ और स्वस्थ समाज के निर्माण में आद्यात्मिक की महत्वपूर्ण भूमिका को ही समझने के लिए ही आया हूँ कि कैसे इन मूल्यों को हम अपने जीवन में उतार सकते हैं ताकि सभी के लिए एक बेहतर समाज का निर्माण हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वसुदेव कुटुम्बकम भारतीय जीवन दर्शन का सार है। परस्पर भाईचारे का संदेश आज भी प्रासंगिक है। जिस प्रकार से नई तकनीक हमें भौतिक सुख प्रदान करती है वैसे ही आध्यात्मिकता हमें आंतरिक सुख प्रदान करती है। हमारे शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य पूर्ण संतुलन बनाने का काम करती है।

पूरे विश्व के अंदर यह संस्था करोड़ो लोगों के जीवन में बदलाव लाने का काम कर रहा है। ब्रह्कुमारीज संस्था से जुड़ी बहने और भाइयों द्वारा जीवन जीने की कल बहुत ही सरल शब्दों में लोगों को समझाया जाता है, उससे आमजनमानस में भी आसानी से इन विषयों को जानकर लोग अपने जीवन को सरल बना सकते हैं। इस प्रकार के जो बदलाव हैं, इनको मैंने अपने जीवन मे महसूस किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम आध्यात्मिकता को अस्तित्व के एक भागीदार के रूप में देखने लगते हैं तो हमारा मन स्वतः ही स्वच्छ होने लगता है। हमे अहसास होता है कि यह हमारे जीवन की आवश्यकता नहीं है बल्कि जीवन की अनिवार्यता है। आध्यात्मिकता की वह शक्ति है जो शरीर को बाहरी व अंदरूनी रूप से स्वच्छ रखने के साथ साथ मानसिक और शारीरिक दबावों को सहने के सामर्थ्य प्रदान करती है। स्वच्छ और स्वस्थ समाज का निर्माण केवल आधुनिक तरीके व कानूनों से भी संभव नहीं है कि केवल हम कानून व अन्य तरह से इसको कर पाएं बल्कि इस लक्ष्य को जीवन मे आध्यात्मिक मूल्यों को शामिल करके ही हासिल किया जा सकता है।

इस अवसर पर भारत सरकार के रेल एवं फूड प्रोसेसिंग मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट,गोरखपुर के सांसद रवि किशन आदि उपस्थित रहे।

MDDA अवस्थापना मद से तीन करोड़ का सामुदायिक भवन बनेगा

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पुरूकुल गांव में 03 करोड़ रुपए की लागत से सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य का भूमि पूजन करते कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा जनता के लिए पुष्कर सिंह धामी सरकार हर वो काम कर रही है जिसकी जरूरत है एमडीडीए द्वारा मद से जनता के लिए अच्छा काम किया जा रहा है

देहरादून, 05 अक्टूबर। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून के पुरूकुल गांव में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के अवस्थापना मद से स्वीकृत लगभग 03 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि ये पुष्कर सिंह धामी सरकार जिसका शिलान्याश हम करेंगे उनका लोकार्पण भी करेंगे। उन्होंने मसूरी विधानसभा वासियों और क्षेत्रवासियों के अपार स्नेह के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज मैं जहां भी हूं, वह सब विधानसभा वासियों की वजह से हूं।

मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मसूरी विधानसभा क्षेत्र में अभी तक 54 सामुदायिक भवन का निर्माण कर चुका हूं। उन्होंने कहा गढ़ी कैंट में उत्तराखंड का सबसे बड़े सामुदायिक भवन का निर्माण किया जा रहा है। जिसका शीघ्र ही लोकार्पण किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनता की सरकार जनता के द्वार के ध्येय वाक्य के साथ निरंतर जन भावनाओं के अनुरूप कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से इस सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य पूर्ण होने पर क्षेत्रवासियों को शादी विवाह और सामाजिक कार्यों के लिए लाभ मिलेगा।

इस दौरान क्षेत्र वासियों ने पुरुकूल गांव में बरसाती नाले के पास पुल निर्माण का आग्रह किया। जिसपर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए शीघ्र मांग को पूर्ण करने का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक पुंडीर, नीतू जुयाल, सुनीता त्यागी, सुनील क्षेत्री, किशन सिंह पुंडीर, शेर सिंह, जीत राम, सुंदर सिंह कोठाल, भोपाल सिंह रावत,महेंद्र सिंह, शैलेंद्र रावत, लक्ष्मण सिंह रावत, लीला शर्मा, किरन आदि उपस्थित रहे।

Haryana Election Haryana Exit Poll 2024 बीजेपी कांग्रेस निर्दलीय किसकी सरकार

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हरियाणा में करीब एक महीने तक चले विधानसभा चुनाव प्रचार के बाद आज प्रदेश के वोटर जनादेश दे रहे हैं। Haryana Election Haryana Exit Poll 2024 राज्य के दो करोड़ तीन लाख वोटर 1031 प्रत्याशियों में से 90 विधायक चुनेंगे। सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हो गई है। शाम 6 बजे तक जो लोग लाइनों में खड़े होंगे, वे वोट दे सकेंगे। हरियाणा विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों में 930 पुरुष और 101 महिलाएं हैं।

जुलाना विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी विनेश फोगाट के ताऊ महावीर फोगाट ने कहा कि हर मतदाता को बढ़-चढ़कर चुनाव में हिस्सा लेना चाहिए और उस पार्टी को वोट देना चाहिए जो लोगों के हित में काम करे और सबका विकास करे। भाजपा सरकार के 10 साल में बहुत अच्छे काम हुए हैं। हरियाणा में तीसरी बार भाजपा की सरकार बनेगी।

विनेश फोगट पर उन्होंने कहा, “हमने पहले कहा था कि हम उन्हें(विनेश फोगाट) 2028 ओलंपिक में खिलाने का प्रयास करेंगे। जब वह ओलंपिक से वापस आईं तो मैं उन्हें एयरपोर्ट पर लेने जा रहा था लेकिन उन्होंने ऐसी पोस्ट की कि मेरा दिल टूट गया और मैं नहीं गया। बाद में दीपेंद्र हुड्डा उन्हें एयरपोर्ट से लेकर आए और उन्होंने वहीं से राजनीति शुरू कर दी, उन्हें राजनीति और चुनाव के बारे में कुछ पता नहीं था। विधायक तो कोई भी बन सकता है लेकिन ओलंपिक में गोल्ड मेडल का अपना महत्व होता है। उन्हें 2028 ओलंपिक में खेलना चाहिए था।

सिरसा विधानसभा सीट से हरियाणा लोकहित पार्टी के उम्मीदवार गोपाल कांडा ने दावा किया है कि हरियाणा में बीजेपी की सरकार तीसरी बार बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि सिरसा में एकतरफा माहौल है। सिरसा धार्मिक नगरी है और हर व्यक्ति किसी न किसी धार्मिक संस्था से जुड़ा हुआ है। किसानों का कोई मुद्दा नहीं है। कांग्रेस पार्टी ने किसानों को 2 रुपये का चेक देकर उनका बहुत अपमान किया है। मैंने सब कुछ बहुत करीब से देखा है, इस देश में मोदी जी ने जितना किसानों का सम्मान किया है, उतना किसी ने नहीं किया। हमारा लक्ष्य कांग्रेस मुक्त हरियाणा है और 100 फीसदी सरकार बनेगी (तीसरी बार) और हम सिरसा से सरकार बनाएंगे। मैंने बहुत काम किया है, इसलिए यह देखकर कि लोग मुझे वोट दे रहे हैं।

बीजेपी कांग्रेस निर्दलीय किसकी सरकार बनेगी इसको लेकर बाजार से सियासत तक गलियारों में चर्चा रही बीजेपी सरकार के दस सालो के खिलाफ एंटी इंकम्बैंसी फैक्टर पर बीजेपी पूरी कोशिश करती नज़र आई चुनाव में मतदाता फैक्टर किसके पक्ष में रहा इसको लेकर मीडिया हाउस में चर्चा तेज है मतदान होने के बाद हरियाणा चुनाव पर बड़ा अपडेट देखने को मिल सकता है

केदारनाथ हेल्थ सिस्टम पर सरकार मेहरबान जनता में जगी उम्मीद

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केदारनाथ में सरकार जनता को बेहतर स्वस्थ लाभ दिए जाने को एक्टिव नजर आ रही है उपचुनाव से पहले सरकार केदारनाथ में वर्क आउट करती नजर आ रही है रूद्रप्रयाग जिले में चिकित्सा इकाईयों के विस्तार को सरकार की मंजूरी मिली है सीएचसी में उच्चीकृत हुये प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र उखीमठ व चोपता से लोगो को उम्मीद जगी है स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत ने अधिकारियों को दिये शीघ्र कार्रवाई के निर्देश

देहरादून रूद्रप्रयाग जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को राज्य सरकार ने मंजूरी प्रदान की है। जिसके तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र उखीमठ तथा चोपता को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उच्चीकृत किया गया है। इसके अलावा ग्राम पंचायत काण्डई बच्छणस्यूं में नये प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने की भी स्वीकृति सरकार द्वारा दी गई है। जनपद में चिकित्सा इकाईयों के उच्चीकरण एवं स्थापना से स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों एवं चार धाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।

सूबे चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और आमजन को बेहतर उपचार उपलब्ध करवाने के लिए निरन्तर महत्वपूर्ण फैसले ले रही है। इसी क्रम में सरकार ने जनसंख्या मानकों में शिथिलता देते हुये
रूद्रप्रयाग जनपद में चिकित्सा इकाईयों के उच्चीकरण एवं नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना को मंजूरी दी है।

डा. रावत ने बताया कि जनपद में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चोपता तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र उखीमठ को उच्चीकृत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बनाया गया है । दोनों चिकित्सा इकाईयों को उच्चीकृत किये जाने से आमजन को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी, जिससे लोगों को उपचार के लिये दूसरे अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

इसके साथ ही यहां आने वाले तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों को भी चिकित्सा सुविधा आसानी से सुलभ हो पायेगी। विभागीय मंत्री ने बताया कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तारीकरण के तहत ग्राम पंचायत काण्डई बच्छणस्यूं में नये प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने की भी स्वीकृति दी गई है। जिससे दूरस्थ क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को बल मिलेगा, साथ ही एक बड़ी आबादी को स्थानीय स्तर पर उपचार तथा सरकार के टीकाकरण अभियान को भी धार मिल सकेगी।

उन्होंने कहा कि चिकित्सा इकाईयों के उच्चीकरण और स्थापना को लेकर विभागीय अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दे दिये गये हैं, साथ ही मानकों के आधार पर अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं अवसंरचनात्मक कार्यों को शीघ्र पूरा करने को भी कहा है

डा. रावत ने बताया कि उखीमठ एवं चोपता में चिकित्सा इकाईयों के उच्चीकरण करने तथा काण्डई में पीएचसी खोलने की मांग स्थानीय लोगों एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा लम्बे समय से की जा रही थी, जिसे राज्य सरकार ने पूरा कर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिये प्रतिबद्ध है।

नक्सलियों से मुठभेड़ में दर्जनों ढेर भारी मात्रा में मिला हथियार जखीरा

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नक्सलियों से मुठभेड़ में दर्जनों ढेर भारी मात्रा में मिला हथियार जखीरा कुछ ऐसा ही सेना के जवानों की नक्सल एरिया में हुई जवाबी फायरिंग में हुई करवाही पर बड़ा अपडेट आ रहा है सालो से इस एरिया पर नक्सली अपना काम अंजाम दे रहे थे नारायणपुर-दंतेवाड़ा जिले में हुई करवाही में मौके पर भारी संख्या में कांबिंग अभियान चल रहा है

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद सुरक्षाबल के जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। जवाबी कार्रवाई में 30 से ज्यादा नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ में सभी जवानों के सुरक्षित होने की जानकारी मिली है। वहीं, बताया जा रहा है कि नक्सलियों के पास से एलएमजी राइफल, एके 47 राइफल, एसएलआर राइफल, इंसास राइफल, .303 राइफल बरामद की गई है।


जवानों के हौसले और अदम्य साहस को नमन- सीएम
मुठभेड़ को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नारायणपुर-दंतेवाड़ा जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षाबल के जवानों की नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। जवानों को मिली यह बड़ी कामयाबी सराहनीय है। उनके हौसले और अदम्य साहस को नमन करता हूं। नक्सलवाद के खात्मे के लिए शुरू हुई हमारी लड़ाई अब अपने अंजाम तक पहुंचकर ही दम लेगी, इसके लिए हमारी डबल इंजन सरकार दृढ़ संकल्पित है। प्रदेश से नक्सलवाद का खात्मा ही हमारा लक्ष्य है।


उधर, सीएम विष्णुदेव साय ने शुक्रवार की रात मुख्यमंत्री निवास में हाई लेवल मीटिंग बुलाई। इसमें नारायणपुर-दंतेवाड़ा जिले के थुलथुली जंगल में चल रही मुठभेड़ को लेकर चर्चा की गई। पुलिस महकमे के आला अधिकारियों से नक्सल एनकाउंटर पर मंथन किया गया। 

नदी में बहा व्यक्ति एसडीआरएफ ने किया रेस्क्यू

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जनपद उत्तरकाशी- उजैली में तेगला पुल के पास नदी में बहा व्यक्ति एसडीआरएफ ने किया रेस्क्यू 4 अक्टूबर 2024 को डीसीआर उत्तरकाशी द्वारा एसडीआरएफ टीम को सूचना दी गई कि तेगला पुल के पास एक व्यक्ति के नदी मे बहने की सूचना है जिसमें रेस्क्यू के लिए एसडीआरएफ टीम की आवश्यकता है।

उक्त सूचना पर SDRF टीम पोस्ट उजैली से मुख्य आरक्षी वीरेंद्र पंवार के नेतृत्व में मय रेस्क्यू उपकरणों के तत्काल घटनास्थल हेतु रवाना हुई।

एसडीआरएफ टीम द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर तत्काल नदी किनारे सर्चिंग की गई तो उक्त व्यक्ति नदी किनारे अचेत अवस्था में पड़ा मिला जिसको टीम द्वारा स्ट्रेचर के माध्यम से सुरक्षित मुख्य मार्ग तक लाकर एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भिजवाया गया।

आपको बता दे राज्य में एसडीआरएफ बेहतर काम कर रहा है केदारनाथ चार धाम यात्रा में एसडीआरएफ की भूमिका आपदा के समय कुशल रूप से प्रभावितों को सुरक्षित यात्रा मार्गो से निकाले जाने में अहम रही थी प्रदेश में एसडीआरएफ हर जिले में तुरंत मौके पर घटना का पता चल जाने पर अपनी काबिलियत दिखाता नजर आ रहा है 

पुष्कर सिंह धामी सरकार तीन साल बेमिसाल गांव तक पहुंची सरकार

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धामी सरकार के तीन साल में बनाई 1481 किमी लंबी ग्रामीण सड़क

इस अवधि में 519 नई सड़कों और 195 सेतुओं का निर्माण किया गया

देहरादून। पुष्कर सिंह धामी सरकार के तीन साल बेमिसाल के दौरान पीएमजीएसवाई में उत्तराखण्ड में कुल 1481 किमी लंबाई युक्त 519 सड़कों का निर्माण किया गया, जिस कारण 250 सौ से अधिक आबादी वाले 35 नए गांवों तक सड़क पहुंच पाई।

धामी सरकार के तीन साल के कार्यकाल में जहां योजना के तहत कुल 1481 किमी लम्बाई युक्त 519 नई सड़कों और 195 सेतुओं का निर्माण किया गया, वहीं पहले से निर्मित 159 किमी लंबी 61 ग्रामीण सड़कों का भी अपग्रेडेशन किया गया। इन सड़कों और पुलों के निर्माण पर कुल 2310 करोड़ रुपए व्यय किए गए।

धामी सरकार के दौरान 250 से अधिक जनसंख्या की 35 बसावटों को सड़क से जोड़कर ग्रामीणों की आवाजाही सुगम की गई है। योजना के तहत प्रथम और दूसरे चरण के कार्य अब पूरे होने की स्थिति में पहुंच गए हैं, अब पीएमजीएसवाई तृतीय चरण के तहत पूर्व में निर्मित सड़कों के अपग्रेडेशन के लिए 1824 करोड़ रुपए की स्वीकृति भारत सरकार से मिल गई है, इसके तहत कुल 2288 किमी लंबी सड़कों का अपग्रेडेशन किया जाना है।

इसके अलावा वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सड़क से वंचित आठ बसावटों को सड़क सम्पर्क से जोड़े जाने के लिए 119 करोड़ की स्वीकृति भारत सरकार से प्राप्त की गई है। इसके बाद प्रदेश में 150 से कम जनसंख्या की कुल 1796 बसावटें ही ऐसी रह गई हैं, जहां सड़क नहीं पहुंच पाई है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना दिसम्बर, 2000 में केंद्र की तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेई सरकार ने प्रारम्भ की थी। योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों को सम्पर्क मार्गों से जोड़ना है। यह योजना 90 प्रतिशत केंद्र पोषित है, शेष दस प्रतिशत अंशदान राज्य सरकार का होता है। योजना के प्रारंभ होने से अब तक उत्तराखण्ड में कुल 2329 सड़कों और 312 पुलों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। योजना पर अब तक कुल 10183 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं, जिसके फल स्वरूप 250 से अधिक जनसंख्या वाली 1846 बसावटों को सड़क से जोड़ा जा चुका है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से गांवों को सड़कों से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। सड़कें प्रगति का आधार होती हैं, इसलिए हमारी सरकार का संकल्प है कि प्रत्येक गांव तक सडक पहुंचे। साथ ही सड़क मार्ग से वंचित शेष गांवों तक भी सड़क पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पुष्कर सिंह धामी,

मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पंतनगर में किया किसान मेला उद्योग प्रदर्शनी का शुभारंभ

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पं.गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर पहुँचकर 116वां अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और हरेला उद्यान का वर्चुअल शुभारम्भ भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों से आये प्रगतिशील कृषकों को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 116वां किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी की बधाई देते हुए कहा कि भारत में हरित क्रांति के अग्रदूत के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में आकर उन्हें हर्ष का अनुभव हो रहा है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के किसान मेले प्रदेश के किसान भाईयों की उन्नति में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि इस प्रकार के कृषि मेलों के माध्यम से वैज्ञानिक, किसान एवं उद्यमी एक ही स्थान पर कृषि सम्बन्धी नवीनतम तकनीकों तथा विभिन्न जानकारियों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। किसानों को उन्नत बीज, पौध, कृषि यंत्र और जैविक खाद सहित कृषि से जुड़ी सभी आवश्यक वस्तुएं एक ही स्थान पर मिल जाती हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस मेले में उपलब्ध कराई जा रही तकनीकी जानकारियों से हमारे किसान अवश्य लाभान्वित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह मेला वास्तव में कृषि का एक ऐसा कुंभ है, जो किसानों को आधुनिक तकनीकी का बोध कराकर उन्हें समृद्ध बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के किसानों को कुशल, समृद्ध और आधुनिक सुख-सुविधा युक्त बनाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। आज एक ओर उपज बढ़ाने के लिए तकनीकी के प्रयोग और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर मोदी सरकार द्वारा किसानों को सभी प्रमुख फसलों पर बढ़ी हुई एम.एस.पी देकर किसानों की आय में बढ़ोत्तरी सुनिश्चित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के प्रति मोदी जी की प्रतिबद्धता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस बार जब उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली तो सबसे पहले उन्होंने किसान भाईयों को किसान सम्मान निधि आवंटित करने वाली फाइल पर हस्ताक्षर किए। किसान सम्मान निधि की योजना के जरिए आज उत्तराखंड के भी लगभग 8 लाख से अधिक किसानों को आर्थिक संबल मिल रहा है, इतना ही नहीं, मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पिछले दिनों किसान भाईयों का जीवन स्तर बेहतर करने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से करीब 14 हज़ार करोड़ रुपये की लागत वाली कुल सात नई योजनाओं को भी मंजूरी दी है। जिन योजनाओं से किसानों को बड़े पैमाने पर लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से राज्य सरकार भी प्रदेश के किसानों के उत्थान एवं समृद्धि हेतु संकल्पित होकर निरंतर कार्य कर रही है। वर्तमान में प्रदेश में किसानों को तीन लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के दिया जा रहा है तथा किसानों को कृषि उपकरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य “फार्म मशीनरी बैंक“ योजना के जरिये कृषि उपकरण खरीदेने के लिए 80 फीसदी तक की सब्सिडी दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि गेहूं खरीद पर कृषकों को प्रति किं्वटल 20 रू. का बोनस दिया जा रहा है, गन्ने के रेट में भी 20 रूपए प्रति किं्वटल की बढ़ोत्तरी की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिए नहर से सिंचाई को बिल्कुल मुफ्त कर दिया गया है। चाय बागान धौलादेवी, मुन्स्यारी और बेतालघाट को जैविक चाय बागान के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है। सगंध खेती को बढ़ावा देने के लिए 6 एरोमा वैली विकसित करने पर कार्य किये जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार के बजट में 200 करोड़ रूपए का प्रावधान विशेष रूप से पॉलीहाउस निर्माण के लिए किया है, जिससे किसानों की आय बढ़ने के साथ ही रोजगार के साधन भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये की लागत से “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट“ भी स्वीकृत किया गया है।

फलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए भी सरकार विभिन्न स्तर पर काम कर रही है, जिसके अंतर्गत सेब और कीवी का उत्पादन व्यापक स्तर पर बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य में एप्पल और कीवी मिशन की शुरुआत की गई है। एप्पल मिशन के अंतर्गत सेब के बागान लगाने वाले किसानों को 80 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। कीवी के बगीचे स्थापित करने में भी सरकार हर संभव मदद कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पं.गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय “उन्नत कृषि-समृद्ध किसान“ के संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि यहां पर विकसित की गई फसलों, सब्जियों एवं फलों की विभिन्न प्रजातियां और अनेक उन्नत कृषि तकनीकें ना सिर्फ उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के किसानों को फायदा पहुंचा रही हैं। आज आयोजित हो रहा यह किसान मेला निश्चित रूप से किसान भाईयों के उत्थान में अहम योगदान देगा।

पं.गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने सभी अतिथियों व किसानों का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश विकास की ओर अग्रसर है तथा प्रदेश की जीडीपी भी तेजी से बढ़ी है। उन्होंने पंतनगर विश्वविद्यालय की प्रगति की जानकारी देते हुए कहा कि पूरे देश में दलहन की 28 बीज स्वीकृत हुए हैं जिसमें से 10 बीज पंतनगर विश्वविद्यालय के खाते में आये हैं।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ग्लोबल बनने जा रहा है विगत दो वर्षों में विश्वविद्यालय द्वारा 7 एमओयू अंतरराष्ट्रीय स्तर के हुए हैं तथा विश्वविद्यालय द्वारा 300 कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये गए हैं तथा ड्रोन व एआई तकनीक (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पर भी विश्वविद्यालय द्वारा कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बद्री गाय का क्लोन भी विश्वविद्यालय द्वारा तैयार किया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक शिव अरोड़ा, तिलक राज बेहड़, राज्य मंत्री अनिल कपूर डब्बू, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल जिंदल, गुंजन सुखीजा, जिला महामंत्री भाजपा अमित नारंग, प्रदेश मंत्री विकास शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष विवेक सक्सेना, उप महानिदेशक यूएस गौतम, मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी उदय राज सिंह, एसएसपी मणिकांत मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार, संयुक्त मजिस्ट्रेट आशिमा गोयल, एसपी सिटी मनोज कत्याल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण व किसान आदि उपस्थित थे।

एसडीआरएफ और इंडियन रेस्क्यू अकैडमी (आइटस ग्रुप महाराष्ट्र ) बीच एम.ओ.यू- आपदा प्रबंधन की नई शुरुआत

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एसडीआरएफ और इंडियन रेस्क्यू अकैडमी (आइटस ग्रुप महाराष्ट्र ) बीच एम.ओ.यू- आपदा प्रबंधन की नई शुरुआत

आज दिनाँक 04 अक्टूबर 2024 को एस0डी0आर0एफ और इंडियन रेस्क्यू अकैडमी (आइटस ग्रुप महाराष्ट्र ) पुणे के बीच आपदा प्रबन्धन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संचालन हेतु एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ। इस समझौते के अनुसार एसडीआरएफ के जवानों को आधुनिक एवं तकनीकी कौशल का प्रशिक्षण मिलेगा जिससे राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमताओं में सुधार होगा और SDRF रेस्क्यू दल अधिक प्रभावी तरीके से काम कर सकेंगे

पुलिस महानिरीक्षक, एसडीआरएफ श्रीमती रिधिम अग्रवाल ने बताया कि एम0ओ0यू के अनुसार संबंधित ट्रेंनिग एजेंसी एसडीआरएफ के जवानों के लिए विशेष प्रशिक्षण आयोजित करेगी। इसमें मेडिकल फर्स्ट रेस्पॉन्डर से लेकर फ्लड रेस्क्यू,ध्वस्त हो चुकी इमारतों में खोज और बचाव (सर्च एंड रेस्क्यू) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा, रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु (CBRN) के खतरों से बचाव के लिए भी जवानों को आधारभूत प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, CBRN उपकरणों की मरम्मत एवम् रखरखाव के लिए विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

SDRF जवानों को मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा

पुलिस महानिरीक्षक, रिधिम अग्रवाल ने बताया कि यह प्रशिक्षण “ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स” (TOT) मॉडल पर आधारित होगा, जिसमें पहले चरण में एसडीआरएफ के जवानों को प्रशिक्षक के रूप में तैयार किया जाएगा। बाद में इन प्रशिक्षकों को मास्टर ट्रेनर का प्रशिक्षण दिया जाएगा जो आगे अपनी टीमों को प्रशिक्षित करेंगे। इसके अलावा एजेंसी द्वारा 03 दिवसीय मनोवैज्ञानिक देखभाल और परामर्श कोर्स भी आयोजित किए जायेंगे, जिसमें आपदा के दौरान रेस्क्यू दल के साथ ही आपदा पीड़ितों की मानसिक और भावनात्मक देखभाल हेतु जवानों को तैयार किया जाएगा।

ट्रेंनिग के माध्यम से राजस्व सृजन का मॉडल

यह साझेदारी न केवल आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण में सुधार करेगी, बल्कि यह एक राजस्व सृजन मॉडल भी है। एसडीआरएफ के साथ ही अन्य राज्यों के प्रतिभागियों के लिए भी प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इससे राज्य में आपदा प्रबंधन को और मजबूती मिलेगी और एसडीआरएफ की प्रशिक्षण क्षमता बढ़ेगी जिससे भविष्य में भी इस मॉडल से लाभ उठाया जा सकेगा।

इससे से पूर्व समझौते पर एसडीआरएफ की ओर से कमांडेंट श्री अर्पण यदुवंशी और इंडियन रेस्क्यू अकैडमी(आइटस ग्रुप महाराष्ट्र ) की ओर से निदेशक श्री अंकित वाघ ने हस्ताक्षर किए। यह समझौता राज्य में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखेगा और आपदा के समय लोगों को त्वरित और प्रभावी मदद मिलेगी।

भाजपा ने सक्रिय सदस्यता अभियान के लिए प्रदेश स्तरीय समिति का किया गठन

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देहरादून 4 अक्तूबर। भाजपा ने सक्रिय सदस्यता अभियान के लिए प्रदेश स्तरीय समिति का गठन किया है ।

भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने जानकारी दी कि प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट के निर्देश पर प्रदेश स्तरीय सक्रिय सदस्यता समीक्षा समिति का गठन किया है । समिति में संयोजक की जिम्मेदारी सरकार में दायित्वधारी श्री सुरेश भट्ट को सौंपी गई है ।

उनके अतिरिक्त सदस्य के रूप में प्रदेश उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्रीमती कल्पना सैनी, प्रदेश मंत्री आदित्य चौहान, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कुंदन परिहार अभियान को प्रदेश स्तर पर आगे बढ़ाएंगे। सक्रिय सदस्यता का यह अभियान 16 से 31 अक्तूबर तक चलाया जाएगा ।

जिसमे प्रत्येक सक्रिय सदस्य को न्यूनतम 100 प्राथमिक सदस्य बनाने के साथ 100 रुपए की फीस नमो एप के माध्यम से जमा करानी होगी। सदस्य की सभी जरूरी जानकारी एक तय प्रपत्र में मंडल स्तर पर एकत्र किए जाएंगे । तदुपरान्त जिले स्तर बनाई जाने वाली सक्रिय सदस्यता समीक्षा समिति द्वारा सभी नामों पर विचार के बाद सत्यापन किया जाएगा।

इन सभी नामों को सत्यापन के बाद सदस्यता फार्म को प्रदेश कार्यालय में जमा किया जाएगा । 1 नवंबर से 10 नवंबर तक प्राथमिक एवं सदस्यता रजिस्टर प्रदेश समिति के पास जमा कराया जाएगा । पार्टी इस अभियान में प्रत्येक बूथ पर न्यूनतम 2 सक्रिय सदस्य बनाने जा रही है ।